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Monday, June 7, 2021

विश्राम और विश्राम पोजीशन में देखनेवाली बाते

 जैसे कि हमने पिछले ब्लॉग पोस्ट   में  सावधान पोजीशन के बारे में जानकारी देखी और अब इस ब्लॉग पोस्ट में हम  विश्राम और आराम (Vishram aur Aaram se drill command me karwai )से के बारे में जानेंगे

जरूरत: जब सीनियर के साथ बात खत्म कर लेते हैं तो विश्राम की कार्रवाई की जाती है या ड्रिल की हरकत खत्म होने पर विश्राम और आराम से की कार्रवाई करते हैं ! 

जरुर पढ़े : 5 स्टेप्स में तेज चाल से पीछे मुड की पूरी करवाई

दुरुस्त वर्ड ऑफ़ कमांड

वर्ल्ड ऑफ कमांड विश्राम एक , जैसे थे। 

बयान से नमूना :जब सावधान पोजीशन से वर्ड ऑफ़ कमांड  मिलता है स्क्वायड विश्राम तो करवाई इस प्रकार से करे :

  •  बाएं पांव को 12 इंच ऊपर उठाते हुए 12 इंच बाय लगाते और साथ ही दोनों पंजों को दोनों बाजुओं को पीछे ले जाएं बाएं हाथ नीचे और दाहिने हाथ ऊपर से पकड़े और शाउटिंग करें एक!
  • वर्ल्ड ऑफ कमांड विश्राम एक । 
विश्राम पोजीशन  में देखनेवाली बाते: इस पोजीशन में देखने की बातें :

  • दोनों एरिया के बीच 12 इंच का फासला 
  • दोनों घुटने कसे हुए 
  • दोनों हाथ पीछे बंधे बाएं हाथ नीचे से दाहिने हाथ ऊपर से उंगलियां नीचे की तरफ दाहिना उठा पाए उनके के ऊपर से 
  • बदन का बोझ  दोनों पांव पर बाकी पोजीशन सावधान 
  • आराम से पोजीशन में  केवल  कमर के ऊपर वाले हिस्से को झूला करें 
  • पांव से हरकत नहीं होगी !
  •  स्क्वाड को विश्राम पोजीशन में लाने के लिए स्क्वाड /परेड बोलने भर से  विश्राम पोजीशन में आ जाएगा 

अभ्यास 

  • उस्ताद के वर्ल्ड ऑफ कमांड से स्क्वाड पावं से लगने पर बोले एक 
  • उस्ताद केवर्ड ऑफ़ कमांड  से एस्कॉर्ट ख़ुशी  से अभ्यास करें 
  • उस्ताद के वर्ड ऑफ़ कमांड  से स्क्वाड समय पुकारते हुए अभ्यास करें 
  • उस्ताद के वर्ड ऑफ़ कमांड पर  समय के अंदाज से अभ्यास करें

इस प्रकार से विश्राम और आराम से सम्बंधित यह ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा उम्मीद है की यह ब्लॉग पोस्ट आपलोगों को पसंद आएगा !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल

सावधान और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते

 पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने ड्रिल तथा ड्रिल इंस्ट्रक्टर के बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस पोस्ट में हम ड्रिल की पहली सिखलाई सावधान के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे ! ड्रिल की सिखाली देने का पहला सबक की सुरुवात सावधान की ड्रिल से ही होती है !

 जरूरत :जब ड्रिल का कोई भी हरकत करनी हो तो हमेशा सावधान पोजीशन से ही शुरू होती है! इसके अलावा अपने से सीनियर के साथ बात करनी हो तो सावधान पोजीशन से ही बात की जाती है। इसी काम का दुरुस्त नमूना देखें

दुरुस्त नमूना : वर्ड ऑफ़ कमांड सावधान एक जैसे थे। यही नमूना बायन से देखें और सुनें उस्ताद विश्राम पोजीशन से बयान करें

बयान से नमूना:जब वर्ल्ड ऑफ कमांड मिलता है स्क्वाड  सावधान  तो बाएं पांव को 12 इंच उठाते हुए दाहिने पांव की एड़ी के साथ बाएं पांव की एड़ी मिलाएं। जब बाएं पांव जमीन पर लगता है तो शाउटिंग करें एक। 

वर्ल्ड ऑफ कमांड सावधान एक इस पोजीशन में देखने की बातें :

  • दोनों पांव की एड़िया मिली हुई और पंजों का एंगल 30 डिग्री। 
  • दोनों घुटने कसे हुए। 
  • दोनों बाजू दाहिने और बाएं तरफ पेंट की सिलाई के साथ मिली हुई और मुट्ठी कुदरती तौर पर बंद। 
  • पेट अंदर की तरफ छाती उठी हुई कंधे पीछे खींचे हुए 
  • गर्दन कॉलर के साथ मिली हुई 
  • चीन ऊपर निगाह सामने।
  •  जैसे थे इस कार्रवाई का अभ्यास मेरे वर्तमान से करेंगे



