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Monday, December 12, 2016

राइफल को फायर करने पे सभी गोलिया एक ही सुराख़ से क्यों नहीं निकलती है ?

पिछले पोस्ट में हमने 7.62 mm एसएलआर के ज़ेरोइंग कब और कैसे किया जाता है इसके बारे में जानकारी शेयर की इस पोस्ट में हम नार्मल हथियार के सिद्धांत के बारे में जानकारी शेयर करेंगे (Theory of normal weapon)!



एक अच्छा फायरर बनाने  के लिए आम ग्रुप के सिद्धांत जानना और उनका प्रयोग करना निहायत आवश्यक है ! जैसे की हम जानते है की 25 गज या 100 गज से जीरो की हुई राइफल या एल एम् जी जरुरी नहीं की दुसरे रेंज पर साईट के अनुसार दुरुस्त फायर करे इसलिए ये हर एक जवान को इस योग्य होना चाहिए की वह अपनी गोलिओ की मार देखकर ठीक दुरुस्ती कर सके !
राइफल की गोली एक सुराख़ से क्यों नहीं निकलती है ?
राइफल की गोली एक सुराख़ से क्यों नहीं निकलती है ?
सभी गोलिया एक ही सुराख़ से क्यों नहीं पास होती है(Rifle se fire ki jani wali safi goliya ek surakh se kyo nahi pass hoti hai) ?:चाहे किसी भी हथियार से फायर किया जाए, अच्छे फायर के तीन बुनियादी उसूलो का प्रयोग करने पर भी तमाम गोलिया एक सुराख़ से नहीं निकलती है ! फैक्ट्री में राइफल को शिकंजे में डालकर 100 फुट के रेंज से फायर करके टेस्ट किया जाता है और इस टेस्ट में पास करने के लिए हर एक राइफल की गोलिया कम से कम  1" x 1.5" के एरिया में लगनी चाहिए !

जब शिकंजे में डालकर फायर करने पर भी तमाम गोलिया एक सुराख़ से नहीं निकलती , तो राइफल को हाथ से पकड़ने पर कभी एक सुराख़ से नहीं निकलेगी ! गोलिओ के एक सुराख़ से नहीं निकल पाने की कुछ कारन होता है जैसे  की(Golio ko ek surakh se nahi nikal pane ke karan) :


जरुर  पढ़े :राइफल का ग्रुपिंग क्या होता है और उसका सिधांत
  1. अमुनिसन(Ammunition) : गोली में बारूद काफी होशियारी के साथ भरी जाती है फिर भी बारूद का मिक्सचर में मामूली कमी बेसी हो जाती है !
  2. बैरल का गरम होना(Heating of barrel) : लगातार फायर होने पर बैरल भी गरम हो जाती है जिससे बैरल थोडा खुल जाती है और गोलिओ की वेलोसिटी या रफ़्तार थोडा कम हो जाता है जिसके कारन गोलिया निचे लगती है !
  3. स्टॉकिंग(Stocking) : राइफल की बैरल लकड़ी की स्टॉकिंग के बीच तुली होती है अगर फायर के धमाके से मामूली भी स्टॉकिंग में फर्क आ जाए तो गोली की दुरुस्ती पर असर पड़ता है और गोलिया एक जगह नहीं लगती है !
  4. मौसमी असर(Effect of weather condition) :  हवाई नमी , हवा की रफ़्तार और रेख गोली पर असर डालने वाली कुछ मौसमी चीजे है जो हर वक्त बदलती रहती है इसलिए हर एक गोली पर इसका असर दूसरी गोली से अलग होती है जिसके कारन गोलिया एक जगह पे हिट नहीं करती है !
  5. फायरर की गलती(Firer mistakes) : फायरर की पकड़, सिस्ट और ट्रिगर ऑपरेशन में अलग अलग  फर्क तो गोलिया एक जगह नहीं लगती है !

इसी के साथ एक छोटी सी जानकारी राइफल की गोलिया फायर करने से एक ही सुराख़ से क्यों नहीं पास होती है समाप्त हुई ! उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगी!अगर इस पोस्ट तथा इस ब्लॉग के बारे में कोई कमेंट या सुझाव हो तो निचे लिखे कमेन्ट बॉक्स में जरूर  दे !ब्लॉग को  सब्सक्राइब और अपने दोस्तों के बिच भी फेसबुक के ऊपर शेयर  कर हमलोगों को सपोर्ट  करे !
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