12 फ़रवरी 2017

पेट्रोलिंग के परिभाषा और पेट्रोलिंग के प्रकार

टैक्टिस के पिछले पोस्ट में हमने कैमोफ्लाज और कंसलमेन्ट के ऊपर संक्षिप्त जानकारी  शेयर किया था ! इस पोस्ट में हम पेट्रोलिंग, पेट्रोलिंग के प्रकार तथा पेट्रोलिंग के परिभाषा और पेट्रोलिंग से सम्बंधित संक्षिप्त जानकारी शेयर करेंगे !



पेट्रोलिंग का परिभाषा क्या होता है(Patrolling ka paribhasha) ? : पट्रोलिंग  एक हथियार बंद गस्ती टुकड़ी है जो दिए हुए इलाके में गस्त करके , दिए हुए टास्क को पूरा करती है !

पेट्रोलिंग की जरुरी बातें(Patrolling ke liye Jaruri bate) : पेट्रोलिंग की निम्नलिखित महत्वपूर्ण बाते  है!
Patrolling by  Armed force
Patrolling by  Armed force 

  • हरकत के लिए ऊँचे दर्जे के फील्डक्राफ्ट की जरुरत 
  • ज़मींन , मैप    एयर फोटो की दिन स्टडी और रात  में सही इस्तेमाल 
  • ऊँचे दर्जे की फिजिकल फिटनेस और मेन्टल अलर्टनेस 
  • हथियारों और दूसरे  इक्विपमेंट का सही इस्तेमाल 
  • उच्चे दर्जे की लीडरशिप और टीम वर्क 


पट्रोलिंग कितने प्रकार के होता है(Type of Patrolling) ?: पेट्रोलिंग तीन प्रकार का होता है!
  1. रेकी पेट्रोल (Reccee Patrolling)
  2. हिफाजती पेट्रोल (Protective Patrolling)
  3. स्पेशल पेट्रोल (Special Patrolling)

रेकी पेट्रोल का काम (Reki patrolling kyo kiya jata hai): 
  • दुश्मन के डिसपोसिशन और इरादे का पता लगाना !
  • ज़मीन और रुकावटों के बारे खबर हासिल करना 
  • दुश्मन पर हमला करने  उसके डिफेन्स तक मुमकिन रास्तो की रेक्की  करना 
  • शत्रु के रिज़र्व की जगह और तादाद का पता लगाना !
हिफाजती पेट्रोल  का काम (Protective patrolling  kyo kia jata hai):
  • दुश्मन को अपनी खबरे हासिल करने से रोकना 
  • नो मैनस(No Man's) पर छाये रहना 
  • अर्ली वार्निंग का काम करना 
  • एडवांस और विथड्रावल आपरेशन में गाड़ियो  में हरकत करके कॉलम की फ्लेंक से हिफाजत करना !

स्पेशल मिशन पैट्रॉल का काम (Special Patrolling kyo kia jata hai):
  • दुश्मन के इंस्टालेशन , गन एरिया , हेड क्वार्टर राडार अदि राइड करके बर्बाद करना 
  • रोड ब्लॉक लगाना 
  • अम्बुश करना 
  • ब्रिज और डफिल्स पर कब्ज़ा करना 
  • दुश्मन के विथड्रावल के रास्तों को कट करना 
  • स्टे बिहाइंड पार्टी के तौर दुश्मन को तंग करना !
पेट्रोल लीडर का सोच विचार में किन किन बातो को शामिल करना चाहिए(Patroll leader ka soch vichar kya hota hai) !
  • टास्क 
  • खबर -शत्रु और ज़मीन के बारे में 
  • अपनी ऍफ़ डी एलस और दूसरी पैट्रॉल के बारे में 
  • फायर सपोर्ट अगर  और अपने डी ऍफ़ टास्क 
  •  रास्ता  जाने और आने के 
  • समय जाने का और वापस आने का 
  • पासवर्ड और पहचान इशारे 

पैट्रॉल की नफरी किन किन बातो के  ऊपर निर्भर करती है ?(Patroll ki nafri kin kin bato ke upar nirbhar karti hai?)
  • टास्क (Task)
  • ज़मीन (Ground)
  • वक्त (Time)
  • कण्ट्रोल (Control)
  • शत्रु की कार्रवाइयां (Enemy)
पैट्रॉल लीडर की जिम्मेवारिया (Patroll leader ki jimmewaria kaun kaun si hoti hai?)
  • टैक्टिकल 
  • छोटा सोच विचार 
  • पैट्रॉल टू आईसी  को  देना 
  • ज़मीन स्टडी करना 
  • दिए हुए समय पर ब्रीफिंग के लिए जाना 
  • खबरे हासिल करना 
  • तफ्सील में रेक्की   बनाना 
  बंदोबस्ती करवाई करनी चाहिए(Patrolling ke liye bandobasti karwai kya kya karna chahiye?) :
  • पैट्रॉल की बनावट और ट्रुप्स का चुनाव करना 
  • हथियार  अम्मुनिसन का चुनाव करना 
  •  ड्रेस और इक्विपमेंट चेक करना 
  • सिक्योरिटी  बारे में जानकारी शेयर करना 
  • पैट्रॉल में जाने वाले ट्रुप्स के आराम और खाना  के बारे में 
  • मेडिकल इंतेजाम 
  • आखरी इंस्पेक्शन 

पेट्रोलिंग के दौरान  ध्यान में  बाते  कौन सी है ?(Patrolling ke daurant formation aur movement ke samy kya dhyan rakhna chhaiye?)
  • फार्मेशन - कण्ट्रोल ,ज़मीन , हिफाजती और छुपाव के लिखज से अख्तियार करे 
  • हरकत- रत  हरकत करते समय स्पीड और ठहराव में तालमेल रखे !
पैट्रॉल को कंडक्ट  करने की तरतीब क्या है ?(Patrol Conduct karne ke tartib kya hona chahiye?)
  • दिए हुए समय पे मूव होना 
  • पैट्रॉल बेस की रिक्की और उससे पकड़ना 
  • सब्सिडियरी पैट्रॉल भेजना 
  • छोटा डीब्रीफिंग करना 
  • पैट्रॉल बेस छोड़ना और एफडीएल में वापिस आना 
  • टास्क की रिपोर्ट सीनियर  और डीब्रीफिंग के लिए तैयार रहना 
  • पैट्रॉल रिपोर्ट सबमिट करना 
पेट्रोलिंग के लिए तज़ुर्बे की बातें(Patrolling ke samay ki vishesh bate) :

(i) जाने वक्त ध्यान में रखने वाली बाते (Ptrolling jate samay dhyan me rakhne wali bate )
  • पैट्रॉल जाने वाले जवानों का चुनाव एहतियात से और हर बार एक ही जवान को न भेजें 
  • ब्रेइफिंग यदि मुमकिन हो तो वंटेज पॉइंट से की जाय 
  • मुख़्तलिफ़ हालात का सामान करने के लिए मुकर्रर सूद ड्रिल का इस्तेमाल करे 
  • पैट्रॉल के साथ ले जाने वाले हथियार का एहतियात से चुनाव करे ! ज्यादा ऑटोमैटिक्स पैट्रॉल में ले जाने से एफडीएल की फायर पावर कमजोर होगा !
  • जिन जवानों को ठण्डक या खांसी हो उन्हें नहीं लेजाना चाहिए 
  • रात की पैट्रॉल जाने से पहले तक़रीबन १५ मिनट तक अँधेरा अपनाना

