06 अप्रैल 2016

अम्बुश और काउंटर अम्बुश, अम्बुश का उद्देश्य , अम्बुश का पार्टिया , अम्बुश का टारगेट

इस पोस्ट में हम बातें  करेंगे अम्बुश(Ambush), काउंटर अम्बुश(Counter Ambush),अम्बुश का टारगेट (Targets of Ambush),अम्बुश का प्रकार(Types of Ambush), अम्बुश की पार्टिया (Parties of Ambush)और अम्बुश की विशेषताए Characteristic of Ambush) !

अम्बुश  क्या है (What is Ambush)?  अम्बुश को हिंदी में घात बोलते है यानि घात लगा के किये गया हमला !अम्बुश  वह अचानक घात लगाके छुपाव वाले जगह से किया हुवा हमला है ! ये हमला ज्यादातर दुश्मन को  परेशां करने या उसका कोम्बक्ट इफेक्टिवनेस कम करने के लिए किया जाता है जिससे की दुश्मन के अन्दर डर पैदा हो जाता है और उसके ट्रूप्स का मनोबल गिर जाता है ! it is a surprise attack from concealed or hidden position on a moving troops or a temporary halted enemy troops

अम्बुश और काउंटर अम्बुश की परिभाषा ये है :Definition of Ambush
  • अम्बुश :  यह एक अचानक हमला है जो एक छुपी हवी जगह से संदेह रहित और चलते हुवे या थोड़ी देर के लिए रुकी दुश्मन के टुकरी पे किया हुवा हमला है ! इसे कुछ समय के लिए किया जाता ई और हमला के बाद उस इलाके को छोड़ दिया जाता है!
  • काउंटर अम्बुस : दुश्मन के द्वारा किये गए अम्बुश को नाकाम करने के लिए  किया गया हमला को  हम उसे काउंटर अम्बुश कहते ! इसकी भी एक ड्रिल होती है!
अम्बुश  कितने प्रकार का  होता है ?(Types of Ambush)
तीन  प्रकार का
  • मौके का अम्बुश  ,(Opportunity Ambush)
  • तैयारी का अम्बुश (Deliberate Ambush)
  • देरी पैदा करने वाला अम्बुश (Delaying Ambush): to delay the movement of the enemy.
अम्बुश किस उद्देश्य से लगाया जाता है ?(Aim of Ambush)
  • दुश्मन के जवान और गाडियों को ज्यादा से ज्यादा नुकशान पहुचने के लिए ,
  • जरुरी खबर हासिल करने के लिए ,
  • दुश्मन को इस प्रकार से तंग करना या डरना की वह अपने बचाव के लिए पूरी सेना को जमीन पर deploy कर दे !
अम्बुश के क्या क्या टारगेट हो सकते है ?(Targets of Ambush)
  • अमुनिसन ले जाने वाली गाड़िया 
  • अगला पोजीशन को राशन ले जाने वाली गाड़िया 
  • ट्रूप्स बदली करने वाली छोटी टोलिया ,
  • रोड या पूल प्रोटेक्शन पार्टी ,
  • सिग्नल लाइन या रिपेअरिंग पार्टी 
  • एक ही रास्ता इस्तेमाल करने वाली पट्रोल पार्टी ,
  • वाटर पॉइंट को जाने वाली पार्टिया ,
  • एसी पट्रोल जिसे  रास्ता बदले ने के बाद भी किसी एक जगह से गुजरना पड़े जैसे पूल और डेफोइल,
  • लिसनिंग पोस्ट या ओपी को जाने वाली पार्टिया ,
अम्बुश में क्या विशेषताए होती है :(Characteristic of Ambush)
  • सरप्राइज 
  • कण्ट्रोलफायर पॉवर का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल ,
  • सादगी 
  • पक्का इरादा ,
  • और उच्चे दर्जे की सिखलाई और सेल्फ डिफेन्स ,
अम्बुश की कितनी पार्टिया होती है ?(Parties of Ambush)
4 पार्टिया होती है 
  • स्काउट पार्टी,
  • कवरिंग पार्टी,
  • स्टॉप पार्टी 
  • रिज़र्व पार्टी 
अगर अपने ऊपर अम्बुश हो जाये तो काउंटर अम्बुश का क्या ड्रिल होता है ?(Drill of Counter Ambush)
  • पीछे हटना और किनारे से बचकर निकल जाना ,
  • जमीं पर लेट जाना 
  • और शत्रु पर जल्दी जवाबी हमला करना  (यह सबसे अच्छी कारवाही है )
अम्बुश अगर सफल हो जाय तो कम से कम जवान ही दुश्मन को काफी नुकशान पंहुचा सकते है और दुश्मन को अपनी युद्ध की निति बदलने पे मजबूर कर सकते है ! इसी लिए अम्बुश पार्टी के सदस्यों  की सिखलाई उचे दर्जे की होनी चाहिए और दृढ संकल्प वाला होना चाहिए !
ये रही कुछ अम्बुश के बारे में जानकारी और बाते आगे की पोस्ट में लिखेंगे !


इस प्रकार से यहाँ अम्बाबुश , अम्रेबुश की पार्टी और अम्बुश का उद्देश्य से सम्बंधित  यह ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुवा !उम्मीद है की यह ब्लॉग पोस्ट आपलोगों को पसंद आएगा ! इस ब्लॉग  को  सब्सक्राइब या फेसबुक पेज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे! 


फूट ड्रिल - विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !

इस पोस्ट में हम बाते करेंगे फूट ड्रिल में विश्राम और आराम(Vishram aur Aaram se) से कैसे


 होते है ,कब होते है और विश्राम एवं आराम की पोजीशन में देखने वाली बाते !अगर ब्लॉग पसंद आये तो सब्सक्राइब जरुर करे !

