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29 जुलाई 2022

5.56 mm इंसास राइफल ट्रिगर मैकेनिज्म का IWT सरल भाषा में

 पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने इंसास राइफल के चाल और फायर करना  आदि के बारे जानकारी प्राप्त की  और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के छठे   लेसन में हम 5. 56 राइफल के थ्री राउंड  ट्रिगर मैकेनिज्म  के  IWT सरल भाषा    में जानेगे(5.56 mm INSAS Rifle ke Three Round Brust TRB  trigger mechanism ke Integrated Weapon Training Module saral bhasha me  IWT) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

1. शुरू-शुरू का काम:-

  • (क) क्लास की गिनती और ग्रुपों में बॉट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्यवाही

2. दोहराई : दोहराई पिछले पाठ से (चाल और रोकों से ले)

3. पहुँच - इन्सास राइफल की बनावट में चंद आधुनिक तब्दीलियों की गई हैं, जिससे इस राइफल की

एक्यूरेसी बढ़ जाती है. इसलिए यह निहायत जरूरी है कि आप सभी इस राइफल के ट्रिगर मैकेनिज्म

के बारे में जानकारी रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें।

4. उद्देश्य-5.5 एमएम. राइफल के ट्रिगर मैकेनिज्म के बारे में जानकारी देना है ।

5. सामान-राइफल, मैगजीन, स्काइव, इजल, ब्लैकबोर्ड, चौक डस्टर, ट्रिगर मैकेनिज्म का चार्ट और

ग्राउण्डशीट।

6. भागों में बॉट:-

  • भाग 1-ट्रिगर मैकेनिज्म

  • भाग 2-टी०आर०बी० मैकेनिज्म

भाग 1

ट्रिगर मैकेनिज्म

ट्रिगर मैकेनिज्म :- ट्रिगर की चाल में आनेवाले हिस्से पुर्जे इस प्रकार हैं ।

  • a) सेफ्टी सियर असेम्बली - सेफ्टी सियर, स्प्रिंग सेफ्टी सियर, पिन सेफ्टी सियर, हैमर,सिंग हैमर, पॉल हैमर, सिंग पॉल हैमर, पिन एक्सीस हैमर,ट्रिगर, सियर, स्प्रिंग सियर। 
  • (b) हैमर असेम्बली - हैमर रीसेस फॉर सेफ्टी सियर, प्लेटफार्म, हैमर रिटर्न स्प्रिंग। 
  • (c) ट्रिगर असेम्बली - ट्रिगर सियर, क्लों, टेल। 
  • (d) व्हील असेम्बली- स्प्रिंग हैमर, पॉल हैमर, सिंग पॉल हैमर, स्लेक्टर प्लेट। 
  • (e) चेंज लीवर असेम्बली - चेंज लीवर, स्टेम, रिसेस फॉर स्लेक्टर प्लेट, लग । 

भाग 2 
टी०आर०बी० मैकेनिज्म

टी०आर०बी० मैकेनिज्म - टी०आर०बी० असेम्बली के हिस्से-पूर्जे इस प्रकार हैं:

  • (a) बॉक्स 
  • (b) एक्सिस पिन 
  • (c) प्लेट स्लेक्टर 
  • (d) रिचट व्हील 
  • (e) रिचेट प्लेट (ट्रिपिंग प्लेट)

  • (f) सिंग

टी०आर०बी० मैकेनिज्म
टी०आर०बी० मैकेनिज्म
  • तीन राउण्ड कन्ट्रोल बट मैकेनिज्म को चेंज लीवर और हैमर के बीच में फिट किया गया है, जब चेंज लीवर का पोजीशन बी पर करते हैं, तो उसका लग प्लेट स्लेक्टर को नीचे दबा देता है, जिससे रिचेट व्हील पॉल के रेडियल पाथ में आ जाता है । ट्रिगर दबता है, तो हैमर सियर से आजाद हो जाता है और फायरिंग पिन पर ठोकर मारता है, जिससे पहला राउण्ड फायर हो जाता है। पॉल रिचेट के ऊपर वाले दाँत में फंस जाता है।
  • जब रोटेटिंग बोल्ट और पिस्टन एक्सटेन्शन पीछे को हरकत करते हैं तो रिचेट व्हील अपनी जगह पर बरकरार रहता है. पॉल सिंग के बरखिलाफ दब जाता है और हैमर पीछे दब जाता है । इस समय ट्रिगर दबे होने के कारण हैमर को ट्रिगर सियर नहीं रोक पाता है. इससे दूसरा राउण्ड फायर हो जाता है । इस समय रॉकेट व्हील का दूसरा दाँत पॉल के साथ फंस जाता है । रॉकेट व्हील का पिछला, ऊपर वाला दाँत एजीलरी सियर को पीछे दबा देता है ।
  • जब चाल वाले पुर्जे पीछे का हरकत करते हैं, तो हैमर को नही ट्रिगर सियर और न ही एग्जीलरी सियर रोक पाता है। इस प्रकार तीसरा राउण्ड फायर हो जाता है। जब तीसरा राउण्ड फायर हो जाता है, तो पॉल रिचेट के सबसे नीचे तीसरे दाँत में फंस जाता है । ट्रिपिंग प्लेट नीचे बने प्रोजेक्शन को नीचे दबा देता है । पुर्ज पीछे आते हैं. पॉल भी हैमर के साथ पूरा पीछे घूम जाता है। इस समय पॉल और रिचेट व्हील का मिलाप टूट जाता है । ट्रिपिंग प्लेट से रिचेट व्हील का दबाव उठ जाता है और एग्जीलरी सियर आजाद हो जाता है। जब हमर पीछे आता है तो एग्जीलरी सियर हैमर पर सवार हो जाता है और हैमर रुक जाता है। इस प्रकार तीन राउण्ड फायर होने के बाद तबतक फायर नहीं होगा जबतक ट्रिगर को रीलिज करके दोबारा प्रेस नहीं किया जाय ।

