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Sunday, October 15, 2017

एक फायरर द्वारा फ्लिंच, बक, और जर्क का गलती क्या होता है ?

पिछले पोस्ट में हमने हथियारों के ट्रेनिंग देने का बारे में जानकारी प्राप्त किया ! इस पोस्ट में हम के बार बार ट्रेनिंग उस्तादों को द्वारा इस्तेमाल होनेवाले शब्द  झिझक(Flinch), कंधा मरना (Buck) और झटका (जर्क) के बारेमे जानेगे !




ऊपर बताये शब्द ऐसे है जो हथियारों के सिखलाई और फायरिंग प्रैक्टिस के दौरान हमेशा बताई जाती है ! यह तीनो शब्द एक फायरर के द्वारा फायरिंग करते वक्त जब गलती करता है और उसके द्वारा फायर किया गया गोली टारगेट पे नहीं लगती है तो उस दौरान इन शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है !



इस पोस्ट को अच्छी तरह से समझने के लिए हमने इसे निम्न भागो में बाँट दिया है :


  1. झिझक क्या होता है (flinch kya hota hai )
  2. कंधा मारना (Buck kya hota hai)
  3. झटका किसे कहते है !(Jerk kya hota hai )

1.झिझक का क्या होता है (flinch kya hota hai ): जब फायरर फायर के धक्के से घबराता है तो वह सिर मरता है , आंखे बंद करता है, बाएं हाथ को कड़ा करता है और कंधे को पीछे खींचता है  इस सब गलतियों को हम झिझक की गलती कहते है !



जब फायरर झटका या फ्लिंच का गलती करता है तो उसके द्वारा फायर की गई गोली पॉइंट ऑफ़ एम पे न लग कर  ग्यारह बजे (11 O'Clock) की लाइन में लगती है !

जरुर पढ़े :9 mm पिस्तौल का खुबिया और खामिया


2. कंधा मारना (Buck kya hota hai): जब फायरर फायर के धक्के को रोकने के लिए कंधे को आगे धकेलता और बाएं हाथ को कड़ा करता है तो इस गलती को हम कंधा मरना या बक (Buck) कहते है !

जब फायरर कंधा मारना या बक (Buck)का गलती करता है तो उसके द्वारा फायर की गई गोली पॉइंट ऑफ़ एम पे न लग कर  सात बजे (7 O'Clock) की लाइन में लगती है !

जरुर पढ़े :9 mm कार्बाइन मचिन या सब मचिन गन का इतिहास और खुबिया

3. झटका किसे कहते है !(Jerk kya hota hai ): यह गलती फायरर उस वक्त करता है जब दुरुस्त साईट पिक्चर मिलते ही ट्रिगर को एक दम दबा देता है या फायर काफी देर तक साँस को रोके रखने के बाद छोड़ने से पहले ट्रिगर को झटके से दबा देता ! इस गलती को हम झटका या जर्क की गलती कहते है  

जब फायरर झटका या जर्क (jerk)का गलती करता है तो उसके द्वारा फायर की गई गोली पॉइंट ऑफ़ एम(Point of aim) पे न लग कर  चार  बजे (4 O'Clock) की लाइन में लगती है !

जरुर पढ़े :9mm कार्बाइन का टेक्नीकल डाटा -II

गोलिया चार बजे की लाइन में लगने का एक और कारन यह भी हो सकता है की फायर र फायर करते करते बाएं हाथ को अन्दर की ओर हिला देता है !

जरुर पढ़े : 9 mm कार्बाइन मचिन का बेसिक टेक्नीकल डाटा -I

इस प्रकार से यह झटका, बक और जर्क से सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुआ !उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइबऔर फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित  करे  !
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  1. 9 mm पिस्तौल का खुबिया और खामिया
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  9. इंसास राइफल का पार्ट्स का नाम और खोलना जोड़ना
  10. इंसास राइफल के डेलाइट टेलीस्कोपिक और पैसिव साईट का डिटेल.


Sunday, October 8, 2017

फौजी टैक्टिकल वर्ड गुरिल्ला बैंड और गुरिल्ला बेस क्या होता है ?

