24 जुलाई 2018

ऑय स्केच क्या होता है और मैप रीडिंग में इसका महत्व ?

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने नाईट मार्च के दौरान आने वाले रूकावटो को कैसे पार करते है उसके बारे में जाने ! इस ब्लॉग पोस्ट से मै एक नया टॉपिक शुरू कर रहा  हु इसमें हम जानेगे की मैप रीडिंग में ऑय स्केच (Eye Sketch) के बारे में जानेगे !


जैसे की हम जानते है की मैप रीडिंग  का मतलब सिर्फ सर्वे मैपो के बारे में ही पढना या समझना नहीं होता है बल्कि मैप के बारे में इतनी जानकारी प्राप्त करलेना होता है की अगर जरुरत पड़े तो किसी एरिया का मैप को कागज के एक पन्ना पर बना कर और समझा सके !

जरुर पढ़े:मैप के ऊपर मैप स्केल दर्शाने या प्रकट का विधि

इस ब्लॉग पोस्ट को पढने के बाद आप इन विषयो के बारे में जान पायेंगे :
Eye Sketch
Eye Sketch
1. ऑय स्केच क्या होता है ?(Eye sketch kya hota hai )
2.ऑय स्केच का महत्व क्या है ?(Eye sketch ka mahtaw kya hota hai?)
3.ऑय स्केच का उद्देश्य क्या होता है ?(Eye sketch ka uddeshy kya hota hai ?)
4. ऑय स्केच बनने का विशेषताए (Eye sketch bnane ka visheshtaye)
5.ऑय स्केच बनाने का सामान क्या होता है ?(Eye sketch banane ka saman kya hota hai?)

1. ऑय स्केच क्या होता है ?(Eye sketch kya hota hai ): ऑय स्केच का मतलब किसी आम भाषा में कहे तो " किसी जमीनी इलाके के प्रकृति और प्रसिद्द स्थानों को दिखाते हुए आखो से देखकर बनाया गया स्केच ही ऑय स्केच कहते है " 

जरुर पढ़े:बनावट के आधार पर मैप का स्केल लाइन इतने रूप होते है?

2.ऑय स्केच का महत्व क्या है ?(Eye sketch ka mahtaw kya hota hai?): ऑय स्केच के विशेष महत्व के दो आधार है :-

  • ऑय स्केच की सिखलाई शेष सभी स्केच की सिखलाई का प्रथम सीढि होती है !
  • ऑय स्केच के अभ्यास से ट्रेनीज सर्वे मापों को भली बहती समझ जाते है !
3.ऑय स्केच का उद्देश्य क्या होता है ?(Eye sketch ka uddeshy kya hota hai ?): ऑय स्केच को बनने का निम्न उद्देश्य होते है :
  • मैप पर नहीं मिलने वाली जमीनी निशान को दिखाई जाय !
  • रिपोर्ट की सूचनाओ को और प्रभावी बने जा सके !
  • और जवानों को इस काबिल बना दिया जाय की वे न केवल निशानों को अच्छी तरह से समझ जाय बल्कि जरुरत पड़े तो उसे कागज़ पे उत्तार सके !
  • जवानों के अन्दर सभी प्रकार के स्केच बानाने की क्षमता पैदा हो सके !
  • जवान जमीनी निशानों के अच्छी तरह से इस्तेमाल कर्ण सिख जाए !
4. ऑय स्केच बनने का विशेषताए (Eye sketch bnane ka visheshtaye):ऑय स्केच या फील्ड स्केच की विशेषताए एक जैसी होती है ! जैसे :
  • शीघ्रता(Promptness) :जल्द से जल्द तैयार हो जाता है !
  • सम्पूर्णता(Up- to- Date) : ऑय स्केच में जरुरत के अनुसार सभी सूचनाये दी गई हो  !
  • सत्यता(Reliability) : ऑय स्केच में दिखाई गई रिलीफ और जमीनी निशान पूर्ण रूप से सही और विश्वास जनक होने चाहिए !
  • स्पष्टा(Clear and legible) : ऑय स्केच में जो भी निशान दिखाए जाए वे पूरी तरह से स्पष्ट हो
  • स्वच्छता(Neat and Clean) : ऑय स्केच में दिखाए गए सभी निशान साफ सुथरे हो 
  • सार्थकता(Purposeful) : जिस उद्देश्य के लिए ऑय स्केच बनाया जा रहा है वह उद्देश्य का पूरा करता है हो !
एक अच्छे ऑय स्केच में ऊपर बताई गई विशेषताए होती है !

5.ऑय स्केच बनाने का सामान क्या होता है ?(Eye sketch banane ka saman kya hota hai?):ऑय स्केच बनाने के लिए  निम्न सामानों का जरुरत पड़ती है :
  • लाइन बनाने के कलि लीड वाली पेंसिल 
  • सड़क की चौड़ाईसामानांतर रूप से  दिखने के लिए ऐसी बनी हुई पेंसिल जिसका  लीड बिच में 2 mm चौड़ी फटा हुवा बनाया गया हो !
  • अच्छी किस्म का रबर 
  • निचे रखने के लिए क्लिप बोर्ड 
  • फुट रूलर 
  • ड्राइंग पिन कागज को क्लिप बोर्ड पे लगाने के लिए 
  • स्थानों को सिधाई में दिखने के लिए लम्बी आलपिन 
  • जरुरत के अनुसार सफ़ेद कागज 
  • ज्योमेट्रिक बॉक्स 
  • कंपास और सर्विस प्रोजेक्टर  यदि 
इस प्रकार से ऑय स्केच(Eye sketch) क्या होता है और उसको बनने के लिए कौन कौन सामान की जरुरत पड़ती है उससे सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई !उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे  और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज  लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !
इन्हें  भी  पढ़े :
  1. 5 तरीको से मैप टू ग्राउंड और ग्राउंड टू माप जाने
  2. मैप रीडिंग के उद्देश्य तथा मैप रीडिंग के महत्व
  3. मैप का परिभाषा , मैप का इतिहास और मैप का अव्श्काए
  4. मैप के प्रकार की विस्तृत जानकारी
  5. ट्रू नार्थ , ग्रिड नार्थ, मैग्नेटिक नार्थ का मतलब हिंदी में
  6. बैक बेअरिंग और फॉरवर्ड बेअरिंग में अंतर तथा ग्रिड लाइन का परिभाषा
  7. मैग्नेटिक वेरिएशन , लोकल वेरिएशन तथा एंगल ऑफ़ कन्वर्जेन्स का मतलब
  8. मैप रीडिंग में री सेक्शन , इंटर सेक्शन तथा ओरिएंटेशन का मतलब
  9. मास्टर मैप , मास्टर कंपास तथा तंगेंट क्या होता है !
  10. मैप रीडिंग में इस्तेमाल होने वाले कन्वेंशनल सिग्न और उसका महत्व

