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Wednesday, March 30, 2016

चीजे क्यों दिखाई देती है टारगेट को कैसे बयान करते है ?

इस  ब्लॉग  पोस्ट में  जो टॉपिक discuss करेंगे वो है "चीजे क्यों नजर आती है", टारगेट का बयान करना और बयान करने के तरीके और हथियार व बिना हथियार के साथ चलने वाले चले !

ऐसे तो ऑपरेशनल एरिया में हम दुश्मन को ढूढ़ने के कोशिश करते है और दुश्मन हमे ढूढ़ रहा होता है और सफल वही होता है जिसके अन्दर सेल्फ डिसिप्लिन और फील्ड क्राफ्ट की अच्छी समझ हो और कुदरती तथा बनावटी चीजो को कैसे अपने फायदे के लिए सही तरीका से इस्तेमाल  और दुश्मन को कैसे धोखा देकर बर्बाद किया जा सके !

इसको समझने के लिए सब से पहले जो बात आती है वो की चीजे क्यों दिखाई देता है अगर ये हम जानते है तो छुपाव हासिल करना बहुत ही आसान है !

चीजे क्यों दिखाई देती है ?

किसी चीज को दिखाई देने के लिए ये गन उसके अन्दर होना चाहिए. जिसे ट्रेनिंग के दौरान 6 S और 1 M कह केबुलाया जाता है ! और ये 6 स और 1 M है !

  • Shadow(साया )
  • Shine(चमक )
  • Surface(धरातल)
  • Silhouette(खाका )
  • Shape (आकृति )
  • Spacing (फासला)
  • Movement(हरकत)
इन उपरोक्त 7 कारणों से कोई  चीज हमे दिखाई देता है !

ठीक है हमने ये तो जन लिया की चीजे क्यों दिखाई देती है तो हम कैसे किदिये हुवे इलाके को देख-भाल करे की चीजे आसानी से दिखाई दे दे !

जमींन को देख-भाल करने का क्या तरीका है ?
  • दिए हुए इलाके को सबसे पहले हदबंदी की जाय !
  • पुरे इलाके को 30 सेकंड तक  फौरी  खोज और 2 मिनट्स तक पूरी खोज की जाय !
  • नजदीक के इलाके को पहले देखा जाय !
  • बाये से दाहिने की सिल्सिल्वर तलाशी की जाय !
  • इलाके के 50-50- गज के टुकड़े में बाँट ले !
  • एक टुकड़े से दुसरे टुकड़े की देखभाल करते वक्त 10 गज का ओवर लैप किया जाय !
इलाके को देखभाल करे से पहले इलाके को कई हिंस बाँट लेना चाहिए !

Ground Observation,
Ground Observation,
                            Image Source: Google

देख-भाल के हिसाब से इलाके को कितने हिस्सों में बनता जाता है ?

देख-भाल के हिसाब से इलाके को 3 हिस्सों में बनता जाता है !
  1. नजदीक इलाका (Fore Ground): 300 गज तक का एरिया (राइफल के कारगर रेंज )
  2. बिच का इलाका (Middle Gorund): 300 गज से 500 गज तक का इलाका !
  3. दूर का इलाका (Distant Ground): 500 गज तक से ऊपर का इलाका !
टारगेट बयान करने का भी अपना एक तरीका है लेकिंग ओ जानने से पहले कुछ टारगेट व्यान करने सम्बंधित शब्द है उनका मीनिंग समझ लेना बहुत जरुरी है ! और ओ शब्द है :
  • आम रुख : आब्जर्वर से स्काई लाइन तक वह फर्जी लेने जो जिमीवारी के इलाके को तक़रीबन दो बराबर हिस्सों में बताती है और उसे कायम रखनेके लिए जो निशान चुना जाता है उसे आम रुख कहते है !
  • जमीनी निशान : जमीन के वे कुदरती और बनावती निशान जो किशी भी ऑपरेशन के जुबानी हुक्म में इस्तेमाल किये जाते है ! यह जरुरी नहीं की जमीनी निशान दिखाई दे !
  • मदद  के निशान : ऐसी कुदरती निशान या बनावटी निशान जिसकी सहयता से किसी दुसरे जमिनी निशान या टारगेट  को बयान करते है ! अगर निशान फैलाव में 1 डिग्री से ज्यादा हो तो उसका किनारा लिया जाय !
  • टारगेट : वह निशान या जगह जिसके ऊपर फायर गिराने या बर्बाद करने के लिए मुकरर किया जाता है उसे टारगेट कहते है !
जमीनी निशान, मदद का निशान और टारगेट में क्या फर्क है?