टी०आर०बी० मैकेनिज्म इस हथियार की विशेषता है । चेन्ज लीवर का पोजीशन आर पर होने से इन्सास राइफल सिंगल शॉट फायर करती है । चेन्ज लीवर का पोजीशन एस पर हो तो राइफल फायर नहीं

इस प्रकार से टी०आर०बी० मैकेनिज्म का ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !

इसके साथ ही 5.56 mm इंसास राइफल के टी०आर०बी० मैकेनिज्म से सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवा



28 जुलाई 2022

5. 56 राइफल के की चाले और पड़ने वाली रोके की IWT सरल भाषा में जानेगे

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने इंसास राइफल से शिस्त लेना और फायर करना  आदि के बारे जानकारी प्राप्त की  और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस   लेसन में हम 5. 56 राइफल के की चाले और पड़ने वाली रोके की IWT सरल भाषा    में जानेगे(5.56 mm INSAS Rifle ke chaal aur padne wali roke ke Integrated Weapon Training Module saral bhasha me  IWT) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

1.शुरू-शुरू का काम -

  • (क) क्लास की गिनती और ग्रुपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्यवाही

2 दोहराई -दोहराई पिछले पाठ से (शिस्त लेने और फायर करने से लिया जाय) ।

3. पहुँच :- इन्सास राइफल गैस के दबाव और रिक्वाईल स्प्रिंग की ताकत से चलनेवाला हथियार है।

जरूरत पड़ने पर इस हथियार से भारी तदाद में सिंगल शॉट और श्री राउण्ड कंट्रोल बट फायर किया जाता है । लेकिन फायरिंग के दौरान चाल वाले पुर्जे मशीन की तरह काम करते हैं । पुर्जा की हरकत के दौरान कोई रोक हो जाय, तो जवान को इस काबिल होना चाहिए कि वह रोकों को पहचानकर उसे

दूर कर सके।

4. उद्देश्य - 5.56 एम.एम. राइफल की चाल और पड़नेवाली रोकों को दूर करने का तरीका सिखाना

है (उद्देश्य को दोहराया जाये)।

5. सामान - राइफल, मैगजीन, ड्रील काट्रिज, क्लियरिंग किट बॉक्स, चाल का डायग्राम, इजल, ब्लैकबोर्ड,चौक-डस्टर, टारगेट और ग्राउण्डशीट।

6. भागों में बाँट-

  • भाग 1- इन्सास राइफल की चाल ।
  • भाग 2- फौरी इलाज ।
  • भाग 3- गैस की कमी की रोक और अन्य रोकें ।

भाग 1-

इन्सास राइफल की चाल

इन्सास राइफल की चाल-इन्सास राइफल की चाल आठ एक्शनों में पूरी होती है । इसकी मैकेनिकल सेफ्टी लॉक, अनलॉक और सेफ्टी सियर है । अप्लाईट सेफ्टी चेंज लीवर है ।

राइफल की चाल में काम आनेवाले हिस्से-पुर्जे का नाम इस प्रकार है-

  • हैमर,
  • फायरिंग पिन,
  • गैस वेन्ट,
  • गैस प्लग,
  • गैस सिलेन्डर,
  • स्केप होल.
  • पिस्टन एक्सटेंशन
  • गाईडवे गाईड लग,
  • बैरल एक्सटेंशन,
  • इजेक्टर,
  • एक्सट्रेक्टर रिटर्न लिंग,
  • फीड पीस.
  • राउण्ड,
  • सेफ्टीसियर
  • और पिस्टन एक्सटेंशन का पिछला निचला और दायाँ पहलू ।

