Grenade ke hamla se bachaw लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Grenade ke hamla se bachaw लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

04 मार्च 2017

4 मुख्य बाते नम्बर -77 ग्रेनेड के बारे में

पिछले पोस्ट मे हमने 51 mm  मोर्टार डिटैचमेंट का काम के बारे में जानकारी हासिल किये इस पोस्ट में हम नम्बर -77  ग्रेनेड के बारे में जानकारी(No-77 Grenade ki jankari) शेयर करेंगे !


इस पोस्ट को पढ़ने के बाद हम मुख्तः इन बातो की जानकारी हासिल करेंगे :
  • नम्बर -77  ग्रेनेड का इतिहास 
  • इसमें इस्तेमाल होने वाला केमिकल कौन सा है ?
  • नम्बर - 77  का इस्तेमाल क्या है ?
1 . नम्बर -77  ग्रेनेड का इतिहास(No-77 grenade ka itihas) : इस ग्रेनेड का इस्तेमाल ब्रिटिश सेना सबसे पहले  1943  में दूसरी विश्व युद्ध के दौरान किया  ! यह ग्रेनेड बहुत ही प्रभावी था एंटी-पर्सनल और इन्सेन्डरी  वेपन के तौर पे  क्यों की इसमें बहुत ही जवलन्त केमिकल "वाइट फोस्फोरस " इस्तेमाल किया जाता है !
No-77 Grenade,
No-77 Grenade, img src:millsgrenad.co.uk

2  इसमें इस्तेमाल होने वाला केमिकल कौन सा है:(No-77 grenade me istemal hone wale chemical) "वाइट फोस्फोरस " नमक रासायनिक पदार्थ जो की बहुत ही  ज्वलंतशील केमिकल उसका इस्तेमाल किया जाता है ! ये  एक छोटा सा डिबिया नुमा कंटेनर में भरा रहता है जो जैसे ही जमीन से टकराता है वैसे ही यह फैट जाता है  इसका डब्बे के चारो तरफ पेरकुसन कैप लगा रहता उससे से वाइट फोस्फोरस निकलता है जो हवा में मिलते ही जल उठता  है और काफी सारा धुंआ पैदा करती है   इसलिए इसको धुंआ स्क्रीन बनाने  तथा सिग्नल देने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है ! 

लेकिन ज्यादा दिनों तक रखने से इसका जो डिब्बा है उसमे जंग लग जाने के कारन ये बहुत ही खतरनाक हो  की अगर डिब्बा में सुराख़ हो जाये और उस सुराख़ से उस डिब्बे  हुआ केमिकल अगर लिक होने लगे तो आग भी पकड़ सकता है ! इसी के कारन ब्रिटेन में इसकी मैन्युफैक्चरिंग 1948  में ही बंद करदिया गया और ओब्सोलेट घोसित कर दिया गया ! लेकिन इसकी गुणवक्ता  करके  कनाडा में 1950 तक  इस्तेमाल किया गया !     डच आर्मी  के मैन्युअल में अभी भी इस नाम से मिलते है "C-hgr Nr77"(Chemical hand grenade No-77)"


 3 . नम्बर - 77 ग्रेनेड  का इस्तेमाल क्या है(No-77 grebnade ka use):ज्वलंतशील होने कारण  एंटी-पर्सनल इन्सेन्डरी   वेपन तथा ज्यादा धुंआ  देने के कारन   स्मोक स्क्रीन  बनाने के लिए  इस्तेमाल होता है !

