18 सितंबर 2018

पुलिस लाठी ड्रिल- पुलिस लाठी का परिचय

पिछले पोस्ट में हमने मोब से बचाव के 4 तरीके के बारे में जानकारी प्राप्त की और आब इस पोस्ट में हम जानेगे की रायट कण्ट्रोल के दौरान पुलिस के द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली लाठी के बारे में जानकरी(Lathi ka parichay) प्राप्त  करेंगे !


जैसे की आप पहले देखते थे की पुलिसमैन बेत की लाठी लेकर ड्यूटी करते थे जो की अभी फाइबर की लाठी लेकर करते है है ड्यूटी ! बेत की लाठी और फाइबर की लाठी के शेप और साइज़ में कोई खास फर्क नहीं है!

 लेकिंग बेत (Cane ki lathi)और फाइबर(Fiber ki lathi) दोनों लाठियो की मार में बहुत ही फर्क पड़ता है जहा फाइबर की लाठी से मारने से ज्यादा चोट भी नहीं लगता और चोट की निशान भी नहीं पड़ता है जबकि बेत की लाठी से अगर जोर से मार  दिया जाय तो  व्यक्ति की हड्डिया  टूट सकती है और धीरे से भी मारने  पर  मार के निशान पद जाते है !




इस पोस्ट में हम लाठी से सम्बंधित निम्न विषयों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे :

Lathi
1. पुलिस के द्वारा इस्तेमाल की जानेवाली लाठियो की आम जानकारी (Police lathi ki aam jankari)
2. लाठी को लेते/खरीदते  समय ध्यान में रखने वाली बाते (Lathi khardte samay dhyan me rakhne wali baate )
3. लाठी को हिफाजत (Lathi ki hifajat)

1. पुलिस के द्वारा इस्तेमाल की जानेवाली लाठियो की आम जानकारी (Police lathi ki aam jankari)

पुलिस द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली लाठी का आम जानकारी इस प्रकार से है :
  • इसकी लम्बाई  3 फीट और 6 इंच होता है 
  • लाठी की आम गोलाई 4 इंच 
  • लाठी की उपरी घेरा जिसे मुठिया बोलते है की गोलाई 6 इंच होती है 
  • और लाठी का निचे का टो 4.5 इंच होता है !
  • इसके दोनों सिरे पे चमड़ा लगा रहता है !

बेत या फाइबर के बने लाठियो को दोनों सिरों पर चमड़ा इस लिये लगा होता है की इसके कारण लाठी फटेगा नहीं और हाथ में खरोच भी नहीं आएगा !और  लाठी के ऊपर मजबूत पकड़ बनने में आसानी होती है!

 जिसके कारण इसे कोई आसानी से नहीं छीन सकता है ! ऊपर के चमड़ा के सिरा के साथ एक स्ट्राप भी लगा रहता है जिस के सहायता से हाथ में डाल के लाठी को मजबूत पकड़ बना सकते है !

2. लाठी को लेते/खरीदते  समय ध्यान में रखने वाली बाते (Lathi khardte samay dhyan me rakhne wali baate )

आज कल लाठिया ठेकेदार या Government e_Marketing पोर्टल Gem.gov.in के द्वारा किया जाता है ! इस लिए लाठी करते समय इन बातो का ख्य रखना चाहिए :
  • अगर बेत की लाठी खरीदी जा रही हो तो निश्चित करना चाहिए की लाठिय पकी बेत की हो !
  • अगर लाठी फाइबर की खरीदी जा रही हो तो निश्चित करना चाहिए की लाठी का फाइबर सही और सख्त हो!
  • लाठिय ऊपर बताई गई शेप और साइज़ की हो !
  • लाठी टेढ़ी नहीं होनी चाहिए !
  • फाइबर लाठी के अन्दर यह निश्चित करना चाहिए की कोई क्रैक या टूटने का निशान नहीं होना चाहिए !
  • फाइबर की लाठी में चमड़े का जो मुठिया और टो लगा होता है वह काफी कमजोर होता है उसे सही से स्क्रू के द्वारा फिट करा लेने के बाद ही खरीदना चाहिए !
  • फाइबर की लाठी ज्यादा हलकी नहीं होनी चाहिए नहीं तो उसका मार ज्यादा नहीं होता है बल्कि लाठी मारने  वाले के हाथ में ही चोट लगता है !
 जरुर पढ़े:2 स्टेप्स में खड़े खड़े बाएँ सलूट की करवाई का तरीका

3. लाठी को हिफाजत (Lathi ki hifajat)

लाठी को हिफाजत के साथ रखना बहुत ही जरुरी होता है नहीं तो यह काफी समय तक काम नहीं करेर्न्गी और मौका पड़ने पर धोका दे सकती है !
इसीलिए इसके हिफाजत के लिए निम्न बातो का ध्यान रखना चाहिए :
  • सप्ताह में लाठी को एक बार साफ जरुर करना चाहिए !
  • महीने में बेत के लाठी को तेल जरुर लगान चाहिए !
  • लाठी को खास किस्म के रैक में रखना चाहिए जिससे की लाठी टेडी न हो !
  • बेत की लाठी को नमी वाली जगहों पर ज्यादा समय के लिए नहीं रखना चाहिए!
  • फाइबर के लाठी को गर्म या आग के सीधे संपर्क में नहीं रखना चाहिए !
  • फाइबर के लाठी को ड्यूटी से आने के बाद यह जरुर चेक कर लेना चाहिए की कही क्रैक तो नहीं है !
इस प्रकार से अगर लाठी का हिफह्जत किया जाय तो इसमें कोई शक नहीं की लाठी ज्यादा दिन काम न करे !


