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Thursday, May 26, 2016

इंसास राइफल से दुरुस्त शिस्त लेने का तरीका और शिस्त लेते समय होने वाले कुछ कॉमन गलतिया

मै अपने पिछले पोस्टो में इंसास राइफल की चाल, खोलना जोड़ना , फायर करना इत्यादि  बहुत से बातो पे जानकारी शेयर किया हु! अब इस पोस्ट में जानकारी शेयर करेंगे ओ है इंसास राइफल से दुरुस्त शिस्त(INSAS Rifle ka durust shist) लेना और शिस्त लेते समय होने वाली गलतिया (Shist lete samay hone wali Galtia)!





जैसे की हम जानते है की अचूक निशाने बाजी का दूसरा बुनियादी उशुल है दुरुस्त शिस्त लेना !अगर एक फायरर दुरुस्त पोजीशन , पकड़ और  शिस्त के साथ साथ दुरुस्त ट्रिगर ऑपरेशन की कारवाही भी ठीक करता है तो एक गोली एक दुश्मन का मुद्दा  हासिल कर सकता है ! इस लिए सभी जवानों को शिस्त लेने के साथ साथ दुरुस्त ट्रिगर ऑपरेशन भी  आनी चाहिए !
Aiming practice at firing range
Aiming practice
दुरुस्त शिस्त लेने का तरीका(Drust shist lene ka tarika)

कोई एक फायरिंग पोजीशन को अपनाये , राइफल को सीधा और मज़बूत पकडे , टारगेट का खाका अपने दिमाग में बैठाएं!  कोई एक आँख बंद करें रियर साईट  अप्रेचर के बीचो बीच फोरे साईट टिप की नोक को पॉइंट ऑफ़ एम (POA) पर मिलें और दुरुस्त साईट  पिक्चर हासिल करें! ट्रिगर प्रेस करने से पहले नज़र फॉर साईट की टिप पर लायें. इस प्रकार जब एक फायर दुरुस्त शिस्त लेने की कारवाही करता है तो वह दो बातो  को अमल में लाता है !
  1. साईट एलाइनमेंट(Sight alignment : जब एक फायरर बैक साईट अप्रेचर के मध्य में फोरे साईट टिप को मिलाता है यानि की फायरर की आँख , बैक साईट अप्रेचर का मध्य और फोरे साईट टिप को एक लाइन में मिलाने की कारवाही को साईट एलाइनमेंट कहते है !
  2. साईट पिक्चर(Sight picture) : दुरुस्त अलाइन की गई साईट को पॉइंट ऑफ़ एम पर मिलाने के कारवाही को साईट पिक्चर कहते है, यानि की फायरर की आँख , बैक साईट अप्रेचर का मध्य फोरे साईट टिप और पॉइंट ऑफ़ एम तक जो फर्जी लाइन बनती है उसे साईट पिक्चर कहते है  



शिस्त लेते समय होने वाली गलतिया(Shist lete samay hone wali galtia)

जब एक फायरर मजबूत पकड़ , दुरुस्त शिस्त और सही ट्रिगर ऑपरेशन की करवाई करके फायर करता है तो भी उसकी गोलिया कभी कभी पॉइंट ऑफ़ एम से हट कर लगती है !

इसका कारन अन्य तकनिकी कारणों के साथ साथ मानव आँख की कमिया  भी है! हर इन्सान के आँख की यह कमजोरिया  है की आँख एक ही समय पर दो अलग अलग  फासले पर लगे निशानों को एक साथ फोकस नहीं कर सकती!

इसको  एक उदाहरण के द्वारा महसूस  किया जा सकता है करने के लिए अपने बाएं हाथ के अंगूठे को खड़ा करें और किसी एक निशान को चुने! जब आप अपनी निगाह किसी निशान पर करते है तो आपको अपना अंगूठा धुधला दिखाई देता है और अगर अंगूठा पर नजर जमाते है तो निशान धुंधला दिखाई देता है !


ठीक इसी प्रकार अगर  फायरर पॉइंट ऑफ़ एम को देखने पर ज्यादा जोर देता है तो उसे फॉर साईट टिप धुंधली दिखाई देती है और वह  फ़ॉर साईट टिप  को अप्रेचर के मध्य में रख पाने की गलती कर जाता है जिसे साईट एलाइनमेंट की गलती कहते है !

जब फायरर फॉर साईट टिप को देखने में ज्यादा जोर देता हा तो पॉइंट ऑफ़ एम धुंधला दिखाई देती है जिससे वह  सही पॉइंट ऑफ़ एम न चुनने की गलती करता है जिसे साईट पिक्चर की गलती कहते है !

ऑपरेशन के दौरान अगर एक जवान साईट पिक्चर की गलती करता है तो गोली टारगेट को हिट करती है क्योकि यह गलती हर एक रेंज पर एक जैसी है , लेकिंग साईट एलाइनमेंट की गलती करने पर बढ़ते हुए रेंज के साथ साथ गोली टारगेट को भी छोड़ सकती है क्यों की यह गलती बढ़ते हुए रेंज के साथ बढती है ! इसी लिए साईट एलाइनमेंट की अहमियत साईट पिक्चर से ज्यादा है !


इस गलतियो को सुधारने के लिए कुछ एक्सरसाइज कराया जाता है जिसे अगले पोस्ट में जानकारी हासिल करेंगे !

यह रहा  इंसास राइफल से दुरुस्त शिस्त लेने का तरीका और फायरर द्वारा की जानेवाली 
गलतिया !

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 .

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