इस ब्लॉग पोस्ट में हम सेक्शन कमांडर के कर्तव्य सम्बंधित जानकारी प्राप्त करेंगे !
सेक्शन कमांडर
अपनी सेक्शन के जवानों के अनुशासन और व्यवस्था के लिए प्लाटून कमांडर के प्रति
उत्तरदायी है उसके काम अच्छी तरह से समझने के लिए इस पोस्ट को हमने निम्न लिखित भागो में बाँट देते है :
ट्रेनिंग देते हुए
ऑपरेशन से सम्बंधित (Operation se sambandhit)
ट्रेनिंग से सम्बंधित (Training se sambandhit)
व्यवस्था से सम्बंधित (Adm se sambandhit)
1. ऑपरेशन सम्बंधित :
सेक्शन पोस्ट/पिकेट पर कब्ज़ा रखना
ओपी में सुरक्षात्मक करवाई का रोज अभ्यास करना
इलाके और वातावरण की जानकारी रखना
आउट पोस्ट के आस पास रहने वाले लोंगो में अपराधी/बुरे आचरण वाले लोगों की
सूचि बनाना !
ओपी/जिम्मेवारी के इलाके में होने वाले तस्करी और अवैधानिक प्रवेश पर
कड़ी निगरानी रखना !
ऐसे तो एक सेक्शन कमांडर किसी भी प्लाटून का बैक बोन और सबसे ज्यादा जिम्मेवारी उसके ऊपर होती है ! एक प्लाटून के ऑपरेशन के दौरान ऊपर बताये गए कुछ कर्तव्य केवल जानकारी के लिहाज से है नहीं तो और बहुत सारी ड्यूटी एक सेक्शन कमांडर करता है ! इस प्रकार से यहाँ सेक्शन कमांडर के कर्तव्य से सम्बंधित यह पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की आप को पसंद आएगी !इस ब्लॉग कोसब्सक्राइबऔतफेसबुकपर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !
पिछले पोस्ट में हमने गुरिल्ला लड़ाई और सिविक एक्शन के बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस ब्लॉग पोस्ट के द्वारा हम जानेगे की गुरिल्ला ऑपरेशन करते समय क्या क्या अहम बाते है जिसे हमेशा ध्यान में रखना चाहिए यानि गुरिल्ला लड़ाई से सम्बंधित करो और मत करो (Do and Don't do) के बारे में हम जानेगे !
गुरिल्ला के ऊपर विजय पाने के लिए हर जवान को जमीन तथा टैक्हटिकल हाथियार , मैप यदि के साथ साथ परिचालन की सीक्रेसी, साइलेंस और सरप्राइज को ध्यान में रख कर ड्यूटी करनी चाहिए ! और जनता के भावना को ठेस पहुचाये बिना करना चाहिए !
ये रही कुछ हिदायते जिन्हें ऑपरेशन के दौरान में सभी को ध्यान में रखना चाहिए जिससे ऑपरेशन में सफलता के साथ साथ जान माल की हनी से बचा जा सकता है ! इस प्रकार से यहाँ गुरिल्ला ऑपरेशन से सम्मबंधित कुछ हिदायते से सम्बंधित यह पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की आप को पसंद आएगी !इस ब्लॉग कोसब्सक्राइबऔतफेसबुकपर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !
पिछले पोस्ट में हमने गुरिल्ला लड़ाई और सरकार की भूमिका के बारे में जानकारी प्राप्त किये और अब इस पोस्ट में हम गुरिल्ला लड़ाई और सिविक एक्शन(Gurilla ladai aur Civic Action) के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !
जैसे की आप जानते है की देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए आर्म्ड फाॅर्स को तैनात किया जाते है जो की समय समय पर अपने एरिया में अपराधी प्रवृति के लोगो के खिलाफ ऑपरेशन करते रहते है ! इस ऑपरेशन के कारण जो सीधे साधे लोग रहते है उनके मन में भी सुरक्षा बालो के बारे में कुछ भय बैठ जाता है जिसके कारण जनता आर्म्ड फाॅर्स के लोगो से दूर रहने लगती है जिससे की हमे उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने में दिक्कते आती है !
