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Friday, April 19, 2019

गुरिल्ला लड़ाई और सिविक एक्शन

पिछले पोस्ट में हमने गुरिल्ला लड़ाई और सरकार की भूमिका के बारे में जानकारी प्राप्त किये और अब इस पोस्ट में हम गुरिल्ला लड़ाई और सिविक एक्शन(Gurilla ladai aur Civic Action) के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !


जैसे की आप जानते है की देश की आंतरिक  सुरक्षा के लिए आर्म्ड फाॅर्स  को तैनात  किया जाते है  जो की समय समय पर अपने एरिया में अपराधी प्रवृति के लोगो के खिलाफ ऑपरेशन करते रहते है ! इस ऑपरेशन के कारण जो सीधे साधे लोग रहते है उनके मन में भी सुरक्षा बालो के बारे में कुछ भय बैठ जाता है जिसके कारण जनता आर्म्ड फाॅर्स के लोगो से दूर रहने लगती है जिससे की हमे उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने में दिक्कते आती है !

जरुर  पढ़े:फौजी टैक्टिकल वर्ड गुरिल्ला बैंड और गुरिल्ला बेस क्या होता है ?


इस ब्लॉग पोस्ट को और अच्छी तरह से समझने के लिए हमने इसे निम्न भागो में बाँट दिया है :
Civic Action Program
Civic Action Program

1. सिविक एक्शन प्रोग्राम क्या होता है ?(Civic Action Program Kya Hota hai)

2.गोरिल्ला लड़ाई में सिविक एक्शन प्रोग्राम का महत्व (Gorilla ladai me Civic Action Program ka mahatw)

3. सिविक एक्शन करते समय ध्यान में रखने वाली बाते ( Civic Action Program karte samay dhyan me rakhne wali bate)

1. सिविक एक्शन प्रोग्राम क्या होता है ?(Civic Action Program Kya Hota hai): सुरक्षा बालो के तैनाती के जगह पर जरुरत मंदो को जरुरत के सामान जैसे (कम्बल,मछर्दानी, धोती, कुरता , दावा  इतियादी ), स्कुल के बच्चो को स्कुल के किताबे गाँव के जवानों को कुछ खेलने के सामान यदि देकर लोगो के मन से पुलिस का भय निकलने की कोसिस करते है ताकि फ़ोर्स और आम पब्लिक में दोस्तना व्यवहार रहे और ओ एक दुसरे के अपनत्व के भाव रखे  ताकि एरिया में उपस्थित असामाजिक तत्वों   की गतिविधिओ के बारे में खबरे मिलती रही! इन सब करवाई को   सिविलियन एक्शन प्रोग्राम कहते है !

2.गोरिल्ला लड़ाई में सिविक एक्शन प्रोग्राम का महत्व (Gorilla ladai me Civic Action Program ka mahatw): सिविक एक्शन प्रोग्राम के निम्नलिखित महत्व है :

  • जनता के मन से पुलिस तथा सुरक्षा बालो का भय निकलने के लिए 
  • लोगो से बन्धुत्वापूर्ण और मित्रतापूर्ण संपर्क के लिए 
  • जरुरतमंदो को जरुरत का सामान प्रदान करने के लिए 
  • एरिया के लोगो को यह बताने के लिए की हम आपके लिए और आपके साथ है !
  • नक्शल तथा गुरिल्ला का खबर हासिल करने के लिए 
  • लोगो में अपना पहुच बढाने  तथा नक्शल और गुरिल्ला  की पहुच कम  करने के लिए 
  •  जनता से बाते कर के उनकी परेशानी जानने के लिए तथा उसे अपनी स्तर  पर दूर करने के लिए सिविल अधिकारिओ से बात करने के लिए !
जरुर  पढ़े:CI पेट्रोलिंग के प्रकार और CI पेट्रोलिंग के लिए जरुरी बाते

3. सिविक एक्शन करते समय ध्यान में रखने वाली बाते ( Civic Action Program karte samay dhyan me rakhne wali bate)

  • सिविक एक्शन प्रोग्राम के लिए आते जाते  तथा सामान बाटते समय सुरक्षा का पूरा ख्याल रखना चाहिए !
  • इसके लिए पहले से हो सके तो योजना बना लिया और ब्रीफिंग कर लिया जाए तथा सामान को ढोने में हो सके तो आम जनता का इस्तेमाल किया जाय !
  • सामान ले जाने के लिए गाडी, बिटन ट्रैक तथा सड़क का इस्तेमाल न किया जाय !
  • जिस गाँव में सिविक एक्शन प्रोग्राम करने जा रहे है उस गाँव का गरीबो का लिस्ट पहले से ही ग्राम प्रधान से लेली जाय !
  • सामान वितरण करते ध्यान रखा जाय की गाँव के एक ही परिवार  को ज्यादा सामान न मिल जाय !
  • सभी जरुरत मंद तथा गरीब लोगो को कुछ न कुछ सामान जरुर मिले !
  • जनता को उनके जरुरत का ही सामान दीजाय !
  • एक ही गाँव में बार बार सिविक एक्शन प्रोग्राम न किया जाय !
  • सिविक एक्शन प्रोग्राम में भीड़ ज्यादा होने पे उन्हें तरतीब से बैठाया जाय और अगर हो सके तो कुछ नास्ता पानी का व्यवस्था किया जाय !
  • कई बार भीड़ ज्यादा होने से बहुत से लोगो को सामान नहीं मिलता है तो उन्हें समझाया जाय और अगली बार उन्हें सामान देने का व्यवस्था किया जाय !

सिविक एक्शन प्रोग्राम जनता का मन तथा ह्रदय जितने का एक अच्छा जरिया है ! परन्तु कई बार देखा गया है सिविक एक्शन प्रोग्राम करके आते समय सुरक्षा बालो के ऊपर हमला हुवा है इसीलिए वापस आते समय टैक्टिकली मूव किया जाय !