 विश्राम और आराम से की  पोजीशन ड्रिल की एक भाग खत्म होने या सीनियर के साथ बात ख़त्म कर लेते है  तब या  खड़े खड़े लेक्चर देने के समय अख्तियार किया जाता है  !

विश्राम की पोजीशन  में देखने वाली बाते : Vishram aur Aaram se ke positon me dekhnewali bate
  • दोनों एडियो के बिच 12 इंच का फासला हो
  • दोनों घुटने कसे(Tight) हुवे हो
  • दोनों हाथ पीछे बंधे हुवे हो
  • बाये हाथ की हथेली निचे और दाहिने हाथ की  हथेली  ऊपर से अंगुलिय निचे की तरफ दाहिना अंगूठा बाए अंगूठे के ऊपर से!
  • बदन का बोझ दोनों पांवों पर बाकि पोजीशन सावधान !

सावधान से विश्राम और आराम से होने के तरीके

जब सावधान पोजीशन से वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है विश्राम तो बाये पांव को 12 इंच ऊपर उठाते हुए 12 इंच बाये लगायें और साथ ही दोनों बाजुओं को पीछे ले जाएँ , बाये हाथ निचे और दाहिना ऊपर से पकडे हुवे! आराम से का कमांड हमेशा विश्राम के बाद ही मिलता है इसलिए आराम से के आदेश पे कमर के ऊपर वाले हिस्से को ढीला करें , पांव से हरकत नहीं होगी. दुबारा स्क्वाड को विश्राम में लाके के लिए स्क्वाड या परेड इतियादी के वर्ड ऑफ़ कमांड पे स्क्वाड आराम से के पोजीशन से विश्राम की पोजीशन में आ जाता है !

बाकी के डिटेल दुसरे पोस्ट में देखेंगे अगर कोई सजेसन  हो तो निचे कमेंट बॉक्स में लिखे और ये ब्लॉग पसंद हो तो सब्सक्राइब कर मोटीवेट करे!



05 अप्रैल 2016

मैप रीडिंग - अपना खुद का लोकेशन मैप पे जानना और नार्थ पता करने के तरीके


मैप रीडिंग के बारेमे कुछ पॉइंट्स पर मै अपने पिछले पोस्ट में बाते कर लीया हु  इस पोस्ट में जो चीजे कवर होंगी ओ है मैप से ग्राउंड पर दुरी कैसे नापे, उत्तर दिशा  को किस किस के मदद से जान  सकते है , और नार्थ कितने प्रकार के होते है, मैप पे आपना  पोजीशन कैसे पता करे , इतियादी !




In my last post, I have covered many points which important for map reading. And in this post, I going to cover How to find the distance between two points with help of map, how to find north, how many types of north and finding own position on the map etc.
एंगल ऑफ़ कोन्वेराजेंस क्या है ? What is the angle of convergence ?

ट्रू नार्थ और ग्रिड नार्थ  के बिच की कोण को  एंगल ऑफ़ कोन्वेर्जेंस कहते है !

लोकल वेरिएशन किसे कहते है ? What is local variaton?

मैग्नेटिक नार्थ और ग्रिड नार्थ के बिच की  कोण का लोकल वेरिएशन कहते है !

मैप  पे देशांतर रेखाए कौन सी होती है?On map which one is lagtitudnal lines?
सर्वे एपो पर काली  रंग की कड़ी रेखाओ को देशांतर रेखाए कहते है !
रात के समय उत्तर दिशा किन किन साधनों से मालूम कर सकते  है ?How to find north in night?
  • पोल स्टार से 
  • कम्पास से,
  • मस्जिद से 
  • कब्रिस्थान से
  • शिवालय से इतियादी 
नार्थ पोल से पोल स्टार कितने डिग्री पर नजर आता है ?From north pole , pole star looks on which degree?
90 डिग्री 
कैसियोपिया से नार्थ मालूम करने के लिए किस कोण को दो बराबर भागो में बाटते है ?  Which agnle of Cassopia shoud be devided in two part to know the north?
बड़े एंगल को 
सप्त ऋषि मंडल में कितने तारे होते है ? How many stars are there is saptrishi?
7 तारे होते है 
 दिशाए बताने वाले कम्पास कितने प्रकार के होते है ?How many type of civil compass and its names?
तीन प्रकार के :
  • पॉकेट कम्पास 
  • ट्राफ़ कम्पास 
  • मरिनेर्स कंपास 
सैनिक महत्व वाले कंपास कितने किस्म के होते है ? How many type of military compass and its name?
  • सर्विस प्रिज्माटिक ड्राई कम्पास मार्क -viii और 
  • सर्विस प्रिज्माटिक ड्राई कम्पास मार्क -IIIA और 
मैप पे ह्म् कहा  है उसे कैसे पता करेंगे ? Finding own position on map to ground and ground to map 
मैप को सेट करने के बाद हम अपना लोकेशन  मैप तो ग्राउंड और ग्राउंड तो मैप पता करने के लिए  जिस चीज का मदद लेते है :
  • आस पास के मशहूर  निशान जो मैप पे भी हो और ग्राउंड में भी उसे देख कर 
  • दो मशहूर निशान जो जमीन पे  भी हो और माप पे भी हो उसका बैक बेअरिंग लाइन खीच कर हम अपना पोजीशन मैप  पर पता कर सकते है !
  • अगर ग्रीड रिफरेन्स मालूम हो तो ग्रिड रिफरेन्स को मैप पे ड्रा कर के अपना लोकेशन मैप  में मालूम कर सकते है !
  • आस पास के जमीनी नशन को मैप से ग्राउंड और ग्राउंड से माप को कम्पेयर  कर के  हम अपना लोकेशन मैप पे पता  कर सकते है !
दो निशानों के बिच की दुरी हम मैप पे कैसे नाप सकते है ? With help of map how to finddistance between point on map.
अगर आप मैप को अच्छे तरीके से देखेंगे तो उसपे एक स्केल दिया हुवा हो ता है ! अगर आप को मैप पे के दो निशानों की भी कि बिच की दुरी मालूम करनी है तो आप उन दोनों निशानों को स्केल या किसी धागे  से नाप ले और फिर उस धागे या स्केल पे आई हुई  लम्बाई को मैप के स्केल में बदल दे जिससे आप को उन दोनों बिन्दुओ के बिच की दुरी मिल जाएँगी !

