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13 मार्च 2017

रोडब्लॉक के बारे में जानकारी के 4 मुख्य बाते

हमने फ़ेल्ड इंजीनियरिंग  के पिछले पोस्ट में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस के बारे में जानकारी शेयर किये इस पोस्ट में हम रोडब्लॉक के बारे में जानकारी(Road Block ke bare me jankari) हासिल करेंगे !


इस पोस्ट को पढ़ने के बाद हमन इन सवालो का जबाब जान सकेंगे :
  1. रोडब्लॉक क्या होता है(Road block kya hota hai) ?
  2. रोडब्लॉक की जरुरत क्यों पड़ती है(Road block ki jarurat kyo padti hai ) ?
  3. रोडब्लॉक कितने प्रकार के  होते है(Road block kitne prakar ki hoti hai) ?
  4. रोडब्लॉक लगते समय ध्यान में रखने वाली बाते (Road block lagate samay dhyan me rakhne wali bate )!
जरुर पढ़े : कोसिल्मेंट क्या है और उसका तरतीब

1. रोडब्लॉक क्या होता है(Road block kya hota hai) ?: दुश्मन के आने केसंभावित  रास्तो लगाया गया ओ प्रकृति या कृतिम ब्यवधान होता है जिससे की दुश्मन के आगे बढ़ने और भागने के की रफ़्तार को रोक या धीमा किया जा सके !

रोड ब्लॉक टैंकों व गाडियो के लिए की जाती है परंतु टैंकों को बहुत कम रोक जा सकता है ! गाड़ियों को रोकने का उद्देश्य यह है की ओ टैंको के लिए ईंधन व गोल बारूद न पहुच पाए !जिससे की दुश्मन की हरकत को धीरे किये जा सके !

रोड ब्लॉक चाहे खुले मैदान में या जंगल वाले इलाके में उस जगह लगाया जाता है जहा से उन गाडियो को आगे जाने के लिए दुशरा रास्ता न मिल सके !

2. रोडब्लॉक की जरुरत(Road block ki jarurat) :रोडब्लॉक की जरुरत इन 5  कारणों से पड़ती है !
Concertina wire road block
Concertina wire road block
  • दुश्मन की तरतीब को बेकार करके उसे अपनी पोजीशन में घुसने से रोकना 
  • दुश्मन के हमले को थोड़ी देर के लिए रोकना 
  • एडवांस में दुश्मन के रास्तो को बांध करना 
  • दुश्मन को दो रुकावटो के बिच घेर करके बर्बाद करने के लिए 
  • आतंकवादियो को निकल भागने से रोकने के लिए 
3.  रोडब्लॉक की जरुरी  बाते(Road block ki jaruri bate) :  रोडब्लॉक के लिए निम्न जरुरी बाते  है :
  • रोड ब्लॉक डिफेन्स ऐसी जगह लगाए जाने चाहिए जहा से दुश्मन दूसरी कोई रास्ता आसानी से न बना सके !
  • रोडब्लॉक गहराई (डेप्थ) में लगनी चाहिए 
  • दुश्मन कोधोखा  देने  सड़क में मोड़ के बाद लगाने चाहिए !
  • अपने फायर और निगरानी के निचे होना चाहिए 
  • काम समय पे पूरा होने का ध्यान रखना चाहिए !
जरुर पढ़े : कमोफ्लाज के सिद्धांत , और कामोफ्लाज करने का तरीका
4. रोडब्लॉक कितने प्रकार के  होते है(Road block kitne prakar ke hote hai )?: रोडब्लॉक को दो ग्रुप मेंबाँट  सकते है 
 (i). पर्मानेन्ट  रोड ब्लॉक(Permanent road block) जैसे 
  1. पिम्पल्स : यह आर सी सी के  बने हुए होते है इनके निचे का बेस 3 फ़ीट और ऊपर 15 फ़ीट होते है ये जमीन से 3 फ़ीट ऊपर तथा 1 फीट जमीन के अंदर होते है !
  2. कॉफिन : यह भी आर सी सी के  बने हुए होते है इनका बेस 5  फ़ीट और तथा उचाई जमीन के ऊपर  3 फ़ीट  और 1  फ़ीट जमीन केंद्र बनाये जाते है 
  3. आर सी सी सिलिंडर :यह 3 -3  सिलिंडरो  का 1  ग्रुप होता है जिसमे सिलिंडर का 2 -6  डायमीटर  और लंबाई 3 फ़ीट होती है !
  4. क्यूब : इसका साइज 5 x 5  फ़ीट होती है ! यह 1 फ़ीट जमीन में और 4 फ़ीट जमीन के ऊपर होती है !
  5. एन्टी टैंक डिच : किस्म निम्न होती है :(i) ओने वे डिच (ii) टू वे डिच (iii) वाई टाइप डिच 
(ii). मभेवल  रोड ब्लॉक(Moveable road block): जब अपनी फौज या सुरक्षा बालो द्वारा  का इस्तेमाल करना हो तो ऐसी रुकावट लगाई जाती है जो उठाई  सके !जैसे की
  1. वेर्टिकल   रेल्स(Vertical rails) : कभी कभी खड़ी और मुड़ी हुई रेल भी इस्तेमाल में लिया जाती है यह दो दो फिट की लाइन  दुश्मनो से अपनी तरफ गाड़ी जाती है !
  2. हेस -होम्स(Hes-Homes) : यह 6 फिट लंबे लोहेके चैनल   है अगर जंजीर से जोड़ा जाय तो  और भी मजबूत बनता है इसे पानी के निचे  भी लगते है यह टैंक के निचे हिस्से नुकसान पहुचता है !

