31 जुलाई 2022

7.62 mm लाइट मशीन गन को खोलना जोड़ना और सफाई के IWT सरल भाषा में

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने 7.62 mm लाइट मशीन गन के बेसिक डाटा  आदि के बारे जानकारी प्राप्त की  और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस  लेसन में हम 7.62 mm एल एम् जी  को खोलना जोड़ना और सफाई करना  के  IWT सरल भाषा    में जानेगे(7.62 mm Light Machine Gun ka kholna jodna aur Safai ka IWT ek saral bhasha me ) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

7.62 x 51 mm Light Machine Gun
7.62 x 51 mm Light Machine Gun

1. शुरू-शुरू का काम :-

  • (क) क्लास की गिनती और ग्रुपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्रवाई 
2. दोहराई- दोहराई पिछले पाठ से (एलएम.जी की विशेषताओं से किया जाय) 
3. पहुँच - एल.एम.जी. एक बहुत सादा और आसान हथियार है। यह गैस और रिटर्निग स्प्रिंग की ताकत से काम करता है । इससे सिंगल राउण्ड एवं बस्ट फायर करते हैं. इसका कारगर रेंज बायपॉट पर 500 गज तथा ट्रायपॉट पर 1000 गज है । हवाई जहाज के खिलाफ इसका रेंज 2000 फीट तक है। इसकी अच्छी देखभाल के लिए समय-समय पर इसकी साफ-सफाई की जाय ।
4. उदेश्य-एलएम.जी. से वाकिफियत, खोलना, सफाई और जोड़ना सिखाना है।
5. सामान - एल.एम.जी. मैगजीन, होल्डल, स्पेयर पार्ट बैटेल, युटिलिटी पाउच, ड्रील काट्रिज।
6. भागों में बाँट -
  • भाग 1- एल.एम.जी. को खोलना और जोड़ना ।
  • भाग 2- सफाई करने का तरीका ।
भाग 1-
एल.एम.जी. को खोलना और जोड़ना