Map to Ground
Map to Ground
 जैसे मान लीजिये मैप का स्केल है 1 : 25000 इसका मतलब हुवा मैप  का प्रत्येक 1 cm  ग्राउंड के 25000 cm  के बराबर है यानि 25000  cm = 250 मीटर यानि मैप का 4 cm = जमीन पे 1 किलोमीटर  हुवा !
Scale convert
Scale convert
अगर मैप पे दो बिन्दुओ की दुरी आप रोड के दवार जानना चाहते है और रोड टेढ़ी मेढ़ी है तो एक धागा को  रोड जैसे टेढ़ी है वैसे  ही एक पॉइंट से दुसरे पॉइंट तक फैला दे और बाद में उस धागे की लम्बाई किसी स्केल से माप ले और उस लम्बाई को ऊपर बताये हुवे तरीके  से जमीनी दुरी में बदल ले ! अगर धागे की लम्बाई 8 cm है इसका मतलब हुवा दोनों पॉइंट्स  के बिच की दुरी 2 किलोमीटर है  ऊपर बताये हुवे स्केल के  अनुसार !

इस प्रकार से यहाँ  पर अपना खुद का लोकेशन मैप पे कैसे जाने से सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुआ !उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे 
इन्हें  भी  पढ़े :
  1. अपना खुद का लोकेशन मैप पे जानना और नार्थ पता करने के तरीके
  2. रात के समय उत्तर मालूम करने का तरीका
  3. सर्विस प्रोटेक्टर का उपयोग और सर्विस प्रोटेक्टर से बेक बेअरिंग पढने का तरीका
  4. 13 तरीके मैप सेट करने का !
  5. 5 तरीका मैप पे ऊपर खुद का पोजीशन को पता करने का
  6. 5 तरीको से मैप टू ग्राउंड और ग्राउंड टू माप जाने
  7. मैप रीडिंग के उद्देश्य तथा मैप रीडिंग के महत्व
  8. मैप का परिभाषा , मैप का इतिहास और मैप का अव्श्काए
  9. मैप के प्रकार की विस्तृत जानकारी
  10. ट्रू नार्थ , ग्रिड नार्थ, मैग्नेटिक नार्थ का मतलब हिंदी में
  11. बैक बेअरिंग और फॉरवर्ड बेअरिंग में अंतर तथा ग्रिड लाइन का परिभाषा
  12. मैग्नेटिक वेरिएशन , लोकल वेरिएशन तथा एंगल ऑफ़ कन्वर्जेन्स का मतलब
  13. मैप रीडिंग में री सेक्शन , इंटर सेक्शन तथा ओरिएंटेशन का मतलब

04 अप्रैल 2016

सेक्शन फार्मेशन एंड प्लाटून फार्मेशन के फायदे और नुकशान

वेपन & टैक्टिस की इस पोस्ट में बात करेगे सेक्शन फार्मेशन (Section Formation), प्लाटून फार्मेशन(Platoon Formation) फार्मेशन के प्रकार तथा फील्ड सिग्नल (Field Signal) के बारे में !ये पूरा पोस्ट प्रश्नोतर के तौर पे होगा !


In this post, I will talk about section formation, platoon formation, and field signal. This  post will be on question & Answer format.

वेपन एंड टैक्टिस यानि की हथियार और युद्ध कौशल ! यानि ऑपरेशनल एरिया में अपना युद्ध कौशल को दिखाते हुवे अपने उपलब्ध रिसोर्सेज और जमीनी बनावट  के टैक्टिकल इस्तेमाल  करते हुवे अपनी    नुकशान किये बिना  या कम से कम करते हुए दुश्मन को बर्बाद करना ही वेपन एंड टैक्टिस के अंतर्गत आता है !

Weapon & Tactics mean employment of operational skill and weapon.

सेक्शन फार्मेशन पर असर डालने वाली बाते कौन कौन सी है ?(Points which effects section formation)
  • जमीन( Ground)
  • सेक्शन का काम (Task)
  • सेक्शन कमांडर के कण्ट्रोल की जरुरत (Command & Control)
  • कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा फायर करने की जरुरत !(Quick Fire power)
सेक्शन फार्मेशन कितने तरह के होते है और उनका फायदे और नुकशान बताये ?
How man types of section formation what is there merit and demerit?

