Sponser

Search

Wednesday, February 21, 2018

कंपास की अपनी त्रुटी से क्या समझते है?

पिछले पोस्ट में हमने सर्विस प्रोटेक्टर के बारे में जानकारी प्राप्त की इस पोस्ट में हम कम्पस की अपनी गलती(Compass ki apni galti) के बारे  में जानेगे !


मैप रीडिंग में कंपास की अहम् भूमिका होती है ! यह एक ऐसा यंत्र है जिसकी मदद से माप रीडिंग  के दौरान और लड़ाई में अत्यधिक सहायता मिलती  है !
इस पोस्ट को अच्छी  तरह से समझने के हमने इस पोस्ट को निम्न भागो में बाँट दिया है !
compass ke parts
compass ke parts
1.कंपास  की अपनी त्रुटी (Individual error of the compass)
2. कंपास के त्रुटी के कारण (Cause of Compass Error)
3. कंपास की त्रुटी प्रकार (Types of Compass Error)
4. कंपास की अपनी त्रुटी का उदहारण  (Example of individual error of the compass)
1.कम्पास की अपनी त्रुटी (Individual Error of the compass):कंपास से बेअरिंग पढ़ते समय इस बाट का ध्यान रखा जाता है की कम्पस में अपनी गलती तो नहीं है !इस बात  का ध्यान गोला फायर करते समय  और भी बढ़ जाता है ! कम्पस की अपनी गलती हर समय और स्थान पर एक सामान होता है परन्तु इसमें स्थानीय चुम्बकीय आकर्षण हर स्थान पर बदलते रहता है !

कम्पस की अपनी गलती का अर्थ है की उसकी सुई अमूमन थोडा  दाहिने या बाए रहती है अर्थात  कंपास का चुम्बकी   सुई ठीक 360 डिग्री की बजे थोडा दाहिने या बाये रहती है! जितना यह दये या बाये रहती है उसको ही हम कम्पस  की अपनी त्रुटी(Compass ki apni truti) कहते है !

2. कंपास के त्रुटी के कारण (Cause of Compass Error): यह त्रुटी कंपास के अन्दर होती है इसलिए इस कम्पस की अपनी त्रुटी  कहते है और इसका मुख्य दो कारन है जिसके कारन कम्पस में अपनी  त्रुटी होती है ! 
  • कारखाने की दोष (Manufacturing defect)
  • गलत इस्तेमाल (Miss Handling)
3. कंपास की त्रुटी प्रकार (Types of Compass Error): यदि किसी कंपास में दाए या बाए की त्रुटी है इस त्रुटियो को हम निम्न प्रकार में बाँट सकते है 
  • दाहिने या  पूर्व की गलती (East  Compass Error): यदि किसी कम्पस में 2 डिग्री पूर्व या ईस्ट की गलती है तो वह कंपास बेअरिंग पढ़ते वक्त 2 डिग्री कम पढ़ेगा क्यों की उसकी 2 डिग्री आगे से ही बेअरिंग पढना शुरू करेगी ! अतः 2 डिग्री पूर्व की गलती वाले चोमस की बेअरिंग में 2 डिग्री जोड़ देने से सही चुम्बकीय बेअरिंग ज्ञात हो जायेगा !
  • बाये या पश्चिम की गलती (West Compass Error): पश्चिम की त्रुटी वाले कंपास की सुई 2 डिग्री  या 0 डिग्री  से हमेश पश्चिम में रहेगी ! जितनी उसकी पश्चिम की गलती है ! अगर उस कंपास से बेअरिंग पढ़ी जाये तो वह कंपास की उतनी डिग्री ज्यदा पढ़ेगा जितनी उसमे पश्चिम की  गलती है !अतः सही बेअरिंग पढने के लिए पढ़ी हुई बेअरिंग से पश्चिम की गलती वाली डिग्री को यदि घटा दे तो सही चुम्बकीय बेअरिंग ज्ञात हो जाएगी !
जरुर पढ़े :अपना खुद का लोकेशन मैप पे जानना और नार्थ पता करने के तरीके
4. कंपास की अपनी त्रुटी का उदहारण  (Example of individual error of the compass): कम्पास की अपनी त्रुटी का कुछ उदहारण निम्न है 

Q. 2 डिग्री पूर्व की गलती वाला कम्पस किसी निशान की बेअरिंग 118 डिग्री पढता है तो उस निशान की सही बेअरिंग क्या होगी ?

Ans. कंपास i अपनी त्रुटी 2 डिग्री पूर्व है और निशान की बेअरिंग 118 डिग्री पढता है तो सही बेअरिंग 118 डिग्री + 22 डिग्री = 120 डिग्री होगी !

Q. 2 डिग्री पश्चिम गलती वाला कंपास किस निशान की बेअरिंग 62 डिग्री पढता है तो सही बेअरिंग क्या होगा ?

Ans. वह कंपास जिसमे 2 डिग्री पश्चिम की गलती है 62 डिग्री बेअरिंग पडता है तो सही बेअरिंग होगी 62 डिग्री - 2 डिग्री = 60 डिग्री 

Q. एक कंपास जिसमे 2 डिग्री पूर्व की गलती है और किसी निशान की बेअरिंग 49 डिग्री पढ़ता है और उस स्थान पर 2 डिग्री का पश्चिम के चुम्बकीय आकर्षण है तो उस निशान की सही बेअरिंग क्या होगी ?

Ans. 2 डिग्री पूर्व की गलती वाला कम्पस 49 डिग्री पढता है , चुम्बकीय आकर्षण न होतो सही बेअरिंग = 49 डिग्री + 2 डिग्री = 51 डिग्री होगी ! जब चुम्बकीय आकर्षण = 2 डिग्री पश्चिम है तो उस स्थान का सही बेअरिंग = 51 डिग्री - 2 डिग्री = 49 डिग्री !

इस रकार से यहा कंपास की खुद की त्रुटी से सम्बंधित पोस्ट समाप्त  हुवा !उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे  और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज  लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !
इन्हें  भी  पढ़े :  
  1. 36 धरातलीय आकृतिया और उनके परिभाषा
  2. मैप रीडिंग की अवाश्काताये तथा मैप का परिभाषा
  3. 15 जरुरी पॉइंट्स मैप को सही पढने के लिए
  4. मैप कितने प्रकार के होते है ?
  5. कंपास को सेट करना तथा इस्तेमाल करने का तरीका
  6. कंटूर रेखाए क्या है ? एक मैप की विश्वसनीयता और कमिया किन किन बाते पे निर्भर करती है ?
  7. मैप रीडिंग में दिशाओ के प्रकार और उत्तर दिशा का महत्व
  8. दिन के समय उत्तर दिशा मालूम करने का तरीका
  9. कन्वेंशनल सिग्न ,कन्वेंशनल सिग्न के प्रकार , कन्वेंशनल सिग्न बनाने का तरीका
  10. रात के समय उत्तर मालूम करने का तरीका


No comments:

Post a Comment