20 फ़रवरी 2016

.303 LE राइफल का इतिहास

आपने हथियारों की जानकारी की श्रृखला को आगे बढ़ाते हुए आज जिस हथियार के ऊपर मै अपना ब्लॉग पोस्ट कर ने जा रहा हु वो है .303 राइफल ऐसे तो .303 राइफल !

हम जब आर्म्ड फ़ोर्स ज्वाइन किये उस समय तो ये एक्टिव ड्यूटी से हट गया था लेकिंग ट्रेनिंग में बेसिक सिखालायी जैसे की .303 rifle parts name , .303 rifle weight  और उसका और सब बेसिक टेक्निकल डाटा बताया गया और हैंडलिंग ड्रिल इत्यादि सिखाई गयी थी लेकिंग जब हम पोस्टिंग पे गए तो बहुत जगह  पुलिस थानों में इस वेपन को देखने मिला जहा पुलिस जवान इसे परेड ड्रिल और सेकुरीटी ड्यूटी के दौरान उसे अच्छी तरह से हैंडल करने को मिला ! आज के पोस्ट को मै दो भागो में पूरा करूँगा !


(क) .303 राइफल का ओरिएंटेशन:ब्रिटिश सरकार आपने आर्मी के लिए एक अच्छी राइफल की खोज में थी और इसी दिशा में काम करते हुवे ब्रिटिश आर्मी ने 1880 में बहुत से राइफल सिस्टम पे काम किया और उसीके फलस्वरूप  एक कनाडियन नागरिक जिनका नाम  जेम्स पेरिस ली जो इनफील्ड कंपनी में कम करते थे उन्होंने  ने इस राइफल को इन्वेंट किया1 बाद में उन्ही के नाम पे इस राइफल का नाम पड़ा short मगज़ीन ली इनफिल्ड राइफल.
.303 राइफल बहुत से वैरिएंट में होते है और ओ इसप्रकार है :
  • राइफल .303 न.-1 मार्क -III
  • राइफल .303 न.-2 मार्क -IV(रिम फायर)
  • राइफल .303 न.-3 मार्क -I डबल स्टार (पी-14)
  • राइफल .303 न.-4 मार्क -I
  • राइफल .303 न.-4 मार्क -I(टी)
  • राइफल .303 न.-5 मार्क -I(पेरशुट)
  • राइफल .22 CZ ब्रोनो मॉडल -2
  • राइफल ७.62 MMSL
बनावट : राइफल .303 न.-1 मार्क -III  में लीफ बेक साईट है जिसके ऊपर 200 गज से 2000 गज तक साईट होता है ! राइफल .22 न.-2 मार्क I (रीम फायर)मार्क-III का परिवर्तित रूप है जो जवानों को शुरू शुरू में फायर की सिखलाई के लिए प्रोयोग में लायी जाती थी ! इसका बोर .303" से .22" कर दिया गया है!


Lee Enfield Rifle .303 Mark-1
Lee Enfield .303 mark-1
Image source : wikipedial
 राइफल .303 न-3 मार्क-१ डबल स्टार (पी-14) मस्कट राइफल कहलाती है ! इसके ऊपर  रेंज 200 गज से 1700 गज मार्क है !
Lee Enfield Rifle .303 Mark-3
Lee Enfield Rifle .303 Mark-3
image source: Wikipedia
राइफल .303 न-4 मार्क-1 tangant और ड्यूल अप्र्चेर साईट की होती है ! tangant साईट  200 गज से 1600 गज तक तथा दो लाइन कटी होती है जो 1700 और 1800 गज जाहिर करता है ! ड्यूल अप्रेचेर साईट में 300 से 600 गज की साईट होती है इसका बोल्ट आगे की तरफ खुलता है !
Lee Enfield Rifle .303 Mark-4
Lee Enfield Rifle .303 Mark-4
image source:Wikipedia
राइफल .303 न-4 मार्क-१(टी) ये राइफल .300न-4 मार्क-१ की तरह ही होता है इस में  टेलिस्कोप लगाने के लिए पेड लगा  रहता है !राइफल .303 न-5 मार्क-१(पैराशूट) यह साइज़ में छोटी तथा हलकी है यह परा ट्रूप्स द्वारा प्रोयोग में लायी जाती है इसे जंगले कार्बाइन भी कहा जाता है ! राइफल .22 cz ब्रोनो मॉडल का बोर .22" हा इसके ऊपर रेंज 25 गज से 200 गज तक होता है !
.22 rifle
.22 rifle

