13 जून 2018

बैडमिंटन के इतिहास और बैडमिंटन के कोर्ट का नापजोख

पिछले पोस्ट में हमने फिजिकल ट्रेनिंग के कोर्स से सम्बंधित कुछ बेसिक बातो की जानकारी शेयर किया था इस पोस्ट में हम पीटी कोर्स से सम्बंधित विषय "बैडमिंटन के बारे में कुछ बेसिक जानकारी शेयर करेंगे   "


आर्म्ड फाॅर्स में फिजिकल ट्रेनर की एक अपनी अहमियत है और उसी की जिमेवारी होती है की फिजिकल ट्रेनिंग के अलावा जितने भी स्पोर्ट्स एक्टिविटीज है सब के आर्गनाइज्ड सही नियम के साथ कराये !
जरुर पढ़े : अम्बुश और काउंटर अम्बुश, अम्बुश का उद्देश्य , अम्बुश का पार्टिया , अम्बुश का टारगेट

लेकिंग यह देखा गया है की एक ट्रेनड फिजिकल ट्रेनर छोटे छोटे यूनिट्स में उपलब्ध नहीं होते है इस लिए यह जरुरी है की खेल कूद से सम्बंधित बेसिक  जानकारी सभी के पास होनी चाहिए की वह अपने यूनिट में छोटे मोटे खेलो का आयोजन खुद करा सके !

आज जिस खेल की जानकारी हम यहाँ जाने गे वह है "बैडमिंटन" ! यह एक ऐसा खेल है की जीसी बहुत ही छोटे एरिया में आयोजित किया जा सकता है और इसके किसी भी उम्र के लोग खेल सकते है ! 

जरुर पढ़े :पीटी का इतिहास, सिस्टम, पीटी का उद्देश्य और पीटी का उसूल

बैडमिंटन का इतिहास(Badminton ka itihas) :इस गेम का अगर इतिहास देखा जाये तो यूनान , चाइना और भारत से मिलता है जो की बच्चो  की पुरानी गेम "चिल्ड्रेन गेम बैटलडोरे एंड शटल कॉक " से रिलेटेड है !

ऐसे कहा जाता है की ब्रिटिश आर्मी मैं पुणे शहर में बैडमिंटन  खेलना सबसे पहले संन 1860 में शुरू किये फिर यहाँ से इसका प्रसार होते हुए ब्रिटेन पंहुचा और अन ऑफिसियल  आल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप पुरुष बर्ग का सुरुआत सन 1899 महिला बर्ग का शुरुवात 1900 हुवा ! और इसे ओलिंपिक में सन 1992 में सामिल किया गया !


बैडमिंटन का कोर्ट(Badminton ke court ka size) : इस का प्रतियोगिता साधारणतः इंडोर ग्राउंड में खेला जाता है kyo की हलकी हवा भी इसके शटल कॉक का दिशा बदल सकती है जब की ऐसे रिक्रिएशन प्रतियोगिता इसका ओपन ग्राउंड में भी होता है !
इसका कोर्ट आयताकार होता है  जिसकी लम्बाई 44 फीट (13.4 मीटर ) तथा चौड़ाई 17 फीट (5.2 मीटर ) एकल खिलाडी के लिए और डबल के लिए  20 फीट (6.1 मीटर ) चौड़ा होता है ! इस के नेट की उचाई नेट पोल के पास 5 फीट (1.5 मीटर ) और ग्राउंड के मध्य 4 फीट (1.3 मीटर ) होता है ! 

जरुर पढ़े :फिजिकल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले इक्विपमेंट और उसका अहमियत

बैडमिंटन गेम के नियम(Badminton game ke niyam) : यह  एक वोली गेम है जिसमे की एक बार सर्विस करके शटल कॉक को अपने साइड नहीं गिरने देते है और शटल जिसके साइड में गिरा तो अपोजिट साइड को एक पॉइंट मिलता है ! यह गेम  ज्यादातर बेस्ट ऑफ़ थ्री में खेला जाता है जिसमे  गेम को 21 पॉइंट तक खेला जाता है जिसमे जितने वाली टीम को 2 पॉइंट का एडवांटेज होनी चाहिए नहीं तो गेम 30 पॉइंट तक चला जाता है ! 2006 तक पॉइंट केवाल सर्विंग साइड को ही दिया जाता था  लेकिंग उसके  इसमें रैली स्कोरिंग सिस्टम अपनाया गया जिसमे दोनों साइड पॉइंट स्कोर कर सकती है !

