30 अक्टूबर 2021

M-16 असाल्ट राइफल का परिचय

 हमने अपने पिछले ब्लॉग पोस्ट में बेरेटा 93 आटोमेटिक पिस्टल के बारे  में जानकारी प्राप्त की और इस ब्लॉग पोस्ट में हम वर्ल्ड के एक बेस्ट असाल्ट राइफल(M16 Assault Rifle) के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे जिसका नाम है एम् 16 (M16)!

M16 Assault Rifle
M16 Assault Rifle

यह असाल्ट राइफल अमेरिकन आर्मी की असॉल्ट राइफल की जरुरत को पूरा करने के लिए आर्मलाइट (Armalite) द्वारा बनाया गया ! इस राइफल का डिजाईन यूजीने स्टोनर (Eugene Stoner) ने बनाया था तथा इसका नाम आर्म लाइट राइफल 15 ओर AR-15 दिया गया ! यह राइफल पिछला जो राइफल था AR-10 के अनुसार ही बना था जिसका चैम्बर 7.62 x 51 mm अम्मुनिसन को इस्तेमाल किया जा ता था ! 

AR-15 असाल्ट राइफल बहुत से  मॉडिफिकेशन से गुजरना पड़ा और अंत में 5.56 x 45 mm अमुनिसन के इस्तेमाल के लायक बनाया गया !AR-15 अस्सुल्ट राइफल अमेरिकन आर्मी में 1958 में टेस्टिंग के लिए दिया गया  जो की पहले इस्तेमाल के दौरान कुछ कमिय जैसे अकुरेसी के ले कर पाई गई ! जो निर्माता कंपनी थी इस राइफल का उसने कुछ वितीय कठिनियो के कारन इस राइफल की डिजाईन को कोल्ट कंपनी को बेंच दिया !

 कोल्ट कंपनी कुछ अपना मॉडिफिकेशन इस डिजाईन में की और 1962 में इस कंपनी ने 1000 AR-15 राइफल को वियतनाम में फील्ड ट्रेल के लिए भेजा !और 1964 में अमेरिकन आर्मी और एयरफोर्स ने अधिकारिक तौर पे इस राइफल को अपने  फाॅर्स में सामिल किया और इसका नाम दिया एम्16 (M16)! इस असाल्ट राइफल को अमेरिकन आर्मी में सामिल होने के बाद कोल्ट कंपनी ने सिविल खरीदारों तथा पुलिस फ़ोर्स लिए सेमी आटोमेटिक वर्शन बनाया  जो की अभी भी बहुत से एजेंसी उसका इस्तेमाल कर रही है  !

यह असाल्ट राइफल जब बनाया गया तो उस समय वजन में थोडा ज्यादा भारी था और अमेरिकन आर्मी के जरुरत के अनुसार बहुत से पार्ट्स को बनाने वाले मटेरियल को बदलकर जिसमे की स्टील के जगह पे एलुमिनियम  और लकड़ी के जगह पे फाइबर ग्लास का  इस्तेमाल जिसके कारन यह असाल्ट राइफल हल्का(very light weapon) के साथ थोडा सस्ता भी होगया ! 

यह एक गैस ओपरेटेड सेलेक्टिव फायर वेपन है जिसमे 5,56 x 45 mm (.223 Remington)राउंड का इस्तेमाल होता है ! जब पहले यह असाल्ट राइफल बना तो इसके अन्दर बहुत सी खामिया थी जिसे समय के साथ दुरुस्त किया गया और यह आज का सबसे अच्छा असाल्ट राइफल(best assault rifles in the world) के केटेगरी मेसे एक राइफल है !इसके अकुरेसी तथा इसकी विश्वसनीयता और इस्तेमाल करने में सुगमता सबसे अच्छा है ! 

पहले इस असाल्ट राइफल  का छोटी कारगर रेंज केवल 450 मीटर था  लेकिन नए मॉडल में नै तरह का बुलेट इस्तेमाल किया जाने लगा जिससे इसकी रेंज और एकुरेसी और बढ़ गई ! इसकी बैरल को ऐसा देस्ग्न किया गया है जिस्सके के कारन इसमें मजल क्लाइंब ओ कम होगया जिससे एकुरेसी बढ़ गई और जो बैकवर्ड फाॅर्स में बढ़ोतरी होगे और मजल क्लाइंब कम होगया !