अभ्यास :

  • उस्ताद के वर्ड ऑफ कमांड से स्क्वाड सावधान पर बोले एक। 
  • उस्ताद के वर्सेड ऑफ़ कमांड  स्क्वाड  ख़ुशी से अभ्यास करें 
  • उस्ताद के वर्ड ऑफ़  कमांड से स्क्वाड समय पुकारते हुए अभ्यास करें 
  • उस्ताद के वर्तमान से स्क्वाड समय के अंदाज से अभ्यास करें

Note 

  • अगर पंजे खुले हुए हो तो उनको अंदर की तरह करें 
  • अगर एड़ी खुली हुई हो तो बाएं पांव को उठाकर दाहिने पांव की एड़ी के साथ मिलाएं 
  • एक जवान का अच्छा नमूना दें

इस प्रकार से ड्रिल का पहला कवायद सावधान का कमांड और ड्रिल  की दुरुस्त करवाई से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की आपको यह पोस्ट पसंद आएगा ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

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  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल

Monday, May 31, 2021

ड्रिल और ड्रिल इंस्ट्रक्टर कैसा होना चाहिए ?

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने ड्रिल के वर्ड ऑफ़ कमांड के बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस पोस्ट में हम ड्रिल तथा ड्रिल इंस्ट्रक्टर के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !


1.  परिचय:-शुरू शुरू में फौज के अंदर ड्रिल की सिखलाई जर्मनी के मेजर जनरल ड्राल नेशन 1666 में शुरू की थी इस देश को सामने रखते हुए की फौजियों को कंट्रोल करने के लिए ड्रिल ही एक ऐसा जरिया है जिससे डिसिप्लिन तनाव हुकुम मानने का मुद्दा और टीम स्पीच की भावना लाई जा सकती है। लड़ाई के मैदान में की लड़ाई उसे यह साबित हो चुका है कि विश्व की बुनियाद रखने में काफी सहयोग दिया है स्टॉप

2.ड्रिल की परिभाषा:-किसी प्रोसीजर को क्रमवार और उचित तरीके से अनुकरण करने की कार्रवाई को ड्रिल कहते हैं!

3. ड्रिल  के प्रकार: -ड्रिल के निम्न प्रकार होता है

  • ओपन ड्रिल-  यह ड्फीरिल ल्ड में की जाती है 
  • क्लोज ड्रिल- यह ड्रिल ट्रेनिंग ग्राउंड एरिया में की जाती है

4. ड्रिल का मकसद:- एक सैनिक में हुक मानने की आदत का ऐसे अंदरूनी मद्दा पैदा  करना है जो उसे अपने फर्ज को अंजाम देने में हर समय मदद दे।

5. ड्रिल का प्रभाव::  ड्रिल के प्रभाव निम्नलिखित हैं

  •  ड्रिल डिसिप्लिन की बुनियाद है
  • ड्रिल  से मिलकर काम करने की और हुकुम आने की आदत पड़ती है 
  • ड्रिल ऑफिसर, जेसीओ और अंडर ऑफिसर को  कमांड कंट्रोल सिखाती है 
  • ड्रिल ड्रेस पहनना और चलना फिरना सिखाती है 
  • ड्रीम को देखकर किसी यनिट के डीसीडिसिप्पीलिन  और मोरल का पता लगाया जा सकता है

6. ड्रिल  के उसूल: ड्रिल के उसूल इस प्रकार है

  • Steadiness(स्थिरता)
  • Smartness(फ्रूती)
  • Coordination(मिलकर काम करने का )
7.  फूट ड्रिल के उसूल : फूट ड्रिल के उसूल इस प्रकार है:
  • पाव तेजी से आगे निकालना (Shoot the boot forward)
  •  घुटने को तेजी से झुकाना (Bend the knee double time)
  •  सही  वफा देना(Correct Pause)

