11 जनवरी 2022

महिला और बच्चो के प्रति हिंसा और पुलिस का कर्तव्य

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने प्रोबेशन और पैरोल के बारे में जानकारी प्राप्त की थी और अब इस नई ब्लॉग पोस्ट में हम महिला और बच्चो के प्रति हिंसा और पुलिस का कर्तव्य  के बारे में हिंदी में जानकारी प्राप्त करेंगे(Mahila aur Bachcho ke prati hinsa aur police ka action) ! इस विषय के अच्छी तरह से सझने के लिए इसे हमने निम्न भागो में बाँट दिया है !

Women Atrocity
Women Atrocity 

1.इंट्रोडक्शन  :प्राचीन काल से महिला केवल एक ग्रहणी ही समझे जाती है जिसका बाह्य समाज से लोग लेश मात्र भी संपर्क नहीं था यद्यपि इसमें अपवाद तो संभव है परन्तु  आधुनिक युग में  महिलाओं की भागीदारी समाज में और समाज की रचना में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है! जिसमें महिलाएं एक प्रेरणा के स्रोत के रूप में कार्य करती आ रही है! आज महिला हर क्षेत्र में सफल भूमिका निभा रही है!

2.महिलाओं के प्रति पुलिस का व्यवहार : 

  • किसी भी प्रकार की पूछताछ एक अन्वेषण के दौरान के दौरान महिला की शालीनता का ध्यान रखा जाए।
  • महिला से पूछताछ करते समय महिला अधिकारी या उसके परिजन को साथ होना आवश्यक है।
  • किसी प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग ना करें। 
  • महिलाओं के साथ पूछताछ के समय अच्छे आचरण का परिचय देना चाहिए। 
  • तलाशी केवल महिला द्वारा ही करवानी चाहिए 
  • महिला की बात को ध्यान पूर्वक सुने एवं अति आवश्यक कार्रवाई करना 
  • छींटाकसी न करे !
 3.स्टॉप महिलाओं पर होने वाले अपराध/हिंसा :

  • छेड़खानी (Eye Teasing) IPC 354 /509 की अपराध 
  • दहेज के लिए प्रताड़ित करना  IPC 498-A की अपराध 
  • दहेज के लिए मौत(Dowry Death) IPC 304 का अपराध  
  • बलात्कार IPC 376 का अपराध 
  • दहेज लेना धारा 4 दहेज अधिनियम 28 1961  का अपराध 

4.बच्चों के प्रति पुलिस का व्यवहार:

  •  बच्चों में पुलिस के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करने के लिए सहानुभूति एवं प्रेम आधारित व्यवहार करना चाहिए !पुलिस की छवि सुधरेगी !
  • स्नेह पूर्व  व्यवहार पुलिस को सहायता मिलेगी 
  • बच्चों की एक उगती हुई  प्रतिभा है इसलिए उनसे कर्कश शब्दों में बात ना करे !
  • बच्चों   पूछताछ करते समय उनके निकतम  संरक्षक की  उपस्थिति में होना चाहिए 
  • किसी भी पुलिस मामले में बच्चों को थाने में ना बुलाये !
  • अपराधी बच्चे को गिरफ्तार कर के ब्यास्क अपराधियो के साथ ना रखे हो सके तो अपने पास रखे अगर किशोर गृह उपलब्ध न हो तो 
  • बच्चो के जहातक हो सके हथकड़ी न लगाये !
  • किशोर अपराधी को जेल में न भेज कर उसे सुधर केंद में भेजे 
  • अपराधी बच्चो के सामने उग्र रूप ना धारण करे !
  • अपराधी बच्चो को धमकी नदे नहीं तो उसके अन्दर का डर निकल जायेगा और वह पथभ्रष्ट हो जायेगा !
  • बच्चो के सामने उसके संरक्षक माता पिता को अपमानित ना करे ! 

इस प्रकार से महिला और बच्चो के प्रति हिंसा और पुलिस का कर्तव्य से  सम्बंधित  यह ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह  पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !

इन्हें भी  पढ़े :

  1. पुलिस ड्यूटी
  2. फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट में होनेवाली कुछ कॉमन गलतिया
  3. 6 कॉमन गलतिया अक्सर एक आई ओ सीन ऑफ़ क्राइम पे करता है
  4. क्राइम सीन पे सबसे पहले करनेवाले काम एक पुलिस ऑफिसर के द्वारा
  5. बीट और बीट पेट्रोलिंग क्या होता है ?एक बीट पट्रोलर का ड्यूटी
  6. पुलिस नाकाबंदी या रेड् क्या होता है ?नाकाबंदी और रेड के समय ध्यान में रखनेवाली बाते 
  7. निगरानी और शाडोविंग क्या होता है ? किसी के ऊपर निगरानी कब रखी जाती है ?
  8. अपराधिक सूचना कलेक्ट करने का स्त्रोत और सूचना कलेक्ट करने का तरीका
  9. चुनाव के दौरान पुलिस का कर्तव्य
  10. थाना इंचार्ज के चुनाव ड्यूटी सम्बंधित चेक लिस्ट