इस प्रकार से पुलिसमैन लाठी की आम जानकारी से सम्बंधिप एक छोटा सा पोस्ट समाप्त हुई !उम्मीद है की यह आपको पसंद आएगा !अगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे !
इन्हें भी पढ़े :
  1. म़ोब कण्ट्रोल कमांडर की ड्यूटी पे जाने से पहले की तैयारी
  2. लाठी चार्ज के दौरान लाठी मरते समय ध्यान में रखने वाली बाते !.
  3. 4 तरीके म़ोब से अपनी बचाव का ऐसे करे !
  4. आश्रू गैस फायर करते समय सावधानिया तथा आश्रू गैस फायर के फायदे
  5. आंसू गैस को इस्तेमाल करते समय ध्यान में रखने वाली कुछ बाते इस प्रकार से है
  6. म़ोब /मज्मा कण्ट्रोल के सिद्धांत
  7. रायट कण्ट्रोल ड्रिल में गैस पार्टी का काम
  8. लाठी पार्टी का काम और लाठी इस्तेमाल करते समय ध्यान में रखने वाली बातें

16 सितंबर 2018

सुसाइड अटैक से निपटने के लिए सिक्यूरिटी अरेंजमेंट

पिछले पोस्ट में हमने आतंकवादी संगठन सुसाइड अटैक के लिए कब उतारू होते  है उनके बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस पोस्ट में हम जानेगे  की सुसाइड अटैक से निपटने के लिए सिक्यूरिटी अरेंजमेंट कैसे किया जाय (Suicide attack se niptne ke lie security arrangement kaise kiya jaay) की सुसाइड अटैक को बिफल किया जा सके !


जैसे की हम जानते है की वर्तमान सुरक्षा के बातावरण में सुरक्षा बालो के सब तरह के खतरे निपटने के लिए अपने आप को तैयार रखना पड़ता है  क्यों की आतंकवादी आज कल मल्टी डायमेंशनल हो गए है और ओ किसी भी रूप और किसी भी नई रणनीति के रूप में आकर सुरक्षा बालो के ऊपर हमला कर सकते है !

जरुर पढ़े:टेक्टिकल वर्ड्स और उसका मतलब हिंदी में -I

और आतंकवादियो के रणनीति के ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बल भी अपनी ट्रेनिंग और तैयारी करते रहते है ताकि  आतंकवादी के हर एक मनसूबे को बिफल किया जाय सके !

पोस्ट पर होने वाले खतरों के अनुसार तीन से लेकर पांच प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था फिदायीन हमला को रोकने के लिए  की जा सकती है और इस ब्लॉग पोस्ट में हम उन पांच प्रकार के सिक्यूरिटी अरेंजमेंट के बारे में जानेगे :
Suicide Attack Security Arrangement
Suicide Attack Security Arrangement
1.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का पहला घेरा (Suicide attack ke security arrangement ka pahla tier )
2.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का दूसरा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka second tier )
3.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का तीसरा घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka third tier )
4.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का चौथा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka fourth tier )
5.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का पाचवा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka fifth tier )

जरुर पढ़े:कामौफ्लाज और कांसिल्मेंट के ऊपर एक संक्षिप्त जानकारी

1.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का पहला घेरा (Suicide attack ke security arrangement ka pahla tier )

इस घेरा के अन्दर हम कुछ एक  निम्नलिखित सिक्यूरिटी अरेंजमेंट करते है :
  • पोस्ट के चारो ओर दोहरी तारबंदी और उनके बीच में ट्रिप फ्लारे, क्ले मोरे माइन , धोखे  का फंदा कॉन्सरटीना वायर तथा स्टन ग्रेनेड लगाये जा सकते है !
  • पोस्ट के अन्दर आने जाने का रास्ता कम से कम (एक या दो ) अच्छा होना चाहिए यदि एक ही रास्ता हो और दूसरा आपातकालीन !
  • पोस्ट के चारो तरफ किलाबंदी को इस प्रकार लगाये की चारो तरफ की एरिया को देखभाल और असरदार फायर से कवर किया जा सके !
  • गेट पर मजबूत बैरियर लगाये !
  • गेट पे बैरियर से हट कर मजबूत सन्तरी पोस्ट बनाये !
  • गेट पर संतरी जोड़े में लगाये , पहला संतरी चेकिंग कर रहा हो तो दूसरा संतरी उसे कवर कर के रखे !
  • पोस्ट का इलाका बडा होने पर पैरामीटर के चारो तरफ पेट्रोलिंग करने की व्यवस्था कर उसे इलाके में एरिया डोमिनेंट करने के लिए दुसरे ट्रूप्स से मिलाप रखे !

2.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का दूसरा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka second tier )

इस घेरा के अन्दर हम कुछ एक  निम्नलिखित सिक्यूरिटी अरेंजमेंट करते है :
  • गेट पर पहले संत्री पोस्ट के पीछे थोड़ी दूर पर दूसरा संतरी पोस्ट ऐसा बनाये जहा से पहले संतरी को असरदार फायर से मदद दी जा सके !
  • रहने की बैरक , बिल्डिंग , टेंट के चारो तरफ सैंड बैग की छोटी दिवार अर्थात बैरिकेड अवश्य बनाये ! ताकि फायर से बचने तथा जरुरत पड़ने पर उसके पीछे से  कवर लेकर फायर डाला जा सके !
  • ग्रेनेड फायरिंग से बचने के लिए मजबूत ओवर हेड कवर बनाये !
  • सभी संतरी बुलेट प्रूफ जैकेट तथा स्टील हेलमेट अवश्य पहने !
  • सभी जवान एक जगह नहीं बल्कि पोस्ट के अन्दर ही अलग अलग जगह पे रहे !