8.  ड्रिल में बुरी आदतें: ड्रिल में निम्नलिखित बुरी आदतें हैं :
  • आंख का घुमाना 
  • कूदना और फुदकना 
  • अपना पांव को घसीट कर चलना 
  • एड़ियों को टकराना 
  • बूट में उंगलियों को हरकत देना 
  • अनावश्यक  हरकत करना
9. ड्रिल के ट्रेनिंग के एड्स :नीचे लिखित एड्स या सामान  ड्रिल ट्रेनिंग  में मदद देते हैं:
Pace Stick
Pace Stick 
  • पेस स्टिक 
  • बैक स्टिक 
  • एंगल बोर्ड 
  • मेट्रोनॉमड्(समय सूचक )
  • ड्रम और ड्रमर 
10.  ड्रिल की सही सिखलाई देने की तरतीब : ड्रिल इंस्ट्रक्टर के लिए एस्क्वायड को ट्रेनिंग देना की तरतीब इस प्रकार है:
  •  एस्कॉर्ट उस्ताद के गिर्द आधे दायरे में हो 
  • एस्कॉर्ट का मुंह सूरज और सड़क के बर खिलाफ हो 
  • ड्रिल ट्रेनिंग ऐड एस्क्वायड से 15 कदम की दूरी पर हो 
  • ड्रिल ट्रेनिंग ऐड स्क्वायड के नजदीक हो
  •  पिछले सबक क दोहराई ली जाए
  •  सबक का उद्देश बताएं 
  • दुरुस्त नमूना दें 
  • गिनती से नमूना दें 
  • गिनती नहीं तो  बयान से नमूना दें 
  • अगर सबक लंबा है तो एक मूवमेंट और उसकी मिसाल दे
  •  गिनती से अभ्यास वर्ड ऑफ़ कमांड उस्ताद का 
  • खुशी से अभ्यास वर्ड ऑफ़ कमांड उस्ताद  बताएं 
  • समय पुकारते हुए अभ्यास वर्ड ऑफ़ कमांड उस्ताद बताएं 
  • समय के अंदाज से अभ्यास वर्ल्ड ऑफ कमांड उस्ताद का 
  • स्क्वाड  के दो अच्छे जवानों का नमूना 
  • कोई शक या सवाल 
  • संकल्प

11 उस्ताद के गुण :एक अच्छे ड्रिल इंस्ट्रक्टर में निम्नलिखित गुण होने चाहिए 

  • फुर्तीला हो 
  • ड्रिल में की जाने वाली हरकतों का दुरुस्त नमूना दे सके 
  • क्लास को सिखलाईसाफ़  और दुरुस्त तरीका से दे सकें 
  • स्क्वायड के गलतियों को फौरन अच्छी तरह दुरुस्त कर सकें 
  • वर्ल्ड ऑफ कमांड अच्छा और ऊंचा हो 
  • क्लास में कभी भी ढीलापन ना हो 
  • हमेशा ऊंचे दर्जे के डिसिप्लिन को कायम रखें 
  • सहनशील हो 
  • निष्पक्ष हो 
  • शारीरिक गठन स्मार्ट हो 

12 . सिलाई के पीरियड और बंदोबस्त :सिखलाई के पीरियड की बंदोबस्त करते समय ध्यान में रखने वाली बातें निम्न है :

  • ड्रिल तरतीब से सिखाई जाए 
  • ड्रिल की एक हरकत पर 15 मिनट से ज्यादा समय ना दिए जाए 
  • एक पीरियड 40 मिनट से ज्यादा ना हो 
  • रिक्रूट्स की ट्रेनिंग के दौरान 1 दिन में तीन पीरियड से ज्यादा ना चलाएं 
  • उस्ताद को चाहिए कि सबक के आखिरी 5 मिनट में स्क्वाड को हरकत अच्छी तरह कर सकते हैं उन हरकतों को जिससे जवान को अपने काम पर भरोसा हो जाता है 
  • एस्कॉर्ट को छोड़ने से पहले उनका शक और सवाल दूर कर दिया जाए
इस प्रकार से ड्रिल और ड्रिल इंस्ट्रक्टर की खुबीओ से समंब अंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा !म्मीद है की यह पोस्ट पसंद आया होगा और कुछ लाभप्रद जानकारी प्रदान हुई होगी  !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

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Sunday, May 2, 2021

वर्ड ऑफ़ कमांड कैसा होना चाहिए

पिछले ब्लॉग पोस्ट में  हमने VIP  के सेरेमोनियल परेड के बारे में जानकरी प्राप्त की थी और अब इस ब्लॉग पोस्ट में हम ड्रिल के कमांड तथा उसके टाइप्स के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !
इस पोस्ट को और अच्छी तरह   से समझने के लिए मैने  इसे निम्न लिखित हेडिंग  में बिभक्त कर दिया है 

परिचय(Introduction):-फ़ौज  में जो भी करवाई होती है वर्ड ऑफ़कमांड   ही की जाती है। आप परेड पर हो या लड़ाई में ट्रेनिंग के दौरान वर्ड ऑफ़  कमांड के जरिए जो सिखलाई पाई जाती है उससे  हुक्म मानने की आदत पड़ती है। ड्रिल का अच्छा होना एक अच्छा और बकायदा प्रैक्टिस किए हुए वर्ड ऑफ़ कमांड पर ही निर्भर करता है

 वर्ड ऑफ कमांड का परिभाषा(Word of command ka Paribhasha):- वर्ड  ऑफ कमांड मुकर्रर  सुधा अल्फाज है जिसके जरिए ड्रिल  मूवमेंट की जाती है और एस्क्वायड पर काबू पाने के लिए हुक्म दिया जाता है।