बैडमिंटन गेम के फाल्ट(Badminton ke kuchh default) :इस गेम के कुछ फाल्ट इस प्रकार से है :
  • जब सर्विस किया जाय तो शटल कमर से ऊपर होना चाहिए !
  • सर्विस करने के बाद शटल नेट को क्रॉस नहीं करती या गलत कोर्ट में गिरती है !
  • सर्वर का पैर अपने सर्विस करने वाले कोर्ट में नहीं हो !
  • जब शटल कौर बाउंड्री से बहार चला जाये !
  • जब वही ही खिलाडी अपने साइड में शटल को दो बार टच कर दे या उसके बदन को शटल टच कर जाय !
  • जब एक खिलाडी दुसरे को रुकावट बने !
  • जब इतनी जल्दी सर्विस कर डी जाय की दुसरे खिलाडी तैयार न हो !यदि 

कुछ बेसिक डाटा(Badminton game ke kuchh basic data) :इस खेल से सम्बंधित कुछ बेसिक जानकारी इस प्रकार से है :
  • ग्राउंड की लम्बाई : 13.4 मीटर 
  • ग्राउंड की चौड़ाई : 6.10 मीटर 
  • नेट की उचाई  नेट पोस्ट पे : 1.55 मीटर 
  • नेट की उचाई  बिच में : 1.524 मीटर 
  • कोर्ट की सभी लाइन की मोटाई : 0.038 मीटर 
  • इसके शटल का वजन और बनावट : शटल का वजन 4.73 ग्राम से 5.5 ग्राम तक होता है !इसके अन्दर 14-16पंख होने चाहिए ! इसका डायामीटर 0.025 मीटर से 0. 028 मीटर तक होनी चाहिए 
  • स्कोरिंग का तरीका : यह गेम 15 या 21 पॉइंट तक खेला जाता है !
इस प्रकार से बैडमिंटन गेम से सम्बंधित एक पीटी का लेसन समाप्त हुवा !उम्मीद है पोस्ट पसंद आएगा अगर कोई कमेंट या सुझाव हो तो जरुर दे 

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12 जून 2018

11 अहम् बाते 81 mm मोर्टार के रंजिंग और फायर से सम्बंधित

पिछले पोस्ट में हमने 81 mm मोर्टार के फायर कण्ट्रोल से सम्बंधित महत्वपूर्ण 5 बाते के बारे में जनकारी प्राप्त की! इस पोस्ट में हम 11 बाते 81 mm मोर्टार के फायरिंग और  रंजिंग  के बारे में जानेगे !



इस पोस्ट को अच्छी तरह से समझने के लिए है इसे निम्न भागो में बाँट दिया है :

1.81 mm मोर्टार में रंजिंग क्यों जरुरी है और इसका उद्देश्य क्या है ?(81 mm mortar me ranging kyo kiya jata hai)
2. रंजिंग पॉइंट की खूबिया कौन कौन सी है ?(Ranging point ki khubiya kaun kaun si hai)
3.रंजिंग कितने प्रकार की होती है ?(Ranging kitne prakar ki hoti hai)
4. 81 mm मोर्टार का बम लाइन से हट कर गिरने का क्या कारण होता है ?(81 mm mortar ka bomb line se hat kar girne ka kya karan hota hai )
5.कारगर फायर  में फायर की रफ्तार मुकरर करते समय कौन सी बाते ध्यान में रखना चाहिए ?(Kargar fire  me fire ki raftar mukarar karte samay kaun si bate dhyan me rakhna chahiye)
6. 81 mm मोर्टार के बेल्ट ऑफ़ फायर  से क्या मतलब होता है ?(mortar ka belt of fire ka kya matlab hota hai)
7. कारगर फायर में सरप्राइज  हासिल करने के लिए क्या किया जाता है ?(kargar fire me surprise hasil karne ke liye kya kya kiya jta hai)
8. 81 mm मोर्टार फायरिंग में टारगेट ग्रिड प्रोसीजर के क्या फायदे होते है?(mortar firing me target grid procedure se kya fayda hote hai)
9. 81 mm मोर्टार एम् ऍफ़ सी टारगेट को किन किन तरीको से जाहिर करते है ?(81 mm mortar me MFC target ko kin kin tariko se jahir karte hai)
10.  प्रेदिक्टेड शूट के फायदा क्या होता है ?(Predicted shoot ke fayde kya hota hai)
11. 81 mm मोर्टार से धुएं का परदे बनाने के  क्या क्या फायदा होता है (81 mm mortar se dhuye ka parde bana ne ka kya kya fayde hota hai)

जरुर पढ़े: 5.56 MM INSAS LMG के ऊपर दुरुस्त पकड़ बनाने का तरीका

1. 81 mm मोर्टार में रंजिंग क्यों जरुरी है और इसका उद्देश्य क्या है ?(81 mm mortar me ranging kyo kiya jata hai):रंजिंग के मेथड से हम टारगेट के बिच की दुरी ज्ञात करते है ! तो मोर्टार की किसी जातीय और ऍफ़ सी की ग्रिड रिफरेन्स निकलने की गलती को दूर करने के लिए जरुरी है  की किसी टारगेट पर जरुरी फायर खोलने से पहले रंजिंग कर लिया जाए ! 
रंजिंग का उद्देश्य कम से कम या बगैर अमुनिसन खर्च करते हुए हर मोर्टार के लिए टारगेट का सही फासला और दिशा मालूम करना !