22 जुलाई 2018

बम्पर भर्ती- केंद्र सरकार के पुलिस फाॅर्स में 2018

इस नए  पोस्ट के माध्यम से अब एक नया सीरीज शुरू कर रहे है जिसमे हम यहाँ सेंट्रल परा मिलिट्री फ़ोर्स , और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स्ड तथा बिभिन्न राज्यों में पुलिस फाॅर्स में होने वाले पुलिस भारती के बारे में लेटेस्ट न्यूज़ पोस्ट करेंगे !


जैसे की हम जानते है की केंद्र सरकार अपना इस टर्म के अंतिम साल में है और सरकार जो की प्रॉमिस करके आई थी की वह देश के बेरोजगार युवाओ के रोजगार का व्यवस्थ करेगी !

पिछले महीने 95 हजार की पोस्टस की भारती भारतीय रेल में निकली थी  और उसी श्रृखला को आगे बताते हुए 18 साल से 23 साल के बिच के युवाओ के 54 हजार से ज्याद का भारती  SSC के द्वारा बिभिन्न सेंट्रल परा मिलिट्री फाॅर्स जैसे BSF Constable Recruitment, CRPF Constable Recruitment, CISF Constable Recruitment और ITBP Constable Recruitment के लिए निकली है !

यह भारती SSC के द्वारा की जाएगी जो अखिल भारतीय स्तर(All India Level) की होगी !आवेदन करने का दिन 24 जुलाई से लेकर 24ऑगस्ट 2018 तक है ! इसका आवेदन ऑनलाइन .

ये पूरी भारती  Rs.-21700 - 69100 के पेमेंट बैंड के लिए हो रही ! परीक्षा की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है परीक्षा के 10 दिन पहले एडमिट कार्ड योग्य उम्मीदवारों के डाउनलोड करने की फैसिलिटी डी जाएगी !

इस भारती के कुल तीन स्टेज होंगे आवेदन करने के बाद प्रारंभिक लिखित परीक्षा होगा जिसमे जनरल इंटेलिजेंस , रीजनिंग , जनरल अवारनेस , अपटीट्युड का लिखित परीक्षा होगा और इस प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले उम्मीवार ही PET/PST यानि फिजिकल टेस्ट और मेडिकल टेस्ट पास करेंगे वही उम्मीदवार मुख्य लिखित परीक्षा के लिए बुलाये जायेंगे !

केंद्र सरकर अपने ओर से बहुत प्रयास कर रही है की देश के युवाओ को रोजगार मिले उसी के दिशा में उठाया गया यह एक कदम है !इस मौके का फायदा उठाते हुए पूरी तयारी के साथ अप्लाई करे सफलता जरुर मिलेगी ! लेकिन टाऊट और दलालों से सावधान अब वह समय चला गया जब दलाल  के द्वारा सरकारी नौकरिया मिल जाती थी आब सबकुछ मेहनत के बल पे ही होगा !

अप्लाई करने के लिए क्लिक करे :https://www.ssc.nic.in पर जाएं। Apply पर क्लिक करें, फिर जीडी कॉन्स्टेबल पर क्लिक करके Click here to apply का ऑप्शन आएगा। वहां क्लिक करके आप आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। 


पुलिस रिक्रूटमेंट में फिजिकल टेस्ट पास करने का तरीका


दिन के समय मार्च करने का तरीका

पिछले पोस्ट में हमने नाईट मार्च के दौरान रूकावटे पर करने का तरीका के बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस पोस्ट में हम जानेगे दिन के समय मार्च कैसे करते है(Din ke samay march karne ka tarika) और दिन के समय कर मार्च का क्या मतलब होता है !


जैसे की हम जानते है की दुशमन के बारे में इनफार्मेशन इकठ्ठा करने के लिए दिन या रात  को आर्म्ड फ़ोर्स की टोली तरह तरह की ऑपरेशन करती रहती है की दुश्मन  को धोखा  देकर जितना संभव हो सके उतना और उस करवाई में दुश्मन के नजरो और उसके आदमियो से बचने के लिए टूटी फूटी  और उबड़ खाबड़ रास्तो को इस्तेमाल करते हुए उसके एरिया  में जा कर फार्मेशन इकठ्ठा करते है! उन फार्मेशन को इकठ्ठा करने के लिए कभी डे मार्च तो कभी नाईट मार्च करने का जरुरत पड़ता है !

जरुर पढ़े:सर्विस प्रोटेक्टर का परिभाषा और सर्विस प्रोटेक्टर का प्रकार


वैसे नाईट मार्च के बारे में हमने पिछले पोस्ट्स में जान चुके है और इस पोस्ट में हम डे मार्च(Day March) से सम्बंधित निम्न विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे :
Day March ki Taiyari
Day March ki Taiyari
1. दिन के समय मार्च करने का अर्थ क्या होता  है ?(Din ke samay march karne ka arth kya hota hai )
2. दिन के समय मार्च करने का जरुरत (Din ke samay march karne ka jarurat)
3. दिन में मार्च करने का विधि (Din me march karne ka vidhi)

1. दिन के समय मार्च करने का अर्थ क्या होता  है ?(Din ke samay march karne ka arth kya hota hai ):वैसे तो हम दिन में किसी न किसी काम के लिए एक जगह से दुसरे जगह जाते रहते है लेकिन उसको हम मैप  रीडिंग  के भाषा में दिन का मार्च नहीं कह सकते है !

