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Thursday, February 11, 2016

ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है

ऐसे हमे ट्रेनिंग के दौरान बताया जाता था की “ड्रिल डीसीप्लिन का बुनियाद है “ और हमने अपने सर्विस के दौरान ये बात महसूस भी किया और देखा जिस जवान या सिपाही का ड्रिल आच्छा है उसका अनुसाशन भी उम्दा दर्जे का है! जिस यूनिट के जवानो का ड्रिल अच्छा है उनका ड्रेस पहने का और चलने का सब सलीका भी एक अनुशाषित वे में रहता है ! तो अगर ड्रिल की अनुशाशन में इतना अहमियत है तो ड्रिल को हम उम्दा तारीके से कैसे इम्पार्ट कर सके इस पे भी हम ध्यान देना चाहिए. ऐसे तो ड्रिल की जितनी भी करवाईय है उसे हम वर्ड ऑफ़ कमांड के अनुसार ही करते है इसलिए ड्रिल के लिए वर्ड ऑफ़ कमांड भी अच्छा हो ना चाहिए
वर्ड ऑफ़ कमांड को हम कैसे अच्छा कर सकते है! How to improve power of command?
i.                    रेगुलर प्रैक्टिस से.
ii.                  रेगुलर परेड कमांड करके
iii.                वर्ड ऑफ़ कमांड उच्ची आवाज में देना चाहिए!
iv.                 वर्ड ऑफ़ कमांड का आवाज़ पेट से निकले.
v.                   वर्ड ऑफ़ कमांड साफ होना चाहिए की पलटन आसानी से समझ सके
vi.                 वर्ड ऑफ़ कमांड उच्चा होना चाहिए की पलटन सुन सके.
वर्ड ऑफ़ कमांड  दो तरह का होता है !How many type of word of Command
              i.     आगाह करने वाला (Cautionary).
ii.              अमल करनेवाला (Executive)
सही परेड करने में इन दोनों कमांड को सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए ! Cautionary वह कमांड होता है जो parade करने वालो को आगाह करता है की उन्हें कुछ करना है और Executiveकमांड वो कमांड होता ही जो उन्हें करना है ! इस लिए इन दोनों तरह के वर्ड ऑफ़ कमांड के बिच उचित वफ़ा देना चाहिए. तेज चल में कोई भी वर्ड ऑफ़ कमांड  देते समय ये निश्चित करना चाहिए की Cautionary और Executive में दो कदम का फासला होना चाहिए. और अगर धीरे चल में हो तो  एक कदम का !


Savdhan Position
Savdhan Position
वर्ड ऑफ़ कमांड देते समय ध्यान में रखने वाली कुछ बाते है(points to be kept in mind while giving command) जिसे ध्यान में रखने पे वर्ड ऑफ़ कमांड का असर ज्यादा पड़ता है पलटन के ऊपर और पलटन उसका सही अनुसरण करता है !
i.                    वर्ड ऑफ़ कमांड कभी भी तोतालते हुवे न दे.
ii.                  गला ख़राब हो तो वर्ड ऑफ़ कमांड न दे
iii.                वर्ड ऑफ़ कमांड देते समय चेहरे को ज्यादा न भिचे , चेहरा समय रखे !
iv.                 वर्ड ऑफ़ कमांड हमेश सावधान पोजीसन से दे.
v.                   वर्ड ऑफ़ कमांड देते वक्त पलटन से उचित दुरी पे खड़ा हो कम से कम १५ कदम
vi.                अगर राइफल के साथ वर्ड ऑफ़ कमांड दे रहे है तो राइफल बगले शाश्त्र पोजीसन में   होगी !
vii.                वर्ड ऑफ़ कमांड हमेशा साफ शब्दों में दे
viii.             वर्ड ऑफ़ कमांड देने के बाद देखे की आपके दिए हुवे कमांड पे पलटन सही ड्रिल कर  रहा है की नहीं !
ix.                 अगर जरुरत पड़े तो कमांड का नमूना देके बताये और उसके बाद अनुसरण कराये.

किसी पुलिस महकमा का डिसिप्लिन का नीव उसके ट्रेनिंग और वह भी ड्रिल के ट्रेनिंग से ही पड़ता है इसलिए ड्रिल करते समय हमेश ड्रिल करने वाले या सिखलाने वालो को खुद एक उम्दा नमूना चाहे वो ड्रेस पहनने का हो या ड्रिल का नमूना देने का सब उम्दा होना चाहिए! अगर ड्रिल करने वाला के under खुद कमी होगी तो वो सही ड्रिल नहीं करा सकता है! इसलिए ड्रिल की अहमियत को समझे और उसे सह से करे और कराये.

ये मेरे तरफ से एक छोटी कोशिश है अगर आपको लगता है की इसमें कुछ एक और पॉइंट जोड़  जाना चाहिए तो उसे आप कमेंट बॉक्स में लिख सकते है जिससे की दुसरे लोग पढ़ कर जानकारी हासिल कर सके और इस तरह से आप दुसरे को मदद कर सकते है.और अगर आप इस पोस्ट को लाइक करते है तो कृपया शेयर करे twitter.com या google plus पे जिससे की दुसरे भी इसे पढ़ सके.

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