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Saturday, October 13, 2018

हथियार के साथ चलने वाली चाले और उसे चलने का तरीका

पिछले पोस्ट में हमने खाली  हाथ चलने वाली चाले और चलने का तरीके के बारे में जाने और अब हम इस पोस्ट के माध्यम से यह जानेगे की हथियार के साथ चलने वाला कौन कौन से चाले  है और उसके चलने का तरीका क्या है ?(Hathiyar ke sath kaun kaun se chale ahi aur use chalne ka trika kya hai)


जैसे की हम जानते है की ऑपरेशन के दौरान यह जरुरी नहीं है की एक स्नाइपर की हरकत को छुपाने के लिए कवरिंग फायर  या धुएं का पर्दा मिल ही जाए और उसी के आड़ में स्नाइपर मूव करे बल्कि ज्यादातर समय स्नाइपर को अपना स्टैक को पूरा करने के लिए उसे दुश्मन की नजर और फायर से बच कर हरकत करनी पड़ती  है और उस हरकत के दौरान हथियार को धुल और मिटटी से बचाना बहुत जरुरी है ताकि हथियार को जल्दी से इस्तेमाल करने में किसी किस्म की दिक्कत न आये !


इस पोस्ट के माध्यम से हम निम्न चालो  के बारे में हम जानेगे जो हथियार के साथ चला जाता है :

Hathiyar ke sath cheeta chaal
Hathiyar ke sath cheeta chaal
1.भुत चाल और उसे चलने का तरीका (Bhut chal aur chalne ka tarika)
2. बन्दर चाल और उसे चलने का तरीका(Bandar chaal aur chalne ka tarika) 
3.चीता चाल और उसे चलने का तरीका (Cheeta chal aur chalne ka tarika)
4.पेट के बल रेगना और रेगने का तरीका(Pet ke bal regna/croaling karna aur karne ka tarika) 
5.आड़ छोड़ना  और छोड़ने का तरीका (Aad chhodna ttha chhodne ka tarika)
6. हथियार के साथ हरकत करते समय ध्यान देने वाली बाते (Hathiyar ke sath harkat karte samay dhyan me rakhne wali bate)

1.भुत चाल और उसे चलने का तरीका (Bhut chal aur chalne ka tarika)

यह चाल बड़े बड़े घास के बीच चलने के लिए फायदेमंद होता है ! इसमें राइफल को दो तरीके से ले जाया जाता है :

(a) भुत चाल -I का तरीका (Bhut Chal-I ka tarika)

बाए हाथ में राइफल को तोलवाली जगह से स्लिंग के साथ पकडे ताकि स्लिंग किसी चीज में उलझे नहीं ! चलने के लिए पहले बाए पाँव को बहार आधा दायरा में घुमाते हुए सामने जमीन पर पहले टोए को रखे फिर धीरे धीरे पुरे पाँव पर बदन का वजन डाले और साथ ही साथ दाहिने हाथ से आगे की रुकावट को हटाये !

यह काम दाए टांग के साथ भी करे और आगे की हरकत जारी  रखे ऐसे करने से आवाज़ कम से कम होता है !

(b) भुत चाल -II का तरीका (Bhut Chal-II ka tarika)

राइफल को ऊँचे बाये शास्त्र की पोजीशन में पकडे और पकड़ ऐसे बनाये की राइफल का स्लिंग ढीला न झूटे नहीं तो वह चलने के वक्त घास में उलझ सकता है ! चलने के लिए पहले बाए पाँव को बहार आधा दायरा में घुमाते हुए सामने जमीन पर पहले टोए को रखे फिर धीरे धीरे पुरे पाँव पर बदन का वजन डाले और साथ ही साथ दाहिने हाथ से आगे की रुकावट को हटाये !

यह काम दाए टांग के साथ भी करे और आगे की हरकत जारी  रखे ऐसे करने आवाज़ कम से कम होता है !

2. बन्दर चाल और उसे चलने का तरीका(Bandar chaal aur chalne ka tarika) 

इस चाल में राइफल और स्लिंग को बाए हाथ से तोलवाली जगह से पकडे और घुटने और हाथ के बल जमीन पर बैठ जाए ! राइफल जमीन के समनांतर और बट दाए बगल में हो ! और चाल चलने का बाकि तरीका खाली  हाथ की हरकत की  तरह चाल  को जारी  रखे !

3.चीता चाल और उसे चलने का तरीका (Cheeta chal aur chalne ka tarika)

इस चाल में राइफल को दो तरीको से ले कर चलते है 

(a)चीता चाल-I का तरीका 

इस चाल के लिए पेट के बल लेट जाए ! दोनों हाथ आगे , बाए हाथ से राइफल को फोरहैंड गार्ड से और दाए हाथ से राइफल के स्माल बट के निचे पकडे की डीफ्लेक्सन ऊपर की तरफ हो ! स्लिंग को हाथ में दबा कर रखा जाये की स्लिंग कही उलझे नहीं !