4. नम्बर - 77 ग्रेनेड से सम्बंधित कुछ छोटी छोटी बाते(Quiz on chemical hand grenade No-77) :
  • नम्बर - 77 ग्रेनेड का वजन  होता है(Weight of No-77 grebnade) :-   1 /4  पौंड  या 0 . 4  ग्राम 
  • नम्बर - 77 ग्रेनेड कितने देर  धुंआ देता है(smoke time of No-77 grebnade) :- 30  सेकंड तक 
  • नम्बर - 77 ग्रेनेड में कौनसा केमिकल भर रहता है(No-77 grebnade chemical) :- वाइट फॉस्फोरस 
  • नम्बर - 77 ग्रेनेड का रंग कैसा होता है(color of No-77 grebnade) :- हरा 
  • नम्बर - 77 ग्रेनेड का  कितना (Danger area of No-77 grebnade):- 15 गज चारो तरफ 
  • नम्बर - 77 ग्रेनेड में कौनसा डेटोनेटर इस्तेमाल होता है (detonator of No-77 grebnade):- नम्बर -63 
  • नम्बर - 77 ग्रेनेड एक बॉक्स में कितना आता है :- 34  ग्रनेड 
  • इसको कैसे बर्बाद किया जाता है : राइफल से फायर करके या लंबे बास से  हिला कर 

इस प्रकार से नम्बर - 77 ग्रेनेड के बारे  संक्षिप्त   जानकारी समाप्त हुई उम्मीद है की ये पोस्ट आप सभी  पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ! इस ब्लॉग को फॉलो , सब्सक्राइब तथा फेसबुक पे पेज लाइक तथा शेयर करके हमलोगों  प्रोतोसाहित करे !
इसे भी पढ़े :
  1. स्मोक और इल्लू बम का चाल और बेसिक डाटा
  2. 2" मोर्टार का परिचय,और खुबिया तथा इसकी खामिया
  3. 51 mm मोर्टार छोटी छोटी बाते
  4. फायरिंग रेंज के ऊपर डिसिप्लिन
  5. AK-47 राइफल को खोलना , जोड़ना और सफाई करने का तरीका
  6. AK-47 राइफल के मगज़ीन को भरना तथा खाली करने का तरीका
  7. AK-47 राइफल के साईट लगाना और रेंज लगाने के तरीके
  8. AK-47 राइफल को भर , रेडी , फायर, मेक सेफ और खाली करने का तरीका
  9. AK-47 राइफल की चाल और पड़ने वाले रोकें तथा उसे दूर करने का तरीका

05 जुलाई 2016

ग्रेनेड के हमला से बचाव और ग्रेनेड फेकने का तरीका !

पिछले पोस्ट में हमने 36HE ग्रेनेड का खोलना जोड़ना के बारे में जानकारी हासिल किये इस पोस्ट में हम ग्रेनेड के हमले  से बचाव और ग्रेनेड  को हाई वायर के साथ फेकने(Grenade se bachaw aur grenade ko high wire ke sath fekne ka tarika) के बारे में जनकारी हासिल करेंगे !

ग्रेनेड फेकने के बारेमे और जानकारी  हासिल करने से पहले हम जान ले की हैण्ड ग्रेनेड को हमेशा गोलाई देके फेकना क्यों जरुरी है और हम हाई वायर को ग्रेनेड थ्रोविंग  प्रैक्टिस के दौरान क्यों इस्तेमाल करते है !


ग्रेनेड को गोलाई देके क्यों फेकना चाहिए(Grenade ko golai dekar fekna kyo jaruri hota hai) : जैसे की हम जानते है ग्रेनेड एक छोटा बम होता है और उसमे एक बम का पूरा मेकनिज्म रहता है यानि बारूद , सेफ्टी फ्यूज  और डिटोनेटर यदि ! ग्रेनेड में दो प्रकार का सेफ्टी फ्यूज लगा होता है राइफल से फेकने वाले ग्रेनेड में 7 सेकंड वाला सेफ्टी फ्यूज लगा होता है और हाथसे फेकने वाला ग्रेनेड में 4 सेकंड का सेफेटी फ्यूज लगा होता है !
Grenade Throwing
Grenade Throwing
तो हम ग्रेनेड को गोलाई देकर इस लिए फेकते है की ओ जमीन पे गिरने में थोडा ज्यादा समय ले ताकी ओ गिरते ही फट जाए नहीं तो अगर हम सीधे हाथ से फेकेगे तो ओ जल्दी से जमींन पे गिर जागेंग जिसमे संभावना  है की जिसक खिलाफ हमने फेका है ओ अगर तेज है तो ओ हमारा ही फेका हुआ ग्रेनेड को उठा कर फिर से हमारे ऊपर ही फेक देगा उससे बचने के लिए हमें ग्रेनेड को हमेशा गोलाई दे कर फेकते है  !