 राइफल 7.62 SL ये एसएलआर की तरह का राइफल है. .303 rifle parts name ,.303 rifle weight  और बाकि सब टेक्निकल स्पेसिफिकेशन भी अलग अलग है  जिसे अगले पोस्ट में देखेंगे !

ये ब्लॉग पोस्ट  मेरे तरफ से रहा अगर आपके पास कुछ और जानकारिय है और आपको लगता है की उसके इसमें सामिल करना चाहिए तो जरुर बताई  उसे कमेंट बॉक्स में लिखे जिससे की दुसरे लोग पढ़ कर जानकारी हासिल कर सके और इस तरह से आप दुसरे को मदद कर सकते है.और अगर आप इस पोस्ट को लाइक करते है तो कृपया शेयर करेwww. twitter.com या google plus पे जिससे की दुसरे भी इसे पढ़ सके.

19 फ़रवरी 2016

बारूद का इतिहास

ये निश्चित तौर पे नहीं कहा जा सकता है की कौन सा देश ने बारूद को  इन्वेंट  किया और जो कोई  थोडा तथ्य उपलब्ध है उसके उनुसार चाइना में सबसे पहले बारूद अविष्कार  हुवा !और पटाखे का भी इन्वेंशन सबसे पहले चाइना में हुवा! इसके साथ चाइना ही ओ पहला देश था जिसने बारूद को लडाई के दौरान इस्तेमाल किया.
The father nation of explosive is China.  Firecracker was also invented by China and China was the first country which used explosive in war.
Here I would like to list out name of some explosives, year of invention and  name of inventor which was taught to us in BDDS Training.


अब मै कुछ बारूदो का नाम, अविष्कार का साल  और अविश्कारक का  नाम लिस्ट आउट करूँगा जो हमे बम डिस्पोजल ट्रेनिंग के दौरान बताया गया था.

  1.  ब्लैक पाउडर (Black  Powder)                                   1252                        Roger Becon
  2. गन कॉटन  (Gun Cotton)                                           1846                        Schon Bein
  3. निट्रो ग्लिसरीन (Nitro Glycerine)                              1847                        Aslahyo Sabrbr
  4. डायनामाइट(Dynamite)                                             1805                        Albert Bernard Noble
  5. डेटोनेटर(Detonator)                                                   1867                        Albert Bernard Noble  
  6. आर डी एक्क्स(RDX)                                                 1898                        Henning
  7. एटम बम (Atom Bomb)                                            -                               Ruther Ford 
  8. प्रोपोल्लेंट (Propellant)                                               1339  
  9. फुल्मिनेंट (Fuminate)                                                1779                        Kainkel 
  10. Mercury fulminate                                                   1779                        Howard 
  11. सेफ्टी फ्यूज(Safety Fuse)                                          1831                        William form
  12. TNT                                                                          1863                        Wilbert 
  13.  Electric Blasting                                                      1876                        H.Jofir 
  14. PTN                                                                          1897
  15. Picric Acid                                                               1887
ये लिस्ट मेरे तरफ से रहा अगर आपके पास कुछ और है तो उसे कमेंट बॉक्स में लिखे जिससे की दुसरे लोग पढ़ कर जानकारी हासिल कर सके और इस तरह से आप दुसरे को मदद कर सकते है.और अगर आप इस पोस्ट को लाइक करते है तो कृपया शेयर करे twitter.com या google plus पे जिससे की दुसरे भी इसे पढ़ सके.





