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Sunday, June 11, 2017

राइफल ड्रिल में लगा संगीन और उतार की जरुरत और करवाई

पिछले पोस्ट में हमने सिविल ड्रेस कब पहने है उसके बारे में जानकरी प्राप्त की इस पोस्ट में हम राइफल ड्रिल के  सबक संगीन लगाना और संगीन उतरने की ड्रिल(Sangin laga aur utar sangin )जानेगे


इस पोस्ट को हम निम्न भागो में पूरा करंगे
राइफल  ड्रिल (प्रतीकात्मक)  
  1. संगीन लगाने   की जरुरत (Rifle drill me Sangin lagane ki jarurat)
  2. संगीन लगाने   का वर्ड ऑफ़ कमांड (Rifle drill me Sangin lagane ki Word of Command)
  3. संगीन लगाने   का वर्ड ऑफ़ कमांड की करवाई  (Rifle drill me Sangin lagane ki Word of Command par krwai)
  4. संगीन  उतारने  की जरुरत  (Rifle drill me Sangin Utarne ki Jarurat)
  5. संगीन  उतारने  का वर्ड ऑफ़ कमांड  (Rifle drill me Sangin Utarne ka word of command)
  6. संगीन  उतारने  का वर्ड ऑफ़ कमांड की करवाई (Rifle drill me Sangin Utarne ki Word of command par karwai )
1.संगीन लगाने   की जरुरत (Rifle drill me Sangin lagane ki jarurat): बड़ी बड़ी परेडो में संगीन लगा के मंच से गुजरते है . इस के अलावा क्वार्टर गार्ड ड्यूटी पर सन्तरी संगीन लगाकर खड़ा होता है ! संगीन लगाने से पहले आजाद संगीन की करवाई करते है ! आजाद संगीन के वर्ड ऑफ़ कमांड पर संगीन को बोयनेटहैंडल पकड़ कर बेनेट फ्रोक के लूप से आजाद किया जाता है !

जरुर पढ़े : खड़े खड़े सलूट का तरीका और जरुरत

2. संगीन लगाने   का वर्ड ऑफ़ कमांड (Rifle drill me Sangin lagane ki Word of Command): वर्ड ऑफ़ कमांड  तीन भागो में पूरा होता है  :
  • "संगीन लगाएगा लगा संगीन एक-दो-तिन-एक 
  • , स्क्वाड दो-तिन-चार - एक 
  • . स्क्वाड  सावधान"  
3. संगीन लगाने   का वर्ड ऑफ़ कमांड की करवाई  (Rifle drill me Sangin lagane ki Word of Command par krwai):जब सावधान पोजीशन सेवर्ड  ऑफ़ कमांड मिलता है "स्क्वाड संगीन लगेगा लगा " तो करवाई इस प्रकार से करे :
  • बाये हाथ से संगीन के हैंडल को पकड़ कर अंगूठा निशे से और अंगुलिया ऊपर से ग्रिप करे 
  • और तीन की गिनती करते हुए स्काबर्ड को ऊपर की तरफ करे 
  • और संगीन को स्काबर्ड से कुछ बहार निकाले और साथ ही राइफल को विश्राम पोजीशन में ले जाये 
  • फिर अगला वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है स्क्वाड "संगीन  लगाये लगा  एक- दो-तीन -एक " 
  • इस पोजीशन में देखने वाली बाते -बाएँ हाथ से बोयनेट को पकडे हुए अंगुलिया और अंगूठा जमीन की तरफ पॉइंट करते हुए और कोहनिया सीधे स्काबर्ड पीठ की तरफ किया हुवा और संगीन स्काबर्ड से  बहार कुछ निकला हुवा 
  • राइफल विश्राम और अपना पोजीशन सावधान 
  • फिर आदेश मिलता है स्क्वाड संगीन तो संगीन को निकाल चार तक गिनती करता हुए राइफल के बोयनेट स्टड पर चढाये !  स्क्वाड संगीन एक-दो-तीन-चार !
  • इस पोजीशन में देखने वाली बाते :- बाए हाथ की चारो अंगुलिया सीधे अंगूठा मिला हुवा , बाये बाजु सीधा. 
  • संगीन राइफल में लगा हुवा राइफल विश्राम पोजीशन में और पोजीशन सावधान 
  • आगे  आदेश मिलता है स्क्वाड सावधान तो इस वर्ड ऑफ़ कमांड पे करवाई  इस प्रकार से करे 
  • राइफल को पीछे खींचते हुए सावधान पोजीशन में लायें . वर्ड ऑफ़ कमांड स्क्वाड सावधान एक . इस पोजीशन में देखने वाली बाते - पोजीशन सावधान .
जरुर पढ़े : 2 स्टेप्स में खड़े खड़े दाहिने सलूट की करवाई की तरीके
4. संगीन  उतारने  की जरुरत  (Rifle drill me Sangin Utarne ki Jarurat):परेड समाप्त होने पर या सन्तरी ड्यूटी ख़त्म होने पर उतार संगीन की कारवाही की जाती है !

5. संगीन  उतारने  का वर्ड ऑफ़ कमांड  (Rifle drill me Sangin Utarne ka word of command):इस कर वर्ड ऑफ़ कमांड तीन  भागो में दिया जाता है 
  • वर्ड ऑफ़ कमांड "स्क्वाड संगीन उतरेगा उतार- एक-, दो -तीन-एक ,
  •  स्क्वाड संगीन - एक-दो-तीन-चार , 
  • स्क्वाड सावधान -एक-दो-तीन, जैसे थे 