हाई वायर का इस्तेमाल क्यों करते है(Grenade throwing ke practice me high wire ka istemal kyo karte hai) : ग्रेनेड थ्रोविंग  प्रैक्टिस में हम हाई वायर का इस्तेमाल इसलिए करते है की हाई वायर का जो उचाई होती है उस उचाई के दुसरे साइड  हम ग्रेनेड को तभी फेक सकते है जब एक अच्छी गोलाई बना के फेंकी है नहीं तो ग्रेनेड हाई वायर के उस पर नहीं जायेगा जिससे ये पता चल जायेगा की हमारा ग्रेनेड फेकने का तरीका दरुस्त नहीं है और हमे और प्रैक्टिस की जरुरत है 

अगर हम गोलाई ले के ग्रेड फेकते है तो ग्रेनेड फेकने वाले का हाथ से छूटने और जमीन पे ग्रेनेड गिरने में तक़रीबन 2.5 से 3 सेकंड लेता है और ज़मीन पे गिरने का बाद तत्काल फट जाताहै जिसमे ऐसी कोई खतरा नहीं रहता है की  दुश्मन फेके हुए ग्रेनेड को हमारे ओर फेक सकता हो या दुश्मन को बचाव करने का समय नहीं मिलता है !

इसलिए हाई वायर को इस्तेमाल करते है ग्रेनेड फेकने में की एक जवान को ये आदत में सामिल हो जाये की ग्रेनेड को अगर फेकना हो तो ओ हमेश उचित गोलाई देके फेके !

राइफल से फेकने वाले ग्रेनेड में 7 सेकंड वाला फ्यूज क्यों लगा होता है(Rifle se fekne wale grenade me 7 second wala fuze kyo laga hota hai ) ?: जब हम ग्रेनेड को राइफल से फेकते है तो ओ एक बड़ा गोलाई लेके दूर गिरता है इसलिए उसे जमीन पे गिरने में 4 सेकंड से ज्यादा समय लगता है अगर हम 4 सेकंड का फ्यूज लगायेंगे तो ग्रेनेड हवा में ही फट जायेगा और दुश्मन को ज्यादा नुकशान नहीं हो सकता है इसलिए राइफल से फायरकरते समय 7 सेकंड का फ्यूज लगा के ग्रेनेड फेकते है !


जबकि हाथ से हम फेकते है गोलाई भी छोटी होती है और ग्रेनेड भी जल्दी गिर जाता है इसलिए हम हाथ से फेकते समय  ग्रेनेड में 4 सेकंड का फ्यूज लगा के फेकते है ! लेकिन  कभी कभी जैसे की दुश्मन अगर किसी उची जगह पे बैठा हो या पेड़ के ऊपर हो इस हालत में हमें ग्रेनेड को हवा में ही फोड़ना पड़ता है उस समय हम राइफल ग्रेनेड में भी 4 सेकंड का फ्यूज वाला ग्रेनेड फेकते है !

हाई वायर की स्पेसिफिकेशन(grenade High wire practice ka specification)  : हैण्ड ग्रेनेड को उचाई देकर फेकने का अभ्यास करने के लिए हाई वायर का इस्तेमाल करते है ! हाई वायर ज़मीन से 18 फीट ऊँची होनी चाहिए और इसमें तो नेट बंधा रहता है उसकी चौड़ाई 3 फीट होती है और नेट का नीचल सिरा ज़मीन से 15 फीट उन्चा होता है!

