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26 December 2020

कॉनिकल हिल से क्या समझते हैं और उसे मैप पर कैसे दर्शाया जाता है? what is Hill, Mountain,conical hill ,

 पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने मैप रीडिंग के मैप इनलारजमेंट के बारे में जानकारी प्राप्त की थी और अब हम इस नए पोस्ट में मैप रीडिंग की एक और 20 है के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। हम जानेंगे की टोपोग्राफिकल फॉर्म्स में हील और माउंटेन क्या होते हैं।

इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़ने के बाद आप टोपोग्राफिकल फॉर्म के निम्नलिखित शब्दों के बारे में अच्छी से जानकारी प्राप्त कर पाएंगे:
1. हिल या पहाड़ी क्या होता है? 
2. पहाड़ या माउंटेन किसे कहते हैं?
3. क्रॉनिकल हिल से क्या समझते हैं और उसे मैप पर कैसे दर्शाया जाता है?
4. चोटी से क्या समझते हैं और उसे मैप पर कैसे दर्शाया जाता है?


जैसे कि हम जानते हैं कीटो ग्राफिकल फॉर्म के सहायता से मैप रीडिंग की सिखलाई में वह चीजें टोपोग्राफिकल फॉर्म कहलाती है जिनसे उनकी जमीनी बनावट का सहज अनुमान हो जाता है।

1.हील या पहाड़ी क्या होता है:-जमीन के उस उठे  हुए भाग को पहाड़ी कहते हैं जिसकी ऊंचाई समुंदर तल से 3000 हजार फिट से कम होती है।

2. पर्वत या माउंटेन किसे कहते हैं:-जमीन का वह ऊंचा उठा हुआ भाग जिसकी ऊंचाई समुंद्र तल से 3000 फीट से अधिक हो उसे परबतिया माउंटेन कहते हैं।

3. कॉनिकल हिल से क्या समझते हैं और उसे मैप पर कैसे दर्शाया जाता है:-वह पहाड़ी जिसकी सभी ओर की ढलान एक जैसी हो, उसकी शक्ल नीचे से गोल कार होती है! इस को दिखाने वाली कंटूर लाइन मैप पर भी गोलाकार होती है !और आखिर में सबसे ऊंचे स्थान पर बिंदु की शक्ल में बदल जाती है। कॉनिकल हिल आमतौर पर ज्वालामुखी वाले देशों में पाई जाती है। मैप के ऊपर इसे भूरे रंग के कानपुर लाइन से इस प्रकार से दिखाया जाता है।

4. चोटिया पिक क्या होता है इसको मैथ के ऊपर कैसे दर्शाया जाता है:-किसी पहाड़ि या पर्वत की सबसे ऊंची जगह को चोटी कहते हैं। मैप पर चोटी की ऊंचाई स्थानिक ऊंचाई या त्रिभुजाकार ऊंचाई से दिखाई जाती है। मैप के ऊपर इसे भूरे रंग के कंटूर लाइन से इस प्रकार से दिखाया जाता है।

इस प्रकार से यहां टोपोग्राफिकल का एक ब्लॉग पोस्ट जिसमें कि हमने हील माउंटेन कोनिकल हील और चोटी से संबंधित जानकारी प्राप्त की। उम्मीद है कि यह पोस्ट आपको पसंद आएगा। अगर कोई कमेंट हो तो नीचे के कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पर लाइक करें और हम लोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित करें।
इन्हें  भी  पढ़े :
  1. मैप रीडिंग में दिशाओ के प्रकार और उत्तर दिशा का महत्व
  2. दिन के समय उत्तर दिशा मालूम करने का तरीका
  3. कन्वेंशनल सिग्न ,कन्वेंशनल सिग्न के प्रकार , कन्वेंशनल सिग्न बनाने का तरीका
  4. रात के समय उत्तर मालूम करने का तरीका
  5. सर्विस प्रोटेक्टर का परिभाषा और सर्विस प्रोटेक्टर का प्रकार
  6. सर्विस प्रोटेक्टर का उपयोग और सर्विस प्रोटेक्टर से बेक बेअरिंग पढने का तरीका
  7. 13 तरीके मैप सेट करने का !
  8. 5 तरीका मैप पे ऊपर खुद का पोजीशन को पता करने का
  9. 5 तरीको से मैप टू ग्राउंड और ग्राउंड टू माप जाने
  10. मैप रीडिंग के उद्देश्य तथा मैप रीडिंग के महत्व