पिछले पोस्ट में हमने फील्ड फोर्टीफिकेसन से सम्बंधित कुछ टैक्टिकल शब्द जैसे  फायर ट्रेंच , वेपन पिट  और शेल्टर ट्रेंच के बारे में जानकारी शेयर किया इस पोस्ट में हम कुछ और फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे एच ऑवर, हाईड, इन्फ्लीट्रेसन   (Fauji tactical word jaise H hours , hide, inflitration etc)यदि के बारे में जानेगे !



फौजी टेक्टिकल शब्दों हम बहुत बार आर्म्ड फ़ोर्स के सीनियर ऑफिसर के ब्रीफिंग अक्सर सुना करते है उन शब्दों में से कुछ शब्दों  का मतलब क्या  होता उसी के बारे में हम यहाँ जानेगे !


जरुर पढ़े :
अम्बुश की जुबानी हुक्म क्या होता है और इसमें सामिल होने वाले मुख्य बाते

इस पोस्ट में हम निम्न फौजी टैक्टिकल शब्दों के बारे में जानेगे:
Gurilla ladai

  1. गुरिल्ला बैंड क्या होता है  (Fauji tactical word Gurilla band kya hota hai )
  2. गुरिल्ला बेस क्या होता है  (Fauji tactical word gurilla base kya hota hai?)
  3. हारबर किसे कहते है  (Fauji tactical word Harbor kise kahte hai )
  4. एच ऑवर  क्या होता है (Fauji tactical wrd H Hours kya hota hai)
  5. हाईड  किसे कहते है (Fauji tactical word Hide kise kahte hai)
  6. इन्फ्लीट्रेसन क्या होता है (Fauji tactical word Inflitration kya hota hai)
1  गुरिल्ला बैंड क्या होता है  (Fauji tactical word Gurilla band kya hota hai ):ऐसे आदमियों का दस्ता जो उसी इलाके के रहने वाले हो और गुरिल्ला किस्म की लड़ाई में भाग ले रहे हो!

2. गुरिल्ला बेस क्या होता है  (Fauji tactical word gurilla base kya hota hai?): गुरिल्ला बेस वह इलाका है जिसमे गुरिल्ला लोग अपनी ट्रेनिंग , अपना बचाव और लड़ाई की तैयारिया करते है ! यह अस्थाई होता है और जल्द खली किया जा सकता है !


3. हारबर किसे कहते है  (Fauji tactical word Harbor kise kahte hai ): वह इलाका जिसमे कोई फौजी दस्ता आराम , रि-ओर्गानाइज  क्र सके और मेंटेनन्स करने के लिए थोड़ी देर के लिए रुकता हो ! उस इलाके में चारो तरफ का बचाव का पोजीशन लेता है !

4.एच ऑवर  क्या होता है (Fauji tactical wrd H Hours kya hota hai): "एच " ऑवर ऑपरेशन के शुरू होने वाले समय को कहते है यह वह समय होता है जबकि हमला करने वाली फ़ौज स्टार्ट लाइन को पर करती है ! ऑपरेशन के तमाम दुसरे वक्त इलाके के लिहाज से मुकरर किया जाता है  जैसे 
  • "एच" ऑवर से 2 घंटे पहले एच माइनस 2 (h-2 )
  • "एच" ऑवर से 2 घंटे बाद  एच  प्लस  2 (h+2 )
जब मिनट जाहिर करना होतो इनको लिखना जरुरी है ! जैसे की "एच" प्लस 90 मिनिट या "एच " माइनस 33 मिनिट यदि ! एक ऑपरेशन का एकही "एच" ऑवर होता है !


6. हाईड  किसे कहते है (Fauji tactical word Hide kise kahte hai): एक पहले से चुनी हुई छुपाव का वह जगह जहा से यूनिट/सब यूनिट को हुक्म का इन्तेजार करना पड़ता है !

7.इन्फ्लीट्रेसन क्या होता है (Fauji tactical word Inflitration kya hota hai): दुश्मन द्वारा कब्ज़ा की हुई जमीं के बीच से हरकत छोटी छोटी तोलिया में की जाती है  और हरकत के दौरान पूरी कोशिश की जाती है की दुश्मन से कोई लगाव न हो ऐसी करवाई को इन्फ्लीट्रेसन कहते है !