6. संगीन  उतारने  का वर्ड ऑफ़ कमांड की करवाई (Rifle drill me Sangin Utarne ki Word of command par karwai ):जब सगीं लगा हो और सावधान पोजीशन से वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है स्क्वाड सगीं उतरेगा उतार  तो इस वर्ड ऑफ़ कमांड पे करवाई इस प्रकार की जाएगी !
  • दाहिने साथ से राइफल को दोनों घुटनो के बीच में पकडे
  • बाए हाथ को फ़्लैश हाईडर पर इस तरह लगायें की बाए हाथ का अंगूठा बोयनेट प्लंजर को दबा दे और दाहिने हाथ से सगीं को राइफल अलग कर के पकडे !
  • अगला वर्ड ऑफ़ कमांड स्क्वाड उतारेगा उतार , एक-दो -तीन-एक 
  • इस पोजीशन में देखने वाली बाते : राइफल दोनों घुटनों में सगीं राइफल से अलग किया हुवा दाहिने और बाये हाथ से बोयनेट पकड़ा हुवा !
  • वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है स्क्वाड संगीन तो इस वर्ड ऑफ़ कमांड पर बाये साथ से स्काबर्ड को पकडे और दाहिने हाथ से संगीन को एक से चार तक गिनती करते हुए स्काबर्ड में डाले !
  • स्क्वाड संगीन- एक-दो-तीन-चार !
  • इस पोजीशन में देखने वाली बाते : बाए हाथ स्काबर्ड पकड़ा हुवा और दाहिने हाथ से संगीन के हैंडल को पकड़ा हुवा और संगीन स्कार्बर्ड में दाखिल किया हुवा निगाह संगीन पर !
  • फिर वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है - स्क्वाड सावधान -एक-दो-तीन -एक ! इस पोजीशन में देखने वाली बाते उतरा हुवा संगीन लगा हुवा बाकि का पोजीशन सावधान 

इस प्रकार से राइफल ड्रिल के लगा संगीन और उतार संगीन की ड्रिल करवाई पूरी हुई ! उम्मीद है पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब औत फेसबुक पेज लिखे कर के हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !
इन्हें भी  पढ़े :
  1.  2 स्टेप्स में खड़े खड़े बाएँ सलूट की करवाई का तरीका
  2. विशार्जन , लाइन तोड़, और स्वस्थान का ड्रिल करवाई
  3. धीरे चाल से सामने सलूट की जरुरत और करवाई
  4. 4 स्टेप्स में धीरे चल से दाहिने दाहिने सलूट की करवाई और जरुरत
  5. 4 स्टेप्स में धीरे चल से बाएँ सलूट के ड्रिल और कमांड
  6. "परेड पर(getting on parade) " जरुरत और करवाई
  7. परेड मार्च पास्ट का कमांड और मार्च पास्ट परेड करने का तरीका
  8. 7 स्टेप्स में पत्र के साथ सामने सलूट की पूरी करवाई करने का तरीका
  9. धीरे कदम ताल , थम और आगे बढ़ की ड्रिल की करवाई करने का तरीका !
  10. खड़े खड़े बाएँ स्क्वाड बना ड्रिल की कमांड और तरीका

Thursday, June 8, 2017

अम्बुश की जुबानी हुक्म क्या होता है और इसमें सामिल होने वाले मुख्य बाते

पिछले पोस्ट में हमने कुछ फौजी टैक्टिकल शब्दों का मतलब समझा ! इस पोस्ट में हम अम्बुश का जुबानी हुक्म देने का तरीका और उसमे सामिल होने वाले तथ्य के बारे में जानकारी शेयर करेंगे !


मेरे पिछले पोस्ट में एक पाठक  ने यह जानकारी जानना चाह था की अम्बुश के लिए जो जुबानी हुक्म होता है उसका फोर्माते क्या होता है और उसमे सामिल होने वाले तथ्य क्या होते है उसेक बारे में जानकरी शेयर करने की अनुरोध किया था उसी अनिरोध को ध्यान में रखते हुए मई ये पोस्ट लिख रहा हु !

 जरुर पढ़े : पेट्रोलिंग और नाईट पेट्रोलिंग और उसके टास्क और नफरी

अम्बुस कही पे लगाने से पहले बहुत सी तैयारिया की जाती है कमांडर्स के द्वारा और उस तैयारी की दौरान जुटाए गए इनफार्मेशन के अनुसार ही अम्बुश की प्लानिंग की जाती है !

अम्बुस में सामिल जितने भी नफरी है जो अम्बुश लगाने जा रही है एक सरल भाषा में ब्रीफिंग दिया जाता है जिसे अम्बुश की जुबानी हुक्म या अम्बुश की ब्रीफिंग कहा जाता है ! जो अम्बुश की जुबानी हुक्म या ब्रीफिंग दी जाती है उसका फॉर्मेट में निम्न पॉइंट सामिल किया जाता है !
अम्बुश (प्रतीकत्मक)
  1. ज़मीनी निशान (Land mark Zameeni Nishan)
  2. खबरे(अपनी और दुश्मन दोनों के बारे)(khabre- apni aur dushman ke bare me) 
  3. टास्क (Task)
  4. तरीका(Tarika-execution)
  5. बंदोबस्त(Adam aur logistics )
  6. मिलाप (Milap ke sadhan )

1. ज़मीनी निशान (Land mark Zameeni Nishan): ब्रीफिंग या जुबानी हुक्म में सामिल उन  सभी जमीनी निशान के बारे में डिटेल से बताया जायेगा जिसके मदद से हम अम्बुश पॉइंट पे पहुचेंगे या अम्बुश के दौरान इस्तेमाल करेंगे !
2. खबरे(अपनी और दुश्मन दोनों के बारे)(khabre- apni aur dushman ke bare me) :अम्बुश लगाने जा रहे है उससे सम्बंधित जो भी खबरे 
(a) दुश्मन के बारे में :
  • शत्रु  की जगह (FDLs)
  • उसकी पट्रोल या टोली की बनावट और उसका हथियार 
  • शत्रु के आने का समय और रस्ते के बारे में खबर 
  • शत्रु की आम आदत के बारे में यदि कोई खबर मालूम हो और उसकी मुमकिन जवाबी करवाई 
  • शत्रु के मुमकिन DF टास्क 
(b) अपनी फ़ौज के बारे 
  • हमरे दाए  , बाये की FDLs.
  • हमारी बहार गई पट्रोल/अम्बुश के बारे में खबर 
  • हमारा DF टास्क  यदि 