06 November 2020

बरेटा लेथल M107 स्नाइपर राइफल की बेसिक जानकारी

 हमने वेपन के ब्लॉग पोस्ट सीरीज के तहत पिछले ब्लॉग पोस्ट में AGS -17  आटोमेटिक ग्रेनेड लांचर के बारे में जानकरी प्राप्त की और उसी सीरीज को आगे बढ़ाते हुए मॉडर्न वेपन के तहत बर्रेट M107 के बेसिक डिटेल(The lethal Barrett M107 anti-personal /anti-material rifle) के बारे में जानकरी प्राप्त करेंगे !

Lethal Barrett M107  एंटी पर्सनल/एंटी मटेरियल राइफल को अमेरिकन आर्मी ने 2008 में अपनाया जो की अमेरिकन मरीन कोर के बर्रेट M82A1  . 50  कैलिबर स्नाइपर सिस्टम के सामान ही था ! बर्रेट M107(Lethal Barrett M107 )ने अमेरिकन आर्मी को इतना कपबले बनाया दिया की इसके स्नाइपर अकुरेटली  1500  2000  मीटर दूर मैटेरियल्स टारगेटस को एक्सट्रीम सरकमस्टांस में भी एंगेज कर सकते थे !

जरुर  पढ़े :SSG-69 राइफल के टेलीस्कोपिक साईट की बेसिक जानकारी

इस हथियार की बनावट ऐसा है के यह बहुत कारगर तरीके से  मटेरियल टारगेट जो की पार्क किया हुवा एयरक्राफ्ट , कम्युनिकेशन्स टार्गेट्स, कम्प्यूटर्स,इंटेलिजेंस साइट्स , अम्मुनिसन डिपो , आयल स्टोर या अर्मोरेंड व्हीकल्स को पूरी तरह से बर्बाद  कर सकते है !

काउंटर स्नाइपर रोल में  बर्रेट (Lethal Barrett M107 )सिस्टम  लॉन्ग रेंज स्टेनडॉफ और स्नाइपर को छोटे रेंज वाले दुश्मन के स्नाइपर से बचाव करता है !

 Lethal Barrett M107  की पूरा सिस्टम  के साथ निम्नलिखित इतेमा होते है :

  • राइफल
  •  डिटैचबल टेन राउंड बॉक्स मागज़ीन
  • पावर डे ऑप्टिकल साइट
  •  एक हैंड ट्रांसपोर्ट केस,
  • एक टैक्टिकल सॉफ्ट केस ,
  • क्लीनिंग और मेंटेनेंस इक्विपमेंट,
  • एक डिटैचबल  स्लिंग ,
  • एक अडजस्टेबले ट्रिपॉड 
  • ऑपरेटर/मेंटेनेंस मैन्युअल 

बाद में आर्मी के डिमांड पर इसमें एडिशनल फ़्लैश , नॉइज़ और ब्लास्ट सिग्नेचर स्प्रेसर लगाया गया जिससे की स्नाइपर का लोकेशन पता न चले फायरिंग के दौरान !

Basic Details of Lethal Barrett M107 

M107 .50 Caliber Long Range Sniper Rifle (LRSR)

  • साल अमेरिकन आर्मी में शामिल हुवा :- 2002  ,
  • कंपनी जो इसे बनती है :Barrett Firearms Company - USA
  • किस रोल में इस्तेमाल :Anti-Tank / Anti-Material / Breaching, long range precision
  • कुल लम्बाई :1450 mm (57 . 09  इंच )
  • बैरल की लम्बाई:508 mm या 20 इंच 
  • कुल वजन :29. 98 lbs ya  13 . 06 kgs 
  • साईट : Adjustable rear, fixed front; MIL-STD-1913 Accessories rail
  • प्रिंसिपल :Recoil Operated rotating bolt , semi automatic,
  • मजल वेलोसिटी :2799 feet per second(853 meter per second)
  • इफेक्टिव रेंज :1850 feet (564 meter, 617 yard)

इस प्रकार सेर यहाँ बर्रेट M107  की बेसिक जानकारी से सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह छोटा पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !

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  6. 7.62 mm MMG को फायर के लिए तैयार करते समय ध्यान मे...
  7. 6 महत्वपूर्ण बाते 84 mm मोर्टार के बारे में
  8. 5 जरुर जाननेवाली बाते 81 mm मोर्टार के बारे में ?...
  9. 81 mm मोर्टार के 10 छोटी छोटी बेसिक बाते
  10. 5 मुख्य बाते 81 mm मोर्टार के फायर कण्ट्रोल से सम

05 November 2020

शत्रु फायर के निचे आने पर क्या करवाई करनी चाहिए?

पिछले पोस्ट में हमने सेक्शन बैटल ड्रिल के दौरान सुरु सुरु की करवाई के बारे में जानकारी प्राप्त की अब इस पोस्ट में हम सेक्शन बैटल ड्रिल से सम्बंधित एक नै पोस्ट के बारे में जानेगे की सेक्शन बैटल ड्रिल के दौरान अगर शत्रु के कारगर फायर के अंदर आ जाते है तो क्या करवाई करेंगे (shatru ke kargar fire ke niche aane par kya karwai karni chahie ?)!

सेक्शन कमांडर जैसे हीवह आगे बढ़ता है तो लगतार इन चीजों के लिए देख भाल करेगा :

  • फायर कण्ट्रोल आर्डर देने के लिए नयी रिफरेन्स पॉइंट चुनता है , जैसे ही सेक्शन आगे बढती है तो वह इस रिफरेन्स पॉइंट अपने जवानों को बतलायेगा !
  • ऐसे मुमकिन पोजीशन जहाँ की सेक्शन शत्रु के कारगर फायर के निचे आने पर पोजीशन ले सकती है अगर मुमकिन हो तो ऐसा पोजीशन सेक्शन कमांडर पहले से ही बता देगा, मसलन अगर सेक्शन शत्रु के कारगर फायरके निचे आ जाती है तो ब्रेन ग्रुप उन झाडियो में और राइफल ग्रुप बांध के साथ पोजीशन पकड़ेगी !
  • कारगर फायर के अन्दर आने पर कुदरतन जवान ज़मीन पर लेट जाने के अदि होते है !यह गलत है क्यों की जब टारगेट खुले मैदान में होता है तभी शत्रु फायर खोलता है ! सबसे बेहतर करवाई यह होगी की जल्दी से भाग कर मुनासिब पोजीशन पकड़ी जाये ताकि शत्रु के लिए एक मुस्किल टारगेट बने !इस तरह करवाई करने से कण्ट्रोल टूट जाने का खतरा है लेकिन अगर निचे लिखी हिदायतों पर गौर किया जाए तो कण्ट्रोल नहीं टूटेगा !
  • आड़ पकड़ने का हुकुम सेक्शन कमांडर के तरफ से हुकुम के तौर पे यानि “आड़ पकड़ो” दिया जाये !
  • आड़ पकड़ने का हुकुम मिलने पर हर एक आदमी नजदीक आड़ को दौड़ के पकड़ेगा या उस आड़ की तरफ जायेगा जो की सेक्शन कमांडर ने पहले से बताई थी ! कोई भी आदमी 15 गज से ज्यादा आड़ पकड़ने के लिए नहीं दौड़ेगा  सिवाए उस हालत के जब की सेक्शन कमांडर की बताई हुई आड़ दूर हो !
  • सब आदमी तेज़ी से आड़ पकड़ेंगे और रेंग कर मुनासिब पोजीशन में जायेंगे ताकि दोबारा उस को हरकत करनी पड़े तो यह न हो की शत्रु पहले से ही उस जगह पर शिस्त लिए हुए हो.
  • हर एक आदमी देख भाल कर के पोजीशन अख्तियार करेगा !अगर कोई आदमी सेक्शन कमांडर की आवाज़ न सुन सके तो रेंग करके नजदीक आएगा .
  • अगर किसी आदमी को दुश्मन की पोजीशन का पता लग जाता है तो बगैर सेक्शन कमांडर के हुक्म का इन्तेजार किए हुए फायर करेंगे !
जब की शत्रु के साथ लगाव हो जाता है तो सेक्शन कोई आदमी बेकार नहीं बैठेगा ! हर एक आदमी में लड़ने का जोश होना चाहिए और वह नीच की करवाई में से कोई एक कम करते रहने चाहिए :

(i)   फायरिंग

(ii)   या देखभाल

(iii)  या देखभाल करने के लिए नै पोजीशन को हरकत

(iv)  या नई फायरिंग पोजीशन की हरकत

(v)   या असाल्ट के लिए हरकत

·  सिवाए बारें नो-1 और 2 के जब की ज़रूरी हो बाकि आदमी एक वक्त में इकठे होकर टारगेट नहीं बनेगे ! खुले इलाके में दिन के समय एक आदमी से दुसरे का दुर्मियाँ ५ गज से कम फासिला नहीं होना चाहिए !