07 जनवरी 2022

फील्ड क्राफ्ट तथा फील्ड क्राफ्ट की जरुरत

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने सेक्शन कमांडर के कर्तव्य के बारे में जानकारी प्राप्त किया और अब इस ब्लॉग पोस्ट में हम ब्लॉग पोस्ट में हम  फील्ड क्राफ्ट तथा फील्ड क्राफ्ट की जरुरत के बारे में हिंदी में(Fieldcraft aur fieldcraft ki jarurat ke bareme hindi me jankari ) जानकारी प्राप्त करेंगे ! ऐसे तो फील्ड क्राफ्ट का आर्म्ड फाॅर्स के ट्रेनिंग तथा ऑपरेशन बहुत महत्व है और इसको अलग अलग ट्रेनिंग के दौरान अलग अलग तरह से परिभाषित किया गया होता है लेकिंग उन सभी परिभाषा का एक ही सार होता है !

परिभाषा (Definition of Fieldcraft)- युद्ध के मैदान में जमीन के बनावट के अनुसार अपने तथा अपने हथियार को छुपाते हुए टैक्टिकल हरकत से दुश्मन के नजदीक से नजदीक पहुंच कर अचानक हमला कर अधिक से अधिक सफलता प्राप्त करने को फील्डक्राफ्ट या भूमि कौशल कहा जाता है!

फील्ड क्राफ्ट की महत्वपूर्ण बाते(Important points for fieldcraft) :

फील्ड क्राफ्ट में निम्नलिखित 5 बातों का होना आवश्यक है। 
Fieldcraft
Fieldcraft
  • कैमोफ्लेज (Camoflage-छद्द्म ) 
  • कंसीलमेंट (Concealment-छुपाव) 
  • ऑब्जर्वेशन (Obesrvation-निरीक्षण या देखभाल)
  • कीप साइलेंट (Keep silence-खामोशी)
  • सरप्राइज ( Surprise-एकाएक हमला करना)। 
कैमोफ्लेज (छद्द्म ) :- स्वयं एवं सैनिक महत्व के स्थानों एवं वस्तुओं को ऐसा बनावटी रूप प्रदान कर देना जिससे दुश्मन अपनी तेज नजरो  से भी देखकर ना पहचान सके। 

आवश्यकता (Need of camouflage) : 
  •  कभी-कभी जमीन ऐसी मिलती है कि बनावटी संसाधनों का प्रयोग किए बगैर दुश्मन या अपराधी के पास पहुंचना मुश्किल हो जाता है उस वक्त कैमोफ्लेज की आवश्यकता पड़ती है। 
  • ऐसी जमीन पर पोजीशन लेनी पड़ती है जिसमें जमीन और हवाई आब्जर्वर   से न बच सके  ऐसी जगह पर बनावटी साधनों का प्रयोग कर कैमोफ्लेज  करने की आवश्यकता पड़ती है। 
कैमोफ्लेज करते समय ध्यान देने वाली बातें (Care should be taken while camouflaged)
  • चमकीली वस्तुओं को मिटा देना चाहिए। 
  • स्थानीय वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए 
  • नीली बस्तुओ  का प्रयोग नहीं करनी चाहिए 
  • खुशबूदार तेल य इत्र का प्रयोग नहीं करना चाहिए
  • हरकत ना की जाए। 
  • मुरझाने  वाली वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए 
  • अधिक देर तक ना किए जाएं। 
कंसीलमेंट (छुपाव):स्वयं की दृष्टि ,शस्त्रों का प्रयोग का क्षेत्र, यूनिट की गतिविधियों में बिना किसी रूकावट पड़े भूमि की प्राकृतिक एवं बनावटी आकृति के पीछे छिपकर दुश्मन की दृष्टि एवं फायर से बचने की कला को कंसीलमेंट कहते हैं। 

आवश्यकता  (Need of concealment)  
अपनी जान बचाकर दुश्मन के नजदीक पहुंचकर उसको पकड़ने या बर्बाद करने के लिए जरूरी है कि उसकी नजर एवं गोली से छुपाओ और बचा जाए। 
कंसीलमेंट के लिए ध्यान देने वाली बातें  (Care should be taken while Concealment)
  • छुपाव के लिए बनावटी कुदरती आड़ में दुश्मन के सामने अपने को छिपाना ही छुपाओ है। 
    • जमीन के बनावट के अनुसार 
    • हथियारों का कैमोफ्लेज  ताकि दुश्मन को ताकि दुश्मन को  शोला व धुवा दिखाई न दे 
ऑब्जर्वेशन :किसी  स्थान व  दुश्मन को बैगर देखकर अन्दुरुनी  हालातों को भाप लेना ही ऑब्जर्वेशन कहलाता है।

