10 सितंबर 2022

9 mm कार्बाइन मशीन गन की विशेषताए, खोलना जोड़ना और सफाई के IWT सरल भाषा में

 पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने 9 mm कार्बाइन मशीन गन के बेसिक टेक्निकल डाटा    आदि के बारे जानकारी प्राप्त की और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस लेसन में हम 9 mm कार्बाइन मशीन गन की विशेषताए, खोलना जोड़ना और सफाई के IWT सरल भाषा में जानेगे (CMG ki visheshtaye aur kholna jodna aur safai karne ka IWT saral shabdo me  ) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे!

9 mm कार्बाइन मशीन
9 mm कार्बाइन मशीन 

1. शुरू-शुरू का काम :-

  • (क) क्लास की गिनती और युपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्यवाही

2 दोहराई- सी.एम.जी. को इस्तेमाल करने से पहले उसका निरीक्षण कर लिया जाय।

3. पहुच :- सी.एम.जी. सबसे छोटा व हल्का तो है लेकिन काफी कारगर हथियार है क्योंकि यह सिंगल और बर्स्ट फायर करता है। यह ब्लोबैक के सिद्धांत पर काम करता है।

4. उद्देश्य :- सी.एम.जी. की विशेषताएँ. खोलना, जोड़ना और सफाई करने का तरीका सिखाना है (उद्देश्यको दोहराये)।

5. सामान :- सी.एम.जी. मैगजीन, ड्रील कार्टिज, बैनट, सिलिंग, पुलभू चिन्दी, तेल और ग्राउण्डशीट। 6. भागों में बाँट :-

  • भाग 1- विशेषताएँ ।
  • भाग 2- खोलना और जोड़ना ।
  • भाग 3- सफाई का तरीका । 
 भाग 1- विशेषताएँ

विशेषताएँ :- (नमूना बयान से) 

  • (i) इसमें शिस्त के लिए ब्लेड के शक्ल का फोरसाइट और बैंकसाइट अपरचर होता है. जिसमें दो पोजीशन है।
  • (ii) बट को फोल्ड करके भी फायर कर सकते हैं।
  • (iii) फायर पावर ज्यादा होने के कारण बैरल को ठंडा करने के लिए केसिंग हॉल बनाये गये हैं।
  • (iv) फायरर की सेफ्टी के लिए बैरल में स्टापर गार्ड लगाये गये हैं ।
  • (v) चेन्ज लीवर के तीन पोजीशन होते हैं।
  • (vi) मुठभेड़ की लड़ाई में बैनेट फिक्स करके नजदीकी लड़ाई लड़ सकते हैं ।
  • अन्य सभी जानकारी टेक्निकल डाटा से समझें ।
भाग 2- खोलना और जोड़ना :खोलना
 खोलना और जोड़ना :

खोलना :- अगर मैगजीन लगा हो तो मैगजीन उतारें, कारबाईन का निरीक्षण करें, चेन्ज लीवर 'एस' पर करें। बैनेट कैच को दबाते हुए बैनेट उतारे सिलिंग उतारें।

ब्रिज ब्लॉक को खोलना :-

  • (क) कारबाईन को इस प्रकार पकड़े कि मजल दरी पर हो. बायें हाथ के अंगूठे से बॉडी कैप कैच को नीचे दबाते हुए दाहिने हाथ से बट को अपनी तरफ खीचते हुए बैरल के साथ नीचे बैठायें। दाहिने हाथ से बट प्लेट कैच को दबाते हुए बट फोल्ड करें और बैरल केसिंग में लगा दें।
  • (ख) कारवाईन को उसी पोजीशन में खड़ा करें। बायें हाथ से बॉडी कैच को दबाते हुए कैम को नीचे दबायें और घड़ी के उल्टे रुख घुमाते हुए बाहर खींचें।
  • (ग) चेन्ज लीवर को एस या 'आर' पर रखते हुए मजल को नीचे करें । बायें हाथ से कारवाईन को पकड़ें और दाहिने हाथ से कॉकिंग हैण्डल को पकड़ते हुए पीछे खींचें। कॉकिंग हैण्डल को निकालें, रिटर्न स्विंग और ब्रिज ब्लॉक को बाहर निकालें, बिज ब्लॉक से स्प्रिंग को अलग करें। हिस्से-पुर्जे के बारे में क्लास को बतायें।

मैगजीन को खोलना :- मैगजीन को बायें हाथ से इस प्रकार पकड़ें कि छोटा मेहरा अपनी तरफ हो। मैगजीन को दरी या बुट के ऊपर रखें. बटम प्लेट को बाहर की तफर निकालें तथा स्प्रिंग को बाहर निकालें।

मैगजीन को जोड़ना :- बायें हाथ से मैगजीन को पकड़ें. छोटा मेहराब अपनी तरफ करते हुए चिंग को इस प्रकार अंदर दाखिल करें कि रोलर का उठा हुआ भाग ऊपर हो। बायें हाथ से लिंग को नीचे दबायें और दाहिने हाथ से बटम प्लेट के चौड़े भाग को बाहर की तरफ दबायें, यकीन करें कि स्टड सुराख के अंदर सही बैठ गया है।

ब्रिज ब्लॉक को जोड़ना :- ब्रिज ब्लॉक जोड़ने के लिए कार्रवाई इस प्रकार करें

  • (क) ब्रिज ब्लॉक और रिटर्न स्प्रिंग को बॉडी में दाखिल करें, यकीन करें कि कॉकिंग हैंडल के लिए बना सुराख बॉडी में बने सुराख की सीध में हो। दाहिने हाथ से ब्रिज ब्लॉक और स्प्रिंग को अंदर दाखिल करें। स्प्रिंग तथा चाल वाले पुर्जे पर काबू पाते हुए कॉकिंग हैण्डल को इस प्रकार अंदर डालें कि मुड़ा हुआ भाग आगे हो। दायें हाथ की कलमे वाली अँगुली से ट्रिगर दबाते हुए पुर्जे को आगे जाने दें।
  • (ख) बॉडी कैप को रिटर्निग स्प्रिंग के ऊपर रखें। याद रहे कि कैप का बायर्यों लग कैच की सिधाई में हो । बॉडी कैप कैच को बायें हाथ से दबाते हुए दाहिने हाथ से कैप को दबाते हुए घड़ी के रुख में घुमायें, यकीन करें कि कैप ठीक बैठ गया है।
  • (ग) कारवाईन को सीधा रखते हुए बट प्लेट कैप दबाते हुए बैरल केसिंग से बट को अलग करें, बट को बॉडी कैप के साथ लगायें। बायें हाथ से बॉडी कैप कैच को दबाते हुए बट को उसके कटाव में फिट करें। कैप व कैच से दबाव हटा लें, यकीन करें कि बट सही जगह बैठ गया है। बट प्लेट कैच को दबाते हुए बट को खोलें।
  • (घ) कारबाईन जोड़ने के बाद चेन्ज लीवर का पोजीशन 'एस' या आर पर करके बारी-बारी से कारबाईन को कॉक कर ट्रिगर दबायें। चेक करें कि कारबाईन सही जुड़ गया है। ट्रिगर से दबाव हटायें। चाल वाले पुर्जे आगे होने चाहिए। सिलिंग और यदि बैनेट हो तो जोड़ें ।

