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Sunday, March 19, 2017

7 मुख्य बाते 51 mm मोर्टार से इन डायरेक्ट फायर करने के बारे में

पिछले पोस्ट हमने 51 mm मोर्टार से डायरेक्ट फायर करने के बारे में जानकारी हासिल की , इस पोस्ट में हम 51  mm  मोर्टार से इन डायरेक्ट फायर(51 mm Mortar se direct fire karne ke tarike) करने के बारे में जानेंगे !<



 जैसे की हम जानते है की बम का रिटेनर कैप ढिल्ला होने से बम का मिसफायर होने से बचने   के  लिए  बम  पहले  चेक करना चाहिए !

51  mm  मोर्टार एक इन्फेंट्री पलटन का एरिया वेपन है ! इस हथियार में डायल  साइट(51 mm mortar ke dail sight) की सुविधा है ! जिस से हम नजर आने वाले और नजर नहीं आने वाले दुश्मन के ऊपर उन स्थान से भी फायर डाल सकते है जहा पर फ्लैट ट्रेजेक्टरी वाले हथियार से फायर नही डाला जा  सकता है !

इस पर नम्बर-1  और नम्बर-2 टीम के तौर  पे काम करते हुए  इस प्रकार से  हम भिन्न भिन्न हालातों में डायरेक्ट और इन डायरेक्ट फायर डाल  सकते है !


जरुर पढ़े :51 mm मोर्टार तथा इसके डायल साईट के बेसिक टेक्निकल जानकारी

इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप इन सवालो  जान सकेंगे :

  1. 51 मोर्टार का इन  डायरेक्ट फायर किसे कहते है ?(51 mm Mortar ke in d irect Fire kise kahte hai)
  2. 51 मोर्टार का इन डायरेक्ट फायर करते वक्त ध्यान में  बाते (51 mm Mortar se in direct fire dalte samay dhyan me rakhne wali bate)
  3. 51 mm  मोर्टार से इन  डायरेक्ट फायर डालने के फायर कण्ट्रोल आर्डर देने का नमूना (51 mm Mortar se indirect fire dalne ke liye fire control order )
  4. ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क क्या होता है (Auxiliary aiming  mark kya hota hai )
  5. ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क की जरुरत(Auxiliary aiming  mark ka  jarurat kab  hota hai)
  6. ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क  को लगते समय ध्यान में रखने वाली बाते(Auxiliary aiming  mark lagate samay dhyan me rakhne wali bate )
  7. 51 मोर्टार से इन डायरेक्ट फायर डालने का तरीका (51 mm Mortar se in direct fire dalne ke tarike)
1. 51 मोर्टार का इन  डायरेक्ट फायर किसे कहते है ?(51 mm Mortar ke indirect Fire kise kahte hai):जब एक मोर्टार डिटैचमेंट बिना टारगेट को देखने अपनी मोर्टार को किसी कुदरती या बनावटी निशान की मदद से ले करके हवा का रुख रखते हुए टारगेट को बर्बाद करता है तो इस प्रकार के फायर को इन डायरेक्ट फायर कहते है !