चाल:-

5.56 mm INSAS Rifle ki chal
5.56 mm INSAS Rifle ki chal 

  1. चेंज लीवर को आर' या 'बी' पर करके ट्रिगर को दबाते हैं. तो हैमर आजाद होकर फायरिंग पिन रिटेनर पर ठोकर मारता है, जिससे फायरिंग पिन अपने वे से निकल कर चेम्बर में दाखिल राउण्ड के पदे पर ठोकर मारता है, जिससे राउण्ड फायर हो जाता है ।
  2. राउण्ड फायर होने से गैस पैदा होती है. गैस बुलेट को बैरल में आगे धकेलती है. ज्योंही बुलेट गैस वेन्ट से आगे गुजरती है. तो कुछ गैस गैस-वेन्ट के सुराग से होकर गैस सिलेन्डर में दाखिल होती है । सिलेन्डर में कितनी गैस दाखिल होगी यह गैस रेगुलेटर के सेटिंग पर निर्भर करता है । गैस सिलेन्डर में दाखिल हुए गैस पिस्टन हेड पर दवाब डलता है, जिससे पिस्टन एक्सटेन्शन पीछे को हरकत करता है । इस हरकत के दौरान पाथवे, केम की मदद से रोटेटिंग बोल्ट को दायें से बायें इतना घुमाता है कि रोटेटिंग बोल्ट का लॉकिंग लग बैरल एक्सटेन्शन लॉकिंग लग से अलग हो जाता है, इस कार्रवाई को अनलॉक कहते हैं। 
  3. इसी दौरान रोटेटिंग बोल्ट में लगा एक्सट्रेक्टर फायर केश को प कर पीछे लाता है। इस कार्रवाई को एक्सट्रेक्ट कहते हैं। 
  4. पिस्टन एक्सटेन्शन के पीछे की हरकत जारी रहती है, इस हरकत के दौरान पिस्टन एक्सटेशन के स्टेन हैमर को थोड़ा नीचे दबाता है. फिर पिस्टन एक्सटेन्शन का बटम सरफेस हैमर को पूरा नीचे दबा देता है, जिससे ट्रिगर सियर का नोज हैमर के कटाव में फस जाता है. इस एक्शन को कॉक कहते हैं । 
  5. पुर्जा के पीछे की हरकत जारी रहती है । इस हरकत के दौरान रोटेटिंग बोल्ट फायर केश को पीछे लाता है और रास्ते में इजेक्टर से टकराकर खाली केश इजेक्शन स्लॉट के द्वारा दाहिनी ओर नीचे गिर जाता है. इस एक्शन को इजेक्ट कहते हैं । 
  6. रिक्वाईल स्प्रिंग सिकुड़ जाता है और गाइड को ओवरलैप कर देता है । जब रिक्वाईल स्प्रिंग अपने तनाव को पूरा करता है तो पिस्टन एक्सटेन्शन को आगे ढकेलता है. इस हरकत के दौरान रोटेटिंग बोल्ट का फीड पीस मैगजीन के ऊपर वाले राउण्ड को धकेल कर चैम्बर में दाखित कर देता है. इस एक्शन को फीड कहते हैं ।
  7.  रोटेटिंग बोल्ट में लगा एक्सट्रेक्टर चैम्बरखाले राउण्ड के पेंदे को पकड़ लेता है और रोटेटिंग बोल्ट की आगे की हरकत समाप्त हो जाती है. इस एक्शन को लोड कहते हैं । 
  8. पिस्टन एक्सटेन्शन की आगे की हरकत जारी रहती है. इस हरकत के दौरान पाथवे की मदद से केम रोटेटिंग बोल्ट को बायें से दायें इतना घुमाता है कि रोटेटिंग बोल्ट का लॉकिंग लग बैरल एक्सटेंशन के लॉकिंग लग में फस जाता है । इस एक्शन को लॉक कहते हैं । 
लॉकिंग की कार्रवाई हो जाने के बाद भी पिस्टन एक्सटेन्शन की आखरी हरकत बाकी रहती है. इस हरकत के दौरान पिस्टन एक्सटेन्शन का दाहिना, निचला और पिछला हिस्सा सेफ्टी सियर पर दवाब डालता है, जिससे सेफ्टी सियर का नोज हैमर के कटाव से अलग हो जाता है । यहाँ पर राइफल दोबारा फायर के लिए तैयार हो जाता है. इस एक्शन को फायर कहते हैं।

भाग 2-

फौरी इलाज

फौरी इलाज :- राइफल शुरू से ही फायर न करे या करते-करते रुक जाय, तो कार्रवाई फौरी इलाज की करें । करने का तरीका इस प्रकार है-(बयान के साथ नमूना और नकल)

