Monday, July 10, 2017

रोड ओपनिंग पार्टी/पट्रोल और उसके महत्व के बारे


पिछले पोस्ट में हमने पोस्ट में हमने अम्बुश के जबानी हुक्म और उसके सामिल होने वाले तथ्यों के बारे में जानकारी हासिल की है ! इस पोस्ट में हम ROP(रोड ओपनिंग पार्टी/पट्रोल ) और उसके महत्व के बारे (ROP aur uska mahatw)में जानेगे !


आज के समय में जहा आतंकवाद तथा नक्सलवाद की गतिविधिया इतनी बढ़ गई जिससे यह जरुरी हो गया है की सुरक्षा बल , नेताओ, VIP तथा साजोसामान को उनकी यात्रा के दौरान रोड पर या रेल में सुरक्षा कवर प्रदान किया जाये ! 
अतंकवादियो ने पहले भी कई बार पहाड़ी, जंगलो तथा मैदानी इलाको में सुरक्षाबलों, तथा VIP के कॉन्वॉय पर हमला करके बहुत ही भरी जान और माल का नुकशान पहुचाया है ! बहुत ही केसों में अम्बुश और IED का इस्तेमाल किया है !

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इन सब बातो को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बालो या VIP कॉन्वॉय  के मूवमेंट को पूरा योजनाबद्ध तरीके से प्लान की जाती है और उसके सुरक्षा के लिए  ROP(Road Opening Party/Patrol) का भी इस्तेमाल किया जाता है !


इस विषय को अच्छी तरह से समझने के लिए हम इस पोस्ट को निम्न बिंदु सार बनते है :
Road Opening Party(प्रतीकात्मक )



  1. ROP क्या है ?(Road Opening Party kya hai )
  2. ROP क्यों लगाई जाती है ?(Road Opening party kyo lagai jati hai)
  3. ROP लगाने का तरीका !(Road opening party/patrol lagane ka tarika)
  4. ROP के सिद्धांत (Road opening party/patrol ka tarika)
  5. रोड प्रोटेक्शन ड्रिल के लिए जरुरी बाते कौन कौन सी है ?(Road Protection drill ke lie jaruri bate kaun kaun si hai)
  6. कॉन्वॉय प्रोटेक्शन के दौरान अम्बुश और IEDs लगाने के संभावित जगह कौन कौन से हो सकते है ?(Convoy Protection ke dauran ambush aur IEDs lagane ke sambhawit jagah kaun kaun se ho sakte hai )

1. ROP क्या है ?(Road Opening Party kya hai ): ROP सुरक्षा बालो का  दस्ता होता है जो सुरक्षा बालो/VIP कॉन्वॉय के मूवमेंट के दौरान  आतंकवाद प्रभावित इलाकों कॉन्वॉय को  सुरक्षा प्रदान करने के लिए रोड के दोनों तरफा लगाया जाता है !

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2. ROP क्यों लगाई जाती है ?(Road Opening party kyo lagai jati hai):जैसे की ऊपर बताया गया है की ROP कॉन्वॉय प्र्तेक्तिओन्के लिए लगाया जाता है !  कॉन्वॉय मूवमेंट जब आतंक प्रभावित इलाको में होता है तो वह कॉन्वॉय के ऊपर अतंकवादियो के और से हमला जैसे :

  • आतंकवादियो द्वारा अम्बुश करना 
  • माइंस /बारूदी सुरंगों (IEDs) को रिमोट या बिना रिमोट से ब्लास्ट करना !
  • राकेट अटैक करना 
  • सुसाइड अटैक करना 
इन और दुसरे किसी भी प्रकार के खतरे से कॉन्वॉय का रक्षा करने के लिए ROP लगाई जाती है !इसको लगाने से कॉन्वॉय प्रोटेक्शन के साथ साथ एरिया डोमिनांस और इंटेलिजेंस कलेक्शन भी हो जाता  है !

3.ROP लगाने का तरीका !(Road opening party/patrol lagane ka tarika): आतंकवाद ग्रस्त इलाके में आतकवादी सुरक्षा बालो या उनकी कॉन्वॉय के खिलाफ अम्बुश तथा IEDs  इस्तेमाल कर लाइन ऑफ़ कम्युनिकेशन में बाधा उत्पन्न कर सकते है ! इसलिए जरुरी है की कॉन्वॉय मूवमेंट या सुरक्षा बालो के मूवमेंट से पहले रोड/रेल तथा उनके चारो तरफ का इलाका तथा शाकीय जगह को अच्छी तरह से सर्च किया जाय ! यह हासिल करने के लिए निम्न तरीको से रोड ओपनिंग किया जा सकता है :
  • पिकेटिंग  से
  • चुनी हुई जगहों पर हथियार बंद टोली द्वारा 
  • फुट/मोबाइल पट्रोल द्वारा 
  • शाकीय अम्बुश पॉइंट को कवर कर के  
  • ऊपर बताये गए तरीको के मिश्रण से 
4.ROP के सिद्धांत (Road opening party/patrol ka tarika):रोड ओपनिंग पार्टी के लिए मुकरर किये हुए जवानों को अपनी मूवमेंट की सिकेरेसी और सरप्राइज को कायम रखने के लिए अपनी पोस्ट को रात के समय ही छोड़ देनी चाहिए !