(iii). इम्प्रोवाइज्ड रोड ब्लॉक(Improvised road block ) तथा लगाने का तरीका :सुरक्षा बलो को सामान्यता जरुरत अनुसार स्थानीय सामान से ही रोड ब्लॉक इम्प्रोवाइज्ड  इसलिए उसे इम्प्रोवाइज्ड रोड ब्लॉक !
A .  गिराए हुई दरख्त :सड़क पर 15  डिग्री पर दरख्त काट   2  दरख्त सामने मिल जाये तो उन्हें काट कर बनाते है ! इस ब्लॉक को बनाते हुए इन बातो को ख्याल रखा !
  • एक दूसरे के नजदीक गिराकर जोड़ दिया जाये !
  • पूरा न काटा जाये बल्कि 1 /3  या 1 /4  हिस्सा शत्रु की तरफ हो !
  • ज्यादा शाखाओ और पत्तो वाले दरख्त फयदेमंद !
  •  इनके साथ एंटी टैंक और एंटी पर्सनल माइंस भी इस्तेमाल किये जा सकते है !
B. कंसर्टिना रोड ब्लॉक: सड़क पर डब्लू की सकल में बिछाने से बनती है ! कंसर्टिना इस प्रकार  चाहिए  :
  • 2 से 5  ब्लॉक तक गहराई में हो !
  • कंसर्टिना के किनारे आपस में बांध देने चाहिए 
  • मजबूत करने के लिए पिकेट या सैंडबैग इस्तेमाल करने चाहिए !
  • बूबी  ट्रैप  या एंटी पर्सनल माइंस  है !
C. स्टील वायर रोप : 4  इंच मोटे लोहे के रस्से सड़क के आर पर बांध कर रोडब्लॉक  बनाते है !

D . नम्बर। 14  गेज वायर : इस तार को 3  फ़ीट 6 फ़ीट ऊँची , सड़क के आर पर बांध दे , दरख्तों को आधे से ज्यादा काटकर कमजोर करके इसे बांध देने से रुकावट बन जाती है ! जिससे जब तार पर दबाव पड़ता है तो दरखत गिरने से रोड ब्लॉक बन जाता है !

E . लकडियो का ढेर : 2 फ़ीट से 6 फ़ीट डायमीटर वाला लकडियो  से भी  थोड़ी  देर के लिए रोड ब्लॉक बन जाता है !

F. रेल और मोटर गाडियो के पुर्जे निकल कर सदल पर डैम्प कर दिया जाता है , उनको बांधकर जमीं में पिकेट गाड़कर मजबूत ब्लॉक बनता है !

G. एंटी टैंक माइंस का इस्तेमाल : सड़क पर बेतरतीबी से एंटी टैंक माइंस लगाने से 

H . बारूद के   इस्तेमाल : जमीन  में गड्ढे खोदकर उनमे बारूद भर देते है और जब शत्रु की गाड़िया या तबके आये तो  क्रेटर बन जाये


4 . रोड ब्लॉक लगते समय ध्यान देने वाली बाते(Road block lagate samay dhyan me rakhne wali bate) :रोड ब्लॉक एक अलग आपरेशन है जिसमे की पूरी डिफेन्स अख्तियार करने की करवाया की जाती है ! इस लिए रोड ब्लॉक लगते समय इन बातो को ध्यान रखे :
  • जगह की अच्छी तरह से रेक्की  की जाये 
  • कुदरती रुकावटो के साथ  जाये 
  • सही देखभाल (विसुअल और फायर पावर से )
  • पुरे हथियारों का कोऑर्डिनेटिंग फायर 
  • डेप्थ और म्यूच्यूअल सपोर्ट में हो 
  • कैमोफ्लॉज और कंसलमेन्ट अच्छा हो 
इस प्रकार से रोड ब्लॉक के ऊपर एक संक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब , फॉलो तथा फेसबुक पर लाइक कर के हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !

Download pdf version of Raodblock ki jankari pdf

विशेषकर  आपके लिए   :
  1. बम निर्धक दस्ते का कार्य
  2. Abbreviate BDDS related words and its full-form
  3. BDDS Definition !
  4. बारूद का इतिहास
  5. लैटर बम को पहचानने का तरीका
  6. फील्ड फोर्टीफिकेसान ,उसके प्रकार और ध्यान में रखनेवाली मुख्या बाते



04 फ़रवरी 2017

पुलिस में इस्तेमाल होने वाले टेंट और उनके साथ आनेवाले सामान

हमने फील्ड क्राफ्ट के पिछले पोस्ट में जमीनी निशान को व्यान करने के तरीका के बारे  में जानकारी शेयर की इस पोस्ट में हम आर्म्ड पुलिस में इस्तेमाल होने वाले बिभिन्न प्रकार के टेंट्स(Police me istemal hone wale tents) के बारे में जानकारी शेयर करेंगे !

आर्म्ड पुलिस को भिन्न भिन्न प्रकार के ड्यूटी करनी पड़ती है  बहुत बार बहुत ही कम समय में एक जगह से दुसरे जगह ड्यूटी के लिए जाना पड़ता है ! और उस दौरान ड्यूटी भी ऐसी जगह पे होती है की जहा रहने के लिए कोई शेल्टर नहीं होता है और वैसी जगहों पे हमे टेंट की जरुरत पड़ती है !

जरुर पढ़े: फील्ड फोर्टीफिकेसान ,उसके प्रकार और ध्यान में रखनेवाली मुख्या बाते

फ़ोर्स के अन्दर निम्न प्रकार के टेंट का इस्तेमाल किया जाता है और उन टेंटो के नाम तथा उनके साथ आने वाले समग्रिः इस प्रकार है :

1. स्विस कॉटेज टेंट(Swiss Cottage Tent) : यह टेंट उच्च अधिकारिओ के इस्तेमाल में लाया जाता है ! इसमें उच्च अधिकारी के इस्तेमाल लाया जाता है इसलिए इसे वी आई पी  टेंट(VIP Tent) भी कहते है !
वी आई पी  टेंट की खूबिया(VIP Tent ki khubia) : इसमें सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराइ जा सकती है ! इसके अन्दर की तरफ घेरा होता है ! अन्दर की और से चार बड़े बड़े भागो में बात दिया जाता है जबकि बहार से एक ही दिखाई देता है ! इस में चार रूम होता है ! एक बाथ रूम और उसके अलावा बैठने के लिए भी अलग अलग स्थान होता है ! इसमें 8 दरवाजे होते है ! इनमे से सबसे बड़ा दरवाजा अन्दर और बहार जाने के काम आता है ! मुख्य कक्ष के कनातो पे तरह तरह के फुलदार चित्र बने होते है !
वी आई पी  टेंट के साथ आनेवाले सामान (VIP Tent ke sath aanewale saman):इस टेंट को लगाने के लिए 20 x 15 गज जमीन की आवश्कता पड़ती है और टेंट लगाने के लिए निम्न सामान साथ आता है :
Swiss Cottage Tent
Swiss Cottage Tent
  • आउटर फ्लाई -01
  • इनर फ्लाई -01
  • स्टैंडिंग पोल -2
  • रिज पोल -1
  • दरी -1
  • चिक्क-1
  • पिकेट -60
  • कनात इनर -2
  • कनात आउटर-2 
  • लकड़ी का हथौड़ा -2
  • नोट:टेंट को लगाने के लिए 10 से 12 जवानों की जरुरत पड़ती है !
जरुर पढ़े: लैटर बम को पहचानने का तरीका
2.स्टोर टेंट(Store Tent) : जैसे की इसके नाम से ही बोध होता है टेंट सरकारी  सामान को स्टोर करने के लिए इस्तेमाल होता है !
स्टोर टेंट के जरुरी सामान(Store tent ke jaruri saman) :
Store Tent
Store Tent
  • आउटर फ्लाई -1
  • इनर फ्लाई -1
  • स्टैंडिंग पोल -4
  • रिज पोल -3 
  • पिकेट -80 
  • नोट : इस टेंट को लगाने के लिए कुल 80 रस्से होते है जिनको बढ़ना पड़ता है और इस टेंट को लगाने के लिए 10 जवान की जरुरत पड़ती है !
3. E.P.I.P टेंट (1 पोल वाला (EPIP Tent-1):यह टेंट आम तौरपर जवानों के रहने  के लिए होता है , इसमें 1 साथ 8 जवान चारपाई के साथ रह सकते है ! इस टेंट का वजन 360 पौंड होता है !