  • कलमे वाली अँगुली को ट्रिगर से बाहर निकालें.
  • राइफल को कंधे से नीचे लाएँ दाहिने टर्न करते हुए राइफल को कॉक करें ।
  • होल्डिंग ओपनिंग डिवाइस (HOD) को लगायें और राइफल को बायें टर्न करें ।
  • इजेक्शन स्लॉट द्वारा मैगजीन चेम्बर का निरीक्षण करें।
  • देखने से पता चला चेम्बर खाली और मैगजीन खाली. तो खाली मैगजीन के रोक को समझकर मैगजीन की बदली करें।
  • देखने से पता चला मैगजीन भरा इजेक्ट राउण्ड, तो राउण्ड के पेंदे को चेक करें । अगर पेंदे पर चोट है तो मिस फायर की रोक समझें।
  • अगर देखने से पता चला की बॉडी में राउण्ड लटका हुआ है, तो मैगजीन कैच दबाते हुए मैगजीन को उतारने से राउण्ड नीचे गिर जायेगा। राउण्ड को साफ करके मैगजीन में भरें और राइफल को फायर में शामिल करें। इस प्रकार राइफल को एक बार कॉक करने और मैगजीन की बदली करने से तीन प्रकार की रोकों को दूर किया जाता है।
    • (क) खाली मैगजीन
    • (ख) मिस फायर
    • (ग) बॉडी में लटका हुआ राउण्ड।

नोट-ध्यान रहे की पुर्जी पर कंट्रोल करने से पुर्जे बीच में ही रुक जाते हैं । यकीन करें कि पुर्जे ठीक तरह से आगे बैठ गये हैं।

अभ्यास अभ्यास के लिए हुक्म इस प्रकार होगा राइफल ठीक फायर करता रुकता, आप फौरी इलाज की कार्रवाई करेंगे । रोकें मैं दूंगा आप दूर करेंगे (क्लास से सवाल-जवाब) ।

भाग 3-

गैस की कमी की रोक और अन्य रोकें :

गैस की कमी की रोक :- फौरी इलाज की रोक को दूर करने के बाद भी राइफल फायर नहीं करे या एक-दो राउण्ड के बाद रुक जाय, तो कार्रवाई गैस की कमी की रोक समझकर दूर करें । फौरी इलाज की पूरी कार्रवाई करें । देखने में आया मैगजीन भरा चेम्बर खाली । चाल वाले पुर्जे आगे जाने दें. चेंज लीवर 'एस' पर करें । (क्लास को नजदीक से दिखाएँ) राइफल को दाहिने बगल में लायें, राइफल को कलम की तरह पकड़ें । बायें हाथ से कपड़ा लेकर गैस रेगुलेटर के पोजीशन को लो (Low) से हाई (High) पर करे। राइफल को फायर में शामिल करें।

अन्य रोके :-गैस की कमी की रोक को दूर करने के बाद भी राइफल फायर नहीं करे तो अन्य रोक समझकर दूर करें (कार्रवाई को दिखाने के लिए क्लास को नजदीक बुलायें)। चेन्ज लीवर को 'एस' पर करें मैगजीन कैच को दबाते हुए मैगजीन को उतारें, चेंज लीवर को आर' या 'बी पर करें, राइफल को खाली करे ।राइफल को खोलकर निरीक्षण कर, यदि एक्सट्रक्टर, फायरिंग पिन टूटा हो, या चम्बर म कटा हुआ केश नजर आता है, तो राइफल को जोड़ें. कॉक करें होल्डिंग डिवाइस लगायें । क्लीयरिंग प्लग को लें, बेस, स्लीव और सेन्टर पिन को आपस में कसें व चेम्बर में दाखिल करें। राइफल को कॉक करें.। यकीन करें कि कटा केश चेम्बर से बाहर निकल गया है। राइफल को फायर में शामिल करें। समय मिलने पर क्लीयरिंग प्लग से कटे केश को अलग कर किट बॉक्स में रखें। अगर गैस फाउलिंग हो गया हो तो राइफल खोलकर सफाई कर ली जाय।

इस प्रकार से यहाँ 5.56 mm इंसास राइफल के चाल और रोके से सम्बंधित IWT समाप्त हुई !

इसके साथ ही 5.56 mm इंसास राइफल के चाल और रोके से  सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

इसे भी  पढ़े :
  1. भारतीय पुलिस ड्रिल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले परेड कमांड का हिंदी -इंग्लिश रूपांतरण
  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है!
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते  
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट 
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते ! 
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई 
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवा


24 जुलाई 2022

राइफल के मैगज़ीन को भारण, खाली करना , राइफल को भरना , साईट लगाना, मेक सेफ ,खाली करना के की जानकारी IWT की तरह से हम आसान भाषा में जानेगे

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने इंसास राइफल की बेसिक वाकफियत की जानकारी ली और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के सेकंड लेसन में हम 5. 56 राइफल के मैगज़ीन  को भारण, खाली करना , राइफल को भरना , साईट लगाना, मेक सेफ ,खाली  करना के की जानकारी IWT की तरह से हम आसान भाषा में जानेगे(5.56 mm INSAS Rifle ke Magzine ko bharna , khali karna , Rifle ko Bharna , sight lagana, make safe,khali karna  ki jankari asan bhasha IWT) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

मैगजीन का भरना-खाली करना

1. शुरू-शुरू का काम :-

  • (क) क्लास की गिनती और गुपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्यवाही
2 दोहराई :- राइफल के खोलने-जोड़ने से सवाल-जवाब ।

