Sponser


Tuesday, January 16, 2018

एक जवान के लिए दिशा का ज्ञान क्यों जरुरी है ?

पिछले पोस्ट में हमने मैप के स्केल के बारे में जाना! इस पोस्ट में हम जानेगे की एक जवान को दिशा के बारे में जानना क्यों जरुरी है (Map reading me disha ka jankari kyo jaruri hota ha?)और दिशा कितनी प्रकार की होती है ?


मैप रीडिंग की पहली सिखलाई ही दिशा के ज्ञान से शुरू होता है ! और एक जवान को दिशा की जानकारी की आवश्यकता  इस लिए पड़ती है की एक अच्छे सैनिक के व्यावहारिक जीवन में दिशाओ और दिग्रियो का प्रयोग सैनिक कौसल कहलाता है ! 

जरुर पढ़े :दिन के समय उत्तर दिशा मालूम करने का तरीका

मैप रीडिंग क्यों जरुरी है ?(Map Reading kyo jaruri Hai?)

जिस प्रकार से एक आदमी का पहला पाठ एक बच्चा अपनी माँ के प्यार और बाप के दुलार से सीखता है उसी प्रकार एक सैनिक युद्ध क्षेत्र या की ऑपरेशन एरिया में विजय पाने के लिए पहला पथ मैप रीडिंग की सिखलाई में दिशाओ और दिग्रियो के ज्ञान से सीखता है !

जरुर पढ़े :मैप रीडिंग में दिशाओ के प्रकार और उत्तर दिशा का महत्व

इसलिए सैनिको  को दिशाओ का ज्ञान होना जरुरी है ! अगर लड़ाई के मैदान में कोई सैनिंक भटक जाय और उसको दिशाओ की ज्ञान न हो तो वह अपने स्थान पर पहुचने के बजे दुश्मन के क्षेत्र में भी पहुच सकता है ! अपनी पोजीशन निकालते वक्त मैप सेट करना पड़ता है ! मैप सेट करते वक्त उत्तर दिशा ज्ञात करने के लिए और दिशाओ का जानना भी जरुरी है ! इसी कारन से मैप रीडिंग के सिखलाई के लिए दिशा और दिग्रियो का जानना बहुत जरुरी होता है !

जरुर पढ़े :कंटूर रेखाए क्या है ? एक मैप की विश्वसनीयता और कमिया किन किन बाते पे निर्भर करती है ?

दिशा के प्रकार(Kinds of Directions) : सिखलाई के लिए दिशाओ के  3 प्रकार की होती है :
  1. बड़ी दिशाए (Cardinal Points)
  2. प्रमुख दिशाए (Intermediate Points)
  3. छोटी दिशाए :( sub Intermediate Points)

यहाँ से हम मैप रीडिंग का ज्ञान होना क्यों जरुरी है और दिशाए कितनी प्रकार की होती है उसके बारे में जानकारी प्राप्त किये !उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे  और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज  लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !
इन्हें  भी  पढ़े : 
  1. 13 तरीके मैप सेट करने का !
  2. 5 तरीका मैप पे ऊपर खुद का पोजीशन को पता करने का
  3. 5 तरीको से मैप टू ग्राउंड और ग्राउंड टू माप जाने
  4. मैप रीडिंग के उद्देश्य तथा मैप रीडिंग के महत्व
  5. मैप का परिभाषा , मैप का इतिहास और मैप का अव्श्काए
  6. मैप के प्रकार की विस्तृत जानकारी
  7. ट्रू नार्थ , ग्रिड नार्थ, मैग्नेटिक नार्थ का मतलब हिंदी में
  8. बैक बेअरिंग और फॉरवर्ड बेअरिंग में अंतर तथा ग्रिड लाइन का परिभाषा
  9. मैग्नेटिक वेरिएशन , लोकल वेरिएशन तथा एंगल ऑफ़ कन्वर्जेन्स का मतलब
  10. मैप रीडिंग में री सेक्शन , इंटर सेक्शन तथा ओरिएंटेशन का मतलब
  11. मास्टर मैप , मास्टर कंपास तथा तंगेंट क्या होता है !


No comments:

Post a Comment