Mob Control (उपद्रव नियंत्रण): पुलिस के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका
भूमिका
आज के समय में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। छोटी-सी अफवाह, सोशल मीडिया पर फैलता एक वीडियो, या किसी घटना की गलत व्याख्या—और कुछ ही मिनटों में सामान्य भीड़ एक हिंसक मॉब (Mob) में बदल जाती है।
ऐसे समय में पुलिस केवल डंडा उठाने वाला बल नहीं होती, बल्कि वह कानून, अनुशासन, संयम और मानवता का प्रतिनिधि होती है। Mob Control यानी उपद्रव नियंत्रण कोई साधारण कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह एक प्रशिक्षित कला (trained discipline) है।
यह लेख Mob Control की उसी व्यावहारिक समझ पर आधारित है, जो हर पुलिसकर्मी—विशेषकर फील्ड ड्यूटी में तैनात जवान—के लिए अत्यंत आवश्यक है।
Mob क्या होता है?
Mob का अर्थ है—ऐसी भीड़ जो भावनाओं के वशीभूत होकर कानून को अपने हाथ में ले लेती है।
हर भीड़ Mob नहीं होती।
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शांत प्रदर्शन → सामान्य भीड़
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नारेबाजी → नियंत्रित भीड़
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पत्थरबाजी, आगजनी, हमला → Mob
Mob की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत सोच खो देता है और भीड़ के मन से सोचने लगता है।
Mob Control का उद्देश्य
Mob Control का उद्देश्य कभी भी बदला लेना नहीं होता।
पुलिस का लक्ष्य होता है—
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कानून व्यवस्था बनाए रखना
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निर्दोष नागरिकों की रक्षा करना
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सरकारी एवं निजी संपत्ति को सुरक्षित रखना
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हालात को सामान्य स्थिति में लाना
याद रखें—
Mob को हराना उद्देश्य नहीं है, Mob को नियंत्रित करना उद्देश्य है।
Mob Control के मूल सिद्धांत
1. न्यूनतम बल का सिद्धांत
पुलिस का पहला प्रयास होना चाहिए—
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चेतावनी
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समझाइश
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माइक अनाउंसमेंट
यदि केवल चेतावनी से भीड़ तितर-बितर हो जाती है, तो वही पर्याप्त बल माना जाएगा।
लाठी, गैस या फायरिंग केवल अंतिम विकल्प हैं।
2. सद्भावना का सिद्धांत (IPC धारा 52)
धारा 52 IPC के अनुसार कोई भी कार्य तब तक सद्भावना में नहीं माना जाएगा जब तक—
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पूरी सावधानी न बरती गई हो
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कार्य ईमानदारी से किया गया हो
यदि अधिकारी—
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क्रोध में निर्णय ले
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भीड़ को दुश्मन समझे
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कानून प्रक्रिया का पालन न करे
तो उसकी कार्रवाई सद्भावना में नहीं मानी जाएगी।
Mob Control में मानसिक संतुलन
Mob Control केवल शरीर से नहीं, दिमाग से लड़ा जाता है।
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गुस्से में लिया गया निर्णय पूरे विभाग को बदनाम कर सकता है
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एक गलत लाठी वार वर्षों की सेवा पर प्रश्नचिह्न लगा सकता है
सच्चा पुलिसकर्मी वही है जो—
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भीड़ के शोर में भी आदेश सुन सके
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अपमान में भी संयम बनाए रखे
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उत्तेजना में भी कानून न भूले
Mob के संपर्क में आने पर सुरक्षा कार्रवाई
जब पुलिस पार्टी Mob के संपर्क में आती है, तब सबसे बड़ा खतरा होता है—
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लाइन टूटना
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जवान का गिर जाना
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शील्ड छिन जाना
ऐसी स्थिति में:
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साथी जवान की सुरक्षा प्राथमिक हो
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कोई भी जवान अकेला न पड़े
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गिरा हुआ जवान तुरंत घेरे में लिया जाए
Mob में अकेला पड़ा जवान सबसे आसान शिकार बन जाता है।
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शरीर के Target Areas की समझ
लाठी चार्ज करते समय यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि कहाँ वार करना है और कहाँ नहीं।
Primary Target Area
जहाँ चोट कम होती है:
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पैर
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जांघ का बाहरी भाग
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फोरआर्म
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पेट का निचला भाग
Secondary Target Area
जहाँ गंभीर चोट संभव है:
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कंधा
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कॉलर बोन
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घुटना
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कोहनी
Forbidden Area (कभी नहीं मारना चाहिए)
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सिर