सेक्शन फार्मेशन 6 प्रकार का होता है ! और उनके फायदे और नुकशान इस प्रकार से है :
Section Formation are  6 types > Their namesand merit demerits are as under:
1    सिंगल file फार्मेशन (Single file formation)
फायदे (Merit):
  • काफी गहराई होती है (Enough depth)
  • सामने से छोटा टारगेट बनता है (Small frontal target)
  • इन्फिल्ड़े (Infilade) फायर से कम नुकशान होता है (Less damage with infilade fire)
नुकशान Demerit :
  • बैगर फार्मेशन बदली किये फायर गिराना असान  नहीं है It is dificult to open fire without change formation.
2.    फाइल फार्मेशन :(File formation)
फायदे Merit :
  • कण्ट्रोल अच्छा है ! Good Command & Control
  • इन्फिलेड फायर से कम नुकशान होता है less harm with infilade fire
  • चौड़े रास्ते और canel पे चलना फायदे मंद होता है !Good for wider road and cannels 
नुकशान :
  • सामने फायर गिराने की ताकत कम और सामने से आने वाली फायर से ज्यादा नुकशान (Ability to frontal fire power is less and damage from frontal fire is more)
3.    डायमंड फार्मेशन :(Diamond Formation)
फायदे Merit :
  •  कण्ट्रोल अच्छा है! Good Command & Control
  • चारो तरफ फायर गिरना आसान है ! Easy for all round fire 
  • चारो तरफ देखभाल के लिहाज से भी अच्छा है ! good all around observation
नुकशान 
  •  सामने से फायर पे ज्यादा नुकशान है (More harm with frontal fire)
4.    एरो हेड फार्मेशन :(Arrow Head Formation)
फायदे Marit :
  • गहराई अच्छी है ! Good Depth
  • सामने से फायर पे कम नुकशान है Less harm with frontal fire
  • फायर डालने की ताकत अच्छी है !Good fire power capacity
  • खुले मैदान में हरकत करने के लिए सबसे अच्छी फार्मेशन है !Better formation for open area movement
नुकशान(Demerit) 
  • डायमंड फार्मेशन के अपेक्षा कण्ट्रोल मुश्किल है !Compare diamond formation command & Control is less
  • इन्फिलेड फायर से और सामने के फायर से नुकशान है !more harm with Infilade and frontal fire 
5.    स्पीयर हेड फार्मेशन (Spear head formation)
फायदे Merit :
  • गहराई अच्छी है !Good depth
  • लगाव होने पे ब्रेन ग्रुप नहीं फसता है ! When come under fire , baren group remain safe.
  • एरो हेड की अपेक्षा इन्फिलेड फायर से कम नुकशान है ! compare to Arrow head less harm with infilade fire. 
नुकशान Demerit :
  • कण्ट्रोल मुश्किल है ! Less Comand & Control
  • एरो हेड की अपेक्षा सामने से फायर से ज्यादा नुकशान है !Compare to  arrow more damage from frontal fire. 
6.    एक्सटेंडेड लाइन फार्मेशन (Extended line formation)
फायदे :
  • आखरी हमले में इस्तेमाल किया जा है और कारगर है खुले इलाके में तलाशी लेने के लिए या बैनेट.  मारने  के लिए इस्तेमाल करते है !It is used for final attack ! it is very effective in open area search and CQM fight.
  • सामने के फायर से नुकशान  कम है !Less damage from frontal fire.
नुकशान (Demarit)
  • इन्फिलेड फायर से नुकशान ज्यादा है !More damage from infilade fire.
प्लाटून फार्मेशन कितने प्रकार के होते है ?How many types of platoon formation?

प्लाटून फार्मेशन तीन प्रकार के होते है! There are three types of platoon formation 

1. वन उप प्लाटून फार्मेशन (One Up platoon formation)
फायदेMerit : खुले इलाके में और सडक पर एडवांस करते समय इख़्तियार करते है कण्ट्रोल असान है ! गहराई ज्यादा है !It is emply for advacing on road. it has good command & Control and depth.
नुकशान(Demerit) : कम इलाके की तलाशी ले सकते है नजदीक से अचानक फायर आने पे हमला के लिए ताकत कम है ! It will have very less area for search and has less power from sudden enemy attack. 

2. टू उप प्लाटून फार्मेशन (Two up platoon formation)
फायदे : गहराई  में सेक्शन का शत्रु से अचानक लगाव होने की उम्मीद होने और घने इलाके की तलाशी के लिए फार्मेशन ठीक है ! फार्मेशन में ज्यादा फायर की ताकत है !

This formation is good when the chance encounter with the enemy is eminent. It good for search in the dense populated area and have good firepower capacity.
नुकशान : गहराई कम और कोन्त्र्ल मुश्किल है !

 Less depth and difficult Command & Control

3. थ्री उप प्लाटून फार्मेशन 
फायदे : इस फार्मेशन में बनेट की ताकत ज्यादा है ! सामने फायर डालने की ताकत ज्यादा है !
Bayonet and fire power is more 
नुकशान : कण्ट्रोल मुश्किल है , गहराई नहीं है इन्फिलेड फायर से ज्यादा नुकशान है !
Command & Control is less and more harm with enfilade fire

फील्ड सिग्नल कितने तरीके से दिए जाते है ?How many way fiel signal can be given?
फील्ड सिग्नल तीन तरीके से दिए जाते है : Field signal can be given in three ways
  1. हाथ का इशारा . Hand 
  2. हथियार का इशारा  Weapon
  3. सिटी का इशारा  Wistle
बैटल प्रोसीजर से आप क्या समझते है ? इसकी कौन कौन सी जरुरी बाते है ?