भाग 3- सफाई करने का तरीका

सफाई करने का तरीका :

  • (क) आम सफाई- बैरल की सफाई करने के लिए सबसे पहले पुलभू का निरीक्षण करें. इसके बाद 4x3 इंच या 10x71/2 से.मी. साइज की चिंदी पुलथू में फिट करें। चेम्बर की तरफ से डालते हुए सफाई करें। याद रहे कि सफाई करते समय पुलथू बॉडी से टच नहीं होना चाहिए। बैरल में तेल लगाने के लिए 10x5 cm चिन्दी से तेल लगायें। बॉडी, बिज लॉक, रिटर्निग स्प्रिंग तथा मैगजीन को साफ कपड़े से साफ करके तेल लगायें।
  • (ख) फायरिंग से पहले की सफाई :- हथियार को रोजाना की तरह साफ करें, ब्रिज ब्लॉक तथा बैरल को शुष्क करें।
  • (ग) फायरिंग के बाद की सफाई :-कारबाईन को खोलें, अच्छी तरह सफाई करें, संभव हो तो गर्भ पानी का इस्तेमाल करें, ताकि बैरल में गैस न रहने पाये, शुष्क करने के बाद तेल लगायें। सभी बाहरी हिस्सों को साफ करें और तेल लगायें। फायरिंग के बाद तीन दिन तक लगातार सफाई की जाय ।
संक्षेप:- क्लास से पूरे सबक से प्रश्न पूछा जाये तथा क्लास का शंक-सामाधान किया जाय।

इसके साथ ही 9 mm  कार्मबाइन  मशीन के विशेषताए, खोलना जोड़ना और सफाई करना से  सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !

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  1. Lee Enfield .303राइफल का टेक्नीकल डाटा
  2. Lee Enfield 303राइफल की खूबिय और खामिया
  3. 9 mm कार्बाइन मचिन या सब मचिन गन का इतिहास और खुबिया
  4. 9mm कार्बाइन का टेक्नीकल डाटा -II
  5. 9 mm कार्बाइन मचिन का बेसिक टेक्नीकल डाटा -I
  6. 5.56 mm INSAS LMG का बेसिक डाटा और स्पेसिफिकेशन
  7. इंसास राइफल का पार्ट्स का नाम और खोलना जोड़ना
  8. इंसास राइफल के डेलाइट टेलीस्कोपिक और पैसिव साईट का डिटेल.
  9. AKM राइफल का बेसिक टेक्नीकल डाटा
  10. 7.62mm SLR के पार्ट्स का नाम और 7.62 mm SLRराइफल का चाल

9 mm कार्मबाइन मशीन के टेक्निकल के IWT सरल भाषा

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने 5.56 mm  इंसास एल एम् जी चालऔर रोके  आदि के बारे जानकारी प्राप्त की और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस लेसन में हम 9 mm  कार्मबाइन  मशीन के टेक्निकल   के IWT सरल भाषा में जानेगे (9mm Carbine Machine ke basic data ka  IWT Saral Sabdo ) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे!

1. परिचय :-9 एम.एम. कारबाईन मशीन मुठभेड़ की लड़ाई में इस्तेमाल होनेवाला खास हथियार है। छोटे कुतर के हथियारों में लम्बाई कम मैगजीन क्षमता ज्यादा, वजन कम, छुपाव आसान और सिंगल शॉट के साथ-साथ भारी तादाद में बर्ट फायर डालने की काबिलियत रखता है। इस हथियार में पुर्जे बहुत कम हैं. लॉक-अनलॉक की कार्रवाई नहीं होती है। फिर भी हथियार को इस्तेमाल करने में बहुत आसानी है। छोटा बैरल और लो पावर एम्यूनिशन फायर होने के कारण रेज कम मिलता है। सुरक्षा का खास ध्यान रखना पड़ता है। मुठभेड़ में कम रेंज, गली-कूची में हथियार का इस्तेमाल कारगर साबित होता है।
सी.एम.जी. का टेक्निकल डाटा:
9 mm कार्बाइन मशीन गन
9 mm कार्बाइन मशीन गन
  • (i) बिना मैजगीन सी.एम.जी. का वजन-2.85 kg 
  • (ii) खाली मैगजीन का वजन- 283 gs 
  • (iii) भरी मैगजीन का वजन - 680 gms 
  • (iv) भरी मैगजीन के साथ वजन-3.53 kg 
  • (v) खुले बट के साथ लम्बाई-27 inch-85.1 mm 
  • (vi) बट फोल्डेड लम्बाई-19 inch-482.6mm
  •  (vii) बैनेट के साथ लम्बाई-35 inch-889 mm 
  • (viii) बैरल की लम्बाई-7.8 inch-199.139mm
  •  (ix) साइड रेडियस-16.1 inch-408.94mm
  • (x) गुब्ज घुमाव-6.दाहिने से 
  • (xi) मजल वेलोसिटी-380 mt./Sec.-1300 फीट/से. 
  • (xii) कारगर रेंज-30 गज)बैटल रेंज
  • (xiii)100 गज इफेक्टिव रेंज 
  • (xiv) मैगजीन क्षमता 34 राउण्ड, 32 भरे जाते हैं 
  • (xiv) साइक्लिक रेट ऑफ फायर-500 से 550 राउण्ड/भि० 
  • (xv) मैगजीन का प्रकार-50 राउण्ड/मि0 (Box Type)

इसके साथ ही 9 mm  कार्मबाइन  मशीन के टेक्निकल डाटा से  सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !

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  2. Lee Enfield 303राइफल की खूबिय और खामिया
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  7. इंसास राइफल का पार्ट्स का नाम और खोलना जोड़ना
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04 सितंबर 2022

5.56 mm इंसास एल एम् जी चाल और रोके के IWT सरल भाषा

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने इंसास एल एम् जी से फायर कारन का तरीका   आदि के बारे जानकारी प्राप्त की और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस लेसन में हम 5.56 इंसास एल एम् जी चाल और रोके  के IWT सरल भाषा में जानेगे (5.56 mm INSAS LMG ke Chale aur Roke ka IWT Saral Sabdo ) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे!

INSAS LMG Ki CHAL
INSAS LMG Ki CHAL

1. शुरू-शुरू का काम :-

  • (क) क्लास की गिनती और ग्रुपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्यवाही

2. दोहराई :- एल.एम.जी. का पिछला सबक-खोलने और जोड़ने पर लिया जाय।

3. पहुँच :- इन्सास एल.एम.जी. काफी दूर तक दुश्मन को इंगेज और भारी तादात में फायर करने वाला ऑटोमेटिक हथियार है। लगातार फायर के दौरान इसमें चन्द एक रोकें पड़ सकती हैं। इसलिए सेक्शन का हर एक जवान इस काबिल होना चाहिए कि अगर एल.एम.जी. में कोई रोक पड़ती है, तो उसे आसानी से दूर करके फायर में शामिल हो सके।

4. उद्देश्य :- इन्सास एल.एम.जी. की चाल, पड़नेवाली रोकें और उन्हें दूर करने का तरीका सिखाना है। (उद्देश्य को दोहरायें)

5. सामान :- इन्सास एल.एम.जी., मैगजीन, ड्रील कार्टिज, क्लियरिंग प्लग, स्पेयर पार्ट बैलेट, चाल का

डायग्राम, टारगेट और ग्राउण्डशीट।

6. भागों में बाँट :-

  • भाग 1- इन्सास एल.एम.जी. की चाल ।
  • भाग 2- रोकें और दूर करने का तरीका।

भाग 1- इन्सास एल.एम.जी. की चाल

इन्सास एल.एम.जी. की चाल (INSAS LMG ki chaal) :- (नमूना बयान से) चाल में आनेवाले हिस्से-पुर्जे का नाम :-

  • हैमर,
  • फायरिंग पिन,
  • गैस वेन्ट,
  • गैस प्लग,
  • गैस सिलेन्डर,
  • पिस्टन हेड,
  • गैस फॉलिंग होल,
  • पिस्टन एक्सटेन्शन,
  • गाइड वे,
  • गाइड लेग,
  • बैरल एक्सटेन्शन,
  • इजेक्टर,
  • एक्सट्रेक्टर,
  • रिक्वायल स्प्रिंग,
  • फीड पीस,
  • राउण्ड,
  • पिस्टन एक्सटेन्शन का पिछला,
  • निचला और दायाँ वाला पहलू और सेफ्टी सियर ।

चाल(INSAS LMG Ki Chal) :- एल.एम.जी. की चाल सबसे पहले खुली हुई एल.एम.जी. पर बताया जाय । एल.एम.जी. की चाल 8 एक्शनों में पूरी हाती है। यह 8 एक्शन हू-बहू राइफल की तरह ही है | चेंज लीवर को 'आर' या 'एस' पर करके ट्रिगर को दबाते हैं, तो हैमर आजाद होकर फायरिंग पिन रिटेनर पर ठोकर मारता है, जिससे फायरिंग पिन अपने वे से निकल कर चैम्बर में दाखिल राउण्ड के फंदे पर ठोकर मारता है, जिससे राउण्ड फायर हो जाता है । राउण्ड फायर होने से गैस पैदा होती है, गैस बुलेट को बैरल में आगे धकेलती है, ज्योंही बुलेट गैस वेन्ट से आगे गुजरता है, तो कुछ गैस गैस-वेन्ट के सुराग से होकर गैस सिलेन्डर ट्यूब में दाखिल होती है । सिलेन्डर में कितनी गैस दाखिल होगी यह गैस रेगुलेटर के सेटिंग पर निर्भर करता है । गैस सिलेन्डर में दाखिल हुए गैस पिस्टन हेड पर दबाव डालता है, जिससे पिस्टन एक्सटेन्शन पीछे की हरकत करता है । इस हरकत के दौरान पाथवे केम की मदद से रोटेटिंग बोल्ट दायें से बायें इतना घूमता है कि रोटेटिंग बोल्ट का लॉकिंगप्लग बैरल एक्सटेन्शन लॉकिंग लग से अलग हो जाता है. इस कार्रवाई को अनलॉक कहते हैं । इसी दौरान रोटेटिंग बोल्ट में लगा एक्सट्रेक्टर फायर केश को पकड़कर पीछे लात है। इस कार्रवाई को एक्सट्रेक्ट कहते हैं । पिस्टन एक्सटेन्शन की पीछे की हरकत जारी रहती है. इस हरकत के दौरान पिस्टन एक्सटेन्शन का स्टेन हैमर को थोड़ा नीचे दबाता है, फिर पिस्टन एक्सटेन्शन का बटम सरफेस हैमर को पूरा नीचे दबा देता है. जिससे ट्रिगर सियर का नोज हैमर के कटाव में फंस जाता है. इस एक्शन को कॉक कहते हैं । पुर्जी के पीछे की हरकत जारी रहती है । इस हरकत के दौरान रोटेटिंग बोल्ट फायर केश को पीछे लाता है और रास्ते में इजेक्टर से टकराकर खाली केश इजेक्शन स्लॉट के द्वारा दाहिनी ओर नीचे गिर जाता है. इस एक्शन को इजेक्ट कहते हैं । रिक्वाईल स्विंग सिकुड़ जाता है और गाइड को ओवरलैप कर देता है । जब रिक्वाईल स्प्रिंग अपने तनाव को पूरा करता है तो पिस्टन एक्सटेशन को आगे ढकेलता है. इस हरकत के दौरान रोटेटिंग बोल्ट का फीड पीस मैगजीन के ऊपर वाले राउण्ड को धकेल कर चैम्बर में दाखिल कर देता है. इस एक्शन को फीड कहते हैं। रोटेटिंग बोल्ट में लगा एक्सट्रेक्टर चैम्बर वाले राउण्ड के पेंदे को पकड़ लेता है और रोटेटिंग बोल्ट की आगे की हरकत समाप्त हो जाती है, इस एक्शन को लोड कहते हैं । पिस्टन एक्सटेशन की आगे की हरकत जारी रहती है. इस हरकत के दौरान पाय केम की मदद से रोटेटिंग बोल्ट इतना बायें से दायें घूमता है कि रोटेटिंग बोल्ट का लॉकिंग लग बैरल एक्सटेंशन के लॉकिंग लग में फंस जाता है । इस एक्शन को लॉक कहते हैं । लॉकिंग की कार्रवाई हो जाने के बाद भी पिस्टन एक्सटेन्शन का आखरी हरकत बाकी रहता है. इस आखरी हरकत के दौरान पिस्टन एक्सटेन्शन का दाहिना, निचला और पिछला हिस्सा सेफ्टी सियर पर दबाव डालता है, जिससे सेफ्टी सियर का नोज हेभर के कटाव से अलग हो जाता है। यहाँ पर एल.एमजी. दोबारा फायर के लिए तैयार हो जाता है, इस एक्शन को फायर कहते हैं ।