हाई वायर के आगे 10 गज पे एक मोर्चा बनी होना चाहिए और हाई वायर के पीछे 15 और 25 गज पर थ्रोविंग लाइन बना होना चैहिये इस लाइन के पीछे से ग्रेनेड फेकने की अभ्यास किया जाय ! इसके प्रैक्टिस के दौरान ये भी प्रैक्टिस दी जाती है की जवान ग्रेनेड फेककर सही तरह से जमीन पकड बना सके ताकि रियल टाइम में ऐसा हो तो ओ ग्रेनेड के फटने के बाद अपना सुरक्षा भी रखे !


ग्रेनेड के हमले से बचाव(Grenade ke hamle se bachaw ka tarika) :
  1.  ग्रेनेड हमाल से बचाव का बहुत कम समय होता है अगर आप में ओ तेजी है की जैसे ग्रेनेड आप के पास फेका गया और आप जानते है की इसके फटने के लिए 4 सेकंड चाहिए उस 4 सेकंड से पहले आपने ग्रेनेड को उठाके के दूर फेक दिए तो एक तरह से आप बच सकते है !
  2. दूसरा तरीका है की नजदीक का कोई आड़  हो उसके पीछे छुप सकते है तो छुप जना चाहिये जहा की ग्रेनेड का स्प्लिन्टर आप को डायरेक्ट हिट न कर सके !
  3. तीसरा तरीका है अगर आप के पास समय नहीं है की ऊपर बताये गए किसी तरीका को अपना सके तो आप जितनी जल्दी हो सके सर निचे कर के और दोनों हाथ से अपना सर छुपाये हुए ज़मीन पे लेट जाये इससे भी आप को काफी हद तक बचाव हो सकता है क्यों की ऐसा माना जाता है की ग्रेनेड का जो स्प्लिन्टर है ओ फटने की जगह से जब चलते है तो ओ करीब ज़मीन से दो से ढाई फीट ऊपर से एक कोण बनाते हुए ऊपर चले जाते है इसलिए अगर समय पे जमीन पे लेट लिया जाय तो ग्रेनेड हमला के असर से बचा जा सकता है और ग्रेनेड के स्प्लिन्टर आप के ऊपर से निकल जायेंगे  !
  4. गाड़ी के ऊपर नेट इसीलिए लगाया जाता है की कोई ग्रेनेड को गाड़ी में बैठ हुए जवान पे न फेक सके !

 उम्मीद है ये पोस्ट पसंद आया होगा अगर कोई कमेंट हो तो निचे कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे !

ग्रेनेड हमला से बचाव मूल्य 10 / रु केवल 

इसे भी पढ़े :
  1. 9 mm कार्बाइन मचिन या सब मचिन गन का इतिहास और खुबिया
  2. 9mm कार्बाइन का टेक्नीकल डाटा -II
  3. 9 mm कार्बाइन मचिन का बेसिक टेक्नीकल डाटा -I
  4. 5.56 mm INSAS LMG का बेसिक डाटा और स्पेसिफिकेशन
  5. इंसास राइफल का पार्ट्स का नाम और खोलना जोड़ना
  6. इंसास राइफल के डेलाइट टेलीस्कोपिक और पैसिव साईट का डिटेल.
  7. AKM राइफल का बेसिक टेक्नीकल डाटा
  8. 7.62mm SLR के पार्ट्स का नाम और 7.62 mm SLRराइफल का चाल
  9. AKM का चाल और उसका पार्ट्स का नाम
  10. हरकती टारगेट पर पॉइंट ऑफ़ एम सेट करना !
  11. 2" मोर्टार का पार्ट्स और टेक्निकल डाटा
  12. AK-47 और INSAS Rifle में कौन बेहतर ?
  13. 5.56 mm INSAS राइफल के मग्जिन को भरना खाली करना और रेंज लगाना

Add