मैप रीडिंग  के  भाषा हम दिन का मार्च  उसे कहते है जब हम किसी सैनिंक कार्यवाही के लिए किसी निश्चित उद्देश्य को ध्यान में रखकर किसी विशेष विधि से दिन में एक जगह से दुसरे जगह पर जाते है तो उस मूवमेंट को दिन के समय(March in day time) का मार्च कहते है !

जरुर पढ़े:सर्विस प्रोटेक्टर का उपयोग और सर्विस प्रोटेक्टर से बेक बेअरिंग पढने का तरीका

2. दिन के समय मार्च करने का जरुरत (Din ke samay march karne ka jarurat):डे मार्च निम्न कारणों से किया जाता है :
  • अपने एरिया में पेट्रोलिंग या अम्बुश की कार्यवाही के लिए !
  • बिना किसी व्यक्ति के सहायत के अनजान  एरिया में जाने के लिए 
  • कमांडो रेड व इन्फ्लीटेरेसन सैनिक कार्यवाही के लिए 
  • ट्रेनिंग और एक्सरसाइज  में अनजान  जगहों पर जाने के लिए 
  • मैप रीडिंग के ट्रेनिंग के दौरान भी कंपास और बिना कंपास तथा मैप और बिना मैप एक जगह से दुसरे जगह जाने का जरुरत पड़ता है !
3. दिन में मार्च करने का विधि (Din me march karne ka vidhi):मार्च करने की निम्न विधिया है :

(a) केवल मैप की सहायता से मार्च करना (March with help of Map):केवल मैप की सहायता से मार्च करने की दो स्टेज है :

(i) तैयारी का स्टेज : इस स्टेज में करवाई इस प्रकार से करते है :
  • पहले मैप को सेट करके अपनी पोजीशन को मार्क करना 
  • फिर जिस स्थान पर पहुचना है उसका पोजीशन निकल कर के उस स्थान के आस पास के प्रसिद्ध निशानों को अच्छी तरह से समझना !
  • अपनी पोजीशन से गंतव्य स्थान तक पहुचने का सबसे आसन और हालत के अनुसार रास्ता को चुनना !
  • रास्ते का फासला भी मालुम कर लेते है और फसलो को कदमो में बदली कर लेते है !
(ii) मार्च करने की कार्यवाही : मार्च की कार्यवाही इस प्रकारे से करे :
  • मार्च करने के लिए अपनी पोजीशन से गंतव्य  स्थान के बिच पड़ने वाले मैप और जमीनी निशानों के बिच तुलना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए !
  • फासले को याद  रखने के लिए रास्ते में जितने सौ कदम बनते है उतने ही छोटे छोटे पत्थर जेब में रख लेना चाहिए !
  • चलते समय सौ सौ कदम जाने के बाद एक एक पत्थर निचे गिरते जाना चाहिए 
  • गंतव्य स्थान पर पहुचने के बाद वहा के जमीनी निशानों को मैप से मिलाकर तसल्ली करलेना चाहिए की हम सही जगह पे आ चुके है ! 
(b)बिना मैप के मार्च करना (March without Map):बिना मैप साथ रखे दो प्रकार से मार्च कर सकते है :

(a) कंपास के साथ : इस तरह से मार्च करने के दो तरीके होते है :

(i) पहली प्रकार : इस अवस्था में कार्यवाही ऐसे  की जाती है :
  • जिस स्थान पे जाना है उस स्थान की बेअरिंग और फासला मालूम किया जता है !
  • मार्च करने से पहले गंतव्य स्थान को अच्छी तरह से समझ लिया जाय 
  • मार्च सुरु करने से पहले उस दिए हुए बेअरिंग को कंपास पर पढ़ते है 
  • और उस बेअरिंग पर दिखाई देने वाले दो मशहूर निशान  चुनते है जिसके सीध में आसानी से चला जाय सके !
  • निशानों को चुनने के बाद उसके बिच की दुरी मालूम कर लेते है !
  • उस पहली चुने हुए निशान की ओर हम चलते है !
  • प्राप्त किये हुए फासला तय करने के बाद हम पहले निशान पर पहुचते है !
  • पहले निशान पर पहुचने के बाद फिर वहा से हम दुसरे निशान के सीध में एक और मशहूर निशान चुनते है !
  • निशान चुनने के बाद हम दुसरे निशान की ओर चल पड़ते है !
  • इस प्रकार से हम बिच के निशान चुने और दिशा तथा दुरी मालूम करते हुए गंतव्य स्थान  पर पहुच जाते है
(ii) दूसरी प्रकार : कंपास साथ रख कर मार्च करने की दूसरी स्टेज है हमे गंतव्य का बेअरिंग और फासला न मालूम हो कर रास्ते में पड़ने वाले मुख्य निशानों के बेअरिंग और उसके बिच के फासले विदित होता है !

इस विधि में अपनी पोजीशन  से पहले स्थान तक फिर दुसरे स्थान तक तथा इसी प्रकार से गंतव्य स्थान तक ऊपर बताई विधि से मार्च करते है ! यह विधि पहली विधि से सरल पड़ती है क्यों की इस विधि में हमे प्रत्येक उस निशान पर जहा बेअरिंग बदलनी होती है तसल्ली होती रहती है की हम सही रास्ते पर जा रहे है !

(b) बिना कंपास मार्च करना : बिना कंपास के मार्च करने की विधि में गंतव्य स्थान तक पहुचने के रास्ते के बारे में कुछ कुछ खास खास बाते ही नोट कर लेना चाहिए !