 इस असाल्ट राइफल का सेफ्टी तथा फायर मोड सिलेक्टर स्विच लेफ्ट साइड में रिसीवर के पास तथा पिस्टल ग्रिप के ऊपर है ! इसमें तीन पोजीशन है "सेफ", "सेमी- आटोमेटिक" और "फुल ऑटो ". कोच्किंग हैंडल रिसीवर के ऊपर पीछे फिक्स किया गया  और इजेक्शन पोर्ट राईट साइड में है !

पहली वर्शन में मगज़ीन बॉक्स शेप्ड अलुमिनियम का होता था जिसमे 20 राउंड्स आते थे लेकिन न्य  वर्शन में राउंड कर्व मगज़ीन है जिसमे 30 राउंड्स आते है जो की 1970 में प्रयोग में आने लगा  !

इसका साईट स्टैण्डर्ड अडजटेबल आयरन साईट है जो दिओप्टर टाइप है ! रेंज एडजस्टमेंट करने के लिए इसे घुमाना पड़ता है !इसका बट है वह सॉलिड स्टॉक और यहाँ यह बताना भी जरुरी है की इस राइफल का बनात्वत ऐसा है की इसमें फोल्डेड बट नहीं लगाया जा सकता है !

बेसिक डाटा (Basic Data of M16 Assault Rifle)

  

Basic Data of M16 Assault Rifle

   इसके साथ ही M16 असाल्ट राइफल  से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल

 



18 अक्टूबर 2021

बेरेटा 93 R आटोमेटिक पिस्टल की उत्पत्ति , खुबिया और बेसिक डाटा

पिछले  ब्लॉग पोस्ट में हम एसएलआर राइफल के टेस्ट्स ऑफ़ एलीमेंट्री ट्रेनिंग (TsOET)के दौरान की जाने वाली टेस्ट के बारे में जानकारी प्राप्त किये थे और अब इस ब्लॉग पोस्ट में हम बेरेटा 93 R आटोमेटिक पिस्टल की उत्पत्ति , खुबिया और बेसिक डाटा के बारे में जानेगे  !  

बेरेटा 93R आटोमेटिक पिस्टल की उत्पत्ति और खूबिया :

 बेरेटा 93R एक आटोमेटिक पिस्टल जो की इटली का बना हुवा है !इस पिस्टल का डिजाईन 70 के दशक में हुवा जो की मिलिट्री और पुलिस के इस्तमाल के लिया बनाया गया था ! इस पिस्टल का फर्स्ट डिजाईन 1977 में दुनिया के सामने आया ! यह पिस्टल बेरेटा 92 का एडवांस वर्शन है जिसमे बहुत सारी मॉडिफिकेशन किया गया है जिससे की यह पिस्टल आटोमेटिक पिस्टल के श्रेणी में आ गया ! इस पिस्टल का "R" मार्किंग "Raffica" को दर्शत है जिसका मतलब ब्रस्ट होता है !इसका निर्माण 1979 में शुरू हुवा और 1993 में इसका निर्माण बंद कर दिया गया !

इस आटोमेटिक पिस्टल को इटली में काउंटर टेररिस्ट यूनिट और दुसरे पुलिस तथा मिलिट्री यूनिट्स ने इस्तेमाल करना शुरू किया था ! इस पिस्टल को कुछ देशो में निर्यात भी किया गया !आज कल बहुत कम संख्या में या कहे तो न के बराबर इसका निर्माण होता है !

Beretta 93 R
Beretta 93 R

यह पिस्टल शोर्ट रेकोइल के सिद्धांत पे कार्य करता है ! इसका बैरल थोडा भारी होता है पहले के बेरेटा के तुलना में !पहले के जो बेरेटा पिस्टल जो की दुसरे सीरीज के थे उनसब में पोर्टेड बैरल  जो की मजल कलाईम को आटोमेटिक फायर के दौरान निकलने वाली गैस के मदद से कम कर देता था !इस में 9 x 19 mm परबेल्लुम(Parabellum ammunition)अमुनिसन का इस्तेमाल किया जाता है ! इसमें 3-राउंड ब्रस्ट फायरिंग कैपेसिटी के कारन अपने पहले के सभी वर्शन से ज्यादा कारगर हथियार यह बन गया था उस समय के दौरान ! यह क्लोज क्वार्टर बाटल (CQB) के लिए बहुत ही अच्छा हथियार था और सभी हथियारों के बनस्पत ! 