इस प्रकार से कुछ दिए हुए फौजी शब्दों के मतलब से सम्बंधित पोस्ट यहाँ समाप्त हुए ! उम्मीद है पोस्ट पसंद आएगा ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !
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  3. टेक्टिकल वर्ड्स और उसका मतलब हिंदी में -I
  4. कामौफ्लाज और कांसिल्मेंट के ऊपर एक संक्षिप्त जानकारी
  5. पेट्रोलिंग के परिभाषा और पेट्रोलिंग के प्रकार
  6. पेट्रोलिंग पार्टी को ब्रीफिंग देने का तरीका ?
  7. अम्बुश का परिभाषा और अम्बुश की पार्टिया
  8. अम्बुश  की पार्टियो को ब्रीफिंग देने के तरीका
  9. फायर कण्ट्रोल आर्डर और फायर डिसिप्लिन क्या है ?
  10. सेक्शन बैटल ड्रिल और उसे सफल बनाने वाली बातें

Tuesday, September 5, 2017

वर्बल आर्डर में जमीनी निशान देने का तरीका क्या होना चाहिए ?

पिछले पोस्ट में हमने वर्बल आर्डर देने के तरतीब के बारे में जानकारी प्राप्त की इस पोस्ट में हम वर्बल आर्डर में जमीनी निशान देते समय ध्यान में रखने वाली बाते कौन कौन सी है(Jameeni Nishan dete samay dhyan me rakhnewali kaun kaun si bate hai?) उसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !





किसी भी ऑपरेशन की सफलता अधिकतर कमांडर के बनाये हुए प्लान पर निर्भर करती है साथ ही इस बात पर की  कमांडर  अपने प्लान को अपने अधिनस्त कार्मिको को किस प्रकार बयाँन  करता है ! इस क्रिया को पूरा करने के लिए एक तरीका आदेश पास करने का बनाया गया है जिससे आदेशो को पास करने में एक रूपता बनी रहे एवं सभी को ये पता रहे की उसे क्या करना है !
ऑपरेशन ब्रीफिंग
ऑपरेशन ब्रीफिंग 
जरुर पढ़े : किसि ऑपरेशन का मूल्यांकन करने का तरीका


उसी को ध्यान में रखते हुए जब एक कमांडर वर्बल आर्डर देता है उस वर्बल आर्डर में जो जमीनी निशान है(Jameeni Nishan batane ke mahatwpurn bate) उसके ब्यान करते समय निम्न बातो को ध्यान में रखे तो उसका ब्यान उसके अधिनस्त को समझने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगा :

  • सभी जमीनी निशानों का नाम दिया जाय : जो जमीनी निशान आप बता रहे है उसके नाम दिए जाने जरुरी है ! नाम उस निशान से सम्बंधित ही दिया जाना चाहिए ! कई बार एक जैसे दो निशान हो सकते है तब उन दोनों का अलग अलग नाम देना चाहिए ! जैसे :- दाहिने गोल छतरी नुमा दरख्त , नाम छतरी !
  • जमीनी निशान हमेशा क्लॉक -वाइज डायरेक्शन में ही देना चाहिए ! जमीन पर आमरुख से स्टार्ट कर लेफ्ट तो राईट चलना चाहिए फिर आमरुख पर आकर ख़त्म करना चाहिए !
  • किसी मॉडल पर जमीनी निशान देते समय मौजूदा पोजीशन से स्टार्ट करना चाहिए तथा वही पर समाप्त करना चाहिए !
  • जमीनी निशान एक बार बताने के बाद , नाम दुबारा बताना चाहिए ! जमीनी निशान बताते समय यदि किसी प्राप्त करता को जमीनी निशान दिखाई न दे तो ओ नोट सीन  बोल सकता है ! कमांडर को उसे क्लियर करने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए !
  • जमीनी निशानों के दौरान ही प्राप्त कर्ता बीच में संदेह होने पर पूछ सकता है बाकी आर्डर के दौरान नहीं !
ऐसे ऑपरेशन जो पलटन के स्तर पर होते है या जिसमे कम ट्रूप्स भाग ले रहे हो उसमे आर्डर के दौरान सभी ट्रूप्स को शामिल किया जा सकता है और यह काफी फायदेमंद होता है और ऐसे ऑपरेशन आर्डर को ब्रीफिंग बोलते है ! यानि आर्डर देते समय केवल O ग्रुप सामिल हो तो उसे हम वर्बल आर्डर कहते है लेकिंग जब आर्डर लेने के लिए उस ऑपरेशन में  सामिल होने वाले सभी ट्रूप्स आर्डर लेने के लिए सामिल हो तो उसे हम ब्रीफिंग कहते है !