इस विधि में हमे अपनी यादाश्त के बल पर ही मार्च करना पड़ता है ! इस विधि में मार्च करने के लिए निम्न कार्यवाही की जाए :
  • मार्च करने से पहले मैप पर अपनी पोजीशन और गंतव्य स्थान को अच्छी तरह पहचान ले 
  • कुछ ऐसी डिटेल्स के बारे में भी जान लेना चाहिए जिसमे गंतव्य और उस तक पहुचने वाले रास्ते  को पहचानने से आसानी हो !
  • गंतव्य स्थान तक पहुचने के लिए उचित रास्ते का चुनाव करके दुरी मीटर्स या गजो में नाप कर कदमो में बदला ले ताकि फासला नापने में आसानी हो 
  • रास्ते में पड़ने वाले मुख्य डिटेल्स की पहचान के लिए उन डिटेल्स  के आस पास के निशानों तथा उनकी दुरी को भी नोट कर ले !
  • निशानों को चुनते समय केवल पेड़ को ही न चुने नहीं तो हो सकता है की पेड़ को काट  दिया गया हो !
  • मार्च के दौरान थोडा बदले हुए रास्ते देख निराश नहीं होना चाहिए 
  • नहीं जल्दी अपने आप को गलत समझना चाहिए क्यों की धरातल पे हमेशा परिवर्तन होते रहती है !
  • कई जगह छोटी औए कच्ची सडके बदली भी जा सकती है कई मकान , मंदिर आदि नए बन सकते है ! प्राकृतिक हालातो के कारण भी धरातल की बनावट में बदली हो सकती है इसीलिए रास्ते के ऊपर पड़ने वाले ख़ास निशानों पर भरोषा करते हुए गंतव्य की ओर जाना चाहिए !
  • फासला नापने का अंदाज लगाने में लापरवाही न बरते !  फासला का अंदाज लगते समय ध्यान रखने वाली बातो पे विचार करे !
  • भूल कर किसी गलत जगह पर पहुचने पर फ़ौरन लौटकर पहले वाले जगह पर आ जाना चाहिए !
  • गंतव्य स्थान पर पहुच कर नोट की हुई आस पास की डिटेल्स को ध्यान पूर्वक देखना चाहिए और तसल्ली कर ले की हम ठीक स्थान पर पहुच गए है !
इस प्रकार  के करवाई की जाती है दिन के समय मार्च करने के लिए ! उम्मीद है की यह छोटा पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित करे !
इसे भी पढ़े :
  1. 36 धरातलीय आकृतिया और उनके परिभाषा
  2. मैप रीडिंग की अवाश्काताये तथा मैप का परिभाषा
  3. 15 जरुरी पॉइंट्स मैप को सही पढने के लिए
  4. मैप कितने प्रकार के होते है ?
  5. कंपास को सेट करना तथा इस्तेमाल करने का तरीका
  6. कंटूर रेखाए क्या है ? एक मैप की विश्वसनीयता और कमिया किन किन बाते पे निर्भर करती है ?
  7. मैप रीडिंग में दिशाओ के प्रकार और उत्तर दिशा का महत्व
  8. दिन के समय उत्तर दिशा मालूम करने का तरीका
  9. कन्वेंशनल सिग्न ,कन्वेंशनल सिग्न के प्रकार , कन्वेंशनल सिग्न बनाने का तरीका
  10. रात के समय उत्तर मालूम करने का तरीका

21 जुलाई 2018

नाईट मार्च के दौरान रुकावट को पार करने का तरीका ?

पिछले  पोस्ट में हमने नाईट मार्च के ड्रिल के बारे में जानकारी प्राप्त किये जिसमे हमने जाना की नाईट मार्च करते समय नेविगेशन पार्टी के सदस्यों का पोजीशन कहा होता है !और अब  इस पोस्ट में हम जानेगे के नाईट मार्च के दौरान अगर कोई रुकावट आ जाती है तो उसे कैसे पर किया जाय(Night March ke dauran rukawat ko kaise par kare) !


जैसे की हम जानते है की नाईट मार्च करते समय कोई भी हरकत हम करते है उसे बहुत ही सोच विचार के करना चाहिए क्योंकी यह सही है की रात के समय दूर तक दिखाई नहीं देता  लेकिन रात के वक्त सुनाई ज्यादा दूर तक होती है !

जरुर पढ़े:मैप रीडिंग में री सेक्शन , इंटर सेक्शन तथा ओरिएंटेशन का मतलब

अगर हमने रुकावट पर करते समय कोई भी ऐसी हरकत कर दी जिससे की आवाज़ पैदा होता हो तो हो सकता है की उस आवाज़ को दुश्मन दूर से ही सुन ले और हमारे मूवमेंट के बारे में जानकारी पप्र्ट कर हमारे विरुध करवाई कर या तो पकड़ ले या मार दे !

इस लिए नाईट मार्च के समय कोई भी हरकत बहुत ही सावधानी से करना चाहिए और रास्ते में पड़ने वाली रुकावट को पार करना भी एक ड्रिल है अगर नेविगेशन पार्टी  उसको नहीं अपनाती है तो हो सकता है की वह अपने रस्ते से भटक जाये !

इस पोस्ट को पढने के बाद आप इन विषयों के बारे में जानकारी प्राप्त करेगे :
नाईट मार्च की तैयारी
नाईट मार्च की तैयारी

1. नाईट मार्च के दौरान रुकावट को पर करने का तरीका (Night march ke dauran rukawat ko par karne ka tarika )
2.नाईट मार्च करते समय ध्यान में रखने वाली बाते (Night march ke samay dhyan me rakhne wali bate)