3.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का तीसरा घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka third tier )

    इस घेरा के अन्दर हम कुछ एक  निम्नलिखित सिक्यूरिटी अरेंजमेंट करते है :
    • पोस्ट के अन्दर इलाका छोटा होने पर एक और बड़ा होने पर दो या दो से ज्यादा सेंट्रल सिक्यूरिटी कमांड पोस्ट(Central Security Command Post) को हर हाल में स्थापित करे ! ये जगह उच्ची और ऐसी होनी चाहिए जहा से पोस्ट के अंदर और पोस्ट के बहार भी देखभाल तथा फायर से डोमिनेंट किया जा सके तथा जहा फिदायीन का पहुच थोडा मुस्किल  हो !
    • मैंन  गेट पर डबल बैरियर लगाये,जिनके बिच 10 से 15 मीटर दुरी होनी चाहिए !
    • दोनों बैरियर के बिच कटीले बोर्ड का प्रयोग में लाये ताकि घुसपैठिये की गाड़ी को पंचर किया जा सके !
    • मेन  गेट पर पहले बैरियर के आगे दोहरा स्पीड ब्रेकर  लगाये !

    4.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का चौथा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka fourth tier )

     इस घेरा के अन्दर हम कुछ एक  निम्नलिखित सिक्यूरिटी अरेंजमेंट करते है :
    • पोस्ट ज्यदा सेंसेटिव होने पर रहने वाली जगहों पर संतरी अवश्य लगाये ख़ास तौर में रात में !
    • यकीं करे की जवानों के रहने की बैरक के अन्दर जाने का रास्ता एक हो लेकिन निकलने के लिए दो या दो से ज्यादा आपातकालीन रस्ते हो !
    • QRT अवश्य बनाये और उसे अच्छी तरह से अभ्यास कराये !

    5.फिदायीन हमला के सिक्यूरिटी आरंगेमेंट का पाचवा  घेरा  (Suicide attack ke security arrangement ka fifth tier )

     इस घेरा के अन्दर हम कुछ एक  निम्नलिखित सिक्यूरिटी अरेंजमेंट करते है :
    • असरदार अर्ली वार्निंग सिस्टम  का प्रयोग करे ताकि आराम करते हुए ट्रूप्स के पास फिदायीन के पहुचने से पहले, ट्रूप्स अलर्ट हो जाये और कवर के पीछे पोजीशन लेले और फिदायीन के आते ही उसे मार गिराए !
    • पोस्ट के चारो तरफ एक असरदार और मजबूत ख़ुफ़िया नेटवर्क स्थापित करे ! जिससे की फिदायीन द्वारा पोस्ट के देखभाल को रोका जाय !
    • आस पास के पोस्ट /यूनिट के साथ दोहरी संचार व्यवस्था स्थापित करे 
    • पोस्ट पर हर समय ट्रांसपोर्ट की सुविधा अवश्य होना चाहिए !
    • फाॅर्स जैसी यूनिफार्म पहन कर अन्दर आने वाले को चेक करने से पहले कोड वर्ड  , पासवर्ड और दुसरे चेक पॉइंट का प्रयोग में लाये !
    • अगर संभव होतो इमरजेंसी सर्च लाइट और नाईट विज़न इक्विपमेंट का प्रयोग में लाये !
    • आवश्यकता के अनुसार जानकारी (Need to know basis) को मध्य नजर रखते हुए ही सीनियर ऑफिसर /VIP के आने जाने का प्रोग्राम छोटे कमांडर को बताये सब को नहीं !
    • ज्याद सेंसिटिव पोस्ट होने पर सिविल कपडे में पोस्ट के बहार लुक आउट पर भी अपने लोगो को लगा देना चाहिए !
    • कण्ट्रोल में रखते हुए ट्रूप्स में टारगेट ओरिएंटेड फायर करने की क्षमता अवश्य पैदा करना चाहिए !
    • मेन  गेट पर कांस्टेबल के साथ साथ NCO रैंक का आदमी भी अवश्य लगाये !

    सिक्यूरिटी प्रोन एरिया में रहते हुए जानने वाली कुछ बाते :

