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02 अप्रैल 2021

फायर और फायरिंग का उसूल क्या होता है

 पिछले पोस्ट में हमने 303 राइफल  उत्पत्ति तथा विशेषता के बारेमे जानकारी प्राप्त किये और इस ब्लॉग पोस्ट में मै अपने एक पाठक द्वारा पूछे गए सवाल का उत्तर दे कर बताऊंगा और पाठक का सवाल है की फायर और फायरिंग  का उसूल क्या होता है(Fire ke usul) !

जैसे की हम जानते है की किसी भी काम को अच्छी रिजल्ट पैन के लिए उस काम का जो उसूल है उसे हमे नहीं छोड़ना चाहिए अगर हम उस काम के उसूल को सही से  तो रिजल्ट हमेशा साधारण या उससे निचे का  रिजल्ट िलेगा इस लिए अच्छा रेसुत के लिए उसूल को नहीं छोड़ना चाहिए ! उसी प्रकार से फायरिंग के अच्छे रिजल्ट के लिए सभी फायरर को फायर की उसूल (Fire ke asul)को काफी नहीं छोड़ना चाहिए !

जरुर पढ़े  7.62 mm MMG के प्रकार तथा टेक्निकल डाटा 7.62 mm MMG के ?

फायरिंग का बेसिक उसूल(Fire ke asol) को हम पांच भाग में अच्छी तरह से समझ सकते है :

sight alignment
sight alignment 

  1. अच्छी फायरिंग पोजीशन (Firing Position):अच्छा फायरिंग रिजल्ट प्राप्त करने के लिए फायरिंग पोजीशन (stance ) अच्छा होना चाहिए ! बॉडी अच्छी तरह से टारगेट  अलाइन होना चाहिए !
  2. पकड़ (Grip )(Grip of weapon):गन के ऊपर V  फोर्मेड में अंगूठा तथा इंडेक्स फिंगर सूटिंग हैंड (Shooting )के द्वारा हथियार के ऊपर अच्छी पकड़ बनाना चाहिए ! पकड़ ऐसी होनी चाहिए की सूटिंग हैंड (Shooting ) का  रिस्ट (Wrist ) और राइट थम्प टारगेट को पॉइंट करता हो !
  3. साँस पर कण्ट्रोल(Breathing Control) : साँस पर कण्ट्रोल इसलिए जरुरी है की इससे बॉडी का मूवमेंट काम हो जाता है शूटिंग के दौरान !इसलिए लिए यह रेकमेंड (Recommend) किया जाता है की शॉट फायर करने के बाद ही साँस लिनी चाहिए यानि दो राउंड फायर करना हो तो एक राउंड फायर करने का बाद ही सांस  लेनी चाहिए !
  4. साइट अलाइनमेन्ट(Sight Alignment) : साइट अलाइनमेन्ट में फोरेसाइट ुर बैक साइट  ही ख़ास रिस्ता है इसिलए दुरुस्त रिजल्ट के लिए अच्छी साइट अलाइनमेन्ट होनी चाहिए !
  5. दुरुस्त ट्रिगर ऑपरेशन(Trigger Operation) : अच्छी फायरिंग रिजल्ट के लिए दुरुस्त ट्रिगर ऑपरेशन की  अहम् रोल होता है यानि ट्रिगर को झटके से नहीं दबाना चाहिए बल्कि धीरे धीरे (Gradually ) दबाना चाहिए !

दूसरे शब्दों में कहे तो फायरिंग के बेसिक उसूल(Fire aur Fire ke usul) है :
  • मजबूत एवं दुरुस्त पकड़
  • दुरुस्त शिस्त
  • दुरुस्त ट्रिगेर ऑपरेशन

    इस प्रकार  कह सकते है की फायरिंग से अच्छा रिजल्ट प्राप्त करने के लिए फायरिंग पोजीशन , राइफल के ऊपर पकड़ तथा ट्रिगर ऑपरेशन का एक बहुत ही अहम् रोले होता है इसीलिए एक फायरिंग के मुख्य उसूल इसे कहते है ! इस प्रकार से यह एक छोट सा  जो की  उसूल से सम्बंधित समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह पोस्ट पसंद आया होगा और कुछ लाभप्रद जानकारी प्रदान हुई होगी  !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!
इसे भी पढ़े : 
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01 अप्रैल 2021

पुलिस मैंन पान को आधार नंबर के साथ लिंक करने का तरीका

अक्सर देखा गया है की एक आम पुलिस जवान अपने ड्यूटी में इतना मशगुल रहता है की बहुत सी जरुरी बाते होती है जो उससे सम्बंधित रहती है लेकिन वह समय रहते जान नहीं पाते है और समय निकल जाने के बाद या तो किसी एजेंट या दलाल को पकड़ते है या फाइन भरके आपना काम करते है ओ चाहे स्कूल का फ़ीस भरना हो या इनकम टैक्स का रीटरन फाइल करना हो सब में देखा गया है की पुलिस के जवान हो या सिक्यूरिटी फोर्सेज के जवान सब डे टू डे के डेवलपमेंट से अनभिज्ञ रहते है !

जरुर पढ़े : ऐसे पता करे अपने आधार नंबर कब कब इस्तेमाल हुवा ?

उसी सन्दर्भ में 31 मार्च 2021 को पान को आधार नंबर के साथ लिंक करने का आखरी तारीख था लेकिन इनकम टैक्स के साईट पर कुछ प्रॉब्लम तथा भारी ट्रैफिक को देखते हुवे पान को आधार नंबर से लिंक  करने का समय अवधी अब बढ़ा कर के 30 जून 2021 कर दिया गया है !तो जो जवान अभी टैंक अपने आधार और पान को लिंक नहीं किये है तो उसे लिंक  करा ले नहीं तो आयकर विभाग के सर्कुलर के अनुसार  आप का पान डीएक्टिवेट हो जायेगा और बाद में रुपया 1000 फाइन के साथ पान फिर से एक्टिवेट किया जायेगा !