यह चाल को हम दो फीट से कम उचाई वाले आड़ के अन्दर छुपाव हासिल करते हुए हरकत करने के लिए चलते है !इस चाल चल ने के लिए पेट के बल लेट जाये ! और आगे बढ़ने के लिए कोई भी घुटना मोड़ दे और उसके बर खिलाफ हाथ को मोड़ दे और आगे बढे ! यह करवाई दुसरे हाथ और घुटने के साथ करे और आगे बढ़ते रहे !इस पोजीशन में ध्यान देने की बात सर और बॉडी  के पिछले वाले हिस्से को ऊपर न उठाये ! 

(b)चीता चाल-II का तरीका 

यह चाल रूस की सेना इस्तेमाल करती है इसलिए इसको रुसी चीता चाल  भी कहते है ! इस चाल  के लिए राइफल की आगेवाली स्लिंग कड़ी को दाहिने हाथ से पकडे दाहिने हाथ को पूरा लम्बा करे और राइफल को बाजू के ऊपर बाए पहलु के बल टिकाये , ताकि हरकत के दौरान राइफल में रगड़ न लगे ! 

यह चाल हम उस समय अख्तियार करते है जब दुश्मन कभी करीब हो ! इस चाल में भी जमीन के ऊपर पूरी तरह लेट जाए और दोनों  हाथ पूरी लम्बाई में आगे फैलाये !और बूट की टोए और दोनों  घुटने  के ताकत से आगे बढे ! इस चाल में सर को निचे रखना चाहिए और बिच बिच में ऑब्जरवेशन करते रहना चाहिए ! हरकत आहिस्ता से की जाए और अवाजा बिलकुल न हो !

4.पेट के बल रेगना और रेगने का तरीका(Pet ke bal regna/croaling karna aur karne ka tarika) 

इस चाल के लिए पेट के बल लेट जाए और राइफल को बाए हाथ से तोलवाली जगह और दाए  हाथ से स्माल बट से पकडे , जब बहुत नीची आड़ के पीछे से गुजरना हो या खुले में हरकत करने के दौरान इस्तेमाल किया जाता है ! उसके लिए दोनों हाथो और रान से दबाव डाले और आगे बढे ! हरकत के दौरान टोए जमीन पर मिली हुई हो और बदन का कोई हिस्सा जमीन  से उठे नहीं ! गर्दन निचे हो , लेकिन बीच बीच में ऑब्जरवेशन करने के लिए दाये बाये आगे और पीछे देखते रहना चाहिए !

5.आड़ छोड़ना  और छोड़ने का तरीका (Aad chhodna ttha chhodne ka tarika)

स्नाइपर आड़ को उसी समय छोड़ता  है जब उसे  उस आड़ को इस्तेमाल नहीं करना हो ! इसलिए जरुरी है की आड़ को छोड़ते समय उतनी ही सावधानिय बरती जाए जितना की आड़ को पकड़ते समय सावधानिया  बरती गई हो !  क्यों की जब एक स्नाइपर आड़ को छोड़ता है उस समय  वह फायर नहीं कर रहा होता है इसलिए दुश्मन को ऑब्जरवेशन करने का बहुत ही मौका मिल जाता है और दुश्मन स्नाइपर को नजरो से ढूढने का कोसिस बहुत सटीकता से करता है और अगर स्नाइपर थोडा भी गलत मूव किया तो दुश्मन के नजरो में आ जाएगा और उसके ऊपर गोलिओ का ब्योछार हो जायेगा !

इस्लिएय स्नाइपर को आड़ छोड़ने का सबसे अच्छा तरीका है की वह पेट के बल लेट कर ही पीछे का हरकत करे और ऐसी हरकत करते समय बहुत ही सावधानी बरती जाये कोई जल्दी बजी नहीं दिखाई जाए और आवाज कम  से कम करे !

6. हथियार के साथ हरकत करते समय ध्यान देने वाली बाते (Hathiyar ke sath harkat karte samay dhyan me rakhne wali bate)

हथियार के साथ हरकत करते समय निम्न बातो का ख्याल रखना चाहिए :
  • हथियार को टूट फुट से बचाए क्यों की हथियार को इस्तेमाल भी करनी है आगे !
  • हथियार के साथ हरकत करते समय ये ध्यान रखे की हथियार के कारण आप का शारीर थोडा बड़ा दिखाई देता है जो की चीता चाल और क्रोअलिंग के दौरान दूर से दिखलाई देने का  संभावना रहता है इस लिए कोसिस करे की पोजीशन आड़ के अनुसार छोटा से छोटा बने !
  • चाल आड़ के अनुसार चाले न की सुविधा के अनुसार !
इस प्रकार  से यहाँ हथियार के साथ हरकत करने से सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह छोटा पोस्ट आप को पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट होतो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग  को सब्सक्राइब औत फेसबुक पर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !

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