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गर्दन
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रीढ़ (Spinal Cord)
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ग्रॉइन / प्राइवेट पार्ट्स
इन स्थानों पर वार मृत्यु या स्थायी अपंगता का कारण बन सकता है।
लाठी और शील्ड का सुरक्षित प्रयोग
लाठी Mob Control का सबसे प्रभावी हथियार है, परंतु गलत प्रयोग घातक बन सकता है।
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लाठी कभी सिर के ऊपर उठाकर न मारें
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इससे शरीर पूरी तरह खुल जाता है
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मीडिया और कानूनी खतरा बढ़ जाता है
शील्ड पकड़े जाने पर
यदि Mob का कोई व्यक्ति—
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शील्ड ऊपर से पकड़ ले → जोर से “छोड़ो” कहते हुए प्रहार करें
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शील्ड नीचे से पकड़ ले → शील्ड जमीन पर दबाएँ और “भागो-भागो” चिल्लाएँ
यह शब्द Mob पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाता है।
Mob Control Drill Formation का महत्व
बिना फॉर्मेशन Mob Control करना अंधेरे में लड़ाई लड़ने जैसा है।
Formation से—
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अनुशासन बना रहता है
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आदेश स्पष्ट होते हैं
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पार्टी एक इकाई की तरह काम करती है
प्रमुख Mob Control Formations
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Single Line Formation
— सामने से दबाव रोकने के लिए -
File Formation
— संकरी गलियों में -
Diagonal Formation
— Mob को किनारे हटाने हेतु -
Arrow Head Formation
— Mob को चीरकर रास्ता बनाने के लिए
गैर-कानूनी जमाव से निपटना
Party Commander को यह देखना होता है—
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भीड़ की संख्या
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स्थान की संवेदनशीलता
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आसपास की आबादी
चेतावनी पार्टी, गैस पार्टी, लाठी पार्टी और असला पार्टी—सभी का समन्वय आवश्यक होता है।
सामने, दाएँ-बाएँ और पीछे से Mob आने की स्थिति
Mob हमेशा सामने से नहीं आता।
कभी-कभी—
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दाएँ से दबाव
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बाएँ से घेराव
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पीछे से अचानक हमला
ऐसी स्थिति में कमांडर का त्वरित आदेश जीवन रक्षक होता है।
चारों तरफ से Mob घिरने की स्थिति
यह सबसे खतरनाक स्थिति मानी जाती है।
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सभी पार्टियाँ घुटना टेक स्थिति में
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चारों दिशाओं में फायर कंट्रोल
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गैर-आवश्यक दल नीचे बैठ जाए
यह स्थिति अत्यधिक अनुशासन और प्रशिक्षण की मांग करती है।
फायरिंग से संबंधित सावधानियाँ
फायरिंग हमेशा अंतिम विकल्प हो।
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चेतावनी अनिवार्य
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रिकॉर्डिंग और गवाह आवश्यक
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नियंत्रित फायर
अनावश्यक फायरिंग वर्षों तक न्यायिक प्रक्रिया में उलझा सकती है।
Mob Control में आम गलतियाँ
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गुस्से में लाठी चार्ज
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कमांड की अनदेखी
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लाइन तोड़ना
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मीडिया की उपेक्षा
ये छोटी गलतियाँ बड़े परिणाम लाती हैं।
प्रशिक्षण का महत्व
Mob Control पुस्तक से नहीं, ड्रिल से सीखा जाता है।
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नियमित अभ्यास
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रिफ्रेशर ट्रेनिंग
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वास्तविक परिस्थितियों का अभ्यास
यही पुलिस को आत्मविश्वासी बनाता है।
आधुनिक समय की चुनौतियाँ
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सोशल मीडिया लाइव वीडियो
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मानवाधिकार निगरानी
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तत्काल वायरल क्लिप
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प्रशासनिक दबाव
आज पुलिस को कानून के साथ-साथ पब्लिक परसेप्शन भी संभालनी पड़ती है।
निष्कर्ष
Mob Control शक्ति का नहीं, संयम का इम्तिहान है।
एक प्रशिक्षित, अनुशासित और संवेदनशील पुलिस बल ही—
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समाज को सुरक्षित रख सकता है
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कानून का सम्मान बनाए रख सकता है
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और स्वयं को कानूनी संकट से बचा सकता है
याद रखें—
“लाठी हाथ में होना ताकत है,
लेकिन उसे कब और कैसे उठाना है — यही असली पुलिसिंग है।”
अगर आप पुलिस बल से जुड़े हैं, प्रशिक्षण में हैं, या उपद्रव नियंत्रण से संबंधित व्यावहारिक और कानूनी जानकारी एक ही स्थान पर समझना चाहते हैं, तो यह ज्ञान केवल पढ़ने तक सीमित न रखें।
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