3. पहुँच :- जवान को अपने लक्ष्य में कामयाबी पाने के लिए राइफल को भरना, खाली करना, रेडी और साइट लगाने का तरीका आसानी से आना जरूरी है, ताकि वक्त आने पर मैदानी जंग में अपने कामयाबी को हासिल कर सके।

4. उद्देश्य :- 5,56 मि०मी० इन्सास राइफल के मैगजीन का भरना, खाली करना, राइफल का भरना, साइट लगाना, रेडी, मेक सेफ और खाली करने का तरीका सिखाना है (उद्देश्य को दोहराया जाये)।

5. सामान :- इन्सास राइफल, मैगजीन, ड्रील काट्रिज, टारगेट और ग्राउण्डसीट।

6. भागों में बाँट :-

  • भाग 1- मैगजीन का भरना-खाली करना ।
  • भाग 2- इन्सास राइफल का भरना और साइट लगाना ।
  • भाग 3- रेडी, मेक सेफ और खाली करना ।
भाग-1

मैगजीन का भरना-खाली करना :

अम्यूनिशन की सफाई - राउण्ड को लें, यदि समय है तो साफ कपड़े से एक-एक कर सफाई करें एवं साफ जगह पर रखें । अगर जल्दी हो तो साफ कपड़े में कई राउण्ड को लें और साफ करें ।

ध्यान देने की बात- आपस में राउण्ड में रगड़ नहीं लगे । राउण्ड की गिनती कर ली जाय ।

मैगजीन का भरना - इस राइफल के मैगजीन भरने का तरीका हू-बहू 7.62 एम.एम.

  • सेल्फ लोडिंग राइफल की तरह है।
  • मैगजीन का निरीक्षण करें, अगर कोई हिस्सा खराब हो तो उसे प्रयोग में नहीं लायें।
  • उसपर निशान लगाकर अलग रख दें।
  • सही मैगजीन को लें, छोटे मेहराब को अपनी तरफ रखते हुए नरम जगह पर रखें ।
  • राउण्ड को उठायें, राउण्ड के पेंदे को बाहर की तरफ रखते हुए अंगूठों की मदद से मैगजीन में दाखिल करें ।
  • मैगजीन भरते समय राउण्ड की गिनती कर ली जाय ।
  • इस प्रकार मैगजीन में 20 राउण्ड भरा जाता है ।
  • इस मैगजीन को भरने में फिलर का प्रयोग नहीं किया जाता है. यह फायबर ग्लास का बना होता है ।
  • रेतीले और गर्दीले इलाके में मैगजीन में 15 राउण्ड ही भरे जायें ।

मैगजीन को खाली करना :-

  • बायें हाथ से मैगजीन को चार अंगुली बाहर से. अंगूठा अंदर से. छोटा मेहराब नीचे की तरफ रखते हुए पकड़े ।
  • राउण्ड के बरखिलाफ राउण्ड को किसी नुकिली चीज से मध्य में दबायें, ऐसा करने से राउण्ड खुद व खुद निकल जायेगा ।
  • खाली करने के लिए राउण्ड का इस्तेमाल कर रहे हों तो एक या दो राउण्ड के बाद राउण्ड की बदली कर ली जाय ।
  • राउण्ड का गिराव साफ जगह पर हो ।
  • खाली करने के बाद राउण्ड को डब्बा के अंदर रख दें।
  • इसका क्लास को अभ्यास कराया जाय। मैगजीन भरने, खाली करने का नमूना, अभ्यास निलिंग पोजीशन से किया जाय ।

भाग 2-

इन्सास राइफल का भरना और साइट लगाना :

राइफल का भरना-जब फायरर को टारगेट दिखाई दे या प्रशिक्षण के दौरान आदेश मिले भर, तो कार्रवाई इस प्रकार करे । चेंज लीवर 'एस' पर करे, मैगजीन कैच को दबाते हुए खाली मैगजीन को उतारे पाउच में रखे और पाउच से भरी हुई मैगजीन को निकाले और निरीक्षण करते हुए मैगजीन वे में दाखिल करे और यकीन करे कि मैगजीन बैठ गया है, पाउच का बटन बंद करे ।

साइट लगाना :-5.56 एम.एम. इन्सास राइफल में तीन प्रकार के साइटों की सुविधा दी गई है।

  • (क) ओपेन साइट
  • (ख) टेलिस्कोपिक साइट
  • (ग) पेंसिव नाइट साइट

ओपेन साइट :- रियर ओपेन साइट पर दो लिप्स होते हैं । पहले लिप्स पर दो एवं दूसरे लिप्स पर चार लिखा हुआ होता है, जो 200 और 400 मीटर रेंज को जाहिर करता है | 100 और 300 मीटर रेंज में प्वाइट ऑफ एम की तब्दिली करनी पड़ती है । क्लास से साइट लगाने का अभ्यास करायें।

टेलिस्कोपिक डे लाइट साइट (टी.डी.एल.एस.):- इसके साथ दिन के समय दुरुस्त, आसान और प्रभावशाली तरीके से फायर किया जाता है । इसकी विशेषताएँ इस प्रकार हैं -