3.  वर्ड ऑफ कमांड कैसे अच्छा हो सकता है(Improve your word of command):-
  • लगतार  प्रैक्टिस करने से
  • ज्यादा से ज्यादा स्क्वाड हैंडलिंग से
4 . वर्ड  ऑफ कमांड उनकी आवाज कहा से दिया जाए(word of command kaha se de)
    आवाज पेट से निकाले ना कि गले से

5.  वर्ड ऑफ कमांड कैसा होना चाहिए(Word of Command dene ka tariqa):
  •  साफ होना चाहिए ताकि स्क्वायड आसानी से समझ सके
  •  ऊंचा होना चाहिए ताकि स्क्वाड सुन सके
6 .  वर्ड ऑफ कमांड देते समय बदन के हिस्से  के नाम(Word of Command me istemal hone wale ang):-
  • पेट
  • छाती 
  • जुबान 
  • दांत 
  • होठ 



7.  वर्ड ऑफ कमांड के प्रकार(word of Command ke prakar)
  • आगाह करने वाला (Cautionary)
  •  अमल करने वाला(Executive)
8. Cautionary  और Executive वर्ड ऑफ़ कमांड  में फर्क(Difference between word of command):
  • कॉशनरी  वर्ड(Cautionary   Word)  ऑफ कमांड  वह वर्ड ऑफ कमांड  जिससे काम करने वालों को चौकन्ना और आगाह किया जाता है कि आगे क्या होने वाला है !
  • Executive word of command वह वर्ड ऑफ कमांड है जिस पर हम काम करते हैं।
  • Cautionary aur executive word of command  में एक से 2 सेकंड का वफा होता है
  •  तेज चाल में जवान को कोई भी वर्ड कमांड दिया जाएगा उसके चुनरी वर्ड कमांड और एक 20 वर्ड कमांड में दो कदम का फासला होगा
  • धीरे चाल में cautionary  वर्ड ऑफ कमांड और Executive  वर्ड ऑफ कमांड के बीच एक कदम का फासला होगा। धीरे चाल से cautionary वर्ड ऑफ कमांड बरखिलाफ पाव पर  और तेज चाल से उसी पाँव पर खत्म किया जाएगा।
9. इंस्ट्रक्टर  का गलत नमूना(Instructor ka galat namuna )
  • तुतला  कर बोलना 
  • गले से आवाज निकाल कर बोलना 
  • वर्ड ऑफ कमांड देते समय जिस्म की हरकत करना 
  • चेहरे को बिगाड़ ना
10. इंस्ट्रक्टर का दुरुस्त नमूना(Instructor ka sahi namumna):
  • वर्ड  ऑफ कमांड हमेशा सावधान पोजीशन से देना चाहिए 
  • उस्ताद को एस्क्वायड से 15 कदम की दूरी पर रहना चाहिए अगर इंस्ट्रक्टर के पास राइफल हो तो बगल शस्त्र से वर्ड ऑफ कमांड देना चाहिए या  राइफल को भूमि शस्त्र करना चाहिए !
  • आवाज हमेशा पेट से निकालनी चाहिए. 
  • अपना चेहरा साधारण हो 
  • वर्ड कमांड देते समय आगे पीछे हरकत नहीं करनी चाहिए 
  • वर्ड ऑफ कमांड चुस्ती से देनी चाहिए 
  • cautionary   वर्ल्ड ऑफ कमांड सांस लेना बहुत जरूरी है
  •  एग्जीक्यूटिव वर्ल्ड कमांड को नीचे न लाया जाए !
  •   वर्ड ऑफ कमांड के अल्फाज साफ-साफ बोलना बहुत ही जरूरी है 
  • इंस्ट्रक्टर को यकीन करना चाहिए कि मेरे दिए हुए वर्ल्ड ऑफ कमांड पर ठीक करवाई हुई है या नहीं अगर ना हो तो जैसे थे क्या इस्तेमाल करते हुए उसे ठीक किया जाए और जैसे थे बार-बार ना किया जाए 
  • वर्ड  ऑफ़  कमांड ठीक पर देना चाहिए
नोट
अच्छा और बकायदा प्रैक्टिस  किया हुआ वर्ड ऑफ कमांड ड्रिल को अच्छा बनाने में मदद देता है! ऑफिसर को चाहिए कि अपने इंस्ट्रक्टर को यह  बात सिखाने और इसी तरीके से करने। वर्ड ऑफ कमांड देने के लिए आवाज को पूरी ताकत से बोलना चाहिए। धीमे बोले गए वर्ड ऑफ कमांड पर स्क्वायड के ड्रिल  का दर्जा गिर जाता है। स्क्वाड को पिछली पोजीशन में लाने के लिए जैसे थे का वर्ड ऑफ कमांड दिया जाएगा!