इस प्रकार से वर्बल आर्डर देने के दौरान जमीनी निशान बताने के तरीके  से सम्बंधित  एक संक्षिप  ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई! उम्मीद है की पोस्ट आपको पसंद आएगा ! अगर कोई  या ब्लॉग के बारेमे हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ! और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक शेयर तहत लिखे करके हमलोगों को प्रोतसाहित करे और अच्छा करने के लिए 
इन्हें भी पढ़े :
  1. सेक्शन बैटल ड्रिल और उसे सफल बनाने वाली बातें
  2. 4 बाते शत्रु के कारगर फायर के अंदर आने पे करनी चाहिए
  3. 3 तरीके दुश्मन के फायर पोजीशन को पता लगने के
  4. सेक्शन फार्मेशन और सेक्शन फार्मेशन का बनावट
  5. आतंक प्रभावित इलाके में सिक्यूरिटी पोस्ट लगान
  6. रात के संतरी तथा स्काउट की ड्यूटी क्या होता है
  7. फील्ड फोर्टीफीकेसन में इस्तेमाल होने वाले फौजी टेकटिकल शब्दों का क्या मतलब
  8. फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लैंक गार्ड यदि क मतलब
  9. अम्बुश की जुबानी हुक्म क्या होता है और इसमें सामिल होने वाले मुख्य बाते
  10. रोड ओपनिंग पार्टी/पट्रोल और उसके महत्व के बारे

Monday, September 4, 2017

वर्बल आर्डर देनेका तरतीब और तरीका क्या होता है ?


पिछले पोस्ट में हमने ऑपरेशनल आर्डर के बारे में बाते की इस पोस्ट में हम वर्बल  आर्डर को देने का तरतीब और वर्बल आर्डर देने का तरीका(Verbal order dene ka tartib aur verbal order dene ka tarika) क्या होना चाहिए


इस पोस्ट को अच्छी तरह से समझने के लिए हमन इस पोस्ट को निम्न भंगो में बाँट दिया है :
वर्बल आर्डर देना
वर्बल आर्डर देना (प्रतीकात्मक )


  1. वर्बल आर्डर देते समय ध्यान में रखने वाली बाते (varbal order dete samay dhyan me rakhne wali bate)
  2. वर्बल आर्डर देने का तरतीब (Verbal order dene ka tartib)
  3. वर्बल आर्डर पास करने का तरीका (Varbal order pass karne ka tarika)



1. वर्बल आर्डर देते समय ध्यान में रखने वाली बाते (varbal order dete samay dhyan me rakhne wali bate):वर्बल आर्डर देते समय क्रम में देने के निम्न फायदे है :  
  • वर्बल आर्डर को एक तरतीब में देना चाहिए 
  • आर्डर देने वाले को  यकीं करना चाहिए की ऑपरेशन से सम्बंधित कोई पॉइंट छूता न जाये !
  • आर्डर लेने वाले को पता रहता है की आगे क्या आएगा वो उसी हिसाब से दिमागी तौर पे तैयार रहता है !
  • इसमें कमांडर प्रभावी तरीके से बिना हीचकिचाहट तथा विश्वास के साथ आर्डर दे सकता है  

2. वर्बल आर्डर देने का तरतीब (Verbal order dene ka tartib): आर्म्ड फ़ोर्स में वर्बल आर्डर देने का एक तरतीब होता है  वह इस प्रकार से है :
  • जमीनी निशान(Land Mark) : एक कमांडर जिस एरिया में ऑपरेट करता है उससे वह आमतौर पर सही तरीके से वाकिफ होता है , साथ ही वह यकीं करता है की उसके अधीनस्थ भी उस एरिया से अच्छी तरह से वाकिफ हो जिससे आर्डर देते समय उन्हें जमीनी डिटेल  से मिलाया जा सके तथा आर्डर को सही तरीके से क्रियान्वित किया जा सके ! बाकि ऑर्डर्स देने से पहले जमीनी निशानों को ही बताया जाता है ! कई बार कमांडर खुद एरिया के बारे में जनता है लेकिंग उसके अधिन्सत उस एरिया से सही वाकिफ नहीं होते है ! तब ऑर्डर्स किसी क्लॉथ मॉडल, ब्लैक बोर्ड मॉडल या सैंड मॉडल पर दिए जा सकते है ! सैंड मॉडल पर आर्डर देते समय जरुरी जमीनी निशानों को ही लिया जाना चाहिए ! जमीनी निशान लेने का तरीका यह है की एक बार पुरे आर्डर तैयार करने के बाद जो जो जमीनी निशान उस आर्डर में इस्तेमाल हुए है उसे अंडर लाइन कर लेना चाहिए उसके बाद उसे सही क्रम में लिख लेना चहिये !
  • खबर(Situation) : खबर ऑपरेशन से तथा प्राप्त करता से सम्बंधित होनी चाहिए !खबर अपने तथा विद्रोहियो के बारे में दी जाती है !
जरुर पढ़े :ROP लगाते समय एक कमांडर को ध्यान में रखनेवाली बाते !