3. टास्क (Task): इस में हम संक्षिप्त जुवानी हुमक देकर टास्क के बारे में बताते है :
" हमारी पार्टी ........................ इलाका ............अम्बुश लगाकर दुश्मन को बर्बाद करेगी और पहचान की निशान हासिल करेगी "

4. तरीका(Tarika-execution): इसमें RV तक जाने ,अम्बुश साईट पकड़ने और वापसी कैसे करेगी उसके बारे में बताया जाता है !
(a)डिसपर्सल पॉइंट् से RV तक का हरकत (Despersal point se RV tak ka harkat):
  • अम्बुश पार्टी की बनावट और कमांडर 
  • पार्टी की बाँट और उनके काम (Ambush ki party kaun kaun si hoti hai?)
  1. स्काउट - नफरी , काम और जगह 
  2. कावेरी पार्टी - नफरी , कमांडर काम और जगह 
  3. स्टॉप - नफरी , काम और जगह 
  4. रिज़र्व पार्टी- नफरी कमांडर , काम और जगह 
  • समय बहार जाने का 
  • रस्ते बहार जाने का 
  • बाउंड और RV
  • हरकत के समय आर्डर ऑफ़ मार्च और फार्मेशन
  • रुकावट पर करवाई 
  • रस्ते में अम्बुश हो जाने पर करवाई 
  • RV/डिसपर्सल पॉइंट 
(b) अम्बुश साईट पकड़ने और अम्बुश की करवाई (Ambush sight pakadne ka karwai):
  • अम्बुश कि जगाह की आखरी रेकी (पार्टी की बनावट और करवाई )
  • अम्बुश साईट पर सर्वेलांस पार्टी को लगाना 
  • अम्बुश साईट को हरकत और पार्टी का जामें पर लगाना 
  • अम्बुश पार्टी कमांडर द्वारा फायर के इलाका की बनावट 
  • सिक्यूरिटी के लिए हिदायते 
  • दुश्मन का अम्बुश साईट में फसने पर करवाई(डिटेल में समझाया जाय )
  • रात के समय मारने के इलाके में रौशनी का प्रबंध  
  • शत्रु द्वारा अम्बुश का पता लगालेने पर करवाई 
  • अल्टरनेटिव म्बुश साईट और वह तक जाने का रास्ता 
  • डिसेपेसन  प्लान यदि कोई बने गई है तो 
  • इशारे फायर(Ambush ke samay ishare ka sanket) 
  1. फायर खोलने का 
  2. फायर बंद करने का 
  3. हमला का 
  4. विथ्द्रवल 
  5. शत्रु आ रहा है 
  6. कोई और ज़रूरी इशारा 
  • रुकावट यदि भाग निकलने के रास्तो पर लगनी हो 
(c) वापसी :(Ambush se return hone ki tarteeb)
  • RV
  • RV तक जाने के रस्ते 
  • RV से आर्डर ऑफ़ मार्च 
  • वापसी का रास्ता 
5. बंदोबस्त(Adam aur logistics ): इस अम्बुश को सफल बनाए के लिए किये गए ऐडम बंदोबस्त की करवाई का डिटेल देना 

6.मिलाप (Milap ke sadhan ): अपने मिलाप के लिए जितने भी रेडियो वल्कि तलकी लिए है उसकी मिलाप टेस्ट करते है वर समय का मिलाप किया जाता है  तथा कोई शक और सवाल है उसका जवाब कोम्मादर द्वारा देके उस शक को दूर किया जाता है !

इस प्रकार से अम्बुश का जुबानी हुक्म कैसे दी जाती है और उसमे क्या क्या सामिल किआ जाता है उससे सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई सुझाव हो तो निशे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पेज को लाइक कर के हमलोगों को प्रोतोसाहित करे और अच्छा करने के लिए !
इसे भी पढ़े :
  1. सेक्शन फार्मेशन एंड प्लाटून फार्मेशन के फायदे और नुकशान
  2. टेक्टिकल वर्ड्स और उसका मतलब हिंदी में -II
  3. टेक्टिकल वर्ड्स और उसका मतलब हिंदी में -I
  4. कामौफ्लाज और कांसिल्मेंट के ऊपर एक संक्षिप्त जानकारी
  5. पेट्रोलिंग के परिभाषा और पेट्रोलिंग के प्रकार
  6. पेट्रोलिंग पार्टी को ब्रीफिंग देने का तरीका ?
  7. अम्बुश का परिभाषा और अम्बुश की पार्टिया
  8. अम्बुश  की पार्टियो को ब्रीफिंग देने के तरीका
  9. फायर कण्ट्रोल आर्डर और फायर डिसिप्लिन क्या है ?
  10. सेक्शन बैटल ड्रिल और उसे सफल बनाने वाली बातें
  11. 4 बाते शत्रु के कारगर फायर के अंदर आने पे करनी चाहिए

Tuesday, June 6, 2017

फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लैंक गार्ड यदि क मतलब

पिछले पोस्ट में हमने फील्ड फोर्टीफिकेसन से सम्बंधित कुछ टैक्टिकल शब्द जैसे  फायर ट्रेंच , वेपन पिट  और शेल्टर ट्रेंच के बारे में जानकारी शेयर किया इस पोस्ट में हम कुछ और फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लेंक गार्ड (Fauji tactical word jaise first light , flank guard etc)यदि के बारे में जानेगे !


फौजी टेक्टिकल शब्दों हम बहुत बार आर्म्ड फ़ोर्स के सीनियर ऑफिसर के ब्रीफिंग अक्सर सुना करते है उन शब्दों में से कुछ शब्दों  का मतलब क्या  होता उसी के बारे में हम यहाँ जानेगे !