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Thursday, April 15, 2021

VIP/VVIP सेरेमोनियल परेड के दौरान कब कब कौन सा वर्शन राष्ट्रगान का बजता है

पिछले ब्लॉग में पोस्ट में हमने उपराष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के गार्ड  ऑफ़ हॉनर देते समय कितनी नफरी होनी चाहिए उसके जानकारी प्राप्त की थी और इस ब्लॉग पोस्ट में हम जानेगे की राष्टगान का कितना वर्शन (How many Version of National Anthem ) होता है और  VIP/VVIP  सेरेमोनियल परेड के दौरान  कब कब कौन सा वर्शन राष्ट्रगान का बजता है !(Ceremonial parade me kab kab kaun sa version national anthem ka bajta hai )

जैसे की हम जानते है की राष्ट्रगान  "जान गण  मन अधिनायक" को रविंद्रनाथ टैगोर ने लिखा था और इसे सविधान सभा ने 24  जनवरी 1950 राष्ट्रगान के रूप में अंगीकार किया !मूलतः यह "भारतो भाग्यो विधाता "  गीत का हिस्सा था जो रविंद्र नाथ टैगोर ने लिखा था ! 

जरूर पढ़े: परेड ड्रिल में आगे और पीछे कदम लेना !

हमारे राष्ट्रगान का दो वर्शन है  एक फूल वर्शन(Full Version of Indian National anthem) और दूसरा शार्ट वर्शन(short Version of Indian National Anthem )। फूल वर्शन(Full Version) लगभग 52  सेकंड में पूरा होता है वही शार्ट वर्शन(short Version)( जो की 9  बार  है लगभग 20  सेकंड में पूरा होत्ता है !

परेड के दौरान फुल वर्शन कब बजाते है :BPR &D  ड्रिल मैन्युअल के अनुसार  परेड के दौरान फूल वर्शन राष्ट्रगान निम्न अवसर में बजाते है :

  • उन सभी समारोहों में जहा राष्ट्रपति खुद मौजूद हो 
  • जब कभी राज्यों के गवर्नर अपने राज्य में  सेरेमोनियल परेड में मौजूद हो तथा गार्ड हॉनर दिया जा रहा हो 
  • स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के परेड में जब राष्ट्रिय झंडा फहराया जा रहा हो 
  • विशेष अवसर पर प्रधान मंत्री के लिए भी राष्ट्रगान बजाय जा  राज्य सरकार के अनुमति से
उपरोक्त अवसरों को छोड़ सभी तरह के  परेड में अगर किसी VIP के लिए राष्ट्रगान के साथ गार्ड ऑफ़ हॉनर देना हो तो वह शार्ट वर्शन होगा जो की 20 सेकंड का !


जब कभी राष्ट्रगान  बजे तो सभी सदस्य सावधान में आएंगे तथा हेड कांस्टेबल से ऊपर के सभी अधिकारी अगर यूनिफार्म में है तो  करेंगे अगर यूनिफार्म में नहीं है तो सावधान में केवल खड़ा रहेंगे !अगर कोई VVIP /VIP  गार्ड ऑफ़ हॉनर ले रहा है तो राष्ट्रगान के समय केवल वह Dignitary ही सलूट करेगा और बाकी सभी जवान और अधिकारी सावधान में खड़े रहेंगे !


अभी सवाल उठता है की राष्ट्रीगान रात  के समय बजा सकते है की नहीं इस बारे में ड्रिल मैन्युअल में यह साफ साफ लिखा हुवा है की गार्ड ऑफ़ हॉनर सनसेट के बाद तथा सनराइज से पहले नहीं दिया जा सकता है इसलिए राषटीगान भी परेड के लिए इस समय के बिच नहीं बजेगा !

इस प्रकार से यहाँ राष्ट्रगान और उसके दोनों  वर्शन से सम्बंधित यह ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !म्मीद है की यह पोस्ट पसंद आया होगा और कुछ लाभप्रद जानकारी प्रदान हुई होगी  !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!
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  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल

Saturday, April 10, 2021

उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को परेड में गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाता है उसकी नफरी कितनी की होती है

  हमने अपने ड्रिल के पिछले ब्लॉग पोस्ट में यह जाना की राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाता है उसकी नफरी कितनी की होती है? और इस ब्लॉग पोस्ट में हम जानेगे की उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री  को जो सरमोनिअल परेड में गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाता है उसकी नफरी कितनी की होती है !(Total strength required for Vice President & Prime Minister Guard of Honour)

Vice President Guard of Honour
Vice President Guard of Honour
उप राष्ट्रपति  और प्रधानमंत्री  के  हर मूव और कृत का एक लिखित  प्रोटोकॉल होता है और उसी के अनुसार पूरी गतिविधिया होती है वह  जब भी किसी प्रदेश या संस्था का दौरा करते है !आप यह देखते होगा की उप राष्ट्रपति  और प्रधानमंत्री जहा कही जाते है तो  पहला स्वागत गार्ड ऑफ़ ऑनर (Guard of Honour)दे कर की की जाती है ! अब यह सवाल उठता  की क्या उप राष्ट्रपति  और प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ़ ऑनर देने के लिए कुल कितनी नफरी होगी ! क्या कोई  प्रोटोकॉल बना हुवा है या जो भी  राज्य को जितनी नफरी का  गार्ड ऑफ़ ऑनर देना है वह अपने निर्णय  करते है !