जरुर पढ़े : पेट्रोलिंग और नाईट पेट्रोलिंग और उसके टास्क और नफरी

(i) पेट्रोलिंग के वक्त ध्यान में रखने वाली बाते (Patrolling ke samay dhyan me rakhne wali bate )
  • पैट्रॉल की हरकत धीमी और रुक कर देखने और सुनने की करवाई करने की जरुरत पड़ती है , करोव्लिंग से जवान तक जाते है !
  • हरकत पे काबू पाने के लिए चांदनी रात में हाथ और अँधेरी रात में आवाज से इशारा किया जाता है !
  • हाल्ट  होने पे सभी जवान को बहार की तरफ मुख करनी चाहिए ताकि चारो तरफ की देखभाल की जा सके 
  • पैट्रॉल लीडर की पैट्रॉल खुद अलग नहीं होना चाहिए नहीं किसी जवान को अलग करना चाहिए 
  • रुकावट पार  करते समय इकठ्ठा नहीं 
  •  सरप्राइज टूट जाने पर पहल करना चाहिए 
  • अँधेरी रात में नजदीक शत्रु की आवाज सुनने पर ग्रनेड का इस्तेमाल करना चाहिए 
  • पैट्रॉल को वापस आने तक चौकना रहना चाहिए !
  • रास्तों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए !दिशा कायम रखने के  रस्ते के नजदीक चले और बाकि जवान रस्ते से दूर रहें !
  • घने इलाके में , खुली जगह को हमेशा एहतियात से पर करना चाहिए 
  • पानी के नजदीक ठहरना खतरनाक होता है खास कर जहा पानी काम मिलता हो !
इस प्रकार से पैट्रॉल , पैट्रॉल के  प्रकार और पेट्रोलिंग से संबंधी बाकि जानकारियो के बारे में संक्षिप्त अवगत हुए  इस पोस्ट के द्वारा ! उम्मीद है  पसंद आएगा अगर इस ब्लॉग या पोस्ट के बारे में कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट  लिखे ! हमे सब्सक्राइब और फेसबुक पे शेयर तथा लाइक  करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !

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इन्हें भी पढ़े :
  1. पुलिस ड्यूटी
  2. फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट में होनेवाली कुछ कॉमन गलतिया
  3. 6 कॉमन गलतिया अक्सर एक आई ओ सीन ऑफ़ क्राइम पे करता है
  4. क्राइम सीन पे सबसे पहले करनेवाले काम एक पुलिस ऑफिसर के द्वारा
  5. बीट और बीट पेट्रोलिंग क्या होता है ?एक बीट पट्रोलर का ड्यूटी
  6. पुलिस नाकाबंदी या रेड् क्या होता है ?नाकाबंदी और रेड के समय ध्यान में रखनेवाली बाते 
  7. निगरानी और शाडोविंग क्या होता है ? किसी के ऊपर निगरानी कब रखी जाती है ?
  8. अपराधिक सूचना कलेक्ट करने का स्त्रोत और सूचना कलेक्ट करने का तरीका

10 फ़रवरी 2017

पुलिस फाॅर्स के जवानों लिए इलेक्शन ड्यूटी सम्बंधित चेक लिस्ट

पिछले पोस्ट में हमने थाना अधिकारी के इलेक्शन ड्यूटी से सम्बंधित चेक लिस्ट के बारे में जानकारी शेयर किये इस पोस्ट में हम सामान्य पुलिस कर्मी के लिए इलेक्शन ड्यूटी से सम्बंधित चेक लिस्ट (Police force ke jawano ke liye electionduty sambandhi check list)जिसमे एक पुलिस कर्मी को इलेक्शन ड्यूटी के दौरान क्या करना(Do & Don't do) और क्या नहीं करना चाहिए उसके बारे में बात करेंगे !



जैसे की हम जानते है की भारत दुनिया का सबसे बडा लोकतान्त्रिक देश है ओर इस लोकतंत्र का अधार ही भारतीय चुनावी व्यवस्था है . चाहे छोटे से छोटे एक वार्ड या गांव का सरपंच इलेक्शन हो या पुरे देश का प्रतिनिधि करनेवाले संसद हर एक का चयन एक निश्चित इलेक्शन परिक्रिया के  द्वारा ही होता है और इस पूरी परिक्रिया को पूरा करवाता है भारतीय निर्वाचन आयोग. और इसे पूरा करने के लिए देश के सभी सरकारी महकमा चुनाव आयोग को हर संभव मदद करता है. 

जरुर पढ़े:  पुलिस की भिन्न भिन्न  ड्यूटी

एसे तो देखा जाये तो इलेक्शन में सीधी तौर पे पुलिस की भूमिका बहुत ही नगण्य या न मात्र की है और यह पूरा मुहीम ही सिविलियन है लेकिंन आज कल के समाज में लोगो के अन्दर इलेक्शन लड़ने और चुने हुवे प्रतिनिधि बनाने की एक होड़ सी लग गयी  जो की एक लोकतंत्र के लिए अच्छी बात है पर इस होड़ में जो लोग इलेक्शन में खड़े होते या उनके समर्थ बहुत से गैरकानूनी कार्य कर बैठते है या करने की कोशिस करे है और येही से पुलिस का रोल शुरु होता है.
इलेक्शन ड्यूटी
इलेक्शन ड्यूटी 
ऐसे मौहाल में एक सामान्य पुलिस कर्मी को चुनाव ड्यूटी के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए उसका एक संक्षिप्त चेकलिस्ट इस प्रकार है जो की इलेक्शन कमिशन के दौरान जारी किये हुए बहुत साडी आदेश तथा अपनी व्यक्तिगत अनुभव के ऊपर तैया किया गया है 

जरुर पढ़े: फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट में होनेवाली कुछ कॉमन गलतिया

क्या करे(Do during election duty) : 
  • मतदान दिवस पर चुनाव शांतिपूर्क , निष्पक्ष एवं सुरक्षित करने हेतु निर्भक्त , तत्परता एवं सजगता से ड्यूटी करे 
  • निर्वाचन घोषणा के दिनक से मतदान दिवस, मतगणना एवं मत गणना पश्चात् की व्यवस्थाएं सम्बंधित प्रशिक्षण /ब्रीफिंग , प्रभारी अधिकारियो द्वारा दिए गए बिभिन्न निर्देशो को समझे और सही से पालन करे !
  • साफ सुथरी यूनिफार्म पहने एवं अपना परिचय पात्र व ड्यूटी सर्टिफिकेट साथ रखे !
  • जिस मतदान केंद्र पर ड्यूटी लगी हो , उस मतदान केंद्र ड्यूटीरत अन्य विभागों के अधिकारियो/कर्मचारियो से परिचय एवं जानकारी प्राप्त कर उनसे समन्वय स्थापित करे !
  • मतदान केंद्र पर कार्यरत अन्य सभी अधिकारियो/कर्मचारियो के नाम, पद, मोबाइल नो आदि की जानकारी अपने पास रखे !
  • अपने मतदान केंद्र से सम्बंधित थाना, थाना प्रभारी, सेक्टर प्रभारी सेक्टर मोबाइल, सेक्टरों मजिस्ट्रेट, बीएलओ आसपास के रहवासियो के टेलीफोन एवं मोबाइल नो संकलित करे !मतदान दाल के रुत चार्ट और उस रुत में पड़ने वाले और  केंद्र  तैनात पुलिस कर्मियो के टेलीफोन नंबर अपने पास रखे !
  • पहले से जानकारी रखे की इमरजेंसी में की अधिकारी/कर्मचारी से सम्पर्ककरनी है !
  • मतदाताओ को प्रवेश से पहले पूर्व पूर्ण चेक कर लिए जाये ताकि वे अपने साथ आपतिजनक बस्तु न ले  जाये तहत नियमानुसार पंक्तिबद्ध रम से मतदान सुनिश्चित कराये !
  • यह भी सुनिशित करेगे की मतदान के दौरान एक प्रतियाशी का एक ही एजेंटमतदान केंद्र के अंदर उपस्थित रहे !
  • यह भी सुनिश्चित करे की किसी प्रत्याशी का एजेंट मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन लेकर न बैठा हो !
  • मतदान केंद्र में प्रभारी अधिकारी के बिना बुलाये तभी जाए जब किसी संज्ञेय  अपराध की आशंका हो !
  • महिलाओ , ब्रिद्ध एवं समाज के कमजोर बर्ग शांतिपुर्वक एवं निर्भीक होकर मतदान करे  सुनिश्चित करे !
  • मतदान केंद्र पर मतदान पूरा होने पर सीलबंद EVM और अन्य सामग्रीह  कोसुरक्षित रूप से रिटर्निंग अधिकारी को  सतर्कतापूर्वक ड्यूटी करे !
  • EVM जमा करने उपरांत पीठासीन अधिकारी से नियमानुसार मतदान संपन्न कराये जाने का ड्यूटी सर्टिफिकेट जरूर ले ने के बाद ही वह !
  •  किसी भी पृष्टि में मतदान समाप्त होने के बात सीलबंद EVM अपनी नजर से ओझल होने न दे 
  • मतदान केंद्र पर तैनात कर्मचारी की ड्यूटी होगी की पार्टी को सुरक्षित मतदान केंद्र तक तथा मतदान उपरांत सुरक्षित रम तक पहुचाये ! 