कैसे पान - आधार को लिंक करे :

1. लिंक पान-आधार SMS भेज कर के (Link PAN- Aadhar Number through SMS)

अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर से  SMS 567678 या 56161 पर भेज दे 

उदाहरन के लिए 

अगर आप का आधार नंबर aaaa aaaa aaaa और पान नंबर 1234R1234A हो तो SMS इसप्रकार से अपने रजिस्टर मोबाइल से भेजे  भेजे 

 format: UIDPAN<aaaa aaaa aaaa><1234R1234A

जरुर पढ़े : पान कार्ड नम्बर को  बैंक अकाउंट से लिंक करने का तरीका

2. लिंक पान - आधार इनकम टैक्स के वेब साईट पर जा कर (Link PAN-Aadhar by visiting Incometax website)

  • इनकम टैक्स के ऑफिसियल वेबसाइट  https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home पे जाए और वह लॉग इन करे 
  • फिर क्विक लिंक का आप्शन आता है जहा लिखा रहता है लिंक आधार वह पे क्लिक करे 
  • और अपना पान और आधार नंबर तथा नाम जैसे आधार में लिखा हुवा है वैसे भर दे  




  • और अंत में लिंक आधार बटन को क्लिक करे  

3. पान-आधार लिंक है की नहीं उसे इस प्रकार से चेक करे (Check kare ki PAN-Aadhar link hai ki nahi)
  • www.incometaxindiaefiling.gov.in/aadhaarstatus साईट पे जाए 
  • और वह अपना पान और आधार नंबर इंटर करे
  • और अंत में व्यू लिंक आधार स्टेटस बटन पर क्लिक करे 
  • आप को दुसरे पेज पर पान आधार लिंक का डिटेल आ जायेगा , इस प्रकार से आप जान पाएंगे की आपका आधार पान से लिंक है की नही 
  1. इस प्रकार  से आप अपना पान-आधार को एक साथ लिंक कर सकते है और लिंक किया हुवा पान आधार को आप चेक कर सकते है की लिंक हुवा है की नहीं !उम्मीद है की यह पोस्ट पसंद आया होगा और कुछ लाभप्रद जानकारी प्रदान हुई होगी  !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे



05 मार्च 2020

कितना खतरनाक है कॅरोना वायरस - एक पुलिसमैन के परिपेक्ष में

दोस्तों, कल मै एक पोस्ट कॅरोना वायरस के बचाव के सम्बन्ध में लिखा था जिसका व्यू बहुत ज्यादा मिला और बहुत से लोग तरह  तरह  के सवाल कर रहे है  तो मै भी सोचा की क्यों नहीं  जितने भी महामारी  बीमारी आये थे उनके बारे में जानकारी इकठ्ठा कर के तुलनात्मक विश्लेषण किया और उसमे यह पाया की मृत्यु दर और सब बिमारिओ में थे उनसे बहुत ही काम मृत्युदर कॅरोना से है !  
कुछ बिमारिओ का मृत्युदर कॅरोना  से भी ज्यादा था वह इस प्रकार से है :

  • 2003 सारस (SARS ) मोरटैलिटी  रेट (Mortality Rate)  -10 % प्रभावित कुल 26  देश 
  • 2009  स्वाइन फ्लू  मोरटैलिटी  रेट (Mortality Rate)-4. 5 % प्रभावित 5  करोड़ से ज्यादा 
  • 2014  इबोला (EBOLA ) मोरटैलिटी  रेट (Mortality Rate)-25 % जिससे 11 310  आदमी  मरे 
  • 2020  कोरोना वायरस मोरटैलिटी  रेट (Mortality Rate)-2 % अभी तक 3052  आदमी मरे !
इतना कम होने के बाद भी क्यों इतना हल्ला हो रहा है और लोगो में भय उत्पन्न हो रहे है ! इसके बहुत से कारन है जिसमे एक व्यावसायिक लाभ उठाने का भी कारन हो सकता है ! वर्ल्ड शेयर मार्किट में भारी गिरावट देखी जा रही है जो व्यावसायिक लाभ उठाने के कारन को पुख्ता कर रहा है !

 विश्व स्वास्थ्य आर्गेनाईजेशन ने भी एक डरावना नाम इसे दे दिया Covid-19.! और भी कुछ सोशल मीडिया के ऊपर सेन्सलाइजेसन किया जा रहा है  क्यों की :
  • 2003  सारस  के दौरान फेसबुक नहीं था  2009  स्वाइन फ्लू के दौरान फेसबुक १५० मिलियन लोग जुड़े थे 
  • 2014  इबोला  के दौरान व्हाट्सप्प पे केवल 45  करोड़ लोग ही जुड़े थे 
  • जबकि 2020  Covid -19  व्हाट्सप्प पे 2 बिलियन और फेसबुक पर 1.69 बिलियन  लोग जुड़े 
ये जो 3  बिलियन लोग सोशल मीडिया पे जुड़े है यह उसका कमाल है की हम हर चीज को बढ़ा चढ़ा कर  बना देते है जिससे लोगो का अपना अपना व्यू बढ़ा चढ़ा कर बता रहे है ! और वही  बाते  कॅरोना  वायरस के केस में भी हो रहा है ! ऐसा नहीं है की इस  वाली बाते नहीं है लेकिंग हमे इससे इतना भी नहीं डरना है बल्कि जो एहतियात डॉक्टर बता रहे है उसको अनुसरण करना है और स्वास्थ्य रहना है !

यह पोस्ट मुझे यहाँ इसलिए लिखना पड़ा की हमलोग पुलिस में काम करते है और इस समय जब की सरकार स्कूल कालेज और मार्किट बंद हो रहे है और लोग अपना मूवमेंट काम कर रहे है जब की पुलिस का काम है की पब्लिक से डील  करना तथा भीड़ भाड़ इलाको में ड्यूटी करते करते है तो पोलिसवाले के मन में तो नहीं पर उनके परिवार के मन में कुछ भय उत्पन्न हो रहा है उसको दूर करने के लिए यह एक तुलनात्मक  विवरण रखने का कोसिस किया हु!

 उम्मीद है की आप लोगो को  लाभदायक जानकारी होगी पढ़ने के बाद ! अगर यह पोस्ट पसंद आये तो मेरे ब्लॉग को सब्सक्राइब करे और मेरे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करे !इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित!