भाग 2- फौरी इलाज

फौरी इलाज(INSAS Ki Forry Ilaj):- एलएमजी शुरू से ही फायर न करे या करते-करते रुक जाय, तो कार्रवाई फौरी इलाज की करें । करने का तरीका इस प्रकार है-बयान के साथ नमूना और नकल) कलमे वाली अंगुली को ट्रिगर से बाहर निकालें. एल.एम.जी.को कंधे से नीचे लाएँ दाहिने टन करते हुए एलएम.जी. को कॉक करें । होल्डिंग ओपनिंग डिवाइस (HOD) को लगायें और एलएम.जी को बायें टर्न करें । इजेक्शन स्लॉट द्वारा मैगजीन चैम्बर का निरीक्षण करें। देखने से पता चला चेम्बर खाली और मैगजीन खाली. तो खाली मैगजीन की रोक समझकर मैगजीन की बदली करें। देखने से पता चला मैगजीन भरा, इजेक्ट राउण्ड, तो राउण्ड के पेदे को चेक करें। अगर पेंदे पर चोट है तो भिस फायर की रोक समझें। अगर देखने से पता चला की बॉडी में लटका हुआ राउण्ड है तो मैगजीन कैच दबाते हुए मैगजीन को उतारने से राउण्ड नीचे गिर जाएगा । राउण्ड को साफ करके मैगजीन में भरें और एलएम.जी को फायर में शामिल करें। इस प्रकार एल.एम.जी. को एक बार कॉक करने और मैगजीन की बदली करने से तीन प्रकार की रोक दूर की जाती है।

  • (क) खाली मैगजीन (INSAS Ki Khali Magzine)
  • (ख) भिस फायर (INSAS Ki Miss Fire)
  • (ग) बॉडी में लटका हुआ राउण्ड।(INSAS Ki Body me latka huwa round)

फौरी इलाज की कार्रवाई करने के बाद यदि राउण्ड फायर न हो या पुर्जे पीछे न आयें, तो इसके दो कारण हो सकते है -

  • (क) सख्त खिंचाव
  • (ख) गैस की कमी की रोक ।

सख्त खिंचाव(INSAS Ki sakht khichaw) :- अगर गोली फायर होने के बाद चाल वाले पुर्जे पीछे न आयें, तो ट्रिगर से अंगुली को हटायें और एल.एम.जी. को कॉक करें। यदि एलएम.जी. कॉक न हो तो सख्त खिंचाव का रोक समझ कर कार्रवाई इस प्रकार करें- एल.एम.जी. के पीछे निलिंग पोजीशन अरिक्षयार करें। दायाँ घुटना बट के पीछे लाये । दार्थो हाथ की पकड़ लॉल द बट पर इस प्रकार हो की चार अंगुलियों ऊपर से और अंगूठा नीचे से, साथ ही बायें हाथ से कॉकिंग हैंडल को खड़ा करें और किसी रस्सी या पुलथू कार्ड को हैण्डिल पर लपेटकर झटके से खींचें। इस प्रकार सख्त खिंचाव का रोक दूर हो जाएगा । एल.एम.जी. को दोबारा फायर में शामिल करें। नोट: यह रोक गंदे या मैले चेम्बर की वजह से होता है। अगर चेम्बर गंदा है तो उसे साफ करें।

अभ्यास:- अभ्यास के लिए हुक्म इस प्रकार होगा- एल.एम.जी. टीक फायर करता, रुकता, आप फौरन इलाज की कार्रवाई करेंगे । रोकें मैं दूंगा, आप दूर करेंगे (क्लास से सवाल-जवाब) ।

भाग 3- गैस की कमी की रोक और अन्य रोके

गैस की कमी की रोक(INSAS Ki kami ki roke):- फौरी इलाज की रोक को दूर करने के बाद भी एल.एम.जी. फायर नहीं करे या एक-दो राउण्ड के बाद रुक जाय, तो कार्रवाई गैस की कमी की रोक समझकर दूर करें । फौरी इलाज की पूरी कार्रवाई करें । देखने में आया मैगजीन भरा, चेम्बर खाली। चाल वाले पुर्जे आगे जाने दें, चेंज लीवर 'एस' पर करें । (क्लास को नजदीक से दिखाएँ) एलएमजी. के बायें पहलू बदन के आगे ले जायें और किसी कपड़े की मदद से बायें हाथ के अंगूठे से गैस रेगुलेटर के पोजीशन को लो (Low) से हाई (High) पर करें। ऐसा करने से गैस रेगुलेटर का सुराग बंद हो जाता है और ज्यादा से ज्यादा गैस सिलेन्डर में दाखिल होता है। बदन को एलएमजी. के पीछे लायें, बट-कंधा का मिलाप करें और एल.एम.जी. को फायर में शामिल करें, एल.एमजी. ठीक फायर करेगी।

अभ्यास:- अभ्यास के लिए हुक्म इस प्रकार होगा- एलएमजी. टीक फायर करता, रुकता. एक-दो राउण्ड के बाद रुकता, इस हुक्म पर क्लास गैस की कमी को दूर करेगा (क्लास से सवाल-जवाब)।