क्या न करे(Don't do during election duty) :
  • किसी भी राजनैतिक दाल के लिए चुनाव एजेंट का कार्य न करेंगे !
  • पुलिस अधिकारी/कर्मचारी ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे जो बिभिन्न जातियो और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बिच मतभेद को बढ़ाये या घृणा भावना या तनाव उत्पन्न करे !
  • पुलिस कर्मी राजनैतिक डालो का आलोचना नहीं करेंगे, जिसका सम्बन्ध अन्य डालो या उनके कार्यकर्ताओ से हो !
  • राजनैतिक डालो के चुनाव चिन्ह उपयोग/प्रदर्शन अपने बहन अथवा देह पर नहीं करेंगे  !
  • चुनाव ड्यूटी के समय ड्यूटी पॉइंट नहीं छोड़ेंगे !
  • मतपत्र पेटी (EVM) अथवा पतपत्र अपनी  लेंगे !
  • मतदान केंद्र के प्रभारी अधिकारी के आदेश के बिना  के अंदर नहीं जायेंगे !
  • मतदान के समीप चुनाव प्रचार व लाउड स्पीकर का उपयोग नहीं होने देंगे !
  • मतदान केंद्र के आसपास दुराचार करने , मतदान के लिए रिश्वत देने या लेने , फर्जी मतदाताओ को मतदान करने , मतपत्र अथवा मतपत्रो को नहीं ले जाने देंगे !
  • मतदान केंद्रों पर ड्यूटी के दौरान मतदान से सम्बंधित किसी भी विवाद के लिए पीठासीन अधिकारिहि सक्षम है , अतः  किसी भी तरह के विवाद में स्वाम न पड़ते हुए उसे पीठासीन अधिकारी को बताया जाय, उसी के आदेशानुसार कारवाही करे !
  • मतदान केंद्र पर ड्यूटी के दौरान कोई भी अभ्यावेदन स्वीकार न करे !
  • मतदान के दौरान किसी भी व्यक्ति को मत दें अथवा नहीं देने के लिए प्रेरित न करे !
यह चेक लिस्ट पूर्ण नहीं है बस एक कोशिश भर है क्यों की समय और एरिया और मतदान केंद्रों के सेंसिटिविटी  के अनुसार एक पुलिस कर्मी की जिम्मेवारिया बदलती रहती है उसी के अनुसार चेकलिस्ट भी बदलता रहता है ! इस के लिए चुनाव से पहले इलेक्शन कमीशन भी बहुत सारी करे और क्या न कर की चकलिस्ट जारी करते रहता है उसका भी अनुसरण करे!

जरुर पढ़े:फासले का अनुमान लगाना और अनुमान लगाने का तरीका

इस प्रकार से यह पुलिस फाॅर्स के जवानों का चुनाव ड्यूटी से सम्बंधित एक संक्षिप चेक लिस्ट का ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की पोस्ट आपको पसंद आएगा ! अगर कोई  या ब्लॉग के बारेमे हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ! और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक शेयर तहत लिखे करके हमलोगों को प्रोतसाहित करे और अच्छा करने के लिए !
विशेषकर आप के लिए  :
  1. फिल्डक्राफ्ट और उसके फायदे
  2. फासले का अनुमान लगाना और अनुमान लगाने का तरीका
  3. चीजे क्यों दिखाई देती है टारगेट को कैसे बयान करते है ?
  4. कामोफ्लाज और कांसिल्मेंट तथा फायर कण्ट्रोल आर्डर की जानकारी
  5. कमोफ्लाज के सिद्धांत , और कामोफ्लाज करने का तरीका
  6. कोसिल्मेंट क्या है और उसका तरतीब
  7. स्टाकिंग क्या है ? और स्टाकिंग के फायदे तथा और जाननेवाली बाते !
  8. आवाज़ तथा बेअरिंग के मेथड से फासले का अनुमान लगाने का तरीका


09 फ़रवरी 2017

थाना इंचार्ज के चुनाव ड्यूटी सम्बंधित चेक लिस्ट

पिछले पोस्ट में हमने चुनाव के दौरान पुलिस बल के ड्यूटी के बारे में जानकारी शेयर किये इस पोस्ट में हम चुनाव के समय थाना इंचार्ज की क्या जिम्मेवारियो(Election duty me SHO ki duty ka chek list) का एक संक्षिप्त चेक लिस्ट शेयर करेंगे !



भारत दुनिया का सबसे बडा लोकतान्त्रिक देश है ओर इस लोकतंत्र का अधार ही भारतीय चुनावी व्यवस्था है . चाहे छोटे से छोटे एक वार्ड या गांव का सरपंच चुनाव हो या पुरे देश का प्रतिनिधि करनेवाले संसद हर एक का चयन एक निश्चित चुनाव परिक्रिया के  द्वारा ही होता है और इस पूरी परिक्रिया को पूरा करवाता है भारतीय निर्वाचन आयोग. और इसे पूरा करने के लिए देश के सभी सरकारी महकमा चुनाव आयोग को हर संभव मदद करता है.
इलेक्शन ड्यूटी डिप्लॉयमेंट
इलेक्शन ड्यूटी डिप्लॉयमेंट 

एसे तो देखा जाये तो चुनाव में सीधी तौर पे पुलिस की भूमिका बहुत ही नगण्य या न मात्र की है और यह पूरा मुहीम ही सिविलियन है लेकिंन आज कल के समाज में लोगो के अन्दर चुनाव लड़ने और चुने हुवे प्रतिनिधि बनाने की एक होड़ सी लग गयी  जो की एक लोकतंत्र के लिए अच्छी बात है पर इस होड़ में जो लोग चुनाव में खड़े होते या उनके समर्थ बहुत से गैरकानूनी कार्य कर बैठते है या करने की कोशिस करे है और येही से पुलिस का रोल शुरु होता है.