04 मार्च 2020

कॅरोना वायरस पुलिस जवान की ड्यूटी

हेलो  आज के इस  बात करूँगा कॅरोना वायरस  पुलिस जवान की ड्यूटी और ड्यूटी के दौरान या ड्यूटी के बाद अपने  इस वायरस  इन्फेक्शन से बचे और अगर संक्रमित हो गए तो करे !

दोस्तों सबसे पहले तो  बोलना चाहुगा की यह पोस्ट मै  बहुत समय के बाद लिख रहा हु क्यों की कुछ ऐसी काम के संबंध में व्यस्ता आ गई  थी की   था!  मै प्रॉमिस करता है की कोसिस करूँगा के समय समय पे पोस्ट लिखूंगा ! 

दोस्तों मुझे यह बताते हुए हर्ष भी हो रहा है की मैंने पुलिस ट्रेनिंग से सम्बंधित एक यूट्यूब चैनल पोलिसवाले गुरूजी के नाम से सुरु किया हु और ऐसा अपेक्षा रखता हु की आप मेरे चैनल को विजिट कररंगे और वीडियो को देखेंगे और मेरे चैनल को सब्सक्राइब करेंगे !

कॅरोना वायरस के संबंध में यह पोस्ट मई इसलिए लिख रहा हु की आज अपने देश में भी कॅरोना  वायरस के पॉजिटिव केस कुछ मिले है !दोस्तों हमने पहले भी देखा है की जब भी कोई आपदा आती है स्कूल कॉलेज या ऑफिसेस बंद हो जाते है लेकिन पुलिस की ड्यूटी बढ़ जाती है , और शायद इस केस में भी यही होने वाला है तो ऐसे समय में बचाव के बारे  में जानना बहुत जरुरी है  और विश्व स्वास्थ्य आर्गेनाईजेशन ने कॅरोना  वाइरस से बचने के लिए बहुत सारे  सुरक्षा सम्बंधित हिदायते जारी किये है उसे जानना बहुत जरुरी है ! 

कॅरोना  वायरस उतना खतरनाक वीमारी नहीं है जितना की हल्ला मचा हुवा है इसमें खतरनाक बाते  यही है की यह वीमारी का  इन्फेक्शन और इसका फैलाव बहुत ज्यादा है और उस इन्फेक्शन के रुकने के लिए अभी तक कोई टिका का ईजाद नहीं हुवा है नहीं तो इस वीमारी में भी डेथ रेट और बिमारिओ के जितना ही है बस अंतर यह है की और बिमारिओ की  इन्फेक्शन को टीकाकरण कर के रोक लिया जाता है जबकि इस वीमारी का कोई टिका अभी तक नहीं बना है !

चलिए टिका बने या न बने फिर एक पुलिस के जवान को भीड़भाड़ वाले जगह पे ड्यूटी करनी ही पड़ेगी इसलिए वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के बताये हुए सुरक्षा सम्बंधित हिदायते जो की उनके वेबसाइट पे दिया हुवा है ो इस प्रकार से है :
  • समय समय पे अपना हाथ अच्छी तरह साबुन या अल्कोहल बेस्ड सेंतीसाइजऱ  से धोये  रहे !

  • खांसने  और कफ से पीड़ित व्यक्तिओ से दुरी बनाये रखे कम से कम तीन मीटर !
  • बिना हाथ को अच्छी तरह से धोये हुव आँख, नाक, मुँह को न छुए !

  • खासते या छीकते समय मुँह और नाक में कपडे रख कर खासे या छीके और उसके बाद हाथ को अच्छी तरसे साबुन से साफ करे !
सही जानकारी रखना किसी भी समस्या से बचाव का बहुत ही अच्छा तरीका है इसलिए अपने हेल्थ ऑफिसियल और न्यूज़ पेपर तथा टेलीविज़न में लेटेस्ट जानकारी कॅरोना  के बारे में जो भी दी जाती है उसको ध्यान से सुने और उसका अनुपालन करे सुरक्षित रहना ही बचाव है ! धन्यवाद इसके साथ ही यह पोस्ट यहाँ सम्पत हुवा उम्मीद है की आपको इस जानकारी से लाभ मिलेगा ! धन्यवाद , जय हिन्द 

13 अक्टूबर 2018

#MeToo मूवमेंट का अंतिम अंजाम क्या होगा पुलिसमैन की नजर से

#Metoo मूवमेंट आज कल जोरो पे है पिछले दो सप्ताह से यह देखा गया आये दिन किसी न किसी नए सेलेब्रेटी का नाम इस #MeToo के लिस्ट में जुड़ रहा है ! और तरह तरह के चुटकुले सोसिअल मीडिया और व्हात्सप्प ग्रुप में चल रहे है ! लेकिन इस मूवमेंट का सबसे ज्यादा अगर किसी सरकारी महकमा के ऊपर असर डालने वाला है वो है पुलिस डिपार्टमेंट!
#Metoo in India
#Metoo
क्यों की अगर यह कोम्पैन केवल धित्कार और बदनाम तक ही सिमित रहता है तो इसमें पुलिस का कोई खास भूमिका  नहीं होगा लेकिंन  अगर पुलिस केस फाइल किया जाता है  तो पुलिस का भूमिका  बढ़ जायेगा!

और आम जनता तथा मीडिया ये प्रचारित करने लगेगी की पुलिस कंप्लेंन  होने के बाद भी पुलिस ये करवाई नहीं कर रही है तो पुलिस ओ करवाई नहीं कर रही है और हाथ पर हाथ रख कर बैठी हुई है!

ज्यादातर मीडिया रिपोर्टर बिना टाई के वकील बनेगे और जो पुलिस की पहले से  धूमिल छवि है उसे और  धूमिल करेगे  और पुलिस कितना भी अपनी सफाई दे लोग उनके सफाई के ऊपर उतना विश्वास नहीं करेंगे !


इसलिए मै यह जानने की कोसिस किया की अगर आरोपकर्ता पुलिस कोम्प्लेंन करता है तो पुलिस  क्या कर सकती है ! इसको जानने केलिए मैंने बहुत से ख्याति प्राप्त वकीलों का पोस्ट पढ़ा और जानकर लोगो का इंटरव्यू देखा और समझने के कोसिस किया की अगर पुलिस कंप्लेंन  होने पर क्या होगा !