जरुर पढ़े:मैग्नेटिक वेरिएशन , लोकल वेरिएशन तथा एंगल ऑफ़ कन्वर्जेन्स का मतलब

1. नाईट मार्च के दौरान रुकावट को पर करने का तरीका (Night march ke dauran rukawat ko par karne ka tarika ): यह भी एक ड्रिल है और इसे भी ड्रिल के तौर पे ही देखना चाहिए ! अगर रस्ते में नाला , गड्ढा , तलब आदि की गहरी रुकावट या बांध आदि की ऊँची रुकावट को पार करने के लिए करवाई इस प्रकार से करे :
  • गाइड और रिकॉर्डर अपनी अपनी जगह पर खड़े रहे! असिस्टेंट गाइड किसी असान जगह से रुकावट को पार करके दूसरी ओर पहुचेगा  और गाइड का सीध लेके खड़ा हो जायेगा !
  • गाइड उसकी नई पोजीशन को चेक करने के बाद रिकॉर्डर के साथ रुकावट को पार करके मार्च सुरु करेगा 
  • गाइड रुकावट के दूसरी ओर मार्च करने की बेअरिंग की सीध में दो जमीनी निशान चुनेगा !
  • फिर पूरी पार्टी एक साथ रुकावट के दूसरी ओर आकर चुने हुवे जमीनी निशान के सीध आ जायेंगे और मार्च शुरू करेंगे !
  • रुकावट के बिच का सीधी  पड़ा  फासला मार्च किये फासले में जोड़ दिया जायेगा !
  • यदि सामने दो जमीनी निशान न मिले तो अपनी ही ओर दो निशान चुनेगा या ऐसे दो चिन्ह अपने चलने की बेअरिंग की लाइन में बनाएगा या निश्चित करेगा जो रुकावट के दुसरे किनारे से भी दिखाई दे सके !
  • अब पार्टी आसान जगह से रुकावट पार करके फिर पीछे की नीशान की सीध में आकर बिच में सीधे फासले को जोड़ कर मार्च करेगी !
इस प्रकार से ड्रिल करते हुए नाईट मार्च के दौरान पड़ने वाले रुकावट को पार करते है !

2.नाईट मार्च करते समय ध्यान में रखने वाली बाते (Night march ke samay dhyan me rakhne wali bate): नाईट मार्च हम किसी बहुत  ही खास मकसद को पूरा करने के लिए करते है जो किसी बहुत ही अहम ऑपरेशन को करने की पहले की करवाई का हिस्सा  हो सकता है !

इसलिए नाईट मार्च में जाने से पहले यह हमेशा अपने दिमाग में रखना चाहिए की आप की एक गलत करवाई किसी बड़े ऑपरेशन को असफल  कर सकती है और शत्रु को मालूम पड़े जायेगा की उसके खिलाफ कोई बड़ा ऑपरेशन होने वाला है और वह सतर्क हो जायेगा !

इसीलिए नाईट मार्च करते समय कुछ निम्न बातो का ख्याल रखना चाहिए :

  • चलते समय बोलना , खासना  या आवाज़ करना नहीं चाहिए !
  • रास्ते के फासले का पूरा पूरा ध्यान रखा जाए !
  • इलाके के अनुसार इशारे दिन के समय ही निश्चित कर लेना चाहिए और निश्चित किया हुवा इशारा सभी को मालूम होना चाहिए !
  • सुरक्षा का पूरा पूरा ध्यान रखा जाय !
  • रात के समय बीडी सिगरेट न पिए जाय , न रौशनी किया जाय !
  • मार्चिंग चार्ट पढने के लिए ब्लैक आउट किये हुई टोर्च का इस्तेमाल किया जाय !  यदि 
इस प्रकार से ऊपर बताई  हुई सभी बातो को ध्यान में रखा जाय तो नाईट मार्च पार्टी की हरकत को  सफल बनाया जा सकता है बहुत  ही सतर्क और ध्यान से नाईट मार्च में रहना चाहिए की आपकी हरकत दुश्मन को पता लगे !


इस प्रकार से नाईट मार्च के दौरान रुकावट कैसे पार करना चाहिए और नाईट मार्च के सामान ध्यान में रखने वाली बातो से समबन्धित पोस्ट समाप्त हुई !उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे  और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज  लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !

इन्हें  भी  पढ़े :
  1. मैप रीडिंग में दिशाओ के प्रकार और उत्तर दिशा का महत्व
  2. दिन के समय उत्तर दिशा मालूम करने का तरीका
  3. कन्वेंशनल सिग्न ,कन्वेंशनल सिग्न के प्रकार , कन्वेंशनल सिग्न बनाने का तरीका
  4. रात के समय उत्तर मालूम करने का तरीका
  5. सर्विस प्रोटेक्टर का परिभाषा और सर्विस प्रोटेक्टर का प्रकार
  6. सर्विस प्रोटेक्टर का उपयोग और सर्विस प्रोटेक्टर से बेक बेअरिंग पढने का तरीका
  7. 13 तरीके मैप सेट करने का !
  8. 5 तरीका मैप पे ऊपर खुद का पोजीशन को पता करने का
  9. 5 तरीको से मैप टू ग्राउंड और ग्राउंड टू माप जाने
  10. मैप रीडिंग के उद्देश्य तथा मैप रीडिंग के महत्व

20 जुलाई 2018

मैप रीडिंग - नाईट मार्च ड्रिल

पिछले पोस्ट में हमने  नाईट मार्चिंग की तैयारी और सामान के बारे में जानकारी प्राप्त की ! इस पोस्ट में हम सम्पूर्ण मैप रीडिंग(Sampurn map reading ) के एक और लेसन के बारे में जानेगे जो है नाईट मार्च की ड्रिल  यानि की नाईट मार्च को सुरु कैसे करते है !


जैसे की हम जानते है की नाईट मार्च हम ज्यादातर दुशमन के एरिया में घुस कर खबरे हासिल करना और दुश्मन के ऊपर कोई ऑपरेशन करें के लिए ही करते है या दुश्मन को धोखा देकर कोई ऑपरेशन  के लिए करते है ताकि दुश्मन को हमारी गतिविधिया का पता न चले !

जरुर पढ़े:मैप रीडिंग के उद्देश्य तथा मैप रीडिंग के महत्व

इसलिए लिए नाईट मार्च करते समय हमें बहुत एतिहात  बरतना पड़ता है जिससे की हमारा हर मूवमेंट सीक्रेट रह सकते और दुश्मन हमारे बारे में न जन सके ! इस सब को लिए हमे हर एक  मूवमेंट को एक तय सुदा रूप में करते है और ड्रिल के तौर पे करते है ताकि की हम से कोई गलती न हो !