इस पोस्ट में हम निम्न फौजी टैक्टिकल शब्दों के बारे में जानेगे:
फॉरवर्ड ऑब्जरवेशन ऑफिसर (प्रतीकात्मक फोटो)


  1. फर्स्ट लाइट क्या होता है?(Fauji tactical word First light ka kya matlab hota hai )
  2. फ्लैंक गार्ड  क्या होता है?(Fauji tactical word flank guard ka kya matlab hota hai )
  3. फोर्मिंग उप प्लेस क्या होता है?(Fauji tactical word forming up place ka kya matlab hota hai )
  4. फॉरवर्ड ऑब्जरवेशन ऑफिसर क्या होता है?(Fauji tactical word Forward observation officer ka kya matlab hota hai )
  5. फॉरवर्ड रैली क्या होता है?(Fauji tactical word forward rally ka kya matlab hota hai )
  6. ग्राउंड ऑफ़ टैक्टिकल इम्पोर्टेंस क्या होता है ?(Fauji tactical word Ground of tactical importance (GTI) ka kya matlab hota hai )
  7. ग्रुपिंग क्या है ?(Fauji tactical word Grouping ka kya matlab hota hai )
1. फर्स्ट लाइट क्या होता है?(Fauji tactical word First light ka kya matlab hota hai ): आर्डर में दिया हुवा वह वक्त जब की सूरज की रौशनी होने से पहले कुछ हद तक दिखाई देना सुरु हो जाता है! मुख्तलिफ आर्म्स जो की ऑपरेशन में हिस्सा ले रहे हो उसे दिखा देने की जरुरत को देखते हुए फर्स्ट लाइट का वक्त मुकर्र किया जाता है! 

फर्स्ट लाइट का वक्त mukarrमुकर्र करते वक्त सुबह की धुंध , कोहरा और मौसम की दूसरी हालातो पर भी ध्यान रखा जाता हैं ! इस शब्द को अकेले कभी भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए बल्कि इसके साथ वक्त भी मेंशन होना चाहिए !

2.फ्लैंक गार्ड  क्या होता है?(Fauji tactical word flank guard ka kya matlab hota hai ): किसी ऑपरेशन में सामिल होने वाले कॉलम का वह हिस्सा जो हरकत के दौरान किसी फ्लैंक की हफाजत के लिए मुकर्र किया जाये उसे फ्लैंक गार्ड कहलाता है !

3. फोर्मिंग उप प्लेस क्या होता है?(Fauji tactical word forming up place ka kya matlab hota hai ): वह जगह जहा यूनिटेअसेंबली एरिया छोड़ने के बाद पहुचती है फोर्मिंग उप प्लेस या शोर्ट में ऍफ़ उ पि (FUP) कहलाता है ! इस पर हमलावर ट्रूप्स को उस फार्मेशन में लगाया जाता है जिसमे उसेमला करना होता है !

4. फॉरवर्ड ऑब्जरवेशन ऑफिसर क्या होता है?(Fauji tactical word Forward observation officer ka kya matlab hota hai ):आर्टिलरी का वह ऑफिसर जो की हमला करने वालीउजो को देखभाल से आर्टिलरी फायर की मदद देता है ! यह फौजी दस्तो के साथ हरकत करता है या किसी ऑब्जरवेशन पोस्ट में रहकर तोपखाने का फायर का देखभाल करता है !

5. फॉरवर्ड रैली क्या होता है?(Fauji tactical word forward rally ka kya matlab hota hai ): ऑब्जेक्टिव के आस पास का इलाका जिस पर  हमला ख़त्म होने पर टैंक चले जाते है ! टैंक बैटल  न में रहते है और जरुरत पड़ने पर फ़ौरन आगे आते है ! इस जगह पर जरुरत पड़ने पर टैंक अपना ईधन और अमुनिसन पूरारते है !

6. ग्राउंड ऑफ़ टैक्टिकल इम्पोर्टेंस क्या होता है ?(Fauji tactical word Ground of tactical importance (GTI) ka kya matlab hota hai ): यह वह जरुरी जमीन का टुकड़ा है जिसे हाथ से निकल जाने पर डिवीज़न से छोटे दर्जे के डिफेन्स पर बहुत बुरा असर पड़ता है ! जैसे कील जाने से डिवीज़न या बड़े दर्जे पर पड़ता है ! यह जमीन ब्रिगेड डिफेनडेड  सेक्टर , बटालियन डिफेन्स एरिया या कंपनी डिफेंडेड लोकेलिटी के डिफेन्स के लिए कब्ज़ा में रखना बहुत जरुरी है !

7.ग्रुपिंग क्या है ?(Fauji tactical word Grouping ka kya matlab hota hai ):किसी फोर्म्तिओं , यूनिट या सबन  लिए अपनी बुनियादी बनावट के अलावा और ज्यादा फ़ौज हथियार देने के बाद जो बनावट बन जाती है उसे ग्रुप कहते है जैसे कीe बटालियन या कंपनी ग्रुप ! यह लफ्ज केवलइगदे लेवल तक ही इस्तेमाल होता है ! इसकी बनावट जमीन , दुशमन और दी हुए टास्क पर निर्भर करता है !!

इस प्रकार से कुछ दिए हुए फौजी शब्दों के मतलब से सम्बंधित पोस्ट यहाँ समाप्त हुए ! उम्मीद है पोस्ट पसंद आएगा ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !
इसे भी पढ़े :

  1. टेक्टिकल वर्ड्स और उसका मतलब हिंदी में -II
  2. टेक्टिकल वर्ड्स और उसका मतलब हिंदी में -I
  3. कामौफ्लाज और कांसिल्मेंट के ऊपर एक संक्षिप्त जानकारी
  4. पेट्रोलिंग के परिभाषा और पेट्रोलिंग के प्रकार
  5. पेट्रोलिंग पार्टी को ब्रीफिंग देने का तरीका ?
  6. अम्बुश का परिभाषा और अम्बुश की पार्टिया
  7. अम्बुश  की पार्टियो को ब्रीफिंग देने के तरीका
  8. फायर कण्ट्रोल आर्डर और फायर डिसिप्लिन क्या है ?
  9. सेक्शन बैटल ड्रिल और उसे सफल बनाने वाली बातें
  10. 4 बाते शत्रु के कारगर फायर के अंदर आने पे करनी चाहिए

Wednesday, May 31, 2017

एम् एम् एस (SMS) के द्वारा अपने आधार और पान नम्बर को कैसे लिंक करे

आज हम जिस विषय के बारे में जानकारी शेयर करेंगे ओ है की मोबाइल फ़ोन यानि एस एम् एस (SMS) कर के अपना आधार कार्ड नम्बर को अपने पान कार्ड के साथ कैसे लिंक करे(Mobile ya SMS ke dwara AADHAR number aur PAN nmber ko kaise link kare ) ?