आज कल के चुनाव के समय ऐसा महसूस होता है की पूरी चुनाव ही पुलिस तंत्र ही करा रहा है उसमे भी सबसे ज्यादा जिसका जिम्मेवारी  पुलिस थाना अधिकारी का ही  देखा जाता है क्यों की बाकि तो ऊपर वाले पुलिस अधिकारी सुपरवाइजरी की तरह से काम करते जब की थाना अधिकारी को सुपरवाइजरी के अलावा जमीनी ड्यूटी भी करना पड़ता है जिसमे की आपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने के अलावा ऊपर वाले पुलिस अधिकारी और निर्वाचन अधिकारी  गए आदेश को जमीनी अमलीकरण भी थाना अधिकारी को ही शुनिश्चित करना पड़ता है ! 

जरुर पढ़े:  पुलिस की भिन्न भिन्न  ड्यूटी

और इस व्यस्था के कारन पुलिस थाना अधिकारी को चुनाव के दौरान कभी भी किसी स्पेसिफिक पुलिस ड्यूटी, जैसे की जोनल पुलिस अफसर(Zonal Police Officer) , सेक्टर पुलिस अफसर(Sector Police Officer) या फ्लाइंग स्क्वाड(Flying squad) की ड्यूटी नहीं दी जाती है बल्कि उसे सभी स्पेसिफिक ड्यूटी से आजाद रख कर अपने पुरे थाना के अंदर लॉ & आर्डर तथा उससे सम्बंधित ड्यूटी दिया जाता है और चुनाव से सम्बंधित जितने आदेश आते है उसका जमीनी अमलीकरण सुनिश्चित करने की जिमेवारी उसे दी जाती है !

अपनी अनुभव तथा निर्वाचन आयोग के द्वारा तैयार लिस्ट के अनुसार चुनाव के दौरान सही और प्रभावी ड्यूटी के लिए एक थान अधिकारी जिन  चीजो को सुनिश्चित करता है उसका एक चेक लिस्ट हमने बनाने की कोशिश की है जो इस प्रकार से है ! 

जरुर पढ़े: फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट में होनेवाली कुछ कॉमन गलतिया
  • अपने थाना क्षेत्र में शांतिपूर्ण , निष्पक्ष रूप से चुनाव सम्पादित करवाने हेतु उत्तर दायीं रहेंगे !
  • थाना अन्तर्गत सभी मत दान केंद्रों  कामकक्ष एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के साथ भ्रमण तथा समस्त व्यवस्थाओ जैसे - भवन की स्तिथि , मतदान केंद्र के  खिड़की दरवाजे की स्तिथि, विद्युत् व्यवस्था , पाय जल , बैरेकेटिंग व्यवस्था , रूट  चार्ट  यदि का निरिक्षण करना अगर कोई उसमे कमी है तो समय ठीक करना या सम्बंधित अधिकार को सूचित कारन और निश्चित करना की सभी व्यवस्थाये समय पे ठीक सो गई !
  • चुनाव में सम्मिलित सीनियर अधिकारियो , एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, चुनाव सेल तथा अन्य चुनाव सम्बंधित अधिकारियो के समपर्क बनाये रखना !
  • कानूनी प्रावधान, आदर्श अचार सहित तथा चुनाव आयोग के महत्वपूर्ण परिपत्र का अध्यन  एवं पालन करना ! 
  • सभी मतदान केंद्रों पर तैनात पुलिस कर्मियों, सेक्टर अफसर, बूथलेवेल अधिकारी स्थानीय शासकीय सेवा के अधिकारियो के टेलफोन एवं मोबाइल नंबर रखना तथा उसका समुचित उपयोग करना !
  • बहार से आनेवाली पुलिस फाॅर्स के अधिकारियो से लेजानिनींग रखना !
  •  बहार से आने वाले पुलिस बल को सही इस्तेमाल करना तथा आवश्यक  मुलभुत सुभिधा उपलब्ध करना !
  • बहार से आने वाले पुलिस फाॅर्स को अपने थाना क्षेत्र की भौगोलिक , राजनैतिक , सांप्रदायिक स्तिथि की जानकारी से अवगत करना !
  • अंतर राज्यीय एवं  सीमावर्ती थानों से संपर्क , समन्वय एवंवैधानिक करवाया सुनिश्चित करना !
  • आपातकालीन परिस्थियों से निपटने के लिए कार्य योजना बनाना !
  • संवेदनशिप गाँव /मोह्हलो की विजिट और अवलोकन कर संभावित कानून व्यवस्था की समीक्षा कर वैधानिक कार्यवाही करना !
  • मतदान केंद्रों में गाठ चुनाव के दौरान की लड़ाई-झगड़ा एवं अन्य चुनाव सम्बंधित अपराधों की समीक्षा करना और करवाई करना !
  • जमानत तथा परोल पर रिहा हुए अपराधियो एवं असामाजिक तत्वो पर कड़ी नजर रखना !
  • महत्वपूर्ण घटनाओ का विडोग्राफी  करना 
  • वनरेबले क्षेत्र के मतदाताओ द्वारा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान हेतु भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना !

यह चेक लिस्ट पूर्ण नहीं है बस एक कोशिश भर है क्यों की समय और एरिया के अनुसार थाना अधिकारी का  जिम्मेवारिया बदलती रहती है उसी के अनुसार चेकलिस्ट भी बदलता रहता है ! 

यहाँ पे एस एच  ओ(SHO-Station House Officer) का चुनाव से सम्बंधित एक संक्षिप्त चेक लिस्ट(Election duty check list for SHO) का पोस्ट !उम्मीद है की यह पोस्ट पसंद आएगा  सम्बंधित कोई सलाह हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पर शेयर और लिखे कर के हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !

विशेषकर आप के लिए  :
  1. फिल्डक्राफ्ट और उसके फायदे
  2. फासले का अनुमान लगाना और अनुमान लगाने का तरीका
  3. चीजे क्यों दिखाई देती है टारगेट को कैसे बयान करते है ?
  4. कामोफ्लाज और कांसिल्मेंट तथा फायर कण्ट्रोल आर्डर की जानकारी
  5. कमोफ्लाज के सिद्धांत , और कामोफ्लाज करने का तरीका
  6. कोसिल्मेंट क्या है और उसका तरतीब
  7. स्टाकिंग क्या है ? और स्टाकिंग के फायदे तथा और जाननेवाली बाते !
  8. आवाज़ तथा बेअरिंग के मेथड से फासले का अनुमान लगाने का तरीका


06 फ़रवरी 2017

चुनाव के दौरान पुलिस का कर्तव्य

पिछले पोस्ट में हमने पुलिस द्वारा अपराधिक सुचना इकठ्ठा करने के तरीका के बारे में जानकारी शेयर किये थे इस पोस्ट में हम चुनाव के समय पुलिस बल का ड्यूटी(Election duty of Police force) के बारे में जानकारी शेयर करेंगे !

भारत दुनिया का सबसे बडा लोकतान्त्रिक देश है ओर इस लोकतंत्र का अधार ही भारतीय चुनावी व्यवस्था है . चाहे छोटे से छोटे एक वार्ड या गांव का सरपंच चुनाव हो या पुरे देश का प्रतिनिधि करनेवाले संसद हर एक का चयन एक निश्चित चुनाव परिक्रिया के के द्वारा ही होता है और इस पूरी परिक्रिया को पूरा करवाता है भारतीय निर्वाचन आयोग और  राज्य चुनाव आयोग . और इसे पूरा करने के लिए देश के सभी सरकारी महकमा चुनाव आयोग को हर संभव मदद करता है.