16 फ़रवरी 2016

9 mm पिस्तौल का खुबिया और खामिया

     मै अपने पिछले ब्लॉग पोस्ट में पिस्टल के बेसिक जानकारी और डाटा का डिटेल से लिखा हु और उस को आगे बढ़ाते हुवे इस पोस्ट में मै बताउगा की हमारे अनुसार से पिस्तौल के खुबिया और खामिया क्या है ! यानि ये review of 9mm high power Browing pistol for pistol's buyers है मेरे ओर से !


     ऐसे तो पिस्तौल फ़ौज या पुलिस बल में ऑफिसर का जातीय हथियार है  और कुछ विशेष परिस्थितियो में ये हथियार को ऑफिसर के अलावा ,पुलिस बल के जवान भी इस्तेमाल करते है. इसलिए उनसभी लोगो को इसकी खूबियों और खामिये से वाकिफ होना चाहिए जिससे इस हथियार को समय और माहौल के अनुसार सही इस्तेमाल कर सके और अपने ऑपरेशन में सफलता हासिल करे.

जरुर पढ़े : 9 mm पिस्तौल का बेसिक टेक्निकल  डाटा 

Generally, it is a personal  weapon of Armed force officers but in a special duty, even another rank official also used it and in civil general people also purchase it after taking the licence from Government. Browning hp 9mm pistol is the best weapon for self-defense.Therefore, it is for everybody to know the merit and demerit of 9mm Pistol.
खुबिया( Characteristics of 9mm Browning pistol):
  1. हल्का और छोटा हथियार होने के कारन इसे ले जाना और छुपाना आसन है !(Small & Light weight weapon)
  2. छोटा हथियार होने के कारन अचानक निकलने वाले और हरकती टारगेट को तेजी से बर्बाद किया जा सकता है !It is  easy to operate against moving target
  3. फायर तेज होने के कारन मुडभेड की लडाई में लाभदायक है ! 
  4. और सब पिस्तौल के बनस्पत इसके मागज़ीने में गोलिओ की तदाद ज्यादा होने के कारन फायर देर तक किया जा सकता है! compare to all other 9mm Pistol's magazine has more bullet capacity
  5. इस वेपन को एक हाथ से भी होल्ड और फायर किया जा सकता है. 9mm Pistol can be used with the single hand.
  6. छोटा हथियार होने के कारन इसमें टूट फुट कम होता है!Less of damage
खामिया (Limitation of 9mm browning pistol)

  1. कारगर रेंज बहुत कम है! (Less effective range)
  2. सेमी आटोमेटिक होने के कारन रोके ज्यादा पड़ता है! being semi automatic more stoppage
  3. दूर के टारगेट पे निशाना लगाना मुश्किल है  difficult to aim fire against distanced target
  4. झटका ज्यादा देता है इसलिए इसको इस्तेमाल करने के लिए काफी प्रैक्टिस की जरुरत पड़ती है !it has more back recoil.

ये कुछ खुबिया और खिया मेरे नजर में पिस्तौल के बारे में है अगर आपको लगता है की इसके अलावा भी कुछ है तो कृपया निचे कमेंट बॉक्स में लिखे  की दुसरे लोग पढ़ कर जानकारी हासिल कर सके और इस तरह से आप दुसरे को मदद कर सकते है.और अगर आप इस पोस्ट को लाइक करते है तो कृपया शेयर करे twitter.com या google plus पे जिससे की दुसरे भी इसे पढ़ सके.
इन्हें भी पढ़े :
  1. 7.62 mm एसएलआर का बेसिक डाटा -I
  2. 7.62 Self Loading Rifle basic data-II?
  3. 7.62 Self Loading Rifle basic data-III?
  4. अच्छे राइफल फायर कैसे बने ? 
  5. फायरिंग के दौरान फायरर द्वारा की जानेवाली कुछ गलतिया ? 
  6. 7. 62 mm राइफल में पड़ने वाले रोके कौन कौन से है ?
  7. 7.62mm LMG के बारे में कुछ जानकारिय
  8. 7.62mm ki chal. एस एल आर कैसे काम करता हा(एसएलआर की चाल). 
  9. Basic data of 5.56mm INSAS and It characteristics.