एल.एम.जी. को खोलना और जोड़ना:- एल.एमजी. की सफाई करने के लिए इसे खोलने की जरूरत पड़ती है। खोलते समय यह ध्यान रखा जाय कि छोटे पूर्जे गिर न पायें और पुजों को खोलकर तरतीबबार साफ करके साफ जगह पर रखा जाय, ताकि जोड़ते समय आसानी हो ।
एल.एम.जी. पाँच बड़े भागों में खुलती है :
  1. पिस्टन ग्रुप का खोलना (अनुदेशक बयान के साथ नमूना द)- यकीन कर लेना चाहिए कि पुर्जे आगेहैं और मैगजीन ओपनिंग कवर को खोलें । बॉडी लॉकिंग पिन को किसी नुकीली चीज या अंगूठे की मदद से बायें से दाहिने पूरा बाहर निकालें । बट को इतना पीछे करें कि रिटर्न स्प्रिंग रॉड पूरा बॉडी से बाहर निकल जाय । रिटर्न विंग रॉड को बायें या दायें करते हुए कॉकिंग हेण्डल को झटके से पीछे खीचें और वापस आगे कर दें। यदि इस तरह से पिस्टन पीछे नहीं आता है. तो इजेक्शन स्लॉट से बायें हाथ की अँगुली से पीछे करें । दाहिने हाथ से पिस्टन और बीज ब्लॉक को बाहर निकालें और बीज ब्लॉक को पिस्टन से अलग करें।            पिस्टन ग्रुप का जोड़ना:-  यकीन करें कि बीज ब्लॉक के छोटे पुर्जे ठीक जुड़े हैं और बीज ब्लॉक तथा पिस्टन के आर्सनल नम्बर मिलायें । यकीन करें की बॉडी लॉकिंग पिन पूरा बाहर है। स्टिन खिंग रॉड को एक तरफ करते हुए पिस्टन ग्रुप को बॉडी में दाखिल करें तथा यकीन करें कि बीज ब्लॉक पिस्टन पर पूरी तरह बैठ गया है । पिस्टन ग्रुप को बॉडी के अंदर करके आगे ढकेलें. बॉडी लॉकिंग पिन को लगाएँ.एल.एम.जी. को कॉक करें चेन्ज लीवर का पोजीशन 'ए या 'आर' पर करें ट्रिगर दबाएँ. यकीन करे कि । पिस्टन ग्रुप अच्छी तरह जुड़ गया है। ट्रिगर को दबाकर रखते हुए चेन्ज लीवर को एस से 'ए या 'आर' पर नहीं किया जाय । ऐसा करने से एल.एम.जी. फायर नहीं करेगी।
  2. वैरल ग्रुप को खोलना - एलएमजी. को दाहिनी तरफ टर्न करें कैरिंग हैंडल को ऊपर उठाएँ औरबैरल नट कैच को जितना हो सके उतना उठाएँ। हैंडल कैरिंग की मदद से बैरल को बॉडी से आगे तरफ करते हुए अलग करें। इस कार्रवाई में ध्यान रहे कि बीज लॉक और बैरल का पिछला सिरा डैमेजन हो पाय । गैस रेगुलेटर के चार पोजीशन हैं. प्रत्येक के लिए बायीं तरफ निशान बना है, जिसमें सबसे छोटा1 नबर तथा सबसे बड़ा 4 नम्बर है। इसी प्रकार का निशान गैस ब्लॉक के ऊपर बना है। हमे जिस नम्बर पर एल.एम.जी. को रखना है उसके निशान को गैस ब्लॉक के निशान की सीध में रखते है। आम तौर पर नम्बर दो पर रखा जाता है । गैस रेगुलेटर को खोलने के लिए रिटर्निग पिन को हाउसिंग के सीध में रखते हुए रेगुलेटर को बाहर की ओर निकालें. जिसके लिए कम्बीनेशन टूल का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे कि निकालते समय रेगुलेटर नीचे न गिरे! जोड़ना- जोड़ने के लिए खोलने के विपरीत कर्रवाई करें । रेगुलेटर को गैस ब्लॉक में दाखिल करें, रिटर्निग पिन को हाउसिंग की सीध में करें और कम्बीनेशन टूल की मदद से रेगुलेटर को नम्बर 2 पर रखें। यकीन करें कि मैगजीन का ओपनिंग कवर बंद है। बैरल नट कैच को पूरा ऊपर रखते हुए बैरल को बॉडी में दाखिल करें । बैरल नट कैच को लगाएँ, यकीन करें कि ठीक तरह से बंद हो गया है । कैरिंग हैंडल नीचे कर दे !
  3. बट ग्रुप को खोलना :- एल.एमजी. को सीधा करें, यकीन करें कि बॉडी लॉकिंग पिन खुला है। बायें हाथ से बॉडी को पकड़े और दाहिने हाथ से पिस्टन ग्रिप को पकड़हुए गाइडरब के अगलसिर स इतना पीछे करें कि बॉडी से अलग हो जाय । बट ग्रुप को जोड़ना-बायें हाथ से बॉडी को पकड़ें और दाहिने हाथ से पिस्टन शिप को पकड़ते हुएगाइड रिख के अगले सिरे को बॉडी के रेसेस में रखते हुए आगे जाने दें।
  4. बॉडी और बायपॉट गुप को खोलना:-बायें हाथ से बायपॉट और दाहिने हाथ से बॉडी को पकड़ें।बॉडी को बायीं तरफ घुमाएँ और बायपॉट स्लीब से बाहर निकालें ।                                                              जोड़ना:- जोड़ने के लिए खोलने के विपरीत कार्रवाई करें। इस प्रकार एलएमजी. पाँच बड़े भागों में खुलती है -
    • (क) पिस्टन गुप 
    • (ख) बैरल ग्रुप 
    • (ग) बट गुप 
    • (घ) बॉडी ग्रुप और 
    • (ड) बायपॉट युप । 
खोलने-जोड़ने के क्रम में हिस्सा-पूजा का नाम और काम बताया जाय।
भाग 2-
सफाई करना