जरुर पढ़े :51 mm मोर्टार तथा इसके डायल साईट के बेसिक टेक्निकल जानकारी

2 . 51 मोर्टार का इन डायरेक्ट फायर करते वक्त ध्यान में  बाते(51 mm Mortar se in direct fire dalte samay dhyan me rakhne wali bate) :  51 mm  मोर्टार से इन डायरेक्ट फायर  समय ध्यान में रखने वाली बाते:
  •  इन डायरेक्ट फायर उस हालात में किया जय जबकि टारगेट की ईमारत , क्रेस्ट या पहाड़ी के पीछे हो और बम को टारगेट पे खड़े रुख में गिराने की जरुरत हो !
  • एंगल हमेशा सिधाई  सतह से लेना चाहिए 
  • इन डायरेक्ट फायर में यदि लो एंगल से क्रेस्ट किलियरैंस न हो रहा हो तो हाई एंगल से फायर करना चाहिए !
  • इन डायरेक्ट फायर उस समय डाला जाता है जब फायरर टारगेट को न देख रहा हो लेकिन टारगेट की दिशा को अच्छी तरह से जनता हो !
3 . 51 mm  मोर्टार से इन  डायरेक्ट फायर डालने के फायर कण्ट्रोल आर्डर देने का नमूना (51 mm Mortar se indirect fire dalne ke liye fire control order ):  है की जब टारगेट सीधी तरीके से नहीं दिखाई देता है उसी समय हम इन डायरेक्ट फायर डालते है ! इसलिए  को टारगेट की पोजीशन और लोकेशन के देखने के लिए डिटैचमेंट कमांडर , मोर्टार डेट को एक्सिस ऑफ़ एडवांस मिलने पर वह फायर  और मूव के तरीके से क्रेस्ट लाइन तक जाता है और इलाके को सर्च करता है !और हुकुम देता है :
  • मोर्टार डेट सामने देख 
  • 750 मीटर एक गोल दरख्त 
  • दरख्त 6  बजे दुश्मन का एलएमजी पोस्ट 
  • बर्बाद करेंगे HE -I  CH -II  से 
  • मोर्टार पोजीशन क्रेस्ट लाइन से पहले 30 गज  दबी ज़मीन 

इस कमांड देने के बाद डेट कमांडर और मोर्टार डेट वापिस पीछे  आते है   भर और ले की करवाई करते है  ! नम्बर-2  क्रेस्ट लाइन पर लाइन ऑफ़ फायर से 15 -20  गज दाहिने या बाये क्रेस्ट के साथ पोजीशन लेता है और फायर का  आदेश देता है !

यदि करेक्शन देने की जरुरत पड़ा तो मुनासिब करेक्शन देकर टारगेट को बर्बाद किया जाता है ! करेक्शन देने के तरीके इस प्रकार से है :
51 mm Mortar
51 mm Mortar
  • 500  गज तक के रेंज के लिए आगे पीछे के लिए 50  मीटर और दाहिने और बाएं के लिए 5  डिग्री का कोई करेक्शन नहीं दिया जाता है ! अगर रेंज 500  से ज्यादा है तो ऊपर निचे 50 मीटर और दाहिने बाएं 3  डिग्री के लिए कोई करेक्शन नहीं दिया जाता  है !
  • करेक्शन देते समय यह ध्यान में रखना चाहिए की अगर टारगेट 1000  गज पे है तो 1 डिग्री  करेक्शन से 17  गज का फर्क पड़ता है और 500 गज पे है तो 8. 5  गज का फर्क पड़ता है !
  • 51 mm मोर्टार एरिया वेपन है तीन से चार बम फायर करके टारगेट को बर्बाद 
  •  एक HE  बम का मार डालने  का इलाका  फटने के जगह से चारो ओर  11  मीटर होता है !
  • 5 डिग्री कवर करेगा 5  x 8 . 5  गज यानि 42. 5  गज  और एक HE   कवर करेगा 11  गज और 2 बम करेगा 44  गज इसलिए हम 50  गज और 3 या 5  डिग्री तक कोई करेक्शन नहीं देते है क्यों की इतनी दुरी बम के मर डालने के इलाके के अंदर आ जाते है !

4 . ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क क्या होता है (Auxiliary aiming  mark kya hota hai ): ऐसा निशा जिन्हें बनावटी तौर पर तैयार करके उनकी मदद से टारगेट को बर्बाद किया जाता है उन्हें ऑक्सीलिरी मार्क कहते है !जैसे लकड़ी , पत्थर तथा बैनोट इत्यादि ! परंतु जब हम ऑक्सीलिरी मार्क के लिए कण्ट्रोल आइटम का इस्तेमा करते है तो डिसमॉन्ट के समय उन कण्ट्रोल आइटम्स की लेना नहीं भूलना चाहिए !