जरूर पढ़े:पुलिस फाॅर्स में सिविल ड्रेस के बारे गाइड लाइन है?

तो उपरोक्त सवाल का जवाब होगा नहीं कोई भी राज्य या संस्था यह खुद निर्णय  नहीं करती है बल्कि BPR &D के द्वारा बनाई गई एक ड्रिल मैन्युअल(BPR&D Drill manual) है जिसे आम तौर पर देश भर की जितनी यूनिफार्म फाॅर्स है वह सभी इसको अनुसरण  करती है और उस सी ड्रिल मैन्युअल में साफ साफ लिखा  की राष्ट्रपति,उप राष्ट्रपति  और प्रधानमंत्री या और किसी भी VVIP  को गार्ड ऑफ़ ऑनर कब और कितने की नफरी का दिया जायेगा !

प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ़ हॉनर
प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ़ हॉनर 
BPR &D के द्वारा बनाई गई ड्रिल मैन्युअल के चैप्टर XXVII  में यह साफ लिखा है  की राष्ट्रपति,उप राष्ट्रपति  और प्रधानमंत्री या और कोई VVIP  उसकी कितनी  नफरी का गार्ड ऑफ़ दिया  जायेगा , कब दिया जायेगा और उसको कौन कमांड करेगा तथा 2 I /C कौन से रैंक के अफसर रहेगा !

BPR &D के द्वारा बनाई गई ड्रिल मैन्युअल के चैप्टर XXVII  के अनुसार राष्ट्रपति को 100  की नफरी और 1  बैंड  का  गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाना चाहिए   अगर किसी यूनिट या प्लेस पर बैंड  उपलब्ध नहीं हो तो 2 विगुलर  को भी रखा जा सकता है बैंड के जगह पर ! 

जरुर पढ़े : खड़े खड़े सलूट का तरीका और जरुरत

यह गार्ड ऑफ़ ऑनर उप राष्ट्रपति  और प्रधानमंत्री के पब्लिक  दौरा होने पे दिया जायेगा ! यह गार्ड ऑफ़ ऑनर उप राष्ट्रपति  और प्रधानमंत्री के आने तथा जाते समय दिया जायेगा !  सभी ऑफिसियल दौरा पब्लिक दौरा नहीं होता है बल्कि उसके लिए फॉर्मल नोटिफिकेशन  केंद्र सरकार  द्वारा निकला  जाता है ! और उप राष्ट्रपति  और प्रधानमंत्रीके गार्ड ऑफ़ ऑनर को कमांड एडिशनल एसपी रैंक का अफसर करता है था उसका द्वितीय कमांड या हिंदी में कहे तो 2 I /C  डीएसपी रैंक का अधिकारी होता है ! 

यह गार्ड ऑफ़ ऑनर दो बराबर बंटी  हुई टुकड़ी (Guard will be formed up in two equal division)में फालेन होती है जो की सेरेमोनियल ड्रेस में रहती   है ! गार्ड 2  लाइन में फालेन होता और अगली से पिछली लाइन के बिच 4   स्टेप्स की दुरी होगी तथा और लाइन में दो जवानो के बिच 24 " की दुरी होती है !

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यह भी जानकारी रखनी चाहिए की गार्ड ऑफ़ ऑनर  मार्च पास नहीं करती है और BPR &D के द्वारा बनाई गई ड्रिल मैन्युअल के चैप्टर XXVII के अनुसार सूर्यास्त से सूर्योदय(No Guard of Honour between Sunset to Sunrise time)  के बिच गार्ड ऑफ़ ऑनर नहीं दी जासकती है !


इसी के साथ उप राष्ट्रपति  और प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ़ ऑनर देने का समय और नफरी से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !ऊम्मीद है की यह पोस्ट पसंद आया होगा और कुछ लाभप्रद जानकारी प्रदान हुई होगी  !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल

Wednesday, April 7, 2021

NCC का स्थापना की कहानी !

