Advertisement

Search

Thursday, July 26, 2018

ऑय स्केच कितने प्रकार के होते है ?

पिछले पोस्ट में हमने ऑय स्केच क्या होता है और ऑय स्केच के उद्देश्य के बारे में जानकरी प्राप्त किये ! अब इस पोस्ट के माध्यम से हम जानेगे की ऑय स्केच कितने प्रकार के होते है और ऑय स्केच के पार्ट्स क्या क्या(Eye sketch ke parts ka name) होते है !


जैसे की हम जान  चुके है की किसी जमीनी इलाके के प्रकृति और इतिहासीक स्थानों को दिखाते हुए आँखों से देखकर बनाया गया स्केच को ऑय स्केच कहते है !

जरुर पढ़े:अपना खुद का लोकेशन मैप पे जानना और नार्थ पता करने के तरीके

ऑय स्केच एक बहुत ही अच्छा और आसान माध्यम है किसी एरिया के बारे में सही सही ब्रीफिंग देने या बताने के लिए ! इसे आर्म्ड फाॅर्स के एक्टिविटीज में बहुत ही इस्तेमाल किये जाते है इसलिए  सभी जवानों को इसके बारे में जानना चाहिए की ऑय स्केच क्या होता है कैसे बनाया जाता है !
इस ब्लॉग पोस्ट को पढने के बाद आप निम्न विषयों के बारेमे जान पाएंगे :

1. ऑय स्केच कितने प्रकार  के होते है?(Type of Eye sketch)
2.ऑय स्केच के भाग और उसके नाम (Parts of Eye sketch)
3. ऑय स्केच बनाने  से पहले नोट करने वाली डिटेल्स (Eye sketch banane se pahle janne wali bate)
4. ऑय स्केच बनाने का तरीका(Eye sketch banane ka tarika)

जरुर पढ़े:कम्पास के प्रकार और आर्म्ड फोर्स के लिए इसका अहमियत

1. ऑय स्केच कितने पारकर के होते है?(Type of Eye sketch):ऑय स्केच दो प्रकार के होते है :

(i) तैयारी का(Deliberate): जब हम शत्रु  से से दूर अपने इलाके में रहते है और समय का कमी नाहीत रहती है उस समय जिस एरिया का ऑय स्केच बनाना है उसमे घूम कर पूरा डिटेल इकठ्ठा कर के यकींन  कर के स्केच में भरा जाता है ऐसे बनाये हुए ऑय स्केच को हम तैयारी का ऑय स्केच कहते है !

(ii)जल्दी का (Hasty): जब हम शत्रु के नजदीक हो और जिस एरिया के ऑय स्केच बनानी है वह घूम फिर नहीं सकते और स्केच को जल्द से जल्द बनानी हो तो उसे है जल्दी का ऑय स्केच कहते है ! ट्रेनिंग के दौरान ज्यादातर इसी तरह का ऑय स्केच बनने का प्रैक्टिस कराइ जाती है !


2.ऑय स्केच के भाग और उसके नाम (Parts of Eye sketch):ऑय स्केच के निम्न 6 भाग होता है :

(i) शीर्षक (Heading): इसमें यह बताया जाता है की ऑय स्केच किस इलाके का है और उस का नाम यदि स्केच के इलाके का मैप  पास है तो स्केच के चारो किनारों पर पड़ने वाले निशान को 6 फिगर रेफेरेचे और मैप शीट नम्बर लिखा जाता है !

(ii)उद्देश्य (Purpose): ऑय स्केच किस उद्देश्य से बनाया गया है उसे बताया जाता है की यह प्लाटून डिफेन्स का है या कंपनी डिफेन्स का ऑय स्केच है !

(iii)मुख्य बॉडी (Main Body):यह पर उन सभी डिटेल्स को दिखाया जाता है जिस उद्देश्य  के लिए यह ऑय स्केच बना है !


(iv) दिशा (Direction):स्केच के दाहिने तरफ तीर के निशान बनाकर दिखाया जाता है की स्केच का उतर दिशा कौन सा है !

(v) स्केल (Scale): मेनबॉडी के निचे, स्केल को तीन तरह से यानि लिखकर,  आर ऍफ़ द्वारा और लाइन खीचकर दिखाया जाता है !