2. रंजिंग पॉइंट की खूबिया कौन कौन सी है ?(Ranging point ki khubiya kaun kaun si hai):रंजिंग पॉइंट में निम्न खुबिया होनी चाहिए :

  • निशाना अलग अलग हो और मसहुर हो 
  • रिवर्स स्लिप में नहीं हो 
  • अगर एक डिग्री से ज्यादा हो तो उसका कोई एक किअनर लिया जाय 
  • टारगेट एरिया के तक़रीबन मध्य में हो !
3.रंजिंग कितने प्रकार की होती है ?(Ranging kitne prakar ki hoti hai):रंजिंग दो प्रकार के होता है :
  • नार्मल रंजिंग 
  • साइलेंट रंजिंग 


4. 81 mm मोर्टार का बम लाइन से हट कर गिरने का क्या कारण होता है ?(81 mm mortar ka bomb line se hat kar girne ka kya karan hota hai )मोर्टार के बम लाइन से हट कर गिरने के कुछ एक निम्न कारण है :

  • शुरू शुरू में दिश मालूम करने की गलती 
  • नॉन कैलिब्रेशन ऑफ़ मोर्टार 
  • बीटन जोन की चौड़ाई 
  • 90 डिग्री पे चलने वाली हवा 
5.कारगर फायर  में फायर की रफ्तार  मुकरर करते समय कौन सी बाते ध्यान में रखना चाहिए ?(Kargar fire  me fire ki raftar mukarar karte samay kaun si bate dhyan me rakhna chahiye): फायर की रफ़्तार मुकरर करते समय निम्न बातो का ध्यान रखना चाहिए :
  • अमुनिसन कितना है 
  • फायर कितनी देर तक करना है 
  • दुश्मन की पोजीशन कितनी मजबूत है 
  • अगर हमला करने वाली फ़ौज को मदद डी जा रही है तो उस जमीन का हालत कैसी है जिस पर से वह गुजरा रही है !
6. 81 mm मोर्टार के बेल्ट ऑफ़ फायर  से क्या मतलब होता है ?(mortar ka belt of fire ka kya matlab hota hai): मोर्टार के बेल्ट ऑफ़ फायर का मतलब  होता है  जब किसी फायर यूनिट का मोर्टार एक दुसरे के मत्वाजी में फायर करे तो उनका दरमियानी फासला और 50 % बीटन जोन मिलकर जो इलाका बनता है उसे बेल्ट ऑफ़ फायर कहते है !



7 . कारगर फायर में सरप्राइज  हासिल करने के लिए क्या किया जाता है ?(kargar fire me surprise hasil karne ke liye kya kya kiya jta hai): कारगर में सरप्राइज हासिल करने के लिए कुछ एक  निम्न करवाई की जाती है :
  • रंजिंग पॉइंट टारगेट से थोड़ी दूर लेकिंग ऐसी जगह चुने जहा से टारगेट के फासले और दिशा के बारे में खबर मिल सके !
  • कारगर फायर भरी तादाद में खोला जाये
  • राउंड का तादाद बदलते रहना चाहिए 
  • फायर का तरीका भी बदलते रहना चाहिए 
  • तेज मोर्टार फायर केवल जरुरत पड़ने पे ही खोलना चाहिए 
8. 81 mm मोर्टार फायरिंग में टारगेट ग्रिड प्रोसीजर के क्या फायदे होते है?(mortar firing me target grid procedure se kya fayda hote hai):ग्रिड प्रोसीजर के निम्न फायदे है :
  • ओ पी कही भी बैठा हो यह तरीका इस्तेमाल हो सकता है !
  • एम् ऍफ़ सी प्रोसीजर भी इसी प्रकार होता है !
  • यह तरीका आसान  है क्यों की इसमें करेक्शन ऑफ़ टारगेट लाइन से ही गजो में दी जाती है ! 
  • इस प्रोसीजर में बटालियन का कोई ऑफिसर या एस ओ मोर्टार को कण्ट्रोल कर सकता है 
  • इस प्रोसीजर में ऍफ़ सी को एम् (मोर्टार पोजीशन ) की जाने की जरुरत नहीं पड़ती !
9. 81 mm मोर्टार एम् ऍफ़ सी टारगेट को किन किन तरीको से जाहिर करते है ?(81 mm mortar me MFC target ko kin kin tariko se jahir karte hai): निम्न तरीको से जाहिर करते है :
  • दर्ज किये हुए टारगेट के मदद से 
  • किसी मशहूर निशान के मदद से 
  • साल्वो के मदद से 
  • स्मोक बम के फायर से 

