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23 मई 2017

एम् पी आई और एप्लीकेशन फायर क्या होता है ?

पिछले पोस्ट में हमने ग्रुपिंग फायर तथा उसके काबिलियत के बारे में बात की ! इस पोस्ट में हम एमपीआई  क्या होता है और एप्लीकेशन फायर किसे कहते(MPI aur Application fire kya hta hai) है के बारे में जानेगे !


अच्छा फायर वही है जो अलग अलग रेंज से अपनी ग्रुप की काबिलियत को कायम रखने क्लासिफिकेशन फायर के दौरान सटीक फायर कैसे करे इसकी जानकारी होनी चाहिए !

जरुर पढ़े :आटोमेटिक वेपन के गैस ऑपरेशन के सिद्धांत कैसा काम करता है

इस पोस्ट में हम निम्न  विषयों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे :
  1. ऍम पि आई क्या होता है ?(MPI Kya hota hai?)
  2. एप्लीकेशन फायर किसे कहते है ?Application fire kise kahte hai?
  3. ग्रुप की काबिलियत  और एप्लीकेशन फायर में क्या सम्बन्ध है (Group ki kabiliyat aur application fire me kya sambandh hai )
  4. एम् पि आई मालूम करने  का तरीका  MPI Malum karne ka tarika kya hai ?
1. ऍम पि आई क्या होता है ?(MPI Kya hota hai?):MPI का फुल फॉर्म होता है  मीन पॉइंट ऑफ़ इम्पैक्ट (Mean Point of impact) ! यह वह पॉइंट होता है जो की ग्रुप के सेण्टर में होता है , ग्रुप की गोलिओ की  गिर्द छोटा  दायरा  खिंचा जाये तो इस दायरे का सेण्टर ग्रौप्का एम् पि आई  होगा !

जरुर पढ़े :आटोमेटिक हथियार के गैस को रेगुलेट करने का तरीका तथा फायदे और नुकशान

2. एप्लीकेशन फायर किसे कहते है ?Application fire kise kahte hai?:  जब एक फायरर अपने ग्रुप की काबिलियत के अन्दर रहते हुए अपने ग्रुप की एम् पि आई को टारगेट के सेण्टर में लाने के  लिए फायर करता है उसको एप्लीकेशन फायर कहते है !

3.ग्रुप की काबिलियत  और एप्लीकेशन फायर में क्या सम्बन्ध है (Group ki kabiliyat aur application fire me kya sambandh hai ):  ग्रुप की काबिलियतर एप्लीकेशन फायर का आपसहट ही गहरा सम्बन्ध है ! जिसे हर  एक फायर को समझ लेना चाहिए !! अगर उसका ग्रुप की काबिलियत 5 इंच हो तो 300e वक्त गोलिया 15 इंच के एरिया में लगनी चाहिए कुछ गोलिया बुल में लगेगी और कुछ इनर में !

बशर्ते की एम् पी आई टारगेट के सेण्टर में हो इसीलिए एप्लीकेशन फायर करते समय जल्दी यह मालूम कर लेना चाहिए की ग्रुप की एम् पी आई कहा बन रही है ! अगर एम् पी आई टारगेट के सेण्टर में न हो तो इसको सेण्टर में लेन की करवाई करनी चाहिए !

जरुर पढ़े :ब्लो बैक ओपेराटेड हथियार और उसका विशेषताए

4. एम् पि आई मालूम करने  का तरीका  MPI Malum karne ka tarika kya hai ?: फायर का अच्छा नतीजा पाने के लिए फायरर को जल्दी यह मालूम कर लेना चाहिए की उसका एम् पी आई कहा बन रही है ! ताकि जल्दीi कर कर सके !

ग्रुप कम से कम दो गोलिओ का होता है ! इसलिए दो गोलिया फायर करने के बाद ही बन्ने वाली एम् पी आई  का संभावित इलाका दिया जा सकता है !इस संभावित इलाके को मालूम करने के लिए यदि फायरर उस रेंज की (जिस से वह फायर कर रहा है )अपनी ग्रुपिंग काबिलियत से आधा से थोडा आधिक  यानि उसकी ग्रुपिंग काबिलियत 300 गज पे 15 इंच है तो 8 इंच का रेडियस मानकर दोनों  गोलिओ के लगने की जगह सेण्टर मान कर एक एक त्रिज्या खिचे तो उन दोनों त्रिज्या के बीच में जो इलाका होगा एम् पी आई का संभावित इलाका होगा ! यानि इसी इलाके में कही भी एम् पी आई बननी चाहिए !