  • इरादा(Mission) : इरादा आर्डर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है ! इरादा यह साफ जाहिर करता है क कमांडर क्या हासिल करना चाहता है ! इरादे को कम शब्दों में तथा क्लियर बताना चाहिए ! इरादा को बतादे समय इसे दोहराना चाहिए ! इरादे को अपने अधिनस्त से पूछ कर कन्फर्म कर सकते है ! इरादा हमेशा गा से होह्गा जसे - करेगा !
  • तरीका(Execution) : किसी ऑपरेशन को करने के लिए जो प्लान तैयार किया जाता है उस प्लान को क्रियान्वित करने के लिए जो करवाई की जाती है वो इस पाराग्राफ में आएगी ! यानि ऑपरेशन शुरू करने से समाप्त होने तक की कारवाही इस पैरा में आएगी ! हर एक ऑपरेशन के सब पैरा में कुछ फर्क हो सकता है लेकिंग क्रम वो ही रहेगा !
  • बंदोबस्त(Administrative & Logistics) : एक प्लाटून लेवल तक इन बातो को सामिल किया जाता है :
           (i) पानी तथा भोजन 
           (ii) हथियार और अमुनिशन 
           (iii) ड्रेस तथा इक्विपमेंट 
           (iv) मेडिकल 
           (v) गाडियो की व्यवस्था 
           (vi) घायलों तथा मृतकों को उठाने का व्यवस्था 
           (vii) अन्य कोई आवश्यक बाते 

  • मिलाप(Command & Electronics) : इसमें निम्न बातो को सामिल किया जाता है :
          (i) अपने हेड क्वार्टर तथा हायर हेड क्वार्टर की जगह
          (ii) मिलाप की जरिया अपने उछ मुख्यालयों तथा दूसरी कंपनी के साथ 
          (iii) चैनल 
          (iv) कॉल साइन 
          (v) पास वर्ड 
          (vi) पहचान के इशारे 
  • घडी मिलाओ(Synchronisation of watches) : मिलाप के बाद कमांडर कोई शक या सवाल पूछेगा तथा उन्हें दूर करेगा ! इसके बाद घडी मिलो की करवाई होगी ! घडी मिलाने का मतलब है की ऑपरेशन की सभी कार्यवाहियों को एक साथ सही समय पे पूरा किया जा सके !
3. वर्बल आर्डर पास करने का तरीका (Varbal order pass karne ka tarika):वर्बल आर्डर बटालियन स्टार या उससे ऊपर के स्टार पर टेलीफोन या ओर्लेस से दिया जा सकता है लेकिन प्लाटून लेवल टेलीफोन या वायरलेस के द्वारा वेर्बल आर्डर नहीं दिए जाते है बल्कि रूबरू दिए जाते है ! रूबरू वर्बल आर्डर देने का सबसे बड़ा फायदा यह है की कमांडर अपने व्यक्तित्व को अपनी अधिनस्थो के सामने पेश कर सकता है एवं अपने अधिनस्थो में विश्वास तथा जोश पैदा कर सकता है !  वर्बल आर्डर पास करने के तरीको में इसे सामिल करना चाहिए :