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  3. वर्बल आर्डर में जमीनी निशान देने का तरीका क्या होना चाहिए ?
  4. फौजी टैक्टिकल वर्ड गुरिल्ला बैंड और गुरिल्ला बेस क्या होता है ?
  5. काउंटर इन्सेर्जेंसी पेट्रोलिंग और कन्वेंशनल पेट्रोलिंग में अंतर
  6. CI पेट्रोलिंग के प्रकार और CI पेट्रोलिंग के लिए जरुरी बाते
  7. CI ऑपरेशन के दौरान की पेट्रोलिंग करते समय ध्यान में रखनेवाली कुछ मुख्य बाते
  8. ड्राइव एंड हंट ऑपरेशन क्या होता है ?
  9. ड्राइव एंड हंट ऑपरेशन की पहले स्टेज में की जानेवाल...
  10. ड्राइव एंड हंट ऑपरेशन के स्टेज-2 की करवाई और पार्...

Monday, April 8, 2019

गुरिल्ला लड़ाई और सरकार की भूमिका

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने गुरिल्ला का मनोविज्ञान के बारे में जानकारी प्राप्त की अब इस पोस्ट में हम गुरिल्ला लड़ाई और सरकार की भूमिका के बारे में जानेगे !


जैसे की हम जानते है की गुरिल्ला लड़ाई का एक अपना पुराना इतिहास है ! गुरिल्ला /नक्सलवादी का दस्ता  आम  जनता के साथ मिलकर जनता का ढाल बनाके सरकार के खिलाफ करवाई करते है !

जब आम जनमानस , अग्रेजो , तानाशाहों , और किसी खास वर्ग के द्वारा  सताए गए है और इन्ही सभी बातो को सुन  वह गुरिल्ला /नक्सलवादी  के बहकावे में आ जाते है तथा सरकार के खिलाफ अपना विचार बनाने लगते है जो की गुरिल्ला /नक्सलवादी का अल्टीमेट उद्देश्य होता है ! आज भारत के कई राज्य इन गुरिल्ला /नक्सलवादी  से प्रभावित है जैसे, छतीसगढ़, बिहार, तेलागना , उड़ीसा यदि !

जरुर  पढ़े:विआइपी इंस्पेक्शन के दौरान व्यू पॉइंट ब्रीफिं

इन सभी राज्यों में एक बाते कॉमन है वह है की यहाँ विकाश बहुत कम हुवा है और गरीबी बहुत है और गुरिल्ला /नक्सलवादी  को पनपने के लिए ऐसा वातावरण की ही जरुरत होती है और इसका फायदा उठा कर गुरिल्ला /नक्सलवादी  इन राज्यों में अपना दुकान चला रहे है !


इस पोस्ट को समझने के लिए हमने इसे निम्न भागो में बाँट दिया है :
Tribals

1. गुरिल्ला /नक्सलवादी  का विशेषताए(Gurilla ki visheshtaye)
2. गुरिल्ला /नक्सलवादी  उन्मूलन में सरकार की भूमिका (Gurilla ya nakshlwad unmulan me sarkar ki bhumika) 

1. गुरिल्ला /नक्सलवादी  का विशेषताए(Gurilla ki visheshtaye)

गुरिल्ला /नक्सलवाद की कुछ विशेषताए इस प्रकार से है :
  • यह लोग सरकार के नीतिओ को नहीं मानते 
  • क्रांति में विश्वास रखते है 
  • पूरा परिवर्तन बन्दुक के नोक पे करना चाहते है !
  • वह सरकार की उन सभी नीतिओ का विरोध करते है जिससे निचले वर्ग का उत्थान  होता हो !
  • इनकी प्रमुख निति होता है गरीब और अमीर के बीच की असामनता को दूर करने की बाते करते रहना लेकिन करना कुछ नहीं  !

2. गुरिल्ला /नक्सलवादी  उन्मूलन में सरकार की भूमिका (Gurilla ya nakshlwad unmulan me sarkar ki bhumika) 

भारत में गुरिल्ला लड़ाई अपना चरण बध्द तरीके से जारी  है ! नक्सलवादी अपनी पैठ उन इलाको में बढ़ा रहे है जहा पर सरकार की पहुच नगण्य है और वहा पे सरकार नहीं , स्कूल, रोड, हॉस्पिटल यदि की व्यवस्था कर पाई  है नहीं आमलोगों की बेसिक जरूरतों की सुविधा मुहैया करा पाई है !ऐसी स्तिथि का फ़ायदा उठा कर नक्सलवादी आम लोगो को सरकार के खिलाफ भड़का के अपने मुहीम में सामिल कर रहे है !

उनके इस मुहीम को विफल करने के लिए सरकार को बहुत कुछ करना बाकि है !   गुरिल्ला /नक्सलवाद उन्मूलन में सरकार की भूमिका कुछ इस प्रकार है :
  • सरकार को नक्सल प्रभावित इलाको में अपनी पहुच ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना चाहिए !
  • नक्सल प्रभावित इलाको में सरकार को सबसे पहले लोगो की आम जरूरतों को पूरा करने का कोसिस करना चाहिए  ताकि लोगो का विश्वास सरकार के ऊपर बढे !
  • सरकार को आम जनता को नक्सलवादी के आतंक के  भय  से मुक्ति के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए !
  • सरकार को इन इलाको में विश्वास कार्य बढ़ाना चाहिए !
  • सरकार द्वारा इन इलाको में स्कूल का व्यवस्था करना चाहिए ताकि आम लोगो का अज्ञानता दूर हो सके और लोग सही और गलत के बिच निर्णय कर सके !
  • ऐसे इलाके के सभी गाँव को पक्की सडको से जोड़ना चाहिए की लोगो की यातायात के सुविधा बढ़ सके !
  • इन इलाको में पिने योग्य पानी, लाइट यदि का व्यवस्था करना चाहिए 
  • इन इलाको में रोजगार के लिए अवसर बढ़ाना चाहिए !
  • इन इलाको में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित करना चाहिए ताकि जनता की बेरोजगारी दूर हो सके !
  • इन इलाको में प्रशाशन की पहुच बढ़नी चाहिए ताकि आम लोगो की समस्या का समाधान तुरंत हो सके !
  • ऐसे इलाको में नक्सलवादी के खिलाफ ज्यादा से ज्याद ऑपरेशन चलाना चाहिए ताकि  उनका सफाया हो सके और आम लोगो का विश्वास सरकार और सरकारी मशीनरी पर बढ़ सके !
  • ऐसे क्षेत्रो में सरकार की कल्याणकारी योजनाओ का ज्यादा से ज्यादा विस्तार करना चाहिए ताकि लोगो की गरीबी दूर हो सके !