Mean Point of Impact(MPI)
Mean Point of Impact(MPI)
उदहारण : एक फायरर जिसकी ग्रुप की काबिलियत 5 इंच है वह 300 गज से 4 x 4 टारगेट पर एप्लीकेशन फायर कर रहा है उस्सोल के अनुसार से ग्रुप 300 गज पर 15 इंच होना चाहिए ! उसकी गोली 'A' और 'B' है जो आपस में तक़रीबन 12 इंच दूर है ! फायरर के ग्रुप का आधा यानि 7 इंच रेडियस मानकर 'A' और 'B' से एक-एक अर्क खिचे ! अब बननेवाले ग्रुप की एम् पी आई का संभावित इलाका ऊपर के चित्र में  C D E F है !



जरुर पढ़े :सिंपल ब्लो बैक और ब्लो बैक विथ एपीआई क्या होता है

इस प्रकार से एम् पी आई(MPI) और एप्लीकेशन फायर से सम्बंधित एक संक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !
इन्हें भी पढ़े :
  1. 9 mm कार्बाइन मचिन या सब मचिन गन का इतिहास और खुबिया
  2. 9mm कार्बाइन का टेक्नीकल डाटा -II
  3. 9 mm कार्बाइन मचिन का बेसिक टेक्नीकल डाटा -I
  4. 5.56 mm INSAS LMG का बेसिक डाटा और स्पेसिफिकेशन
  5. इंसास राइफल का पार्ट्स का नाम और खोलना जोड़ना
  6. इंसास राइफल के डेलाइट टेलीस्कोपिक और पैसिव साईट का डिटेल.
  7. AKM राइफल का बेसिक टेक्नीकल डाटा
  8. 7.62mm SLR के पार्ट्स का नाम और 7.62 mm SLRराइफल का चाल
  9. एंगल ऑफ़ डिपार्चर और एंगल ऑफ़ एलिवेशन क्या होता है
  10. आटोमेटिक हथियारों का चाल और सिद्धांत

22 मई 2017

ग्रुपिंग फायर क्या होता है? ग्रुपिंग की काबिलियत किसे कहते है ?

पिछले पोस्ट में हमने ब्लो बैक विथ एपीआई के बारे में जानकारी हासिल की ! इस पोस्ट में हम आम ग्रुप के सिद्धांत के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे जिसमे जानेगे की ग्रुप  फायर क्या है


एक अच्छा फायरर  बनने के लिए आम ग्रुप के सिद्धांत जानना  और उनका प्रयोग करना बहुत ही जरुरी है ! एक फायरर को याद रखना चाहिए की की 25 या 100 गज से जीरो किया गया राइफल या एलेमजी जरुरी नहीं है की दुसरे रेंजो पर साईट  के अनुसार दुरुस्त फायर करे !

 इस लिए हर जवान को इस काबिल होना चाहिए की वह अपनी गोलिओं की मार देख कर ठीक दुरुस्ती हासिल कर सके ! यह वह तभी कर सकता है जब ओ ग्रुप के सिद्धांत को भली भाति समझता हो !

इस पोस्ट में हमन आम ग्रुप के सिद्धांत से सम्बंधित निम्न विषय को जानेगे :

ज़ेरोइंग फायर
ज़ेरोइंग फायर 
  1.  ग्रुप फायर क्या है ?(Group fire kya hai?)
  2. ग्रुप की काबिलियत (group fire ki kabailiyat kya hoti hai ?)
  3. फायर से पहले दूर करने वाले दोष (Fire karne se pahle dur karne wale kaun kaun se dosh hai?)
  4. ग्रौपों के पॉइंट देने का तरीका (Groupon ke point deene ka aam tarika kya hai?)
  5. रेंज और ग्रुप में सम्बन्ध (Range aur group me kya samabandh hai)
1.  ग्रुप फायर क्या है ?(Group fire kya hai?): जब एक फायरर एक ही रेंज और एलिवेशन से एक ही जगह पर दुरुस्त शिस्त लेकर एक से ज्यादा राउंड फायर करता है तो इस तरह गोलिओं की मार से टारगेट पर जो भी खाका बनती है उसको ग्रुप कहते है !

