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Monday, June 13, 2016

MR: 15 जरुरी पॉइंट्स मैप को सही पढने के लिए

पिछले पोस्ट में हमने मैपकी अवाश्काताये और मैप के परिभाषा की जानकारी शेयर की, इस पोस्ट में हम मैप को अच्छी तरह से कैसे समझे(How to understand a map better way) इसके बारे जानकारी शेयर करेंगे !

मैप की बाहरी परन्तु  महत्वपूर्ण सुचनाये : ज़मीन की पूरी जानकारी हमें मैप के बिच के भाग में ही प्राप्त होती है , जो की एक आयातकर आकृति में बनी होती है ! लेकिंग मैप के  असली पीछे उसके इस्तेमाल करने के सम्बंधित अनेक जानकारिया आयताकार आकृति के बहार , ऊपर, निचे तथा बगल वाले भाग में लिखी होती है ! जब तक हम उस सुचना को भली भाती नहीं समझेंगे तब  तक हम मैप को भी नहीं समझ और सही जानकारिय नहीं हासिल कर सकते है !

Map of India
Map of India
 ओ 15 सूचनाये है जिसे हमे मैप को पढने से पहले इसकी जानकरी भली भाती पढ़कर ले लेनी चाहिए ! 

  1. मैप का शीर्षक(Map Heading) : ये सर्वे मैप किसी प्रान्त का है , ये सुचना मैप पे शीर्षक के अंतर्गत लिखा हुवा रहता है !
  2. मैप का उप शीर्षक(Map sub heading) : यह मैप की जिल्ले या इलाके की है इसकी सुचना  यहाँ दी गई होती है ! जरुर पढ़े : खुद का पोजीशन का पता लगाना 
  3. सुर्वेक्षण का साल(Survey year) : यह मैप किस साल के सर्वे के अधार पर बना है !
  4. देश का नाम(Country Name) : यह जिस देश का मैप होगा उस देश का नाम यहाँ दिया गया होगा !
  5. जी.एस. नॉ (G.S. No): आर्डिनेंस से नए सर्वे मैप मागने के लिए इसी रेफ़रन्स के रूप में लिखना पड़ता है ! यह  एक रेफ़रन्स नंबर है !
  6. मैप सीट (Map Sheet) : मैप की डिमांड करने की सुविधा के लिए या रिफरेन्स देनेके लिए मैप सीट नंबर मैप के दाहिने और ठीक ऊपर दिया हुवा रहता है !
  7. उत्तर की स्तिथि(Position of North on map) : तीनो अर्थात ग्रिड, मैग्नेटिक  और ट्रू नार्थ की स्तिथि कहा है ! इस मैप का मैग्नेटिक वेरिएशन कितना है ! क्या वह वेरिएशन  स्थैतिक है या घटता बढ़ता रहता है ! जरुर पढ़े : कम्पास के प्रकार और इसके अहमियत
  8. कन्वेंशनल सिग्न(Conventional Sing) : मैप में इस्तेमाल किये गए कन्वेंशनल सिग्न मैप सीट के निचे दोनो ओर दिया हुवा रहता है !
  9. मैप सीट की सूचि(Map sheet No) :  अपनी मैप सीट का नॉ सूचि के बिच में होता है ! शेष चारो ओर शीटों का नंबर  क्रम से लिखा रहता है !
  10.  स्केल(Map Scale) : मैप की स्केल तीनो बिधियो अर्थात लाइन बटकर और RFC (Representative fraction) द्वारा दिखाई गई होती है !
  11. कंटूर इंटरवल(Contour interal): ऊंचाई को प्रकट करने वाली रेखाओं के बिच कड़ी ऊंचाई दिखाई जाती है ! 
  12. रिफरेन्स(Reference) : इसमें सर्वे मैप को पढने सम्बंधित सुचनाये  दी जाती  है ! यह मैप के निचले भाग में दिया जाता है !
  13. कॉपी राईट(Copy right of map) : यह सुचना मैप के दाहिने निचले भाग में दिया रहता है जिसमे ये लिखा रहता है की इस मैप को छपने का अधिकार किसके पास है !
  14. मूल्य(Cost of Map)  : मैप का खरीद मूल्य किता है !
  15. ग्रिडडेड(Gridded): यह सर्वे मैप gridded है की नहीं और किन ग्रिड रेखाओं  सहित सूचना  उपरी भाग में दी गई है ! इन सूचनाओ  के अलावा  कई मैपो पर सुरक्षा बर्गीकरण भी  दिया हुआ होता है  ! जैसे प्रतिबंधित केवल डिफेन्स फोर्सेज के इस्तेमाल के लिए  आदि ! कुछ सूचनाओ को मैप सीट के ऊपर वह निचे दोनों स्थान पर देने का कारन अगर कोई एक साइड का सुचना मैप फटने से मिट गया तो दुसरे जगह के सुचना पढ़ कर मैप को समझा जा सके !

ये 15 पॉइंट्स है जो मैप के ऊपर , निचे या आजू बाजु में लिखी राहती  है और ये सूचनाये किसी मैप को समझने के लिए बहुत ही आहम होती है इसलिए जब भी आप को मैप  मिले  सबसे पहले इन सूचनाओ कोपधे और समझे !

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