कमांडर की तमाम करवाई और ट्रूप्स की डिप्लॉयमेंट कम से कम हुक्मो के जरिये और जल्दी करने को बैटल प्रोसीजर कहते है !
यह वार्निंग आर्डर मिलने से फोर्मिंग उप प्लेस में deploy होने तक की ड्रिल है ! इसके लिए जरुरी है :
  1. कमांडर को पूरी खबर और जरुरी मदद जल्दी से मिल जाये ताकि अगली करवाई  का फैसला कर सके !
  2. कमांडर को अपने  जूनियर और सीनियर कमांडर्स  केसाथ मिलाप रखना चाहिए !
  3. छोटे कमांडर को ऊपर वाले कमांडर के नजदीक रहना चाहिए और यूनिट हेडक्वाटर और सब यूनिट को ऐसे ग्रौपो में बंटा जाय की आदेश को जरी करने और डिप्लॉयमेंट की करवाई बिना  देरी के हो जाय !
वार्निंग आर्डर सेक्य समझते है ?
वह आर्डर जो किसी ऑपरेशन की बंदोबस्त की कारवाही और दस्तो के डिप्लॉयमेंट के लिए दिए जाते है उन्हें वार्निंग आर्डर कहते है ! इनके अन्दर निचेलिखी बाते सामिल होती है :
  • समय इससे पहले ट्रूप्स हरकत नहीं करेगी !
  • O ग्रुप के लिए RV और समय ,
  • बंदोबस्ती हिदायते 
डिप्लॉयमेंट ड्रिल से आप क्या समझते है ?
कमांडर जब रेकी और हुक्म देने की कारवाही करता है उस वक्त फाइटिंग ट्रूप्स को लगातार आगे की हरकत जरी रखनी चाहिए ! ताकि वह ठीक समय में ऑपरेशन  के लिए deploy हो सके ! यह कारवाही खबर से शुरू हो कर निचे सब यूनिट तक लगातार जरी रहटी है ! इसे डिप्लॉयमेंट ड्रिल कहते है 

 कंपनी डिप्लॉयमेंट ड्रिल में कौन कौन से ग्रुप होते है ?
चार ग्रुप होते है जो निम्न प्रकार है :
  1. रेकी ग्रुप(R Group) : कम्पनी कमांडर , दो रनर , रेडियो सेट ऑपरेटर , सपोर्ट आर्म्स detachment कमांडर !
  2. आर्डर ग्रुप(O Group) : प्लाटून कमांडर्स , CHM, सपोर्ट अर्स डेट कमांडर !
  3. फाइटिंग ग्रुप(F Group) : 2 i/c , कंपनी HQ, तीन प्लाटून ओम्पन्य F enchlon , TPT
  4. ट्रांसपोर्ट ग्रुप (T Group): CQMH और स्टोरमैंन 
प्लाटून बैटल ड्रिल कितने दर्जो इ पूरी होती है ?

तीन दर्जो में पूरी होती है 
  1. पॉइंट सेक्शन के ऊपर फायर आने पर कारवाही 
  2. फ्लाकिंग अटैक / असाल्ट 
  3. री-आर्गेनाईजेशन (दुबारा तरतीब )
ORF से क्या समझते है ?
  • ओ(Objective): वह जरुरी जामिन जिस पर कब्ज़ा करने की योजना बनायीं जाती है !
  • आर (Route): ऑब्जेक्टिव तक पहुचने के रस्ते जहा तक होसके इसके साथ आड़ (cover) होनी चाहिए और रुकावट कम होनी चाहिए !
  • ऍफ़ (Fire Plan): supporting हथियार इस प्रकार से लगाये जाये की उनसे अटैकिंग ट्रूप्स को ज्यादा से ज्यादा नुकशान और ऑब्जेक्टिव तक फायर सपोर्ट मिल सके !
री-आर्गेनाईजेशन के लिए ध्यान में रखने वाली बाते :
  • सपोर्टिंग हथियारों को आगे लाना खाश कर एंटी टैंक हथियारों को 
  • अमुनिसन को पूरा करना !
  • री आर्गेनाईजेशन स्टोर को पूरा करना 
  • डिफेंसिव फायर को एडजस्ट करना 
  • री ग्रुप करना 
  • जख्मी लोगो को देख भाल और मरे हुवे को dispose करना 
  • पैरामीटर पट्रोल भेजना 
  • अगर हो सके तो रिज़र्व तैयार करना 
बाकी के डिटेल दुसरे पोस्ट में देखेंगे अगर कोई सजेसन  हो तो निचे कमेंट बॉक्स में लिखे और ये ब्लॉग पसंद हो तो सब्सक्राइब कर मोटीवेट करे!

मै Advertisement क्यों दिखाना शुरू किया अपने ब्लॉग पे !

मित्रो आज आप लोग मेरे ब्लॉग पे कुछ बदलाव देखा होगा ! ऐसे तो मै इस विषय पे ब्लॉग्गिंग पिछले दो सालो से कर रहा हु लेकिंन आज बहुत सोच विचार के ये शुरुवात किया हु !


हा आप ने सही पहचाना ,आज से मै अपने ब्लॉग पे कुछ एड(प्रचार ) दिखाना शुरु किया हु ! विश्वास करता हु की आप लोग बुरा नहीं मानेगे और मेरा साथ देंगे !

एड दिखने के ऊपर मै ने काफी विचार किया लेकिन पहले तो मन नहीं करता था की ऐसा करू लेकिन मै ऐसा क्यों किया इसको आप ऐसे सोच सकते है की मुझे एक पोस्ट लिखने में जितना सामग्री को आपने पूरा नोट्स और नेट पर अनुसंधान करना पड़ता है और समय लगाना पड़ता है की किसी किसी पोस्ट में कुछ दिनों तक प्लान करना पड़ता है और उन सब के बाद नेट का खर्च अलग से !