बेरेटा 93 R पिस्टल को आटोमेटिक पिस्टल तो बोलते है लेकिंग इस पिस्टल में एक आटोमेटिक पिस्टल का सभी गुण नहीं था ! क्यों की इसके डिज़ाइनर ने जानबूझ कर लिमिटेड रेट ऑफ़ फायर जो की 33 राउंड ब्रस्ट और सिग्नले शोर्ट का ही प्रोविजन दिया गया था जो की इसके पहले वर्शन जिसमे एक सिग्नले शोर्ट था उससे से तो एडवांस था लेकिंग फायर भी एक आटोमेटिक पिस्टल के सभी गुण नहीं थे !

बेरेटा 93 R को एक्सटेंडेड डबल स्टैक मगज़ीन से भरा जाता है और इसकी मगज़ीन की कुल कैपेसिटी २० राउंड्स की होती है इस में बरता 92 का मगज़ीन जो की 15 राउंड कैपेसिटी का होता था उसका भी इस्तेमाल किया जा सकता है !

इस पिस्टल में सिंपल आयरन साईट होता है इसका साईटिंग रेंज 50 मीटर तथा इफेक्टिव रेंज ऑफ़ फायर भी 50 मीटर होता है !

इस पिस्टल का साइज़ कॉम्पैक्ट है और बरता 92 से थोडा बड़ा है ! इसमें फोल्डिंग फॉरवर्ड ग्रिप जो की मेटल शौदर स्टॉक फिटिंग के साथ होता है !इस पिस्टल का फॉरवर्ड ग्रिप था फिटिंग मेटल शोल्डर स्टॉक आटोमेटिक फायर के दौर पिस्टल के ऊपर कण्ट्रोल बनाये रखने में मदद करता है  जिसके कारन लम्बी दुरी पर दुरुस्त निशान लगाना असना  हो जाता है !

बेसिक डाटा बेरेटा 93 R(Basic Data Beretta-93R automatic Pistol)

इसके साथ ही बेरेटा 93 R आटोमेटिक पिस्टल से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल

25 सितंबर 2021

फर्स्ट ऐड फायर फाइटिंग एप्लायंस | First Aid Fire Fighting Extinguisher and Extinguishing Agents

 पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने आग बुझाने का तरीका के बारे में जनकारी प्राप्त की और अब इस ब्लॉग पोस्ट में हम फर्स्ट ऐड फायर फाइटिंग एप्लायंस (First Aid Fire Fighting Extinguisher)और आग बुझाने वाले तत्व के बारे में जनकारी प्राप्त करेंगे !

सभी तरह के फायर अगर सुरुवात में ही बुझाने की कोशिस किया जाय तो ओ बहुत ही आसानी से बुझ सकता है ! इसी को प्राप्त करने के लिए फर्स्ट ऐड एप्लायंस को लगाया जाता है की उस बिल्डिंग, इस्टैब्लिशमेंटऔर शिप यदि में तैनात लोगो को वह पर लगने वाले आग को बहुत ही शुरुवात में ही सभी तरह के आग को बुझा सके !

फर्स्ट ऐड फायर फाइटिंग एप्लायंस का प्रकार उस बिल्डिंग , इस्टैब्लिशमेंट और शिप में लगने वाले आग के खतरा को ध्यान में रखा जाता है ! और इन फर्स्ट ऐड फायर फाइटिंग एप्लायंस की सुचारू काम करते रहने के लिए जरुरी समय समय पर चेक करते रहना चाहिए और अपग्रेड करते रहना चाहिए खतरे को ध्यान में रखते हुए ! और इन फर्स्ट ऐड फायर फाइटिंग के बारे में सभी को जानकारी रखनी चाहिए ताकि कौन से एप्लायंस किस प्रकार के फायर में इस्तेमाल किया जाता है उसकी सही जानकारी हो ताकि जरुरत पड़ने पर सभी उसे इस्तेमाल कर सकते और समय रखते हु ही किसी भी प्रकार के फायर को सुरु के स्तिथि में ही बुझाया जा सके !

