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Friday, October 7, 2016

30 mm AGL का अमुनिसन और फायरिंग ड्रिल

30 mm AGL के पिछले पोस्ट में  हमने AGL के विशेषताओ के बारे में जानकारी हासिल किए इस पोस्ट में हम AGL के अमुनिसन के अथराईजश्न और फायर करने के लिए कितने नफरी चाहिए(30m Automatic Granade launcher ka ammunition authorisation aur nafri ttha uska drill) और उनके काम तथा ड्रिल के बारे में जानकारी हासिल करेंगे !



30mm AGL का पूरा नाम है(Full name of 30 mm AGL) -30 mm आटोमेटिक ग्रेनेड लांचर सिस्टम  इसको शोर्ट में AGL या AGS कहते है ! इसको फिरे करने के लिए तीन आदमी कि जरुरत पड़ती है ! और इसके अथराईज अमुनिसन इस प्रकार से है !


  • फर्स्ट लाइन : 450 ग्रेनेड 
  • ऑन वेपन : 300 ग्रेनेड 
  • यूनिट रिज़र्व : 150 ग्रेनेड 
  • सेकंड लाइन : 150 ग्रेनेड 
AGL के ग्रेनेड की बनावट(AGL ke granade ki banawat) : शेल के अन्दर 94% RDX और 6% वैक्स होता है ! जिसको एक साथ a-9-1(HE) नाम से जाना जाता है ! इसमें वायर गाइड बैंड होता है ! इसका फ्यूज इतना सेंसेटिव होता है की अगर तीन मीटर से ज्यादा ऊपर से ग्रेनेड हाथ से गिर जाता है ग्रेनेड को बिना कोई हरकत किये हुए वही पे बर्बाद कर देना चाहिए अगर हम उसको हरकत देंगे तो ओ फट सकता है !

AGL का फायरिंग ड्रिल(AGL ka firing drill) : जैसे की मई ने ऊपर बताया की इसको फायर करने के लिए 3 जवान की जरुरत होती है ! इस ड्रिल को हम समझने के लिए तीन भागो में बाँट सकते है :
(a) सामान लगाना और स्थान लेना (Saman lagana ttha sthan lena drill):

  1. नॉ-1 के पास लांचर और साईट लांचर माउंट(sight launcher mount) के स्थान से 05 कदम पीछे और बाएँ इस तरह से रखा  जाय की मजल आगे और फीड कवर ऊपर की तरफ हो ! लांचर के बाएँ ऑप्टिकल साईट फीड कवर की सिद्ध में इस प्रकार रखा हो की ऑप्टिकल की खुलने वाला तस्मा लांचर की तरफ हो लांचर अवं साईट के बीच में इतना जगह हो , ताकि एक जवान आसानी से लेट सके !
  2. नॉ-2 के पास सामान माउंट और अमुनिसन हो जो की लांचर  से 05 कदम दाहिने माउंट खुला हुआ दोनों रियर लेग पीछे की त्तारफ माउंट के दाहिने एक अमुनिसन बोक्स्शुत्टर ओउंत की तरफ हो !
  3. नॉ-3 के पास  समान दो अमुनिसन बॉक्स . लांचर औंचेर और माउंट के बीच में 05 कदम पीछे  अमुनिसन  बॉक्स को इस तरह से रखो की शटर आगे की तरफ और कार्र्यिंग स्टेप ऊपर की तरफ दोनों के बीच  में इतना जगह हो ताकि एक जवान आसानी से लेट सके !
(b) स्थान लेना (Sthan lene ka drill): जब  आदेश मिलता है नंबर स्थान लो तो नंबर दौड़कर आते है और स्थान इस प्रकार से लेते है! :
  • नॉ-1 लांचर और ऑप्टिकल साईट के बीच में 
  • नॉ-2 माउंट के दोनों टांगो के बीच  में और 
  • नॉ-3  दोनों अमुनिसन बॉक्स के बीच में लेट जाते है ! और तमाम नंबर दाहिने हाथ के  ऊपर बयां हाथ इस प्रकार रखते है की हथेली की रुख निचे की तरफ और छाती कुदरती तौर पे उठी हुई ! निगाहे सामने एडी पंजे मिले हुए  हो !
  • नॉ-1 की दोनों कोहनिया फीड कवर ऑप्टिकल साईट के अगले किनारे की सिद्ध में ,
  • नॉ-2 की कोहनिया रियर लेग्स फूट के अगले किनारे की सिद्ध में  तथा 
  • नॉ-3 की कोहनिया अमुनिसन बॉक्स के अगले किनारे की सिद्ध में हो 

बदली कर की करवाई(Badli ka drill) : जब आदेश मिलता है बदली कर तो तमाम नंबर को दोहराते है और नॉ-3, नॉ-2 का जगह लेता है नॉ-2, नॉ-1 का जगह लेता है और नॉ-1 नॉ-3 का जगह लेता है !

ट्रेनिंग के दौरान और जवानों को इसकी सिखलाई देने के लिए  भी बदली कर की करवाई की जाती है जो की इस प्रकार से है !

आदेश मिलता  है  दो लाइन बदली कर , लाइन तोड़ नॉ-1:  इस आदेश परा तमाम नंबर  आदेश को दोहराते है नंबर -1 उठकर टोली के पीछे जा कर अपनी जगह लेता है और नंबर-2 , नंबर-1 की जगह  लेता है और नंबर- 3 , नंबर -2 का जगह लेता है  और टोली से अगला जवान्दौद्कर नंबर -3 की जगह लेता है !

 जरुर पढ़े :AKM राइफल का बेसिक टेक्नीकल डाटा

(c) निरिक्षण और रिपोर्ट(Nirikshan aur report) : तीनो नंबर निलिन पोजीशन में बैठ जाते है और अपने अपने सामान का निरिक्षण करते है ! निरिक्षण हो जाने के बाद  नंबर -3 उप करते है और तमाम नंबर लाइन पोजीशन  में आजाते है  और अपना दाहिना हाथ को 45 डिग्री के एंगल पे खड़ा करते है !

इस प्रकार से यहाँ 30 mm आटोमेटिक ग्रेनेड लांचर के आमुनिसन और ड्रिल से सम्बंधित पोस्ट समाप्त  हुई उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगी ! अगर कोई कमेंट या सजेसन हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे तथा इस ब्लॉग से सम्बंधित कुछ डाउनलोड करना चाहते है तो डाउनलोड  सेगमेंट पे क्लिक कर के आप कर सकते है

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