कीप साइलेंट :दुश्मन के सामने उसके करीब होते हुए खामोशी अख्तियार कर लेना या जान रहते हुए भी अपने को बेजान साबित करना। 
सरप्राइस (अचानक हमला): ऐसा हमला जिसकी दुश्मन को उम्मीद ना हो या उसकी बनाई हुई तरतीब या स्कीम को बिगाड़ कर कामयाबी हासिल करना ही सरप्राइज कहलाता है। 

कैमोफ्लेज   और कंसीलमेंट में अंतर (Difference between Camouflage and concealment)
कैमोफ्लेज   
  • कैमोफ्लेज   कहीं भी किया जा सकता है। 
  • इसमें केवल नजर से पनाह मिलती है। इ
  • समें हरकत नहीं की जा किया जा सकता है। 
  • अधिक देर तक नहीं किया जा सकता है। 
  • कैमफ्लेज में नजरों के सामने रहते हैं। 
कंसीलमेंट 
  • कंसीलमेंट किसी मजबूत आड़ के पीछे किया जाता है। 
  • इसमें गोली एवं नजर दोनों से पनाह मिलती है। 
  • इसमें हरकत किया जा सकता है। 
  • अधिक देर तक किया जा सकता है। 
  • कंसीलमेंट में आड़ के पीछे रहते हैं।
इस प्रकार से यहाँ फील्ड क्राफ्ट और फील्ड क्राफ्ट की जरुरत की जानकारी हिंदी  से   सम्बंधित यह पोस्ट समाप्त  हुई उम्मीद है की आप को पसंद आएगी !इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !
इसे भी पढ़े : 
  1. सेक्शन फार्मेशन और सेक्शन फार्मेशन का बनावट
  2. आतंक प्रभावित इलाके में सिक्यूरिटी पोस्ट लगान
  3. रात के संतरी तथा स्काउट की ड्यूटी क्या होता है
  4. फील्ड फोर्टीफीकेसन में इस्तेमाल होने वाले फौजी टेकटिकल शब्दों का क्या मतलब
  5. फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लैंक गार्ड यदि क मतलब
  6. अम्बुश की जुबानी हुक्म क्या होता है और इसमें सामिल होने वाले मुख्य बाते
  7. रोड ओपनिंग पार्टी/पट्रोल और उसके महत्व के बारे
  8. कॉन्वॉय कितने प्रकार का होता है ? कॉन्वॉय प्रोटेक्शन की पार्टिया कौन कौन सी होती ?
  9. कॉन्वॉय कमांडर और कॉन्वॉय मूवमेंट से पहले जानने वाली बातें
  10. रोड ओपनिंग पार्टी की तैनाती करने का तरीका तथा ROP ड्यूटी के दौरान IED से बचा के लिए ध्यान में रखनेवाली बाते

फील्ड क्राफ्ट तथा फील्ड क्राफ्ट की जरुरत

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने सेक्शन कमांडर के कर्तव्य के बारे में जानकारी प्राप्त किया और अब इस ब्लॉग पोस्ट में हम ब्लॉग पोस्ट में हम  फील्ड क्राफ्ट तथा फील्ड क्राफ्ट की जरुरत के बारे में हिंदी में(Fieldcraft aur fieldcraft ki jarurat ke bareme hindi me jankari ) जानकारी प्राप्त करेंगे ! ऐसे तो फील्ड क्राफ्ट का आर्म्ड फाॅर्स के ट्रेनिंग तथा ऑपरेशन बहुत महत्व है और इसको अलग अलग ट्रेनिंग के दौरान अलग अलग तरह से परिभाषित किया गया होता है लेकिंग उन सभी परिभाषा का एक ही सार होता है !

परिभाषा (Definition of Fieldcraft)- युद्ध के मैदान में जमीन के बनावट के अनुसार अपने तथा अपने हथियार को छुपाते हुए टैक्टिकल हरकत से दुश्मन के नजदीक से नजदीक पहुंच कर अचानक हमला कर अधिक से अधिक सफलता प्राप्त करने को फील्डक्राफ्ट या भूमि कौशल कहा जाता है!

फील्ड क्राफ्ट की महत्वपूर्ण बाते(Important points for fieldcraft) :

फील्ड क्राफ्ट में निम्नलिखित 5 बातों का होना आवश्यक है। 
Fieldcraft
Fieldcraft
  • कैमोफ्लेज (Camoflage-छद्द्म ) 
  • कंसीलमेंट (Concealment-छुपाव) 
  • ऑब्जर्वेशन (Obesrvation-निरीक्षण या देखभाल)
  • कीप साइलेंट (Keep silence-खामोशी)
  • सरप्राइज ( Surprise-एकाएक हमला करना)। 
कैमोफ्लेज (छद्द्म ) :- स्वयं एवं सैनिक महत्व के स्थानों एवं वस्तुओं को ऐसा बनावटी रूप प्रदान कर देना जिससे दुश्मन अपनी तेज नजरो  से भी देखकर ना पहचान सके। 