चुनाव आयोग की स्थापना 26  जनवरी 1950  को एक सदसीय आयोग से सुरुआत हुवा  जो आगे चल कर 3 सदस्सीय हो गया और आज भी तीन  सदस्सीय है. जिसमे एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त होते है और दो उनके सहायता के लिए उन्ही के समकक्ष चुनाव आयुक्त होते है.  
Election duty
Election duty 
एसे तो देखा जाये तो चुनाव में सीधी तौर पे पुलिस की भूमिका बहुत ही नगण्य या न मात्र की है और यह पूरा मुहीम ही सिविलियन है लेकिंन आज कल के समाज में लोगो के अन्दर चुनाव लड़ने और चुने हुवे प्रतिनिधि बनाने की एक होड़ सी लग गयी  जो की एक लोकतंत्र के लिए अच्छी बात है पर इस होड़ में जो लोग चुनाव में खड़े होते या उनके समर्थ बहुत से गैरकानूनी कार्य कर बैठते है या करने की कोशिस करे है और येही से पुलिस का रोल शुरु होता है.

इसलिए चुनाव में पुलिस ड्यूटी जानने से पहले हम चुनावी परिक्रिय में सामिल होने वाले कुछ पुलिस से सम्बन्धी अधिकारियो और उनके ड्यूटी के बारे में जाना लेना बहुत जरुरी होगा.


1.एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (Executive magistrate duty during election duty): यह सभी राज्यों का कर्तव्य होता है की हर एक जिला में कुछ एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट नियुक्त करे और उन्ही में से एक डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट हो. एसे तो एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के पास बहुत से काम  होते है ! लेकिन CrPc के सेक्शन 94, 97, 107, 109, 110, 133 145 and 147  एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के पास प्रिवेन्टिव एक्शन लेने का अधिकार होता है और CrPc सेक्शन 129 & 130 एक मजमा के तितर बितर करने के लिए और उसके ऊपर बल प्रोयोग करने के लिए एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट का आदेश लेना बहुत जरुरी है!

  लेकिंन अगर मजमा अन कण्ट्रोल हो जाता है और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट मौके पे नहीं है तो एक पुलिस अधिकारी जो उप निरिक्षक या उससे ऊपर के रैंक का हो ओ भी मजमा को तितर वितर करने के लिए बल प्रयोग का आदेश दे सकता है लेकिंग अगर मजिस्ट्रेट मौके पर मौजूद है तो मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना मजमा के ऊपर बल प्रयोग या लाठी चार्ज नहीं किया जा सकता है. इसलिए पुलिस करवाई में मजिस्ट्रेट का बहुत इम्पोर्टेन्ट भूमिका होता है.


2. जोनल पुलिस ऑफिसर(Zonal Police Officer duty during election duty): चुनाव के दौरान एक जिला या चुनाव क्षेत्र को उसके सेंसिटिविटी को ध्यान में रख कर छोटे छोटे जोन में बाटा जाता है और उस छोटे छोटे जोन का प्राधिकार सीनियर पुलिस ऑफिसर्स को दे दी जाती है वह ऑफिसर पूरी चुनाव के दौरान उसके दिए हुए क्षेत्र में इलेक्शन रिलेटेड या ऐसे भी कोई कानून व्यवस्था की स्तिथि होती है उसमे उस क्षेत्र में नियुक्त उसके अधिनस्त पुलिस अधिकारियो और जवानों को सुपरवाइज़ करेगा और आश्यक दिशा निर्देश देगा. 

3.  सेक्टर पुलिस ऑफिसर(Sector Police Officer duty during election duty): जैसे एक जिला या चुनाव क्षेत्र को ज़ोन में बाटा जाता है वैसे ही प्रत्येक जोन को कई सेक्टर बाट दिया जाता है और उसका प्रभार एक पुलिस सब ऑफिसर रैंक के अधिकारी को दे दिया जाता है जी अपने दिए हुवे क्षेत्र में पेट्रोलिंग करता है और लॉ एंड आर्डर को सुचारू रखता है और अपने क्षेत्र में होने वाली चुनावी गतिबिधियो को अपने जोनल ऑफिसर और ऊपर के सीनियर ऑफिसर को अवगत करते रहता है. और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर लॉ एंड आर्डर बनाये रखने के लिए उचित करवाई करता है.


सशत्र बलों का मतदान केन्द्रों पर समान्य कर्तव्य(Duty of Armed force personnel at Polling station):
  • मतदाताओ को लाइन में लगवाना.
  • .मतदान केन्द्रों के अन्दर शांति बनाये रखना.
  • .मतदान कर्मियों  एवं मतपेटियो को कोई खतरा न हो ये तय करना.
  • .मतदाताओ द्वारा साफ सुथरी मतदान की व्यवस्था करना.
  • .सीलबंद मतपेटियो या बचे हुए मतपत्रो यदि को एस्कॉर्ट करना.
  • .पदाधिकारियो के साथ अन्य मतदान केन्द्रों का भरमान करना.
एक पुलिस कर्मी को मतदान ड्यूटी पे जाने से पहले की तैयारी(Pre election duty preparation by a police man.):
  • ड्यूटी पे जाने से पहले सशत्र बल के जवानों को निम्लिखित साजो –सामानों से लैस होकर पूरी तैयारी के साथ जाना चाहिए
  • लाठी डाँडो को साथ रखना.
  • स्टील हेलमेट, दंगा ड्रिल के सामान जैसे चेतवानी वाले झंडे, मेगाफोन, लाइन रोप स्त्रेचेर यदि
  • वायरलेस सेट 
  • प्राथमिक उपचार किट इत्यादि 

पदाधिकारी द्वारा चुनाव कार्य में भाग लेने जा रहे जवानों की पूरी ब्रिंफिंग की जायगी वो निम्न बातो पे होगी(Election duty related briefing):.
  • दिए हुए कार्य- जवाबदेही की पूरी जानकारी रखे .
  • सामान्य विधि व्यवस्था की स्तिथि एवं उस क्षेत्र विशेष की वर्तमान स्तिथि.
  • ड्यूटी स्थल पर जाने के समय उपद्रवियों द्वारा हमला करने पर क्या करवाई करनी है.
  • कुछ खास प्रतिकूल स्तिथियों जैसे भीड़ द्वारा पोस्ट पर हमला, चुनाव कर्मी पर आक्रमण  यदि करने पर क्या करवाई करनी है.
  • .स्थानीय पदाधिकारियों से अच्छे सम्बन्ध रखना तथा नियंत्रण कक्ष से समबन्ध रखन.
सुरक्षा सम्बन्धी उपाय(Election duty related security alertness)
जवानों को गोला बारूद एवं हथियार तथा वाहनों के लिए निम्नलिखित बातो पर ध्यान करना चाहिए.

  • संतरी हमेश जोड़े में रहे, प्रत्येक एक दुसरे पर चौकसी पूर्ण निगाह रखे
  • .गार्ड कमांडर  पूरी सावधानी रखेगा तथा समय समय पर संतरी को चेक करेगा.
  • हथियार की सुरक्षा के लिए रायफल  चेन  का व्यवहार किया जायेगा.
  • कोत में रखते समय हथियारों के चेनबद्ध एवं साफ कर  रखा जाये.
  • अजनबी तथा बहरी व्यक्तियों को कैंप क्षेत्र के पास नहीं आने दिया जाय.
  • .पिकेट से बहार जवान सामान्य स्तिथियों में नहीं जायेंगे तथा  यदि जाये तो पूरी एस्कॉर्ट के       साथ 
  • वाहनों को हमेश पोस्ट के अन्दर सुरक्षित अवस्था में रखा जायेगा तथा  पोस्ट के बहार जाते वक्त उचित         सुरक्षा व्यवस्था के साथ जय.
  • हथियार को बिना निगरानी के बेडिंग आदि में न छोड़ा जाय. 