    • सभी पांचो तरह की सिक्यूरिटी व्यवस्था का समय समय पर रिहर्सल किया जाये जिससे की ट्रूप्स इन सिस्टम को अच्छी से समझले और उनमे अलर्टनेस की क्षमता पैदा हो जाये !
    • यकीं  करे की सभी सेंसिटिव पोस्ट पर हर वक्त गाडिया मौजूद हो इससे जवानों में कॉन्फिडेंस पैदा होता है !
    • स्ट्रोम इन ड्रिल (Strom in drill) का लगतार अभ्यास करते रहे !!
    • QRT को किसी भी परिस्थिति में कार्यवाही से निपटने के लिए अपने रोल और टास्क की पूरी जानकारी होनी चाहिए! साथ ही अभ्यास भी कराये !
    • आतंकवादियो की कार्यवाही तथा मिलने वाली इंटेलजेन्स रिपोर्ट से ट्रूप्स को लगातार आवगत कराते रहे !
    • जिम्मेवारी के इलाके में हमेशा छाये रहे !
    • लोकल पुलिस , एडमिनिस्ट्रेशन और सिलेक्टेड लोकल सिविलियन के साथ अच्छा मिलाप बनाकर रखे !
    • लोकल नोटोरिअस(Notorius) और मिलिटेंट माइंडेड सिविलियन(Militant minded Civilian) के ऊपर कड़ी नजर रखे !
    • ट्रूप्स को लोकल सिविलियन , खासकर दुकानदार सप्लायर और पोस्टमैन के साथ ज्यादा घुलने मिलने नहीं दे !
    • यकीं करे की जवान जब पोस्ट के अन्दर होतो अपने आपको पूरी तरह से सुरक्षित समझे जिससे उनमे तनाव कम होगा और अनजाने भय की भावना पैदा नहीं होगी ! लेकिंग इसमें ट्रूप्स सेल्फ कोम्प्लेसमेंट(Complacement) नहीं होना चाहिए ! बल्कि उनमे सतर्कता उच्चे दर्जे की बनी रहनी चाहिए!
    • पोस्ट पर बनाई गई सिक्यूरिटी व्यवस्था का रख रखाव लगतार करते रहना चाहिये !
    • कमांडर अपने ट्रूप्स पर भी क्लोज वाच रखे की किसी आतंकवादियो ने विन ओवर(Win Over) तो नहीं कर लिया या अपना आदमी प्लांट तो नहीं कर दिया !
    • सोर्स/इन्फोरमर से मिलाप के लिए छुपे तरीके का हो प्रयोग में लावे !
    • सिविल एक्शन करते समय विशेस सावधानी बरते ! यह कार्य पोस्ट से थोड़ी दूर पर ही करे अन्दर से नहीं !
    • कामोफ्लाज कांसाल्मेंट की अच्छी तकनीक का प्रयोग करके पोस्ट के सिक्यूरिटी अरेंजमेंट को इतना (Deceptive)छुपाव बनाया जाय जिससे पोस्ट पर एक अच्छी सिक्यूरिटी अरेंजमेंट होने का पता ही न चले इस तरीके से फिदायीन को पोस्ट पर हमला करने के लिए इनभाइट किया जाय ताकि उन्हें ट्रैप किया जाय !
    • पोस्ट के अन्दर सख्ती से IFF(Identification of Friend and Foe) प्रोसीजर का इस्तेमाल किया जाय और रेस्पेक्ट आल एंड सस्पेक्ट आल (Respect all and suspect all )का सिद्धांत अमल में लाना चाहिए !
    जरुर पढ़े:3 तरीके दुश्मन के फायर पोजीशन को पता लगने के
    • किसी गाडी के चारो होने या फिदायीन हरकत के बारे में खबर मिलने पर पोस्ट के सभी लोगो को तुरंत बता देना चाहिए और चौकसी बढ़ा देनी चाहिए !
    • जवानों को साफ़ साफ़ बताये की फिदायीन के पोस्ट के अन्दर घुसने पर कोई भी अपनी जगह छोड़ेगा नहीं जब तक की उसको कमांडर द्वारा हुकुम नहीं देगा !
    • रेंफोर्समेंट ट्रूप्स को कण्ट्रोल तरीके से प्रयोग में लाये क्राउड नहीं होने दे ताकि मिलिटेंट को दुसरे ब्लास्ट या ग्रेनेड फायर से बचा जा सके !
    • हमला किये गए पोस्ट को चारो तरफ से तुरंत घेर ले ताकि बहार से कोई दूसरा फिदायीन हमला न कर सके और नहीं अन्दर वाले फिदायीन को किसी प्रकार से मदद मिल सके !
    • सीनियर ऑफिसर हमला किए गए पोस्ट के अन्दर घुसते समय कम से कम आदमी रखे ताकि फिदायीन के फायर  के लिए बड़ा टारगेट न बन सके !
    • फिदायीन हमला होने पर बचाव और फ्लशिंग आउट ऑपरेशन(Flushing out operation) बहुत ही कोऑर्डिनेटेड और ध्यानपूर्वक तरीके से वहा पे मौजूद सीनियर ऑफिसर की कमांड में ही किया जाय !
    • फिदायीन हमला होने पर रेस्क्यू और जवानों का मूवमेंट के लिए बुलेट प्रूफ बंकर या बुलेट जिप्सी का प्रयोग करना लाभदायक होगा !
    • फिदायीन हमला होने पर फायर ब्रिगेड और नजदीकी हॉस्पिटल को तुरंत लोकल पुलिस कण्ट्रोल रम द्वारा खबर देकर अलीर्ट करा दे !
    • जिस जगह पर आवश्यकता के अनुसार सिक्यूरिटी अरेंजमेंट  करना संभव नहीं हो पता तो वहा पर पोस्ट कभी भी स्थापित न करे बल्कि थोडा हटा कर स्थापित करे !

    इस प्रकार से आप सुसाइड प्रोन एरिया में सिक्यूरिटी अरेंजमेंट  कर सकते है और साथ में अपने जवानों को इतना सुसाइड हमले के बारे में सचेत  कर सके!उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !   
    इन्हें  भी  पढ़े :
    1. 3 तरीके दुश्मन के फायर पोजीशन को पता लगने के
    2. सेक्शन फार्मेशन और सेक्शन फार्मेशन का बनावट
    3. आतंक प्रभावित इलाके में सिक्यूरिटी पोस्ट लगान
    4. रात के संतरी तथा स्काउट की ड्यूटी क्या होता है
    5. फील्ड फोर्टीफीकेसन में इस्तेमाल होने वाले फौजी टेकटिकल शब्दों का क्या मतलब
    6. फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लैंक गार्ड यदि क मतलब
    7. अम्बुश की जुबानी हुक्म क्या होता है और इसमें सामिल होने वाले मुख्य बाते
    8. रोड ओपनिंग पार्टी/पट्रोल और उसके महत्व के बारे
    9. कॉन्वॉय कितने प्रकार का होता है ? कॉन्वॉय प्रोटेक्शन की पार्टिया कौन कौन सी होती ?
    10. कॉन्वॉय कमांडर और कॉन्वॉय मूवमेंट से पहले जानने वाली बातें

    15 सितंबर 2018

    टेररिस्ट सुसाइड अटैक करने पर कब उतारू हो जाते है ?

