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Wednesday, March 16, 2016

हरकती टारगेट पर पॉइंट ऑफ़ एम सेट करना !

पिछले पोस्ट में हमने AKM राइफल के चाल के बारे में जानकारी प्राप्त किया और अब इस  पोस्ट  में हम हरकती टारगेट के ऊपर पॉइंट ऑफ़ एम सेट करने के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे (Setting of point of aim and impact of wind on firing)

ऐसे कभी आप सोचा  होगा  की हरकती टारगेट और तेज हवा के दौरान का फायरिंग और नार्मल सिचुएशन की फायरिंग दोनों की फिरंग में काफी अंतर होता है !अगर टारगेट को इंगेज  करना हैओ भी एक प्रोफेशन फायरर की तरह, तो टारगेट की हरकत और हवा की रफतार को भी ध्यान में रखना पड़ेगा , तभी आप  100% निशाना लगाये हुवे टारगेट को इंगेज कर पाएंगे  ! 

तो अगला सवाल मन में आएगा की क्या  हवा और टारगेट का मूवमेंट भी फायरिंग पे असर डालती है और अगर डालती है तो क्या करे ! इन सभी सवालों का मै विस्तार पूर्वक निदान बताने का कोशिश करूँगा !


एक ट्रेनड सिपाही को अपने हथियार चलने में इतना माहिर होना चाहिए  की टारगेट कैसा भी है , अगर उसके हथियार के कारगर रेंज के अन्दर है तो उसे वह कारगर तरीके से ईंगेज्ड कर सके! बहुत बार होता है की टारगेट तो कारगर रेंज में है लेकिंग वह हरकत कर रहा है यानि वह चल रहा है या दौड़ रहा है ! एसे टारगेट को अगर हम साधारण टारगेट यानि स्थिर टारगेट के तरह ही ईंगेज्ड करना चाहेंगे तो हम सफल नहीं हो सकेंगे और टारगेट बच निकलेगा.
इसलिए हरकती टारगेट पर POA(point of aim)चुनने के लिए हमे विशेष तरीके अपनाना पड़ता है ! हरकती टारगेट को हिट करने के लिए ज़रूरी है की शिस्त आगे लिया जय. कितना आगे शिस्त लेना है यानि कितना लीड लेना है वह टारगेट के रेंज और टारगेट के रफ़्तार पर निर्भर करता है !
लीड क्या है(What is lead)
लीड क्या है? ये पहले हमे समझना पड़ेगा ! यहाँ पे लीड से मतलब उस फर्जी इमेज से है जो एक फायर उस टारगेट का इमेज अपने दिमांग में बनता है ! यानि एक लीड का मतलब है की फायरर  जो हरकती टारगेट उसका सेम  इमेज उस हरकती टारगेट के आगे अपने दिमाग में सोचता है और  वह फर्जी टारगेट  जो फायरर  अपने दिमाग में  सोचा है उसके ऊपर फायर करता है उसके हम एक लीड कहते है अगर दो फर्जी इमेज सोचता है तो उसे दो लीड कहेंगे  ! अगर टारगेट फायरर की ओर आ रहा है तो फर्जी  इमेज फायरर और टारगेट के बिच बनेगा और अगर टारगेट फायरर से दूर जा रहा है तो फर्जी इमेज टारगेट के आगे बनेगा! निचे दिए गए इमेज में टारगेट फायरर की तरफ आ रहा है इसलिए लीड -3 सबसे आगे बना है और रियल टारगेट एकदम लास्ट में है ! अगर येही टारगेट अगर फायरर से दूर जाता तो लीड नो -3 रियल टारगेट हो जाता और रियल टारगेट लीड नो 3 हो जाता !
forpoliceman-Moving Target Lead
Moving Target Lead
फायरिंग के लिहाज से  से टारगेट के तीन  रफ़्तार मानी गयी है :
  1. चलता हुवा 
  2. दौड़ता हुवा 
  3. तेज दौड़ता हुवा 
तीनो किसम के टारगेट पर बदली रंगे में लीड भी बदलती है !कितने रेंज पर किस किसम के टारगेट पर कितना लीड  लिया जायेगा यह टारगेट की स्पीड और बुलेट के टाइम ऑफ़ फ्लाइट पर निर्भर  करता है! इस को ध्यान में रखते हुवे और लीड कैलकुलेशन को आसान करने के लिए मोटे तौर पर लीड टेबल इस प्रकार से है :
लीड : = रेंज  x स्टेज /100  
रेंज = फायरर से टारगेट की दुरी 
स्टेज =  चलता हुवा =        1
             दौड़ता हुवा =        2
             तेज दौड़ता हुवा = 3 
यानि एक टारगेट 100 मीटर पे है और चलता हुवे फायरर की  और आ रहा है तो लीड कितना बनेगा 
रेंज = 100
स्टेज = चलता हुवा टारगेट =1
तो लीड फार्मूला के अनुसार 
 लीड = 100 x 1 /100= 1
एक लीड फायरर को जिस तरफ टारगेट जा रहा है उस ओर बनाना चाहिएI
हवा की प्रकार और उसे पहचानने की तरीके !