7.62 mm एसएलआर राइफल की खुबिया और खामिया

7.62 mm एसएलआर, इन्फेंट्री के जवान या पुलिस की जवानों का एक जातीय हथियार है और ये ऑपरेशन में बहुत ही कारगर साबित हुवा जिसके कारण इसकी ट्रेनिंग की बहुत अहमियत दी जाती है एकजवान के ट्रेनिंग के दौरान .इसलिए इसमें  बहुत सारी खूबियों के साथ साथ इसमें कुछ खामिया भी है जिससे एक जवान को बखूबी जानकारी होने जाहिए जिसके चलते इसे सही इस्तेमल कर सके ! 


 एसएलआर की खुबिया और खामियों के बारे में  ऐसे सवाल जवानों के बेसिक ट्रेनिंग के दौरान होल वाले परीक्षाओ में पूछे जाते है !कुछ  खूबिया और खामिया मेरे नजर में निम्न लिखित है :
Baynet loaded 7.62mm SLR
Baynet loaded 7.62mm SLR
खुबिया (Characteristic 7.62 mm SLR ):


  • यह पुलिस या इन्फेंट्री के जवान का एक जातीय हथियार है और बहुत कारगर हथियार है !
  • ये हल्का और छोटा है जिसे आसानी से camofalouge किया जा सकता है !
  • छोटे हथियार के हिसाब से इसका कारगर रेंज बहुत ही कारगर है !
  • एक अच्छा फायररर एक मिनट में 60 गोलिया फायर कर सकता है !
  • इसे ठंढा करने के लिए कोई दूसरा मैकेनिज्म की जरुरत नहीं है ये खुद के पैदा किये हुवे गैस से चलता है और वातावरण में उपस्थित हवा से ठंढा होता है !
  • फ्लैट tracjectory वेपन होने के कारन इससे ग्राज़िंग फायर बहुत कारगर किया जा सकता है.
  • सैंड ग्रूवेस होने के कारण इससे रेतीले और गर्दिले इलाको में भी आसानी से फायर किया जा सकता है !
  • आर्कटिक ट्रिगर होने के कारन हम ग्लव्स पहन कर भी फायर कर सकते है !
  • मगज़ीन में गोलियों की तैदाद कभी अच्छी खासी  है !
  • मेच्निज्म अस्सं होने के  कारन एक फायर र  इसमें पड़ने वाले रोको को आसानी से दूर कर सकता है !
  • इसमें तुबेलौन्चेर(Tube luncher) फिट कर के  granade भी फायर किया जा सकता है !
  • एक जवान इसे खुद जीरो कर सकता है !
  • बेनेट लगाकर इसे CQB(Close Quarter Battle)के लडाई में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है.


7.62 mm SLR की खामिया (Limitation of 7.62 mm SLR  )

  • फ्लैट tracjectory होने के कारन डेड ग्राउंड में छुपे हुवे दुश्मनों पे करार फायर नहीं कर सकते है !
  • सेल्फ लोडिंग होने के कारण इसमें रोके काफी पड़ती है !
  • सेमी आटोमेटिक वेपन है इसलिए इसको कारगर तरीके से इस्तेमाल करने के लिए जवान को अच्छी ट्रेनिंग देने की जरुरत होती है नहीं तो ammunition की wastage हो सकता है !