ब्लॉग्गिंग तो मेरी शौख तो है लेकिंन  देखते देखते ये थोडा महंगा होता जा रहा था इस लिए आज से मै कुछ प्रचार देखने की कोशिश किया है और आप लोगो का साथ चाहूँगा ! अगर अच्छा नहीं लगे तो निचे कमेंट में जरुर लिखियेगा अगर सभी बोले तो बंद भी कर दूंगा! क्यों की मेरे लिए मेरे पाठक की सुविधा सबसे प्रमुख है अगर आप लोगो को असुविधा हो तो जरुर लिखियेगा



मैप रीडिंग और मैप रीडिंग का महत्व

इस पोस्ट में बाते करेंगे मैप रीडिंग(map reading), मैप रीडिंग के महत्व (importance of map reading), वास्तिविक उतर (true north) ,ग्रिड नार्थ(Grid North) और चुम्बकीय उत्तर (Magnetic north) इत्यादि ! ये पोस्ट प्रश्नोतर टाइप का होगा ! जो इस प्रकार है !


मैप रीडिंग का अर्थ होता है की मैप के ऊपर बने हुवे जितने चिन्ह और सिंबल है उसको सही सही समझना ही मैप रीडिंग है जैसे आपको पढना आता है तो आप किताब पढ़ सकते है उसी तरह जिसको मैप रीडिंग आता है ओ मैप को सही सही पढ़ सकता है और उसके ऊपर बिबरण कर सकता है ! आर्म्ड फोर्सेज में मैप रीडिंग का अपना एक महत्व है ! इस महत्व को आप इसी से अंदाजा लगा सकते है की आर्म्ड फ़ोर्स जहा इन्फेंट्री की तरह ड्यूटी  हो वहा कोई भी तब तक अगला प्रमोशन नहीं ले सकता जब तक की ओ मैप रीडिंग पास न हो जाये ! यानि माप रीडिंग का आपना बहुत महत्व है आर्म्ड फोर्सेज में !


Forpoliceman- Map Reading
Map Reading
मैप रीडिंग का महत्व क्या है ?
  1. दुश्मन और अनजाने इलाके की जानकारी हासिल कर सकते है 
  2. कमांडर किसी एरिया विशेष की ,ऑपरेशन   करने से पहले उस एरिया  जानकारी ले सकता 
  3. अनजान इलाके के रस्ते और बहुत सारी का जानकारी ले सकते !
  4. मैप से ऑपरेशनल एरिया के नजदीक से नजदीक पहुच सकते है!
  5. रात के समय में मूवमेंट करना आसान हो जाता है !
  6. ऑपरेशनल एरिया में रहते हुवे भी कमांडर को अपना और दुश्मन का  सटीक लोकेशन दे सकते है !
  7. किसी एरिया में भूल जाने पे मैप रीडिंग मालूम हो तो हम सही सलामत अपने जगह वापस आ सकते है 
मैप की बांट की प्रकार होती है ?
दो प्रकार से होती है 
  1. स्केल के अधार पर और 
  2. उद्देश्य के अधार पर !
स्केल के अधार पर मैप की बाँट कैसे होती है ?
  1. छोटी स्केल 
  2. माध्यम स्केल 
  3. बड़ी स्केल 
रूढी(Conventional )चिन्ह कितने प्रकार के होते है !
दो प्रकार के :
  1. सर्वे सिग्न ,
  2. मिलिट्री सिंबल 
रूढी(Conventional )चिन्ह बनाने के कितने  तरीके है ?
  1. आकृति बनाके ,
  2. आकृति के साथ लिख कर 
  3. रंग भर के 
जब एक ही रंग  तो अपने और दुश्मन के सिंबल कैसे बनाते है ?
  1. अपने लिए एक लाइन 
  2. दुश्मन के लिए दोहरी लाइन बना कर 
वास्तविक नार्थ (true north) किसे कहते है ? (what is true north)
ध्रुव तारा (pole star) के मदद से मालूम किया गया नार्थ को वास्तिविक नार्थ कहते है ! 

ग्रिड नार्थ (Grid north) किसे कहते है ?(What is grid north)
सर्वे मैपो पर पूर्वी देशांतर रेखाए जिस उतर को जाहिर करती है उसे हम ग्रिड नार्थ या मानचित्रिय नार्थ  कहते है!
चुम्बकीय नार्थ (Magnetic North) किसे कहते है ?(What is magnetic north)

कम्पास की सुई जिस नार्थ को की और इशारा करती है उसे हम magnetic north या चुम्बकीय नार्थ कहते है !

बीरिंग(bearing) किसे कहते है ?(what is bearing)
किसी एक स्थान से दुसरे स्थान को मिलाने वाली रेखा और उसी स्थान से किसी उतर के भीच के कोणात्मदुरी को bearing कहते है जो की डिग्री में व्यक्त की जाती है !

मैग्नेटिक वेरिएशन किसे कहते है ?(What is Magnetic Variation)

वास्तिविक उतर और चुम्बकीय उतर के बिच की कोणात्म दुरी को मैगैनेटिक वेरिएशन कहते है !

बाकी के डिटेल दुसरे पोस्ट में देखेंगे अगर कोई सजेसन  हो तो निचे कमेंट बॉक्स में लिखे और ये ब्लॉग पसंद हो तो सब्सक्राइब कर मोटीवेट करे!




01 अप्रैल 2016

भारतीय पुलिस ऐसी क्यों है ?

जब किसी जन साधारण से पूछा जाता है की आप पुलिस की छवि  में बारे में क्या सोचते है ! आप के नजर में  भारतीय पुलिस की क्या छवि है और क्या होनी चाहिए ! ज्यादातर का कहना रहता है की सबसे बुरा महकमा अगर कोई है तो ओ पुलिस  है !


आज आम जनता की सोच है   की भारत में बेहतर खलनायक बनाने के लिए राजनीतिज्ञ और पुलिस वालो में घोर प्रतिस्पर्धा है ! किसी साल राजनेता जीत जाते है तो किसी साल पुलिस महकमा !