 पिछले ब्लॉग पोस्ट हमने जाना के President ko  Guard  of  Honour  की कुल कितनी  नफरी होती है और अब इस ब्लॉगपोस्ट में हम जानेगे की NCC  का स्थापना  कब हुई और  उसके पीछे की कहानी !NCC ka sthapna kab huwa

1. NCC  का स्थापना 

NCC की स्थापना की प्रारम्भ या स्थापित होने की कहानी बहुत पुरानी है ! यह बात उस समय का है जब भारत अग्रेजो  अधीन था  प्रथम विश्व युद्ध चल रहा था और ब्रिटिश आर्मी में नफरी की कमी थी तो उसे पूरा करने के ख्याल से डिफेन्स एक्ट 1917  के अधीन यूनिवर्सिटी के अन्दर यूनिवर्सिटी कोर ( University Corps)  की स्थापना की गई  और जो की1920  में  इंडियन टेरीटोरियल एक्ट  बना तो "यूनिवर्सिटी कोर " का नाम बदलकर 'यूनिवर्सिटी ट्रेनिंग कोर' (University Training Corps ya UOTC).

जैसे की हम जानते है की  युवा ही किसी देश का भविष्य होते है  उसी को ध्यान  में रखकर  युवा एवं  युवती  अच्छे नागरिक  तथा  भविष्य में  देश का  नेतृत्व  करे ऐसे बनाने के लिए  राष्ट्रिय  स्तर एक संघठन की कमी महसूस  की गई जो युवा - युवतिओं के प्रशिक्षित कर  अच्छा नागरिक बना सके  जो  देश की सेना  या सुरक्षा बालो  के साथ कदम से कदम मिला के चले उसके लिए  सन  1946  में  कमिटी का गठन पंडित एच एन कुंजरू(Pandit HN Kunjuru) के चेयरमैन शिप में गठित की गई उसी कमिटी के रिकमेन्डेशन पे 16  जुलाई 1946 को NCC का उदगम हुवा यानि  स्थापना हुई !NCC अपना रेजिंग डे २२ नवम्बर को मनाता है !

2. NCC का मोटो (Moto of  NCC )  

NCC  का मोटो एकता और  अनुशाशन (Unity  and Discipline ) जिसे 23  दिसंबर 1957  को अपनाया गया !और अपने मोटो यानि उद्देश्य के अनुरूप NCC  भारत में  एकता की ज्वाला जलने  वाला फाॅर्स के रूप में अपने आप  को स्थापित किया जिसमे  देश के हरेक भाग के युवा और  युवतिओं भाग लेकर देश मे एकता  धागे में  पिरोती है !और नौजवान विद्यार्थीओ को एक अनुशासित नागरिक बनती है ! 

3. NCC झंडा (NCC  Flag )

NCC Flag
NCC Flag 

जो वर्त्तमान में NCC का फ्लैग है उसे  1954 में अपनाया गया ! फ्लैग के अंदर जो तीन रंग  वह फ़ौज के तीनो सेनाओ  इंगित करता है लाल रंग भारतीय आर्मी , गहरा नीला भारतीय नेवी तथा हल्का नीला भारतीय एयरफोर्स को दर्शाता है !. NCC अक्षर तथा सोनहुला रंग NCC क्रेस्ट जो की फ्लैग के मध्य में स्थापित है जिसके चारो तरफ कमल का फूल है वह फ्लैग को एक अलग ही लुक देता है ! और फ्लैग पर  बना हुवा हरेक कमल का फूल NCC  डायरेक्टरेट को इंगित करता है ! 

4. NCC  का लक्ष्य (Aim of  NCC ):  रक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया  NCC  का लक्ष्य निम्न है :

  • देश के नौजवानो के   चरित्र निर्माण , कामरेडशिप , अनुशासन , नेतृत्व , सेक्युलर आउटलुक , स्परिट ऑफ़ एडवेंचर , स्पोर्टमैनशिप तथा सेल्फलेस सर्विस की गुण पैदा करना !
  • ट्रैनड और मोटिवेटेड  नौजवानो का एक ह्यूमन रिसोर्स बनाना जो की समाज के किसी भी क्षेत्र को नेतृत्व प्रदान करे और हमेशा देश सेवा के लिए तैयार रहे  !
  • एक सूटेबल वातावरण बनाना जो की नौजवानो को मोटीवेट करे आर्म्ड फाॅर्स  कैरियर  बनाने के लिए 

इस प्रकार से NCC  की स्थापना , NCC  का उद्देश्य , NCC का फ्लैग तथा NCC का लक्ष्य से सम्बंधित यह ब्लॉगपोस्ट  समाप्त हुई !म्मीद है की यह पोस्ट पसंद आया होगा और कुछ लाभप्रद जानकारी प्रदान हुई होगी  !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

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  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल

राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाता है उसकी नफरी कितनी की होती है?