इस पोस्ट को पढने के बाद आप इन विषयों के बारे में अच्छी तरह से जान पाएंगे :
नाईट मार्च
नाईट मार्च 
1.नाईट मार्च की ड्रिल  क्या होता है ?(Night March ka drill)
2. असिस्टेंट गाइड का काम (Assistant Guide ka kam)
3. गाइड का काम (Guide ka kam)
4. रिकॉर्डर का काम (Recorder ka kam)

जरुर पढ़े:मैप का परिभाषा , मैप का इतिहास और मैप का अव्श्काए

1.नाईट मार्च की ड्रिल  क्या होता है ?(Night March ka drill):ड्रिल इस प्रकार है 
  • नेविगेशन पार्टी नाईट मार्च के लिए तैयार होती है तो गाइड आगे जाकर उस दिशा की ओर मुह करके खड़ा हो जाता है, जिस दिशा में मार्च करना होता है उसके हाथ में पहले बाउंड का खुला कम्पास और टंग नोज की सिद्ध में लुमिन्स स्टिक होती है !
  • गाइड आदेश देता है "नेविगेशन पार्टी लाइन बन " इस आदेश पर असिस्टेंट गुइड व रिकॉर्डर गाइड के पीछे आकर लाइन में खड़े हो जाते है ! असिस्टेंट गाइड जो की गाइड के पीछे होता है गाइड के हाथ में पकड़ी लुमिन्स स्टिक के सिद्ध में कोई दो मशहूर निशान चुन लेता है !
  • गाइड आदेश देता है "नेविगेशन पार्टी परेड पर" इस आदेश पर असिस्टेंट गाइड एक कदम दाहिने लेकर चार कदम आगे बढ़ता है और फिर एक कदम बाए लेकर उन दोनों निशानों के सिद्ध में खड़ा हो जाता है जो उसने पहले चुने थे ! इस प्रकार से ओ ठीक उस बेअरिंग के सिद्ध में आजाता है जिस पर मार्च करनी है! इस प्रकार से नेविगेशन पार्टी के तीनो सदस्य अपनी अपनी पोजीशन में खड़ा हो जाता है !

2. असिस्टेंट गाइड का काम (Assistant Guide ka kam): सभी मेम्बर अपना पोजीशन लेने के बाद गाइड आदेश देता है "पार्टी कुच कर "! इस आदेश पर नेविगेशन पार्टी अपने गन्तव्य स्थान की ओर चलती है जिसमे असिस्टेंट गाइड का काम इस प्रकार से होता है :
  • यह सबसे आगे होता है !इसके पीठ पे लिमुंस बोर्ड या सफ़ेद कपडा होता है यदि इसे मार्च के दौरान कभी पीछे मुड़ना हो तो इसे चाहिए की लुमिन्स बोर्ड को उतार  ले !
  •  यह गाइड के सकेत के अनुसार सही बेअरिंग पर चलता है !
  • रस्ते में पड़ने वाले पानी या गड्ढो की गहराई का अनुमान यह अपने हाथ के डंडे से लगता है !
  • यह गाइड से इतना आगे रहता है की जिससे वह गाइड के हर इशारा को सुन व समझ सके  !
  • गाइड और असिस्टेंट गाइड की बिच की दुरी जमीनी बनावट और दिखाव  तथा परिस्थिति पर निर्भर करता है !

3.  गाइड  का काम (Guide ka kam)गाइड का काम इस प्रकार से होता है :
  • यह नेविगेशन पार्टी का कमांडर होता है!नेविगेशन पार्टी की सभी हरकते इसी के संकेत  तथा आदेश पर होता है !यह दिखाव  और इलाके के लिहाज से असिस्टेंट गाइड के पीछे रहता है !ताकि असिस्टेंट गाइड को उचित संकेत दे सके !
  • इसके दाहिने हाथ में खुला कंपास तथा लुमिन्स स्टिक रहती है ! इस स्टिक से गाइड , असिस्टेंट गाइड के पीठ के बिच में सिधाई लेता हुवा कंपास की सुई को डायरेक्शन मार्क की सीधमें रखते हुए मार्च करता है
  • यदि असिस्टेंट गाइड का रुख दाहिने बाए होता है तो उसे उचित डायरेक्शन दे कर सही दिशा में चलने को इशारा और आदेश देता है  ! 
4. रिकॉर्डर का काम (Recorder ka kam):रिकॉर्डर का पोजीशन  गाइड के पीछे होती है !  रिकॉर्डर का काम इस प्रकार से होता है :
  • यह एक बाउंड से दुसरे बाउंड के फासले को कदमो में या फीता से नापता है !
  • मार्चिंग चार्ट में मीटरो या गजो में दिए हुए फासले को कदमो में बदलने के लिए आमतौर पर क्रमशः 120 या 132 कदम , 100 गज या 100 मीटर के बराबर होते है !
  • रिकॉर्डर को इस बाद का ध्यान रखना चाहिए की कदमो के फासला को नापते हुए की जब हम निचे की ओर यनी ढलान पर कदम कुछ लम्बे तथा चढ़ाई , रेत, टूटे फूटे जमीन पर चलते समय कदम की लम्बाई कुछ छोटे पड़ते है
  • निश्चित फासला तय हो जाने के बाद रिकॉर्डर को चाहिए की वह गाइड को रोकने का इशारा दे ! नेविगेशन पार्टी रुकने के बाद रिकॉर्डर मार्चिंग चार्ट पर दिए हुए कन्वेंशनल सिग्न  को जमीन पर ढूढता है! क्यों की जरुरी नहीं है की निशान नापे हुए जगह पे ही मिल जाये इसके लिए थोडा दाहिने या बाये चलना पड़ सकता है!

नाईट मार्च में फासले पर निशान न मिलने के कारण : फासले पर निशान न मिलने के निम्न कारण हो सकते है :
  • मैप और जमीनी फासला में थोडा अंतर होता है !
  • कदमो से फासला नापने के कारण जमीनी बनावट के कारण कदम छोटे बड़े पड़ जाना !
  • चलते समय बेअरिंग की दाहिने बाये की गलती !
जैसे की आप जानते है की एक डिग्री दाहिने बाए की गलती एक मिल जाने के बाद 30 गज और 1 किलोमीटर चलने के बाद 17 मीटर का अंतर पड़ जाता है !