E.P.I.P टेंट के जरुरी सामान(EPIP-1 tent ke jaruri saman) :
EPIP Tent
EPIP Tent
  • आउटर फ्लाई -1
  • इनर फ्लाई -1
  • सेण्टर पोल -1
  • कनात-4
  • पिकेट-40 
  • उप-राईट पोल -28 
  • ट्रेक हेड नेट - 1
  • लकड़ी का हथौड़ा -1 
  • इस टेंट के चारो तरफ 20 रस्से होते है और इसको लगाने के लिए 1-6 की पार्टी होती है !

4.E.P.I.P टेंट(2 पोल ):यह टेंट भी जवानों के रहने के लिए होता है इस टेंट में भी वैसे ही आवश्यकता होती है जैसे EPIP(1 पोल) वाले टेंट में होता है : इस टेंट में एक साथ 8 जवानों की रहने की व्वस्था होती है इसमें कुल 30 रस्से होते है !
E.P.I.P टेंट के जरुरी सामानEPIP-2 tent ke jaruri saman) :
EPIP Tent
EPIP-2 Tent
  • आउटर फ्लाई -1 
  • इनर फ्लाई -1
  • स्टैंडिंग पोल -2 
  • रिज पोल -1
  • पिकेट -60 
  • कनात -4 
  • उप राईट पोल -28 
  • ट्रैक हेड नट -2 
  • लकड़ी का हथौड़ा -2 
  • इस टेंट को लगाने के लिए भी 1-6 की पार्टी होती है 
5. 180 पौंड टेंट (180 pound tent): यह टेंट जवानों के रहने के लिए लगाया जाता है इस टेंट में 8 जवान के लिए रहने की व्वस्था होती है ! इस टेंट का वजन 180 पौंड होता है इसलिए इसे 180 पौंड टेंट कहा जाता है !

180 पौंड टेंट की समग्रिः(180 pound tent ke jaruri saman) 
180 Pound Tent
180 Pound Tent
  •  आउटर फ्लाई -1 
  • इनर फ्लाई -1 
  • स्टैंडिंग पोल -3 
  • रिज पोल-2पिकेट-22
  • स्क्रीन -2 
  • पिन ईरान -10
  • इस टेंट को लगाने के लिए 8 8 गज लम्बी और 6 गज चौड़ी जमीन की आवश्कता पड़ती है इस टेंट को लगाने के लिए 1-4 की पार्टी होती है !

6. 40 पौंड टेंट(40 pound tent) :इस टेंट का इस्तेमाल बाथरूम या टॉयलेट टेंट बनाने के काम आता है है इस टेंट का वजन 40 पौंड होता है इसलिए इसे 40 पौंड टेंट कहा जाता है ! इसमें कुल 14 रस्से होते है इसको लगाने के लिए 4 गज लम्बी और 4 गज चौड़ी जमीन की जरुरत पड़ती है !
40 पौंड टेंट के सामान (40 pound tent ke jaruri saman):
40 Pound Tent
40 Pound Tent
  • आउटर फ्लाई -1 
  • इनर फ्लाई -1 
  • स्टैंडिंग पोल-2
  • रिज पोल -1 
  • पिकेट-14 





7. लैट्रिन  टेंट(latrine Tent) : यह अपने तरह का अलग अलग प्रकार का टेंट होता है जिसमे कोई पोल नहीं होता है ! इसके ऊपर 1 छत नुमा छतरी होती हैऊ ! इसको लगते समय सबसे पहले रूफ हैण्ड को खोला जाता है उसके बाद उसकी रस्सियो को चारो तरफ फैलाकर बांध दिया जाता है और कनात के उपार रिज पोल के सहारे छतरी को तान दिया जाता है इसको इस्तेमाल में लेन के लिए इसके अन्दर कमोड रखा जाता है !
Latrine Tent
Latrine Tent
जरुर पढ़े: जमीनी निशान ब्यान करने का तरीका

8. स्क्रीन टेंट(Screen tent) : यह टेंट जवानों के  इस्तेमाल  इस्तेमाल के लिए होता है यह टेंट आमतौर पर ऐसे स्थान पर लगाया जाता है जहा पर जवानों को लैट्रिन जाने के लिए सुविधा न हो ! इस टेंट का कनात ईपिआइपि टेंट के कनात से छोटे होते है !यह ऊपर से बिलकुल खुला होता है ! इसके आगे वाली कनात में दरवाजा होता है ! एक लेत्रिने से दूसरी लेट्रिन के बीच पर्दा होता है लेकिन पीछे की दिवार में कोई खिड़की या दरवाजा नहीं होता है ! यह टेंट जमींन  पर खुदी हुई लैट्रिन पर लगाया जाता है !
जरुरी सामान(Screen tent ke jaruri saman)