हर एक एलएमजी. के साथ एक हॉलडाल होता है. जिसमें निम्नलिखित सामान होते है
  • (a) अंदर - सेयर बैरल और सिलेण्डर क्लीनिंग रॉड ।
  • (b) बाहर - स्पेयर बीच ब्लॉक, मोप दुश, वायर बुश. डबल पुलधू और टूल रिभूबिंग की।
  • (c) ऊपर :- वायल बोतल और ग्रेफाइड ग्रिस ट्यूब ।
  • (d) बीच में:- पूरा स्पेयर पार्ट्स बायेलेट ।
  • (e) नीचे - लो कोल्ड टेस्ट ऑयल की बोतल ।
सफाई (नमूना बयान के साथ):- हथियार को हमेशा ठीक हालत में रखने के लिए समय-समय पर इसकी सफाई की जाय । सफाई करने का तरीका इस प्रकार है :-
  • (क) सिंगल पुलभूमे 10x5 से0मी0 की चिन्दी लगाकर दोनो बैरलों को साफ करें ।
  • (ख) सिलेण्डर की सफाई करने के लिए क्लीनिंग रॉड और मोप ब्रश की मदद से सिलेण्डर को साफ करें।
  • (ग) सफाई हो जाने के बाद बैरल 10x3.75 से0मी0 और सिलेण्डर में 10x10 से०मी० चिन्दी पर तेल लगाकर पुलथू की मदद से तेल लगाएँ।
  • (घ) एल.एमजी. को जोड़ दें। कॉक करके यकीन करें कि सभी पूर्जे ठीक काम कर रहे हैं । ट्रिगर को प्रेस करें और मैगजीन ओपनिंग कवर और इजेक्शन ओपनिंग कवर को बंद करें।
अभ्यास - क्लास से एल.एम.जी. को खोलना-जोड़ना और सफाई करने का अभ्यास कराया जाय ।
इसके साथ ही 7.62 mm एल एम् जी को खोलना, जोड़ना तथा सफाई करने से सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !
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इसे भी  पढ़े
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है!
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते  
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट 
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते ! 
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवा


29 जुलाई 2022

5.56 mm इंसास राइफल ट्रिगर मैकेनिज्म का IWT सरल भाषा में

 पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने इंसास राइफल के चाल और फायर करना  आदि के बारे जानकारी प्राप्त की  और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के छठे   लेसन में हम 5. 56 राइफल के थ्री राउंड  ट्रिगर मैकेनिज्म  के  IWT सरल भाषा    में जानेगे(5.56 mm INSAS Rifle ke Three Round Brust TRB  trigger mechanism ke Integrated Weapon Training Module saral bhasha me  IWT) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

1. शुरू-शुरू का काम:-

  • (क) क्लास की गिनती और ग्रुपों में बॉट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्यवाही

2. दोहराई : दोहराई पिछले पाठ से (चाल और रोकों से ले)

3. पहुँच - इन्सास राइफल की बनावट में चंद आधुनिक तब्दीलियों की गई हैं, जिससे इस राइफल की

एक्यूरेसी बढ़ जाती है. इसलिए यह निहायत जरूरी है कि आप सभी इस राइफल के ट्रिगर मैकेनिज्म

के बारे में जानकारी रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें।

4. उद्देश्य-5.5 एमएम. राइफल के ट्रिगर मैकेनिज्म के बारे में जानकारी देना है ।

5. सामान-राइफल, मैगजीन, स्काइव, इजल, ब्लैकबोर्ड, चौक डस्टर, ट्रिगर मैकेनिज्म का चार्ट और

