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Wednesday, April 5, 2017

मैप रीडिंग में इस्तेमाल होने वाले कन्वेंशनल सिग्न और उसका महत्व

पिछले पोस्ट में हमने मास्टर मैप और मास्टर कंपास क्या होता है  इसके  बारे में जानकारी शेयर की! इस पोस्ट में हम कुछ कन्वेंशनल सिग्न जैसे मंदिर का कन्वेंशनल सिग्न, मस्जीद का कन्वेंशनल सिग्न , किला का कन्वेंशनल सिग्न(Conventional sign of Temple,masjid, fort etc)  है उनके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !


जैसे की हम जानते है की मैप किसी जमीनी इलाके का छोटे रूप में चित्रण तो होता है परन्तु मैप में इतनी जगह नहीं होती है की जमीन की सभी आकृतियो के हुबहू चित्र बनाकर उसके नाम लिख दिए जाये ! इसी लिए जमीन की आकृतियो को मैप पर दिखने के लिए कुछ निश्चित चिन्ह का प्रयोग किआ जाता है जिस्सकी मदद से छोटी शक्लो में जमीनी आक्रितो को मैप पर दिखाया जाता है और इन आकृतियो को हम कन्वेंशनल  सिग्न कहते है !

इस पोस्ट में हम कुछ बस्तुओ के कन्वेंशनल सिग्न कैसे होते है उनको देखेंगे जैसे की :

  1. मंदिर का कन्वेंशनल सिग्न (Conventional sign of Temple)
  2. मस्जिद का कन्वेंशनल सिग्न (Conventional sign of Masque )
  3. गुरुद्वारा का कन्वेंशनल सिग्न (Conventional sign of Gurudwara)
  4. किला का कन्वेंशनल सिग्न (Conventional sign of Fort)
  5. चर्च का कन्वेंशनल सिग्न (Conventional sign of Church)
  6. बुर्जी का कन्वेंशनल सिग्न (Conventional sign of Burji)
  7. घंटाघर का कोन्वेन्तिओन सिग्न (Conventional sign of Ghantaghar)
  8. समाधी का कन्वेंशनल सिग्न (Conventional sign of Samadhi)
  9. पक्का मकान  का कन्वेंशनल सिग्न (Conventional sign of Pucca Makan)
  10. गाँव का कन्वेंशनल सिग्न  आदि (Conventional sign of Village)

कन्वेंशनल सिग्न का महत्व (Importance of Conventional sign):  कन्वेंशनल सिग्न और मिलिट्री सिंबल मैप रीडिंग की कुंजी है जैसे  किसी बंद ताले  को कुंजी के बीना नहीं खोल सकते उसी प्रकार से  किस मैप के अन्दर मौजूद डिटेल्स को कन्वेंशनल  सिग्न और मिलिट्री सिंबल के जानकारी के बिना नहीं पढ़ और सकते है !

 इस लिए मैप रीडिंग से अनभिज्ञ जवान को समझाने या मैप रीडिंग की सिखलाई देने के लिए कोन्वेन्तिओन सिग्न की उतनी ही महता है जितनी एक छोटे बच्चे को पढ़ने के लिए वर्णमाला की !

इस प्रकार से कन्वेंशनल सिग्न और कोन्वेन्तिओन सिग्न के महत्व से सम्बंधित पोस्ट यहाँ समाप्त हुई ! मैप रीडिंग के दौरान इस्तेमाल होने वाले कन्वेंशनल सिग्न का संग्रह निचे के एक पीडीऍफ़ फाइल के रूप में दिया हुवा है जिसे इस ब्लॉग को सब्सक्राइब करके डाउनलोड किया जा सकता है !

जरुर पढ़े :मैप कितने प्रकार के होते है ?

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इन्हें  भी  पढ़े :
  1. अपना खुद का लोकेशन मैप पे जानना और नार्थ पता करने के तरीके
  2. रात के समय उत्तर मालूम करने का तरीका
  3. सर्विस प्रोटेक्टर का उपयोग और सर्विस प्रोटेक्टर से बेक बेअरिंग पढने का तरीका
  4. 13 तरीके मैप सेट करने का !
  5. 5 तरीका मैप पे ऊपर खुद का पोजीशन को पता करने का
  6. 5 तरीको से मैप टू ग्राउंड और ग्राउंड टू माप जाने
  7. मैप रीडिंग के उद्देश्य तथा मैप रीडिंग के महत्व
  8. मैप का परिभाषा , मैप का इतिहास और मैप का अव्श्काए
  9. मैप के प्रकार की विस्तृत जानकारी
  10. ट्रू नार्थ , ग्रिड नार्थ, मैग्नेटिक नार्थ का मतलब हिंदी में
  11. बैक बेअरिंग और फॉरवर्ड बेअरिंग में अंतर तथा ग्रिड लाइन का परिभाषा
  12. मैग्नेटिक वेरिएशन , लोकल वेरिएशन तथा एंगल ऑफ़ कन्वर्जेन्स का मतलब
  13. मैप रीडिंग में री सेक्शन , इंटर सेक्शन तथा ओरिएंटेशन का मतलब

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