नक्सल प्रभावित इलाको में सरकार को जनता में विश्वास पैदा करना होगा  और विकास कार्यो का निर्माण करना होगा ताकि  आम जनता को सभी सुबिधा आसानी से मिल सके  और उनका जीवन यापन ऊपर उठ सके !

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  1. सेक्शन फार्मेशन और सेक्शन फार्मेशन का बनावट
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  5. फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लैंक गार्ड यदि क मतलब
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  8. कॉन्वॉय कितने प्रकार का होता है ? कॉन्वॉय प्रोटेक्शन की पार्टिया कौन कौन सी होती ?
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Monday, April 1, 2019

गुरिल्ला के मनोविज्ञान

पिछले पोस्ट में हमने गुरिल्ला लड़ाई के टैक्टिस और काउंटर मेजेर्स के बारे में  जानकारी प्राप्त  किये  और अब इस पोस्ट में हम गुरिल्ला के मनोविज्ञान (Psychology of Gurilla war)के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे 


जैसे की हम जानते है गुरिल्ला की लड़ाई एक प्रोक्सी वार है जिसमे गुरिल्ला  हमेशा धोखा देकर वार करना चाहता है !गुरिल्ला कभी भी आमने सामने का लड़ाई  नहीं करता है बल्कि वह सुरक्षा बालो पर हमेशा सरप्राइज के साथ अटैक करता है !

गुरिल्ला हमेशा अपने संख्या और शक्ति के बारे में आफवाहे फैलता है ! जिसमे अपनी वास्तविक संख्या और शक्ति को बढ़ा चढ़ा के बताता है ! स्थानीय जनता को किसी भी तरह से अपने तरफ करना चाहता है और आर्म्ड फोर्सेज के ऊपर मनोविज्ञानिक प्रेशर बनता है !

इस लिए जरुरी है की आर्म्ड फाॅर्स के जवान गुरिल्ला के द्वारा अपनाये जाने वाले मनोविज्ञान का  हथकंडे से भालीभाती परिचित होना चाहिए ताकि गुरिल्ला के हथकड़े में न फसे और उनका बखूबी समाना कर सके !

इस विषय को अच्छी तरह से समझने के लिए हमने इसे निम्न भागो में बाँट दिया है
प्रतीकात्मक

1. जनता के ऊपर किये जाने वाले मनोवैज्ञानिक हथकंडा (Psychological tactics adopted by Gurilla over general Public)

2. आर्म्ड फोर्सेज के साथ किये जाने वाले मनोवैज्ञानिक हाथ कंडे (Psychological tactics adopted by Gurilla over  Armed forces)
3. मनोवैज्ञानिक हथकंडो का असर (Effect of Gurilla's psychology)

1. जनता के ऊपर किये जाने वाले मनोवैज्ञानिक हथकंडा (Psychological tactics adopted by Gurilla over general Public): 

यह सभी को मालूम है की बिना आम जनता के सपोर्ट से गुरिल्ला अपने मकसद में कभी भी सफल नहीं हो सकता है इसलिए गुरिल्ला आम जनता को भरमाने  तथा सरकार और आर्म्ड फोर्सेज के खिलाफ आमजनता के करने के लिए हर तरह का हथकंडा अपनाता है जैसे की जोलोग भी आर्म्ड फोर्सेज या सरकार के किसी कार्य से दुखी हो उन्हें गुरिल्ला  आम जनता के सामने लाकर उनलोगों को दिखता है सरकार के खिलाफ लोगो को भडकता है ! 

और यह साबित करने का कोसिस करता है की सरकार और आर्म्ड फाॅर्स यहाँ के जनता के खिलाफ है ! इसके लिए किताबो तथा नुकड़ नाटक और गलत अफवाहों के सहारे सरकार के खिलाफ प्रोपोगंडा फैलता है !

और लोगो का सहानुभूति जितने के लिए सरकारी कर्मचारियो को पकड़ के आम जनता के सामने ही सजा देता है ताकि जनता समझने लगे तो गुरिल्ला  ही उनका सही में रखवला है !

2. आर्म्ड फोर्सेज के साथ किये जाने वाले मनोवैज्ञानिक हाथ कंडे (Psychological tactics adopted by Gurilla over  Armed forces)

गुरिल्ला कभी भी अपने ताकतवर शत्रु के साथ लड़ाई नहीं करता है और न कभी निर्णायक लड़ाई लड़ता है !जब कभी लड़ाई लड़ता है तो जगह और समय अपने फायदा  के अनुसार चुनता है और कभी भी ज्यादा समय तक एक जगह पे नहीं रुकता है !

इसीलिए जब कभी भी वह सुरक्षा बालो से जीत नहीं पता है तो उसका बदला वह आम जनता से लेता है जिसमे कुछ लोगो को पुलिस के मुखबिर ब्रांड करता है और उस मुखबिर के आमजनता के सामने ही आम चौराहे पे जान से मार देता है ताकि लोगो में भय पैदा हो और कोई पुलिस को खबर न पंहुचा सके !