    पिछले पोस्ट में हमने सुसाइड अटैक के खतरे और उससे बचाव के तरीके के बारे में जानकारी प्राप्त किये ! अब इस पोस्ट में हम जानेगे की आतंकवादी सुसाइड अटैक (Terrorist suicide attack kab karte hai)  करने पे कब उतारू हो जाते है !


    जैसे की हम जानते है फिदायीन आरबी भाषा फ़िदा शब्द से बना है जिसका अर्थ होता है न्योछौवर होना , मर मिटना है ! ऐसे नुमैदे  जिन्दगी की परवाह किये बैगर अपना मिशन पूरा करने के लिए निकल पड़ते है उसे फिदायीन कहलाते है जिसे अंग्रेजी में सुसाइडल बॉम्बर कहते है  !
    जरुर पढ़े:सेक्शन फार्मेशन एंड प्लाटून फार्मेशन के फायदे और नुकशान
    यह कोई धार्मिक विश्लेषण नहीं है बल्कि एक सुरक्षा बालो के ड्यूटी और ट्रेनिंग के पॉइंट व्यू से तैयार किया हुवा आसानी से समझ ने वाला परिभाषा है !


    वर्तमान समय का सबसे  पहला सुसाइड अटैक आर्म्ड फ़ोर्स के ऊपर हुवा था वह अक्टूबर 1993 बेरूत में अमेरिकन और फ्रेंच मिलिट्री के बैरक्स के ऊपर हुवा था जिसमे करीब 300 जवान मारे गए थे !

    उसके बाद से अब तक 1000 से ज्यादा सुसाइड अटैक की घटनाये अभी तक हो चूका है  ! ये सुसाइड अटैक की ज्यादातर हमले दुनिया के 9 देशो के अन्दर ही हुवा है और वो देश है : लेबनान , श्रीलंका , इजराइल , टर्की , भारत (कश्मीर) रूस(चेचन), अफगानिस्तान , इराक , और पाकिस्तान !


    इस पोस्ट में हम जानेगे की क्या कारण होता है की आतंकवादी सुसाइड अटैक करने पे उतारू हो जाते है !

    क्यों आतंकवादी सुसाइड अटैक करने पे उतारू हो जाते है ?


    इस का एक कारण नहीं है बल्कि बहुत से ऐसे कारण है जिससे की आतंकवादी संगठन सुसाइड अटैक के बारे में सोचने लगते है और सुसाइड अटैक करने भी लगते है और उन कारणों में से कुछ निम्न है :
    1. जब आतंकवादी संगठनों में तुक्छ्ता और हीनता की भवन पैदा होने लगती हो !
    2. जब आतंकवादी संगठन के तबाह और बर्बाद होने की मानसिकता पैदा होने लगती हो 
    3. जब आतंकवादी संगठन की कार्यवाई में रूकावटे पैदा होने लगती हो 
    4. जब जनता की हमदर्दी/सहयोग खो देने का भय पैदा होने लगता हो !
    5. जब उन्हें लगता है की उनकी बातो पर कोई उनकी तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देता है !
    6. मौत ही उनकी अपनी शक्ति दिखने का जरिया दिखाई देने लगती हो !
    7. जब आतंकवादी सगठन अपने सदस्यों को मनोबैज्ञानिक खतरों से बचने के लिए आगाह करने लगते हो !
    8. आतंकवाद में आत्मघाती कार्यवाहिय करना उस आतंकवादी संगठन के निराश और हताश होने को जाहिर करता है !

    यानि सक्षेप में कहा जाए तो एक आतंकवादी सगठन खुद आतकवादी तरीको को अपनाने से परहेज करता है क्यों की ऐसा करने से उस संगठन कमजोर होने लगता है और उसके बाद फिर कोई दूसरा तरीका उसको अपने उद्देश्य प्राप्ति के लिए नहीं बचता है !

    यह सच नहीं है की कोई भी आतंकवादी संगठन सिर्फ प्रसिद्धि हासिल करने या राजनैतिक नाम जुटाने  के लिए  आत्मघाती हमला करता है! सच तो यह है की जब उसे अपने उद्देश्य को प्राप्त करना असंभव लगने लगता है और जब वो बहुत ही हताश हो जाता है तो आखरी दाव की तरह आत्मघाती हमले प्रयोग में लता है !

    आत्मघाती हमला करना कोई आसन काम नहीं , यह आतंकवादी संगठन को बहुत ही घटक सिद्ध होता है और संगठन में उथल पुथल पैदा कर उसे चरमरा देता है !
    जब आत्मघाती हमले होने लगे तो ये समझना चाहिए की आब आतंकवादी पूरी तरह से निराश और हताश हो चुके है ! इसलिए आत्मघाती हमले का डट कर मुकाबला करना चाहिए ताकि उनका सब आत्मघाती हमले असफ हो जाये ! फलस्वरूप आतंकवाद समाप्ति की ओर बढ़ने लगेगा !