जैसे की आप पिछले कई महीनो से टीवी और न्यूज़ पेपर में ये पढ़ते होंगे की  अपना आधारकार्ड नम्बर को अपने पान कार्ड से लिंक करें नहीं तो आपका पान कार्ड वैध्य नहीं रहेगा ! उसी श्रृखला को आगे बढ़ाते हुए आयकर बिभाग ने आज एक विज्ञापन निकला है आधार और पान को लिंक करने के बारे में !
वैसे तो पहले इसको लिंक करने के लिए आपको ऑनलाइन यानि इन्टरनेट के थ्रू अपने ऑनलाइन अकाउंट के जरिये लिंक करने की व्वस्था दी  गई थी और इन्टरनेट द्वारा आधार नम्बर को पान कार्ड से कैसे लिंक(online Aadhar aur PAN Card ko link kare) करे इसके बारे में हमने एक पोस्ट भी लिखा था और उसको हमारे बहुत से रीडर्स ने पढ़ा और लाभ उठाया !

पान कार्ड (प्रतीकात्मक )
लेकिन आयकर विभाग ने अपने आयकरदाताओ   की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उस आधार नम्बर को पान से लिंक करने के लिए मोबाइल एस एम् एस के द्वारा भी सुविधा प्रदान की है !

देश के प्रमुख समाचार पत्रों में दिए गए अपने विज्ञापन में भारतीय आयकर विभाग  ने ये बताया है की आप पाने आधार नम्बर  को पान के साथ कैसे लिंक कर सकते है!
आयकर विभाग के द्वारा बतायेगाये तरीके के अनुसार आप अपने मोबाइल से एस एम् एस कर के आप आधार को लिंक करने के लिए  कैपिटल लैटर में यूआईडीपीएएन लिख कर एक ली स्थान छोड़े फायर अपनी आधार नम्र लिखे और एक खली स्थान छोड़े उसके बाद अपना पान नम्बर लिख करके 567678 या 56161 पे एस एम् एस कर दे और आप का आधार और पान नम्बर लिंक हो जायेगा !

UIDPAN  आधार नम्बर   पान नम्बर  को 567678 या 56161 पर भेज दे 

इसके आलावा आप ऑनलाइन जाके अपने अकाउंट के जरिये भी इन दोनों नम्बर को लिंक कर सकते है ! विज्ञापन में बताया गया है की निर्बाध्य रूप से इनकम टैक्स से जुडी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए इन दोनों नम्बरों को जरुर लिंक करे!

वैसे  इन दोनों नम्बरों को लिंक करने के लिए नया  पान नम्बर लेते समय फॉर्म के अन्दर ही लिख देने से भी हो जायेगा या पान कार्ड रीप्रिंटिंग  वाले चेंज  रिक्वेस्ट फॉर्म में भी आधार नम्बर देने से ये दोनों नम्बर आपस में लिंक हो जायेंगे !
इस प्रकार से यहाँ आधार नम्बर और पान कार्ड को एस एम् एस के द्वारा कैसे लिंक करे से सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुई ! यह एक छोटा पोस्ट था उम्मीद है की पोअस्त जरुर पसंद आएगा ! अगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज लाइक कर के हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित करे !


इसे भी पढ़े :


  1. स्मोक और इल्लू बम का चाल और बेसिक डाटा
  2. 2" मोर्टार का परिचय,और खुबिया तथा इसकी खामिया
  3. 51 mm मोर्टार छोटी छोटी बाते
  4. 51 mm मोर्टार डिटैचमेंट का काम, बनावट और फायर कण्ट्रोल करने का तरीका
  5. 51 mm मोर्टार के भरना और खली करने का तरीका तथा बम को तैयार करना
  6. 51 mm मोर्टार का ले और फायर तथा मिस फायर पे करवाई
  7. 7.62 mm MMG के प्रकार तथा टेक्निकल डाटा 7.62 mm MMG के ?
  8. 7.62 mm MMG को खोलना और जोड़ने का तरीका
  9. 7.62 mm MMG को भरना और खाली करने का तरीका

फील्ड फोर्टीफीकेसन में इस्तेमाल होने वाले फौजी टेकटिकल शब्दों का क्या मतलब

पिछले पोस्ट में हमने वेपन ट्रेनिंग कैसे चलाया जाता है उसके कुछ तरीको के बारे में बात किये इस पोस्ट में हम फील्ड फोर्टीफीकेसन में इस्तेमाल होने वाले तथा कुछ और फौजी टेकटिकल शब्दों का क्या मतलब होता है तथा उसका  इस्तेमाल के बारे में जानेगे !

फौजी टेक्टिकल शब्दों हम बहुत बार आर्म्ड फ़ोर्स के सीनियर ऑफिसर के ब्रीफिंग अक्सर सुना करते है उन शब्दों का मतलब काया होता उसी के बारे में हम यहाँ जानेगे !