ये लिस्ट मेरे तरफ से रहा अगर आपके पास कुछ और है तो उसे कमेंट बॉक्स में लिखे जिससे की दुसरे लोग पढ़ कर जानकारी हासिल कर सके और इस तरह से आप दुसरे को मदद कर सकते है.और अगर आप इस पोस्ट को लाइक करते है तो कृपया शेयर करे twitter.com या google plus पे जिससे की दुसरे भी इसे पढ़ सके.
इन्हें भी पढ़े :
  1. 7.62 mm एसएलआर का बेसिक डाटा -I
  2. 7.62 Self Loading Rifle basic data-II?
  3. 7.62 Self Loading Rifle basic data-III?
  4. अच्छे राइफल फायर कैसे बने ? 
  5. फायरिंग के दौरान फायरर द्वारा की जानेवाली कुछ गलतिया ? 
  6. 7. 62 mm राइफल में पड़ने वाले रोके कौन कौन से है ?
  7. 7.62mm LMG के बारे में कुछ जानकारिय
  8. 7.62mm ki chal. एस एल आर कैसे काम करता हा(एसएलआर की चाल). 
  9. Basic data of 5.56mm INSAS and It characteristics.

11 फ़रवरी 2016

ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है

ऐसे हमे ट्रेनिंग के दौरान बताया जाता था की “ड्रिल डीसीप्लिन का बुनियाद है “ और हमने अपने सर्विस के दौरान ये बात महसूस भी किया और देखा जिस जवान या सिपाही का ड्रिल आच्छा है उसका अनुसाशन भी उम्दा दर्जे का है! जिस यूनिट के जवानो का ड्रिल अच्छा है उनका ड्रेस पहने का और चलने का सब सलीका भी एक अनुशाषित वे में रहता है ! तो अगर ड्रिल की अनुशाशन में इतना अहमियत है तो ड्रिल को हम उम्दा तारीके से कैसे इम्पार्ट कर सके इस पे भी हम ध्यान देना चाहिए. ऐसे तो ड्रिल की जितनी भी करवाईय है उसे हम वर्ड ऑफ़ कमांड के अनुसार ही करते है इसलिए ड्रिल के लिए वर्ड ऑफ़ कमांड भी अच्छा हो ना चाहिए


वर्ड ऑफ़ कमांड को हम कैसे अच्छा कर सकते है! How to improve power of command?
i.                    रेगुलर प्रैक्टिस से.
ii.                  रेगुलर परेड कमांड करके
iii.                वर्ड ऑफ़ कमांड उच्ची आवाज में देना चाहिए!
iv.                 वर्ड ऑफ़ कमांड का आवाज़ पेट से निकले.
v.                   वर्ड ऑफ़ कमांड साफ होना चाहिए की पलटन आसानी से समझ सके
vi.                 वर्ड ऑफ़ कमांड उच्चा होना चाहिए की पलटन सुन सके.
वर्ड ऑफ़ कमांड  दो तरह का होता है !How many type of word of Command
              i.     आगाह करने वाला (Cautionary).
ii.              अमल करनेवाला (Executive)
सही परेड करने में इन दोनों कमांड को सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए ! Cautionary वह कमांड होता है जो parade करने वालो को आगाह करता है की उन्हें कुछ करना है और Executiveकमांड वो कमांड होता ही जो उन्हें करना है ! इस लिए इन दोनों तरह के वर्ड ऑफ़ कमांड के बिच उचित वफ़ा देना चाहिए. तेज चल में कोई भी वर्ड ऑफ़ कमांड  देते समय ये निश्चित करना चाहिए की Cautionary और Executive में दो कदम का फासला होना चाहिए. और अगर धीरे चल में हो तो  एक कदम का !