1. सिविक एक्शन प्रोग्राम क्या होता है ?(Civic Action Program Kya Hota hai): सुरक्षा बालो के तैनाती के जगह पर जरुरत मंदो को जरुरत के सामान जैसे (कम्बल,मछर्दानी, धोती, कुरता , दावा इतियादी ), स्कुल के बच्चो को स्कुल के किताबे गाँव के जवानों को कुछ खेलने के सामान यदि देकर लोगो के मन से पुलिस का भय निकलने की कोसिस करते है ताकि फ़ोर्स और आम पब्लिक में दोस्तना व्यवहार रहे और ओ एक दुसरे के अपनत्व के भाव रखे ताकि एरिया में उपस्थित असामाजिक तत्वों की गतिविधिओ के बारे में खबरे मिलती रही! इन सब करवाई को सिविलियन एक्शन प्रोग्राम कहते है !
2.गोरिल्ला लड़ाई में सिविक एक्शन प्रोग्राम का महत्व (Gorilla ladai me Civic Action Program ka mahatw): सिविक एक्शन प्रोग्राम के निम्नलिखित महत्व है :
जनता के मन से पुलिस तथा सुरक्षा बालो का भय निकलने के लिए
लोगो से बन्धुत्वापूर्ण और मित्रतापूर्ण संपर्क के लिए
जरुरतमंदो को जरुरत का सामान प्रदान करने के लिए
एरिया के लोगो को यह बताने के लिए की हम आपके लिए और आपके साथ है !
नक्शल तथा गुरिल्ला का खबर हासिल करने के लिए
लोगो में अपना पहुच बढाने तथा नक्शल और गुरिल्ला की पहुच कम करने के लिए
जनता से बाते कर के उनकी परेशानी जानने के लिए तथा उसे अपनी स्तर पर दूर करने के लिए सिविल अधिकारिओ से बात करने के लिए !
सिविक एक्शन प्रोग्राम जनता का मन तथा ह्रदय जितने का एक अच्छा जरिया है ! परन्तु कई बार देखा गया है सिविक एक्शन प्रोग्राम करके आते समय सुरक्षा बालो के ऊपर हमला हुवा है इसीलिए वापस आते समय टैक्टिकली मूव किया जाय !
इस प्रकार से यहाँ गुरिल्ला लड़ाई मनोविज्ञान से सम्बंधित यह पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की आप को पसंद आएगी !इस ब्लॉग कोसब्सक्राइबऔतफेसबुकपर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !
जैसे की हम जानते है की गुरिल्ला लड़ाई का एक अपना पुराना इतिहास है ! गुरिल्ला /नक्सलवादी का दस्ता आम जनता के साथ मिलकर जनता का ढाल बनाके सरकार के खिलाफ करवाई करते है !
जब आम जनमानस , अग्रेजो , तानाशाहों , और किसी खास वर्ग के द्वारा सताए गए है और इन्ही सभी बातो को सुन वह गुरिल्ला /नक्सलवादी के बहकावे में आ जाते है तथा सरकार के खिलाफ अपना विचार बनाने लगते है जो की गुरिल्ला /नक्सलवादी का अल्टीमेट उद्देश्य होता है ! आज भारत के कई राज्य इन गुरिल्ला /नक्सलवादी से प्रभावित है जैसे, छतीसगढ़, बिहार, तेलागना , उड़ीसा यदि ! जरुर पढ़े:विआइपी इंस्पेक्शन के दौरान व्यू पॉइंट ब्रीफिंग
इन सभी राज्यों में एक बाते कॉमन है वह है की यहाँ विकाश बहुत कम हुवा है और गरीबी बहुत है और गुरिल्ला /नक्सलवादी को पनपने के लिए ऐसा वातावरण की ही जरुरत होती है और इसका फायदा उठा कर गुरिल्ला /नक्सलवादी इन राज्यों में अपना दुकान चला रहे है !
इस पोस्ट को समझने के लिए हमने इसे निम्न भागो में बाँट दिया है :
Tribals
1. गुरिल्ला /नक्सलवादी का विशेषताए(Gurilla ki visheshtaye)
2. गुरिल्ला /नक्सलवादी उन्मूलन में सरकार की भूमिका (Gurilla ya nakshlwad unmulan me sarkar ki bhumika)
1. गुरिल्ला /नक्सलवादी का विशेषताए(Gurilla ki visheshtaye)
गुरिल्ला /नक्सलवाद की कुछ विशेषताए इस प्रकार से है :
यह लोग सरकार के नीतिओ को नहीं मानते
क्रांति में विश्वास रखते है
पूरा परिवर्तन बन्दुक के नोक पे करना चाहते है !
वह सरकार की उन सभी नीतिओ का विरोध करते है जिससे निचले वर्ग का उत्थान होता हो !