  • चुनाव ड्यूटी में क्या करे (Police force ke jawan chunaw duty ke samay kya kya kare)
    • आम जनता में सुरक्षा तथा विश्वास का माहौल बनाना लगातार गस्त करते रहना मतदाताओ को निर्भय हो कर वोट देने में सक्षम बनाना
    •  अपने को इस प्रकार तैयार रखे की अगर आतकवादियो/उपद्रवियों द्वारा हिंसा की कोई करवाई की जाती है तो मुस्तैदी से जवाब दे सके
    • .महत्वपूर्ण व्यक्तियों तथा  उम्मीदरो की सुरक्षा पर ध्यान देना.
    • आतंकवादियों पर हमेशा छापामारी तथा आक्रमण कर उन्हें अस्थिर करना ताकि वे चुनाव के समय कोई खतरा उत्पन न कर  पाए.
    • पोलिंग बूथ पर अतिरिक्त सुरक्षा की व्यवस्था करना ताकि उपद्रवीयो द्वरा कोई गड़बड़ी न की जय सके.
    • वोट डालते समय पक्ति में लगे लोगो पे ध्यान रखना की यो किसी तरह का गड़बड़ी न कर सके.
    चुनाव ड्यूटी का उद्देश्य (Chunaw duty ka uddeshy)

    • चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद शांति व्वस्था को बनाये रखना 
    • वोटिंग के दौरान शांति व्वस्था को बनाये रखना की वोटर अपना वोट शांतिपूर्वक डाल सके 
    • मत पत्र , मतपत्र बॉक्स और मतदान से सम्बंधित समग्रिः  को एस्कॉर्ट करना 
    • मत पत्र और मत पात्र बॉक्स को पोलिंग स्टेशन को ऊपर गार्ड करना 
    • कलेक्शन और काउंटिंग सेण्टर पर मत पत्र और मत पात्र बॉक्स को गार्ड करना 
    • पोलिंग स्टेशन पर प्रेसिडिंग अधिकारी को सहायत करना और किसी तथा पोलिंग बूथ  स्टाफ को चुनाव सम्बंधित अपराध को करने से रोकने में मदद करना ! 

    इस प्रकार से चुनाव के समय पुलिस ड्यूटी के सम्बन्धित एक सक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! अगर इस पोस्ट से सम्बंधित कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बोक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक  शेयर और लाइक कर हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !


    विशेषकर आप के लिए  :
    1. फिल्डक्राफ्ट और उसके फायदे
    2. फासले का अनुमान लगाना और अनुमान लगाने का तरीका
    3. चीजे क्यों दिखाई देती है टारगेट को कैसे बयान करते है ?
    4. कामोफ्लाज और कांसिल्मेंट तथा फायर कण्ट्रोल आर्डर की जानकारी
    5. कमोफ्लाज के सिद्धांत , और कामोफ्लाज करने का तरीका
    6. कोसिल्मेंट क्या है और उसका तरतीब
    7. स्टाकिंग क्या है ? और स्टाकिंग के फायदे तथा और जाननेवाली बाते !
    8. आवाज़ तथा बेअरिंग के मेथड से फासले का अनुमान लगाने का तरीका

    04 फ़रवरी 2017

    पुलिस में इस्तेमाल होने वाले टेंट और उनके साथ आनेवाले सामान

    हमने फील्ड क्राफ्ट के पिछले पोस्ट में जमीनी निशान को व्यान करने के तरीका के बारे  में जानकारी शेयर की इस पोस्ट में हम आर्म्ड पुलिस में इस्तेमाल होने वाले बिभिन्न प्रकार के टेंट्स(Police me istemal hone wale tents) के बारे में जानकारी शेयर करेंगे !

    आर्म्ड पुलिस को भिन्न भिन्न प्रकार के ड्यूटी करनी पड़ती है  बहुत बार बहुत ही कम समय में एक जगह से दुसरे जगह ड्यूटी के लिए जाना पड़ता है ! और उस दौरान ड्यूटी भी ऐसी जगह पे होती है की जहा रहने के लिए कोई शेल्टर नहीं होता है और वैसी जगहों पे हमे टेंट की जरुरत पड़ती है !

    जरुर पढ़े: फील्ड फोर्टीफिकेसान ,उसके प्रकार और ध्यान में रखनेवाली मुख्या बाते

    फ़ोर्स के अन्दर निम्न प्रकार के टेंट का इस्तेमाल किया जाता है और उन टेंटो के नाम तथा उनके साथ आने वाले समग्रिः इस प्रकार है :

    1. स्विस कॉटेज टेंट(Swiss Cottage Tent) : यह टेंट उच्च अधिकारिओ के इस्तेमाल में लाया जाता है ! इसमें उच्च अधिकारी के इस्तेमाल लाया जाता है इसलिए इसे वी आई पी  टेंट(VIP Tent) भी कहते है !
    वी आई पी  टेंट की खूबिया(VIP Tent ki khubia) : इसमें सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराइ जा सकती है ! इसके अन्दर की तरफ घेरा होता है ! अन्दर की और से चार बड़े बड़े भागो में बात दिया जाता है जबकि बहार से एक ही दिखाई देता है ! इस में चार रूम होता है ! एक बाथ रूम और उसके अलावा बैठने के लिए भी अलग अलग स्थान होता है ! इसमें 8 दरवाजे होते है ! इनमे से सबसे बड़ा दरवाजा अन्दर और बहार जाने के काम आता है ! मुख्य कक्ष के कनातो पे तरह तरह के फुलदार चित्र बने होते है !
    वी आई पी  टेंट के साथ आनेवाले सामान (VIP Tent ke sath aanewale saman):इस टेंट को लगाने के लिए 20 x 15 गज जमीन की आवश्कता पड़ती है और टेंट लगाने के लिए निम्न सामान साथ आता है :
    Swiss Cottage Tent
    Swiss Cottage Tent
    • आउटर फ्लाई -01
    • इनर फ्लाई -01
    • स्टैंडिंग पोल -2
    • रिज पोल -1
    • दरी -1
    • चिक्क-1
    • पिकेट -60
    • कनात इनर -2
    • कनात आउटर-2 
    • लकड़ी का हथौड़ा -2
    • नोट:टेंट को लगाने के लिए 10 से 12 जवानों की जरुरत पड़ती है !
    जरुर पढ़े: लैटर बम को पहचानने का तरीका
    2.स्टोर टेंट(Store Tent) : जैसे की इसके नाम से ही बोध होता है टेंट सरकारी  सामान को स्टोर करने के लिए इस्तेमाल होता है !
    स्टोर टेंट के जरुरी सामान(Store tent ke jaruri saman) :
    Store Tent
    Store Tent
    • आउटर फ्लाई -1
    • इनर फ्लाई -1
    • स्टैंडिंग पोल -4
    • रिज पोल -3 
    • पिकेट -80 
    • नोट : इस टेंट को लगाने के लिए कुल 80 रस्से होते है जिनको बढ़ना पड़ता है और इस टेंट को लगाने के लिए 10 जवान की जरुरत पड़ती है !
    3. E.P.I.P टेंट (1 पोल वाला (EPIP Tent-1):यह टेंट आम तौरपर जवानों के रहने  के लिए होता है , इसमें 1 साथ 8 जवान चारपाई के साथ रह सकते है ! इस टेंट का वजन 360 पौंड होता है !