आवश्यकता (Need of camouflage) : 
  •  कभी-कभी जमीन ऐसी मिलती है कि बनावटी संसाधनों का प्रयोग किए बगैर दुश्मन या अपराधी के पास पहुंचना मुश्किल हो जाता है उस वक्त कैमोफ्लेज की आवश्यकता पड़ती है। 
  • ऐसी जमीन पर पोजीशन लेनी पड़ती है जिसमें जमीन और हवाई आब्जर्वर   से न बच सके  ऐसी जगह पर बनावटी साधनों का प्रयोग कर कैमोफ्लेज  करने की आवश्यकता पड़ती है। 
कैमोफ्लेज करते समय ध्यान देने वाली बातें (Care should be taken while camouflaged)
  • चमकीली वस्तुओं को मिटा देना चाहिए। 
  • स्थानीय वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए 
  • नीली बस्तुओ  का प्रयोग नहीं करनी चाहिए 
  • खुशबूदार तेल य इत्र का प्रयोग नहीं करना चाहिए
  • हरकत ना की जाए। 
  • मुरझाने  वाली वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए 
  • अधिक देर तक ना किए जाएं। 
कंसीलमेंट (छुपाव):स्वयं की दृष्टि ,शस्त्रों का प्रयोग का क्षेत्र, यूनिट की गतिविधियों में बिना किसी रूकावट पड़े भूमि की प्राकृतिक एवं बनावटी आकृति के पीछे छिपकर दुश्मन की दृष्टि एवं फायर से बचने की कला को कंसीलमेंट कहते हैं। 

आवश्यकता  (Need of concealment)  
अपनी जान बचाकर दुश्मन के नजदीक पहुंचकर उसको पकड़ने या बर्बाद करने के लिए जरूरी है कि उसकी नजर एवं गोली से छुपाओ और बचा जाए। 
कंसीलमेंट के लिए ध्यान देने वाली बातें  (Care should be taken while Concealment)
  • छुपाव के लिए बनावटी कुदरती आड़ में दुश्मन के सामने अपने को छिपाना ही छुपाओ है। 
    • जमीन के बनावट के अनुसार 
    • हथियारों का कैमोफ्लेज  ताकि दुश्मन को ताकि दुश्मन को  शोला व धुवा दिखाई न दे 
ऑब्जर्वेशन :किसी  स्थान व  दुश्मन को बैगर देखकर अन्दुरुनी  हालातों को भाप लेना ही ऑब्जर्वेशन कहलाता है।

कीप साइलेंट :दुश्मन के सामने उसके करीब होते हुए खामोशी अख्तियार कर लेना या जान रहते हुए भी अपने को बेजान साबित करना। 
सरप्राइस (अचानक हमला): ऐसा हमला जिसकी दुश्मन को उम्मीद ना हो या उसकी बनाई हुई तरतीब या स्कीम को बिगाड़ कर कामयाबी हासिल करना ही सरप्राइज कहलाता है। 

कैमोफ्लेज   और कंसीलमेंट में अंतर (Difference between Camouflage and concealment)
कैमोफ्लेज   
  • कैमोफ्लेज   कहीं भी किया जा सकता है। 
  • इसमें केवल नजर से पनाह मिलती है। इ
  • समें हरकत नहीं की जा किया जा सकता है। 
  • अधिक देर तक नहीं किया जा सकता है। 
  • कैमफ्लेज में नजरों के सामने रहते हैं। 
कंसीलमेंट 
  • कंसीलमेंट किसी मजबूत आड़ के पीछे किया जाता है। 
  • इसमें गोली एवं नजर दोनों से पनाह मिलती है। 
  • इसमें हरकत किया जा सकता है। 
  • अधिक देर तक किया जा सकता है। 
  • कंसीलमेंट में आड़ के पीछे रहते हैं।
इस प्रकार से यहाँ फील्ड क्राफ्ट और फील्ड क्राफ्ट की जरुरत की जानकारी हिंदी  से   सम्बंधित यह पोस्ट समाप्त  हुई उम्मीद है की आप को पसंद आएगी !इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !
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  2. आतंक प्रभावित इलाके में सिक्यूरिटी पोस्ट लगान
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  4. फील्ड फोर्टीफीकेसन में इस्तेमाल होने वाले फौजी टेकटिकल शब्दों का क्या मतलब
  5. फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लैंक गार्ड यदि क मतलब
  6. अम्बुश की जुबानी हुक्म क्या होता है और इसमें सामिल होने वाले मुख्य बाते
  7. रोड ओपनिंग पार्टी/पट्रोल और उसके महत्व के बारे
  8. कॉन्वॉय कितने प्रकार का होता है ? कॉन्वॉय प्रोटेक्शन की पार्टिया कौन कौन सी होती ?
  9. कॉन्वॉय कमांडर और कॉन्वॉय मूवमेंट से पहले जानने वाली बातें
  10. रोड ओपनिंग पार्टी की तैनाती करने का तरीका तथा ROP ड्यूटी के दौरान IED से बचा के लिए ध्यान में रखनेवाली बाते

01 जनवरी 2022

इंसास राइफल Vs AK-203 राइफल

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने RPG-7 राकेट लांचर के बारे में जानकारी प्राप्त किया था और अब इस नई ब्लॉग पोस्ट में हम हिंदी में  इंसास और AK-203 राइफल (INSAS Rifle Vs AK-203 in Hindi)के बारे में जानेगे !