  • आदेश पास करते समय "O" ग्रुप को तरतीब से बैठना चाहिए और चेक करना चाहिए 
  • सुरक्षा सम्बंधित हिदायते पाहले ही जरी कर देनी चाहिए !
  • आदेश स्पष्ट तथा उच्ची आवाज़ में होनी चाहिए , पढना नहीं चाहिए 
  • आर्डर तरतीब से दिए जाए 
  • ऑर्डर्स में ऑपरेशन से सम्बंधित खबरे ही होनी चाहिए 
  • यकीं करना चाहिए की "O" ग्रुप आदेश को समझ गया हो 
  • ऑर्डर्स देने के लिए कमांडर को एरिया इसा सेलेक्ट करना चाहिए जहा से प्राप्तकर्ता जिस एरिया में ऑपरेट करने जा रहे हो उसे निगरानी में रख सके !
  • आदेश रुक रुक कर तथा सही गति से देना चाहिए !
  • आदेश समाप्त होने के बाद प्राप्तकर्ता को थोडा समय देना चाहिए जिससे वो सोच सके तथा कोई संदेह हो तो पूछ सके !
  • अंत में घडी मिलाओ  !

इस प्रकार से वर्बल आर्डर देने के तरीके  से सम्बंधित  एक संक्षिप  ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई! उम्मीद है की पोस्ट आपको पसंद आएगा ! अगर कोई  या ब्लॉग के बारेमे हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ! और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक शेयर तहत लिखे करके हमलोगों को प्रोतसाहित करे और अच्छा करने के लिए 


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  1. 6 कॉमन गलतिया अक्सर एक आई ओ सीन ऑफ़ क्राइम पे करता है
  2. क्राइम सीन पे सबसे पहले करनेवाले काम एक पुलिस ऑफिसर के द्वारा
  3. बीट और बीट पेट्रोलिंग क्या होता है ?एक बीट पट्रोलर का ड्यूटी
  4. पुलिस नाकाबंदी या रेड् क्या होता है ?नाकाबंदी और रेड के समय ध्यान में रखनेवाली बाते 
  5. निगरानी और शाडोविंग क्या होता है ? किसी के ऊपर निगरानी कब रखी जाती है ?
  6. अपराधिक सूचना कलेक्ट करने का स्त्रोत और सूचना कलेक्ट करने का तरीका
  7. चुनाव के दौरान पुलिस का कर्तव्य
  8. थाना इंचार्ज के चुनाव ड्यूटी सम्बंधित चेक लिस्ट
  9. पुलिस फाॅर्स के जवानों लिए इलेक्शन ड्यूटी सम्बंधित चेक लिस्ट
  10. V.I.P. सिक्यूरिटी बंदोबस्त ड्यूटी में पुलिस की भूमिका
  11. पुलिस की छवि और छवि का पुलिस के ड्यूटी पे पड़ने वाले असर कौन कौन से है

Sunday, August 27, 2017

ऑपरेशनलन आर्डर क्या होता है और ऑपरेशनल आर्डर पास करने के तरीके

पिछले पोस्ट में हमने किसी ऑपरेशन का मूल्यांकन करने के तरीका के बारे में जानकारी प्राप्त की इस पोस्ट में हम ऑपरेशनल आर्डर के बारे में जानेगे!




इस पोस्ट को समझने के लिए हमने इस पोस्ट को निम्न भंगो में बाँट दिया है :
वार्निंग आर्डर
ऑपरेशनल आर्डर (प्रतीकात्मक )
    1. ऑपरेशनल आर्डर क्या होता है ?(Operational order kya hota hai )
    2. ऑपरेशनल आर्डर पास करने के तरीके  क्या क्या होता है ?(Operational order pas karne ke tarike)
    3. ऑपरेशनल आर्डर देते समय ध्यान में रखने वाली बाते (Operational Order dete samay dhyan  me rakhnewali wali bate)
    जरुर पढ़े :फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लैंक गार्ड यदि क मतलब
    1.ऑपरेशनल आर्डर क्या होता है ?(Operational order kya hota hai ): सेना सुरक्षा बल या पुलिस के सभी स्टार के कमांडरस को कीई टास्क या ऑपरेशन को पूरा करने के लिए सही तरीके से प्लान बनाना होता है ! उसी प्लान को अपने अधिनस्त कमांडर्स तथा जवानों को सही तरीके से बताना होता है ताकि जिससे वे उस टास्क को सही तरीके से समझ सके !



    टास्क को पूरा करने के लिए अपने अधिनस्त कमांडर्स को जिस विधि से आदेश पास किये जाते है उसे ऑपरेशनल आर्डर कहते है !