    ये कुछ कुछ कारण है जिसके कारण आतंकवादी सुसाइड अटैक करते है !उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !
    इन्हें  भी  पढ़े :
    1. 3 तरीके दुश्मन के फायर पोजीशन को पता लगने के
    2. सेक्शन फार्मेशन और सेक्शन फार्मेशन का बनावट
    3. आतंक प्रभावित इलाके में सिक्यूरिटी पोस्ट लगान
    4. रात के संतरी तथा स्काउट की ड्यूटी क्या होता है
    5. फील्ड फोर्टीफीकेसन में इस्तेमाल होने वाले फौजी टेकटिकल शब्दों का क्या मतलब
    6. फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लैंक गार्ड यदि क मतलब
    7. अम्बुश की जुबानी हुक्म क्या होता है और इसमें सामिल होने वाले मुख्य बाते
    8. रोड ओपनिंग पार्टी/पट्रोल और उसके महत्व के बारे
    9. कॉन्वॉय कितने प्रकार का होता है ? कॉन्वॉय प्रोटेक्शन की पार्टिया कौन कौन सी होती ?
    10. कॉन्वॉय कमांडर और कॉन्वॉय मूवमेंट से पहले जानने वाली बातें

    सुसाइड अटैक के खतरे और उससे बचाव के तरीके

    पिछले पोस्ट में हमने सुसाइड बॉम्बर के मोडस ओपेरंडी या काम करने के तरीका के बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस पोस्ट में हम जानने  की  कोसिस  करेगे की  सुसाइड बॉम्बर से कौन कौन से  तरह के खतरे हो सकते है(suicide attack ke kaun kaun khatre ho sakte hai) और उसे कैसे निपटे की कम से कम नुकशान हो !


    सुसाइड अटैक आज के के सुरक्षा वातावरण में एक  रियलिटी हो गया है  और कुछ देशो में तो सुसाइड अटैक इतना सामान्य सा इंसिडेंट हो गया है की आज कल समाचार पत्रों  में भी उसे जगह नहीं मिल पा रही है !

    एक सुरक्षा बल के सदस्य होने के नाते अब हमे खुद को उस समस्य से लड़ने के लिए तैयार रखना पड़ेगा जिससे की सुसाइड अटैक से होने वाला क्षति को रोका जाय और कम से कम  किया जा सके और अपनी बचाव के साथ आम जनता का बचाव किया जा सके !

    जरुर पढ़े:आतंक प्रभावित इलाके में सिक्यूरिटी पोस्ट लगान

    इस पोस्ट में हम सुसाइड अटैक का कोई सामाजिक कारण और निबरण या मनोवैज्ञानिक विश्लेषण  के बारे में बाते  नहीं करेंगे बल्कि एक सुरक्षा बल के ड्यूटी और बचाव के  पॉइंट ऑफ़ व्यू से बात करेंगे और जानेगे की फिदायीन हमला के  निम्न तरह के खतरे आये तो उसे कैसे निपटना चाहिए  :
    Suicide Attack se Bachaw
    Suicide Attack se Bachaw
    1.पोस्ट के अन्दर धोखे से  घुसना तथा ग्रनेड  और एक्स्प्लोसिवे का इस्तेमाल कर के कंफ्यूजन पैदा करना और अंधाधुंध गोलीबारी करना (Suicide attacker ko dhokhe se camp me ghusna aur granade fekna)
    2.एक्सप्लोसिव से भरी गाड़ी को पोस्ट के गेट से टकराना और एक्सप्लोड करना (Explosive se bhari gadi ko post ke gate se takranaaur explode karna)
    3.सुरक्षा बलों को धोखा देने के लिए उनके जैसे वर्दी, गाडी और इक्विपमेंट का इस्तेमाल करना (Security forcer ke wardi pahan kar dhokha dena)
    4.गेट पर लगे संत्री के ऊपर अचानक हमला  करना (Gate ke santry ke upar sudden attack karna)
    5. मेन  गेट , लिविंग एरिया तक फिदायीन का बिना रुकावट के पहुचना (Main gate, living area tak bina rukawat pahuchna)
    6.अचानक रहने वाले बैरक या टेंट में घुस कर आराम करते हुए जवानों को ज्यादा से ज्याद नुकसान पहुचना (Achanak rahne wale barrack ya tent me ghus aaram karte hue jawano par hamla karna)
    7.फिदायीन द्वारा चुने गए टारगेट के नजदीक से नजदीक आ कर खबरे हासिल करना (Attack ke lie chune hue target ke najdik aana aur khabar hasil karna)
    8.पोस्ट के अन्दर रहने वाले जवानों की दिनचर्या उनकी आदते तथा वरिष्ट अधिकारी के आने जाने का इनफार्मेशन लीक हो जाना (Post ke andar ke jawano ka daily rountine aur unki aadato ko janne ka koshi kanra)
    9.सुसाइड हमलवार  द्वारा ग्रनेड फायरिंग करना (Granade firing karna)
    10.तरह तरह तरीके से IED लगाना (Tarah tarah tarika se IED lagana)
    11.पोस्ट के चारो तरफ फिदायीन का आना जाना (Post ke charo or suicide attacker ka aana jaana)
    जरुर पढ़े:रात के संतरी तथा स्काउट की ड्यूटी क्या होता है

    1.पोस्ट के अन्दर धोखे से  घुसना तथा ग्रनेड  और एक्स्प्लोसिवे का इस्तेमाल कर के कंफ्यूजन पैदा करना और अंधाधुंध गोलीबारी करना (Suicide attacker ko dhokhe se camp me ghusna aur granade fekna) 

    ऐसी घटनाये रोकने के लिए पोस्ट के पास निम्न  कार्यवाही करे :
    • पोस्ट के चारो तरफ दोहरी तारबंदी लगाये और बिच में ट्रिप फ्लार, क्ले मोरे माइन, बूबी ट्रैप , कंसेरटीना वायर और स्टन ग्रेनेड भी लगाये 
    • पोस्ट के साथ साथ बाउंड्री लाइट भी बाहर  को मुह  कर के लगाये 
    • प्रक्षिक्षित कुतो को अर्ली वार्निंग(Early warning) के तौर पर इस्तेमाल करे 
    • सभी संत्री बुलेट प्रूफ और स्टील हेलमेट जरुर पहने 
    • अंदरवाले बैरियर पर CGI शीट या ऐसा इन्तेजाम हो की नजर की आड़ कम से कम मिल पाए ताकि कोई बहार खड़ा  होकर अन्दर  का न देख पाए !
    ये कुछ इन्तेजाम है जिसे करने से धोखे से अन्दर गुसना और ग्रेनेड और एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल की घटनाओ को कुछ हद तक रोका जा सकता है !

