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Tuesday, May 17, 2016

सर्विस प्रिज्मैटिक लिक्विड कम्पास mk-iii के 20 पार्ट्स और उनके काम

जैसे की हम मैप रीडिंग के पिछले पोस्ट मे जनकारी हासिल किये थे कम्पास  के महत्व और कम्पास के प्रकार इस पोस्ट में हम जानेगे सर्विस प्रिस्मैटिक लिक्विड कम्पास मार्क-III के पार्ट्स का नाम और उसका काम (Parts Service prismatic  liquid compass mark-VIII and its function) !

सर्विस प्रिस्मैटिक लिक्विड कम्पास मार्क-III के अन्दर लिक्विड रहता है इसलिए इससे डिग्री तथा  बेअरिंग पढना आसन रहता है क्यों की इसके अन्दर फिट की हुई मैग्नेटिक सुई बहुत कम हरकत करती है !


आम तौर पे इस कंपास को  सभी सुरक्षा बल इस्तेमाल करते है ! इसकी अहमियत को देखते हुवे इसकी हरेक पार्ट्स के नाम और काम के बारे में जानकारी रखना बहुत अहम है और ये रिक्रूट बेसिक ट्रेनिंग के दौरान टेस्ट में भी पूछा जाता है ! 
सर्विस प्रिस्मैटिक लिक्विड कम्पास मार्क-III के पार्ट्स पुरजो का नाम और काम इस प्रकार है !
  1. लीड या ढक्कन(lead) – यह कम्पास के पर लगा रहता है जो ऊपर से कामपर की सुरक्षा करता है!
  2. विन्डो(Window)- ढक्कन के बिच में शीशे की एक खिड़की के आकर में बनी होती है ! डिग्री पढ़ते वक्त डिग्रियो का निशान इस खिड़की से दिखाई देते है !
  3. टंग(Tongue) – यह धकन के आगे का का आयातकर होता है जो प्रिज्म की रक्षा करता है !
  4. टंग नौच(Tongue notch) : यह टंग के आगे कटे भाग में होता है! यह माप को सेट करने के काम आता है !
  5. हेयर लाइन(Hairline) –यह ढक्कन के बिच की एक पतली , सीधी और कलि रेखा होती है ! किसी निशान की डिग्री पढ़ते समय निशान को इसकी सीधी में लाना पड़ता है तथा हेयर लाइन और वह निशान का मध्य भाग एक सिद्ध में मिलाया जाता है !
  6. लुमिनौस स्ट्रिप(Luminous Strip) : हेयर लाइन के ऊपर और निचे दो चमकीले रंग पटिया होती है जो की रात के अँधेरे में चमकती है ! इन दोनों पार्टिओं में हेयर लाइन के ठीक ऊपर और एक एक छेड़ होता है जिसका प्रयोग खिड़की का सीशा टूट  किसी वजह से अचानक टूट जाने पे इनमे मजबूत धागा बंधकर इसका तात्कालिक उपयोग किया जा सकता है !
  7. कब्ज़ा – यह ढक्कन और कम्पास को जोड़े रखता है !
  8. मिल्डवेन(Mildvane)- यह कम्पास की दिब्बिओं के ऊपर हिलाने वाला गोल चाकर होता है ! इस गोल चाकर के चरों तरफ का भाग पीतल का और बिच का भाग शीशे का भाग होता है ! शीशे के ऊपर घडी का सुलटे रुख 0 डिग्री से 360 डिग्री तक लिखा रहता है!
  9. क्लाम्पिं स्क्रू(Clamping screw) – मिल्डवेन  के गोल चके के बहार दाहिने तरफ एक घडी की चाबी के आकार का स्क्रू लगा रहता है तो मिल्डवेन टाइट और  लूज करने के काम आता है !
  10. सेटिंग वेन(Setting vane) – मिल्ड वेन के बहार की तरफ पीतल पर छोटी छोटी झिरिया लगी रहती है ! जब मिल्डवेन को किसी डिग्री पर स्थिर रखना होता है तो क्लाप्पिंग स्क्रू को कसने पे क्लाम्पिंग स्क्रू का किनारा इन झिरियो में ही फास कर टाइट हो जाता है और मिल्डवेन एक डिग्री पे स्थिर हो जाता है! 
  11. तीर का निशान(Arrow mark) – डायल के ऊपर बने तीर के सामान निशान को एरो मार्क कहते है ! ये हमेशा मैग्नेटिक नार्थ को दर्शाता है !
  12. डायरेक्शन मार्क(Directional Mark) – यह मिल्ड वेन पर 0 डिग्री पर या 360 डिग्री पर अंक की सिद्ध में एक छोटी, सीधी चमकने वाली रेखा होती है ! डिग्री मार्क करते समय एरो मार्क ठीक एससी रेखा के निचे होता है ! 
  13. लुबेर लाइन(Lubber line) – कार्ड के ऊपर एक पतली कलि रेखा बनी होती है जो हेयर लाइन , टंग नोज के चमकने वाली लाइन और हिन्ज पर बने चमकने वाली लाइन निशान की सिद्ध में कार्ड के अन्दर वाली वृत्त तक खिची होती है !
  14. पिवोट(Pivot)- उस धुरी को कहते है जिस पर डायल खड़ा रहता है और हरकत करता है !
  15. प्रिज्म – यह समकोण आकर में एक प्रकार का सीशा होता ई  जो प्रिज्म केस कें अन्दर रखा होता है ! किसी निशान की बेअरिंग पढ़ते समय प्रिज्म को मिल्ड वेन  के ऊपर रख दिया जाता है ! प्रिज्म के अन्दर से डिग्रीयां दिखाई देती है और डिग्री की अंक बड़े दिखाई देते है ! इसमें देखने पर फॉरवर्ड बेअरिंग के अंक सीधे और बेक बेअरिंग का अंक उलटे दिखाई देते है !
  16. प्रिज्म केस(Prism case) – यह धातु का बना होता है इसमें ऑय होल होता है जिसके अन्दर प्रिज्म फिट किया जा है !
  17. थंब रिंग(Thumb ring) – यह प्रिज्म केस के निचे लगा हुआ पीतल का छाला होता है डिग्री पढ़ते समय इस के अन्दर अंगूठा डालकर हाथ के ऊपर कामपर को समतल रखा जाता है ! इसके मध्य एक छोटा कटव होता है  जिसको रिंग नोज कहते है ! माप सेटिंग करते समय टंग नोज  और थंब रिंग का यही कटा भाग मैप की कलि कड़ी रेखा पर रखा जाता है !
  18.  गिलास प्रोटेक्टर(Glass Protector) : विन्डो को टूटने से बचने के लिए उसके ऊपर पीतल के दो छड़े लगी रहती है जिसे गिलास प्रोटेक्टर कहते है !
  19. आई होल(Eye hole) – यह प्रिज्म केस में गोल्कार्चेद होता है जिसके अन्दर से हम किसी स्थान का बेअरिंग पढ़ते समय डिग्रीयो को देखते है !
  20. सिटिंग स्लिट(Sighting slit) – यह प्रिज्म केस में ऑय हो के ऊपर “u” आकार का एक कटव होता है ! डिग्रीया पढ़ते समय निशान व हेयर लाइन को इस के बीचो बिच एक सिद्ध में ठीक उसी प्रकार मिलाया जाता है



इसप्रकार से ये रहे कम्पास के कुछ मुख्या मुख्य पार्ट और उनके काम !

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