AK-203 Rifle
AK-203 Rifle
जैसे की हम जानते है की इंसास राइफल के जब में आर्म्ड फोर्सेज में सामिल किया गया तब से ही बहुत तरह के इसके प्रॉब्लम के बारे में फोर्सेज ने बहुत से फोरम पर उठाया  और उसी समय से इंसास के बदले में कौन सं राइफल इस्तेमाल किया जा सकता है उसकी खोज सुरु हो गई थी और अब ए निर्णय लिया गया है अम्रेड फोर्सेज में इंसास के जगह पर रूस निर्मित AK-203 राइफल का इस्तेमाल किया जायेगा ! और इसका निर्माण से सम्बंधित समझौता रूस और भारत सरकार के बीच में फाइनल हो गया है और अब कुछ समय की बात है जब इसे भारतीय फ़ौज में सामिल कर लिया जाएगा !

जरुर  पढ़े :SSG-69 राइफल की रख रखाव और सफाई का तरीका 

इंसास राइफल जो की 1998 में DRDO(Defense Research & Development Organization) के ARDE(Armament Research & Development Establishment ) ने डेवेलोप किया और भारत सरकार की आर्मामेंट निर्माण करने अली फैक्ट्री में  इसका निर्माण किया गया ! श्रुर से ही इस राइफल के ऊपर आर्म्ड फाॅर्स के जवानो ने इसमें पहने वाले रोके और टूट फुट तथा अकुरेसी के कारन किसी भी ऑपरेशन में जाते समय AK-47 को ज्यादा अहमियत दी इंसास के तुलना में विशेष कर अतंकड़ या नक्सलादी ऑपरेशन के दौरान !

जरुर पढ़े  7.62 mm MMG के प्रकार तथा टेक्निकल डाटा 7.62 mm MMG के ?

फील्ड में कामकरने अली फोर्सेज के फीडबैक लेने के बाद 2018 में भारत सरकार ने यह निर्णय लिया की इंसास राइफल के जगह पर AK-203 राइफल का इस्तेमाल किया जायेगा और इंसास राइफल को फेज मैनर में फोर्सेज से हटा दिया जायेगा ! AK-203 जो की एक लेटेस्ट राइफल है जो की रसियन कलाश्निकोह को सरकार-सरकार समझौता (Intergovernmental Agreement (IGA))को भारत के कोरवा आर्डिनेंस  फैक्ट्री  अमेठी उत्तर प्रदेश  में बनाया जायेगा  जो इंडो-रुस्सियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के तहत बनाया जायेगा !

INSAS और AK-203 में अंतर (INSAS Vs AK-203 Rifle

INSAS Rifle vs AK-203 Rifle
INSAS Rifle vs AK-203 Rifle

इसके साथ ही इंसास और AK-203 का तुलनात्मक  से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल

25 दिसंबर 2021

राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड लॉचर || RPG-7

हमने अपने वेपन के पिछले ब्लॉग पोस्ट में M-16 असाल्ट राइफल के बारे में हिंदी में जानकारी प्राप्त की थी और अब इस नई ब्लॉग पोस्ट में हम एंटी टैंक राकेट लांचर RPG-7 के बारे में हिंदी में जानकारी प्राप्त करेंगे !
1. RPG-7 की इंट्रोडक्शन 
RPG-7
RPG-7
RPG-7 का पहचान ही एक पावरफुल , सस्ता और बनावट में साधारण तथा काम में बहुत ही घातक किस्म का हथियार है ! दुसरे सब्दो में बिना किसी  झिझक का हम कह सकते है की अपने प्रवेश साल 1961 से लेकर  अभी तक RPG-7 बहुत ही पसंद की जाने वाली एंटी टैंक राकेट लांचर है ! अभी तक एक अनुमान के अनुसार तक़रीबन 90 लाख यूनिट्स RPG-7 बनाया जा चूका है जो की विश्व के 40 देशो के मिलिट्री के द्वारा प्रयोग किया जा रहा है और आतंकवादी संगठन  भी इसे इस्तेमाल करते है !