ग्राउण्डशीट।

6. भागों में बॉट:-

  • भाग 1-ट्रिगर मैकेनिज्म

  • भाग 2-टी०आर०बी० मैकेनिज्म

भाग 1

ट्रिगर मैकेनिज्म

ट्रिगर मैकेनिज्म :- ट्रिगर की चाल में आनेवाले हिस्से पुर्जे इस प्रकार हैं ।

  • a) सेफ्टी सियर असेम्बली - सेफ्टी सियर, स्प्रिंग सेफ्टी सियर, पिन सेफ्टी सियर, हैमर,सिंग हैमर, पॉल हैमर, सिंग पॉल हैमर, पिन एक्सीस हैमर,ट्रिगर, सियर, स्प्रिंग सियर। 
  • (b) हैमर असेम्बली - हैमर रीसेस फॉर सेफ्टी सियर, प्लेटफार्म, हैमर रिटर्न स्प्रिंग। 
  • (c) ट्रिगर असेम्बली - ट्रिगर सियर, क्लों, टेल। 
  • (d) व्हील असेम्बली- स्प्रिंग हैमर, पॉल हैमर, सिंग पॉल हैमर, स्लेक्टर प्लेट। 
  • (e) चेंज लीवर असेम्बली - चेंज लीवर, स्टेम, रिसेस फॉर स्लेक्टर प्लेट, लग । 

भाग 2 
टी०आर०बी० मैकेनिज्म

टी०आर०बी० मैकेनिज्म - टी०आर०बी० असेम्बली के हिस्से-पूर्जे इस प्रकार हैं:

  • (a) बॉक्स 
  • (b) एक्सिस पिन 
  • (c) प्लेट स्लेक्टर 
  • (d) रिचट व्हील 
  • (e) रिचेट प्लेट (ट्रिपिंग प्लेट)

  • (f) सिंग

टी०आर०बी० मैकेनिज्म
टी०आर०बी० मैकेनिज्म
  • तीन राउण्ड कन्ट्रोल बट मैकेनिज्म को चेंज लीवर और हैमर के बीच में फिट किया गया है, जब चेंज लीवर का पोजीशन बी पर करते हैं, तो उसका लग प्लेट स्लेक्टर को नीचे दबा देता है, जिससे रिचेट व्हील पॉल के रेडियल पाथ में आ जाता है । ट्रिगर दबता है, तो हैमर सियर से आजाद हो जाता है और फायरिंग पिन पर ठोकर मारता है, जिससे पहला राउण्ड फायर हो जाता है। पॉल रिचेट के ऊपर वाले दाँत में फंस जाता है।
  • जब रोटेटिंग बोल्ट और पिस्टन एक्सटेन्शन पीछे को हरकत करते हैं तो रिचेट व्हील अपनी जगह पर बरकरार रहता है. पॉल सिंग के बरखिलाफ दब जाता है और हैमर पीछे दब जाता है । इस समय ट्रिगर दबे होने के कारण हैमर को ट्रिगर सियर नहीं रोक पाता है. इससे दूसरा राउण्ड फायर हो जाता है । इस समय रॉकेट व्हील का दूसरा दाँत पॉल के साथ फंस जाता है । रॉकेट व्हील का पिछला, ऊपर वाला दाँत एजीलरी सियर को पीछे दबा देता है ।
  • जब चाल वाले पुर्जे पीछे का हरकत करते हैं, तो हैमर को नही ट्रिगर सियर और न ही एग्जीलरी सियर रोक पाता है। इस प्रकार तीसरा राउण्ड फायर हो जाता है। जब तीसरा राउण्ड फायर हो जाता है, तो पॉल रिचेट के सबसे नीचे तीसरे दाँत में फंस जाता है । ट्रिपिंग प्लेट नीचे बने प्रोजेक्शन को नीचे दबा देता है । पुर्ज पीछे आते हैं. पॉल भी हैमर के साथ पूरा पीछे घूम जाता है। इस समय पॉल और रिचेट व्हील का मिलाप टूट जाता है । ट्रिपिंग प्लेट से रिचेट व्हील का दबाव उठ जाता है और एग्जीलरी सियर आजाद हो जाता है। जब हमर पीछे आता है तो एग्जीलरी सियर हैमर पर सवार हो जाता है और हैमर रुक जाता है। इस प्रकार तीन राउण्ड फायर होने के बाद तबतक फायर नहीं होगा जबतक ट्रिगर को रीलिज करके दोबारा प्रेस नहीं किया जाय ।

टी०आर०बी० मैकेनिज्म इस हथियार की विशेषता है । चेन्ज लीवर का पोजीशन आर पर होने से इन्सास राइफल सिंगल शॉट फायर करती है । चेन्ज लीवर का पोजीशन एस पर हो तो राइफल फायर नहीं

इस प्रकार से टी०आर०बी० मैकेनिज्म का ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !

इसके साथ ही 5.56 mm इंसास राइफल के टी०आर०बी० मैकेनिज्म से सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

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  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवा



7.62 mm LMG के बेसिक डाटा के IWT सरल भाषा में

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने इंसास राइफल ट्रिगर मैकेनिज्म आदि के बारे जानकारी प्राप्त की  और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस   लेसन में हम 7.62 mm लाइट मशीन गुण के बेसिक डाटा  की IWT सरल भाषा    में जानेगे(7.62 mm LMG ke Basic Data IWT ek Saral Bhasha me  IWT) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

1. बुनियादी बातें: एल.एम.जी. एक आसान हथियार है. इसलिए इसकी सिखलाई भी आसान होनी चाहिए । जिस हिस्से पुर्जे की हैडलिंग हो रही हो उसके नाम भी साथ-साथ बताना चाहिए. लेकिन इस बात के लिए समय जाया नहीं करना चाहिए कि जवान हिस्सों का नाम जबानी याद करें क्योंकि सिखलाई के दौरान नाम स्वयं याद हो जाते हैं । बार-बार एल.एम.जी. को नहीं खोलना चाहिए क्योंकि इसके पूर्जा को नुकसान पहुंचेगा । अगर डी०पी० एलाएमाजी0 मिल सके तो इससे सिखलाई और अभ्यास कराना बेहतर होगा ।

7.62 मि0मी0 लाइट मशीन गन का टेक्निकल डाटा :

  • (क) एल.एम.जी. की लम्बाई-1130 एम.एम. (1130.30mm) 
  • (ख) वजन 
    • (i) खाली एल.एम.जी. का वजन -9.2 कि०ग्रा० 
    • (i) खाली मैगजीन का वजन- 398 89 ग्राम (0.4kg) 
    • (ii) भरी मैगजीन का वजन- 1.106 ग्राम 
    • (iv) भरी मैगजीन के साथ वजन- 10.306 कि०ग्रा०
    •  (v) मैगजीन क्षमता-30 आते हैं. 28 राउण्ड भरा जाता
    • (vi) मैगजीन का टाइप- बॉक्स टाइप 
    • (vii) बैरल का वजन- 2721 किल्या० 
    • (vii) बैरल की लम्बाई-621 एम.एम (538.48mm) 
  • (ग) कुत्तर-7.62x51 मिमीः 
  • (घ) मजल वेलोसिटी -2700 फीट या 815 मि०/से0
  •  (ड.) एल०एम०जी० में गुब्ज -6 दाहिने तरफ (आर एच) 
  • (च) साइट रेडियस -29 इंच 
  • (छ) साइट रेंज -200 गज से 2000 गज तक 
  • (ज) रेट ऑफ फायर - 
    • सिंगल शॉर्ट-1 मैगजीन/ मिनटनार्मल 
    • बस्ट -1 मैगजीन/मिनट
    • रिपिट फायर -4 मैगजीन/ मिनट 
  • साइक्लिक रेट ऑफ फायर -450-500 राउण्ड/भि०-500 गज
    •  (i) ट्रायपॉट- 1000 गज 
    • (ii) असमान की ओर -600 गज 
  • (ञ) बैरल की बदली - 10 मैगजीन फायर होने के बाद 
  • (ट) परिचालन विधि - गैस संचालित 
  • (ट) फोरसाइट की किस्में - आठ प्रकार ब्लेड टाइप 
  • (ड) बीटन जोन-
    • 500 गज- 175x2 गज 
    • 1000 गज- 115x4 गज 
  • (ढ) राइफल का अम्युनिशन - 
    • (i) कैलिवर-7.62 मि०मी० 
    • (i) काीज का वजन -23.15 ग्राम 
    • (ii) कार्टीज की लम्बाई - 71.12 मिमी) 
    • (iv) बुलेट का वजन -9.33 ग्राम 
    • (v) बारूद का वजन -285 ग्राम 
    • (vi) खाली केश का वजन - 10.89 ग्राम 
    • (vii) कार्टीज का टाइप - रिमलेस
Body Group of 7.62 mm LMG