·      सेक्शन कमांडर के तरफ से आड़ पकड़ो के हुकुम पर यह करो

“ दौड़ो,लेटो,रेगो ,देखो,, साईट लगाओ और फायर करो “

इस प्रकार से से शत्रु  फायर के निचे आने पर क्या करवाई करनी चाहिए से सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुई !उम्मीद है की आप को पसंद आएगी !इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !

इसे भी पढ़े : 
  1. ऑपरेशनलन आर्डर क्या होता है और ऑपरेशनल आर्डर पास करने के तरीके
  2. वर्बल आर्डर देनेका तरतीब और तरीका क्या होता है ?
  3. वर्बल आर्डर में जमीनी निशान देने का तरीका क्या होना चाहिए ?
  4. फौजी टैक्टिकल वर्ड गुरिल्ला बैंड और गुरिल्ला बेस क्या होता है ?
  5. काउंटर इन्सेर्जेंसी पेट्रोलिंग और कन्वेंशनल पेट्रोलिंग में अंतर
  6. CI पेट्रोलिंग के प्रकार और CI पेट्रोलिंग के लिए जरुरी बाते
  7. CI ऑपरेशन के दौरान की पेट्रोलिंग करते समय ध्यान में रखनेवाली कुछ मुख्य बाते
  8. ड्राइव एंड हंट ऑपरेशन क्या होता है ?
  9. ड्राइव एंड हंट ऑपरेशन की पहले स्टेज में की जानेवाल...
  10. ड्राइव एंड हंट ऑपरेशन के स्टेज-2 की करवाई और पार्...

03 November 2020

सेक्शन बैटल ड्रिल दौरान से पहले और सुरु की करवाई

 टैक्टिस के  पोस्ट में हमने गुर्रीला लड़ाई से  हिदायतों  जानकारी प्राप्त की थी आप इस ब्लॉग पोस्ट  सेक्शन बैटल ड्रिल  दौरान  से पहले और सुरु की करवाई (Section Battle Drill-ladai ke lie shuru ki karwai)के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे ! 

जरुर  पढ़े :SSG-69 राइफल का इस्तेमाल और रख रखाव

जैसे  जैसे के हम जानते है की सेक्शन बैटल ड्रिल की पूरी करवाई कई भागो में पूरी होती है जिसकी बाँट हम निम्न सेक्शन में कर सकते है ! तो इस सेक्शन बैटल ड्रिल ड्रिल  में लड़ाई के सुरु की करवाई के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे :

जरुर  पढ़े :7.62 mm एसएलआर का बेसिक डाटा -I

लड़ाई के लिए शुरू की तैयारिया :लड़ाई की शुरू की तैयारी के हिसाब में  दी हुई   की ये सब तैयार रहे लड़ाई :

  • कामोफ्लाज :स्टील हेलमेट , झोला, चमकती चीज़े वैगरे की कुदरती शकल को कामोफ्लाज नेट और इलाके की मौसमी चीजों के जारी बदली करना !
  •  यकिंग करना की अमुनिसनसाफ है मगज़ीन और चार्जर ठीक भरे हुए है, ग्रेनेड ठीक से साफ और प्राइम किए गए है और राइफल का अमुनिसन ठीक पाउच में है ! हर एक जवान के पास टारगेट बताने के लिए ट्रेसर राउंड होना चाहिए! स्मोक ग्रेनेड स्केल के लिहाज़ से लेने चाहिए !
  •   यकीं करना की हथियार दुरुस्त और साफ हालत में है ! इलाके और आबोहवा के लिहाज से तेल दिया गया है की नहीं ! बैटल साईट लगी हुई है या नहीं !