सुरक्षा बालो को अपने बारे में गलत खबर फैला के सुरक्षा बल के कैंप के ऊपर अटैक कर के दहसत फैला ने का कोसिस करता है !सुरक्षा बालो के खाद्य समग्रिः पहुचने के रस्ते पे अटैक करता है ! सुरक्षा बल के जवान के छुट्टी जाने वाले रास्तो पर अटैक करता है जिससे की सुरक्षा  बालो के ऊपर एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा सके !

3. मनोवैज्ञानिक हथकंडो का असर (Effect of Gurilla's psychology): इन मनोवैज्ञानि हथकंडो का आर्म्ड फोर्सेज और आम जनता पर असर निम्न पड़ता है !

  • लगातार जगह बदलते रहने के कारण सुरक्षा बालो को गुरिल्ला को पकड़ने में दिक्कत होती है !\
  • लड़ाई का स्थान और समय गुरिल्ला के अनुसार होने के कारण सुरक्षा बालो को काफी नुकशान उठाना पड़ता है !
  • गुरिल्ला देखने , भाषा , पहनावा सब लोकल लोगो के तरह होने के कारण सुरक्षा बल पहचान नहीं पते है !
  • सुरक्षा बालो के मुखबिर तथा सामान के सप्लाई करने वालो को गुरिल्ला बहुत ही निर्दयिता से मारते है जिसके डर से कोई सुरक्षाबलों को साथ देने को तैयार नहीं रहता है !
  • आचानक कैंप अटैक और सुरक्षा बल के गाडियो पे अटैक के कारण सुरक्षा बल के जवानों में एक भय का माहौल बना रहता है !
  • सुरक्षा बालो  को नुकशान पुचने के लिए आ ई डी का इस्तेमाल करते है जिससे की कम  मेहनत से ज्यादा नुकशान होता है सुरक्षा बलों को !और अटैक करते समय लोकल जनता को भी एक मलेशिया की तरह इस्तेमाल करते है !और  जनता को ह्यूमन शील्ड की तरह इस्तेमाल कर ते है !
  • ऐसी दुर्गम जगह जहा पे अभी तक सरकारी मचिनरी नहीं पहुची है वहा पे अपना समनांतर सरकार चलते है और लोगो को सरकर के खिलाफ भड़काते है !

गुरिल्ला के साथ मनोवैज्ञानिक लड़ाई जितने के लिए जरुरी है के आम जनता को अपने पक्ष में करना होगा और जनता जो मूलभुत जरूरतों को पूरा करना पड़ेगा ताकि आम जनता को लगे की सरकार और सरकारी महकमा उनके लिए काम कर रहे है ताकि ओ गुरिल्ला के प्रोपोगंडा में न आ सके ! गुरिल्ला की लड़ाई एक निरंतर चलने वाली ऑपरेशन है इसे एक दिन में नहीं जीता जा सकता है !

इस प्रकार से यहाँ गुरिल्ला लड़ाई मनोविज्ञान   से सम्बंधित यह पोस्ट समाप्त  हुई उम्मीद है की आप को पसंद आएगी !इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !
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  2. अम्बुश का परिभाषा और अम्बुश की पार्टिया
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  4. फायर कण्ट्रोल आर्डर और फायर डिसिप्लिन क्या है ?
  5. सेक्शन बैटल ड्रिल और उसे सफल बनाने वाली बातें
  6. 4 बाते शत्रु के कारगर फायर के अंदर आने पे करनी चाहिए
  7. 3 तरीके दुश्मन के फायर पोजीशन को पता लगने के
  8. सेक्शन फार्मेशन और सेक्शन फार्मेशन का बनावट
  9. आतंक प्रभावित इलाके में सिक्यूरिटी पोस्ट लगान
  10. रात के संतरी तथा स्काउट की ड्यूटी क्या होता है



Sunday, March 31, 2019

गुरिल्ला टैक्टिस और उसे काउंटर करने उपाय

पिछले पोस्ट में हमने गुरिल्ला लड़ाई के परिभाषा और सिद्धांत के बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस ब्लॉग पोस्ट में हम गुरिल्ला टैक्टिस और उसे काउंटर करने (gurilla tactics aur counter karne ka upay) के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !


जैसे के हम जानते है नक्सलवादी भी गुरिल्ला लड़ाई ही करते है और उनको जहा कही भी  लगता है की यहाँ नुकसान हो सकता है वहा हमला नहीं करते है ! हिट और रन उनका मुख्य सिद्धांत है  जो की गुरिल्ला  लड़ाई का एक मुख्य सिद्धांत है  ! इस प्रकार गुरिल्ला लड़ाई सैन्य  परम्परिक युद्ध के विपरीत है यह धोखा दे का मारने  वाला युद्ध  है !

गुरिल्ला लड़ाई की सफलता वहा  के आम जनता के मनोभाव और समर्थन के ऊपर निर्भर करता है ! भोजन , राशन और पानी पहुचने का रुझान तथा गुप्त सुचना पहुचाने और न पहुचने के ऊपर निर्भर करता है ! इस लिए गुरिल्ला युद्ध कुछ लोगो के द्वारा बहुत से लोगो के सहायता से लड़ा जाता है !

इस विषय को अच्छी तरह से समझने के लिए हमने इस पोस्ट को निम्न भागो में बाँट दिया है :

1. गुरिल्ला लड़ाई की परिकल्पना (Gurilla war ka prikalpna)

2. गुरिल्ला का सामान्य  आचरण (Gurilla ke samany aacharan)
3. गुरिल्ला लड़ाई के बचाव (Gurilla ladai ke counter measures)

1. गुरिल्ला लड़ाई की परिकल्पना (Gurilla war ka prikalpna)

गुरिल्ला युद्ध से सम्बंधित अंतर दृष्टि हमे माओ त्से तुंग की लिखी हुई किताब यु ची चान से काफी मिलती है ! माओ त्से तुंग के अनुसार जिस किसी देश के सरकार अगर वहा  के जन मानस के बड़े क्षेत्र की न्यूनतम जरूरतों को पूर्ति करने में विफल रहती है , वहा  वे क्रांति के बिज हमेशा उपलब्ध रहते है  और यदि वहा  एक क्रांति करी पार्टी अस्तित्व में आ जाए जो संगठन व विचार धरा को सहारा दे सके तो सिर्फ एक बात की आवश्यकता रह जाती है वह एक हिंसक कारवाही का उपकरण ! अगर हिंसक करवाई  का उपकरण मिल गया तो वैसे क्षेत्रो में गुरिल्ला लड़ाई बहुत सफल सूरत हासिल करती और उन्हें सफलता उसमे  मिलती है !