Piston Group of 7.62 mm LMG


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  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है!
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते  
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  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते ! 
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई 
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवा



28 जुलाई 2022

5. 56 राइफल के की चाले और पड़ने वाली रोके की IWT सरल भाषा में जानेगे

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने इंसास राइफल से शिस्त लेना और फायर करना  आदि के बारे जानकारी प्राप्त की  और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस   लेसन में हम 5. 56 राइफल के की चाले और पड़ने वाली रोके की IWT सरल भाषा    में जानेगे(5.56 mm INSAS Rifle ke chaal aur padne wali roke ke Integrated Weapon Training Module saral bhasha me  IWT) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

1.शुरू-शुरू का काम -

  • (क) क्लास की गिनती और ग्रुपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्यवाही

2 दोहराई -दोहराई पिछले पाठ से (शिस्त लेने और फायर करने से लिया जाय) ।

3. पहुँच :- इन्सास राइफल गैस के दबाव और रिक्वाईल स्प्रिंग की ताकत से चलनेवाला हथियार है।

जरूरत पड़ने पर इस हथियार से भारी तदाद में सिंगल शॉट और श्री राउण्ड कंट्रोल बट फायर किया जाता है । लेकिन फायरिंग के दौरान चाल वाले पुर्जे मशीन की तरह काम करते हैं । पुर्जा की हरकत के दौरान कोई रोक हो जाय, तो जवान को इस काबिल होना चाहिए कि वह रोकों को पहचानकर उसे

दूर कर सके।

4. उद्देश्य - 5.56 एम.एम. राइफल की चाल और पड़नेवाली रोकों को दूर करने का तरीका सिखाना

है (उद्देश्य को दोहराया जाये)।

5. सामान - राइफल, मैगजीन, ड्रील काट्रिज, क्लियरिंग किट बॉक्स, चाल का डायग्राम, इजल, ब्लैकबोर्ड,चौक-डस्टर, टारगेट और ग्राउण्डशीट।

6. भागों में बाँट-

  • भाग 1- इन्सास राइफल की चाल ।
  • भाग 2- फौरी इलाज ।
  • भाग 3- गैस की कमी की रोक और अन्य रोकें ।

भाग 1-

इन्सास राइफल की चाल

इन्सास राइफल की चाल-इन्सास राइफल की चाल आठ एक्शनों में पूरी होती है । इसकी मैकेनिकल सेफ्टी लॉक, अनलॉक और सेफ्टी सियर है । अप्लाईट सेफ्टी चेंज लीवर है ।

राइफल की चाल में काम आनेवाले हिस्से-पुर्जे का नाम इस प्रकार है-

  • हैमर,
  • फायरिंग पिन,
  • गैस वेन्ट,
  • गैस प्लग,
  • गैस सिलेन्डर,
  • स्केप होल.
  • पिस्टन एक्सटेंशन
  • गाईडवे गाईड लग,
  • बैरल एक्सटेंशन,
  • इजेक्टर,
  • एक्सट्रेक्टर रिटर्न लिंग,
  • फीड पीस.
  • राउण्ड,
  • सेफ्टीसियर
  • और पिस्टन एक्सटेंशन का पिछला निचला और दायाँ पहलू ।