  • कनात जरुरत के मुताबिक
  • पिकेट जरुरत के मुताबिक
  •  लैट्रिन सिट  जरुरत के मुताबिक 
इस प्रकार से आर्म्ड पुलिस में इस्तेमाल होने वाली टेंट से सम्बंधित एक संक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पर शेयर और पाज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !
विशेषकर आप के लिए  :
  1. फिल्डक्राफ्ट और उसके फायदे
  2. फासले का अनुमान लगाना और अनुमान लगाने का तरीका
  3. चीजे क्यों दिखाई देती है टारगेट को कैसे बयान करते है ?
  4. कामोफ्लाज और कांसिल्मेंट तथा फायर कण्ट्रोल आर्डर की जानकारी
  5. कमोफ्लाज के सिद्धांत , और कामोफ्लाज करने का तरीका
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  7. स्टाकिंग क्या है ? और स्टाकिंग के फायदे तथा और जाननेवाली बाते !
  8. आवाज़ तथा बेअरिंग के मेथड से फासले का अनुमान लगाने का तरीका


02 अगस्त 2016

इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस क्या होता है और IED के भाग

पिछ्ले पोस्ट में हमने फील्ड फोर्टीफिकेसन के बारे में जानकारिया शेयर  की थी ! इस पोस्ट में हम इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस क्या है (Improvised Explosive Device) और उसके लगाने के संभावित जगह (Improvised Explosive device lagana ka sambhawit jagah )क्या होते है इसके बारे में जानकारी शेयर करेगे !

 जैसे की हम जानते है की आईईडी(IED) का फुल फॉर्म होता है इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस(Improvised Explosive Device)! और  आये दिन टीवी और न्यूज़ में देखते और पढ़ते है की अमुक जगह आतंवादी ने  आईईडी प्लांट की थी जो  फट गया और  इतने लोग हताहत हुए , आखिर आतंकवादी इस्तेमाल करते है उस बम को आईईडी क्यों कहते है और आईईडी तथा कन्वेंशनल बम के क्या अंतर है


1. आईईडी क्या है(What is IEDs)?: गैर कानूनी ढंग से हत्या तोड़फोड़ , सम्पति का नुकशान पहुचने , चोट पहुचने और जान माल के नुकशान पहुचने के लिए कम से कम समय में कम से कम खर्चे  में अधिक से अधिक नुकशान पहुचाने के लिए अपनी सूझ बुझ से लोकाली(Locally made explosive) उपलब्ध विष्फोटक पदार्थ या उच्च स्तरीय एक्स्प्लोसिव(high explosive) के इस्तेमाल कर बने  गई डिवाइस को आईईडी या इम्प्रोवाइज्ड एक्स्प्लोसिव डिवाइस कहते है  !

2. आईईडी के मुख्य हिस्से पुर्जे(Parts of Improvised Explosive Device): आईईडी का मुख्य चार भाग होते है !
  1. एक्सप्लोसिव(Explosive)
  2. डिटोनेटर (Detonator)
  3. ट्रिगर मेचानिज्म (Trigger mechanism) 
  4. पॉवर सोर्स (Power source)
3. आईईडी में इस्तेमाल  होने वाले एक्सप्लोसिव (Explosive used in Improvised Explosve Devise):
(a)  सर्विस एक्सप्लोसिव(Service Explosive) :
  • लो एक्सप्लोसिव(low explosive) : गन पाउडर(gun powder) , कोरडेइट(Cordite)
  • हाई  एक्सप्लोसिव : पी ई के(PEK) , टी एन टी(TNT) , जी सी स्लैब(G Slab) , प्राइमर अमोनियम पाउडर(Primer Ammonium Powder) 

(b)  कमर्शियल एक्सप्लोसिव(Commercial explosive) :
  • ऍफ़ एल एस एल (FLSL)
  • लोक्स (Lox)
(c)  इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव :
  • दावा , आसानी से लोअकाली उपलब्ध रासायनिक  खाद (Chemical used in fertilizer) , आयल यदि ! 
4. आईईडी में इस्तेमाल होनेवाले डिटोनेटर 

(a)  सर्विस डिटोनेटर  
  • डिटोनेटर  नंबर -27 एसटीडी (नॉन-इलेक्ट्रिक )(Detonator No-27 STD (Non-Electric))
  • डिटोनेटर  नंबर -33 एसटीडी (इलेक्ट्रिक )(Detonator No-33 STD (Electric))
(b)  इम्प्रोवाइज्ड डिटोनेटर 
  • डिटोनेटर  थर्मल (इम्प्रोवाइज्ड)
  • डिटोनेटर  केमिकल  (इम्प्रोवाइज्ड)
  • डिटोनेटर फ्रिक्शन  (इम्प्रोवाइज्ड)
  • डिटोनेटर  प्रोपोल्लेंट  (इम्प्रोवाइज्ड)