2. RPG-7 का पूरा नाम 

RPG-7 जिसका पूरा नाम रुस्सियन रुचनोय प्रोतिवोतानकोवी ग्रानातोम्योट(Russian Ruchnoy Protivotankovvy Granatomyot) ओर हैण्ड हेल्ड एंटी टैंक ग्रेनेड लांचर (hand-held anti-tank grenade launcher )जो की फौजी बोल चाल के भाषा में राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड(Rocket Propelled Grenade) या RPG कहते है! RPG-7 जोकि 1949 में बनी RPG-2 का एडवांस अवतरण है RPG-2  का निर्माण और इस्तेमाल वर्ड वॉर-2 (World War II) जिसे जर्मन और अमेरिकन कंपनियो ने बनाया था ! और उसी का एडवांस वर्शन RPG-7 है जिसमे की रेंज और अर्मोर पेनेट्राशन में  काफी बढ़ोतरी  किया गया !
3. RPG-7 का इस्तेमाल 
RPG-7 एक पुनःइस्तेमाल सिंगल शॉट स्मूथ बोर ट्यूब  जिसका व्यास 40 मिलीमीटर्स है !इस लांचर को फायर के दौरान रेकोइल नहीं होता है और कंधे पर रख कर  मजल के द्वारा लोड कर के फायर किया जाता है ! इस लांचर के द्वारा बहुत तरह के राकेट को फायर किया जा सकता है ! इसके साथ ऑप्टिकल और आयरन साईट आता है जिसके इस्तेमाल से  रात के भी फायर किया जा सकता है !

4. RPG-7 की बनावट 

इस लांचर के बैरल का मिडिल भाग में लकड़ी लगा रहता है जिससे फायरर को फायर के दौरान उत्पन्न होने वाले गर्मी से बचाना  है और इसके बीच में दो हैंडल्स लगे और ट्रिगर फिट किया होता है  ! 

इस बहुयामी हथियार का दूसरा फायदा है छोटा होने के साथ  बैक ब्लास्ट कम होने  के कारन किसी बिल्डिंग के अन्दर से भी फायर कर सकते है ! इस वेपनके फायर के दौरन फ़्लैश , आवाज तथा धुवा ज्यादा पैदा होता है जिससे फायरर का लोकेशन दूर से मालूम पड़ जाता है !

फायर करने के बाद राकेट 10 मीटर की दुरी ट्रेवल करते ही इंटरनल मोटर ईगनाईट हो जाता है और चार स्टेबिलाइजेशन फिन फोल्ड बहार आ जाता है जिससे की वेपन को मैक्सिमम मजल वेलोसिटी(muzzle velocity ) 300 मीटर पर  सेकंड का मिल जाता है !

साधारणतः RPG-7 को एक फायरर फायर करता है तथा  एक हेल्पर एक्स्ट्रा राउंड लेकर उसके साथ रहता है जो फायर के दौरान फायरर के ऊपर होने वाले किसी भी हमले से बचाता है !

5. RPG-7 की रेंज 

RPG-7 जिसका मक्सिम्म रेंज 900 मीटर है इतनी दुरी तय करके  राकेट फटता है लेकिंग इसका इफेक्टिव रेंज 200 मीटर ही माना जाता है और इस दुरी पर 50 % चांस रहता है की यह धीरे चल रही टारगेट को हिट कर के बर्बाद कर देगा ! अपनी पहली 60 साल की सर्विस लाइफ में RPG-7 का इस्तेमाल कर के बहुत तरह के टैंक, अर्मोर्ड गाड़ी, बिल्डिंग, बंकर और कम उचाई पे उड़ते हुए हेलीकाप्टर को बर्बाद किया है ! ऐसा माना जाता है की RPG-7 से किसी मिसाइल डिफेन्स सिस्टम के बनस्पत  ज्यादा हेलीकाप्टर को शूट डाउन किया गया है !

 इसमें इस्तेमाल होने वाले कुछ राकेट :

  • PG-7V baseline 85 mm High Explosive Anti-Tank (HEAT) rocket जिसकी धसने(penetration power) की शक्ति  260 mm अर्मोर है!
  • PG-7VM improved 70 mm HEAT rocket इसकी धसने(penetration power) की शक्ति 300 mm अर्मोर!
  • PG-7VS is a 73 mm HEAT rocket इसकी धसने की शक्ति(penetration power) 400 mm है !
  • PG-7VS1 is a cheaper version of the PG-7VS. इसकी धसने (penetration power)की शक्ति 360 mm है !
  • PG-7VL is a larger 93 mm HEAT rocket.इसका इफेक्टिव रेंज 150 मीटर टैंक के खिलाफ तथा किसी और स्थिर टारगेट के खिलाफ 300 मीटर और इसकी धसने(penetration power) की शक्ति 500 mm है!