पर ऐसे क्यों है ! कभी तो कहा जाता है की पुलिसवाले ओवर बर्डन  ओ दिन में औसत 12-14 घटे ड्यूटी करती है , उनको सही से रहने का मकान और आराम करने का समय नहीं मिलता है ! किसी भी इमरजेंसी सिचुएशन में ओ सबसे पहले आती है ! और इन सब बातो पर लोग एकमत भी है की पुलिस वाले बहुत ड्यूटी करते और बुरे हालत में है फिर भी जनता  पुलिस वालो को खलनायक क्यों समझती है !

 जनता पुलिस की इतना मेहनत करने के बाद ऐसा क्यों सोचती है!पुलिस की छवि आम जनता के बीच इतनी ख़राब क्यों है  ये सोच का विषय अभी से नहीं है! पुलिस की छवि भारत को आजादी के पहले से ख़राब है और इसके सुधार  करने के लिए समय समय समय पे  हो हल्ला होते रहता  है !

पुलिस कोम्पेनडियम में एक सर्वे छपा है जो 1979 में किया गया था उसका विषय था "Image of  the Police in India" उसमे दो पॉइंट के ऊपर आम जनता का मत जानना था ! वो पॉइंट था :

1.  भारत में, क्या  पुलिसवाले  को  प्रोफेसनली सबसे बेईमान माना  जता है ? यदि हा . तो आम जनता के भीतर पुलिसे की छवी सुधरने के लिए क्या किया जाना चाहिए  !
2.  क्या पुलिस सब इंस्पेक्टर और एस एच ओ अपने पॉवर का गलत इस्तेमाल करते है यदि है तो उसको रोकने के लिए क्या करना चाहिए ?

इस सर्वे को करने के लिए चार रीजन चुने गए और एक कुछ प्रश्नों का लिस्ट बनाया गया और इन चार चुने हुवे रीजन में 1000 एक रीजन के हिसाब से टोटल 4000 questionairs भेजा गया जिस रीजन में भेज गया ओ इस प्रकार है :
Image of the police in India-survey
Source:BPR&D Compendium
और जो फाइंडिंग उस  की आई  वह इस प्रकार है :
  • उस समय  82% लोग मानते थे की पुलिस अपनी काम सीधे से नहीं करती है और तटस्थ हो कर नहीं करती है ! विशेष कर इंस्पेक्टर और उससे निचे वाले रैंक के पुलिसमैन !
  •  आम जनता ने मन में  सीनियर अधिकारी की छवी अच्छी है !
  • सब-इंस्पेक्टर और उससे निचे वाले पुलिसमैन का व्यवहार जनता के प्रति ज्यादातर धमानेवाला या घमंडी होता है ! उच्च अधिकारी अच्छे होते है 
  • पुलिस, ड्यूटी के दौरान आम जनता के राईट और प्रिविलेज के बारे में नहीं ख्याल रखती है !
  • आम जनता ने भरष्टाचार को  पुलिस की ख़राब छवी के पीछे का मुख्या कारण माना  और साथ में ख़राब वोर्किंग कंडीशन और लिविंग कंडीशन , कम पेमेंट को भी पुलिस की खराब छवी में एक कारक  माना!
  • 71% जनता मानती है की पुलिस गरीब तबके के साथ भेदभाव करती है और 80% मानती है  की पुलिस धनी और ओहदेदार लोगो के साथ देती है !
  • पुलिस गूंडा और बदमाश लोगो को बचाती है जिसके कारन भी पुलिस की छवी ख़राब होती है !
  • पुलिस में राजनैतिक हस्तक्षेप का बहुताय !
  •  सुपरवाइजरी कंट्रोल का कम होना जिस के कारन लोअर रैंक के लोग का  गलत आदते रोकना  मुश्किल 
ये सर्वेक्षण 1979 में कराया गया  था !और इस सर्वेक्षण के जो फाइंडिंग  है ,उसके देखने के बाद ये लगता है  की उस समय की स्तिथि और आज की स्तिथि में कोई खास बदलाव नहीं आया है! आगर आज भी हम सर्वेक्षण कराये थो रिजल्ट कम बेस वैसे ही आएगा ! 

तो ऐसा क्यों है!  पुलिस ऐसी क्यों है (why police is like this?)

मेरे अनुसार पुलिस ऐसी क्यों है उस का जवाब जानने के लिए पुलिस के इतिहास में  जाना पड़ेगा !  पहले के राजा महाराजा और उसके बाद अग्रेजो ने  पुलिस क्यों रखा था ! उनके लिए पुलिस का क्या उद्देश्य था ! उनके इए बस एक ही उदेश्य था की दंड, भेद भाव और दमन से आम जनता के ऊपर शासन करना और शासन बनाये रखना ! पुलिस का कार्य था केवल और केवल  शसक के हितो का ख्याल रखना ! इस चीज को अग्रेजो के शासन काल के अंतिम दिनों में जब भारतीय अपनी आजादी के लिए लड़ रहे थे उस दौरान ज्यादा इस्तेमाल हुवा! उसके लिए अंग्रेजो ने बहुत से इनाम भी दिए ! और ये साम , दंड, भेद,भाव , भ्रस्टाचार  पुलिस के अन्दर इतना घर कर गया की, वह  पुलिस की संस्कृति और व्यवहार व बन कर रह गयी ! 