निम्नलिखित कुछ फर्स्ट ऐड फायर फाइटिंग एप्लायंसेज है :

  • बाल्टी (Fire Bucket):यह स्टील या लोहे के बना हुवा बाल्टी होता है जो की लाल रंग के पेंट से पेंट किया हुवा रहता है और उसके ऊपर जो सफ़ेद रंग से "FIRE" लिखा हुवा होता है जिसमे या तो पानी या रेत(Sand) रखा हुवा होता है जिसका इस्तेमाल सामान्य तरह के आग को बुझाने में किया जाता है !
  • 9 लीटर AFFF फायर एक्सटिनगुइशर(9 Liter AFFF Fire Extinguisher): यह मैकेनिकल फोम फायर एक्सटिनगुइशर है जिसे अमेरिकन बैज्ञानिको ने इजाद किया था जिसका फुल्फोर्म होता है 9 लीटर एक्वस फ़िल्म फोर्मिंग फोम (Aqueous Film Forming Foam) इसका इस्तेमाल सामान्य फायर तथा आयल फायर के खिलाफ किया जाता है ! 
  • कार्बन डाई ऑक्साइड फायर एक्सटिनगुइशर(CO2  Fire Extinguisher):यह एक बहुत ही प्रभावी रंगहीन गंधहीन गैस है जो साधारण तापमान पर इसे दबाव के साथ लिक्विड के रूप में रखा जा सकता है ! इस एक्सटिनगुइशर में 2/3 liquid फॉर्म में तथा 1/3 गैस के फॉर्म में भरा रहता है !इसका सिलिंडर जो की स्टील एलाय  का बना रहता है जो 3360 lbl/PSI  पे टेस्टेड होता है इसके अन्दर गैस 744 PSI पे भरा जाता है तथा इसका होज़ 2000 lbl/PSI! इस   एक्सटिनगुइशर का इस्तेमाल इलेक्ट्रिकल फायर के खिलाफ किया जाता है !

  • ड्राई केमिकल पाउडर (DCP type fire Extinguisher): यह एक्सटिनगुइशर का इस्तेमाल जब हम करते है तो आग के चैन रिएक्शन को बहुत ही तीब्र गति से तोड़ता है ! मुख्यतः यह दो समूहों में होता है मेटल फायर के लिए और दुसरे फायर के लिए ! DCP  आग के चैन रिएक्शन को ऑक्सीजन और हाइड्रोकार्बन के रूप में तोड़ देता है जिससे आग बहुत जल्दी बुझ जाती है!
  • झाड़ू या आयरन नेट जिससे झाडियो या घास यदि में आग लगी हो तो उसे बुझाने के काम में लिया जाता है ! 
इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल


19 सितंबर 2021

आग कैसे बुझाने का तरीका | Fire Extinguisher |

हमने अपने पिछले ब्लॉग पोस्ट में आग कैसे फैलता है उसके बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस नए पोस्ट में हम जानेगे की आग कैसे बुझता है यानि आग को बुझाने का क्या सिद्धांत है(Method of fire Extinguishing) !

जैसे की हम जानते है  आग को फैलने का तीन तरीके है कंडक्टसन, कोन्वेकसन और रेडिएशन होता है और इन्ही तीन तरीको से आग एक जगह से दुसरे जगह फैलती है ! उसी प्उरकार से हम ए भी जानते है की आग लगने के लिए तीन चीजो का होनाबहुत जरुरी है और उनके आभाव में आग कभी भी लग नहीं सकता है और वह चीजे है ताप,(Heat)हवा (Oxygen),ज्वलनशील बस्तु (burning material) और इनमे से किसी भी एक चीज को हटा दे तो आग बुझ जाएगी !इसी को ध्यान में रखकर आग को बुझाने के भी तीन तरीके है जो की निम्न प्रकार है :

आग भुझाने के तरीके 

1. स्टारवेसन (Starvation):स्टारवेसन  का अर्ताथ  है भूखा रखना और इसके अर्थ के अनुसार ही हम जब आग को भुझाने के लिए उसके आस पाश के ज्वलनशील पदार्थ को हटा देते है तो आग आपने आप कुछ समय के बाद बुझ जाता है है यानि जलने की कोई बस्तु नहीं मिलती है और आग बुझ जाता है ! यानि की आग को लगने या जरी रहने के इए जो ऊपर बताये गए तीन चीजे है उसमे से हम जब ज्वलनशील पदार्थ को हटा देते है तो उस विधि को स्टारवेसन की विधि से आग बुझाना बोलते है ! इस विधि में :