10.  प्रेदिक्टेड शूट के फायदा क्या होता है ?(Predicted shoot ke fayde kya hota hai)प्रेदिक्टेड शूट के निम्न फायदे है :
  • वह टारगेट जो की पहाड़ी के पीछे रेवेर्स  स्लोप में नजर नहीं आ रही है उसे भी इंगेज  किया जा सकता है !
  • धुएं धुंध या अँधेरे में फायर किया जा सकता है !
  • सरप्राइज हासिल किया जा सकता है !
  • किसी वजह से रंजिंग नही हो सका हो तभी फायर किया जा सकता है !
  • मोर्टार पोजीशन जाहिर नहीं होती है !
11. 81 mm मोर्टार से धुएं का परदे बना ने के  क्या क्या फायदा होता है (81 mm mortar se dhuye ka parde bana ne ka kya kya fayde hota hai)निम्न फायदे है :
  • एच ई बम के बनासिपत थोडा अमुनिसन खर्च होता है 
  • काफी एरिया को एक साथ ब्लाइंड किया जा सकता है 
  • काफी जल्दी बनाया जा सकता है !
  • दुश्मन को धोखा दिया जा सकता है !
  • इशारे के भी काम आत है !

इस प्रकार से 11 बाते काफी जरुरी बाते 81 mm मोर्टार के फायरिंग और रंजिंग से सम्बंधित  एक संक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुई !उम्मीद है की यह छोटा पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित करे !
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  6. 9 mm पिस्तौल में पड़ने वाले रोके और उसे दूर करने का तरीका
  7. 9mm कार्बाइन मचिन के रोके और उसे दूर करने का तरीका
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10 जून 2018

पुलिस ड्यूटी , फंक्शन और पुलिस रैंक बैच

इस पोस्ट में हम जानेगे की की पुलिस की ड्यूटी, फंक्शन  तथा पुलिस रैंक बैज कौन कौन से होते है !

जैसे की हम जानते है पुलिस को आम जनता हमेशा भला बुरा बोलती रहती है लेकिंन जब कोई भी खतरा आता है वह सबसे पहले पुलिस के पास ही सुरक्षा के लिए भागती है !


जरुर पढ़े:फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट में होनेवाली कुछ कॉमन गलतिया

लोक सभा,  राज्य सभा  और राज्य के जितने भी विधान सभा जो साल में काम से काम दो बार तो अपने बैठक करते है उस दौरान जितने भी एक्ट या कानून पास करते है उसमे से ज्यादातर को लागु करने की जिम्मेवारी पुलिस की ही होती है भले ही वह काम पुलिस से सम्बंधित हो या न हो !

 किसान का आन्दोलन हो या श्रमिको का स्ट्राइक हो या स्टूडेंट अन रेस्ट यदि  इस किसी में भी पुलिस का कोई अपना रोल नहीं रहता है लेकिंन इस सब इंसिडेंट में पुलिस ही सबके कोप का भाजक बनती है ! किसानो का समस्या को ही श्रमिक का समस्या सब का सुनवाई लोकल एडमिनिस्ट्रेशन का काम है लेकिन सब में पुलिस ही आगे होती है और पुलिस ऑफिसर ही सभी कार्यो को ओ चाहे सुलह करना हो शांति स्थापित करनी हो सब में आगे होना पड़ता है !

जरुर पढ़े:6 कॉमन गलतिया अक्सर एक आई ओ सीन ऑफ़ क्राइम पे करता है

उपरोक्त बातो के देखते हुए पुलिस की ड्यूटी को हम निम्नलिखित लिस्ट बनाया जा सकता है :
  • इन्वेस्टीगेशन ड्यूटी
  • अपराध का रोकथाम 
  • सुरक्षा और शांति व्यवस्था  बनाये रखना 
  • क्राइम डिटेक्शन 
  • लॉ & आर्डर बनाये रखना 
  • सरकार द्वारा पारित सामाजिक , छोटे, बड़े और स्पेशल एक्ट्स को लागु करना !
  • कलेक्शन ऑफ़ इंटेलिजेंस 
  • चुनाव सम्बंधित duty 
  • प्राकृतिक आपदा या मानव निर्मित आपदा के समय की ड्यूटी
  • मेंटेनेंस ऑफ़ पुलिस रिकॉर्ड 
  • PRO ड्यूटी
  • दुसरे डिपार्टमेंट ऑफ़ सहायता करना 
  • और समय समय पे पडनेवाले विशेष ड्यूटी