# Metoo कोम्पैन वाले जो विक्टिम है अगर पुलिस कंप्लेंन  करते है तो उनके FIR  जो साधारणतः IPC सेक्शन लगेगा वह निम्न हो सकता है :
  • IPC सेक्शन  354-
  • IPC सेक्शन 354A
  • IPC सेक्शन 354B
  • IPC सेक्शन 354C
  • IPC सेक्शन 354D
  • और IPC सेक्शन 509
यहा यह बताना बेहद जरुरी है की  IPC सेक्शन 354  के साथ 354A,354B,354C,354D को 2013 में सामिल किया गया इसलिए जोभी गुनाह अगर  सन 2013 से पहले हुवा है उसका केस  IPC की धरा 354A, B,C,और D के अंतर्गत फाइल नहीं किया जा सकता और केवल IPC की धरा 354 के अंतर्गत ही फाइल किया जा सकता है ! 

इस विषय में एक विस्तृत पोस्ट सोसिअल साईट Quora पर सुप्रीम कोर्ट के जाने माने  वकील श्री अशोक धमीजा जी ने लिखा है जो बहुत ही सरल भाषा में समझा दिए है की क्या होसकता है  ! 

रही बात IPC सेक्शन 354  का तो सन 2013 से पहले इस सेक्शन के अंतर्गत अधिकतम सजा की जो अवधि थी वह  2 साल की थी जिसे सन 2013 में तीन साल कर दिया गया ! तो सन 2013 से पहले इस सेक्शन की अधिकतम सजा 2 साल थी इसलिए समानतः 3 साल के अन्दर कंप्लेंन  फाइल होना चाहिए  नहीं तो बिना कोर्ट के परमिशन इंसिडेंट  के  3 साल के बाद इस सेक्शन अंतर्गत केस नहीं चलाया जा सकता है ! 

कोर्ट के पास अधिकार है की वह स्पेशल परिस्थिति में अनुमति दे सकता है 3 साल के बाद केस चलाने  के लिए लेकिन उसके लिए कोर्ट को तथ्य के साथ सहमत कराना पड़ेगा  अगर कोर्ट प्रस्तुत किये गए कारण और तथ्यों को नहीं माना  तो केस नहीं चल सकता है !

यही बात IPC सेक्शन 509 पे लागु होता है  सन 2013 से पहले इस सेक्शन के अंतर्गत भी अधिकतम सजा 1 साल का था जिसे सन 2013 में बढ़ा कर 3 साल कर दिया गया !और इस सेक्शन के अंतर्गत केस रजिस्टर करने  का समय  गुनाह होने के 1 साल  के अन्दर  था ! इस केस में भी कोर्ट चाहे तो तथ्यों को ध्यान में रखते हुए केस फाइल करने का सीमा को बढ़ा सकता है और केस फाइल कर केस चलाने को बोल सकता है !

अभी तक जितना भी #Metoo के आरोप आये है ओ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2013 से पहले के है तो अगर ये लोग पुलिस के पास अपना फरियाद लिखाते  है तो पुलिस तो मना नहीं कर सकती है लेकिन ये अब पुलिस से ज्यादा फरियादी के ऊपर निर्भर करता है की ओ कोर्ट को कैसे राजी कर पाते है अपने तथ्य और साबुत से की कोर्ट यह मान ले और लेप्स पीरियड को  कंडोंनेशन (Condonation of delay period) कर दे अगर कोर्ट नहीं माना तो पहले स्टेज में ही केस को ख़ारिज कर देगा  !

पुलिस डिपार्टमेंट के ऊपर असर (Police Department ke upar #Metoo ka asar)

 किसी भी तरह के महिला उत्पीडन गलत है वह चाहे कार्यस्थल पे हो या घर पे इसका जितना भी घोर निंदा किया जाय काम है इसमें गुनाहगार को सख्त से सख्त सजा मिलिनी ही चाहिए लेकिन ऊपर बताई गई सारी बाते  रही क़ानूनी बैधता की बात  है !अब इन सब केसों के कारण पुलिस डिपार्टमेंट के ऊपर क्या असर पड़ेगा!

जैसे की हम पहले से जानते है की भारतीय पुलिस बहुत ही ओवर स्ट्रेच है बिभिन्न तरह की डियूटीज के कारण अभी ही ही औसतन एक पुलिस जवान दिन में करीबन 14 से 16 घंटा ड्यूटी करता है ! 

अभी तक केवल एक केस फाइल हुवा है जिसमें एक FIR रजिस्टर और स्टेटमेंट लेने में  करने में चार घंटा लग गया जिसमे जिसमे उच्च अधिकारी से लेकर कांस्टेबल तक सभी व्यस्त रहे ! और लोग भी आगे आते है और केस रजिस्टर करते है तो इसी के अनुसार ही समय लगेगा क्यों की  एलिगेसन कभी पुराने इंसिडेंट के ऊपर है जिसका साबुत मिलने में बहुत कठिन होगा ! 

ये ज्यादातर केस में बोलीवूड के लोगो के बिच का है और बोलीवूड आलरेडी डिवाइड होगया है तो यह पता नहीं की जो बॉलीवुड के लोग मौके बारदात पे मौजूद थे ओ किस खेमे के साथ है और ओ गवाही में किसका सपोर्ट करेंगे ! क्यों की अभी तक बॉलीवुड का रिकॉर्ड इस मामले में बहुत अच्छा नहीं रहा है ये  लोग हल्ला बहुत मचाते है लेकिन कोर्ट कचहरी से दूर रहते है !

 अब ये हाई प्रोफाइल केस है और  रजिस्टर होने के दिन से  पुलिस का मीडिया ट्रायल  शुरू हो जायेगा की पुलिस ये नहीं कर रही, पुलिस ओ नहीं कर रही लेकिन जो पुलिस कर रही है उसके बारे में मीडिया कुछ नहीं बताएगी और इसके कारण पुलिस के ऊपर बहुत दबाव आएगा और जो पुलिस अभी अपने काम के बोझ तले दबी हुई है किसी अहम् केस को छोड़ के इन केसों के ऊपर ज्यादा समय देना पड़ेगा !