 माओ त्से तुंग के ऊपर लिखित किताब के अनुसार गुरिल्ला युद्ध की परिकल्पना तीन चरणों में होता है :

(i) पहला चरण : इस  चरण में गुरिल्ला इकाईओ  का गठन , कंसंट्रेशन तथा प्रिजर्वेशन बाकी पुरे इलाके में कुछ क्षेत्रीय बेस बनने की करवाई की जाती है ! इस चरण में स्वयं सेवको का प्रक्षिशन कर राजनितिक विचार धरा में डाला जाता है तथा उनका प्रयोग स्थानियों लोगो को बरगलाने तथा प्रभावित करने  में लगाया जाता है ! जिससे की उनका सहयोग प्राप्त किया जा सके !
इस प्रकार प्रत्येक बेस के आस पास सहयोगियो का एक सुरक्षा चक्र बना लिया जाता है जो युद्ध के लिए राशन , सुचना व रिक्रूट सप्लाई करने के तैयार रहे ! इस चरण में बहुत काम होता है !
(ii) द्वितीय चरण : यह व्यापक प्रचार का चरण है  जिसमे सीधे एक्शन का महत्व बढ़ जाता है ! आतंकवादी एवं विध्वंसात्मक गतिबिधिया कई गुना बाधा दी जाती है !इस चरण में दुश्मन का सहयोगियो और प्रतिक्रियावादियो का सफाया कर दिया जाता है !मिलिट्री/पुलिस चौकिओ पर हमला किया जाता है एवं अम्बुश किया जाता है ! 

ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य आर्म अम्मुनिसन इकठ्ठा करना होता है ! जैसे जैसे गुरिल्ला इकाई अपने आर्म्स , साधनों से अधिक ताकतवर बनती है ! उसके राजनितिक धत प्रचार को फैलाते हुए आस पास के इलाको को भी अवशोषित करते हुए लिबरेशन ज़ोन बढ़ा देते है ! जैसे ही पूरा समर्थन मिलता है कई छापामार गार्ड  व जवान तैयार होते है जो छापामारों को सुरक्षा देते है !

उन दोनों चरणों का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक जनता को यद्ध के प्रति समर्पित करते हुए उनसे जोड़ना है ! उन चरणों में स्थानीय मिलिसिया का निर्माण हो जाता है जो मूल रूप से लड़ने के लिए बल्कि गुरिल्ला यूनिट के लीडर के बैकअप का कार्य करती है ! इसी दौरान संगम दल बनाये जाते है जो सुचना एकत्र करना व्य्वासियो और ठीकदारो से पैसा उसूल करना आदि कार्य करते है ! दुसरे चरण के पूरा होने तक छापामार युद्ध के लिए पूर्णतः हो जाता है तथा चुनौती देने लगता है !

(iii) तृतीय चरण : यह निर्णायक चरण है ! दुश्मन का उस चरण में गुरिल्ला स्क्वाड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अपने को इतना शक्तिशाली बना लेता है की दुश्मन से युद्ध लड़ सके !उस चरण को आवश्यकता अनुसार नेगोसियेसन  के द्वारा लम्बा खीचा जा सके ! जिसका मुख्य उदेश्य अपने लिए थोडा समय प्राप्त करना  और दुश्मन को परेशां करना होता है !

2. गुरिल्ला का  आचरण (Gurilla ke samany aacharan)

