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Sunday, May 7, 2017

आटोमेटिक वेपन के गैस ऑपरेशन के सिद्धांत कैसा काम करता है

पिछले पोस्ट में हमने आटोमेटिक हथियारों के चाल तथा किस सिद्धांत पे काम करते है !इस पोस में हम जानेगे की गैस ऑपरेशन के सिद्धांत  कैसा  काम करता  है(Automatic weapon ka gas operation system kya hai aur ye kaise kam karta hai ) !


यह ऐसा तरीका है जिस में साइकिल ऑफ़ ऑपरेशन को पूरा करने के लिए राउंड फायर होने से पैदा हुई प्रोपोलेंट गैस की कुछ मात्र को बरील में बने वेंट से गुजर कर गैस के दबाव से चाल वाले पुर्जे को पीछे की हरकत कराइ जाती है !

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इस पोस्ट में हम निम्न गैस ऑपरेशन सिस्टम के बारे में बात करेंगे तथा जानेगे की ये सिद्धांत कौन कौन से आटोमेटिक हथियारों पे काम करते है ! :
  1. लॉन्ग स्ट्रोक पिस्टन ओपेरेटेड(long strok piston operated gas operation system)
  2. शोर्ट स्ट्रोक पिस्टन ओपेरेटेड (Short strok piston operated gas operation system)
  3. डायरेक्ट गैस ओपेरेटेड (Direct gas operated gas operation system)


                                           Bolt lock to body
लॉन्ग स्ट्रोक पिस्टन ऑपरेशन सिस्टम
लॉन्ग स्ट्रोक पिस्टन ऑपरेशन सिस्टम 
1.लॉन्ग स्ट्रोक पिस्टन ओपेरेटेड(long strok piston operated gas operation system): इस सिद्धांत में ब्रीच ब्लाक कार्रिएर तथा पिस्टन साथ जुड़े होते है और पुरे साइकिल ऑफ़ ऑपरेशन के दौरान बैकवर्ड तथा फॉरवर्ड ट्रेवल साथ साथ करते है ! जैसे 7.72 mm LMG, 7.62 mm AKM , 5.56 mm INSAS यदि 
जरुर पढ़े :51mm मोर्टार को खोलना जोड़ना और उसके पार्ट्स के नाम

2. शोर्ट स्ट्रोक पिस्टन ओपेरेटेड (Short strok piston operated gas operation system): इस सिद्धांत में पिस्टन अलग होता है तथा ब्रीच ब्लाक काररीएर के साथ नहीं जुड़ा होता है !

 पिस्टन अपने स्प्रिंग की मदद से गैस सिलिंडर में रहता है और गैस का दबाव पड़ने से थोडा पीछे जाकर काररीएर ब्रीच ब्लाक के हेड पर ठोकर मार कर अपने स्प्रिंग की मदद से वापस आ जाता है ! 

मतलब पिस्टन तथा काररीएर ब्रीच ब्लाक अलग अलग ही अपनी चाल को पूरा करता है उदाहरण के लिए 7.62 mm SLR, 7.62 mm ड्रैगनोव  स्नाइपर राइफल आदि !

डायरेक्ट गैस एक्शन सिस्टम
डायरेक्ट गैस एक्शन सिस्टम 

3. डायरेक्ट गैस ओपेरेटेड (Direct gas operated gas operation system):इस सिद्धांत में पिस्टन रेगुलेटर तथा गैस सिलिंडर नहीं होता और गैस को गैस वेंट से गुजरकर एक पतली तुबे द्वारा सीधे ब्रीच ब्लाक काररीएर के हेड पर दबाव डालकर चाल वाले पुर्जे को पीछे की हरकत करते है! ऐसे हथियार वजन में हलके होते है जैसे अमेरिका की M-4 कार्बाइन तथा M-16 राइफल !





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इस प्रकार से गैस ऑपरेशन का सिद्धांत क्या है और ये कैसे काम करता है(Automatic weapon ka gas operation system kya hai aur ye kaise kam karta hai ) ! इस सम्बन्ध में ये संक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की आप को पसंद आएगा ! अगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पोस्ट लाइक कर के हमलोगों को और अच्छे करने के लिए प्रोतोसाहित करे !
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