    E.P.I.P टेंट के जरुरी सामान(EPIP-1 tent ke jaruri saman) :
    EPIP Tent
    EPIP Tent
    • आउटर फ्लाई -1
    • इनर फ्लाई -1
    • सेण्टर पोल -1
    • कनात-4
    • पिकेट-40 
    • उप-राईट पोल -28 
    • ट्रेक हेड नेट - 1
    • लकड़ी का हथौड़ा -1 
    • इस टेंट के चारो तरफ 20 रस्से होते है और इसको लगाने के लिए 1-6 की पार्टी होती है !

    4.E.P.I.P टेंट(2 पोल ):यह टेंट भी जवानों के रहने के लिए होता है इस टेंट में भी वैसे ही आवश्यकता होती है जैसे EPIP(1 पोल) वाले टेंट में होता है : इस टेंट में एक साथ 8 जवानों की रहने की व्वस्था होती है इसमें कुल 30 रस्से होते है !
    E.P.I.P टेंट के जरुरी सामानEPIP-2 tent ke jaruri saman) :
    EPIP Tent
    EPIP-2 Tent
    • आउटर फ्लाई -1 
    • इनर फ्लाई -1
    • स्टैंडिंग पोल -2 
    • रिज पोल -1
    • पिकेट -60 
    • कनात -4 
    • उप राईट पोल -28 
    • ट्रैक हेड नट -2 
    • लकड़ी का हथौड़ा -2 
    • इस टेंट को लगाने के लिए भी 1-6 की पार्टी होती है 
    5. 180 पौंड टेंट (180 pound tent): यह टेंट जवानों के रहने के लिए लगाया जाता है इस टेंट में 8 जवान के लिए रहने की व्वस्था होती है ! इस टेंट का वजन 180 पौंड होता है इसलिए इसे 180 पौंड टेंट कहा जाता है !

    180 पौंड टेंट की समग्रिः(180 pound tent ke jaruri saman) 
    180 Pound Tent
    180 Pound Tent
    •  आउटर फ्लाई -1 
    • इनर फ्लाई -1 
    • स्टैंडिंग पोल -3 
    • रिज पोल-2पिकेट-22
    • स्क्रीन -2 
    • पिन ईरान -10
    • इस टेंट को लगाने के लिए 8 8 गज लम्बी और 6 गज चौड़ी जमीन की आवश्कता पड़ती है इस टेंट को लगाने के लिए 1-4 की पार्टी होती है !

    6. 40 पौंड टेंट(40 pound tent) :इस टेंट का इस्तेमाल बाथरूम या टॉयलेट टेंट बनाने के काम आता है है इस टेंट का वजन 40 पौंड होता है इसलिए इसे 40 पौंड टेंट कहा जाता है ! इसमें कुल 14 रस्से होते है इसको लगाने के लिए 4 गज लम्बी और 4 गज चौड़ी जमीन की जरुरत पड़ती है !
    40 पौंड टेंट के सामान (40 pound tent ke jaruri saman):
    40 Pound Tent
    40 Pound Tent
    • आउटर फ्लाई -1 
    • इनर फ्लाई -1 
    • स्टैंडिंग पोल-2
    • रिज पोल -1 
    • पिकेट-14 





    7. लैट्रिन  टेंट(latrine Tent) : यह अपने तरह का अलग अलग प्रकार का टेंट होता है जिसमे कोई पोल नहीं होता है ! इसके ऊपर 1 छत नुमा छतरी होती हैऊ ! इसको लगते समय सबसे पहले रूफ हैण्ड को खोला जाता है उसके बाद उसकी रस्सियो को चारो तरफ फैलाकर बांध दिया जाता है और कनात के उपार रिज पोल के सहारे छतरी को तान दिया जाता है इसको इस्तेमाल में लेन के लिए इसके अन्दर कमोड रखा जाता है !
    Latrine Tent
    Latrine Tent
    जरुर पढ़े: जमीनी निशान ब्यान करने का तरीका

    8. स्क्रीन टेंट(Screen tent) : यह टेंट जवानों के  इस्तेमाल  इस्तेमाल के लिए होता है यह टेंट आमतौर पर ऐसे स्थान पर लगाया जाता है जहा पर जवानों को लैट्रिन जाने के लिए सुविधा न हो ! इस टेंट का कनात ईपिआइपि टेंट के कनात से छोटे होते है !यह ऊपर से बिलकुल खुला होता है ! इसके आगे वाली कनात में दरवाजा होता है ! एक लेत्रिने से दूसरी लेट्रिन के बीच पर्दा होता है लेकिन पीछे की दिवार में कोई खिड़की या दरवाजा नहीं होता है ! यह टेंट जमींन  पर खुदी हुई लैट्रिन पर लगाया जाता है !
    जरुरी सामान(Screen tent ke jaruri saman)

    • कनात जरुरत के मुताबिक
    • पिकेट जरुरत के मुताबिक
    •  लैट्रिन सिट  जरुरत के मुताबिक 
    इस प्रकार से आर्म्ड पुलिस में इस्तेमाल होने वाली टेंट से सम्बंधित एक संक्षिप्त पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पर शेयर और पाज को लाइक करके हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !
    विशेषकर आप के लिए  :
    1. फिल्डक्राफ्ट और उसके फायदे
    2. फासले का अनुमान लगाना और अनुमान लगाने का तरीका
    3. चीजे क्यों दिखाई देती है टारगेट को कैसे बयान करते है ?
    4. कामोफ्लाज और कांसिल्मेंट तथा फायर कण्ट्रोल आर्डर की जानकारी
    5. कमोफ्लाज के सिद्धांत , और कामोफ्लाज करने का तरीका
    6. कोसिल्मेंट क्या है और उसका तरतीब
    7. स्टाकिंग क्या है ? और स्टाकिंग के फायदे तथा और जाननेवाली बाते !
    8. आवाज़ तथा बेअरिंग के मेथड से फासले का अनुमान लगाने का तरीका


    28 जनवरी 2017

    51 mm मोर्टार डिटैचमेंट का काम, बनावट और फायर कण्ट्रोल करने का तरीका

    पिछले पोस्ट में हमने 51 mm मोर्टर के हाई एक्सप्लोसिव बम की पहचान के बारे में जानकारी शेयर की इस पोस्ट में हम 51 mm मोर्टर के डिटैचमेंट का काम और मोर्टर फायर को नियंत्रण करने का तरीका(Mortar Detachment Ka kam aur mortar fire ko control karne ka tarika ) के बारे में जानकारी हासिल करेंगे !

    कारगर और सुरक्षित मोर्टार फायर करने के लिए ये जरुरी है की मोर्टार पलटन एक हर एक जवान मोर्टार को चलाने  के बारे में जानता  हो  क्यों की मोर्टार डिटैचमेंट के जवान को ये जनलेना चाहिए की इसमें किसी भी जवान का काम निश्चित नहीं होती  है इसलिए ये जरुरी होता है की मोर्टार पलटन के सभी जवानों को हरेक तरह के काम आने चाहिए और उसका समय समय पे डमी  प्रैक्टिस भी करते रहना चाहिए!

    a)  मोर्टार डिटैचमेंट की बनावट(51 mm Mortar detachment ka banawat) :
    1. स्टैण्डर्ड(51 mm Mortar detachment k standard banawat) : यह बनावट मैदानी इलाके के लिए लागु है और इस ने सिर्फ मोर्टार डिटैचमेंट कमांडर और नॉ-1 होते है ! इन दोनों के पास निम्नलिखित सामान होते है !