Savdhan Position
Savdhan Position
वर्ड ऑफ़ कमांड देते समय ध्यान में रखने वाली कुछ बाते है(points to be kept in mind while giving command) जिसे ध्यान में रखने पे वर्ड ऑफ़ कमांड का असर ज्यादा पड़ता है पलटन के ऊपर और पलटन उसका सही अनुसरण करता है !
i.                    वर्ड ऑफ़ कमांड कभी भी तोतालते हुवे न दे.
ii.                  गला ख़राब हो तो वर्ड ऑफ़ कमांड न दे
iii.                वर्ड ऑफ़ कमांड देते समय चेहरे को ज्यादा न भिचे , चेहरा समय रखे !
iv.                 वर्ड ऑफ़ कमांड हमेश सावधान पोजीसन से दे.
v.                   वर्ड ऑफ़ कमांड देते वक्त पलटन से उचित दुरी पे खड़ा हो कम से कम १५ कदम
vi.                अगर राइफल के साथ वर्ड ऑफ़ कमांड दे रहे है तो राइफल बगले शाश्त्र पोजीसन में   होगी !
vii.                वर्ड ऑफ़ कमांड हमेशा साफ शब्दों में दे
viii.             वर्ड ऑफ़ कमांड देने के बाद देखे की आपके दिए हुवे कमांड पे पलटन सही ड्रिल कर  रहा है की नहीं !
ix.                 अगर जरुरत पड़े तो कमांड का नमूना देके बताये और उसके बाद अनुसरण कराये.

किसी पुलिस महकमा का डिसिप्लिन का नीव उसके ट्रेनिंग और वह भी ड्रिल के ट्रेनिंग से ही पड़ता है इसलिए ड्रिल करते समय हमेश ड्रिल करने वाले या सिखलाने वालो को खुद एक उम्दा नमूना चाहे वो ड्रेस पहनने का हो या ड्रिल का नमूना देने का सब उम्दा होना चाहिए! अगर ड्रिल करने वाला के under खुद कमी होगी तो वो सही ड्रिल नहीं करा सकता है! इसलिए ड्रिल की अहमियत को समझे और उसे सह से करे और कराये.

ये मेरे तरफ से एक छोटी कोशिश है अगर आपको लगता है की इसमें कुछ एक और पॉइंट जोड़  जाना चाहिए तो उसे आप कमेंट बॉक्स में लिख सकते है जिससे की दुसरे लोग पढ़ कर जानकारी हासिल कर सके और इस तरह से आप दुसरे को मदद कर सकते है.और अगर आप इस पोस्ट को लाइक करते है तो कृपया शेयर करे twitter.com या google plus पे जिससे की दुसरे भी इसे पढ़ सके.


10 फ़रवरी 2016

9 mm पिस्तौल ब्राउनिंग का बेसिक टेक्नीकल डाटा

आज जिस हथियार के बारे में मै जिक्र कर रहा हु ओ एक ऐसा हथियार है जिसको सिविलियन से लेकर  नया रिक्रूट पुलिसमैन  सभी को बहुत पसंद वाला हथियार  है ! नए रिक्रूट आते है!


  अगर उनसे पूछा जय की आप आर्म्ड फ़ोर्स या पोलिस के नौकरी में क्यों आये तो बहुत जन तो बनावटी जवाब  देते है, कुछ सच भी  बोलते, कुछ बोलते है की देश सेवा करने ,तो कुछ बोलते है की हमे पुलिस की खाकी वर्दी बहुत पंसंद है, तो कुछ बोलते है की मुझे हथियार चलाना या पास राखने का बहुत मन करता था इस लिए ! 

जरुर पढ़े : 9 mm पिस्तौल की खुबिया और कमिया 

अगर उस बन्दे से पूछो की तुम्हे कौन से हथियार अपने पास रखने का बहुत मन करता है की तुम पुलिस बल ज्वाइन कर लिया तो ज्यातर वैसे जवान का जवाब होता था की उसे “पिस्तौल(Pistol)” बहुत पंसंद है! छोटा हथियार है इसलिए सिविलियन से लेके यूनिफार्म पर्सन को भी पिस्तौल बहुत पसंद है और ये हमे भी पसंद है ! यह  वेपन को ऑफिसर यानि JCO या उसके ऊपर के अधिकारीगण जातीय हथियार बोला जाता है लेकिंन परिस्थितिबस जैसे की PSO ड्यूटी या कुछ विशेष ड्यूटी के समय उससे निचे के अधिकारी भी इसे अपने साथ रखते है.


