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Wednesday, June 13, 2018

बैडमिंटन के इतिहास और बैडमिंटन के कोर्ट का नापजोख

पिछले पोस्ट में हमने फिजिकल ट्रेनिंग के कोर्स से सम्बंधित कुछ बेसिक बातो की जानकारी शेयर किया था इस पोस्ट में हम पीटी कोर्स से सम्बंधित विषय "बैडमिंटन के बारे में कुछ बेसिक जानकारी शेयर करेंगे   "


आर्म्ड फाॅर्स में फिजिकल ट्रेनर की एक अपनी अहमियत है और उसी की जिमेवारी होती है की फिजिकल ट्रेनिंग के अलावा जितने भी स्पोर्ट्स एक्टिविटीज है सब के आर्गनाइज्ड सही नियम के साथ कराये !
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लेकिंग यह देखा गया है की एक ट्रेनड फिजिकल ट्रेनर छोटे छोटे यूनिट्स में उपलब्ध नहीं होते है इस लिए यह जरुरी है की खेल कूद से सम्बंधित बेसिक  जानकारी सभी के पास होनी चाहिए की वह अपने यूनिट में छोटे मोटे खेलो का आयोजन खुद करा सके !

आज जिस खेल की जानकारी हम यहाँ जाने गे वह है "बैडमिंटन" ! यह एक ऐसा खेल है की जीसी बहुत ही छोटे एरिया में आयोजित किया जा सकता है और इसके किसी भी उम्र के लोग खेल सकते है ! 

जरुर पढ़े :पीटी का इतिहास, सिस्टम, पीटी का उद्देश्य और पीटी का उसूल

बैडमिंटन का इतिहास(Badminton ka itihas) :इस गेम का अगर इतिहास देखा जाये तो यूनान , चाइना और भारत से मिलता है जो की बच्चो  की पुरानी गेम "चिल्ड्रेन गेम बैटलडोरे एंड शटल कॉक " से रिलेटेड है !

ऐसे कहा जाता है की ब्रिटिश आर्मी मैं पुणे शहर में बैडमिंटन  खेलना सबसे पहले संन 1860 में शुरू किये फिर यहाँ से इसका प्रसार होते हुए ब्रिटेन पंहुचा और अन ऑफिसियल  आल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप पुरुष बर्ग का सुरुआत सन 1899 महिला बर्ग का शुरुवात 1900 हुवा ! और इसे ओलिंपिक में सन 1992 में सामिल किया गया !


बैडमिंटन का कोर्ट(Badminton ke court ka size) : इस का प्रतियोगिता साधारणतः इंडोर ग्राउंड में खेला जाता है kyo की हलकी हवा भी इसके शटल कॉक का दिशा बदल सकती है जब की ऐसे रिक्रिएशन प्रतियोगिता इसका ओपन ग्राउंड में भी होता है !
इसका कोर्ट आयताकार होता है  जिसकी लम्बाई 44 फीट (13.4 मीटर ) तथा चौड़ाई 17 फीट (5.2 मीटर ) एकल खिलाडी के लिए और डबल के लिए  20 फीट (6.1 मीटर ) चौड़ा होता है ! इस के नेट की उचाई नेट पोल के पास 5 फीट (1.5 मीटर ) और ग्राउंड के मध्य 4 फीट (1.3 मीटर ) होता है ! 

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बैडमिंटन गेम के नियम(Badminton game ke niyam) : यह  एक वोली गेम है जिसमे की एक बार सर्विस करके शटल कॉक को अपने साइड नहीं गिरने देते है और शटल जिसके साइड में गिरा तो अपोजिट साइड को एक पॉइंट मिलता है ! यह गेम  ज्यादातर बेस्ट ऑफ़ थ्री में खेला जाता है जिसमे  गेम को 21 पॉइंट तक खेला जाता है जिसमे जितने वाली टीम को 2 पॉइंट का एडवांटेज होनी चाहिए नहीं तो गेम 30 पॉइंट तक चला जाता है ! 2006 तक पॉइंट केवाल सर्विंग साइड को ही दिया जाता था  लेकिंग उसके  इसमें रैली स्कोरिंग सिस्टम अपनाया गया जिसमे दोनों साइड पॉइंट स्कोर कर सकती है !

बैडमिंटन गेम के फाल्ट(Badminton ke kuchh default) :इस गेम के कुछ फाल्ट इस प्रकार से है :
  • जब सर्विस किया जाय तो शटल कमर से ऊपर होना चाहिए !
  • सर्विस करने के बाद शटल नेट को क्रॉस नहीं करती या गलत कोर्ट में गिरती है !
  • सर्वर का पैर अपने सर्विस करने वाले कोर्ट में नहीं हो !
  • जब शटल कौर बाउंड्री से बहार चला जाये !
  • जब वही ही खिलाडी अपने साइड में शटल को दो बार टच कर दे या उसके बदन को शटल टच कर जाय !
  • जब एक खिलाडी दुसरे को रुकावट बने !
  • जब इतनी जल्दी सर्विस कर डी जाय की दुसरे खिलाडी तैयार न हो !यदि 

कुछ बेसिक डाटा(Badminton game ke kuchh basic data) :इस खेल से सम्बंधित कुछ बेसिक जानकारी इस प्रकार से है :
  • ग्राउंड की लम्बाई : 13.4 मीटर 
  • ग्राउंड की चौड़ाई : 6.10 मीटर 
  • नेट की उचाई  नेट पोस्ट पे : 1.55 मीटर 
  • नेट की उचाई  बिच में : 1.524 मीटर 
  • कोर्ट की सभी लाइन की मोटाई : 0.038 मीटर 
  • इसके शटल का वजन और बनावट : शटल का वजन 4.73 ग्राम से 5.5 ग्राम तक होता है !इसके अन्दर 14-16पंख होने चाहिए ! इसका डायामीटर 0.025 मीटर से 0. 028 मीटर तक होनी चाहिए 
  • स्कोरिंग का तरीका : यह गेम 15 या 21 पॉइंट तक खेला जाता है !
इस प्रकार से बैडमिंटन गेम से सम्बंधित एक पीटी का लेसन समाप्त हुवा !उम्मीद है पोस्ट पसंद आएगा अगर कोई कमेंट या सुझाव हो तो जरुर दे 

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