और अगर  पुलिस की यह केस पहले दिन ही कोर्ट से ख़ारिज होगया तो मीडिया आरोपकर्ता को जिमेवार नहीं ठहरायेगी की वो लोग इतने दिनों तक क्यों चुप रहे बल्कि पुलिस के ऊपर मालवा आ कर गिरेगा की पुलिस केस को अच्छी तरह  से विवेचना नहीं की इसलिए केस गिर गया कोर्ट में !

यहाँ तक तो एपिसोड का पहला भाग है पुलिस का काम यही ख़त्म नहीं होगा अगर पुलिस केस कोर्ट में गिर गया तो आरोपी वर्ग काउंटर केस आत्मसम्मान(defamation) को ठेस  पहुचने का केस करेगा फिर पुलिस वाले एक केस से निकलेगे दुसरे में सुरु हो जायेगे और मीडिया ट्रायल जारी रहेगा ! और दोनों अपना अपना काम करेंगे यानि पुलिस अपनी काम करेगी और मीडिया अपनी ! 

All the best to both party media and police!

उम्मीद है की यह छोटा पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !

22 सितंबर 2018

पुलिसवाले भी आयुष्मान भारत स्कीम में सामिल है क्या ?

आयुष्मान भारत योजना का आज कल बहुत चर्चा है ! वर्तमान सरकार की बहुत सारी महत्वकांक्षी योजनाओ में से एक यह योजना का शुभारम्भ 23 सितम्बर 2018 को होने जा रहा है ! इस योजना ने आज कल पूरा माडिया जगत में एक बुज़ पैदा किया है! और सभी जानना  चाहते है की यह स्कीम है क्या ?  और कौन कौन इस योजना के फ़ायदा ले सकते है ! क्या पुलिसवाले के परिवार भी इस योजना में सामिल हो सकती है ?


इस पोस्ट के माध्यम से हम आयुष्मान भारत से सम्बंधित निम्न बातो को जानेगे :
1.आयुष्मान भारत  योजना के मुख्य बाते  
2.आयुष्मान भारत योजना  मुख्यतः लक्षित लोग कौन कौन से  है ?
3. क्या आयुष्मान भारत योजना में आपका भी नाम सामिल है ?

1.आयुष्मान भारत  योजना के मुख्य बाते 

आयुष्मान भारत योजना को पुरे देश में लागु 23 सितम्बर 2018 से किया जाएगा और मानिया प्रधानमंत्री इस योजना को झारखण्ड राज्य से एक प्रोग्राम में सामिल होकर इसका शुभारम्भ करेंगे !

इस योजना को मुख्या बाते कुछ इसप्रकार से है :
  • इस योजना से सालाना बेनिफिट कवर 5 लाख रुपया प्रति परिवार प्रति वर्ष  मिलेगा इस स्कीम के तहत पूरा चिकित्सा खर्च कैशलेस और पेपर लेस  मोड में होगा !
  • इस योजना में सामिल होने के लिए कोई परिवार की साइज़ तय नहीं की गई है यनी परिवार छोटा हो या बड़ा सभी इस योजना के फायदा उठा सकते है ! 
  • इसका पैसा का पेमेंट अस्पताल को ESCROW अकाउंट के तहत की जाएगी !
  • इस योजना को बीमा या ट्रस्ट या दोनों के मिश्रित रूप से लागु किया जायेगा 
  • इस योजना को केंद्र तथा राज्य सरकार के पहले से चल रहे हेल्थ स्कीम के मिला कर लागु किया जायेगा !


2.आयुष्मान भारत योजना  मुख्यतः लक्षित लोग कौन कौन से  है ?


वर्तमान में आयुष्मान भारत योजना के लिए लक्षित ग्रुप भारत  सरकार  के वेबसाइट के अनुसार  के  निम्न है 

आयुष्मान भारत के लिए ग्रामीण क्षेत्र लक्षित ग्रुप 

इस योजना के लिए पूरा ग्रामीण क्षेत्र के आबादी को निम्न 6  बंचित ग्रुप में  बंटा गया है और वो लोग इस योजना के लिए योग्य है सामिल होने के लिए !
  • D1- एक रूम के कच्चा माकन में रहने वाले लोग 
  • D2-वह परिवार जिनके घर के किसी भी मेम्बर का आयु 16 से 59 साल तक नहीं है !
  • D3- वैसा  परिवार जिसमे कोई पुरुष नहीं है जिसका उम्र 16 से 59 के बिच हो केवल महिलाये ही है या पुरुष है भी तो 59 साल से बड़ा है या बचे है जिनकी उम्र 16 से काम है !
  • D4-वैसा व्यक्ति जो विकलांग है जो शारीरिक रूप से अपने कुछ नहीं कर सकता 
  • D5- SC/ST परिवार के लोग 
  • D7-वैसा भूमिहीन परिवार जो अपना भरण पोषण दैनिक आमदनी कमाकर होने वाली आय से चलता है
इसके अलवा निम्न ग्रामीण व्यक्तिओ को भी इस योजना में सामिल किया गया है :
  • गृह विहीन लोग 
  • आनाथ और गरीब लोग 
  • सफाई करने वाले  (Manual scavenger families)
  • आदिवासी जनजाति परिवार 
  • बंधुवा मजदुर परिवार

आयुष्मान भारत के लिए शहरी  क्षेत्र लक्षित ग्रुप 

शहरी क्षेत्र में रहने वाले निम्न ग्रुप लोगो को इस योजना में शामिल करने के लिए चिन्हित किया गया है :
  • कचड़ा उठाने वाला 
  • भीख मांगने  वाला 
  • घरेलु काम करने वाले वर्कर 
  • फुटपाथ पर छोटे छोटे सामान बेचने वाले /मोची/हॉकर/और कोई भी काम सस्ट्रीट पर रह कर करता हो 
  • कांस्टकसन वर्कर /प्लम्बर /राज्यमिस्त्री /लेबरर /पेंटर /वेल्डर /सिक्यूरिटी गार्ड/कुली और दूसरा कोई ढुलाई करने वाला वर्कर 
  • स्वीपर /सैनिटेशन वर्कर /माली 
  • होम बेस्ड वर्कर /हस्तकरघा वर्कर /टेलर 
  • ट्रांसपोर्ट वर्कर /ड्राईवर/कंडक्टर /हेल्पर /कार्ट पुलर /रिक्शाव  चलने वाला 
  • दुकान पर काम करने वाला वर्कर /सहायक /चपरासी किसी छोटे उद्यम में / डिलीवरी असिस्टेंट /अटेंडेंट /वेटर 
  • एलेक्ट्रियन /मैकेनिक/असेम्बलर /रिपेयर वर्कर 
  • धोबी /चौकीदार  

अभी तक के उपलब्ध ग्रुप के अनुसार उपरोक्त ग्रुप के व्यक्ति और उसका परिवार इस आयुष्मान भारत के लिए योग्य है और उनलोगों का नाम इस योजना में सामिल किया गया है !