चाल:-

5.56 mm INSAS Rifle ki chal
5.56 mm INSAS Rifle ki chal 

  1. चेंज लीवर को आर' या 'बी' पर करके ट्रिगर को दबाते हैं. तो हैमर आजाद होकर फायरिंग पिन रिटेनर पर ठोकर मारता है, जिससे फायरिंग पिन अपने वे से निकल कर चेम्बर में दाखिल राउण्ड के पदे पर ठोकर मारता है, जिससे राउण्ड फायर हो जाता है ।
  2. राउण्ड फायर होने से गैस पैदा होती है. गैस बुलेट को बैरल में आगे धकेलती है. ज्योंही बुलेट गैस वेन्ट से आगे गुजरती है. तो कुछ गैस गैस-वेन्ट के सुराग से होकर गैस सिलेन्डर में दाखिल होती है । सिलेन्डर में कितनी गैस दाखिल होगी यह गैस रेगुलेटर के सेटिंग पर निर्भर करता है । गैस सिलेन्डर में दाखिल हुए गैस पिस्टन हेड पर दवाब डलता है, जिससे पिस्टन एक्सटेन्शन पीछे को हरकत करता है । इस हरकत के दौरान पाथवे, केम की मदद से रोटेटिंग बोल्ट को दायें से बायें इतना घुमाता है कि रोटेटिंग बोल्ट का लॉकिंग लग बैरल एक्सटेन्शन लॉकिंग लग से अलग हो जाता है, इस कार्रवाई को अनलॉक कहते हैं। 
  3. इसी दौरान रोटेटिंग बोल्ट में लगा एक्सट्रेक्टर फायर केश को प कर पीछे लाता है। इस कार्रवाई को एक्सट्रेक्ट कहते हैं। 
  4. पिस्टन एक्सटेन्शन के पीछे की हरकत जारी रहती है, इस हरकत के दौरान पिस्टन एक्सटेशन के स्टेन हैमर को थोड़ा नीचे दबाता है. फिर पिस्टन एक्सटेन्शन का बटम सरफेस हैमर को पूरा नीचे दबा देता है, जिससे ट्रिगर सियर का नोज हैमर के कटाव में फस जाता है. इस एक्शन को कॉक कहते हैं । 
  5. पुर्जा के पीछे की हरकत जारी रहती है । इस हरकत के दौरान रोटेटिंग बोल्ट फायर केश को पीछे लाता है और रास्ते में इजेक्टर से टकराकर खाली केश इजेक्शन स्लॉट के द्वारा दाहिनी ओर नीचे गिर जाता है. इस एक्शन को इजेक्ट कहते हैं । 
  6. रिक्वाईल स्प्रिंग सिकुड़ जाता है और गाइड को ओवरलैप कर देता है । जब रिक्वाईल स्प्रिंग अपने तनाव को पूरा करता है तो पिस्टन एक्सटेन्शन को आगे ढकेलता है. इस हरकत के दौरान रोटेटिंग बोल्ट का फीड पीस मैगजीन के ऊपर वाले राउण्ड को धकेल कर चैम्बर में दाखित कर देता है. इस एक्शन को फीड कहते हैं ।
  7.  रोटेटिंग बोल्ट में लगा एक्सट्रेक्टर चैम्बरखाले राउण्ड के पेंदे को पकड़ लेता है और रोटेटिंग बोल्ट की आगे की हरकत समाप्त हो जाती है. इस एक्शन को लोड कहते हैं । 
  8. पिस्टन एक्सटेन्शन की आगे की हरकत जारी रहती है. इस हरकत के दौरान पाथवे की मदद से केम रोटेटिंग बोल्ट को बायें से दायें इतना घुमाता है कि रोटेटिंग बोल्ट का लॉकिंग लग बैरल एक्सटेंशन के लॉकिंग लग में फस जाता है । इस एक्शन को लॉक कहते हैं । 
लॉकिंग की कार्रवाई हो जाने के बाद भी पिस्टन एक्सटेन्शन की आखरी हरकत बाकी रहती है. इस हरकत के दौरान पिस्टन एक्सटेन्शन का दाहिना, निचला और पिछला हिस्सा सेफ्टी सियर पर दवाब डालता है, जिससे सेफ्टी सियर का नोज हैमर के कटाव से अलग हो जाता है । यहाँ पर राइफल दोबारा फायर के लिए तैयार हो जाता है. इस एक्शन को फायर कहते हैं।

भाग 2-

फौरी इलाज

फौरी इलाज :- राइफल शुरू से ही फायर न करे या करते-करते रुक जाय, तो कार्रवाई फौरी इलाज की करें । करने का तरीका इस प्रकार है-(बयान के साथ नमूना और नकल)