अन्य रोके :- गैस की कमी की रोक को दूर करने के बाद भी एलएमजी फायर नहीं करे तो अन्य रोक समझकर दूर करें (कार्रवाई को दिखाने के लिए क्लास को नजदीक बुलाय)। चेन्ज लीवर को 'एस पर करें मैगजीन कैच को दबाते हुए मैगजीन को उतारें चेंज लीवर को आर या एस पर करें. एलएम.जी. को खाली करें । एल.एम.जी. को खोलकर निरीक्षण करें. यदि एक्सट्रेक्टर, फायरिंग पिन टूटा हो या चेम्बर में कटा हुआ केश नजर आता है, तो एलएम.जी. को जोड़ें. कॉक करें होल्डिंग डिवाइस लगायें ।क्लीयरिंग प्लग लें. बेस, स्लीव, सेन्टर पिन को आपस में कसे व चेन्चर में दाखिल करें। चाल वाले पुर्जे को आगे जाने दें। एल.एमजी. को कॉक करें, यकीन करें कि कटा केश चेम्बर से बाहर निकल गया है।एल.एमजी. को फायर में शामिल करें। समय मिलने पर क्लीयरिंग प्लग को कटे केश से अलग कर किट बॉक्स में रखें। अगर गैस फाउलिंग हो गया हो तो एल.एम.जी. खोलकर सफाई कर लिया जाय।

अभ्यास :- क्लास के सभी जवानों को बॉडी चैम्बर की रोक के बारे में अभ्यास कराया जाय।

संक्षेप :- सवाल और जवाब संक्षेप में करें ।

नोट:-रोकों को दूर करने का अभ्यास कराते वक्त एल.एमजी. का फायर जाहिर करने के लिए पेंसिल से मैगजीन पर टीक-टीक की आवाज पैदा करें या कोई और तरीका इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसके साथ ही 5.56  mm इंसास एल एम् जी की चाल और रोके  से  सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !

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5.56 mm इंसास एल एम् जी चाल और रोके के IWT सरल भाषा

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने इंसास एल एम् जी से फायर कारन का तरीका   आदि के बारे जानकारी प्राप्त की और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस लेसन में हम 5.56 इंसास एल एम् जी चाल और रोके  के IWT सरल भाषा में जानेगे (5.56 mm INSAS LMG ke Chale aur Roke ka IWT Saral Sabdo ) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे!

INSAS LMG Ki CHAL
INSAS LMG Ki CHAL

1. शुरू-शुरू का काम :-

  • (क) क्लास की गिनती और ग्रुपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्यवाही

2. दोहराई :- एल.एम.जी. का पिछला सबक-खोलने और जोड़ने पर लिया जाय।

3. पहुँच :- इन्सास एल.एम.जी. काफी दूर तक दुश्मन को इंगेज और भारी तादात में फायर करने वाला ऑटोमेटिक हथियार है। लगातार फायर के दौरान इसमें चन्द एक रोकें पड़ सकती हैं। इसलिए सेक्शन का हर एक जवान इस काबिल होना चाहिए कि अगर एल.एम.जी. में कोई रोक पड़ती है, तो उसे आसानी से दूर करके फायर में शामिल हो सके।

4. उद्देश्य :- इन्सास एल.एम.जी. की चाल, पड़नेवाली रोकें और उन्हें दूर करने का तरीका सिखाना है। (उद्देश्य को दोहरायें)

5. सामान :- इन्सास एल.एम.जी., मैगजीन, ड्रील कार्टिज, क्लियरिंग प्लग, स्पेयर पार्ट बैलेट, चाल का

डायग्राम, टारगेट और ग्राउण्डशीट।

6. भागों में बाँट :-

  • भाग 1- इन्सास एल.एम.जी. की चाल ।
  • भाग 2- रोकें और दूर करने का तरीका।

भाग 1- इन्सास एल.एम.जी. की चाल

इन्सास एल.एम.जी. की चाल (INSAS LMG ki chaal) :- (नमूना बयान से) चाल में आनेवाले हिस्से-पुर्जे का नाम :-

  • हैमर,
  • फायरिंग पिन,
  • गैस वेन्ट,
  • गैस प्लग,
  • गैस सिलेन्डर,
  • पिस्टन हेड,
  • गैस फॉलिंग होल,
  • पिस्टन एक्सटेन्शन,
  • गाइड वे,
  • गाइड लेग,
  • बैरल एक्सटेन्शन,
  • इजेक्टर,
  • एक्सट्रेक्टर,
  • रिक्वायल स्प्रिंग,
  • फीड पीस,
  • राउण्ड,
  • पिस्टन एक्सटेन्शन का पिछला,
  • निचला और दायाँ वाला पहलू और सेफ्टी सियर ।