3. क्या आयुष्मान भारत योजना में आपका भी नाम सामिल है ?


इस योजना का आज कल इतना चर्चा है की यह योजना आने के बाद सभी परिवार को सालाना 5 लाख तक मेडिकल बीमा हो जायेगा और बीमार होने पर प्राइवेट अस्पताल में भी फ्री में चेक अप करा सकते है ! यह सब सुनकर हर कोई के मन में तरह तरह के सवाल आ रहे है जैसे 
  •  जानना चाहता है की क्या उसका भी नाम इस योजना के लिए योग्य है 
  • क्या पुलिस /सेट्रल पैरामिलिटरी  वाले भी इस योजना के लिए योग्य है ?

उपरोक्त  सवालो के बारेमे में हम यही कह सकते है की अभी तक के उपलब्ध डिटेल्स के अनुसार इस योजना के अंतर्गत कुल करीब 10 करोड़ गरीब परिवार   की ग्रामीण  और शहरी क्षेत्रो से चिन्हित किये गए है ! इन सभी परिवारों का लिस्ट उनके एरिया के ANM/BMO/BDO के पास उपलब्ध है और उस लिस्ट में जिन लोगो का नाम है वही इस स्कीम का फ़ायदा उठा सकते है !  कुछ लोगो के पास प्रधानमंत्री के द्वारा खुद लैटर भेज कर भी आवगत कराया जायेगा !

और ऊपर बताये गए वोर्किंग ग्रुप के अनुसार पुलिसमैन या कोई सरकारी कर्मचारी इस स्कीम में सामिल नहीं है इस लिए आप उसका फायदा नहीं उठा सकते है ! 

अगर आप अपना नाम चेक करना चाहए है की आप इस स्कीम में सामील है की नहीं तो आप ऑनलाइन भी कर सकते है जिसके लिए नेशनल हेल्थ  एजेंसी के वेबसाइट  पर जेक आप निम्न डिटेल्स इंटर कर के जन सकते i की प का नाम इस स्कीम में सामिल है की नहीं !

https://mera.pmjay.gov.in/search/login
https://mera.pmjay.gov.in/search/login
  • मोबाइल नंबर 
  • कैच अप कोड
  • ओ टी पी 
  • आपना राज्य का नाम 
  • और अपना नाम / मोबाइल नम्बर/राशन कार्ड नम्बर यदि 
इस प्रकार से आप आयुष्मान भारत से सम्बंधित एक छोटा सा ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई जिसके द्वारा मैंने लोगो की कुछ जिज्ञासाए इस आयुष्मान भारत स्कीम के बारे में था उसे दूर करने का कोशिस किया हु और सब जानकारी आप आयुष्मान भारत के हेल्प लाइन नम्बर डायल कर के भी जन सकते है आयुष्मान भारत का टोल फ्री  हेल्प लाइन नम्बर है(Ayshman Bharat scheme help line number) -14555/ 1800111565.उम्मीद है की यह आपको पसंद आएगा !अगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे !
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16 सितंबर 2018

सुसाइड अटैक से निपटने के लिए सिक्यूरिटी अरेंजमेंट

पिछले पोस्ट में हमने आतंकवादी संगठन सुसाइड अटैक के लिए कब उतारू होते  है उनके बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस पोस्ट में हम जानेगे  की सुसाइड अटैक से निपटने के लिए सिक्यूरिटी अरेंजमेंट कैसे किया जाय (Suicide attack se niptne ke lie security arrangement kaise kiya jaay) की सुसाइड अटैक को बिफल किया जा सके !


जैसे की हम जानते है की वर्तमान सुरक्षा के बातावरण में सुरक्षा बालो के सब तरह के खतरे निपटने के लिए अपने आप को तैयार रखना पड़ता है  क्यों की आतंकवादी आज कल मल्टी डायमेंशनल हो गए है और ओ किसी भी रूप और किसी भी नई रणनीति के रूप में आकर सुरक्षा बालो के ऊपर हमला कर सकते है !

जरुर पढ़े:टेक्टिकल वर्ड्स और उसका मतलब हिंदी में -I

और आतंकवादियो के रणनीति के ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बल भी अपनी ट्रेनिंग और तैयारी करते रहते है ताकि  आतंकवादी के हर एक मनसूबे को बिफल किया जाय सके !

पोस्ट पर होने वाले खतरों के अनुसार तीन से लेकर पांच प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था फिदायीन हमला को रोकने के लिए  की जा सकती है और इस ब्लॉग पोस्ट में हम उन पांच प्रकार के सिक्यूरिटी अरेंजमेंट के बारे में जानेगे :
Suicide Attack Security Arrangement
Suicide Attack Security Arrangement
1.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का पहला घेरा (Suicide attack ke security arrangement ka pahla tier )
2.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का दूसरा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka second tier )
3.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का तीसरा घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka third tier )
4.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का चौथा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka fourth tier )
5.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का पाचवा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka fifth tier )

जरुर पढ़े:कामौफ्लाज और कांसिल्मेंट के ऊपर एक संक्षिप्त जानकारी

1.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का पहला घेरा (Suicide attack ke security arrangement ka pahla tier )