    • डेट कमांडर (51 mm Mortar ke detchament commander ka saman)
    1. कार्बाइन बेनट के साथ 
    2. भरा हुवा कार्बाइन मगज़ीन 
    3. 2 बम काररीएर (6 HE और 5 स्मोक)
    • मोर्टर नॉ -1 (51 mm Mortar ke Morter No-1 ka saman)
    1. 51 mm मोर्टार 
    2. 9 mm पिस्टल ब्राउनिंग 

    2. मॉडिफाइड(51 mm Mortar detachment k Modified banawat) :यह बनावट हर इलाके में लागु है ! इस बनावट में मोर्टर नॉ-2 शामिल होता है , ताकि डेट कमांडर अपने साथ ज्यादा अमुनिसन उठा सके ! स्टैण्डर्ड बनावट में जिस प्रकार डेट कमांडर और मोर्टर नॉ-1 एक के पास सामना होता है वैसे ही इस बनावट में उनके पास सेम सामान होता है बस मोर्टर नॉ-2 के पास एक्स्ट्रा सामान जुड़  जाता है !पुरे डेट के पास निम्न सामान होता है !
    • डेट कमांडर (51 mm Mortar ke detchament commander ka saman)
    1. कार्बाइन बेनट के साथ 
    2. भरा हुवा कार्बाइन मगज़ीन 
    3. 2 बम काररीएर (6 HE और 5 स्मोक)
    • मोर्टर नॉ -1 (51 mm Mortar ke Morter No-1 ka saman)
    1. 51 mm मोर्टार 
    2. 9 mm पिस्टल ब्राउनिंग 
    • मोर्टर नॉ -2 (51 mm Mortar ke Morter No-2 ka saman)
    1. राइफल 7.62 /5.56 mm 
    2. राइफल के भरे हुए मग्जिन 
    3. 2 बम काररीएर (6 HE और 6 स्मोक )
    (b). मोर्टार डिटैचमेंट का काम(51 mm Mortar Ditachment ka kam)  :
    1. डेट कमांडर का काम (51 mm Mortar Ditachment Commander ka kam) 
    •  डेट कमांडर की पहली जिम्मेवारी यह होती है की जो हुकुम उसे मिले है और फायर डालने के लिए जो काम उसे करने है उसके अनुसार मोर्टर की पोजीशन चुने ! मोर्टर पोजीशन एक या एक से ज्यादा चुने और दो पोजीशनस के दरमियान कम से कम 50 गज के फासला रखे !
    उदहारण : डेट कमांडर पहुचते ही नॉ-1 और न०-2 को ऐसी जहा ले जाये जहाँ से हु टारगेट या निशान बिंदु को अच्छी तरह से देख सके ! जवान को जोर देके समझाए ही हर एक मौके पर सावधानी बरती जाए और इस बात का खास ध्यान रखा जाय की दुश्मन तो हमे नहीं देख रहा है !
    • एक मोर्टर का पोजीशन चुनने के साथ ही डेट कमांडर दुसरे मोर्टर पोजीशन को भी चुन लेता है और उसके पास जाने  के रस्ते को भी ध्यान रखता है और अपने मोर्टर नॉ-1 और मोर्टर नॉ-2 को वह उस पोजीशन के बारे में बताता है की अगर दुश्मन हमारे पोजीशन को देख लेता है तो हमर दूसरा पोजीशन कौन सा होगा और उसके ऊपर जाने का रास्ता कौन सी होगी !
    • सब होने के बारे में डेट कमांडर फायर किये जाने वाले बम की किस्म , रेंज और कोण के बारे में हुकुम देगा ! जैसे HE लोड 40 डिग्री उच्चा कोण !
    • अगर अक्सुलिरी ऐमिंग मार्क की जरुरत हो तो डेट कमांडर उसको लगाएगा या लगवाए गा ! उसके बाद नॉ-2 को हिदायत देके डेट कमांडर खुद छिपी हुई पोजीशन में चाल जाये और वही से ओ मोर्टर का फायर डलवाए और फायर को कण्ट्रोल करे !

    2. मोर्टर नॉ-1  का काम(51 mm Mortar No-1 ka kam)  : का कम मोर्टर की देखभाल करना और फायर डालना है ! यह भी देखो की चुन्नी हुई पोजीशन के रस्ते में कोई छोटी मोटी चीज तो नहीं है अगर ऐसा है तो डेट कमांडर को उसकी सूचना दे !

    3. मोर्टर नॉ-2  का काम(51 mm Mortar No-2 ka kam)  : का पहला कम है की वह नॉ-1 को लगातार बम की सप्लाई करता रहे ! अगर इस कम के लिए उस की जरुरत नहीं है तो आब्जर्वर या मुमकिन बचाओ के कम पे तैनात किया जा सकता है !अगर फायर बहुत तेज रफ़्तार से डालना हो तो वह नॉ-1 के साथ मोर्टर को लोड करेगा ! अगर इस बात की जरुरत नहीं है तो नॉ-1 के साथ इसे नहीं रखा जाये!
    जरुर पढ़े :
    (क) 51 mm बम का फायर नियंत्रण(51 mm Mortar ke fire par control karne ka tarika):  डेट कमांडर को ऐसी जगह पे होना चाहिए जहा से ओ टारगेट को देख सके और दुश्मन से अपना छुपाव रखते  हुए मोर्टर से इतनी दुरी पे रहे की मोर्टर नॉ-1 और नॉ-2 के पास उसका आवाज़ पहुच सके ! वह फायर रुख के परे रहे लेकिन बाजु की तरफ भी इतनी दुरी पे न हो की वह फायर की हिट को अच्छी तरह से न अनुमान लगा सके !

    डेट कमांडर अपना पोजीशन ऐसी जगह बनाएगा की वह वह से फायर की हुकुम दे सके और फायर के हिट की करेक्शन करा सके ! अगर संभव हो तो वह बोम गिरने की जगह को देख कर हिट और नट हिट का करेक्शन दे . अगर बम टारगेट तक न पहुचे तो डेट कमांडर हुकुम देना चाहिए  सही रेंज बताते हुए !  
    अगर बम टारगेट के बाएँ गिरे तो अपनी गलती देख 6 डिग्री दाहिने का करेक्शन कराये और अगर बम टारगेट के दाहिने गिरे तो 6 डिग्री बाएँ का करेक्शन करेगा !
    इस प्रकार से मोर्टार डिटैचमेंट कमांडर  अपने मोर्टार डिटैचमेंट के फायर के ऊपर नियंत्रण रखते हुए मोर्टर का फायर कराएगा और टारगेट को बर्बाद करेगा ! उम्मीद है की यह पोस्ट आपको पसंद आएगा !अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पे लाइक कर के हमलोगों को प्रोतोसाहित करे !
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    1. स्मोक और इल्लू बम का चाल और बेसिक डाटा
    2. 2" मोर्टार का परिचय,और खुबिया तथा इसकी खामिया
    3. 51 mm मोर्टार छोटी छोटी बाते
    4. फायरिंग रेंज के ऊपर डिसिप्लिन
    5. AK-47 राइफल को खोलना , जोड़ना और सफाई करने का तरीका
    6. AK-47 राइफल के मगज़ीन को भरना तथा खाली करने का तरीका
    7. AK-47 राइफल के साईट लगाना और रेंज लगाने के तरीके
    8. AK-47 राइफल को भर , रेडी , फायर, मेक सेफ और खाली करने का तरीका
    9. AK-47 राइफल की चाल और पड़ने वाले रोकें तथा उसे दूर करने का तरीका

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