(i) सामान्य  आचरण: गुरिल्ला का आचरण कुछ इस प्रकार से होता है 
  • गोपनीयता और सावधानी से आगे बढे 
  • वे सभी लड़ाई अवॉयड करे जिनसे यूनिट को नुकशान हो रहा हो !
  • मजबूत दुश्मन को चैलेंज मत करो व ओपन फाइट कभी स्वीकार मत करो 
  • मजबूत दुश्मन से मुटभेड होने पर छोटे छोटे ग्रुप्स में बंट कर दुश्मन से हट जाओ 
  • फिर कुछ समय बाद पूर्व निर्धारित समय पे मिल जाओ 
  • अगर फाइट अवोइड न हो सके तो जितना जल्दी हो सके उसे ख़त्म करे और वह से निकल जाओ 
  • निर्णायक युद्ध कभी मत करो 
  • फिर अगर दुश्मन वाहा से चले जाए तो बहार निकल आओ 
(ii) मार्चिंग : मार्चिंग के समय गुरिल्ला का आचरण 
  • किसी बड़े ऑपरेशन के बाद नए इलाके में चले जाओ लेकिंग वहा से जाने से पहले अपने विश्वास पात्र लोगो से संपर्क साधो !
  • मार्चिंग में हाई वे और गाँव के पास से मत निकालो 
  • जगह बदले तथा मूवमेंट  अंतिम  समय तक अपने पास गुप्त रखो !
  • अपने मूवमेंट के सम्बन्ध में दो बाते गलत अफवाह फैला दो !
  • अपरचित जगह में मूवमेंट करते समय स्थानीय स्क्वाड का सहायता ले !
  • किसी को न बताये की यूनिट कहा से आ रही है और कहा जा एगी !
  • स्थानीय जनता को अपनी शक्ति और संख्या के बारे में धोखा दो !
  • हमेशा ऐसा आभास दो की तुम वास्तविकता से बहुत ज्यादा हो 
  • संभव होतो रात में मूवमेंट करो ! एक दिन में उतना ही मूवमेंट करो ताकि यूनिट थके न 
  • संभव हो तो फार्मेशन में मूवमेंट करो 
(iii) विश्राम : विश्राम के लिए गुरिल्ला ये आचरण अपनाते है :
  • रात में मूवमेंट तथा दिन में आराम 
  • छाया के लिए जंगल का इस्तेमाल और कही रुकना पड़े तो उच्चाई पे रुके 
  • विश्राम के समय स्थानीय लोगो को गार्ड के तौर पे इस्तेमाल करे 
  • रात्रि में आने वाले सभी जगहों पे दो व्यक्ति का अम्बुश लगाये 
  • लगातार दो रात्रि तक एक जगह पे कभी मत रुको  जबतक की तुम लिबरेट जगह पे न हो !
  • प्रत्येक दिन नई  अलर्ट  और दिशा निर्देश जारी  करो की मुतभेड होने पे क्या करना है और कहा मिलना है !
(iv)खबर हासिल करने का तरीका : गुरिल्ला खबर हासिल करने के लिए आचरण इस प्रकार से करते है :
समय समय पर राशन  आदि केलिए, मेडिकल के लिए , पोस्टल  यादी कामो के लिए गाँव में घुसना पड़ता है !इस लिए गाँव वासिओ से दुश्मन के बारे  में कुछ खबर हासिल किया जाता  है जो निम्न प्रकार की है :
  • पूर्व निर्धारित खिड़कियो का शटर खोलना और बंद करना 
  • कपड़ो को बहार लटका  देना या बर्तनों को बहार रखना जैसे कुछ मुकरर शुदा हरकत गाँव वाले करते है जो गुरिल्ला को पता चल जाता है की गाँव में सुरक्षा बल है या नहीं !
(v) मीटिंग स्थल का सुरक्षा :इसके लिए दो सुरक्षा चक्र होते है ! एक बहरी और एक आंतरिक ! बहरी चक्र वहा  लगाये जाते है जहा से बहार से आने वाली सभी रास्तो के ऊपर निगरानी रखा जा सके ! और आंतरिक सुरक्षा चक्र के लोग मीटिंग स्थल के पास हथियार लेके रहते है !

मीटिंग सुरु होने से पहले ये निर्णय ले लिया गया होता है की अगर अचानक हमला हुवा  तो कौन लडेगा और कौन सामान ले के किस रस्ते से भागेगा ! यनी भागने के रस्ते तक पहले से मुकरर कर लिया गया होता है !

(vi) कूरियर सर्विस :आदेश तथा निर्देशों को पहुचने के लिए समुचित  कम्युनिकेशन नेटवर्क  स्थापित किया जाता है जिसके द्वारा पुलिस और आर्म्ड फाॅर्स से सम्बंधित खबर  हासिल किया जाता है !

कूरियर सेवा के लिए मिडिल मैन के द्वारा दूधवाला, अखबारवाला , या फेरीवाले की द्वारा मेसेज भिजने और प्राप्त करने की व्यवस्था की जाती है ! यह व्वस्था ऐसी रहती है की कोई नहीं जनता है की मेसेज कौन भे जा है और वो कहा रहता है कोई की मेसेज लास्ट परसों तक बहुचने के लिए बहुत से मिडिल मैंन इन के बिच होते है !

3. गुरिल्ला लड़ाई के बचाव (Gurilla ladai ke counter measures): कुछ काउंटर मेजर्स इस प्रकार से है :


  • पुलिस को अपने रहने तथा दूरी के इलाके का भालिभाती जानकारी रहना चाहिए की एरिया  का बनावट कैसी है तथा उसमे रहने वाले लोग कैसे है उनका लगाव किसके तरह है !
  • पुलिस को सिविल जनता के साथ अच्छा व्यवहार बनाये रखना चाहिए ! समय समय पर सिविक एक्शन करते रहना चाहिए जैसे मेडिकल कैंप लगाना , जरुरत मंदों को सामान देना यदि !
  • सिविल जनता के धर्म, जाती और रीती रिवाज को सम्मान देना चाहिए !
  • सरकार द्वारा सुरु की गई समाजिक सुरक्षा योजना जैसे, वृधा पेंशन, जन धन योजना यदि का लाभ उठाने के लिए लोगो को प्रेरित करना चाहिए !
  • आम जनता के दिलो दिमाग को जितने का कोसिस करना चाहिए और नक्सलवादियो द्वारा किये जाने वाले गलत कार्य जैसे जबरन असुली , लोगो का हत्या , स्कूल कालेज  को बम से उड़ने जैसे से कुकृत को बाधा चढ़ा कर बताना  चाहिए !
  • एक अच्छी अपनी सोर्स बनाना तथा आस पास के गाँव में नक्शल से सहानुभूति रखने वालो के ऊपर नजर रखना चाहिए !
  • इलाके के बड़े दुकानदार तथा कांट्रेक्टर, फैक्ट्री मालिक के ऊपर नजर रखना चाहिए क्योकि नक्षलवादी उनलोगों से हप्ता असुली करने आते है !
  • गुरिल्ला को हराने के लिए गुरिल्ला की तरह ही अटैक करने की माजदा अपने फाॅर्स के अन्दर पैदा करना चाहिए !
  • शारीरिक तौर पर सख्त, साहसी और आक्रामक बनाना चाहिए !
  • ड्यूटी पे जाने के पहले ब्रीफिंग  और आने के बाद डी-ब्रीफिंग जरुर करना चाहिए और ड्यूटी के दौरान  हुई गलतियो का विश्लेषण करते रहना चाहिए !
  • बल के हर जवान जीपीएस , मैप  तथा वेपन की अचछी जानकारी रखता है !
  • ड्यूटी के दौरान हर एक मूव ताक्टिकाल्ली करना चाहिए वह चाहे डिप्लॉयमेंट या विथ्द्र्वल का या और कोई भी तरह है ड्यूटी है सभी में ताक्टिकाल्ल व्यू रख कर ही काम करना चाहिए !
  • कोई भी सेट पैटर्न नहीं अपनाना चाहिए जैसे ड्यूटी पे चढ़ने और उतारने का समय या पेट्रोलिंग के लिए जाने और आने का रूट और टाइमिंग बदलते रहना चाहिए !
  • अपने ऊपर , अपने हथियार तथा अपने कमांडर के ऊपर हमेशा विश्वास रखना चाहिए !
  • सभी जवानों को अपना ड्यूटी पूरी तरह से निर्णित होना तथा उस जवान को मालूम होना चाहिए की उसका क्या काम है किसी ऑपरेशन के दौरान !
  • किसी भी ऑपरेशन के डिप्लॉयमेंट रात को तथा ऑपरेशन की सुरुवात फर्स्ट लाइट के साथ ऑपरेशन कि सुरुवात करनी चाहिए !
  • हाईट  को डोमिनेंट किया जाये और पक्के सड़क का इस्तेमाल नहीं कर चाहिए ! क्रॉस कंट्री चलना चाहिए !
  • जमीन के अनुसार अपना फार्मेशन बदलते रहना चाहिए ! कमांडर को सही समय पर इसका निर्णय ले लेना चाहिए !
  • अपने कार्य टैक्टिस से दुश्मन को धोखा  देने का कोसिस करना चाहिए !
  • कोई भी खबर मिले उसे अपने सोर्स तथा इटेलिजेंस से री चेक कर लेना चाहिए !
यह  रही कुछ बाते जिन्हें अगर अपनाया जाये तो गुरिल्ला लड़ाई में सफल होने तथा अपनी जान माल का कम से कम  नुकशान तथा दुश्मन को ज्यादा नुकशान पहुचाया जा सकता है !