 जरुर पढ़े : पेट्रोलिंग और नाईट पेट्रोलिंग और उसके टास्क और नफरी

इस पोस्ट में हम निम्नलिखित शब्दों का मतलब जानेगे :

  1. फील्ड फोर्टीफिकेसन क्या होता है ?(filed fortification kya hota hai?)
  2. फायर ट्रेंच क्या होता है ?(Fire trench kya hota hai)
  3. वेपन पिट क्या होता है ?(Weapon pit kya hota hai)
  4. शेल्टर ट्रेंच क्या होता है ?(Shelter trench kya hota hai)
  5. स्लिट ट्रेंच क्या होता है ?(Slit trench kya hota hai)
  6. घेरा क्या होता है ?(Ghera/envolpment kya hota hai)
  7. एस्केप और इन्भेन्सं क्या होता है ?(Escape and envasion kya hota hai)
  8. फॉर्म बेस क्या है ?(Form base kya hai?)
1. फील्ड फोर्टीफिकेसन क्या होता है ?(filed fortification kya hota hai?): जमीन पर मोर्चे खोदने या खुदाई नही की जा सके तो दुसरे किस्म के मोर्चे बनाने को हम फील्ड फोर्टीफिकेसन कहते है 

2. फायर ट्रेंच क्या होता है ?(Fire trench kya hota hai): जमीन की सतह से निचे खोदा हुवा वह मोर्चा जहा से एक या  एक से ज्यादा जवान अपने जातीय हथियार और एलेमजी का कारगर फायर डाल सकते है !

3.वेपन पिट क्या होता है ?(Weapon pit kya hota hai): जमीन सतह से निचे खोदा हुवा वह मोर्चा जहा से एलेमजी , जातीय हथियारों के अलावा दुसरे हथियारों से भी फायर किया जाता है जैसे , मोर्टार पिट, एलेमजी पिट यदि !




4. शेल्टर ट्रेंच क्या होता है ?(Shelter trench kya hota hai): ऐसा मोर्चा जिसमे छुपने से स्प्लिन्टर , हवा में फटने वाला बम या नजदीक गिरे हुए बम से बचाव हो सकता हो !

5.  स्लिट ट्रेंच क्या होता है ?(Slit trench kya hota hai): जमीन की सतह से निचे खोदा हुवा मोर्चा जहा पर थोड़ी दे रुकने के दौरान हवाई हमले से बचाव मिल सकता है ! जब फायर ट्रेंच खोदने की जरुरत नही है तब स्लिट ट्रेंच बनाया जायेगा ( जैसे हार्बर )

6. घेरा क्या होता है ?(Ghera/envolpment kya hota hai): घेरा एक वह हमले का तरीका है जिसमे बड़ा हमला पीछे से शत्रु के विथ्द्र्वल और सप्लाई का रास्ता काटने के लिए किया जाता है जबकि सामने से भी उसे रोके रखने के लिए छोटा हमला किआ जाता है और इसप्रकार घेर लिया जाता है !

7. एस्केप और इन्भेन्सं क्या होता है ?(Escape and envasion kya hota hai): वह करवाई जिसमे अपनी फ़ौज के आदमी या चुने हुए लोग, कैद होने पर अपना  के इलाके जिन पर दुश्मन ने कब्ज़ा कर लिया हो से भाग कर  अपने इलाके में आ जाते है , जिन पर किसी का भी कब्ज़ा नहीं हो ! साथ ही रस्ते में पकडे जाने से बचाव भी हो !




8. फॉर्म बेस क्या है ?(Form base kya hai?): ऐसी टेक्टिकल अहमियत वाली जमीन जिस पर अपनी फौजों का कब्ज़ा होने से कमांडर की तजबीज अच्छी तरह से अमल में ली ज सके ! 

इस प्रकार से यहाँ फिलेद फोर्टी फिकेशन में इस्तेमाल होने वाले कुछ फौजी टेक्टिकल शब्दों  के  अर्थ (Fauji tactical shabdo ka arth) से सम्बंधित एक संक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! इस पोस्ट से सम्बंधित कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को  प्रोतोसाहित करे !


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Monday, May 29, 2017

हथियारों की ट्रेनिंग देने का बेसिक पुराना तरीका

पिछले पोस्ट में हमने इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के बारे में जानकारी प्राप्त कर चुके है ! इस पोस्ट में हम बेसिक वेपन ट्रेनिगं चलने के बारे में जानकरी प्राप्त करेंगे !


जैसे की हम जानते है की आर्म्ड फ़ोर्स के जवानों को हथियार की सिखाली देने का मात्र उद्देश्य यह है की जवान लड़ाई या किसी ऑपरेशन के दौरान शत्रु पर फ़तेह हासिल कर सके तथा शांति के दौरान जहा कही भी ड्यूटी कर रहा हो वाहां सही तरह से ड्यूटी करे और रक्षा करने पे पूरी तरह से काबिल हो ! ऐसे कहावत है की हथियार ही टैक्टिस को बदलते है !

जरुर पढ़े : 7.62mm SLR के पार्ट्स का नाम और 7.62 mm SLRराइफल का चाल

इस लिए यह बहुत जरुरी है की हम जवानों व ओहेदार को ऊँचे दर्जे की सिखाई दे ताकि वह लड़ाई के मैदान में हथियारों का तेजी व दुरुस्ती से इस्तेमाल कर सके !

इस पोस्ट के दौरान हम निम्न बातो के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !

  1. ट्रेनीज का वर्गीकरण (Trainees ka classification)
  2. सही तरह के ट्रेनिंग न देने का नुकशान  (Sahi tarah ka training nahi dene ka nukshan)
  3. ट्रेनिंग देने का बेसिक पुराना तरीका (Training dene ka basic old tarika)
  4. ट्रेनिंग देने का बेसिक पुराना तरीका का फायदा (Basic old tarike ka fayda)
1.ट्रेनीज का वर्गीकरण (Trainees ka classification): फ़ोर्स में ट्रेनिंग पाने वालो का अगर वर्गीकरण करे तो मोटे तौर पर तीन हिस्सों में बाटा जा सकता है 
  • रेक्रुइट्स इसमें सीधी भारती वाले अधिकारी भी सामिल है 
  • यंग सोल्जर वह अधिकारी व जवान जो अपनी बेसिक ट्रेनिंग के बाद एक या डेढ़ साल की सर्विस कर लिए हो 
  • ट्रेन्ड सोल्जर या ओहेदेदार व जवान जिनकी सेर्चिए की अवधि 5 या 6 साल की होती है 
जरुर पढ़ेहरकती टारगेट पर पॉइंट ऑफ़ एम सेट करना !