  • जमीनी निशान और टारगेट फैले हुवे हो सकते है लेकिन मदद का निशान अगर फैला हो तो उसका एक किनारा लिया जाता है !
  • यह जरुरी नहीं की जमीनी निशान और टारगेट दिखाई दे लेकिंग मदद का निशान नजर जरुर आना चाहिए !
  • मदद के निशान की सहायता से दुसरे जमीनी निशान या टारगेट का बयान करते है लेकिंग जमीनी निशान सिर्फ ऑपरेशन के जुबानी हुक्म में ही इस्तेमाल किये जाता है !
टारगेट को बयान करने के क्या उसूल है ?
  • सदा और आसान तरीका अपनाया जाय !
  • मुश्किल टारगेट का बयान करने के लिए जितनी जरुरत हो उतनी ही मदद की जाय !
  • फौजी शब्दों का इस्तेमाल किया जाय !
टारगेट को कभी भी बयान किया जय तो उसे सिखलाई दी गयी तरितिब से ही बयान दे जिसे की ट्रूप्स आसानी से समझ सके !

टारगेट बयान करने की क्या तरतीब है ?

टारगेट बयान करने की तरतीब को शोर्ट में GRAD कहते है जिसका मतलब लैटर वाइज ये है :
  • G=ग्रुप (Group)
  • R= रेंज (Range)
  • A= एड (Aid)
  • d= टारगेट का बयान (Discription of target)
मदद के निशान बाटते समय ध्यान में रखने वाली बाते क्या है ?
  • मदद का निशान हमेश बाये से दाहिने की तरफ बाते जाय !
  • एक निशान से दुसरे निशान के बिच कम से कम 19 डिग्री और ज्यादा से ज्यादा 30 डिग्री का फर्क होना चाहिए !
  • अगर  निशान फैलाव में 1 डिग्री से ज्यादा हो तो उसका किनारा लिया जाय !
  • रेंज और नाम दिया जाय 
  • निशान अलग अलग रेंज और नाम से होना चाहिए !
  • निशान हरकती न हो !
  • निशान मशुर हो !
मुश्किल टारगेट को बयान करने के कौन कौन से तरीके है ?
  • मदद के निशान से,
  • घडी का तरीका ,
  • डिग्री 
  • अंगुली द्वरा बता के 
  • अन्य तरीका जैसे हरकती चीजे, आखरी टारगेट से  ट्रेसर राउंड से ,
ऑब्जरवेशन से ऑब्जेक्टिव की चौडाई मालूम करने का क्या तरीका है ?

  • ओब्जेक्टिवे का चौडाई = रेंज  x डिग्री /60 
for example मन लो की ऑब्जेक्टिव का फासला 600 गज है और ऑब्जेक्टिव का चौडाई 10 डिग्री है तो ऑब्जेक्टिव का चौडाई गजो में होगा :
 600 x 10/60=100 गज 

ऑपरेशन के दौरान दुश्मन के अजरो से बचने और उसके नजदीक से नजदीक पहुचने के लिए हमे जमीन की बनावट और माहौल के देखते हुवे बहुत से चले अपनाना पड़ता है  जिससे की दुश्मन हमे देख न सके और हम उसके पास पहुच कर अपना दिया हुवा टास्क पूरा कर सके !

हथियार और हथियार के साथ एक जवान कौन कौन से चल चलता है ?

निम्नलिखित चले चलता है :
  • बंदर चाल,
  • चीता चाल नॉ-1,
  • चीता चाल नॉ-2
  • लुढकन चाल,
  • भुत चाल
ऑपरेशनल एरिया जहा रिसोर्स लिमिटेड होते है इसलिए हमे बहुत से एम्प्रोवईज तरीके अपनाना पड़ता है जैसे  के डिग्री का नापना , judging distance इत्यादि !

हाथ से डिग्री नापने का तरीका क्या है ?

मुठी और हाथ की अंगुली की मदद से हम 3, 5 ,8, 12, और 19 डिग्री तक का नाप ले सकते है !

Indication of Target by Hand(fist)
Indication of Target by Hand(fist)

Indication of Target by finger
Indication of Target by finger
इस तरह से हम  जानकारी हासिल किये की चीजे क्यों दिकह्यी देता है और डिग्री का अनुमान कैसे लगते है 




2 comments:

  1. sir i want some detail about arms evam ammenation ka masik nirikshan evam repairing

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    Replies
    1. You may visit http://www.forpoliceman.in/2016/05/technical-details-of-56-mm-insas-rifle.html where you can get some detail about insas rifle ammunition

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