मोटे तौर पे पुलिस ड्यूटी को उपरोक्त श्रेणी में हम बाँट सकते है ! दुसरे शब्द में कहे तो पुलिस ऑक्सीजन की तरह है जैसे एक आदमी ऑक्सीजन का कीमत नहीं जनता है लेकिन ऑक्सीजन बंद कर दिया जाय  तो कोई जिन्दा नहीं रह सकता है वैसे पुलिस को सभी बुरा भला कहते रहते है लेकिंग कुछ समय के लिए पुलिस हटा लिया जाए तो चारो तरफ कोहराम मच जायेगा !

पुलिस के रैंक बैच निम्न होता है 
इस प्रकार पुलिस ड्यूटी और पुलिस रैंक बैच से सम्बंधित पोस्ट यहाँ समाप्त हुई उम्मीद है की यह छोटा पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित करे !

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  3. निगरानी और शाडोविंग क्या होता है ? किसी के ऊपर निगरानी कब रखी जाती है ?
  4. अपराधिक सूचना कलेक्ट करने का स्त्रोत और सूचना कलेक्ट करने का तरीका
  5. चुनाव के दौरान पुलिस का कर्तव्य
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  9. पुलिस की छवि और छवि का पुलिस के ड्यूटी पे पड़ने वाले असर कौन कौन से है
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5 मुख्य बाते 81 mm मोर्टार के फायर कण्ट्रोल से सम्बंधित ?

 पिछले पोस्ट में हमने 81 mm मोर्टार के 10 बेसिक  जानकारी के बारे  में बाते किये थे ! इस पोस्ट में हम यह जानेगे की 5 मुख्य बाते कौन कौन से है 81 mm मोर्टार को फायर कण्ट्रोल के सम्बन्ध में ! 


जैसे की हम जानते है की कैलिब्रेटेड हथियार  का अर्थ होता है की जब हम के हथियार को कैलिब्रेटेड कर दिए  तो ओ सेट किये गए रेंज के  ऊपर ही फायर डालेते है तो वह उस सेट किये गए रेंज के काफी क्लोज गिरता है या उस रेंज पर ही गिरता है जिस के ऊपर वह सेट किया गया है !

जरुर पढ़े:6 महत्वपूर्ण बाते 84 mm मोर्टार के बारे में


जबकि  नॉन कैलिब्रेटेड का अर्थ होता है की अगर हम एक ही रेंज और एक ही तरीके का अम्मुनिसन का इस्तेमाल करे  तभी उसका फायर एक जगह न गिरकर वह इधर उधर गिरेगा !

मोर्टार एक नॉन कैलिब्रेटेड हथियार है इसका निशाना  एक दम स्टिक नहीं होता है !

इस पोस्ट को समझने तथा और कुछ जानकारी के लिए हम निम्न विषयों के बारे में जानेगे :
1.क्यों   मोर्टार एक नॉन कैलिब्रेटेड हथियार है ?(Kyo Mortar ek non calibrated weapon hai?)
2. मोर्टार के  बिटेन जोन किसे कहते है ?(Mortar ke beaten zone kise kahte hai)
3. मोर्टार के कारगर या 50%  बिटेन  जोन क्या है ?(Mortar ke kargar ya 50% beaten zone kya hai)
4. बिटेन  जोन बड़े होने के कारण कौन कौन से है ?(Beaten zone ke bade hone ke karan kaun kaun se hai?)
5. मोर्टार के फायर करेक्शन देने का उसूल क्या होता है ? (Mortar ke fire correction dene ka usul kya hota hai?)

1.क्यों   मोर्टार एक नॉन कैलिब्रेटेड हथियार है ?(Kyo Mortar ek non calibrated weapon hai?)मोर्टार का कैलिब्रेटेड न होने का मतलब है की मोर्टार और साईट का आपस में मिलाप  और सम्बन्ध नहीं है जिसके कारण 

  • अगर 2 मोर्टार पर एक ही  फासला और दिशा लगाकर एक एक बम फायर किये जाय  तो एक ही जरुरी नहीं की  दोनों बम एक ही जगह गिरे !
  • अगर एक मोर्टार से किसी फासले पर फायर किया जाये तो जरुरी नहीं की मोर्टार के बम का फासला वही हो जो फासला साईट पर लगा हो !
  • अगर एक मोर्टार पर दो बम एक ही फासले और दिशा पर फायर किये जाए तो जरुरी नहीं की वह एक ही जगह जाकर गिरेगे !