इनकी प्रमुख निति होता है गरीब और अमीर के बीच की असामनता को दूर करने की बाते करते रहना लेकिन करना कुछ नहीं !
2. गुरिल्ला /नक्सलवादी उन्मूलन में सरकार की भूमिका (Gurilla ya nakshlwad unmulan me sarkar ki bhumika)
भारत में गुरिल्ला लड़ाई अपना चरण बध्द तरीके से जारी है ! नक्सलवादी अपनी पैठ उन इलाको में बढ़ा रहे है जहा पर सरकार की पहुच नगण्य है और वहा पे सरकार नहीं , स्कूल, रोड, हॉस्पिटल यदि की व्यवस्था कर पाई है नहीं आमलोगों की बेसिक जरूरतों की सुविधा मुहैया करा पाई है !ऐसी स्तिथि का फ़ायदा उठा कर नक्सलवादी आम लोगो को सरकार के खिलाफ भड़का के अपने मुहीम में सामिल कर रहे है !
नक्सल प्रभावित इलाको में सरकार को जनता में विश्वास पैदा करना होगा और विकास कार्यो का निर्माण करना होगा ताकि आम जनता को सभी सुबिधा आसानी से मिल सके और उनका जीवन यापन ऊपर उठ सके !
इस प्रकार से यहाँ गुरिल्ला लड़ाई और सरकार की भूमिका से सम्बंधित यह पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की आप को पसंद आएगी !इस ब्लॉग कोसब्सक्राइबऔतफेसबुकपर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !
पिछले पोस्ट में हमने गुरिल्ला लड़ाई के टैक्टिस और काउंटर मेजेर्स के बारे में जानकारी प्राप्त किये और अब इस पोस्ट में हम गुरिल्ला के मनोविज्ञान (Psychology of Gurilla war)के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे
जैसे की हम जानते है गुरिल्ला की लड़ाई एक प्रोक्सी वार है जिसमे गुरिल्ला हमेशा धोखा देकर वार करना चाहता है !गुरिल्ला कभी भी आमने सामने का लड़ाई नहीं करता है बल्कि वह सुरक्षा बालो पर हमेशा सरप्राइज के साथ अटैक करता है !
गुरिल्ला हमेशा अपने संख्या और शक्ति के बारे में आफवाहे फैलता है ! जिसमे अपनी वास्तविक संख्या और शक्ति को बढ़ा चढ़ा के बताता है ! स्थानीय जनता को किसी भी तरह से अपने तरफ करना चाहता है और आर्म्ड फोर्सेज के ऊपर मनोविज्ञानिक प्रेशर बनता है !
इस लिए जरुरी है की आर्म्ड फाॅर्स के जवान गुरिल्ला के द्वारा अपनाये जाने वाले मनोविज्ञान का हथकंडे से भालीभाती परिचित होना चाहिए ताकि गुरिल्ला के हथकड़े में न फसे और उनका बखूबी समाना कर सके !
इस विषय को अच्छी तरह से समझने के लिए हमने इसे निम्न भागो में बाँट दिया है
प्रतीकात्मक
1. जनता के ऊपर किये जाने वाले मनोवैज्ञानिक हथकंडा (Psychological tactics adopted by Gurilla over general Public)
2. आर्म्ड फोर्सेज के साथ किये जाने वाले मनोवैज्ञानिक हाथ कंडे (Psychological tactics adopted by Gurilla over Armed forces)
3. मनोवैज्ञानिक हथकंडो का असर (Effect of Gurilla's psychology)
1. जनता के ऊपर किये जाने वाले मनोवैज्ञानिक हथकंडा (Psychological tactics adopted by Gurilla over general Public):
यह सभी को मालूम है की बिना आम जनता के सपोर्ट से गुरिल्ला अपने मकसद में कभी भी सफल नहीं हो सकता है इसलिए गुरिल्ला आम जनता को भरमाने तथा सरकार और आर्म्ड फोर्सेज के खिलाफ आमजनता के करने के लिए हर तरह का हथकंडा अपनाता है जैसे की जोलोग भी आर्म्ड फोर्सेज या सरकार के किसी कार्य से दुखी हो उन्हें गुरिल्ला आम जनता के सामने लाकर उनलोगों को दिखता है सरकार के खिलाफ लोगो को भडकता है !
और यह साबित करने का कोसिस करता है की सरकार और आर्म्ड फाॅर्स यहाँ के जनता के खिलाफ है ! इसके लिए किताबो तथा नुकड़ नाटक और गलत अफवाहों के सहारे सरकार के खिलाफ प्रोपोगंडा फैलता है !