बैटल ड्रिल को कामयाब बनाने वाली बाते :बैटल ड्रिल को कामयाब बनाने के लिए निचे दी हुई बातें ज़रूरी है :

  •       हरेक जवान के पास ट्रेसर राउंड टारगेट बताने के लिए तैयार हो !
  • ·      हरवक्त सेक्शन कमांडर को ज़मीन को देखते देय सेक्शन फार्मेशन बदल देनी चाहिए ! सेक्शन की नुनियादी फार्मेशन सिंगल फाइल , फाइल , एरो हेड डायमंड , स्पीयर हेड और एक्सटेंडेड लाइन है! उसको हर वक्त इस बात के बारे में सोचते रहने चाहिए की उसका ग्रुप कौन से फार्मेशन में किस जगह बेहतर होगा !
  • ·      कई एक सादे इशारे जवान का धयान खीचने के लिए भी मुकरर होने चाहिए , ताकि उन को लीद्र्र के इशारों को देखने या सुनने पर क्या करवाई करनी है !
  • ·      सेक्शन इतनी सिखलाई पाई हुई होनी चाहिए की उन को इलाके में इक्का दुक्का फिरे आने के बावजूद भी अपनी हरकत जरी रखे !
  • ·      जैसे ही शत्रु का कारगर फिरे यानि वोह फिरे जिस से की एडवांस जरी रखना मुस्किल हो जाये या कासुअलिटी होनी सुरु हो जाएँ तो एक दम बैटल ड्रिल का इस्तेमाल सुरु कर देनी चाहिए !
 पढ़े :SSG-69 राइफल के टेलीस्कोपिक साईट की बेसिक जानकारी

 इस प्रकार से सेक्शन बैटल ड्रिल में लड़ाई के सुरु की करवाई(Section Battle Drill-ladai ke lie shuru ki karwai) से सम्बंधित पोस्ट जो की काफी छोटा पोस्ट था समाप्त हुवा !उम्मीद है की आप को पसंद आएगी !इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !
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  1. ऑपरेशनलन आर्डर क्या होता है और ऑपरेशनल आर्डर पास करने के तरीके
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APS असाल्ट राइफल की बेसिक जानकारी

पिछले पोस्ट में हमने AGS-17  आटोमेटिक ग्रेनेड लांचर के बारे में जानकारी प्राप्त किया और इस पोस्ट में हम APS  स्पेशल अंडर वाटर असाल्ट राइफल की बेसिक जानकारी(APS-Special Under Water Assault Rifle ki basic jankari ) प्राप्त करेंगे !

APS स्पेशल अंडर वाटर असुअलट राइफल रूसियन मेड  असाल्ट राइफल है जिसका पूरा नाम  "Avtomat Podvodny Spetsialny"  है ! यह एक स्पेशल डिज़ाइन राइफल है जिसमे 5. 66 mm डार्ट काट्रिज 26  राउंड की मैगजीन इस्तेमाल किया जाता है  !

जरुर  पढ़े :SSG-69 राइफल के टेलीस्कोपिक साईट की बेसिक जानकारी

जैसे की हम जानते है की स्पेशल इन्फेंट्री को अपने टास्क कोअचीव  करने के लिए वैसी ही स्पेशल हथियार की जरुरत पड़ती है जैसा उसका टास्क होता है ! सोवियत इंजीनियर  ने अमेरिकान  नेवी सील(Navy Seal ) को काउंटर करने के लिए इस स्पेशल वेपन ईजाद किया जिसके मदद से अमेरिकान  सील जो की अंडर वाटर मार्क्स कमांडो है उनको काउंटर करने के लिए इस APS असाल्ट राइफल को बनाया !

इस वेपन को डिज़ाइन करना उतना आसान नहीं था क्यों की इसको ऐसा बनाना था की यह अंडरवाटर के साथ साथ ओवर वाटर भी फायर कर सके क्यों की कोई भी कमांडो ऑपरेशन  चाहे नेवी सील का  ही क्यों न हो पूरी लड़ाई अंडर वाटर ही नहीं करती है बल्कि उसे ओवर वाटर ऑपरेशन भी करना पड़  जाता है ! इस लिए  टफ टास्क था की ऐसा असाल्ट राइफल डिज़ाइन किया जाय  जो की कुछ किलिंग पावर को रेटेन करके रखे ऑन ग्राउंड फायर  करने केलिए इस जरुरत को पूरा करने के लिए गैस ऑपरेटेड सिस्टम विथ रोटेटिंग बोल्ट जो की AK -47  की तरह नहीं हो क्यों की इसे अंडर वाटर भी इस्तेमाल करना है !