(vi) अंत में (In the end):स्केल के निचे कुछ इस तरह के सूचनाये देनी पड़ती है :
  • कंटूर इंटरवल मीटर या फूट में 
  • कंटूर इंटरवल समझाने का सूचि 
  • स्केच के निचे स्थान जहा का स्केच है , समय , दिनांक , मौसम , दुरी कैसे नपी गई आदि दिया जाता है 
  • स्केच के सबसे निचे और दाहिने तरफ बनाने वाले का नाम , नम्बर रैंक और यूनिट यदि का डिटेल्स दिया जाता है ! 
इस प्रकार से ऑय स्केच का 6 भाग होता है :

3. ऑय स्केच बनाने  से पहले नोट करने वाली डिटेल्स (Eye sketch banane se pahle janne wali bate): ऑय स्केच बनाने से पहले इन बातो की जानकारी ऑय स्केच बनवाने वाले कमांडर ले लेनि चाहिए :
  • ऑय स्केच बनाने  वाले इलाके का सीमा लम्बाई, चौड़ाई के साथ तथा आम रुख  और दाहिने , बाए की हदे !
  • यदि जिस इलाके का ऑय स्केच बनाया जा रहा है अगर उस इलाके का मैप हो तो इलाके का 6 फिगर रिफरेन्स ले लेनी चाहिए 
  • ऑय स्केच बनाने का उद्देश्य क्या है !
  • उन सभी हथियार और दूसरी डिटेल्स नोट किया जाए जिन्हें कमांडर उस ऑय स्केच में दिखाना चाहते हो 

4. ऑय स्केच बनाने का तरीका(Eye sketch banane ka tarika):ऑय स्केच और फील्ड स्केच बनाने के विधि में कोई ख़ास अंतर नहीं है ! सिर्फ थोडा बहुत अंतर है जो जल्दी से ऑय स्केच बनाने के विधि में है !

जल्दी के ऑय स्केच की बनाने की विधि में है क्यों की जल्दी के ऑय स्केच को बनाने के लिए हमारे पास इतना समय नहीं रहता न ही हम इधा उधर घूमकर रैकी कर सकते है यह स्केच एक  जगह बैठ कर बनाया जाता है !

इस स्केच को बनाते समय ऐसे जगह पे बैठते है की जहा से पूरा इलाके दिखाई दे सके ! इस प्रकार के ऑय स्केच में दुरी अंदाज से ही नापा जाता है 
जरुर पढ़े:मैप कितने प्रकार के होते है ?

और जल्दी के ऑय स्केच में जमीनी निशानों या और कोई डिटेल्स दिखाते है उन सब की दुरी अंदाज लगा के ही लिखे जाता है !

बहुत बार  हम ऑपरेशन जिस एरिया में करते है उस एरिया  का मैप उपलब्ध नहीं रहता है और उन जगहों पे स्केच बनाकर ही काम किया जाता है इसलिए स्केच बनाने के सिखलाई पे बहुत जोर दिया जाता है आर्म्ड फाॅर्स में !

इस प्रकार से यहाँ ऑय स्केच के प्रकार और उसके बनावट से सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुई !उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे  और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज  लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !
इन्हें  भी  पढ़े :
  1. मैप रीडिंग में दिशाओ के प्रकार और उत्तर दिशा का महत्व
  2. दिन के समय उत्तर दिशा मालूम करने का तरीका
  3. कन्वेंशनल सिग्न ,कन्वेंशनल सिग्न के प्रकार , कन्वेंशनल सिग्न बनाने का तरीका
  4. रात के समय उत्तर मालूम करने का तरीका
  5. सर्विस प्रोटेक्टर का परिभाषा और सर्विस प्रोटेक्टर का प्रकार
  6. सर्विस प्रोटेक्टर का उपयोग और सर्विस प्रोटेक्टर से बेक बेअरिंग पढने का तरीका
  7. 13 तरीके मैप सेट करने का !
  8. 5 तरीका मैप पे ऊपर खुद का पोजीशन को पता करने का
  9. 5 तरीको से मैप टू ग्राउंड और ग्राउंड टू माप जाने
  10. मैप रीडिंग के उद्देश्य तथा मैप रीडिंग के महत्व

No comments:

Post a Comment