इस घेरा के अन्दर हम कुछ एक  निम्नलिखित सिक्यूरिटी अरेंजमेंट करते है :
  • पोस्ट के चारो ओर दोहरी तारबंदी और उनके बीच में ट्रिप फ्लारे, क्ले मोरे माइन , धोखे  का फंदा कॉन्सरटीना वायर तथा स्टन ग्रेनेड लगाये जा सकते है !
  • पोस्ट के अन्दर आने जाने का रास्ता कम से कम (एक या दो ) अच्छा होना चाहिए यदि एक ही रास्ता हो और दूसरा आपातकालीन !
  • पोस्ट के चारो तरफ किलाबंदी को इस प्रकार लगाये की चारो तरफ की एरिया को देखभाल और असरदार फायर से कवर किया जा सके !
  • गेट पर मजबूत बैरियर लगाये !
  • गेट पे बैरियर से हट कर मजबूत सन्तरी पोस्ट बनाये !
  • गेट पर संतरी जोड़े में लगाये , पहला संतरी चेकिंग कर रहा हो तो दूसरा संतरी उसे कवर कर के रखे !
  • पोस्ट का इलाका बडा होने पर पैरामीटर के चारो तरफ पेट्रोलिंग करने की व्यवस्था कर उसे इलाके में एरिया डोमिनेंट करने के लिए दुसरे ट्रूप्स से मिलाप रखे !

2.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का दूसरा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka second tier )

इस घेरा के अन्दर हम कुछ एक  निम्नलिखित सिक्यूरिटी अरेंजमेंट करते है :
  • गेट पर पहले संत्री पोस्ट के पीछे थोड़ी दूर पर दूसरा संतरी पोस्ट ऐसा बनाये जहा से पहले संतरी को असरदार फायर से मदद दी जा सके !
  • रहने की बैरक , बिल्डिंग , टेंट के चारो तरफ सैंड बैग की छोटी दिवार अर्थात बैरिकेड अवश्य बनाये ! ताकि फायर से बचने तथा जरुरत पड़ने पर उसके पीछे से  कवर लेकर फायर डाला जा सके !
  • ग्रेनेड फायरिंग से बचने के लिए मजबूत ओवर हेड कवर बनाये !
  • सभी संतरी बुलेट प्रूफ जैकेट तथा स्टील हेलमेट अवश्य पहने !
  • सभी जवान एक जगह नहीं बल्कि पोस्ट के अन्दर ही अलग अलग जगह पे रहे !

3.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का तीसरा घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka third tier )

    इस घेरा के अन्दर हम कुछ एक  निम्नलिखित सिक्यूरिटी अरेंजमेंट करते है :
    • पोस्ट के अन्दर इलाका छोटा होने पर एक और बड़ा होने पर दो या दो से ज्यादा सेंट्रल सिक्यूरिटी कमांड पोस्ट(Central Security Command Post) को हर हाल में स्थापित करे ! ये जगह उच्ची और ऐसी होनी चाहिए जहा से पोस्ट के अंदर और पोस्ट के बहार भी देखभाल तथा फायर से डोमिनेंट किया जा सके तथा जहा फिदायीन का पहुच थोडा मुस्किल  हो !
    • मैंन  गेट पर डबल बैरियर लगाये,जिनके बिच 10 से 15 मीटर दुरी होनी चाहिए !
    • दोनों बैरियर के बिच कटीले बोर्ड का प्रयोग में लाये ताकि घुसपैठिये की गाड़ी को पंचर किया जा सके !
    • मेन  गेट पर पहले बैरियर के आगे दोहरा स्पीड ब्रेकर  लगाये !

    4.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का चौथा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka fourth tier )

     इस घेरा के अन्दर हम कुछ एक  निम्नलिखित सिक्यूरिटी अरेंजमेंट करते है :
    • पोस्ट ज्यदा सेंसेटिव होने पर रहने वाली जगहों पर संतरी अवश्य लगाये ख़ास तौर में रात में !
    • यकीं करे की जवानों के रहने की बैरक के अन्दर जाने का रास्ता एक हो लेकिन निकलने के लिए दो या दो से ज्यादा आपातकालीन रस्ते हो !
    • QRT अवश्य बनाये और उसे अच्छी तरह से अभ्यास कराये !

    5.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का पाचवा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka fifth tier )

     इस घेरा के अन्दर हम कुछ एक  निम्नलिखित सिक्यूरिटी अरेंजमेंट करते है :
    • असरदार अर्ली वार्निंग सिस्टम  का प्रयोग करे ताकि आराम करते हुए ट्रूप्स के पास फिदायीन के पहुचने से पहले, ट्रूप्स अलर्ट हो जाये और कवर के पीछे पोजीशन लेले और फिदायीन के आते ही उसे मार गिराए !
    • पोस्ट के चारो तरफ एक असरदार और मजबूत ख़ुफ़िया नेटवर्क स्थापित करे ! जिससे की फिदायीन द्वारा पोस्ट के देखभाल को रोका जाय !
    • आस पास के पोस्ट /यूनिट के साथ दोहरी संचार व्यवस्था स्थापित करे 
    • पोस्ट पर हर समय ट्रांसपोर्ट की सुविधा अवश्य होना चाहिए !
    • फाॅर्स जैसी यूनिफार्म पहन कर अन्दर आने वाले को चेक करने से पहले कोड वर्ड  , पासवर्ड और दुसरे चेक पॉइंट का प्रयोग में लाये !
    • अगर संभव होतो इमरजेंसी सर्च लाइट और नाईट विज़न इक्विपमेंट का प्रयोग में लाये !
    • आवश्यकता के अनुसार जानकारी (Need to know basis) को मध्य नजर रखते हुए ही सीनियर ऑफिसर /VIP के आने जाने का प्रोग्राम छोटे कमांडर को बताये सब को नहीं !
    • ज्याद सेंसिटिव पोस्ट होने पर सिविल कपडे में पोस्ट के बहार लुक आउट पर भी अपने लोगो को लगा देना चाहिए !
    • कण्ट्रोल में रखते हुए ट्रूप्स में टारगेट ओरिएंटेड फायर करने की क्षमता अवश्य पैदा करना चाहिए !
    • मेन  गेट पर कांस्टेबल के साथ साथ NCO रैंक का आदमी भी अवश्य लगाये !