  • कलमे वाली अँगुली को ट्रिगर से बाहर निकालें.
  • राइफल को कंधे से नीचे लाएँ दाहिने टर्न करते हुए राइफल को कॉक करें ।
  • होल्डिंग ओपनिंग डिवाइस (HOD) को लगायें और राइफल को बायें टर्न करें ।
  • इजेक्शन स्लॉट द्वारा मैगजीन चेम्बर का निरीक्षण करें।
  • देखने से पता चला चेम्बर खाली और मैगजीन खाली. तो खाली मैगजीन के रोक को समझकर मैगजीन की बदली करें।
  • देखने से पता चला मैगजीन भरा इजेक्ट राउण्ड, तो राउण्ड के पेंदे को चेक करें । अगर पेंदे पर चोट है तो मिस फायर की रोक समझें।
  • अगर देखने से पता चला की बॉडी में राउण्ड लटका हुआ है, तो मैगजीन कैच दबाते हुए मैगजीन को उतारने से राउण्ड नीचे गिर जायेगा। राउण्ड को साफ करके मैगजीन में भरें और राइफल को फायर में शामिल करें। इस प्रकार राइफल को एक बार कॉक करने और मैगजीन की बदली करने से तीन प्रकार की रोकों को दूर किया जाता है।
    • (क) खाली मैगजीन
    • (ख) मिस फायर
    • (ग) बॉडी में लटका हुआ राउण्ड।

नोट-ध्यान रहे की पुर्जी पर कंट्रोल करने से पुर्जे बीच में ही रुक जाते हैं । यकीन करें कि पुर्जे ठीक तरह से आगे बैठ गये हैं।

अभ्यास अभ्यास के लिए हुक्म इस प्रकार होगा राइफल ठीक फायर करता रुकता, आप फौरी इलाज की कार्रवाई करेंगे । रोकें मैं दूंगा आप दूर करेंगे (क्लास से सवाल-जवाब) ।

भाग 3-

गैस की कमी की रोक और अन्य रोकें :

गैस की कमी की रोक :- फौरी इलाज की रोक को दूर करने के बाद भी राइफल फायर नहीं करे या एक-दो राउण्ड के बाद रुक जाय, तो कार्रवाई गैस की कमी की रोक समझकर दूर करें । फौरी इलाज की पूरी कार्रवाई करें । देखने में आया मैगजीन भरा चेम्बर खाली । चाल वाले पुर्जे आगे जाने दें. चेंज लीवर 'एस' पर करें । (क्लास को नजदीक से दिखाएँ) राइफल को दाहिने बगल में लायें, राइफल को कलम की तरह पकड़ें । बायें हाथ से कपड़ा लेकर गैस रेगुलेटर के पोजीशन को लो (Low) से हाई (High) पर करे। राइफल को फायर में शामिल करें।

अन्य रोके :-गैस की कमी की रोक को दूर करने के बाद भी राइफल फायर नहीं करे तो अन्य रोक समझकर दूर करें (कार्रवाई को दिखाने के लिए क्लास को नजदीक बुलायें)। चेन्ज लीवर को 'एस' पर करें मैगजीन कैच को दबाते हुए मैगजीन को उतारें, चेंज लीवर को आर' या 'बी पर करें, राइफल को खाली करे ।राइफल को खोलकर निरीक्षण कर, यदि एक्सट्रक्टर, फायरिंग पिन टूटा हो, या चम्बर म कटा हुआ केश नजर आता है, तो राइफल को जोड़ें. कॉक करें होल्डिंग डिवाइस लगायें । क्लीयरिंग प्लग को लें, बेस, स्लीव और सेन्टर पिन को आपस में कसें व चेम्बर में दाखिल करें। राइफल को कॉक करें.। यकीन करें कि कटा केश चेम्बर से बाहर निकल गया है। राइफल को फायर में शामिल करें। समय मिलने पर क्लीयरिंग प्लग से कटे केश को अलग कर किट बॉक्स में रखें। अगर गैस फाउलिंग हो गया हो तो राइफल खोलकर सफाई कर ली जाय।

इस प्रकार से यहाँ 5.56 mm इंसास राइफल के चाल और रोके से सम्बंधित IWT समाप्त हुई !

इसके साथ ही 5.56 mm इंसास राइफल के चाल और रोके से  सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

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