  • ज्वलनशील बस्तु को आग के नजदीक से हटा देते है  या 
  • ज्वलनशील बस्तु को छोटे छोटे टुकड़े कर देते है जिससे के आग को बुझाने में आसानी हो जाये !
2. स्मूथरिंग(Smothering): इसी विधि में हम आग से ऑक्सीजन की सप्लाई यानि की हवा को कट उप कर देते है यानी की आग के लिए जो तीन चीजे चाहिए उनमे से  हम एक चीज हवा को हटा देते है  जिससे आग बुझ जाती है इसी विधि को ज्यादर छोटे अगर के आग को बुझाने के लिए करते है जैसे की कैंडल को बुझाना और बड़े स्केल के आग जहा स्मूथरिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती है वह है तेल के कुवो(Oil Well) में लगी हुई आग को उसके कुवे (Oil Well) के ऊपर कैपिंग कर के बंद कर दिया जाता है जिससे उसके अन्दर ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो जाती है और आग बुझ जाता है !

3.कुलिंग (Cooling): यह विधि आग बुझाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती है और आदि काल से होते आ रही है तथा आग बुझाने का सबसे सस्ता तरीका है !कुलिंग विधि में हम आग से ताप (Heat) को हटाते है और आग बुझ जाती है यह सबसे ज्यादा इस्तेमाल में लायी जाने वाली विधि है !

आप जहा कही भी किसी भी तरह  के आग को बुझाते हुवे देखते है जिसमे की फायरमैंन तरह तरह के इक्विपमेंट और ड्रेस पहन कर ड्रिल करते हुवे आग बुझाते है लेकिंन ओ जो भी करवाई कर रहे होंगे लेकिंग उनकी सारी करवाई काग बुझाने के लिए ऊपर बताये हुए तीन तरीको को ही अपना कर कर रहे होते है !
इस प्रकार से यहाँ आग बुझाने के तरीके से सम्बंधित  यह ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह ब्लॉग पोस्ट आपलोगों को पसंद आएगा ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे! 
इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल


05 सितंबर 2021

आग फैलने के कितने तरीके होते है| आग फैलने के कौन कौन से तरीके होते है ?

पिछले ब्लॉग पोस्ट में फायर ट्रायंगल(Fire triangle) तथा फायर टेट्राहेड्रों यदि के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया और अब इस ब्लॉग पोस्ट में हम फायर कैसे फैलता है(Method of Spread of fire)  उसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !

जैसे पानी उचाई से निचे की तरफ बहता  है वैसे ही फायर या आग  भी हाई टेम्परेचर से लो टेम्परेचर  की ओर जाता है या फैलता( Spread of fire) है !आग को फैलने (Method of Spread of fire) की तीन तरीके होते है जो की निम्न है :

Transmission of Heat

1. कंडक्टसन(Conduction):यह तरीके से आग ठोस(Solid), दर्व्य(Liquid) , और गैस(Gas) तीनो  प्रकार के  बस्तुओ में फैलती है !लेकिन इस तरीके से आग ज्यादातर ठोस बस्तुओ में फैलती है ! कंडक्टसन मेथड में  जब किसी बस्तु का कोई सिरा आग के करीब आता है तो उस सिरे के मोल्कुल में कम्पन(Vibrate) पैदा होती है और ओ मोल्कुल अपने पास वाले मोल्कुल से टकराते है और उर्जा को एक छोर से दुसरे छोर  पर फ़ैल जाती है !गर्मी का सबसे अच्छा कंडक्टर सिल्वर होता है ! नॉन मेटलिक बस्तु बैड कंडक्टर(Bad Conductor) होते है और मरकरी को छोड़ लिक्विड(liquid) और  गैस(Gas) तो वैरी बैड कंडक्टर (Very Bad Conductor) होता है !

इसे भी पढ़े : फायर फाइटिंग से सम्बंधित कुछ शोर्ट वर्ड और उनके लॉन्ग फॉर्म

2. कोन्वेकसन(Convection ):इस मेथड से आग केवल दर्व्य (liquid) और गैस (gas) में ही फैलती है !जब दर्व्य या गैस गर्म होते है तो ओ फैलते है और उनका घनत्व कम हो जाता है और जो भाग ठंढा रहता है उसका घनत्व ज्यादा रहता है इस प्रकार से ज्यादा धनत्व यानि ठंढा भाग निचे और गर्म भाग ऊपर निचे होते रहते है और ताप  या आग एक किनारे से दुसरे किनार तक  फ़ैल जाती है यह प्रक्रिया तब तक जलती है जब तक की सभी जगह का तापमान एक जैसा न हो जाए ! इसी प्रकार की प्रक्रिया गैस में भी होता है !इसी प्रक्रिया के अन्दर अक्सर देखा जाता है की जब मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में आग लगता है तो ग्राउंड फ्लोर की आगे की लपटे सीढी या लिफ्ट के रास्ते निचे से ऊपर की तरफ फ़ैल जाता है !उस फैलने की मुख्य कारण कोन्वेकसन ही होता है !