चाल(INSAS LMG Ki Chal) :- एल.एम.जी. की चाल सबसे पहले खुली हुई एल.एम.जी. पर बताया जाय । एल.एम.जी. की चाल 8 एक्शनों में पूरी हाती है। यह 8 एक्शन हू-बहू राइफल की तरह ही है | चेंज लीवर को 'आर' या 'एस' पर करके ट्रिगर को दबाते हैं, तो हैमर आजाद होकर फायरिंग पिन रिटेनर पर ठोकर मारता है, जिससे फायरिंग पिन अपने वे से निकल कर चैम्बर में दाखिल राउण्ड के फंदे पर ठोकर मारता है, जिससे राउण्ड फायर हो जाता है । राउण्ड फायर होने से गैस पैदा होती है, गैस बुलेट को बैरल में आगे धकेलती है, ज्योंही बुलेट गैस वेन्ट से आगे गुजरता है, तो कुछ गैस गैस-वेन्ट के सुराग से होकर गैस सिलेन्डर ट्यूब में दाखिल होती है । सिलेन्डर में कितनी गैस दाखिल होगी यह गैस रेगुलेटर के सेटिंग पर निर्भर करता है । गैस सिलेन्डर में दाखिल हुए गैस पिस्टन हेड पर दबाव डालता है, जिससे पिस्टन एक्सटेन्शन पीछे की हरकत करता है । इस हरकत के दौरान पाथवे केम की मदद से रोटेटिंग बोल्ट दायें से बायें इतना घूमता है कि रोटेटिंग बोल्ट का लॉकिंगप्लग बैरल एक्सटेन्शन लॉकिंग लग से अलग हो जाता है. इस कार्रवाई को अनलॉक कहते हैं । इसी दौरान रोटेटिंग बोल्ट में लगा एक्सट्रेक्टर फायर केश को पकड़कर पीछे लात है। इस कार्रवाई को एक्सट्रेक्ट कहते हैं । पिस्टन एक्सटेन्शन की पीछे की हरकत जारी रहती है. इस हरकत के दौरान पिस्टन एक्सटेन्शन का स्टेन हैमर को थोड़ा नीचे दबाता है, फिर पिस्टन एक्सटेन्शन का बटम सरफेस हैमर को पूरा नीचे दबा देता है. जिससे ट्रिगर सियर का नोज हैमर के कटाव में फंस जाता है. इस एक्शन को कॉक कहते हैं । पुर्जी के पीछे की हरकत जारी रहती है । इस हरकत के दौरान रोटेटिंग बोल्ट फायर केश को पीछे लाता है और रास्ते में इजेक्टर से टकराकर खाली केश इजेक्शन स्लॉट के द्वारा दाहिनी ओर नीचे गिर जाता है. इस एक्शन को इजेक्ट कहते हैं । रिक्वाईल स्विंग सिकुड़ जाता है और गाइड को ओवरलैप कर देता है । जब रिक्वाईल स्प्रिंग अपने तनाव को पूरा करता है तो पिस्टन एक्सटेशन को आगे ढकेलता है. इस हरकत के दौरान रोटेटिंग बोल्ट का फीड पीस मैगजीन के ऊपर वाले राउण्ड को धकेल कर चैम्बर में दाखिल कर देता है. इस एक्शन को फीड कहते हैं। रोटेटिंग बोल्ट में लगा एक्सट्रेक्टर चैम्बर वाले राउण्ड के पेंदे को पकड़ लेता है और रोटेटिंग बोल्ट की आगे की हरकत समाप्त हो जाती है, इस एक्शन को लोड कहते हैं । पिस्टन एक्सटेशन की आगे की हरकत जारी रहती है. इस हरकत के दौरान पाय केम की मदद से रोटेटिंग बोल्ट इतना बायें से दायें घूमता है कि रोटेटिंग बोल्ट का लॉकिंग लग बैरल एक्सटेंशन के लॉकिंग लग में फंस जाता है । इस एक्शन को लॉक कहते हैं । लॉकिंग की कार्रवाई हो जाने के बाद भी पिस्टन एक्सटेन्शन का आखरी हरकत बाकी रहता है. इस आखरी हरकत के दौरान पिस्टन एक्सटेन्शन का दाहिना, निचला और पिछला हिस्सा सेफ्टी सियर पर दबाव डालता है, जिससे सेफ्टी सियर का नोज हेभर के कटाव से अलग हो जाता है। यहाँ पर एल.एमजी. दोबारा फायर के लिए तैयार हो जाता है, इस एक्शन को फायर कहते हैं ।

भाग 2- फौरी इलाज

फौरी इलाज(INSAS Ki Forry Ilaj):- एलएमजी शुरू से ही फायर न करे या करते-करते रुक जाय, तो कार्रवाई फौरी इलाज की करें । करने का तरीका इस प्रकार है-बयान के साथ नमूना और नकल) कलमे वाली अंगुली को ट्रिगर से बाहर निकालें. एल.एम.जी.को कंधे से नीचे लाएँ दाहिने टन करते हुए एलएम.जी. को कॉक करें । होल्डिंग ओपनिंग डिवाइस (HOD) को लगायें और एलएम.जी को बायें टर्न करें । इजेक्शन स्लॉट द्वारा मैगजीन चैम्बर का निरीक्षण करें। देखने से पता चला चेम्बर खाली और मैगजीन खाली. तो खाली मैगजीन की रोक समझकर मैगजीन की बदली करें। देखने से पता चला मैगजीन भरा, इजेक्ट राउण्ड, तो राउण्ड के पेदे को चेक करें। अगर पेंदे पर चोट है तो भिस फायर की रोक समझें। अगर देखने से पता चला की बॉडी में लटका हुआ राउण्ड है तो मैगजीन कैच दबाते हुए मैगजीन को उतारने से राउण्ड नीचे गिर जाएगा । राउण्ड को साफ करके मैगजीन में भरें और एलएम.जी को फायर में शामिल करें। इस प्रकार एल.एम.जी. को एक बार कॉक करने और मैगजीन की बदली करने से तीन प्रकार की रोक दूर की जाती है।

  • (क) खाली मैगजीन (INSAS Ki Khali Magzine)
  • (ख) भिस फायर (INSAS Ki Miss Fire)
  • (ग) बॉडी में लटका हुआ राउण्ड।(INSAS Ki Body me latka huwa round)

फौरी इलाज की कार्रवाई करने के बाद यदि राउण्ड फायर न हो या पुर्जे पीछे न आयें, तो इसके दो कारण हो सकते है -

  • (क) सख्त खिंचाव
  • (ख) गैस की कमी की रोक ।

सख्त खिंचाव(INSAS Ki sakht khichaw) :- अगर गोली फायर होने के बाद चाल वाले पुर्जे पीछे न आयें, तो ट्रिगर से अंगुली को हटायें और एल.एम.जी. को कॉक करें। यदि एलएम.जी. कॉक न हो तो सख्त खिंचाव का रोक समझ कर कार्रवाई इस प्रकार करें- एल.एम.जी. के पीछे निलिंग पोजीशन अरिक्षयार करें। दायाँ घुटना बट के पीछे लाये । दार्थो हाथ की पकड़ लॉल द बट पर इस प्रकार हो की चार अंगुलियों ऊपर से और अंगूठा नीचे से, साथ ही बायें हाथ से कॉकिंग हैंडल को खड़ा करें और किसी रस्सी या पुलथू कार्ड को हैण्डिल पर लपेटकर झटके से खींचें। इस प्रकार सख्त खिंचाव का रोक दूर हो जाएगा । एल.एम.जी. को दोबारा फायर में शामिल करें। नोट: यह रोक गंदे या मैले चेम्बर की वजह से होता है। अगर चेम्बर गंदा है तो उसे साफ करें।

अभ्यास:- अभ्यास के लिए हुक्म इस प्रकार होगा- एल.एम.जी. टीक फायर करता, रुकता, आप फौरन इलाज की कार्रवाई करेंगे । रोकें मैं दूंगा, आप दूर करेंगे (क्लास से सवाल-जवाब) ।