5 . ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क की जरुरत(Auxiliary aiming  mark ka  jarurat kab  hota hai) :जब फायरर  न दिखाई दे रहा हो और टारगेट के आसपास कोई कुदरती या बनावटी निशान भी मौजूद न हो तो हम जिन बनावटी निशानों को लगाकर मोर्टार को ले करके बर्बाद करना पड़ता है !

6 . ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क  को लगते समय ध्यान में रखने वाली बाते(Auxiliary aiming  mark lagate samay dhyan me rakhne wali bate ) :ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क लगते समय इन बाटे को विशेष ध्यान देना चाहिए :
  • बैकग्राउंड से मिलता जुलता हो 
  • स्काइलाइन पे न लगाया जाय 
  • मजबूती से लगाया जाय 
  • लगाने वाले दुश्मन को न दिखाई दे 
  • पहले ऑक्सीलिरी मार्क से दूसरे ऑक्सीलिरी मार्क के बिच इतनी दुरी हो की लगाने वाला नम्बर-1  ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क और टारगेट दिखाई दे इस  सीधे हासिल होगी !
  •  आइटम का इस्तेमाल किया गया हो तो डिसमॉन्ट के समय सभी ऑक्सीलिरी मार्क को वापस लेलेना चाहिए !

7 . 51 मोर्टार से इन डायरेक्ट फायर डालने का तरीका (51 mm Mortar se in direct fire dalne ke tarike): ट्रेनिंग के दौरान : उस्ताद क्लास को एक्सिस ऑफ़  देता है और फायरिंग की करवाई इसप्रकार से करता है  :
  • फायर और मूव अख्तियार करते हुए  एक्सिस ऑफ़ एडवांस के दिशा  में मूव करे  
  • डेट कमांडर या नम्बर-2 फायर का आर्डर देगा 
  • मोर्टार डेट सामने 450 मीटर एक बड़ा पत्थर दुश्मन का एलएमजी पोस्ट बर्बाद करेंगे HE MK -I CH -II से मोर्टार पोजीशन 20 मीटर पीछे माउंट मोर्टार 
  •  कमांडर या नम्बर-२ क्रेस्ट पर ही रह और क्रेस्ट आड़ के मुताबिक पोजीशन लेता है 
  • और टारगेट और नम्बर-1  को देखते हुए नम्बर-1 ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क लगता है !
  •  फिर इतना पीछे आकर नम्बर-2 ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क  लगता है , की उसे टारगेट दिखाई दे !
  • यों कहे नम्बर-1 मार्क और टारगेट को एक सीध  में रखते हुए इतने पीछे आता  है की टारगेट आसानी से दिखाई दे और दूसरा ऐमिंग मार्क लगाये !
  • अब नम्बर-2 या कमांडर क्रेस्ट पर  दाहिने या बाएं इस से 20 गज दुरी पर पोजीशन ले जिससे की शार्ट फॉल के नुकशान से बचा जा सके और नम्बर-1 को भर और फायर का आदेश दे 
  • और नम्बर-1 की मदद के लिए पीछे आएगा और उसे भरने और खाली  करने में मदद करेगा !
  • दूसरा क्रेस्ट पर मार देखेंगे की जायेगा !
  • टारगेट बर्बाद होने पर टारगेट बर्बाद डिसमॉन्ट मोर्टार का आदेश देगा !यदि बम टारगेट पर न गिरे तो पीछे सीखे तरीका से करेक्शन देकर बर्बाद करेगा  में डिसमॉन्ट मोर्टार पर ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क भी वापस लायगे 
इनडाइरेक्ट फायर हम दो तरीको से करते है(51 mm Mortar se Indirect Fire karne ke tarike) :
  1. सब्सिडरी ऐमिंग मार्क के सहायते 
  2. ऑक्सीलिरी ऐमिंग मार्क के सयते 
इस प्रकार से 51 mm  मोर्टार के इन डायरेक्ट फायर करने के तरीके से सम्बंधित संक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुवे उम्मीद है की पोस्ट  पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पर लाइक कर के हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !
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