(c)  कमर्शियल  डिटोनेटर  
  • डिटोनेटर  नंबर -6
  • डिटोनेटर  नंबर -7
  • डिटोनेटर  नंबर -8
5. आईईडी के प्रकार(Type of Improvised Explosive Device) : आईईडी दो प्रकार के होते है 
  1. ओपन बम(Open Bomb) : जब बम के मुख्य चार भागो में से कोई एक भाग दिखाई दे तो उसे ओपन बम कहते है !
  2. क्लोज्ड बमClosed Bomb) : जब बम के मुख्या चार भाग में कोई भी भाग नज़र न आये तो उसे क्लोज्ड बम कहते है !
6. असामाजिक तत्वों द्वारा इस्तेमाल होने वाले कुछ इम्प्रोवाइज्ड डिवाइस(IED Used by Terrorist): कुछ आईईडी जो  कुछ असामाजिक तत्व इस्तेमाल करते है जिसका  आउटर कंटेनर के अनुसार उसका नामकरण किया जाता  है जो इस प्रकार से है 
  • बुक बम(Book Bomb) 
  • घी टिन बम
  • मिठाई का डिब्बा बम 
  • डोरमैट बम 
  • टिफ़िन काररीएर बम 
  • गुलदस्ता बम 
  • पेन स्टांड बम 
  • पाइप बम(Pipe Bomb) 
  • डोर टोगल बोल्ट बम 
  • इम्प्रोवाइज्ड शेप्ड बम 
  • हाथ गोला 
  • बोतल बम 
  • लैटर बम (Letter Bomb)
  • improvised claymore bomb 

7. आईईडी को बर्बाद करने का तरीका(IED ko neutralized karne ka tarika) :
  • ग्राप्नेल(Grape Nail) की मदद से 
  • उसी जगह पर बारूद  लगाकर बर्बाद करना 
  • मेचानिज्म को न्यूट्रलाईजड करना 
8. आईईडी को लगाये जाने वाला जगह(IED ko lagaye jane wala jagah) : असामाजिक तत्व और आतंकवादी ज्यादातर इन जगहो पे आइडिज लगते है :
  • कच्ची सड़क 
  • पुल, कलवर्ट और पुलिया 
  • उबड़ खाबड़ रास्ते 
  • संकरें रास्ते
  • फौज के आने जाने के आम रास्ते 
  • सड़क/रास्ते के मोड़ पे 
  • सड़क के दीवारे 
  • चौराहे पे 
  • पेड़ खड़ा /कटा हुआ पेड़ 
  • लावारिश सामान में 
  • लालच वाली चीजें में 
  • डेली इस्तेमाल  की सामन में 
  • आकर्षण वाली चीजो में 
  • पब्लिक प्लेस 
  • दरवाजा और खिड़कियो में 
  • मरे हुए अतंकवादियो के बॉडी में 

9.आईईडी संभावित  एरिया में जाने वक्त ध्यान में रखने वाली बातें(IED prone area me jane wakt dhyan me rakhne wali baten) :
  • कच्चे  रास्ते /सड़क का इस्तेमाल सार के बाद ही करे 
  • हर वास्तु को शाकिया नज़र से देखे 
  • कुछ भी सुरक्षित नहीं है इस भाव से सोंचे 
  • लालच न करे 
  • आईईडी को एक ही न समझे 
  • आईईडी से फालतू छेड़ छाड़ न करे 
  • जहा तक संभव हो आईईडी को उसी जगह बर्बाद करें 
  • आईईडी को हरकत ग्राप्नेल से दे 
  • अगर आईईडी दिखाई दे तो केवल ट्रेनिंग लिया हुवा व्यक्ति ही उसको बर्बाद करे !
  • घबराहट फैलने से रोके 
  • भगदड़ न मचाएं 
  • भीड़ इकठ्ठा न होने दे 
  • जोखिम न उठायें 
  • कोई और विकल्प न हो तभी आईईडी को हाथ से छुए 
10. आईईडी और कन्वेंशनल बम में क्या अंतर होता है (Difference between Bomb and IEDs)
  • आईईडी का कोई शेप और साइज़ नहीं होता है जब की कन्वेंशनल बम का एक निश्चित शेप और साइज़ होती है !
  • आईईडी में कौन सा एक्सप्लोसिव है ये बता नहीं सकते है जब की कन्वेंशनल बम के बारूद की जानकारी रहती !
  • आईईडी का मेचानिज्म का पता नहीं होता है जब की कन्वेंशनल बम का मेचानिज्म फिक्स्ड रहता है !
  • आईईडी  बनाना गैर कानूनी है जब की कन्वेंशनल  बम सरकार के अपनी कंपनी में बनाया जाता है ! 
  • आईईडी के ऊपर बनाने सम्बंधित कोई भी डिटेल नहीं दिया रहता है जबकि कन्वेंशनल बम पे सब कुछ लिखा रहता है !
  • कन्वेंशनल बम एक सरकार अपने दुश्मनों के खिलाफ इस्तेमाल करती है जबकि आईईडी  आतंकवादी या असामजिक तत्व आम पब्लिक को मरने या डराने के लिए इस्तेमाल करते है !