भाग 3- गैस की कमी की रोक और अन्य रोके

गैस की कमी की रोक(INSAS Ki kami ki roke):- फौरी इलाज की रोक को दूर करने के बाद भी एल.एम.जी. फायर नहीं करे या एक-दो राउण्ड के बाद रुक जाय, तो कार्रवाई गैस की कमी की रोक समझकर दूर करें । फौरी इलाज की पूरी कार्रवाई करें । देखने में आया मैगजीन भरा, चेम्बर खाली। चाल वाले पुर्जे आगे जाने दें, चेंज लीवर 'एस' पर करें । (क्लास को नजदीक से दिखाएँ) एलएमजी. के बायें पहलू बदन के आगे ले जायें और किसी कपड़े की मदद से बायें हाथ के अंगूठे से गैस रेगुलेटर के पोजीशन को लो (Low) से हाई (High) पर करें। ऐसा करने से गैस रेगुलेटर का सुराग बंद हो जाता है और ज्यादा से ज्यादा गैस सिलेन्डर में दाखिल होता है। बदन को एलएमजी. के पीछे लायें, बट-कंधा का मिलाप करें और एल.एम.जी. को फायर में शामिल करें, एल.एमजी. ठीक फायर करेगी।

अभ्यास:- अभ्यास के लिए हुक्म इस प्रकार होगा- एलएमजी. टीक फायर करता, रुकता. एक-दो राउण्ड के बाद रुकता, इस हुक्म पर क्लास गैस की कमी को दूर करेगा (क्लास से सवाल-जवाब)।

अन्य रोके :- गैस की कमी की रोक को दूर करने के बाद भी एलएमजी फायर नहीं करे तो अन्य रोक समझकर दूर करें (कार्रवाई को दिखाने के लिए क्लास को नजदीक बुलाय)। चेन्ज लीवर को 'एस पर करें मैगजीन कैच को दबाते हुए मैगजीन को उतारें चेंज लीवर को आर या एस पर करें. एलएम.जी. को खाली करें । एल.एम.जी. को खोलकर निरीक्षण करें. यदि एक्सट्रेक्टर, फायरिंग पिन टूटा हो या चेम्बर में कटा हुआ केश नजर आता है, तो एलएम.जी. को जोड़ें. कॉक करें होल्डिंग डिवाइस लगायें ।क्लीयरिंग प्लग लें. बेस, स्लीव, सेन्टर पिन को आपस में कसे व चेन्चर में दाखिल करें। चाल वाले पुर्जे को आगे जाने दें। एल.एमजी. को कॉक करें, यकीन करें कि कटा केश चेम्बर से बाहर निकल गया है।एल.एमजी. को फायर में शामिल करें। समय मिलने पर क्लीयरिंग प्लग को कटे केश से अलग कर किट बॉक्स में रखें। अगर गैस फाउलिंग हो गया हो तो एल.एम.जी. खोलकर सफाई कर लिया जाय।

अभ्यास :- क्लास के सभी जवानों को बॉडी चैम्बर की रोक के बारे में अभ्यास कराया जाय।

संक्षेप :- सवाल और जवाब संक्षेप में करें ।

नोट:-रोकों को दूर करने का अभ्यास कराते वक्त एल.एमजी. का फायर जाहिर करने के लिए पेंसिल से मैगजीन पर टीक-टीक की आवाज पैदा करें या कोई और तरीका इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसके साथ ही 5.56  mm इंसास एल एम् जी की चाल और रोके  से  सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !

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27 अगस्त 2022

5.56 mm इंसास एल एम् जी से फायर करने का तरीका के IWT सरल भाषा में

 पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने इंसास एल एम् जी के मगज़ीन को भरना , खाली करना , एल एम् जी को भरना, खाली करना मेकसेफ तथा साईट लगाना  आदि के बारे जानकारी प्राप्त की और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस लेसन में हम 5.56 इंसास एल एम् जी से फायर करने का तरीका  के IWT सरल भाषा में जानेगे(5.56 mm INSAS LMG se fire karne ka Tarika ka IWT saral sabdo me  ) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे!  

एल एम् जी से फायर
एल एम् जी से फायर
1. शुरू-शुरू का कामः-

  • (क) क्लास की गिनती और युपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्यवाही
2. दोहराई - एल.एम.जी के पिछले सबक से दो या तीन सवाल किये जायें ।

3. पहुँच - एल.एम.जी. ग्रुप को एल.एम.जी. का भरना, खाली करना, जान लेना ही काफी नहीं है. बल्कि एल.एम.जी. पर सही दुरुस्त पकड़ हासिल करते हुए दुरुस्त शिस्त लेना आना चाहिए, ताकि मुक्तलिफ किस्म के टारगेट पर फायर करके अच्छा नतीजा हासिल कर सकें।

4. उद्देश्य -इन्सास एल.एम.जी से फायर करने का तरीका सिखाना है।

5. सामान - इन्सास एल.एमजी.. मैगजीन ड्रील काट्रिज, टारगेट, आई डिस्क, ब्लैकबोर्ड, इजल, चौक और डस्टर ।

6.भागों में बाँट -

  • भाग 1-लाईन पोजीशन और मजबूत पकड़ ।
  • भाग 2- शिस्त का कायदा और हटकर शिस्त लेना। भाग 3-फायर करना ।
  • भाग 4-लिम्बर अप ।
भाग 1- लाईन पोजीशन और मजबूत पकड़ :- (नमूना बयान से)

लाईन पोजीशन लेने का तरीका :- टारगेट की सीध में खड़े होकर एल.एमजी. को टारगेट की सीध में करें। यकीन करें कि बायपॉट लेग टारगेट की सीध में है. एल.एम.जी. के इतना पीछे और सीध में खड़ा हों कि लेटने के बाद कंधा-बट का तकरीबन मिलाप हो जाय । दाहिने पैर को टारगेट की सीध में करें, बायें पैर को चलती हालत में आगे लें और दोनो हाथों को जमीन से लगाते हुए पोजीशन में जाये, ध्यान रहे कि दायों पैर अपनी जगह से न हिले।