और लोगो का सहानुभूति जितने के लिए सरकारी कर्मचारियो को पकड़ के आम जनता के सामने ही सजा देता है ताकि जनता समझने लगे तो गुरिल्ला ही उनका सही में रखवला है !
2. आर्म्ड फोर्सेज के साथ किये जाने वाले मनोवैज्ञानिक हाथ कंडे (Psychological tactics adopted by Gurilla over Armed forces)
गुरिल्ला कभी भी अपने ताकतवर शत्रु के साथ लड़ाई नहीं करता है और न कभी निर्णायक लड़ाई लड़ता है !जब कभी लड़ाई लड़ता है तो जगह और समय अपने फायदा के अनुसार चुनता है और कभी भी ज्यादा समय तक एक जगह पे नहीं रुकता है !
इसीलिए जब कभी भी वह सुरक्षा बालो से जीत नहीं पता है तो उसका बदला वह आम जनता से लेता है जिसमे कुछ लोगो को पुलिस के मुखबिर ब्रांड करता है और उस मुखबिर के आमजनता के सामने ही आम चौराहे पे जान से मार देता है ताकि लोगो में भय पैदा हो और कोई पुलिस को खबर न पंहुचा सके !
सुरक्षा बालो को अपने बारे में गलत खबर फैला के सुरक्षा बल के कैंप के ऊपर अटैक कर के दहसत फैला ने का कोसिस करता है !सुरक्षा बालो के खाद्य समग्रिः पहुचने के रस्ते पे अटैक करता है ! सुरक्षा बल के जवान के छुट्टी जाने वाले रास्तो पर अटैक करता है जिससे की सुरक्षा बालो के ऊपर एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा सके !
3. मनोवैज्ञानिक हथकंडो का असर (Effect of Gurilla's psychology): इन मनोवैज्ञानि हथकंडो का आर्म्ड फोर्सेज और आम जनता पर असर निम्न पड़ता है !
लगातार जगह बदलते रहने के कारण सुरक्षा बालो को गुरिल्ला को पकड़ने में दिक्कत होती है !\
लड़ाई का स्थान और समय गुरिल्ला के अनुसार होने के कारण सुरक्षा बालो को काफी नुकशान उठाना पड़ता है !
गुरिल्ला देखने , भाषा , पहनावा सब लोकल लोगो के तरह होने के कारण सुरक्षा बल पहचान नहीं पते है !
सुरक्षा बालो के मुखबिर तथा सामान के सप्लाई करने वालो को गुरिल्ला बहुत ही निर्दयिता से मारते है जिसके डर से कोई सुरक्षाबलों को साथ देने को तैयार नहीं रहता है !
आचानक कैंप अटैक और सुरक्षा बल के गाडियो पे अटैक के कारण सुरक्षा बल के जवानों में एक भय का माहौल बना रहता है !
सुरक्षा बालो को नुकशान पुचने के लिए आ ई डी का इस्तेमाल करते है जिससे की कम मेहनत से ज्यादा नुकशान होता है सुरक्षा बलों को !और अटैक करते समय लोकल जनता को भी एक मलेशिया की तरह इस्तेमाल करते है !और जनता को ह्यूमन शील्ड की तरह इस्तेमाल कर ते है !
ऐसी दुर्गम जगह जहा पे अभी तक सरकारी मचिनरी नहीं पहुची है वहा पे अपना समनांतर सरकार चलते है और लोगो को सरकर के खिलाफ भड़काते है !
गुरिल्ला के साथ मनोवैज्ञानिक लड़ाई जितने के लिए जरुरी है के आम जनता को अपने पक्ष में करना होगा और जनता जो मूलभुत जरूरतों को पूरा करना पड़ेगा ताकि आम जनता को लगे की सरकार और सरकारी महकमा उनके लिए काम कर रहे है ताकि ओ गुरिल्ला के प्रोपोगंडा में न आ सके ! गुरिल्ला की लड़ाई एक निरंतर चलने वाली ऑपरेशन है इसे एक दिन में नहीं जीता जा सकता है !
इस प्रकार से यहाँ गुरिल्ला लड़ाई मनोविज्ञान से सम्बंधित यह पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की आप को पसंद आएगी !इस ब्लॉग कोसब्सक्राइबऔतफेसबुकपर लाइक करे और हमलोगों को और अच्छा करने के लिए प्रोतोसाहित !