राइफल में यह ग्रुप 5 गोलिओ का माना  जाता है ! ग्रुप की सबसे दुरी वाली गोलिओ के बीच वाले फासले को ग्रुप का साइज़ या नाप कहते है ! जो इंचो या सेंटीमीटर में नापा जाता है !

2. ग्रुप की काबिलियत (group fire ki kabailiyat kya hoti hai ?)अगर एक फायरर चाँद दिनों के अरसे के अन्दर अलग अलग मौसमी सलातों में 100 गज रेंज से कई ग्रुप फायर करे तो इन ग्रौपों का औसत नाप उसके ग्रुप की काबिलियत होगी ! इसका मतलब यह है की वह फायरर आम हालातो में लगभग उस नाप के ग्रुप बना सकता है !

3.फायर से पहले दूर करने वाले दोष (Fire karne se pahle dur karne wale kaun kaun se dosh hai?): जब फायरर को अपने ग्रुप की काबिलियत मालूम हो जाती है तो फायर करने से पहले दूर होने वाले दोषों को निकल देना चाहिए ! दूर करने वाले दोष ये है :

(a) ज़ेरोइंग : ऊपर नीछे और दाहिने बाएं की गलती दूर करने के लिए हथियारों को जीरो किया जाता है 

(b) मौसमी हक : फायरर की जिमेवारी है की गोली फायर करने से पहले हवा और रौशनी का हक़ रखकर फायर करे !

4. ग्रौपों के पॉइंट देने का आम  तरीका (Groupon ke point deene ka aam tarika kya hai?):  ग्रौपों को नम्बर इस तरीके से दिए जाते है :

(a)   4 इंच या 10 सेंटीमीटर                                                      50 पॉइंट 
(b)  5 इंच या 12.5 सेंटीमीटर                                                    48 पॉइंट 
(c)  6 इंच या 15 सेंटीमीटर                                                       46 पॉइंट 
(d)  8 इंच या 20 सेंटीमीटर                                                       42 पॉइंट
(e)  9 इंच से 10 इंच या  22.5 सेमी से 25 सेमी                           36  पॉइंट  
(f) 11  इंच से 12 इंच या  27.5 सेमी से 30 सेमी                         30 पॉइंट  
(g) 12 इंच   या  30 सेमी से ज्यादा                                          वाश आउट 

5. रेंज और ग्रुप में सम्बन्ध (Range aur group me kya samabandh hai): अपने ग्रुप की काबिलियत मालूम करने के बाद फायरर को चाहिए  की वह यह मालूम कर के की अलग अलग रेंज में उसके ग्रुप यानि गोलिओं का फैलाव कितना रहेगा ! 

क्यों की रेंज और ग्रुप में एक बहुत ही गहरा सम्बन्ध है जैसे जैसे रेंज बढेगा उसी के अनुसार ग्रुप की साइज़ भी बढ़ते जाती है यानि अगर एक फायरर का ग्रुप का साइज़ 100 गज पर 5 इंच बनती है तो वह 300 गज पे 15 इंच बनेगी !यह बात फायरर को भली बहती जानकारी होनी चाहिए नहीं तो वह समझेगा की उसका ग्रुप ख़राब होगया जब की ग्रुप रेंज के साथ बढ़ता घटता है !

इस प्रकार से ग्रुपिंग फायर तथा ग्रुप की काबिलियत से सम्बंधित पोस्ट संपत हुई उम्मीद है की यह पोस्ट आपको पसंद आएगा ! अगर इस ब्लॉग पोस्ट के बारे में कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज को लाइक कर हमलोगों को प्रोतोसाहित करे
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  1. 9 mm कार्बाइन मचिन या सब मचिन गन का इतिहास और खुबिया
  2. 9mm कार्बाइन का टेक्नीकल डाटा -II
  3. 9 mm कार्बाइन मचिन का बेसिक टेक्नीकल डाटा -I
  4. 5.56 mm INSAS LMG का बेसिक डाटा और स्पेसिफिकेशन
  5. इंसास राइफल का पार्ट्स का नाम और खोलना जोड़ना
  6. इंसास राइफल के डेलाइट टेलीस्कोपिक और पैसिव साईट का डिटेल.
  7. AKM राइफल का बेसिक टेक्नीकल डाटा
  8. 7.62mm SLR के पार्ट्स का नाम और 7.62 mm SLRराइफल का चाल
  9. एंगल ऑफ़ डिपार्चर और एंगल ऑफ़ एलिवेशन क्या होता है
  10. आटोमेटिक हथियारों का चाल और सिद्धांत

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