बहुत बार हम टीवी या किसी मंच से डिबेट में सुनते है की पुलिस ऐसी इसलिए है की पुलिस हमारे समाज की प्रतिबिम्ब है यानि जैसी समाज है वासी ही पुलिस है ! क्यों की पुलिसवाले भी इसी समाज से आते है ! 
मै उस बात से सहमत नहीं ही हु अगर वैसा होता तो पहले के समय में तो भारत के लोग शांतिप्रिय और बहुत नेक थे  फिरभी पुलिस इतनी क्रूर क्यों थी ! अगर आज का ही माहौल को लेले तो ये सोचते हुवे की हमारे समाज में बहुत सारी विकृतिया आ गयी है इसलिए पुलिस ऐसी है! अगर ए बात होता तो ऊपर के सर्वेक्षण में 81% आम जनता  पुलिस से नाखुश क्यों है अगर पुलिस उनकी प्रतिबिम्ब है तो ! इससे साफ़ जाहिर होता है की पुलिस समाज की प्रतिबिम्ब न हो कर खुद पुलिस की संस्कृति और व्यवहार  का प्रतिबिम्ब है जो संस्कृति और व्व्याहर  पुलिसवालों ने अंगेजो के ज़माने में बनाया था  !

मै क्यों बल पुर्बक कह रहा हु  की पुलिस खुद की पुलिस संस्कृति की प्रतिबिम्ब है इसके पीछे , यह तर्क है की 1975 में जे पि आन्दोलन हुवा था ! उसमे उस समय के युवाओ ने बढ़ चढ़ का हिस्सा लिए और वह आन्दोलन कभी सफल रहा और समाज और राजनैतिक परिदृश्य में बहुत बदलाव लाया ! आन्दोलन  ख़त्म होने के बाद बहुत से उस समय के जवानों ने  पुलिस फ़ोर्स भी ज्वाइन किया होगा! जो  लोअर रैंक से अपर  रैंक तक,  तो उनलोग ने पुलिस के अन्दर क्यों बदलाव नहीं ला सके  , वो लोग क्यों पहले  पुलिसवाले थे वैसे क्यों बन कर रह गए !

 अभी पिछले सालो यानि 2011 में अन्ना आन्दोलन दिल्ली में हुवा जो करप्शन के खिलाफ था! वह आन्दोलन अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का भी ध्यान अपने और बहुत आकर्षित किया था ! टाइम्स मगज़ीन के अनुसार अन्ना आन्दोलन 2011 में विश्व के घटनावो मेसे  एक मुख्य घटना था!   उसमे भी बहुत नवजवानों ने भाग लिया  था ! उन नवजवानों में से बहुतो ने पुलिस बल ज्वाइन किया है  ! ऐसे तो मै खुद भी बहुतो को जनता भी जो अन्ना आन्दोलन में सामिल हुवे थे और आज पुलिस अधिकारी ! अन्ना आन्दोलन ज्वाइन करना कोई गलत बात नहीं थी लेकिन ओ नवजवान जो उस समाज से आया है! लेकिंग यहाँ पुलिस बल में  आ कर क्यों पुलिस समाज का बन के रह गया उसने क्यों नहीं बदलाव लाया पुलिस में ! इससे साफ जाहिर हो रहा है की पुलिस समाज का प्रतिबिम्ब नहीं है वो केवल पुलिस संस्कृति का प्रतिबिम्ब है !

कैसे सुधरेगा पुलिस छवी , भारत में टोटल पुलिस बल की संख्या 2014 में  तकरीबन 13.5 लाख (source:NCRB, न्यू दिल्ली ) जो की पुरे भारत में फैला हुवा है इसलिए जैसे की समाज को सुधारने  के लिए समाज सुधारक खुद उसी समाज से आता है वैसे ही पुलिस में भी सुधार  लाने  के लिए पुलिस बल में से ही लोगो को आना पड़ेगा! नहीं तो ये इतनी मेहनत किस काम की इज्जत ने मिल पाए  !  

आज भी सर्वेक्षण बोलता है की 90% पुलिसवाले 8 घंटा या उससे ज्यादा काम करते है और उसमे से 75% पुलिसवाले ओ है  जो साल में कोई त्यौहार नहीं मन पाते है ड्यूटी के कारण !  


उच्च पुलिस अधिकारी अगर चाह दे तो संभव है की पुलिस की छवी सुधर जाए  ऐसा मै इसलिए कह रहा हु  की मै भी अपने सर्विस काल में देखा हु जब भी कोई ईमानदार अधिकारी आता  है उसके निचे कामकरने वाले आपने आप सुधर जाते है और अपनी कार्यशैली बदल देते ! भले ही वैसे अधिकारी से पुलिस बल के लोग नाखुश रहते है लेकिन जानता खुश राहती  और ओ पुलिस बल को  एक इज्जत और आशा की नजर से देखने लगती है विशेषकर कमजोर तबका उसको लगने लगता है की अगर कोई भी समस्या आएगी तो पुलिस बल उसका मदद करेगा ! 


अगर उच्च पुलिस पदाधिकारी पुलिस इमेज के सुधार  लाने की कोशिश नहीं करेंगेतो  तो जो ऊपर के सर्वेक्षण में बात कही गयी है की आम जनता उच्च अधिकारिओ को हाई रिगार्ड देती है और अच्छी मानती है तो ओ जनता के साथ धोखा है और अधिकारी दोहरी जीवन  जी रहे जनता के सामने कुछ और पीछे कुछ और! पुलिस में सुधार लाने के लिए एक सुधारक  से काम नहीं चलेगा बहुत से अधिकारिओ को आना पड़ेगा  ! और इसमें आम जनता को भी साथ देना पड़ेगा !

अगर आप किसी पॉइंट से सहमत नहीं है या कुछ और जोड़ना चाहते है  तो आप कमेंट बॉक्स में लिख सकते है! पुलिस से सम्बंधित कुछ  ब्लोग् पोस्ट है अगर आप उसे पढना चाहते है तो यहाँ क्लिक करे 

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