आज कल की जो सुरक्षा का जो वातावरण है उसमे सभी जवानों को आईईडी के बारे में जानकारी होनी चाहिए क्यों की लड़ाई में पता नहीं आईईडी मिले या न मिले लेकिन काउंटर इंसरजेंसी के ड्यूटी में आईडी आये दिन मिलता है ! इसलिए से  माहौल में ड्यूटी करने के लिएआईईडीके बारे में जानकारी ही आपकी बचाव है ! 

इसलिए न्यूज़ पेपर या टीवी पे जो भी आईईडी के मेचानिज्म और शेप के बारे में दिखा जा उसे देखे जिससे ये पता लगेगा की  आईईडी का शेप और साइज़  किस किस तराह के होसकते है और कौन कौन से मेचानिज्म का इस्तेमाल आंकवादी कर रहे है इनको  बनाने में !

इस प्रकार से आईईडी के बारे में थोडा जानकारी शेयर किये  !उम्मीद है पोस्ट पसंद आएगा अगर कोई कमेंट या सुझाव हो तो जरुर दे और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब  करके हमलोगों को सपोर्ट करे!

26 मई 2016

फील्ड फोर्टीफिकेसान ,उसके प्रकार और ध्यान में रखनेवाली मुख्या बाते

इस पोस्ट में हम फील्ड इंजीनियरिंग के एक सब्जेक्ट के उपर  जानकारी शेयर करेंगे वह है फील्ड फोर्टी फिकेसन (Field fortification)मोर्चा और तरह तरह के रुकवाते बनाना ये सब फील्ड इंजीनियरिंग के तहत आता है इस पोस्ट में हम मोर्चा यानि फील्ड फोर्टी फिकेसन  का प्रकार और उनके परिभाषाये और .फील्ड फोर्टी फिकेसन  के लिए जरुरी बाते (important point for field fortification), के बारे में जानेगे  !

लड़ाई के दौरान हमारा उद्देश्य शत्रु व विरोधियो को बर्बाद करना होता है इसके साथ हमे अपने लिए भी हिफाजती कारवाही की जरुरत होती है जिसके लिए मोर्चा और तरह तरह के रूकावटे इस्तेमाल कर के हासिल करते है !

डिफेन्स तभी अच्छा साबित होगा जब कमांडर अपने जवानों से उनके हथियारों से कारगर फायर डलवाने सके और इसके लिए जरुरी है की फील्ड फोर्टी फिकेसन  अच्छी तरह से की जाय यानि मोर्चे की खुदाई हथियार को ध्यान में रख कर बने गई हो जहा एक जवान अपनी बचाव करते हुए अपने हथियारों से प्रभावी फायर डाल सके !

फील्ड फोर्टीफीकासन तैयार  करते समय इन बातो को ध्यान में रखना चाहिए
  •  हथियार का इस्तेमाल (Use of weapon) : मोर्चे का डिजाईन ऐसा हो की हथियार से कारगर फायर किया जा सके!
  • फील्ड ऑफ़ फायर(Field of fire) : हथियार्के कारगर रेंज तक साफ हो
  • मोर्चा(Morcha) : मोर्चा ऐसा हो जहा से जवान दुश्मन के फायर और गोलाबारी से बचाव हासिल कर सके ! इसके लिए ओवर हेड कवर और शेल्टर ट्रेंच बनाये ! 
Command Post
Command Post
 बचाव(Safety from weapon fire) : मोर्चे की दीवाल और शेल्टर की मोटाई और  हथियार के मार से बचाव इस प्रकार है :
  • स्माल आर्म्स फायर       -     63 इंच
  • सेल एस्पिलिनटर         -     18 इंच
  • फील्ड गन              -     48 इंच
  • मेडियम गन            -     72 इंच

 छुपाव(Concealment):ज़मीन और हवाई रैकी से छुपाव हो इसके लिए निचे दी हुई बातो का ख्याल रखना चाहिए !
  • ज़मीन की कुदरती बनावट : ज़मीन की कुदरती बनावट को तोडना नहीं चाहिए ! दरख्तों की लाइन और बंधो का पूरा पूरा फ़ायदा उठाना चाहिए !
  • ट्रैक्स  और टेलीफोन : पुराने रस्ते का इस्तेमाल करे नए रस्ते कम से कम बनाये ! नये रस्ते छुपे हुए पुराने रस्ते की तरह  ही हो !
  • स्थानीय सामान : सब सामान झ्डियो और घासों में छुपा देना चाहिए ताकि डिफेन्स के साथ मिलजाए !
  • खोदी हुई मिटटी : खोदी हुई मिटटी को साथ वाली ज़मीन से मिला दिया जाय या दबी ज़मीन में दबाकर कामोफ्लाज कर दिया जाय !
  • कामोफ्लाज नेट : कामोफ्लाज नेट का दुरुस्त उपयोग किया जाय की जिससे फायर और हरकत में रुकावट न पड़े !