बाउंड की खोज करने के बाद नेविगेशन पार्टी अगले बाउंड पर जाने की तैयारी करती है ! गाइड पहले वाले कम्पस को वापस रिकॉर्डर को दे देता है और अगले बाउंड की बेअरिंग वाला कंपास ले लेता है ! 

यदि नेविगेशन पार्टी के कदम नापने वाला पेसर भी हो तो वह रिकॉर्डर के पीछे रहता है और फासला नापने , निशान ढूढने  आदि में रिकॉर्डर की मदद करता है ! साथ ही पीछे आने  वाली टोली को रास्ता दिखाने के लिए रस्ते में चुना फेकता जाता है !

इस प्रकार से नाईट मार्च पार्टी का ड्रिल  होता है जिसको अमल में लेट हुए नेविगेशन पार्टी नाईट मार्च करती है !

जरुर पढ़े:मैग्नेटिक वेरिएशन , लोकल वेरिएशन तथा एंगल ऑफ़ कन्वर्जेन्स का मतलब

इस प्रकार से यहाँ नाईट मार्च ड्रिल से सम्बंधित यह सम्पूर्ण मैप रीडिंग का एक ब्लॉग पोस्ट  समाप्त हुवा !उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे  और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज  लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !
इन्हें  भी  पढ़े :
  1. मैप रीडिंग में री सेक्शन , इंटर सेक्शन तथा ओरिएंटेशन का मतलब
  2. मास्टर मैप , मास्टर कंपास तथा तंगेंट क्या होता है !
  3. मैप रीडिंग में इस्तेमाल होने वाले कन्वेंशनल सिग्न और उसका महत्व
  4. मैप के स्केल तथा उसका प्रकार और महत्व
  5. मैप के ऊपर मैप स्केल दर्शाने या प्रकट का विधि
  6. बनावट के आधार पर मैप का स्केल लाइन इतने रूप होते है?
  7. सर्विस प्रोटेक्टर को इस्तेमाल करने का तरीका
  8. कंपास की अपनी त्रुटी से क्या समझते है?
  9. 4 शुरु कि बाते नाईट मार्च के बारे मे
  10. 3 मुख्य अवस्थाये और विधिया नाईट मार्च करने के लिए

18 जुलाई 2018

नाईट मार्च चार्ट कैसे बनाते है और उसकी तैयारिया

पिछले पोस्ट में हमने नेविगेशन पार्टी और उसके बनावट तथा काम के बारे में जानकारी प्राप्त की है ! अब इस पोस्ट में हम जानेगे की नाईट मार्च चार्ट कैसे बनता है और उसकी तैयारी कैसे की जाती है !


जैसे की हम जानते है की नाईट में मार्च करना उतना आसान  नहीं है लेकिन उसको आसान बनने के लिए बहुत सी करवईया  की जाती है की नाईट मार्च आसानी और सफलता पूर्वक किया जा सके !उनसब करवईयो को बारे में इस पोस्ट में हम जानकारी प्राप्त करेगे !

जरुर पढ़े:मैप के स्केल तथा उसका प्रकार और महत्व

इस पोस्ट के माध्यम से हम नाईट मार्च का पांच स्टेज के बारे में जानेगे जो  निम्न है  :
Compass ke parts ka naam
Compass ke parts ka naam
1. नाईट मार्च की तैयार कैसे की जाती है ?(Night march ki taiyari kaise karte hai )
2.नाईट मार्च के लिए रास्ते  का चुनाव करते समय क्या ध्यान में रखा जाता है ?(Night march ke lie raste ka chunaw kaise karte hai )
3.नाईट मार्च चार्ट  कैसे बनाया जाता है ?(Night march char kaise banaya jata hai)
4. कंपास सेट करना (Compass set Karna)
5.कम्पास पर सीरियल नम्बर मार्क करना (Marking of compass)

1. नाईट मार्च की तैयार कैसे की जाती है और क्या-क्या किया जाता है ?(Night march ki taiyari kaise karte hai ):नाईट मार्च की पूरी तयारी जहा तक हो सके दिन में ही पूरी कर लेनी चाहिए !इस तैयारी की पांच स्टेज होता है जिसमे पहला है :

जरुर पढ़े:मैप रीडिंग में इस्तेमाल होने वाले कन्वेंशनल सिग्न और उसका महत्व

रैकी (Reece):नाईट मार्च के आखरी स्थान पहुचने के लिए सुविधानुसार बिच में कई बाउंड चुनने पड़ते है , जहा से मार्ग बदलना पड़ता है ! इन बाउंडस को चुनने के लिए पहले एरिया की रैकी करना पड़ता है ! रैकी दो प्रकार की होती है :

(i) मैप पर (On Map):जब शत्रु के एरिया में घुसने के लिए नाईट मार्च किया जाता है तो इलाके की रैकी मैप के ऊपर ही की जाती है और मैप के ऊपर  पर ही बोउन्ड्स चुने जाता है !

(ii) जमीन पर (On Ground):जब नाईट मार्च शत्रु रहित इलाके में करना हो या ट्रेनिंग एक्सरसाइज के लिए करना हो तो कमांडर जमीन पर रैकी करके बोउन्ड्स का चुनाव करता और फिर नेविगेशन पार्टी को मैप की मदद से इन बोउन्ड्स को ढूढने के लिए कहता है !

जरुर पढ़े:मास्टर मैप , मास्टर कंपास तथा तंगेंट क्या होता है !

2. नाईट मार्च के लिए रास्ते  का चुनाव करते समय क्या ध्यान में रखा जाता है ?(Night march ke lie raste ka chunaw kaise karte hai ):शत्रु के इलाके में जाने या शत्रु इलाके में रात के समय पेट्रोलिंग करने या रैकी पार्टी भेजने के लिए रास्ते का चुनाव करना बहुत महत्वपूर्ण होता है !