जरुर  पढ़े :SSG-69 राइफल का इस्तेमाल और रख रखाव

APS  असाल्ट राइफल का प्राइमरी टास्क अंडरवाटर फायरिंग है इस लिए इस समस्या की समाधान के लिए एक ऐसा चैम्बर बनाया गया जो की और सब राइफल से यूनिक है जिसमे फिन-स्टैबिलीज़ेड डार्ट/बोल्ट जो की पहले के असाल्ट राइफल में इस्तेमाल होने वाले चैम्बर के एकदम विपरीत बनाया गया और इसमें ट्रेडिशन कार्ट्रिज का इस्तेमाल नहीं किया जाता है बॉडी 5 इंच लम्बा मेटल डार्ट वाला काट्रिज इस्तेमाल होता है ! इस असाल्ट राइफल का कैलिबर ऑफिशियली 5. 66  x  39  mm  MPS  है जो की पॉइंटेड हेड और बुलजड रियर सा होता है !

जरुर  पढ़े :SSG-69 राइफल की रख रखाव और सफाई का तरीका

इस असाल्ट राइफल का कार्ट्रिज सोवियत 5 . 56 x 45  mm  राउंड्स की तरह होता है ! इसमें २६ राउंड प्लास्टिक का बना हुवा डिटैचेबल  मागज़ीने का इस्तेमाल होता है जो की पानी के अंदर ज्यादा ड्रैग पैदा करता है !

बेसिक डाटा ऑफ़ APS  असाल्ट राइफल

  • ईयर ऑफ़ मैन्युफैक्चरिंग :1975 
  • कंपनी :Tula Arms Plant; TsNIITochMash - Soviet Union
  • रोल :- Frontline / Assault
  • कुल लम्बाई :823 mm (32.40 in)
  • बैरल की लम्बाई :300 mm (11.81 in)
  • वजन :5.29 lb (2.40 kg)
  • साइट :Iron Front and Rear.
  • वर्किंग प्रिंसिपल :Gas-Operated; Rotating Bolt
  • मजल वेलोसिटी :1,200 feet-per-second (366 meters-per-second)
  • रेट ऑफ़ फायर :600 rounds-per-minute
  • इफेक्टिव रेंज :100 ft (30 m; 33 yd)

इसके साथ ही APS  असाल्ट राइफल की बेसिक जानकारी से सम्बंधित पोस्ट सम्पत हुवा !उम्मीद है की यह छोटा पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !


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  8. 5 जरुर जाननेवाली बाते 81 mm मोर्टार के बारे में ?...
  9. 81 mm मोर्टार के 10 छोटी छोटी बेसिक बाते
  10. 5 मुख्य बाते 81 mm मोर्टार के फायर कण्ट्रोल से सम

01 November 2020

AGS -17 आटोमेटिक ग्रेनेड लांचर की बेसिक जानकारी

 पिछले  पोस्ट में हमने AGS -30  के बारे जानकारी प्राप्त की और अब इस नई ब्लॉग पोस्ट में हम ASG-17 आटोमेटिक ग्रेनेड लांचर के बारे में जानकारी (AGS-17 automatic Grenade launcher ka basic jankari )प्राप्त करेंगे ! AGS -30   के आने से पहले AGS -17  का ही इस्तेमाल किया जाता था !

 जैसे की हम जानते है की AGS -17  और AGS -30 दोनों रूस की बानी हुई ग्रेनेड  लांचर है और इस लांचर का तुलना अमेरिकन Mk 19 40mm ग्रेनेड लांचर से किया जाता है !  AGS -17  का पूरा नाम  AGS -17 (Plamya) है !यह रूसियन आर्मी में सं 1970 में शामिल किया गया और इसका प्रोडक्शन आज भी होता है ! इसका इस्तेमाल बहुत से लड़ाइओ के दौरान किया  की सोवियत - अफगान वॉर , चेचेन वॉर , सीरियन  यदि ! इस हथियार को एशिया की बहुत से देश की आर्मी इस्तेमाल करती है जैसे की अफगानिस्तान , चीन , भारत, इराक,यदि ! 