  • (a) साइज- 255 एम.एम. लम्बा और 65 एम.एम. डाया
  • (b) वजन- 485 ग्राम 
  • (c) मैग्निफिकेशन- 25 गुणा 
  • (d) फील्ड ऑफ व्यू- 15 डिग्री (
  • e) इंगेजमेन्ट रेंज- 400 मीटर 
  • (1) एडजस्टमेन्ट इन जीरोईंग - ग्रेटिक्यूल का एडजस्टमेन्ट करके । पेंसिव नाईट साइट (पी.एन.एस.):- पेंसिव नाइट साइट की विशेषता इस प्रकार से है - 
  • (a) साइज- 281 एम.एम. लम्बा और 70 एम.एम. डाया 
  • (b) वजन- 1.06 किग्रा० (माऊटिंग बैकेट छोड़कर)
  • (c) फील्ड ऑफ व्यू - 10 डिग्री 
  • (d) मैग्निफिकेशन- 4 गुणा 
  • (e) रेंज (रिकॉगनीशन) - 200 मीटर 
  • (f) रेंज (डिटेक्शन)- 300 मीटर 
  • (g) एडजस्टमेन्ट इन जीरोईंग - ग्रेटिक्यूल का एडजस्टमेन्ट करके । 
  • (h) ऑपरेशन के सिद्धांत - इभेज इन्टेनसिफायर

भाग 3

रेडी, मैकसेफ और खाली करना

रेडी, मैकसेफ और खाली करना -जब राइफल पर भरी मैगजीन चढ़ी हुई हो और चेंज लीवर 'एस' पर हो तो राइफल भरी मानी जाती है । जब राइफल कॉक हो और चेम्बर के अन्दर राउण्ड हो और चेंज लीवर का पोजीशन आर पर हो. तो राइफल रेडी मानी जाती है । जब राइफल में राउण्डन हो और मैगजीन खाली हो तथा चेंज लीवर का पोजीशन 'एस' पर हो, तो राइफल खाली मानी जाती है ।

रेडी:- रेडी उस वक्त किया जाता है जब फायर फायर करने का इरादा रखता हो या टारगेट दिखाई दे या आदेश मिले रेडी, तो कार्रवाई इस प्रकार की जाती है - रेडी के आदेश पर चेंज लीवर के पोजीशन को आर या 'बी' पर करें, राइफल को कॉक करें, बट और कंधे का मिलाप करते हुए कलमे वाली अंगुली ट्रिगर पर रखते हुए अगले हुक्म का इंतजार करें ।

मेकसेफ :-

  • (क) मेकसेफ के आदेश पर कलमे वाली अंगुली को ट्रिगर से अलग करते हुए चेंज लीवर के पोजीशन को 'एस' पर करें. पाउच का बटन खोलें और भरी मैगजीन को उतारें और पाउच में रखें।।
  • (ख) राइफल को को दाहिने टर्न करते हुए चेंज लीवर का पोजीशन 'आर' या 'बी' पर करें और कॉक करें, चाल वाले पुर्जे को आगे जाने दें और ट्रिगर दबाएँ तथा चेंज लीवर के पोजीशन को 'एस' पर करें । (ग) भरी हुई मैगजीन का निरीक्षण करते हुए राइफल पर चढ़ाएँ। 
  • (घ) जमीन पर गिरे हुए राउण्ड को उठाएँ और साफ करके दूसरे मैगजीन में भर दें । पाउच का बटन बंद करें ।

खाली करना :- 'खाली कर', के आदेश पर भरी मैगजीन को उतारें और राइफल को क्लियर करें और खाली मैगजीन को चढ़ा दें।

संक्षेप:-विषय के अनुसार क्लास से सवाल-जवाब।

इस प्रकार से इंसास राइफल के मैगज़ीन को भरना , खाली करना तथा मेक सेफ साईट लगाना आदि के पोस्ट समाप्त हुवा !

इसके साथ ही 5.56 mm इंसास राइफल के मैगज़ीन को भरना , खाली करना तथा मेक सेफ साईट लगाना से सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा ! उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!

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  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवा

5.56 mm इंसास राइफल की वाकफियत और खोलना जोड़ना आसन भाषा में सीखे

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने  एसएलआर राइफल के बेसिक टेक्निकल डाटा (7.62 mm SLR Rifle ki technical data)के बारे में जानकारी प्राप्त किये थे और अब इस नई ब्लॉग पोस्ट में हम 5.56 mm इंसास राइफल की वाकिफियत, खोलना और जोड़ना IWT (INSAS Rifle ke Integrated Weapon Training module) के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे ! इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग (IWT) को आसानी से समझने के लिए हमने ट्रेनिंग स्कूल में जिस क्रमबद्ध तरीके से ट्रेनिंग दी जाती है वैसे ही बता रहा हु !   
1. शुरू शुरू का काम 
  • क्लास की गिनती और ग्रुपों में बांट। 
  • हथियार और सामान का निरीक्षण। 
  • बंदोबस्ती की कारवाही। 
2. परिचय: 5.56 mm इंसास राइफल जवान का एक जातीय हथियार है इसलिए यह जरुरी है की हर एक जवान को अपने जातीय हथियार के बेसिक तकनिकी जानकारी होना चाहिए ताकि ओ अपने जातीय हथियार को अच्छी तरह से हैंडल कर सके !यह हथियार 7.62 mm एसएलआर राइफल से 25 %  हल्का और 70% कम रेकोइल देने वाला हथियार है जो फायर करना आरामदेह होता है !