 6. RPG-7 के बहुत अलग अलग देशो अलग अलग टाइप्स टाइप्स भी होते है 

  • टाइप 69 चीन की एक वरिएँटहै जो की 2की 2 किलो ग्राम हल्का और 50 मिलीमीटर छोटा है !यह RPG-7D3 जिसे दो फोल्ड किया जा सकता है !
  • AirTronic USA RPG-7: यह RPG-7 का अमेरिका बिल्ड क्लोन

7. बेसिक डाटा (RPG-7 basic data)

RPG-7 basic data
RPG-7 basic data

इसके साथ ही RPG-7 राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड  से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

इसे भी  पढ़े :
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  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल



24 दिसंबर 2021

अपराधी सुधार में प्रोबेशन और पैरोल का महत्व

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने दण्ड शास्त्र के बारे में जानकारी प्राप्त और इस नई  पोस्ट में हम अपराधी सुधर जैसे पैरोल और परिवीक्षा(Parole & Probation) आदि के बारे में जानेगे ! ए पोस्ट विशेषकर ट्रेनिंग सेण्टर में लेक्चर देने वालो उस्ताद के लिए लेसन प्लान(Lesson Plan Banana) बनाने में बहुत उपयोगी साबित होगा ऐसा मेरा उम्मीद है और यह दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल के ट्रेनिंग सिलेबस के अनुसार है जो उनके प्रेसिज में दिया हुवा है ! 

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चुकी अपराध के लिए केवल व्यक्तिगत कारण ही नहीं बल्कि परिस्थितियां भी जिम्मेदार होती है इसीलिए अपराधी को कम से कम दंड देकर सुधारने का प्रयास करना चाहिए। क्योंकि अपराध के लिए कई प्रकार की मानसिक बीमारियां व्यक्तिगत विकास और सामाजिक और समायोजन भी जिम्मेदार होता है इसलिए अपराधी को एक मानसिक रोगी मानकर उसका सुधर के  प्रयास भी करना चाहिए । 

Difference between Parole and Probation
Parole
 अपराधी का सुधार व उपचार की विधियां 

1.  परीविक्षा(Probation) : दोष सिद्ध  अपराधी के दंड को निलंबित या स्थगित करके उसे जेल के दूषित वातावरण से बचाकर समाज में रहकर सुधारने का अवसर देना होता है । 

  • अपराधी जन्म से ही पैदा नहीं होते हैं की धारणा पर आधारित है। 
  • एक उपचारात्मक कार्यक्रम जो अपराधी को सामाजिक समायोजन की सुविधा प्रदान करता है। 
  • परिवीक्षा  न्यायालय द्वारा प्रदान की जाती है! 
  • इसका मांग  करने पर न्यायालय न्यायालय परीक्षा अधिकारी से अपराधी के जन्म से लेकर अदालत तक पहुंचने तक की अवधि का पूरा अध्ययन करवाती है। 
  • परीविक्षा अधिकारी का निगरानी से रहते हुए अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों के अनुसार सदव्यवहार करने का अपराधी द्वारा वचन दिया जाता है। 

2. परीविक्षा के उद्देश्य (Aim of Probation)

  • पहली बार अपराध करने वाले अपराधियों को बाल अपराधियों को व कमजोर अपराधियों को दंड का भय दिखाकर व चेतावनी देकर सुधारना। 
  • कलंकित जीवन एवं जेल के दूषित वातावरण से छुटकारा दिलाना 
  • कम अवधि की सजा का  विकल्प है क्योंकि कम अवधी की सजा जेल का डर  समाप्त कर देती है 
  • जेल में छोटी अवधि में अपराधी का सुधार संभव नहीं होता है और कलंक  भी लग जाता है। 
  • सामाजिक परिस्थितियों में समायोजन व पुनर्वास परिवीक्षा  अधिकारी के माध्यम से सहायता देना !
  • अपराधिक न्याय प्रणाली सहयोग एवं तालमेल। 
3. परिवीक्षा  की शर्तें  (Probation ki conditions ) :
  • परिवीक्षा  अधिनियम 1958 की धारा 3 के अनुसार आईपीसी की धारा 379, 380, 381, 420 के तहत दोषी सिद्ध या  आईपीसी या किसी अन्य कानून के तहत 2 साल की अवधि से दंडित अपराधी के पहली बार दोष सिद्धि  अपराधियों को चेतावनी के बाद 
  • या उपरोक्त अधिनियम की धारा 4 के अनुसार मृत्युदंड या आजीवन कारावास एवं दंड से दंडित अपराधी के दंड की कुछ समय तक निलंबित करने के लिए परिवीक्षा  या निम्न शर्तों पर छोड़ने का प्रावधान  है:
    •  परीक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर अदालत विचार करती है। 
    • प्रोबेशनर  को भविष्य में शब्द व्यवहार बनाए रखने के लिए बाध्य पर बांड भरना पड़ता है 
    • तथा किसी व्यक्ति की जमानत देनी पड़ती है। 
    • परिवीक्षा  अधिकारी की आज्ञा के बिना निवास स्थान नहीं बदलेगा तथा नशे आदि से दूर रहेगा।
    • परिवीक्षा अवधि के दौरान प्रोबेशनर  परिवीक्षा  अधिकारी से निरंतर संपर्क रखेगा और उसके नियंत्रण एवं निर्देश में कार्य करेगा
  • अधिनियम की धारा 5 के तहत अदालत अपराधी को परिवीक्षा  पर छोड़ते समय पीड़ित व्यक्ति को मुआवजा अदा करने का हुक्म दे सकती है। 
  • धारा 9 के अनुसार यदि अपराधी परिवीक्षा  अधिकारी की शर्तों का उल्लंघन करता है तो अपराध की निर्धारित सजा का आदेश अदालत दे सकती है 
नोट: सीआरपीसी की धारा 360 व 361 में भी इसका उल्लेख किया गया है। 