 हमने अपने ड्रिल के पिछले ब्लॉग पोस्ट में यह जाना की सावधान पोजीशन में दोनों पैरो के पैन्जो के बिच कितना डिग्री का कोण बनता है और इस ब्लॉग पोस्ट में हम जानेगे की राष्ट्रपति को जो सरमोनिअल परेड में गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाता है उसकी नफरी कितनी की होती है !(Total strength required for President Guard of Honour)

President visit to Lakshadweep(Google pic)

राष्ट्रपति अपने  देश का प्रथम नागरिक होता है उनका हर मूव और कृत का एक लिखित  प्रोटोकॉल होता है और उसी के अनुसार पूरी गतिविधिया होती है वह  जब भी किसी प्रदेश या संस्था का दौरा करते है !आप यह देखते होगा की राष्ट्रपति जहा कही जाते है तो  पहला स्वागत गार्ड ऑफ़ ऑनर (Guard of Honour)दे कर की की जाती है ! अब यह सवाल उठता  की क्या राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ़ ऑनर देने के लिए कुल कितनी नफरी होगी ! क्या कोई  प्रोटोकॉल बना हुवा है या जो भी  राज्य को जितनी नफरी का  गार्ड ऑफ़ ऑनर देना है वह अपने निर्णय  करते है !

जरूर पढ़े:पुलिस फाॅर्स में सिविल ड्रेस के बारे गाइड लाइन है?

तो उपरोक्त सवाल का जवाब होगा नहीं कोई भी राज्य या संस्था यह खुद निर्णय  नहीं करती है बल्कि BPR &D के द्वारा बनाई गई एक ड्रिल मैन्युअल(BPR&D Drill manual) है जिसे आम तौर पर देश भर की जितनी यूनिफार्म फाॅर्स है वह सभी इसको अनुसरण  करती है और उस सी ड्रिल मैन्युअल में साफ साफ लिखा  की राष्ट्रपति या और किसी भी VVIP  को गार्ड ऑफ़ ऑनर कब और कितने की नफरी का दिया जायेगा !


BPR &D के द्वारा बनाई गई ड्रिल मैन्युअल के चैप्टर XXVII  में यह साफ लिखा है  की राष्ट्रपति या और कोई VVIP  उसकी कितनी  नफरी का गार्ड ऑफ़ दिया  जायेगा , कब दिया जायेगा और उसको कौन कमांड करेगा तथा 2 I /C कौन से रैंक के अफसर रहेगा !

BPR &D के द्वारा बनाई गई ड्रिल मैन्युअल के चैप्टर XXVII  के अनुसार राष्ट्रपति को 150  की नफरी और 2  बैंड  का  गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाना चाहिए   अगर किसी यूनिट या प्लेस पर बैंड  उपलब्ध नहीं हो तो 2 विगुलर  को भी रखा जा सकता है बैंड के जगह पर ! 

जरुर पढ़े : खड़े खड़े सलूट का तरीका और जरुरत

यह गार्ड ऑफ़ ऑनर राष्ट्रपति के पब्लिक  दौरा होने पे दिया जायेगा ! यह गार्ड ऑफ़ ऑनर राष्ट्रपति के आने तथा जाते समय दिया जायेगा !  सभी ऑफिसियल दौरा पब्लिक दौरा नहीं होता है बल्कि उसके लिए फॉर्मल नोटिफिकेशन  केंद्र सरकार  द्वारा निकला  जाता है ! और राष्ट्रपति के गार्ड ऑफ़ ऑनर को कमांड एडिशनल एसपी रैंक का अफसर करता है था उसका द्वितीय कमांड या हिंदी में कहे तो 2 I /C  डीएसपी रैंक का अधिकारी होता है !

यह गार्ड ऑफ़ ऑनर दो बराबर बंटी  हुई टुकड़ी (Guard will be formed up in two equal division)में फालेन होती है जो की सेरेमोनियल ड्रेस में रहती   है ! गार्ड 2  लाइन में फालेन होता और अगली से पिछली लाइन के बिच 4   स्टेप्स की दुरी होगी तथा और लाइन में दो जवानो के बिच 24 " की दुरी होती है !

जरुर पढ़े : 5 स्टेप्स में तेज चाल से पीछे मुड की पूरी करवाई

यह भी जानकारी रखनी चाहिए की गार्ड ऑफ़ ऑनर  मार्च पास नहीं करती है और BPR &D के द्वारा बनाई गई ड्रिल मैन्युअल के चैप्टर XXVII के अनुसार सूर्यास्त से सूर्योदय(No Guard of Honour between Sunset to Sunrise time)  के बिच गार्ड ऑफ़ ऑनर नहीं दी जासकती है !


इसी के साथ पराष्ट्रपति को गार्ड ऑफ़ ऑनर देने का समय और नफरी से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !ऊम्मीद है की यह पोस्ट पसंद आया होगा और कुछ लाभप्रद जानकारी प्रदान हुई होगी  !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

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  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
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