    सिक्यूरिटी प्रोन एरिया में रहते हुए जानने वाली कुछ बाते :

    • सभी पांचो तरह की सिक्यूरिटी व्यवस्था का समय समय पर रिहर्सल किया जाये जिससे की ट्रूप्स इन सिस्टम को अच्छी से समझले और उनमे अलर्टनेस की क्षमता पैदा हो जाये !
    • यकीं  करे की सभी सेंसिटिव पोस्ट पर हर वक्त गाडिया मौजूद हो इससे जवानों में कॉन्फिडेंस पैदा होता है !
    • स्ट्रोम इन ड्रिल (Strom in drill) का लगतार अभ्यास करते रहे !!
    • QRT को किसी भी परिस्थिति में कार्यवाही से निपटने के लिए अपने रोल और टास्क की पूरी जानकारी होनी चाहिए! साथ ही अभ्यास भी कराये !
    • आतंकवादियो की कार्यवाही तथा मिलने वाली इंटेलजेन्स रिपोर्ट से ट्रूप्स को लगातार आवगत कराते रहे !
    • जिम्मेवारी के इलाके में हमेशा छाये रहे !
    • लोकल पुलिस , एडमिनिस्ट्रेशन और सिलेक्टेड लोकल सिविलियन के साथ अच्छा मिलाप बनाकर रखे !
    • लोकल नोटोरिअस(Notorius) और मिलिटेंट माइंडेड सिविलियन(Militant minded Civilian) के ऊपर कड़ी नजर रखे !
    • ट्रूप्स को लोकल सिविलियन , खासकर दुकानदार सप्लायर और पोस्टमैन के साथ ज्यादा घुलने मिलने नहीं दे !
    • यकीं करे की जवान जब पोस्ट के अन्दर होतो अपने आपको पूरी तरह से सुरक्षित समझे जिससे उनमे तनाव कम होगा और अनजाने भय की भावना पैदा नहीं होगी ! लेकिंग इसमें ट्रूप्स सेल्फ कोम्प्लेसमेंट(Complacement) नहीं होना चाहिए ! बल्कि उनमे सतर्कता उच्चे दर्जे की बनी रहनी चाहिए!
    • पोस्ट पर बनाई गई सिक्यूरिटी व्यवस्था का रख रखाव लगतार करते रहना चाहिये !
    • कमांडर अपने ट्रूप्स पर भी क्लोज वाच रखे की किसी आतंकवादियो ने विन ओवर(Win Over) तो नहीं कर लिया या अपना आदमी प्लांट तो नहीं कर दिया !
    • सोर्स/इन्फोरमर से मिलाप के लिए छुपे तरीके का हो प्रयोग में लावे !
    • सिविल एक्शन करते समय विशेस सावधानी बरते ! यह कार्य पोस्ट से थोड़ी दूर पर ही करे अन्दर से नहीं !
    • कामोफ्लाज कांसाल्मेंट की अच्छी तकनीक का प्रयोग करके पोस्ट के सिक्यूरिटी अरेंजमेंट को इतना (Deceptive)छुपाव बनाया जाय जिससे पोस्ट पर एक अच्छी सिक्यूरिटी अरेंजमेंट होने का पता ही न चले इस तरीके से फिदायीन को पोस्ट पर हमला करने के लिए इनभाइट किया जाय ताकि उन्हें ट्रैप किया जाय !
    • पोस्ट के अन्दर सख्ती से IFF(Identification of Friend and Foe) प्रोसीजर का इस्तेमाल किया जाय और रेस्पेक्ट आल एंड सस्पेक्ट आल (Respect all and suspect all )का सिद्धांत अमल में लाना चाहिए !
    जरुर पढ़े:3 तरीके दुश्मन के फायर पोजीशन को पता लगने के
    • किसी गाडी के चारो होने या फिदायीन हरकत के बारे में खबर मिलने पर पोस्ट के सभी लोगो को तुरंत बता देना चाहिए और चौकसी बढ़ा देनी चाहिए !
    • जवानों को साफ़ साफ़ बताये की फिदायीन के पोस्ट के अन्दर घुसने पर कोई भी अपनी जगह छोड़ेगा नहीं जब तक की उसको कमांडर द्वारा हुकुम नहीं देगा !
    • रेंफोर्समेंट ट्रूप्स को कण्ट्रोल तरीके से प्रयोग में लाये क्राउड नहीं होने दे ताकि मिलिटेंट को दुसरे ब्लास्ट या ग्रेनेड फायर से बचा जा सके !
    • हमला किये गए पोस्ट को चारो तरफ से तुरंत घेर ले ताकि बहार से कोई दूसरा फिदायीन हमला न कर सके और नहीं अन्दर वाले फिदायीन को किसी प्रकार से मदद मिल सके !
    • सीनियर ऑफिसर हमला किए गए पोस्ट के अन्दर घुसते समय कम से कम आदमी रखे ताकि फिदायीन के फायर  के लिए बड़ा टारगेट न बन सके !
    • फिदायीन हमला होने पर बचाव और फ्लशिंग आउट ऑपरेशन(Flushing out operation) बहुत ही कोऑर्डिनेटेड और ध्यानपूर्वक तरीके से वहा पे मौजूद सीनियर ऑफिसर की कमांड में ही किया जाय !
    • फिदायीन हमला होने पर रेस्क्यू और जवानों का मूवमेंट के लिए बुलेट प्रूफ बंकर या बुलेट जिप्सी का प्रयोग करना लाभदायक होगा !
    • फिदायीन हमला होने पर फायर ब्रिगेड और नजदीकी हॉस्पिटल को तुरंत लोकल पुलिस कण्ट्रोल रम द्वारा खबर देकर अलीर्ट करा दे !
    • जिस जगह पर आवश्यकता के अनुसार सिक्यूरिटी अरेंजमेंट  करना संभव नहीं हो पता तो वहा पर पोस्ट कभी भी स्थापित न करे बल्कि थोडा हटा कर स्थापित करे !

    इस प्रकार से आप सुसाइड प्रोन एरिया में सिक्यूरिटी अरेंजमेंट  कर सकते है और साथ में अपने जवानों को इतना सुसाइड हमले के बारे में सचेत  कर सके!उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !   
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