इस लिए रास्ते  चुनते समय  इस बातो का ध्यान रखना चाहिए :
  • जिस रास्ते पर शत्रु का मिलने का चांस काम हो और शत्रु मिल भी जाए तो बचाव के लिए बनावटी या कुदरती आड़ हो !
  • रास्ता चलने में आसन हो 
  • तय करने में नजदीक हो 
  • टैक्टिकल लिहाज से सुरक्षित हो , नदी , नाले, व टूटी फूटी जमीन से हो कर जाने वाले रास्ते को सुरक्षित माने  जाते है !इस रास्तो की जानकारी मैप पे दिखाई गई रिलीफ से आसानी से मिल जाती है ! इस रास्तो को चुनते समय निम्न बातो का ख्याल रखना चाहिए :
  • यदि रास्ते में कोई रुकावट जैसे नदी या नाला पड़ता है उसका बहाव किधर है , गहरे कितनी और पानी के निचे का धरातल  कैसे है !
  • रुकावट को पार करने का आसान ड्रिल  मालूम हो 
  • शत्रु के इलाके में पड़ने वाली सड़क, पगडण्डी और नाले आदि के क्रासिंग पुल या कुदरती और बनावती डिफायलो को जहा तक हो सके रास्ते में सामिल नहीं करना चाहिए ! यदि किया भी जाय तो सावधानी से पर करना चाहिए क्यों की शत्रु इन जगहों पर अपना अम्बुश लगा के रखता है !

3.नाईट मार्च चार्ट  कैसे बनाया जाता है ?(Night march char kaise banaya jata hai): बोउन्ड्स और रास्ते का चुनाव हो चुके तो बाद मार्चिंग चार्ट बनाया जाता है !इसकी करवाई इस प्रकार से की जाती है :
नाईट मार्च चार्ट डिटेल्स
नाईट मार्च चार्ट डिटेल्स 
  • पहले बाउंड से दुसरे बाउंड फिर दुसरे बाउंड से तीसरा बाउंड यानि बाउंड से बाउंड गंतव्य तक का मैग्नेटिक बेअरिंग और फासला एक पेपर पर लिख ली जाती  है !
  • हर बोउन्ड्स का कन्वेंशनल सिग्न भी नोट कर लिया जाता है !
  • टारगेट जहा पे हमे फाइनली जाना है उसका नाम नहीं लिखा जाता है !
  • फिर इन सूचनाओ को मार्चिंग चार्ट में भर दिया जाता है !
नाईट मार्च चार्ट
नाईट मार्च चार्ट 
  • मार्चिंग चार्ट की लिखाई दोहरी लाइन के बिच किया जाता है !और इन लाइनो के बिच आलपिन से छिद्र कर दिया जाता है ताकि चंद्रमा या ब्लैक आउट की हुई टोर्च लाइट में आसानी से पढ़ी जा सके !
  • दोहरी रेखाओ के बहरी भाग को काली  पेंसिल से शेडिंग कर दिया जाता है !
  • इसमें इस्तेमाल होने वाले कन्वेंशनल सिग्न सही होने चाहिए !
  • मार्चिंग चार्ट बन जाने के बाद चार्ट के पीछे वाले हिस्से को ब्लैक पेंट से कलर कर देना चाहिए जिससे रात  को लाइट में पढने पर शत्रु को दिखाई न दे !

यदि संभव हो तो नाईट मार्च चार्ट को काले कागज पर सफ़ेद स्याही वाली पेन से बनाना चाहिए !

4. कंपास सेट करना (Compass set Karna):जितने बोउन्ड्स से होकर टारगेट तक जानी है उतने बाउंड और टारगेट का अलग अलग क्प्म्पस लेकर जिस बेअरिंग  पर मार्च करना है उसे कंपास पर सेट कर लिया जाय !कंपास सेट करते समय कंपास की त्रुटिय को भी ख्याल रखा जाय !

5.कम्पास पर सीरियल नम्बर मार्क करना (Marking of compass): जिस क्रम में  में कंपास को इस्तेमाल करनी है उसी कर्म से सेट कंपास पर मार्किंग कर नम्बर डाल दे ! स्टार्टिंग पॉइंट से पहले बाउंड वाले कंपास पर -1 , पहले बाउंड से दुसरे बाउंड वाले कम्पास  पर -2 इसी प्रकार से टारगेट तक के कंपास को नम्बरिंग कर देना चाहिए !

इससे यह फायदा होता है जब हम किसी बाउंड के लिए चलते है तो वही कंपास इस्तेमाल में लायेंगे !जिस पर उस बाउंड का नम्बर दिया हुवा हो ! कंपास को मार्क करने के बाद कम्पास को धुप में रख देना चाहिए जिससे कंपास के लगी चमकीला रंग रात  के समय अधिक चमके !   

इस प्रकार से यहाँ नाईट मार्च चार्ट कैसे बनाते है और नाईट मार्च की तैयारी कैसे करे से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई !उम्मीद है की यह छोटा पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित करे !
इसे भी पढ़े :

  1. सर्विस प्रोटेक्टर का परिभाषा और सर्विस प्रोटेक्टर का प्रकार
  2. सर्विस प्रोटेक्टर का उपयोग और सर्विस प्रोटेक्टर से बेक बेअरिंग पढने का तरीका
  3. 13 तरीके मैप सेट करने का !
  4. 5 तरीका मैप पे ऊपर खुद का पोजीशन को पता करने का
  5. 5 तरीको से मैप टू ग्राउंड और ग्राउंड टू माप जाने
  6. मैप रीडिंग के उद्देश्य तथा मैप रीडिंग के महत्व
  7. मैप का परिभाषा , मैप का इतिहास और मैप का अव्श्काए
  8. मैप के प्रकार की विस्तृत जानकारी
  9. ट्रू नार्थ , ग्रिड नार्थ, मैग्नेटिक नार्थ का मतलब हिंदी में
  10. बैक बेअरिंग और फॉरवर्ड बेअरिंग में अंतर तथा ग्रिड लाइन का परिभाषा

Add