इसे भी पढ़े :फायर फाइटिंग के टेक्निकल टर्म्स फ़्लैश पॉइंट और फायर पॉइंट

3. रेडिएशन(Radiation) :ताप को एक जगह से दुसरे जगह फैलने के लिए किसी भी माध्यम की जरुरत नहीं पड़ती है जब की  कंडक्टसन और कोन्वेकसन में आग को फैलने के लिए मध्य की जरुरत पड़ती है ! इस मेथड में सूरज की ताप सूरज की किरणों जो की खाली आकास से होते हुए भी सूरज का ताप एक जगह से दुसरे जगह फैला देती है इस विधि को  रेडिएशन कहते है ! इसका सबसे अच्छा उदहारण मगनीफाई ग्लास से जब सूरज की किरने किसी बस्तु पर एकत्री हो कर पड़ती है तो वह आग लग जाती है  या आग के नजदीक जाने पर जो गर्मी महसूस होती है वह भी रेडिएशन के कारन से ही होता है 

इस प्रकार से यहाँ आग के एक जगह से दुसरे जगह कैसे फैलती है और आग के फैलने की विधि के बारे में यह ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह ब्लॉग पोस्ट आपलोगों को पसंद आएगा ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे! 

इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल

आग फैलने के कितने तरीके होते है| आग फैलने के कौन कौन से तरीके होते है ?

पिछले ब्लॉग पोस्ट में फायर ट्रायंगल(Fire triangle) तथा फायर टेट्राहेड्रों यदि के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया और अब इस ब्लॉग पोस्ट में हम फायर कैसे फैलता है(Method of Spread of fire)  उसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !

जैसे पानी उचाई से निचे की तरफ बहता  है वैसे ही फायर या आग  भी हाई टेम्परेचर से लो टेम्परेचर  की ओर जाता है या फैलता( Spread of fire) है !आग को फैलने (Method of Spread of fire) की तीन तरीके होते है जो की निम्न है :

Transmission of Heat

1. कंडक्टसन(Conduction):यह तरीके से आग ठोस(Solid), दर्व्य(Liquid) , और गैस(Gas) तीनो  प्रकार के  बस्तुओ में फैलती है !लेकिन इस तरीके से आग ज्यादातर ठोस बस्तुओ में फैलती है ! कंडक्टसन मेथड में  जब किसी बस्तु का कोई सिरा आग के करीब आता है तो उस सिरे के मोल्कुल में कम्पन(Vibrate) पैदा होती है और ओ मोल्कुल अपने पास वाले मोल्कुल से टकराते है और उर्जा को एक छोर से दुसरे छोर  पर फ़ैल जाती है !गर्मी का सबसे अच्छा कंडक्टर सिल्वर होता है ! नॉन मेटलिक बस्तु बैड कंडक्टर(Bad Conductor) होते है और मरकरी को छोड़ लिक्विड(liquid) और  गैस(Gas) तो वैरी बैड कंडक्टर (Very Bad Conductor) होता है !

इसे भी पढ़े : फायर फाइटिंग से सम्बंधित कुछ शोर्ट वर्ड और उनके लॉन्ग फॉर्म

2. कोन्वेकसन(Convection ):इस मेथड से आग केवल दर्व्य (liquid) और गैस (gas) में ही फैलती है !जब दर्व्य या गैस गर्म होते है तो ओ फैलते है और उनका घनत्व कम हो जाता है और जो भाग ठंढा रहता है उसका घनत्व ज्यादा रहता है इस प्रकार से ज्यादा धनत्व यानि ठंढा भाग निचे और गर्म भाग ऊपर निचे होते रहते है और ताप  या आग एक किनारे से दुसरे किनार तक  फ़ैल जाती है यह प्रक्रिया तब तक जलती है जब तक की सभी जगह का तापमान एक जैसा न हो जाए ! इसी प्रकार की प्रक्रिया गैस में भी होता है !इसी प्रक्रिया के अन्दर अक्सर देखा जाता है की जब मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में आग लगता है तो ग्राउंड फ्लोर की आगे की लपटे सीढी या लिफ्ट के रास्ते निचे से ऊपर की तरफ फ़ैल जाता है !उस फैलने की मुख्य कारण कोन्वेकसन ही होता है !