3. उद्देश्य: 5.56  एमएम इंसास  राइफल की के तक्तिनी डाटा के बारे में जानकारी आसान शब्दों में सीखना है। 

4.समान: राइफल, मैगजीन, ग्राउंड शीट 

5. भागो में बाँट 
  • भाग 1 इंसास राइफल का टेक्निकल डाटा 
  • भाग-2 इंसास राइफल का खोलना जोड़ना
  • भाग-3 इंसास राइफल की सफाई
 भाग 1
 इंसास राइफल का टेक्निकल डाटा :- फिक्स्ड बट वर्शन 

मुख्य बेसिक डाटा 

s.no

Name

डाटा

1

बिना मगज़ीन राइफल का वजन  

4.018 Kg

2

खाली मगज़ीन के साथ वजन

4.108 kg

3

भरी मगज़ीन के साथ वजन

4.373 kg

4

खाली मगज़ीन का वजन

90 gm

5

भरी मागज़ीन का वजन

355 gm

6

बैनट का वजन

305 gm

7

बैनट की लम्बाई

285 mm

8

बैनट की किस्म

मल्टी परपज

9

फिक्स्ड बट के साथ लम्बाई

960 mm

10

बैनट के साथ लम्बाई

1110 mm

11

बैरल की लम्बाई

464 mm

12

साइड रेडियस

470 mm

13

ग्रुज घुमाव पिच

6 राईट हैण्ड 200 mm

14

मजल वेलोसिटी

900 मी /sec

15

आर्म्स थिकनेस

1 mm

16

कारगर रेंज

400 मी

17

मगज़ीन कैपेसिटी

20 राउंड्स

18

रेट ऑफ़ फायर

नार्मल फायर -60 राउंड्स/मीनट

इंटेंस फायर 150 राउंड/ मीनट

साईंक्लिक रेट ऑफ़ फायर – 600-650 राउंड/ मीनट

19

फायर किये जानेवाले राउंड

i.                     बॉल राउंड  

ii.                   ट्रेसर  राउंड 5.56 mm x 45 mm

iii.                  ब्लैक राउंड

iv.                 एच डी कार्ट्रिज


इंसास राइफल के बनावट में चाँद आधुनिक तब्दिल्या दी गई है ! इस राइफल से हम तीन राउंड ब्रस्ट फायर कर सकते है !
यह राइफल मोटे तौर पर 14 असेंबली की बनी हुई है जो इस जो इस प्रकार है 
इंसास राइफल के असेंबली के नाम
इंसास राइफल के असेंबली के नाम