    2. ऑपरेशनल आर्डर पास करने के तरीके  क्या क्या होता है ?(Operational order ke tarike): आमतौर पर ऑपरेशनल आर्डर निम्न तरीके से पास किये जाते है :
    (a) मौखिक (Verbal)
    • कमांडर के द्वारा : ये कमांडर द्वारा अपने हेड क्वार्टर में दिए जाते है या फिर किसी RV(Rendezvous) जो पहले से मुकर्र हो वह पर या कभी कभी जरुरत पड़ने पर टेलीफोन या रेडियो पर भी दी जा सकती है !
    • स्टाफ अधिकारी द्वारा : जब कमांडर खुद ये आर्डर  देने में अश्मर्थ हो तब ये आर्डर अपने स्टाफ अधिकारी के जरिये पास का सकता है ! स्टाफ अधिकारी खुद वह जा कर या टेलीफोन या रेडियो के द्वारा आदेश को पास कर सकता है 
    • संपर्क अधिकारी : जब RV(Rendezvous)  पर किसी कारन बस सम्बंधित अधिकारी को बुलाना वो ठीक नहीं समझता  और साथ ही सिग्नल कम्युनिकेशन फेल हो जाये तब आर्डर संपर्क अधिकारी के जारी पास किये जाते है !

    (b)लिखित आदेश (Written Order)
    • मेसेज फॉर्म (Message form): कई बार मेसेज फॉर्म में आर्डर दिया जता है 
    • फॉर्मल ऑपरेशनल आर्डर (Formal Operational Order):फॉर्मल ऑपरेशनल आर्डर मौखिक आदेशो के पुष्टि के लिए जरी किये जाते है और सामान्यतः उनके जैसे ही होते है ! लेकिन यूनिट लेवल पर या इसके निचे स्टार पर नहीं दिए जाते है !
    • कन्फर्ममेटेरि आर्डर (Confirmatory Order): यह वेर्वल आर्डर देने के बाद उसके बाद की कारवाही या फॉलो उप के लिए लिखित में दिए जाते है !

    3. ऑपरेशनल आर्डर देते समय ध्यान में रखने वाली बाते (Operational Order dete samay dhyan  me rakhnewali wali bate): ऑपरेशनल आर्डर पास करते समय एक कमांडर को इन बाते को अमल में  लाना चाहिए !
    • कमांडर के लिए सबसे अच्छा है की वह अपने अधिनास्तो को व्यक्तिगत रूप से मौखिक आर्डर पास करे जिससे की दुसरो के जरिये आर्डर पास करने में लगने वाली समय की बचत होगी और वह अपनि इक्छा और व्यक्तित्व का प्रभाव दल सकता है और उसमे विश्वास तथा प्रेरणा भर सकता है !
    • आर्डर किस तरीके के पास किया जाय ये बहुत हद तक उपलब्ध समय के ऊपर निर्भर करता है ! आर्डर तभी तक प्रभावी रहते है जब उसे समय से पास किया जाए !
    • ऑपरेशन के समय को देखते हुए जितने जरुरी हो उतन ही आर्डर दिया जाये !
    • ट्रूप्स को कभी भी बिना ब्रीफिंग , प्लानिंग और आर्डर तथा रिहर्सल के बना ऑपरेशनल एरिया में जाने का आदेश नहीं देना चाहिए !
    इस प्रकार से ऑपरेशनल आर्डर के प्रकार तथा ऑपरेशनल आर्डर देने के तरीके   से सम्बंधित  एक संक्षिप  ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई! उम्मीद है की पोस्ट आपको पसंद आएगा ! अगर कोई  या ब्लॉग के बारेमे हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ! और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक शेयर तहत लिखे करके हमलोगों को प्रोतसाहित करे और अच्छा करने के लिए 

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    1. 6 कॉमन गलतिया अक्सर एक आई ओ सीन ऑफ़ क्राइम पे करता है
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    3. बीट और बीट पेट्रोलिंग क्या होता है ?एक बीट पट्रोलर का ड्यूटी
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    Saturday, August 26, 2017