इसे भी पढ़े :फायर फाइटिंग के टेक्निकल टर्म्स फ़्लैश पॉइंट और फायर पॉइंट

3. रेडिएशन(Radiation) :ताप को एक जगह से दुसरे जगह फैलने के लिए किसी भी माध्यम की जरुरत नहीं पड़ती है जब की  कंडक्टसन और कोन्वेकसन में आग को फैलने के लिए मध्य की जरुरत पड़ती है ! इस मेथड में सूरज की ताप सूरज की किरणों जो की खाली आकास से होते हुए भी सूरज का ताप एक जगह से दुसरे जगह फैला देती है इस विधि को  रेडिएशन कहते है ! इसका सबसे अच्छा उदहारण मगनीफाई ग्लास से जब सूरज की किरने किसी बस्तु पर एकत्री हो कर पड़ती है तो वह आग लग जाती है  या आग के नजदीक जाने पर जो गर्मी महसूस होती है वह भी रेडिएशन के कारन से ही होता है 

इस प्रकार से यहाँ आग के एक जगह से दुसरे जगह कैसे फैलती है और आग के फैलने की विधि के बारे में यह ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह ब्लॉग पोस्ट आपलोगों को पसंद आएगा ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे! 

इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल

01 सितंबर 2021

आग | फायर ट्रायंगल | फायर टेट्राहेड्रोंन | क्लासिफिकेशन ऑफ़ फायर

 फायर फाइटिंग के पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने फायर फाइटिंग से सम्बंधित की शोर्ट वर्ड के बारे में जानकारी प्राप्त किये और इस फायर फाइटिंग के नई पोस्ट में हम फायर क्या होता है(What is fire triangle?) और त्रिकोण क्या होता है और क्लासिफिकेशन ऑफ़ फायर(Classification of fire) के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !

इसे भी पढ़ेफायर फाइटिंग से सम्बंधित कुछ शोर्ट वर्ड और उनके लॉन्ग फॉर्म

फायर फाइटिंग से रिलेटेड इस  शब्दों को अच्छी तरह से जानने के लिए हमने इन्हें पॉइंट वाइज एक तरतीब से लिखा है जिन्हें पढने के आब आप अच्छी  तरह से इन सभी का मतलब समझ जायेंगे !

1. फायर ट्रायंगल (Fire Triangle): 

Fire Triangle
आग इधन और हवा के बीच ताप के उपस्थिति में होने वाला एक रासायनिक प्रक्रिया है और इन तीनो के बिना आग संभव नहीं है  आग के इन तीनो तत्वों को एक त्रिभुज के आकर में दिखाया जाता है इसलिए इसे फायर ट्रायंगल कहते है !(Fire is a chemical reaction between a fuel and oxygen in presence of heat.)




2. आग का मिरामिंड(Fire Tetrahedron(pyramid): 


कितने सालो तक हमने यही मान कर चल रहे थे की आग लगने के लिए तीन चीजो की जरुरत होती जैसे ताप, ज्वलनशील बस्तु,और ऑक्सीजन जिन्हें हम आग के ट्रायंगल (Fire Triangle)के द्वारा दर्शाते है लेकिन बाद में आगे चाल के आग्निशामन के जो वैज्ञानिक थे उन्होंने  यह पाया की आग लगने के लिए तीन चीजो के आलावा चौथा चीज भी है जिसके बिना आग नहीं नहीं लग सकती  है वह है चेन रिएक्शन और इस चेन रिएक्शन को दर्शाने  के लिए जो शेप बना ओ पिरामिड के आकर का है  इसलिए उसे पिरामिड (tetrahedron) कहा गया !

3. आग का अवस्था  (Stage of Fire): सामान्यतः आग की तीन अवस्था होती है हम प्राम्भिक अवस्था  (incipient stage), सुलगने वाली अवस्था (smouldering stage) और  लौ बनाने का अवस्था (Flame Stage).
  • प्राम्भिक अवस्था  (incipieent stage): यह वह अवस्था होती है जब आग लगने से पहले की उस्म मिलती है और धीरे धीरे एरिया में उबाल आने लगता है और तापीय उप्घटन!
The incipient stage is a areawhere earlyheating, distillation and slow pyrolysis are in progress. Sub-micron and gas particles are generated and moved away from the origin placeby diffusion, air movement, and weak convection movement, produced by the buoyancy of the products of pyrolysis.
  • सुलगने वाली अवस्था (smouldering stage): यह वह अवस्था है जब आग  पूरी तरह बना कर इग्निशन शुरू करती है जो की दहन का पहली स्थिति  और जिसमे दिखाई नहीं देने वाले एयरोसोल और धुवा पैदा होती है और  आजू बाजु मूव करना शुरू करती है !      
The smouldering stage is a region of fully developed pyrolysis that begins with ignition and includes the initial stage of combustion. Invisible aerosol and visible smoke particles are generated and transported away from the source by moderate convection patterns and background air movement.