जरुर  पढ़े :SSG-69 राइफल के टेलीस्कोपिक साईट की बेसिक जानकारी

इस हथियार को विशेषकर अमेरिकन Mk 19 सीरीज के  ग्रेनेड लांचर थे उनको काउंटर करने के लिए डेवेलॉप किया गया था जो की छोटे एरिया में इकठा दुश्मन के खिलाफ काफी कारगर हथियार साबित हुवा था ! AGS -17  भी अमेरिकन लांचर का भी फंक्शन और प्रिंसिपल पे काम करता है और आर्टिलरी के सामान सपोर्ट /सप्रेशन फायर पावर मध्यम से लांग रेंज में प्रदान करता है !

AGS -17 का बनावट एक रेक्टेंगुलर काफी मजबूत  लास्टिंग रिसीवर  का है का है ! इसका जीतन भी चाल वाले पुर्जे और मैकेनिक है सब पीछे है इसका फीड  बिच में स्थित है ! बेल्टेड ग्रेनेड को रिसीवर के  राइट साइड से फीड किया जाता है फायर केस इजेक्ट होता है लेफ्ट साइड से  !

जरुर  पढ़े :SSG-69 राइफल का इस्तेमाल और रख रखाव

बैरल इसका  जिसके अंदर ग्रूव्ज़ बने होते है ! इसका ट्रिपॉड अडजस्टेबले,हैवी ड्यूटी बना होता है और जिसके मदद से डायरेक्ट और इन डायरेक्ट फायर किया जा सकता है ! फायरर इस हथियार को हॉरिजेंटल गृप के द्वारा इधर उधर के मूवमेंट को रोकता है वही यह वेपन बलोबैक ऑपरेशन के सिद्धांत पर काम करता  है और एक मिनट में 400  ग्रेनेड फायर करता है !

इसका इफेक्टिव रेंज  1700  मीटर होता है और ज्यादा एक्यूरेट फायर डालने के लिए इसके साथ अडजस्टेबल ऑप्टिकल आयरन साइट  आता है जो की  पिछले हिस्से में फिट किया जाता है ! इस हथियार का वजन 31 किलोग्राम होता है !

AGS -17 में 30 x 29 mm  स्टील काट्रिज ग्रेनेड का इस्तेमाल किया जाता है जो की 30  राउंड बेल्ट के द्वारा फीड किया जाता है जिसके लिए स्नैल टाइप कंटेनर रिसीवर के राइट साइड में लगा रहता है जिसके द्वारा ग्रेनेड फीड किया जाता है !

जरुर  पढ़े :SSG-69 राइफल की रख रखाव और सफाई का तरीका

इस्तेमाल की बहुत ही काम समय में इस वेपन ने अपना उच्च उपयोगिता साबित कर दिया ! यह एक प्रभावी सप्रेसिव वेपन के तौर पे जिसका इस्तेमाल दुश्मन के जवान हिली एरिया में छुपे हुवे हो उन्हें मरने और भागने में काफी उपयोगी साबित होने लगा ! कुछ समय के अंदर स्पेशल व्हीकल माउंट्स को भी भी डेवेलोप किया गया जिसके सहायता से व्हीकल के अंदर के अंदर बैठ कर के भी ग्रेनेड फायर किया जा सकता है !

बेसिक डाटा(Basic Data) 

  • इस्तेमाल में  साल : 1995 
  •  बनानेवाली फैक्ट्री : KBP Instrument Design Bureau - Soviet Union / Russia; Arsenal AD - Bulgaria; NORINCO - China
  • लम्बाई : 840 mm (33.07 in)
  • वजन :68.34 lb (31.00 kg)
  • साइट :Adjustable Iron Sights; Optional Optics
  • प्रिंसिपल : Blowback; Automatic Fire
  • मजल वेलोसिटी :606 feet-per-second (185 meters-per-second)
  • रेट ऑफ़ फायर :400 rounds-per-minute
  •  इफेक्टिव रेंज :5,741 ft (1,750 m; 1,914 yd)

इस प्रकार से यहाँ AGS -17 आटोमेटिक ग्रेनेड लांचर  की बेसिक जानकारी से सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह छोटा पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !


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