इंसास राइफल के असेंबली के नाम

s.no

Name

s.no

name

1

बॉडी हाउसिंग असेंबली

8

बैरल असेंबली

3

हैंडल कोच्किंग असेंबली

4

पिस्टन एक्सटेंशन असेंबली

5

ब्रिज ब्लाक असेंबली

6

रिकोइल स्प्रिंग असेंबली

7

ट्रिगर असेंबली

8

बॉडी कवर असेंबली

9

बट असेंबली

10

पिस्टन ग्रिप असेंबली

11

हैण्ड गार्ड असेंबली

12

मगज़ीन असेंबली

13

गैस सिलिंडर असेंबली

14

कोक्किंग हैंडल असेंबली


भाग -2  
इंसास राइफल का खोलना जोड़ना: राइफल को खोलने का तरीका 
  • मैगजीन कैच को दबाते हुए मैगजीन को उतारें 
  • चेंज लीवर को आर पर करें राइफल को कॉक  करें पिस्टन एक्सटेंशन को आगे जाने दे। 
  • चेंज लीवर को एस  पर करें दाहिने हाथ से रिटेनर को आगे की तरफ दबाएं और बाएं हाथ से बॉडी कवर को उठाएं। 
  • रिक्वायर्ड स्प्रिंग असेंबली को बाहर निकाले। 
  • पिस्टल एक्सटेंशन असेंबली को पीछे करते हुए बाहर निकाले। 
  • ब्रिज ब्लॉक को पिस्टन एक्सटेंशन से घड़ी के उल्टे रुक घुमाते हुए बाहर निकाले। 
  • अप्पर हैंड गार्ड को दाहिने हाथ के अंगूठे और अंगुलियों की मदद से बाहर निकाले। 
  • गैस ट्यूब कैच को  ऊपर उठाते हुए गैस सिलेंडर ट्यूब  को बाहर निकाले। 
राइफल को जोड़ना :राइफल के हिस्से पुर्जे जिस क्रम में खोले जाते हैं उसके विपरीत क्रम में जोड़े जाते हैं। जोड़ने से पहले पूर्वजों पर दिया और ओरिजिनल  नंबर मिला लिया जाए। राइफल जोड़ने का क्रम निम्न प्रकार है
  • गैस सिलेंडर और  गैस सिलेंडर ट्यूब  को उठाते हुए जोड़ें। 
  • हैंड गार्ड।
  •  ब्रिज ब्लॉक घड़ी के रूप घुमाते हुए पिस्टन एक्सटेंशन में दाखिल करें
  • पिस्टन एक्सटेंशन असेंबली को बॉडी में दाखिल करे 
  • रेकोयल स्प्रिंग असेंबली को दाखिल करे 
  • बॉडी कवर बंद करते हुए स्टॉपर रिटेनर को दबाये 
  • स्लिंग को लगाये 
  • खली मगज़ीन को चढ़ाए 
राइफल के हिस्से-पुर्जे जोड़ने के बाद कॉक कर उसकी जाँच कर लें । निलिंग पोजीशन से नमूना और क्लास से नकल कराया जाय । अंत में राइफल खुली हुई छोड़ दें ।
भाग 3
इन्सास राइफल की सफाई :- यह जरूरी है कि राइफल की ठीक तरह से साफ-सफाई की जाय और तेल लगाया जाय, ताकि बिना रुकावट राइफल आसानी से चलाई जा सके | सफाई में निम्नलिखित चीजों की जरूरत पड़ती है-
  • (क) तेल 'A' (oilox-52) बोतल सहित
  • (ख) ब्रश क्लीनिंग बोर
  • (ग) ब्रस क्लीनिंग चैम्बर
  • (घ) पुल श्रू
  • (ड.) रॉड क्लीनिंग बैरल
  • (च) टूल एडजस्टिंग फोरसाइट/रियर साइट
  • (छ) टूल रिमूविंग रिपचर्ड केश
  • (ज) चिंदी
  • (झ) ड्रिप्ट |
  • राइफल के रखरखाव में किसी घिसने या रगड़ने वाली वस्तु का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए ।
सफाई का प्रकार
1. आम सफाई :- राइफल को कोत से ड्यूटी के लिए निकालते व रखते समय जो सफाई करते हैं औ
राइफल में तेल लगाते हैं, उसे आम सफाई कहते हैं ।
2. फायरिंग से पहले की सफाई :- राइफल को फील्ड स्ट्रिप कर सभी पुों की सफाई करने के साथ
साथ उनकी टूट-फूट की जाँच करनी होगी । यह आरमोरर का काम है कि वो टूट-फूट वाले पुर्जी की बदली कर दें । अगर पुर्जे बदली नहीं होते हैं, तो वह राइफल फायर में सम्मिलित नहीं होगी । मैगजीन
और एम्यूनिशन को साफ करना चाहिए । ब्रीच ब्लॉक फेस, ट्रिगर मैकेनिज्म, रिक्वायल स्प्रिंग में हल्का तेल लगाना चाहिए ।
3. फायरिंग के बाद की सफाई :- राइफल को फील्ड स्ट्रिप कर उसको सफाई करें और पुल थू और चिन्दी की मदद से बोर को इस प्रकार साफ करें कि उसमें गीलापन न रहे । ब्रश क्लिनिंग सिलेन्डर से गैस सिलेन्डर को साफ करें। जब सफाई का काम समाप्त हो जाय तो राइफल के भीतरी और बाहरी भाग में तेल लगा दें । गैस प्लग, पिस्टन एक्सटेन्शन और फायरिंग पिन की सावधानी से सफाई करें, ताकि उनमें गैस फाउलिंग दूर की जा सके |
4. लुब्रिकेशन :- निम्नलिखित तापमान में प्रयोग करनेवाले लुब्रिकेन्ट इस प्रकार हैं -
  • (क) 4°C और अधिक में Oil ox-52 का प्रयोग किया जाता है ।
  • (ख) 4°C से कम -18°C तक 0x-13 या Low Cold Test Oil प्रयोग किया जाता है ।
  • (ग) रेतिले गर्दिले इलाके में ग्रेफायड ग्रीस का प्रयोग किया जाता है ।
अनुदेशक नोट :- सवक के दौरान राइफल के जिस हिस्से-पुर्जे का इस्तेमाल करें, उस हिस्से-पुर्जे का नाम व काम साथ-साथ बताते जायें । नोट : प्रत्येक हथियार की Technical specification और भूमिका अलग से होना चाहिए !

इसके साथ ही 5.56 mm इंसास राइफल से वाकफियत से सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !इसके साथ ही 5.56 mm इंसास राइफल से वाकफियत   का आसन तरीका  IWT(इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग ) से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई ! उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे!
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  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवा


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