    2.एक्सप्लोसिव से भरी गाड़ी को पोस्ट के गेट से टकराना और एक्सप्लोड करना (Explosive se bhari gadi ko post ke gate se takranaaur explode karna)

    सिक्यूरिटी पोस्ट के गेट पर निम्नलिखित रुकवाते बनाये:
    • डबल स्पीड ब्रेकर 
    • डबल बैरियर 10 से 15 गज की दुरी पर लगाये !
    • दोनों बैरियर के बिच किल वाले बोर्ड लगाये 
    • अपने फाॅर्स के अलावा किसी दुसरे की गाडी को अन्दर आने पर पूरी रोक लागा दे 
    • अपनी गाडी को भी अन्दर आते समय पूरी तरह से चेक करे 
    • एक समय पर एक ही बैरियर खोले 
    • पहली संत्री पोस्ट दुसरे बैरियर  से थोडा हट कर लगाये 
    • पोस्ट के अन्दर पैदल आने वालो के लिए बड़े गेट के साथ छोटा गेट भी बनवाए 
    • यह गेट जिग जाग किस्म का हो ताकि की दौड़ कर अन्दर न आ सके 
    उपरोक्त करवाई करने से गाडी को पोस्ट के गेट से टकराने से काफी हद तक रोका जा सकता है !
    जरुर पढ़े:फील्ड फोर्टीफीकेसन में इस्तेमाल होने वाले फौजी टेकटिकल शब्दों का क्या मतलब

    3.सुरक्षा बलों को धोखा देने के लिए उनके जैसे वर्दी, गाडी और इक्विपमेंट का इस्तेमाल करना(Security forcer ke wardi pahan kar dhokha dena) 

    ऐसी हमला रोकने के लिए निम्न प्रकार की करवाई करे :
    • पोस्ट के पास व अन्दर आने वालो को चैलेंज तथा चेक करने की सही व पूरी ड्रिल  को अमल में लाये ! चाहे आने वाला किसी भी फाॅर्स का आदमी या क्यों न अपने फाॅर्स का आदमी हो !
    • पोस्ट के अन्दर आने वालो को हमेशा आदर व सभी को शक के निगाह से देखे भले ही ओ किसी भी सुरक्षा फाॅर्स का या अपने फाॅर्स का ही आदमी हो 

    4.गेट पर लगे संत्री के ऊपर अचानक हमला  करना (Gate ke santry ke upar sudden attack karna)

    ऐसे हमले से बचने के लिए निम्न तरीका अपनाये :
    • चेकिंग करने वाले संत्री को कवर करने के लिए दोहरे संत्री का तरीका पहल में लाये 
    • चेकिंग करने वाला संत्री भी अपने आप को सतर्क तथा रेडी पोजीशन में रहे ताकि अगर हमला होने पे ओ अपना अचव कर सके !

    5. मेन  गेट , लिविंग एरिया तक फिदायीन का बिना रुकावट के पहुचना(Main gate, living area tak bina rukawat pahuchna)

    ऐसे हमले से बचने के लिए कुछ निम्न करवाई किया जा सकता है :

    • पोस्ट के इलाका छोटा होने और एक और बड़ा होने पर दो या दो से ज्यादा सेंट्रल सिक्यूरिटी कमांड पोस्ट(Central Security Command Post)  थोड़ी उची और ऐसी जगह लगाये की जहा से पुरे पोस्ट को असरदार तरीके से देखभाल और फायर से डोमिनेंट किया जा सके ! खास कर फिदायीन के मुमकिन रास्तो पर जहा फिदायीन आसानी से न पहुच सके !
    • लिविंग बैरक /टेंट के चारो तरफ सैंड बैग की छोटी दिवार से बैरिकेड बना दे जो फायर से जवानों को बचाव दे सके और जरुरत पड़ने पर उसके पीछे आड़ लेकर फायर डाल सके !
    • पोस्ट पर होने वाले खतरे के लिहाज से तीन या पांच प्रकार से सिक्यूरिटी व्यवस्था को अपनाये !
    जरुर पढ़े:फौजी टैक्टिकल शब्द जैसे फर्स्ट लाइट फ्लैंक गार्ड यदि क मतलब

    6.अचानक रहने वाले बैरक या टेंट में घुस कर आराम करते हुए जवानों को ज्यादा से ज्याद नुकसान पहुचना (Achanak rahne wale barrack ya tent me ghus aaram karte hue jawano par hamla karna)

    ऐसे हमले से बचने के लिए कुछ निम्न करवाई किया जा सकता है :
    • असरदार अर्ली वार्निंग  सिस्टम (Early Warning System)का प्रयोग करे ताकि आराम करते हुए ट्रूप्स ,फिदायीन के उनके पास पहुचने से पहले अलर्ट हो जाये और बैरिकेड के पीछे हो कर आने वाले फिदायीन को ही मार गिराए !
    • यकीन करे की जवानों के रहने वाले बैरक/टेंट बंकर  के अन्दर आने के लिए एक ही रास्ता हो लेकिन निकलने के लिए इमरजेंसी एग्जिट दो या दो से ज्यादा हो !
    • सभी जवानों को एक ही जगह न रखे बल्कि पोस्ट के अन्दर अलग अलग जगहों पर रखे !
    • ज्यादा सेंसिटिव पोस्ट होने  पर जवानों की बैरक को डबल सन्तरी से गार्ड करे खासतौर से रात्रि के समय !
    • सभी अधिकारी/जवान अपने पर्सनल हथियार हमेशा अपने पास रखे !