गुरिल्ला लड़ाई में सरप्राइज, साइलेंस  और टैक्टिकल मूवमेंट को ध्यान में रख कर अगर ऑपरेशन किया जाय तो सफलता मिलना निश्चित है ! किसी भी ऑपरेशन को मर कर नहीं जीता जा सकता है बल्कि मार के ही जीता जा सकता है इसलिए जरुरी ही हर ऑपरेशन में समय और सहलत के अनुसार टैक्टिकल तबदीली लाके  करवाई करना चाहिए ! लकीर के फ़क़ीर नहीं बनना चाहिए !

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  6. अम्बुश की जुबानी हुक्म क्या होता है और इसमें सामिल होने वाले मुख्य बाते
  7. रोड ओपनिंग पार्टी/पट्रोल और उसके महत्व के बारे
  8. कॉन्वॉय कितने प्रकार का होता है ? कॉन्वॉय प्रोटेक्शन की पार्टिया कौन कौन सी होती ?
  9. कॉन्वॉय कमांडर और कॉन्वॉय मूवमेंट से पहले जानने वाली बातें
  10. रोड ओपनिंग पार्टी की तैनाती करने का तरीका तथा ROP ड्यूटी के दौरान IED से बचा के लिए ध्यान में रखनेवाली बाते


Friday, March 29, 2019

गुरिल्ला लड़ाई और उसका परिचय तथा इतिहास

पिछले पोस्ट में हमने हथियार के साथ चलने वाली चाले और और उसे चलने का तरीका  के बारे  में जानकारी प्राप्त  की  अब इस पोस्ट में हम एक नई विषय के बारे में सीरीज सुरु की जिस का पहले पोस्ट है गुरिल्ला लड़ाई और उसका परिचय तथा इतिहास(Gurilla ladai ka meaning aur parchay.) !


जैसे की हम देखते है की आज के समय में दिन पर दिन युद्धों  का स्वरुप बदलते जा रहा है  पहले जहा युद्ध दो सेनाओ के बिच होता था ओ बदलते बदलते सेना और सेना के साथ कुछ जनता उस युद्ध में सामिल होने लगे  यानि ओ एक मिश्रित युद्ध था!
 लेकिन आज के समय में सेना का जनता के छोटे छोटे समूहों के साथ सामान करना पड़ता है वह छोटा समुह अपना  अपना अपवित्र उद्देश्य के पूर्ति के लिए सेना या आर्म्ड फ़ोर्स के साथ छोटे छोटे समूहों में हमला  करता है!

 इनका कोई युद्ध रणनीति  नहीं होता है यह संगठन कही भी किसी भी स्वरुप में हमला करता है और वहा  से भाग जाता है इसलिए इनका सामना करना बहुत ही मुस्किल हो जाता है ! इस प्रकार के युद्ध पद्धिति को छापा मार या गुर्रिला युद्ध पद्धिति कहते है ! आज  के समय में यह बहुत ही इस्तेमाल में आने वाला पद्धिति है !
इस विषय के समझने के लिए हमने इस पोस्ट को निम्न भागो में बाँट दिया है 

1.गुरिल्ला का आर्थ तथा आधार (Gurilla ka meaning ttha aadhar)
2.गुर्रिल्ला का इतिहास(Gurilla ka history)
3.गुरिल्ला का परिभाषा (Gurilla ka paribhasha)
4. गुरिल्ला का सिद्धांत (Gurilla ka siddhant)
5. माओ का सिद्धांत (Mao ka siddhant)

1.गुरिल्ला का आर्थ तथा आधार (Gurilla ka meaning ttha aadhar): 

Gurilla attack
Sanketik chitr
गुर्रिला का अर्थ :गुरिल्ला एक  स्पेनिश शब्द है जो गुरा और इल्ला से मिलकर बना है जिसका अर्थ होता है  जिसमे गुरा शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है युद्ध या लड़ाई और इल्ला शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है छोटा ! यानि छोटे स्तर की लड़ाई ! असाहाय शत्रु द्वारा  सुरक्षा बालो के खिलाफ अपनाये जाने वाली छोटे छोटे हमला !