2. मोर्टार के  बिटेन जोन किसे कहते है ?(Mortar ke beaten zone kise kahte hai):अगर किसी एक मोर्टार को एक ही दिशा और फालसे पर ले(lay) करने के बाद कई एक बम फायर किया जाए तो वह एक ही स्थान पर नहीं गिरते बल्कि एक चौरस दायरे में फ़ैल कर गिरते है ! इस चौरस दायरे को हम 100% बीटन जोन कहते है !इस का लम्बाई चौड़ाई इस प्रकार से होती है :
  • चार्ज(CH) ० से  IV तक - 140 गज x 60 गज 
  • चार्ज (CH) V से VIII- 280 गज x 120 गज 
3. मोर्टार के कारगर या 50%  बिटेन  जोन क्या है ?(Mortar ke kargar ya 50% beaten zone kya hai): अगर एक मोर्टार से एक चार्ज, उचाई और दिशा पर बहुत से बम फायर किया जाये तो सब बम एक एक चौरस दायरे में गिरेगे जिसे हम बीटन जोन कहते है लेकिन इस बीटन जोन के अन्दर बीचो बिच एक छोटा सा इलाका  होता है जिसके अन्दर ज्यादा बम गिरते है  और इस छोटे से एरिया को हम कारगर या 50% बीटन जोन कहते है ! यह 100% बीटन जोन के लम्बाई चौड़ाई का चौथाई हिस्सा होता है ! इसकी लम्बाई चौड़ाई इस प्रकार होती है :
  • चार्ज(CH) ० से  IV तक - 35 गज x 15 गज 
  • चार्ज (CH) V से VIII- 70 गज x 30 गज 

4.  बिटेन  जोन बड़े होने के कारण कौन कौन से है ?(Beaten zone ke bade hone ke karan kaun kaun se hai?)बीटन जोन का बड़ा होने का निम्न कारण है :
  • बम के प्राईमरी और सेकेंडरी कार्ट्रिज बनाते समय उसमे थोडा फर्क रहा जाता है ! यह फर्क बम के वजन, व्यास और कार्ट्रिज के चार्ज की ताकत में हो सकता है ! नतीजा यह होता है की हर बम को धक्का बराबर नहीं मिलता है और मजल वेलोसिटी एक जैसी नहीं होती !
  • बम और बैरल के व्यास में फर्क है , इस कारण से बम बैरल से निकलते समय हमेशा एक ही एंगल पर नहीं निकलता है !
  • बम आकाश  में काफी ऊपर जाती है जहा हवा का दवाव और दिशा  बदलती रहती है !
  • मोर्टार से दोनों ट्रेनिंग और लड़ाई के समय तेजी से काम लेना पड़ता है , इस कारण इसको समय मजबूती का ज्यादा ध्यान रखा जाता है !
  • बम फायर होने से बेस प्लेट  कुछ हिल जाता है और कारगर फायर करते समय इसका असर फायर पर पड़ता है !
5. मोर्टार के फायर करेक्शन देने का उसूल क्या होता है ? (Mortar ke fire correction dene ka usul kya hota hai?) मोर्टार फिर्रे का करेक्शन देना का उसूल निम्न होता है :
  • करेक्शन पहले फासले उसके बाद दिशा के लिए दिया जाय !
  • जिस मोर्टार का करेक्शन देना हो उसका नम्बर पुकारा जाय और बाद में करेक्शन डी जाय चाहे वह फासले का करेक्शन हो या दिशा का 
  • अगर सब मोर्टार के लिए एक ही करेक्शन होतो करेक्शन से पहले "सब" का प्रोयोग किया जाय !

इस प्रकार से मोर्टार फायर के कण्ट्रोल से सम्बंधित 5 जरुरी बाते की जानकारी समाप्त हुई!उम्मीद है की ये पोस्ट आपक लोगो को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित करे !

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05 जून 2018

81 mm मोर्टार के 10 छोटी छोटी बेसिक बाते

पिछले पोस्ट में हमने 81 mm मोर्टार के 5 जरुरी बाते के बारे में जानकारी प्राप्त किये! इस पोस्ट में हमे 81 mm मोर्टार के 10 बेसिक छोटी छोटी बाते जानेगे 

जैसे की हम जानते है की यह ब्रिटेन  का बना हुवा मजल लोडिंग हाई एंगल ऑफ़ फायर वेपन है  ! इसके बैरल  का वजन 14.5 किलोग्राम तथा बेस प्लेट का 14.4 किलोग्राम होता है !