इस पोजीशन में देखने वाली बात-

  • टारगेट, गन्, दार्थों कंधा और दायों पैर एक सीध में हों ।
  • बायें हाथ की 4 अंगुलियों बट के ऊपर अंगूठा अंदर से दाहिने हाथ की चार अंगुलियों पिस्टन गिप के बाहर से और अंगूठा अंदर से हो ।
  • अंगों का काम इस प्रकार से हैकंधा-कंधा बट को टिकाने के लिए जगह देता है और एल.एम.जी. को पीछे आने से रोकता है ।
  • सोल्डर रेस्ट को खड़ा करें बट को कंधे में बैठायें ।
  • बायाँ हाथ- बायाँ हाथ एल.एम.जी. को नीचे जाने से रोकता है और पीछे खींचकर रखता है।
  • सिर-सिर को वट के ऊपर इस प्रकार रखें कि दाहिना गाल बाएँ हाथ की कलमे वाली अंगुली से मिलाप करे, बट को दबाकर स्खें । आँख की दूरी बैंकसाइट से 3 से 4 इंच होनी चाहिए।

सही पकड़ हासिल करना- सही पकड़ हासिल करने के लिए बायें और दायें हाथ की कलाइयों को अंदर की तरफ मरोड़ें। इसे कलैम्पिंग एक्शन के नाम से जाना जाता है।

भाग 2- शिस्त का कायदा और हटकर शिस्त लेना:

शिस्त का कायदा:- एल.एम.जी. को सीधा और मजबूत पकड़ें.टारगेट का खाका दिमाग में बैठायें। किसी एक आँख को बंद करें स्थिर साइट अपरचर के मध्य से फोरसाइट नोज को मिलाते हुए टारगेट के मध्य में मिलाये और दुरुस्त साइट पिक्चर हासिल करें। ट्रिगर दबाने से पहले फोकस फोरसाइट नोज पर लायें 17.82 एमएम. एल.एम.जी. और 5.5 एम.एम.एल.एम.जी. में फर्क सिर्फ इतना है कि.7.82 एम.एम.एल. एमजी. से बायी आँख बन्द करके फायर किया जाता है। हरकती टारगेट को बरबाद करने का तरीका दोनो एल.एम.जी. का एक जैसा है।

हटकर शिस्त लेना:- एल.एम.जी. से भी हटकर शिस्त लेने का तरीका राइफल की तरह है लेकिन टारगेट को इंगेज करने के लिए एल.एमजी. में फर्क है । एल.एम.जी. से हम ट्रैकिंग और ट्रैपिंग के तरीके से टारगेट को इंगेज करते हैं

(क) ट्रैपिंग का तरीका - टारगेट के रुख और रेंज को मालूम करो और साइट पर दुरुस्त रेज लगाओ। टारगेट के आगे एक निशान चुनो और एल.एम.जी. को उस निशान पर लो । टारगेट की रफ्तार को मद्देनजर रखते हुए टारगेट का प्वाइंट ऑफ एम निकालो। टारगेट और निशान के बीच निकाले गये पी. ओ.ए. की दूरी पर मदद के एक निशान चुनो। जब टारगेट चुने हुए निशान के पास पहुंच जाए. तो 6 से 8 राउण्ड का बट फायर उस निशान पर करो।

(ख) ट्रैकिंग का तरीका - इस तरीके से टारगेट का पीछा करते हुए टारगेट के आगे प्वाइंट ऑफ एम निकालकर फायर किया जाता है।

भाग 3-फायर करना

फायर करना-एल.एम.जी से सिंगल शॉट और बट फायर किया जाता है। फायर के आदेश पर कार्रवाई इस प्रकार करें -

सिंगल शॉट - साइट पर रेंज लगायें, चेंज लीवर का पोजीशन आर' पर करें ट्रिगर का पहला दबाव लें, जब दुरुस्त साइट अलाइनमेन्ट व पिक्चर हासिल हो जाता है तो ट्रिगर को पूरा दबा दें. मार पुकारे। दोबारा फायर करने के लिए ट्रिगर को छोड़ें । इस प्रकार फायरर एक मिनट में एक मैगजीन फायर करता

स्टॉप - जब टारगेट न दिखाई दे. ट्रेनिंग के दौरान आदेश मिले स्टॉप', तो कार्रवाई इस प्रकार करेकलमे वाली अंगुली ट्रिगर से बाहर निकालें। एलएमजी. को कंधे से नीचे लाएँ। चेंज लीवर का पोजीशन 'एस' पर करें और मैगजीन की बदली करना हो तो बदली करें।

जारी कर -'जारी कर के आदेश पर एल.एमजी. को कंधे में ले जाएँ, चेन्ज लीवर को पहले के पोजीशन पर करें और फायर जारी करें।

बट फायर :-आदेश मिले 'बट फायर, तो कार्रवाई इस प्रकार करें-चेन्ज लीवर का पोजीशन 'ए' पर करें। ट्रिगर का खिंचाव इतना हासिल करें कि दो या उससे अधिक राउण्ड फायर हो जाय। ऐसे फायर को बट फायर कहते हैं । 2 से 3 राउण्ड का बट फायर टारगेट पर खाका छोटा बनाता है । 4 से 5 राउण्ड का बर्स्ट फायर टारगेट पर खाका फैलाकर बनाता है। 6 से 8 राउण्ड का बटै हरकती टारगेट को बर्बाद करने के लिए अच्छा है । इस प्रकार एक मिनट में एक मैगजीन बर्ट फायर करते हैं । रैपिड फायर रैपिड फायर उस समय किया जाता है, जब टारगेट की तादद ज्यादा दिखाई दे। ऐसे हालात में फायर तबतक किया जाता है, जबतक टारगेट पूरी तरह बर्बाद न हो जाय । रैपिड फायर एक मिनट में 3 से 4 मैगजीन किया जाता है ।

भाग 4- लिम्बर अप

लिम्बर अप :- (बयान) जरूरी है कि फायरिंग से पहले लिम्बर अप की कार्रवाई कर ली जाय । टारगेट के लिहाज से फायर अपना हथियार, बदन साइट अलाइनमेन्ट और साइट पिक्चर को ठीक करता है। इसमें राउण्ड फायर नहीं किया जाता है लेकिन पूजों की हरकत से फोरसाइट का नोज 12 बजे और 6 बजे की लाईन में हरकत करता है तो लिम्बर अप की कार्रवाई सही है । यदि दायें-बायें की हरकत है तो फायरर अपने पोजीशन को ठीक करता है ।

7. संक्षेप- जवानों को एल.एम.जी. के पोजीशन में लाकर अनुदेशक चेक करेगा और क्लास से सभी भागों पर सवाल-जवाब किया जायेगा।

इसके साथ ही 5.56  mm इंसास एल एम् जी की से फायर करने का तरीका  से  सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !

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