जब मै कुछ दिनों के लिए नार्थ-ईस्ट में तैनाद था मेरे पास भी पिस्तौल था रात की गस्ती के लिए जा रहे थे हम लोग  हमारे साथ एक मेरे से सीनियर ऑफिसर भी मेरे साथ थे , ये मेरा  पहला ऑपरेशन था मै तो पिस्तौल लेके निकल लेकिन मेरे से जो सीनियर थे ओ AK-47 लिए हुवे थे और मेरे को  पिस्तौल को देख कर  बोले ऑफिसर ये तुम्हारा पिस्तौल इस ऑपरेशनल एरिया में काम  नहीं आएगा यहाँ राइफल ही चाहिए और इसी बात पे उन्होंने ने एक लेक्चर दे डाली थी ! और उन्होंने ने जो दलील दी उसके बाद मुझे भी समझ में आगया की की पिस्तौल देखने में अच्छा है लेकिन ऑपरेशन एरिया जहा आतंवादियों या नकास्ल्वादियो  का सामना करना है उसके लिए ये हथियार नहीं है ! 

और क्यों नहीं है: Pistol is not fit for anti-terrorist operation because:

(i)                 शोर्ट रेंज(short Effective range)
(ii)               रेट ऑफ़ फायर कम है(less rate of fire)
(iii)             मगज़ीन कैपेसिटी कम है(Less magazine Capacity)
(iv)    रोके ज्यादा पड़ती है   (More stoppage)

किस ड्यूटी के लिए ठीक है: Pistol is more suitable for the following duty
(i)                 PSO ड्यूटी (PSO Duty)
(ii)               सेल्फ डिफेन्स (Self Defence)
(iii)    पुलिस बंदोबस्त ड्यूटी लॉ एंड आर्डर ड्यूटी इन शांत एरिया. (Police duty in peaceful area) 