    किसि ऑपरेशन का मूल्यांकन करने का तरीका

    पिछले पोस्ट में हमने सैंड मॉडल के बारे में जानकारी(Sand Model ki Jankari) प्राप्त किया इस पोस्ट में हम किसी ऑपरेशन को प्लान करते समय का मूल्यांकन या अप्रेसीएसन करते समय किन की बातो को ज्यादा ताबजो दी जाती है(Operation ko plan karte samay mulyankan ya appreciation karte samay kin kin bato ko dhyan diya jata hai ) उसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे



    इस पोस्ट को अच्छी तरह से समझने के लिए हमने इस पोस्ट को निम्न भागो में बंटा दिया है :

    ऑपरेशन प्लानिंग(प्रतीकात्मक)
    1. ऑपरेशन मूल्यांकन क्या होता है ?(Operation appreciation kya hota hai )
    2. ऑपरेशन मूल्यांकन के चार मुख्या तथ्य (Operation appreciation ke mukhy tathy )
    3. दुश्मन की जानकारी (Operation appreciation ke samay dushamn ki jankari)
    जरुर पढ़े :आतंक प्रभावित इलाके में सिक्यूरिटी पोस्ट लगान
    1. ऑपरेशन मूल्यांकन  क्या होता है ?(Operation appreciation kya hota hai ): मूल्यांकन एक टेक्टिकल हालत को समझकर उस पर तर्तिबर सोच विचार करने का तरीका है ! इस तर्तिबर सोच विचार द्वारा ही दिए हुए टास्करा करने के लिए एक प्लान बनाया जाता है !

    2. ऑपरेशन मूल्यांकन के चार मुख्या तथ्य (Operation appreciation ke mukhy tathy ):किसी टेक्टिकल हालत को समझने लिए निम्न चार तथ्यों पर सोच विचार करना जरुरी है :
    (a) खतरा (Threat)
    (b) जमीन (Ground)
    (c) साधन (Resource)
    (d) समय (Time)
    ऊपर दिए  हुए तथ्यों को गहराई से समझना जरुरी है क्यों की इन्ही के आधार पर मूल्यांकन की बुनियाद है !

    (a) खतरा (Threat):  किसी हालत में सबसे पहले हमे अपने सामने के खतरे को समझना होगा ! जो कमांडर हमे टास्क देते है वही कमांडर दुश्मन के बारे में खबरे भी देंगे ,जिसमे  दुश्मन के इरादे , नफरी और काबिलियत पर सोच विचार होगा !
    दुश्मन के बारे में निम्न डिटेल की जानकारी हासिल करना बहुत जरुरी होती है :

    • दुश्मन की नफरी 
    • दुश्मन की काबिलियत 
    • और दुश्मन का इरादा 
    जरुर पढ़े : फील्ड फोर्टीफीकेसन में इस्तेमाल होने वाले फौजी टेकटिकल शब्दों का क्या मतलब
    (b) जमीन (Ground):दुश्मन  का मिली डिटेल  को जमीनी बनावट के साथ मिलाकर सोच विचार करना चाहिए , अब हमे सोचना चाहिए की दुश्मन जमीन को कैसे इस्तेमाल करेगा 

    (c) साधन (Resource): दुश्मन का डिटेल और जमीन बनावट को मिलाकर सोच विचार करेने के बात हमे अपने पास उपलब्ध संसाधन जैसे निचे दिए हुए है उसको  मिलाकर सोच विचार करना चाहिए  !

    • अपनी उपलब्ध मैन पॉवर 
    • अपने को मिलने वाली सपोर्ट फायर  यदि 
    जरुर पढ़े :फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लैंक गार्ड यदि क मतलब
    (d) समय (Time):  जब उपर दिए सभी तथ्य हरे सामने आ जाते है तब हमारे प्लान की एक रु रेखा सामने आने लगती है और उसी प्लानिंग को हम एक टाइम प्लान में ऑर्गनाइज्ड करते है !

    और इसी प्रकार से किसी ऑपरेशन को प्लानिंग करते समय हम मूल्यांकन करते है और प्लान बनाते है !

    इस प्रकार से सैंड मॉडल का परिचय और ब्रीफिंग की विधि   से सम्बंधित  एक संक्षिप  ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई! उम्मीद है की पोस्ट आपको पसंद आएगा ! अगर कोई  या ब्लॉग के बारेमे हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ! और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक शेयर तहत लिखे करके हमलोगों को प्रोतसाहित करे और अच्छा करने के लिए 
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