    7.फिदायीन द्वारा चुने गए टारगेट के नजदीक से नजदीक आकर खबरे हासिल करना (Attack ke lie chune hue target ke najdik aana aur khabar hasil karna)

    ऐसे हमले से बचने के लिए कुछ निम्न करवाई किया जा सकता है :
    • पोस्ट के चारो तरफ एक अच्छा और मजबूत ख़ुफ़िया तंत्र स्थापित करे 
    • भरोसेमंद लोकल सोर्स , इन्फोर्मेर्स और कांटेक्ट बनाये 
    • लोकल पुलिस से अच्छा मिलाप रखना 
    • समय पर खबर हासिल करने और अच्छा मेल मिलाप रखने के लिए दोहरी संचार व्यवस्था रखे !
    • पोस्ट के अन्दर किसी भी जगह पर कोई भी सिग्न बोर्ड न लगाये !
    • अपने ट्रूप्स को पोस्ट के अन्दर आते समय एक एक को पहचान कर के ही अन्दर आने दे खासतौर पे रात के समय !
    • इन्टरसेपटेड मेसेज को लगतार विश्लेषण करते रहे !

    8.पोस्ट के अन्दर रहने वाले जवानों की दिनचर्या उनकी आदते तथा वरिष्ट अधिकारी के आने जाने का इनफार्मेशन लीक हो जाना (Post ke andar ke jawano ka daily rountine aur unki aadato ko janne ka koshi kanra)

    ऐसे हमले से बचने के लिए कुछ निम्न करवाई किया जा सकता है :
    • दिनचर्या (Daily routine) के टाइम को बदलते रहे !
    • जरुरत के अनुसार (Need to Know) को मुख्य नजर रखते हुए सीनियर ऑफिसर/VIP के आने जाने के प्रोग्राम को छोटे कमांडर्स को बताये सबको नहीं !
    • पोस्ट के पूरी नफरी को छोटे छोटे ग्रुप में अलग अलग जगह और अलग अलग समय पर फैलिन करे , एक ही जगह और एक ही समयपर नहीं !
    • खाना एक जगह इकठ्ठा बैठ का न खाए !
    • पोस्ट के अन्दर जवानों का हरकत कम से कम  किया जाय !

    9.सुसाइड हमलवार  द्वारा ग्रनेड फायरिंग करना (Granade firing karna)

    ऐसे हमले से बचने के लिए कुछ निम्न करवाई किया जा सकता है :
    • संतरी पोस्ट या बंकर सेंट्रल सिक्यूरिटी कमांड पोस्ट तथा लंगर इत्यादि के ऊपर मजबूत  ओवर हेड कवर अवश्य लगाये 
    • ग्रेनेड फायरिंग के ज्यादा खतरेवाली जगह पर डिग-इन-पोजीशन (Dig-in-position)को प्रयोग में लाये , न की जमीन के ऊपर बनी टेम्पररी बैरक या बिल्डिंग इत्यादि का !
    • संतरी पोस्ट तथा बंकर के ऊपर कैमोफ्लाज नेट का इस्तेमाल करे !

    10.तरह तरह तरीके से IED लगाना (Tarah tarah tarika IED lagana)

    ऐसे हमले से बचने के लिए कुछ निम्न करवाई किया जा सकता है :
    • साईकिल,मोटर साईकिल , स्कूटर या कोई गाडी पोस्ट के चारो तरफ या गेट के पास खड़ा न होने दे 
    • ताज़ी  खुदी हुई मिटटी/जगह को शक के निगाह से देखे और चेक करे 
    • कोई भी लावारिस बस्तु कैंप के पास हो तो उसे शक के निगाह से देखे और तुरंत हटाने की व्यवस्था करे !
    • पोस्ट के चारो तरफ पेट्रोलिंग की व्यवस्था करे संभव हो तो ट्रेनड डॉग का इस्तेमाल करे !
    • किसी जानवर/परिंदा जैसे घोडा , गधा, गाय , बकरा , मुर्गी को शक के निगाह से देखे और उसे कैंप के अन्दर न आने दे  और पोस्ट के नजदीक देखे तो उसे तुरंत हटाने का व्यवस्था करे !

    11.पोस्ट के चारो तरफ फिदायीन का आना जाना (Post ke charo or suicide attacker ka aana jaana)

    ऐसे हमले से बचने के लिए कुछ निम्न करवाई किया जा सकता है :
    • पोस्ट के आस पास काउंटर सुर्वेलेंस सिस्टम का प्रयोग करे इसके लिए लोकल पुलिस अपने सोर्स, इन्फोर्मेरऔर कांटेक्ट का इस्तेमाल करे ताकि इलाके में आने जाने वाले अंजान लोगो की हरकत पर नजर रखे !
    • लोकल सिविलिन को पहले से आगाह कर दे की किसी अंजन व्यक्ति या वह के किसी आतंकवादी को छुपने या रहने के लिए जगह न दे नहीं किसी प्रकार की मदद दे यहाँ तक की पोस्ट के बारे में जानकारी इत्यादि !
    जरुर पढ़े:4 बाते शत्रु के कारगर फायर के अंदर आने पे करनी चाहिए

    ये कुछ हिदायते  है जिसे अगर कोई पोस्ट कमांडर अपनाये तो काफी हद तक अपने पोस्ट और अपने जवान को फिदायीन अटैक  से बचा सकता है और फिदायीन को मार कर हमला को बिफल कर सकता है !अगले पोस्ट में हम फिदायीन हमले  के बचाव के लिए एक पोस्ट का सिक्यूरिटी अरेंजमेंट के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !
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