Fire Trench
Fire Trench
 फील्ड फोर्टीफिकासन निम्न प्रकार के होते है :
  • फायर ट्रेंच(Fire Trench) : ज़मीन की सतह से नीचे खोदा गया वह मोर्चा जहा से एक या एक से अधिक जवान  अपने हथियार का कारगर फायर कर सके !
  • वेपन पिट (Weapon Pit): ज़मीन की सतह से निचे खोदा गया वह मोर्चा जहा से  हाई trajectory के हथियारों से फायर किया जा सकता है !
  • शेल्टर (Shelter): ऐसा खोदा गया मोर्चा जहा से जवान स्वयं को एयर ब्रस्ट स्पलिन्टर गोली या विरोधिओं व दुश्मन से नज़रि बचाओ कर सके और जवान इसमें कुछ दे आराम कर सके ! यह मोर्चों के पास और पीछे होता है !
  • बंकर/कमांड पोस्ट (Command Post): ज़मीन में खोदा गया वह बड़ा  मोर्चा जिसको over हेड प्रोटेक्शन दिया हो साथ में लूप होल फायर के लिए बनाया गया हो!
  • स्लिट ट्रेंच(Slit Trench):  ज़मीन की सतह से निचे खोदा हुआ वह मोर्चा जो थोड़ी देर के लिए दुश्मन के हवाई हमले से बचाए, जबकि फायर ट्रेंच की जरुरत न हो, जैसे की हार्बर या छोटे हालत के समय
  • फिक्स्ड डिफेन्स(Fixed defence) : ऐसा डिफेन्स जिसमे तमाम ट्रेंच सीमेंट या कंक्रीट के बने हो !
  • ब्रेस्ट वर्क(Brust work) : ऐसा इलाका जहा पर ट्रेंच न खोदा  जा सकेजैसे पथरीली और रेतीले इलाके वह जमीन के ऊपर ही सैंड बैग या पत्थर की मदद से बनाए जाते है उसे ब्रेस्ट वर्क कहते है !
  • डिफेंडेड बिल्डिंग(Defended building) : ऐसा माकन जिसको डिफेन्स के लिए इस्तेमाल किया जाय!
  •  ड्रेनेज (Drainage): डिफेन्स को ऐसी जगह पे बनाया जाय जहा पे पानी जमा नहीं होता हो !ऐसी जगह पे पानी जमा होने पर पानी को बहार निकलने के लिए ड्रेनज बनाया जाय ! जिससे की ड्रेनज के आदर इकठा पानी बहार निकल जाय !

  • रिवेत्मेंट(Revetment) : मोंचे के कंधो को वरिश और धमाके से बचने के लिए उसे रिवेत्मेंट किया जाता है वह दो प्रकार का होता है :

  1. स्किन रिवेत्मेंट(Skin revetment) :मोर्चे के कंधो को रोकने के लिए लकड़ी के प्लांक लोहे के चादर लगा दी जाती है और इसको पिस्त और तार से बांध दी जाती है !
  2. दिवार रिवेत्मेंट(Wall revetment) : सैंड बैग या दिवार बनाकर मोर्चे के दिवार को गिरने से रोका जाता है

  • ओवर हेड कवर(Overhead cover) : हवाई जहाज से छुपाने के लिए दरख्तों के निचे बनाना चाहिए !
  • ओवर हेड प्रोटेक्शन(Overhead protection) : शेल्टर या मोर्चा के ऊपर मिटटी या सीमेंट डाल कर बनायीं जाती है जिसमे की जवान अपनी बचाव स्पलिन्टर और  ब्रस्ट इत्यादि से कर सके ! डायरेक्ट हिट से बचाव मुश्किल है


 .फील्ड फोर्टीफिकेस्न के लिए जरुरी बाते (Important point for field fortification) :
  • फायर से कवर हो
  • दुश्मन को ज्यादा समय तक रोक सके
  • दुश्मन को धोखा देने के लिए छुपाव और कैमोफ्लाज में मदद दे सके
  • दुश्मन को रिक्की से रोकने के लिए लैंड माइंस और बूबी ट्रैप्स लगा हुवा हो 
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