और पहले से मुकरर की हुई रोड के करीब की जगह पे आ जनि चाहिए ! सुबह की रौशनी के बाद ही रोड को क्लियर करने का काम पूरा करना चाहिए !

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रोड के दोनों तरफ के फ्लांक को बड़ी सावधानी के साथ सर्च कर यह यकीं करलेना चाहिए की कोई टोली छुपाव हासिल कर अम्बुश की करवाई न कर सके ! और निम्नलिखित सिद्धांतो पे खास ध्यान दिया जाय :
  • विस्तार के पुरे इलाके की रैकी की जाये 
  • पुरे इलाके को फायर तथा ऑब्जरवेशन से कवर किया जाय 
  • सभी मूवमेंट को टैक्टिकली किय जाए 
  • रोड के दोनों तरफ छोटे हथियारों की कारगर रेंज तक का एरिया को सर्च किया जाय 
  • पुल और कलवर्ट को फिजिकली गार्ड किया जाए 
  • मिलाप के अच्छे साधन हो 
  • कॉन्वॉय चलने से कम से कम 30 मिनट पहले ROP द्वारा क्लीयरेंस मिल जनि चाहिए !
5.रोड प्रोटेक्शन ड्रिल के लिए जरुरी बाते कौन कौन सी है ?(Road Protection drill ke lie jaruri bate kaun kaun si hai):रोड क्लीयरिंग करने के लिए अपने जाने वली ड्रिल इलाके व जमीन की बनावट व रौशनी पर निर्भर करती है इसलिए यह जरुरी है की ROP करते समय कमांड और कण्ट्रोल को कायम रखने के लिए पहले से ही ड्रिल के अधर पर रूप रेखा तैयार का ली जाए !

इसके लिए कुछ जरुरी बाते इस प्रकार से है :
  • पुरे इलाके को सेक्टर और सब सेक्टर में बाँट ली जाए !
  • ट्रूप्स को सब यूनिट/ग्रुप्स में बाँट कर लेनी चाहिए 
  • कॉन्वॉय के चलने से 30 मिनट पहले ROP ट्रूप्स को अपनी जगह ले लेनी चाहिए !
  • कॉन्वॉय रूट के ऊपर शाकीय जगहों की पहचान काफी सोच समझकर की जनि चाहिए !
  • ROP की लोकेशन बदलते रहनी चाहिए !
  • कमांड को डीसेंट्रलाइज किया जाना चाहिए !
  • फ्लांक को LMG/MMG के द्वारा कवर कर के रखना चाहिए !
  • मोबाइल रिज़र्व को पहले से ही ध्यान में रख कर डिटेल कर रखना चाहिए !
  • ROP ट्रूप्स को सैंड मॉडल या क्लॉथ मॉडल पर ब्रीफिंग की जाए !

6. कॉन्वॉय प्रोटेक्शन के दौरान अम्बुश और IEDs लगाने के संभावित जगह कौन कौन से हो सकते है ?(Convoy Protection ke dauran ambush aur IEDs lagane ke sambhawit jagah kaun kaun se ho sakte hai ): एक माइन या IEDs आतंकवादियो द्वारा किसी एक ऐसे रिफरेन्स के नजदीक लगाई जाती है जिससे ब्लास्ट करने में आतंकवादी को मदद मिल सके ! IEDs(Improvised Explosive Device) को रोड के दोनों तरफ से खोदकर बिलकुल बीच में भी लगाया जा सकता है ताकि रोड ऊपर से देखने में बिलकुल सामान्य लगे !  

यदि आतंकवादी जल्दीबाजी में IEDs(Improvised Explosive Device) लगते है तो कामोफ्लाज करने के लिए पत्थरो , गोबर तथा तजि खुदी हुई मिट्टी या कोलतार का इस्तेमाल कर सकते है इसलिए ताजिखुदी हुई मिट्टी या पेड़ पौधे या बनस्पति के साथ छेड़ छाड़ होना होना IEDs(Improvised Explosive Device) की संभाना की और इंगित करती है !

IED/अम्बुश ज्यादातर निम्न जगहों पर लगाये जा सकते है :
  • डीफाइल (defiles)
  • पुल या कलवार्ट
  • मोड़ या तरच जंक्शन पर 
  • बिल्ट-अप एरिया में 
  • ऐसी छुपाव वाली जगह जो देखनेमे एक दम इनोसेंट लगे !

इस प्रकार से यह रोड ओपनिंग पार्टी तथा उसका महत्व से सम्बंधित  एक संक्षिप  ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की पोस्ट आपको पसंद आएगा ! अगर कोई  या ब्लॉग के बारेमे हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ! और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक शेयर तहत लिखे करके हमलोगों को प्रोतसाहित करे और अच्छा करने के लिए !  

डाउनलोड पीडीऍफ़ ROP और उसका महत्व (PDF of ROP ka mahatw)


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