  •  लौ बनाने का अवस्था (Flame Stage).:यह वह अवस्था होती है जिसमे त्वरित रिएक्शन जिसमे प्राम्भिक लौ को पैदा होता तथा आग का अपना पूर्ण स्वरुप हासिल करना सामिल होता है और आग एक जगह से दुसरे जगह रेडिएशन,और कन्वेंकशन के द्वारा बढ़ने लगती है !

The flaming stage is a region of rapid reaction that covers the period of initial occurrence of flame to a fully developed fire. Heat transfer from the fire occurs predominantly from radiation and convection from the flame.

इसे भी पढ़े : आग से ससंबंधित टेक्निकल टर्म्स और उसके परिभाषा

 4. आग का वर्गीकरण (Classification of Fire): ज्वलनशील पदार्थो को ध्यान में रखते हुए आग को पांच बर्ग में बंटा गया है जिसे क्लासिफिकेशन ऑफ़ फायर कहते है जो की निम्न प्रकार से है :

  • क्लास A फायर :: इस केटेगरी में ठोस जलने वाले बस्तु जैसे लकड़ी , पेपर, रबर , प्लास्टिक आदि के आग आते है जिनको बुझाने के लिए पानी का इस्तेमाल किया जाता है !
  • क्लास B फायर :इस केटेगरी में ज्वलनशील दर्व्य या ताप से दरी बन जाने वाले पदार्थ की  आगे आती है जैसे, तेल , लुब्रिकेंट यदि के आग इनको बुझाने के लिए कम्बल या किसी चीज से ढकने से आग बुझ जाती है !
  • क्लास C फायर : इस केटेगरी में ज्वलनशील गैस के आग आते है !इस प्रकार की आग को बुझाने के लिए पाउडर टाइप अग्निशामक का प्रयोग किया जाता है !
  • क्लास D फायर : इस केटेगरी में मेटल में लगने वाले आग आते है जैसे मग्नेशियम,जिंक, सोडियम यदि के आग !
  • क्लास E फायर : इस केटेगरी में इलेक्ट्रिक के आग आते है जिसे बुझाने के लिए कार्बन डाइऑक्साइड का इस्तेमाल किया जाता है !

For all practical purpose , the basic types of fire can be grouped in 5 classes:

Class A fire: fire involving solid combustible materials of organic nature such as wood, paper, plastic, rubber etc where cooling effect of water is essential for extinction of fire.

Class B Fire:  Fire involving flammable liquids or liquifiable solids or the like where blanketing effect is essential.

Class C Fire: Fires involving flammable gasses under pressure including liquefied gasses where it is neccesary to inhibit the burning gas at fast rate with an inert gas, powder or vaporising liquid for extingushment.

Class D Fire : Fires involving combustible metal such as megnasium, aluminium, zinc, sodium, potassium etc when burning metal are reactive to water.

Class E Fire : Fires involving due to electricity where carbon dioxide is effective for extigushment. 

आग जो की किसी बहरी लौ, स्पार्क या गर्मी के करना लगता है और वह बहरी इग्निशन इधन को इतना गर्म कर देते है की ऑक्सीजन की उपस्थिति में मॉलिक्यूलर एक्टिविटीज तेज हो जाती है  और सहिताप मिलते ही जलने लगती है और एक बार जलना शुरू होहो जाता फिर उसे बहरी इग्निशन की जरुरत नहीं रहती है आग वह तब तक जलेगी जब तक की उसे बुझने का कोई कारण उत्पन्न  न होजये !

इस प्रकार से यहाँ फायर ट्रायंगल , और क्लासिफिकेशन ऑफ़ फायर से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह ब्लॉग पोस्ट आपलोगों को पसंद आएगा ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे! 

इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  9. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  10. खुली लाइन और निकट लाइन चल

Add