गुरिल्ला का आधार:
  • अपने या अपने दुश्मन के बारे में जानकारी रखेंगे तो विजय जरुर प्राप्त होगी !
  • उसके साथ ही वह की जमीन और जनता के बारे में पूर्ण जानकारी रखोगे तो सम्पूर्ण विजय जरुर होगा !

2.गुर्रिल्ला का इतिहास(Gurilla ka history):

  • गुरिल्ला वार  की सबसे पहली जिक्र  छठी सताब्दी में लिखी गई किताब जो की एक चीनी लेखक सुन ताजू ने अपनी किताब" दआर्ट ऑफ़ वार"(the art of war) में की थी !उन्होंने लिखा है की गुरिल्ला का पहली जरुरत तेजी, चकमा और और धोखा  होता है !
  • गुरिल्ला लड़ाई 2000 साल  पहले  चीनी में लड़ी  गई और उसके बाद इसे स्पेन ने अपनाया और उसके एक जनरल थे कार्ल बर्न क्लासिबिट्स के नेतृत्व में फ्रांस के नेपोलियन से लड़ा!
  • पहले विश्व युद्ध में तुर्की ने इसी तरह के लड़ाई से अरब  देश को हराया !
  • दुसरे विश्व यद्ध में एरोपियन देशो के जनता ने वह के अपने दुश्मनों से लड़ी और जीत  प्राप्त की !रूस के गुरिल्ला सेना से जर्मनी को बहुत नुकशान  पहुचाया !
  • द्वितीय विश्व युद्ध  के बाद कई देशो को गुरिल्ला युद्ध का सामना करना पड़ा जैसे , चीन , क्यूबा , वियतनाम यदि !
  • भारत में इस युद्ध पद्धिति का इस्तेमाल सबसे पहले 17 वी सताब्दी में शिवाजी ने मराठो का छोटी छोटी टुकड़ी बनाकर वीजा पुर सुल्तान पुर में मुगलों के खिलाफ लड़ा और मुगलों के सैनिक  ताकत बहुत थी फिर भी मुगलों को हार का सामना करना पड़ा!

जरुर  पढ़े:विआइपी इंस्पेक्शन के दौरान व्यू पॉइंट ब्रीफिंग

3.गुरिल्ला का परिभाषा (Gurilla ka paribhasha)

कुछ ब्यक्ति स्वतंत्र रूप से गिरोह बनाकर छोटे पैमाने में ही जन्भूमि में  जनता के मदद से तैयार किया गया हथियारों से सरकार के खिलाफ किया गया अनियमित हिसात्मक  और रहस्मय  युद्ध  को गुरिल्ला वर कहते है !

4. गुरिल्ला का सिद्धांत (Gurilla ka siddhant)
  • भीतरी इलाको में लड़ाई जहा संचार के साधन काम हो 
  • कठिन और उबड़ खाबड़ जगहों में रहते है 
  • एक ही बार में लड़ाई नहीं करते बल्कि छोटे छोटे युद्ध करते है !
  • मरना और भागना का तरीका अपनाते है !
  • हर समय हरकत में रहना 
  • कार्य करते समय न उसके आगे और न उसके  पीछे के बारे में सोचते है ! यनी उसके परिणाम के बारे में नहीं सोचते है 
  • जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिस करते है 
  • आश्चर्य और रहस्य (surprise and secrecy) मेन्टेन करते है 
  • धोखा देना 
  • सदा सुरक्षा बालो को नुकशान पंहुचा कर बिखेर देना 
  • सुरक्षित स्थानों पर बसे स्थापित करना तथा वह से लड़ना 
  • सुरक्षा बालो का मनोबल को गिरना और उसका प्रचार करना 
  • जहा विजय प्राप्त होने की संभावना होती है वही लड़ते है !
  • तटस्थ और अपने विरोधियो को प्रताड़ित करना 
  • माओ का सिद्धांत अपनाते है !

5. माओ का सिद्धांत (Mao ka siddhant)

माओ का सिद्धांत निम्न है :
  • सुरक्षा बल आगे बढेगा तो गुरिल्ला भागे गा 
  • सुरक्षा बल कही रुकेगा तो गुरिल्ला उसे परेशां करेगा !
  • सुरक्षा बल थक गए तो गुरिल्ला उस पर हमला करेगा !
  • सुरक्षा बाल पीछे हटेगा तो गुरिल्ला  उसका पीछा कर पीछे से हमला करेगा !

किसी की जानकारी रखने से यह असं हो जाता है की उसके खिलाफ कैसी प्लानिंग किया जाय और कैसे उस परिथिति से निपटा जाय ! इसीलिए यह जरुरी है की सभी आर्म्ड फाॅर्स के जवान को गुरिल्ला लड़ाई , इतिहास और सिद्धांत  के बारे में जानकारी होनी चाहिए !

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  4. फील्ड फोर्टीफीकेसन में इस्तेमाल होने वाले फौजी टेकटिकल शब्दों का क्या मतलब
  5. फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लैंक गार्ड यदि क मतलब
  6. अम्बुश की जुबानी हुक्म क्या होता है और इसमें सामिल होने वाले मुख्य बाते
  7. रोड ओपनिंग पार्टी/पट्रोल और उसके महत्व के बारे
  8. कॉन्वॉय कितने प्रकार का होता है ? कॉन्वॉय प्रोटेक्शन की पार्टिया कौन कौन सी होती ?
  9. कॉन्वॉय कमांडर और कॉन्वॉय मूवमेंट से पहले जानने वाली बातें
  10. रोड ओपनिंग पार्टी की तैनाती करने का तरीका तथा ROP ड्यूटी के दौरान IED से बचा के लिए ध्यान में रखनेवाली बाते