इफ़ेक्ट ऑफ़ विंड ऑफ़ फायरिंग ( Effect of Wind on firing): फायरिंग के लिहाज से हवा भी तीन  तरह की होती है :
  1. हलकी हवा : जिस हवा के चलने से छोटी झाडियो की पत्तिय आर छोटे  फ्लैग 22-23 डिग्री के एंगल पर लहराती है उसे हम हलकी हवा कहते है!
  2. तेज हवा: जिस हवा के चलने से पेड़ों की छोटी टहनिया  हील  रही हो हवा को चेहरे पे महसूस किया जा सकता है या नजदीक में लगे हुवे फ्लैग 45 डिग्री के एंगल पे लहरा रहा हो उसे तेज हवा कहते है.
  3. बहुत तेज हवा :जिस हवा के चलने से बड़ी बड़ी टहनिय हिल रही हो धुल और गर्दा उड़ रहा हो या नजदीक लगा हुवा फ्लैग 90 डिग्री के एंगल पर लहरा रहा हो उसे बहुत तेज हवा कहते है ! 
जो हवा 3 से 9 बजे की लाइन  में चलती है उसे क्रॉस विंड कहते है ! और जो वह 11 बजे से 5 और 1 से 7 बजे की लाइन में चलती है उस को तिरछी  हवा कहते है . तिरछी हवा के लिए हवा के लीड से एक लीड कम कर दिया जाता है . मोटे तौर पे आलग अलग रेंज पे हवा का लीड इस प्रकार है ! 
ऐसे तो अगर टारगेट 200 मीटर से कम रेंज पे है तो हवा कैसी भी हो फायर पे ज्यादा असर नहीं डालती है लेकिंग अगर टारगेट 200 मीटर से दूर है तो हमे फायर करते समय हवा के अनुसार टारगेट का लीड बनाते है ! जो की निम्न है और इसको इस्तेमाल करते हुवे आधे  तिरछी है तो ऊपर बाये हुवे अनुअर लीड के करेक्शन करे.
             
         Range        Halki Hawa       Tej Hawa        Bahut Tej Hawa
100 M                  -                          -                           -

200 M                  -                         01                         02

300 M                 01                       02                         03

400 M                 02                       03                         04


इस प्रकार से हरकती टारगेट के ऊपर एम लेने से समबन्धित पोस्ट समाप्त हुवा उम्मीद है की पोस्ट पसंद आई होगी !अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !

5 comments:

  1. Plz upload pdf this aticle

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    1. thank you for visiting my blog. i will try to upload pdf. keep visiting. you may search under download section.

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    2. पीडीऍफ़ फाइल अपलोड कर दिया गया है आप उसे डाउनलोड सेक्शन में जा कर देख सकते है

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  2. Replies
    1. Thank you Pradip. Thank you for visiting my blog post . please keep visiting and also tell your friends about my blog.

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