2. सही तरह के ट्रेनिंग न देने का नुकशान  (Sahi tarah ka training nahi dene ka nukshan)जिस तरीके से रिक्रूट को सिखलाई दी जाती है उस प्रकार यंग सोल्जर को भी दिलाई जाए तो इसके चाँद नुकसान हो सकते है !
  • एक ही तरह की सिखलाई से उदासीनता आ जाएगी और वह दिलचस्पी नहीं लेंगे 
  • समय ज्यादा बर्बाद होगा 
इन दोनों को दूर करने के लिए हथियार की सिखलाई ट्रेनिंग को चलने के लिए अलग अलग तरीके बताये गए है ! कमांडर को चाहिए की अपने ट्रेनिंग ऐड ट्रेनर की संख्या और ट्रेनीज के स्तर देखकर मुनासिब तरीके चुने ! जिससे हथियार की ट्रेनिंग का अंतिम उद्देश्य एक गोली एक दुशमन प्राप्त किआ जा सके !

3. ट्रेनिंग देने का बेसिक पुराना तरीका (Training dene ka basic old tarika)
(a) सिखलाई पाने वालो की किस्मे 
  • रिक्रूट
  • रेक्रुइतो के नए ट्रेनर 
  • कठिन सब्दो को पढने के लिए जैसे राइफल /एलेमजी की चाल 
  • कोई नया हथियार फ़ोर्स में आये हो तो उसकी भी सिखलाई बेसिक पुराने तरीके से दी जाए !

(b) चलाने  का ढंग 
  • शुरु शुरू की करवाई : क्लास की गिनती ग्रौपो की बाँट , हथियार का मुलाहिजा 
  • दोहराई : सबक के साथ संम्बंध रखने वाले विषयों पर ली जाए 
  • उद्देश्य : दोहराई जाये 
  • सामान : सबक में इस्तेमाल होने वाला सामान 
  • ब्यान  : सबक के बारे में एक छोटा सा बयां 
  • तरतीब : सबक के बारे में एक छोटा सा बयाँ 
  • संक्षेप्त : मोटे तौर पर सवाल जवाब से किया जाये 
(c) प्रदर्शन : इसका मोटे प्रदर्शन किसी भी हह्तियर का सबक चलाकर दिखा दिया जाये 

4. ट्रेनिंग देने का बेसिक पुराना तरीका का फायदा (Basic old tarike ka fayda)
  • कोई चीज छुट नहीं पाती  है 
  • सबक दर्जा व चलता है 
  • मुस्किल सबक चालना आसन है 

इस प्रकार से हथियारों की ट्रेनिंग देने का बेसिक पुराना तरीका से सम्बंधित संक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित  करे  !
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Sunday, May 28, 2017

रेकॉइल ऑपरेशन के सिद्धांत तथा लॉन्ग रेकॉइल और शोर्ट रेकॉइल क्या होता है ?

पिछले कुछ पोस्टो में हमने ब्लो बैक सिद्धांत  के बारे में बाते किये जिसमे लास्ट पोस्ट डिलेड ब्लो बैक के सिद्धांत के  बारे में था! इस पोस्ट में हम रेकॉइल ऑपरेशन के सिद्धांत(Recoil Operation ke siddhant) के बारे में जानेगे !


हम अपने स्कूली शिक्षा के दौरान न्यूटन के गति के नियम में जरुर पढ़ा है जिसमे न्यूटन का तीसरा नियम कहता  है की "प्रत्येक क्रिया की विपरीत दिशा में बराबर की प्रतिक्रिया होता है " उसी की तरह  राइफल से  राउंड  आगे की दिशा में तेजी  गति करती है , जसकी सामान प्रतिक्रिया ब्रीच ब्लाक फेस पर आता  है !

ब्रीच ब्लाक गुण बॉडी में लॉक होता है अतः यह प्रतिक्रिया हथियार को स्थान्तरित होकर हथियार पीछे की हरकत करता है जिसे रेकॉइल कहते है ! यह फायरर को कंधे पर महसूस होता है !

जरुर पढ़े : डीलेड ब्लो बैक कैसे काम करता है ?

रेकॉइल ऑपरेशन में साइकिल ऑफ़ ऑपरेशन को पूरा करने के लिए उर्जा , बुलेट के आगे की दिशा में प्राप्त संवेग के प्रतिक्रिया स्वरुप बैरल तथा ब्रीच ब्लाक के पीछे की दिशा में गति करने से मिलती है !

इस पोस्ट के में हम निम्न विषयों के बारे में जानेगे :
  1. लॉन्ग रेकॉइल क्या होता है ?(Long Recoil ka siddhant kya hota hai )
  2. शोर्ट रेकॉइल क्या होता है ?(Short Recoil ka siddhant kya hota hai )
  3. लॉन्ग और शोर्ट रेकॉइल में अंतर ?(Long ttha short recoil me kya natar hai )
रेकॉइल ऑपरेशन के सिद्दांत में बैरल को आगे-पीछे की हरकत करने के लिए मुक्त(Free float) रखा जाता है  और ब्रीच ब्लाक को बैरल के साथ लॉक करते है ताकि मेकानिकल सेफ्टी प्राप्त हो सके ! बैरल तथा ब्रीच ब्लाक का लॉक बैरल में सेफ प्रेशर बन्ने के बाद खोल जाता है और बैरल अपनी स्प्रिंग के मदद से अपनी पूर्वे स्थिति में
आ जाती है ! 