इस 81 mm मोर्टार के 10 छोटी छोटी बेसिक बाते जो मैंने इक्कठा किया हु वो इस प्रकार से है :
1. मोर्टार की साईट के हिस्से पुर्जे का नाम इस प्रकार से है (81 mm Mortar ke parts ka name)
  • एल्बो टेलेस्कोप 
  • ऑय पिस 
  • रबर कैप, 
  • उपर थम्प 
  • स्क्रू 
  • लीवर
  • थम्प स्क्रू 
  • लैंप होल्डर
  • डीफ्लेक्स्न डायल 
  • रो ड्रम 
  • लॉकिंग लीवर
  • स्लीपिंग स्केल 
  • ओपन साईट 
  • लेक देबोटेल ब्रैकेट 
  • उचाई स्केल 

2. टेलेस्कोप से शिस्त लेने का तरीका क्या है(telescope se aim lene ka tarika) : टेलेस्कोप से एम लेने का तरीका  इस प्रकार से है 
  • एक आँख बंद करे 
  • दूसरी आँख को ऑय पिस पर रखे 
  • खाड़ी लाइन को दर्शक के बाये किनारे से मिलाये 
3. ओपन साईट से शिस्त लेने के तरीके क्या है(Open site se aim lene ka tarika) ? ओपन साईट से शिस्त लेने का तरीका निम्न है :
  • आँख को ओपन साईट से 4 इंच दूर रखो 
  • बाई आँख बंद करो 
  • फोरे साईट की नोक और बेक साईट के यु के बीचो बिच दोनों कंधो की उचाई के बराबर दर्शक के बाये किनारे से मिलाओ 
4. 81 mm मोर्टार के एक्शन हुक्म का तरतीब क्या होता है(81 mm Mortar ke action ke aadesh par kariwai) ? एक्शन हुक्म का तरतीब निम्न है :
  • बसे प्लेट 
  • ए. पी एंगल 270  डिग्री 
  • मध्य लाइन 170 डिग्री 
  • चार्ज 4 उचाई 60 डिग्री  एक्शन
5. 81 mm मोर्टार से रात के समय एक्शन के तरतीब क्या होता है(Raat ke samay 81 mm Mortar ka action karwai ka tartib) ? रात  के समय एक्शन हुक्म का तरतीब निम्न होता है :

  • बेस प्लेट के लिए दो खूटियो के बिच गढ्ढा !
  • सामने दर्शक एल /एम् 170 डिग्री 
  • चार्ज 4 
  • उचाई 65 डिग्री 
  • एक्शन 
6. 81 mm मोर्टार में AP एंगल क्या होता है(81 mm Mortar ka AP Angle kya hota hai) ?मध्य लाइन के बेअरिंग से घडी के सुइओ के सुलटे रुख AP बेअरिंग तक जो एंगल बनता है उसे AP एंगल कहते है !

मसलन अगर एम्.एल.=10 डिग्री , AP बेअरिंग 280 डिग्री तो 
AP एंगल 270 डिग्री होगा 

7. AP के तरीके में अंध कोण कहा से सुरु होता है(AP ke tarike se andh kon ki suruwat) ? यह अंध कोण AP बेअरिंग से बाये 75 डिग्री से सुरु होता है !

जरुर पढ़े :30mm AGL के बेसिक टेक्नीकल डाटा , विशेषताए और पार्ट्स का नाम

8. 81 mm मोर्टार के फायर से कौन कौन से काम लिया जा सकती है(81 mm Mortar ka istemal) ? निम्न काम लिया जा सकता है :
  • दुश्मन के फायर को बे असर कर सकते है !
  • अपनी सेना को सुपूर्त फायर दे सकते है !
  • दुश्मन का हौसला तोडा जा सकता है !
9. मोर्टार फायर की किस्मे कौन कौन सी है(81 mm Mortar se fire ki kisme) ? निम्न है मोर्टार फायर की किस्मे:
  • मोर्टार फायर 
  • तेज मोर्टार फायर 
  • सेक्शन या पलटन फायर 
10.  81 mm मोर्टार के क्लिनिमीटर का वजन 2 पौंड होता है (81 mm Mortar ke clinimeter ka wajan)!

इस तरह से 81 mm मोर्टार के 10 छोटी छोटी लेकिन बेसिक जानकारी से सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुई !उम्मीद है की ये पोस्ट आपक लोगो को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित करे !


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02 जून 2018

5 जरुर जाननेवाली बाते 81 mm मोर्टार के बारे में ?

पिछले पोस्ट में हमने 6 महत्वपूर्ण बाते 81 mm मोर्टार के बारे में जाने और इस पोस्ट में हम 5 जरुरी जाननेवाली बाते 84 mm मोर्टार के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !


जैसे की हम जानते है की 81 mm मोर्टार के बाईपोड़ का वजन 11.7 किलो ग्राम तथा मोर्टार क्लिमिटर का वजन 2 पौंड होता है ! ब्रिटेन  का बना हुवा बजल लोडिंग हाई एंगल ऑफ़ फायर वेपन है  लेकिंग यह  वेपन एंटी टेररिस्ट ऑपरेशन के दौरान भी बहुत कारगर साबित होता है जब हम टेररिस्टस के हाईड आउट के बर्बाद करने में प्रयोग  में लाते  है !

जरुर पढ़े :51 mm मोर्टार का ले और फायर तथा मिस फायर पे करवाई

मोर्टार के 5 जरुरी जानने वाली बाते निम्न है !

1. 81 mm मोर्टार के 6 पुरजो का नाम तथा उसका काम बताये ?(84 mm mortar ke 6 purjo ka naam aur kaam baataye): 81 mm मोर्टार के 6 महतवपूर्ण पुर्जे और उसका काम निम्न है :

  • मजल कवर(Muzzle cover) :यह मजल के ऊपर लगाया जाता है इसका काम बैरल के अन्दर गर्दा और पानी जाने से रोकना है !
  • सॉकेट(Socket) : बेस पलट के बिच में होता है ब्रीच पिस का गोल सिरा इसके अन्दर लॉक किया जाता है !
  • लीवर थम्प स्क्रू (Lever thump screw): इसकी मदद से शिस्त को किसी  हद तक ऊपर या निचे किया जाता है !
  • अपर थम्प स्क्रू (Upper Thump Screw):इसको ढिल्ला करते हुए टेलेस्कोप की लाइन ऑफ़ साईट के हमवार हरकत दीजाती है !
  • क्रोम लेवेलिंग डिवाइस(Crome Leveling device) : इसको दिशा बदल यंत्र भी कहते है !इसको घुमाकर मोर्टार को बारीक़ सीधी डी जाती है ! मोर्टार को न हमवार जमीन पर दुरुस्त माउंट करने में भी मदद ली जाती है !
  • स्लीपिंग स्केल (Sliping scale): लॉकिंग लीवर की मदद से स्लीपिंग स्केल को ढीला करके घुमाया  जाता है !इसके ऊपर मध्य लाइन की डिग्री लगे जाती है !

2. 81 mm मोर्टार में अंध कोण क्या होता है और इसे कैसे दूर किया जाता है (81 mm Mortar ke andh kon kya hota hai aur use kaise dur kiya jata hai)?कई एक कोण पर साईट से एम् ए पी एक (1) पर शिस्त लेने में बैरल रुकावट डालती है ! जिसे अंध कोण कहते है ! यह अंध कोण अलग अलग उचाई पर अलग अलग होता है !
अंध कोण 
अंध कोण  एम् ए पी बेअरिंग के बाये 75 डिग्री से शुरू होता है और 45 डिग्री का होता है ! मसलन (एम्.ए.पी -1)एम्.ए.पी=1=170 डिग्री तो अंध कोण 95 डिग्री से 50 तक होगा ! अंध कोण दूर करने के लिए (एम्.ए.पी -2)एम्.ए.पी-2 चुना जाता है !

3. 81 mm मोर्टार में मध्य लाइन किसे कहते है ?(81 mm Mortar ke madhy line kise kahte hai): मोर्टार ऑपरेशन में मध्य लाइन  ग्रीन दिल और ड्रम सिफ़र के पॉइंटर के साथ मिलते हुए मोर्टार को शुरू में जिस लाइन पर ले (lay) करते है उसको एम्/एल कहते है ! यह किसी अर्क ब्रीच या टारगेट अरे के सेंटर में कायम होता है !

4. मिस फायर बम कौन सा होता है और क्यों होता  है ?(81 mm Mortar  ke miss firre bomb kaun sa hota hai): 81 mm मोर्टार के मिस फायर बम हम उसे कहते है जो बम बैरल में डाल दिया गया हो और फायर  न हो ! मिस फायर होने के निम्न कारण है:
  • खराब प्राइमरी  कार्ट्रिज  का होना 
  • प्राइमरी कार्ट्रिज पर चोट का न लगाना 
5. 81 mm मोर्टार का TSOEMD कुल कितने होते है और उसके नाम टाइम के साथ क्या है (81 mm mortar ko TSOEMD kul kitna hota hai aur uske time kya hota hai)? 81 mm मोर्टार के TSOEMD कुल 4 होते है :
  • एक्शन इसके लिए समय होता है - 60 सेकंड 
  • नार्मल करेक्शन- समय - 18 सेकंड 
  • बाई पोड के दिशा के लिए हरकत देना -समय- 24 सेकंड 
  • मिस फायर ' समय 26 सेकंड  

इस प्रकार से हम 81 mm मोर्टार के बरेर में 5 जरुरी बाते हम जन चुके !उम्मीद है की ये पोस्ट आपक लोगो को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित करे !

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