उत्पत्ति (orientation of 9mm pistol): इस पिस्तौल का अविष्कार जे एम् ब्राउनिंग ने किया ! जिन्होंने ने इसका स्वरुप सं 1925 में बनाया और सं 1935 में इस दो स्वरूपों में तैयार किया. 
(The 9mm pistol was made by JMBrowning in 1925 and further modified in 1935. There are two models of 9mm pistol
  1. साधारण स्वरुप (Ordinary Model)
  2. Adjustable Rear Sight Model
अलग अलग देशो में ये पिस्तौल अलग अलग नमो से जाना जाता है भारत में ये पिस्तौल ब्राउनिंग ऍफ़ एन 9mm एच पि के नाम से जाना जाता है !
डाटा ऑफ़ पिस्तौल ब्रोविंग 9mm(Basic technical Data of 9mm Browning)
S.N
Details
Q
पिस्तौल के कुछ पार्ट्स के नाम ! Parts of Pistol
A
(i)Trigger, (ii) Hammer(iii) foresight tip, (iv) Safety Catch(v) Extractor(vi)Ejector
(vii)firing pin (viii) Barrel (ix) Slide(x)Pistol grip (xi) Trigger Guard
Q
पिस्तौल का पूरा नाम !What is the full name of 9mm Pistol?
A
Pistol browning FN 9mm HP
Q
पिस्तौल को किसने बनाया ?Who invented Pistol browning FN 9mm HP?
A
John M Browning
Q
पिस्तौल किस तरह का हथियार है !Which kind of weapon it is?
A
Semi-automatic
Q
पिस्तौल किस सिद्धांत पे कार्य करता है?Pistol works on which principle?
A
Short Recoil Operation
Q
पिस्तौल किस साल में बनाया गया ?In which year the model of 9mm pistol was made?
A
1925
Q
FN का क्या मतलब है ?What is the meaning of FN in pistol’s name?
A
 Fabrique Nationale d'Armes de Guerre(FN)
Q
पिस्तौल का व्यास कितना होता है?What is the diameter of 9mm Pistol's barrel?
A
9mm
Q
पिस्तौल का कितना वजन होता है ?What is the weight of 9mm Pistol?
A
2 Pounds 1 ounce
Q
पिस्तौल का खाली मागज़ीने का कितना वज़न होता है ?What is the weight of 9mm Pistol’s empty magazine?
A
3 ounce
Q
भरी हवी मागज़ीने का कितना वजन होता है Weight of 9mm Pistol's filled magazine?
A
8 ounce
Q
पिस्तौल का लम्बाई कितना होता है Length of  the 9mm Pistol?
A
7.8inch(198.12mm)
Q
पिस्तौल के बैरेल का लमई Length of 9mm Pistol's barrel?
A
4.75 inches
Q
पिस्तौल का साटिंग रेडियस कितना होता है Sighting radius of the 9mm Pistol?
A
6.25 inches
Q
पिस्तौल का मुज्ज्ले वेलोसिटी कितना होता है!Muzzle velocity of 9mm Pistol?
A
1200 feet/sec approx.
Q
पिस्तौल के बैरल में कितने ग्रूव्स होते है How many grooves are in 9mm Pistol's barrel?
A
6
Q
ग्रूवेस का घुमाव किस तरफ होता है Turn of grooves?
A
Right side
Q
पिस्तौल का पिच कितना होता है What is the pitch of 9mm Pistol's?
A
10 inches
Q
पिस्तौल में एप्लाइड सेफ्टी क्या क्या है What is applied safety of 9mm Pistol's?
A
Safety Catch
Q
पिस्तौल का अधिकतम मारक दुरी Maximum range at which a 9mm Pistol can hit?
A
50 meters
Q
पिस्तौल का मगज़ीन कापासिटी कितनी होती है Magazine capacity of the 9mm Pistol's?
A
13 rounds
Q
पिस्तौल का कारगर रेंज कितना होता है Effective range of pistol
A
20  yards
Q
अर्ध स्वचालित होने से पितोल की क्या कमिय है Being a semi-automatic, what demerit 9mm Pistol's has?
A
ज्यादा रोके पड़ती है Maximum stoppage
Q
पिस्तौल के अर्रेल  साफ करने का चिंदी का साइज़ Which size of Chindi used for pistol’s Barrel cleaning?
A
4 x 3 inches
Q
पितोल में तेल लगाने की चिंदी साइज़.Chindi size for oiling of pistol barrel?
A
4 x 2 inches
Q
ऑपरेशन के दौरान पिस्तौल को हमेश रखना चाहिए While in operation pistol should be kept ?
A
भरा हुवा रखना चाहिए.In operation pistol should be kept loaded.
Q
पिस्तौल को हमेश समझना चाहिए?Whenever dealing with the pistol it should be considered as?
A
भरा हुवा Loaded.
Q
पिस्तौल के नाम में आने वाले HP का क्या मतलब है What is the full form of HP in 9mm pistol name?
A
High Power
Q
पिस्तौल कितने पोजीशन से फायर किया जा सकता है Pistol can be fired from how many positions?
A
(i)                 Battle Crouch
(ii)               Standing
Q
पिस्तौल के मैकेनिकल सेफ्टी क्या क्या है What are the mechanical safeties of 9mm Pistol?
A
(i)                 Locking of barrel & Slide
(ii)               Half bent hammer
(iii)             Small firing pin
(iv)              No fire without magazine
Q
बैटल क्राउच पोजीशन में कौन सा पैर आगे रहना चाहिए.In Battle Crouch position which legs should be forward?
A
अगर पिस्तौल दाहिने हाथ में हो तो बाया और बाये हाथ में हो तो दाहिना If pistol in right hand then left leg  otherwise right leg.
Q
स्टैंडिंग पोजीशन में कौन सा पैर आगे होना चाहिए?In Standing position which leg should be forward?
A
अगर पिस्तौल बाया हाथ में है तो बाया पैर आगे होगा और अगर दाहिने हाथ में है तो दाहिना पैर आगे होगा !If pistol is in left hand then left leg and if in right hand then right leg




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