पीछे जाता ब्रीच ब्लाक साइकिल ऑफ़ ऑपरेशन की तमाम क्रियाएँ पूर्ण कर वापस आगे आता है और नया राउंड चैम्बर में लोड करके फिर बैरल के साथ लॉक होकर हथियार को फायर के लिए तैयार करता है ! 
रेकॉइल ऑपरेशन दो प्रकार की होती है 
  •  लॉन्ग रेकॉइल(Long Recoil )
  • शोर्ट रेकॉइल  ?(Short Recoil  )

1.  लॉन्ग रेकॉइल क्या होता है ?(Long Recoil ka siddhant kya hota hai ):
बैरल तथा ब्रीच ब्लाक , लॉक हालत में एक बिना फायर हुए राउंड की लम्बाई से ज्यादा दुरी तय करते है ! उसे हम लॉन्ग रेकॉइल कहते है ! ऐसे हथियार की एक्यूरेसी कम , सेफ्टी अच्छी तथा रेट ऑफ़ फायर कम होता है ! जैसे लॉन्ग रेंज आर्टिलरी की गुण , ब्राउनिंग .303 आटोमेटिक राइफल !












2. शोर्ट रेकॉइल क्या होता है ?(Short Recoil ka siddhant kya hota hai )
 बैरल तथा ब्रीच ब्लाक, लॉक हालत में एक बिना फायर हुए राउंड की लम्बाई से कम दुरी तय करते है उसे हम शोर्ट रेकॉइल कहते है ! इन हथियारों में बैरल तथा ब्रीच ब्लाक का लॉक जल्दी खुलता है एक्यूरेसी अच्छी होती और अच्चा रेट ऑफ़ फायर मिलता है ! जैसे 9 mm ब्राउनिंग पिस्टल, 9 mm पिस्टल बरेटा आदि !












3. लॉन्ग और शोर्ट रेकॉइल में अंतर?(Long aur short recoil me kya anatar hai )

लॉन्ग रेकॉइल :-
  • ब्रेकच ब्लाक लॉक हालत में बिना फायर राउंड से ज्यादा दुरी तय करते है 
  • एक्यूरेसी कम होती है 
  • रेट ऑफ़ फायर कम होता है 
  • सेफ्टी अच्छी रहती है 

शोर्ट रेकॉइल :
  • ब्रेकच ब्लाक लॉक हालत में बिना फायर राउंड से कम  दुरी तय करते है 
  • एक्यूरेसी अच्छी  होती है 
  • रेट ऑफ़ फायर ठीक  होता है 
  • सेफ्टी थोड़ी कम  रहती है 
इस प्रकार से आप रेकॉइल ऑपरेशन सिद्धांत के बारेमे आप एक संक्षेप्त जानकारी प्राप्त किया उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! इस पोस्ट के बारे में कोई सुझाव और कमेंट हो तो निचे कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे !इस पोस्ट को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे और अच्छे लिखने के लिए !

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  9. एंगल ऑफ़ डिपार्चर और एंगल ऑफ़ एलिवेशन क्या होता है
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Saturday, May 27, 2017

डीलेड ब्लो बैक कैसे काम करता है ?

पिछले पोस्ट में हमने इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग (IWT) चलाने का तरीका  के बारे में हमने बात किये ! इस पोस्ट में हम ब्लो डीलेड ब्लो बैक कैसे काम करता  है (Delayed Blow back kaise kaam karta hai)के बारे में जानेगे !



एक जवान को हथियार के चाल और उसके मेच्निस्म की जानकारी होनी चाहिए ताकि उस हथियार में पड़नेवाली किसी भी रोक के कारन को अच्छे से समझ सके और उसे दूर कर सके क्यों की हम जानते है की ऑपरेशन के दौरान जवान को खुद अकेले ही सभी करवाई करनी पड़ती है वह न तो अर्मोरेर होता है न ही कोई और बल्कि खुद ही उसे सभी प्रकार के रोको को दूर करके लड़ाई की लड़नी पड़ती है ! इस लिए जरुरी है की एक जवान अपने पर्सनल वेपन तथा जिस किसी भी हथियार को ओ इस्तेमाल कर रहा है उसके चाल और मैकेनिज्म के बार में जानकारी रखे !

जरुर पढ़े :7. 62 mm राइफल में पड़ने वाले रोके कौन कौन से है ? 

जैसे की हम जानते है की ब्लो बैक निम्न तीन प्रकार के होता है :
इसमें से दो के बारे में हम पिछले  पोस्ट में  जान चुके है इसe इस पोस्ट में हम केवल डिलेड ब्लो बैक के बारे में जानेगे !
डिलेड ब्लो बैक कैसे काम करता है उदाहरण के साथ :
डीलेड ब्लो बैक
डीलेड ब्लो बैक 
इस सिद्धांत के सहायता से ब्लो बैक हथियारों में भी हाई पॉवर अम्मुनिसन का 
प्रयोग किया जा सकता है और ब्रीच ब्लाक का वजन काफी कम किआ जा सकता है ! इसमें हथियारों के ब्रीच ब्लाक में कुछ अतरिक्त सामान लगाकर ब्रीच ब्लाक के पीछे आने को उस समय तक रोकते है जब तक की बुलेट बैरल को न छोड़ दे !

उदहारणतः जर्मनी की 7.62 mm जी-3 राइफल ! इसमें ब्रीच ब्लाक की उपरी तथा निचली सतह पर दो रोलर लगते है जो की ब्रीच ब्लाक के हथियार के ब्रीच के अंतिम  किनारा(Breech end) से जाकर लगने पर स्प्रिंग की ताकत से हथियार की बॉडी में बने खांचे (Recess) में जाकर फस जाते है ! राउंड फायर होने से बने गैस के पीछे ब्रीच ब्लाक तब तक रोककर रखता है , जब तक की यह स्प्रिंग लोडेड रोलर्स बॉडी के खांचो से बहार ना आ जाये ! इसी डीले के दौरान बुलेट को छोड़ देती है और मेचानिकल सेफ्टी बन जाती है !

इस प्रकार से डिलेड ब्लो बैक (Delayed Blow Back) से सम्बंधित संक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की ये पोस्ट आपको पसंद आएगा ! अगर इस पोस्ट से सम्बंधित कोई सुझाव होतो निचे के कमेंट बॉक्स में लिखे ! इस ब्लॉग सब्सक्राइब और फेसबुक पेज को लाइक कर के हमलोगों को प्रोतोसाहित करे और अच्छा पोस्ट लिखने के लिए !

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