4. पैरोल (Parole):जेल में संतोषजनक एवं अच्छा व्यवहार करने वाले दोषसिद्ध  अपराधी को सजा का कुछ भाग पूरा करने के बाद कुछ शर्तों के अधीन मुक्त कर देना कुछ हद तक परिवीक्षा  से मिलती-जुलती भी दी है। 

5. पैरोल की शर्तें(Parole ki condition):
  • पैरोल अधिकारी के संरक्षण में रहकर अच्छा व्यवहार करेगा वह किसी कानून का उल्लंघन नहीं करेगा।
  • पैरोल अधिकारी के संपर्क में रहेगा वह अपने बारे में सही सही सूचनाएं निरंतर देते रहेगा। 
  • पैरोल अधिकारी के आज्ञा के बिना निवास स्थान और नौकरी नहीं बदलेगा राज्य से बाहर जाएगा और ना ही विवाह करेगा। 
  • नशीली वस्तुओं व औषधियों का सेवन नहीं करेगा 
  • पैरोल  की शर्तों का उल्लंघन करने पर बकाया सजा काटने के लिए जेल भेज दिया जाता है। 
6. पैरोल के लाभ (Parole ke benefits)
  • दूसरे कैदियों को जेल में अच्छा व्यवहार करने की प्रेरणा देता है। 
  • सरकारी धन की बचत कराता है। 
  • अपराधी का परिवार टूटने से बचाता है 
  • पैरोल अधिकारी के निर्देश व नियंत्रण अपराधी को समाज में समायोजन व पुनर्वास का अवसर मिलता है।

 7परिवीक्षा  और पैरोल में अंतर (Difference between Probation and Parole) 
  • परिवीक्षा (Probation)
    •  परिवीक्षा  न्यायालय द्वारा सजा सुनाते वक्त मुक्त किया जाना। 
    • परिवीक्षा  अधिकारी द्वारा अपराधी के जन्म से लेकर सजा सुनाने तक की अवधि के दौरान के आचरण के मूल्यांकन पर आधारित है न्यायालय द्वारा स्वीकृत। 
    • परिवीक्षा  अधिनियम 1958 सीआरपीसी की धारा 360 के तहत 
    • यह सुधार का सबसे पहला कदम है। 
    • धारा 361 सीआरपीसी की रोशनी में एक अधिकार की तरह मांगा जा सकता है। 
  • पैरोल (Parole)
    • न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा का कुछ भाग जेल में बिताने के बाद मुक्त किया जाता है 
    • जेल अधिकारी द्वारा अपराधी के जेल में किए गए आचरण का मूल्यांकन के आधार पर दिया जाता है।
    •  प्रशासकीय बोर्ड या सलाहकार  बोर्ड द्वारा स्वीकृत की जाती है। 
    • जेल मैनुअल के तहत इसका विवरण दिया गया होता है। 
    • यह सुधार का आखरी कदम है।
    •  यह जेल प्रशासन का अपराधी पर एक एहसान है कि अपराधी का अधिकार है। 

8.सुधारात्मक संस्थाएं 

  • बाल अपराधियों से संबंधित संस्थाएं किशोर ,(Juvenile Home)गृह तिरस्कृत या उपेक्षित(Neglected) बच्चों के लिए(Sec 9 of J.J. Act 1986) किशोर न्यायालय अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किया गया है 
  • विशेष गृह (Special Home) दोष सिद्बाध बाल अपराधियों के लिए(Sec 10 of J.J. Act) 
  • पर्यवेक्षण गृह (Observation Home) विचाराधीन बाल अपराधियों के लिए 
  • उपरोक्त तीनों गृहों में स्कूली शिक्षा के साथ-साथ व्यवसायिक शिक्षा व चरित्र विकास की व्यवस्था होती है।

 9. महिलाओं के लिए 
नारी निकेतन जैसे  निर्मल छाया आदि  अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम(The Immoral Traffic Prevention Act 1956) की धारा 21 के अनुसार 

10. गैर सरकारी संस्थाएं 
  • जैसे नज्योति  नशा उन्मूलन संस्था 
  • प्रयास बेसहारा व शोषित बच्चों के लिए 
  • SOS चिल्ड्रन विलेज अनाथ और अपेक्षित बच्चों के लिए
इस प्रकार से पैरोल और परिवीक्षा से  सम्बंधित  यह ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह  पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !

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