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19 अगस्त 2022

एल एम् जी की एलीमेंट्री ट्रेनिंग के IWT सरल भाषा में

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने  7.62 mm LMG  की चाल और पड़ने वाली रोके आदि के बारे जानकारी प्राप्त की और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस लेसन में हम 7.62 mm एल एम् जी की एलीमेंट्री ट्रेनिंग   के IWT सरल भाषा में जानेगे(7.62 mm LMG Elementary Training IWT saral bhasha me ) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

LMG Elementary Training
LMG Elementary Training

1. शुरू-शुरू का काम -

  • (क) क्लास का गिनता और गुपा में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्रवाई

2 दोहराई- दोहराई पिछले पाठ से (एल.एम.जी. की चाल और रोकों से)।

3. पहुँच - एल.एम.जी. ग्रुप में 1 और 2 को हमेशा टीम के तौर पर काम करना चाहिए । एक्शन में

फायर से पहले नम्बर 1 एल.एमजी, मैगजीन और बैलेट का निरीक्षण कर, मेकसेफ की कार्रवाई कर लेनी चाहिए । नम्बर 2 स्पेयर मैगजीन और होलडाल का मुलाहिजा करे। ट्रेनिंग के दौरान यह कार्रवाई चेक पोस्ट या स्थान लो के आदेश पर की जाती है।

4. उद्देश्य - एक्शन में एल.एम.जी. का हैंडलिंग सिखाना है (दोहराया जाय)।

5. सामान - एल.एम.जी. मैगजीन, सिलिंग.9 एमएम सी.एम.जी. मैगजीन, यू पाउच, होल्डर, स्पेयर पार्ट

बैटेल, ड्रील काट्रिज, फिगर 11 टारगेट और ग्राउण्डशीट ।

6. भागों में बाँट -

  • भाग 1- फायरिंग पोजीशन ।
  • भाग 2- नम्बर 1 की ड्यूटी ।
  • भाग 3- नम्बर 2 की ड्यूटी ।
  • भाग 4-मैगजीन और बैरल की बदली ।

भाग 1- फायरिंग पोजीशन

भाग 1- फायरिंग पोजीशन - (बयान से नमूना दे) एल.एम.जी. को आड़ से फायर करने का तरीका
राइफल की तरह है । फिर भी चंद एक बातों को ध्यान में रखना चाहिए । सैन्ड बैग, ढलानदार जमीन, ऊँची और गोल आड़ का इस्तेमाल इस प्रकार किया जाय

  • आड को अच्छी तरह इस्तेमाल करने के लिए बाईपाट को फोल्ड करके आड़ के ऊपर रखकर इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ सकती है लेकिन बाईपाट पर एल.एम.जी से फायर किया जाय तो दुरुस्ती ज्यादा मिलती है ।
  • इजेक्शन ओपनिंग कवर आड़ से अलग हो. ढलान के ऊपर एल.एम.जी. के लेग्स को खोलकर बराबर कर लिए जायें। (नमूना लेग्स खोलकर और क्लोज कर दिखायें)। गोल आड का इस्तेमाल दाहिने से करे !

भाग 2- नम्बर 1 की ड्यूटी

नम्बर 1 की ड्यूटी-बयान से नमूना दे) 'स्थान लो के आदेश पर

  • उसी प्रकार एलएम. जी. का मुलाहिजा करो जैसे फायर की तैयारी पर किया जाता है ।
  • मेकसेफ करो और बैलेट को कंधे में डालो।
  • आड़ पकड़ो के आदेश पर एलएम.जी उठाओ,
  • दौडो लेटो
  • और मुनासिब आड़की तरफ क्राल करो।
  • आड़ के पास पहुँचने पर इलाके की तलाशी करो।
  • कमांडर द्वारा बताए हुए टारगेट को देखो।
  • एलएम.जी.माउण्ट करो
  • साइट लगाओ कॉक करो
  • और अगले आदेश का इंतजार करो।
  • फायर स्टॉप, जारी कर
  • और खाली कर की कार्रवाई पहले की तरह है ।

हरकत के लिए तैयार करना -

  • एलएम.जी को मेकसेफ करो ।
  • अगर मेकसेफ करने का मौका नहीं मिलता है.
  • तो चेंज लीवर का पोजीशन एस पर करो
  • और पहला मौका मिलते ही मेकसेफ की कार्रवाई कर लो।
  • जिस्म और एलएमजी. को आड़ के पीछे लाओ |
  • आड़ से हटकर दूसरी तरफ जाओ,
  • अगले आदेश का इंतजार करो।
  • आगे बढ़ के आदेश पर यकीन करो कि सनी मैगजीन पाउच में बंद है।
  • यकीन करो कि जिस
  • आड़ से फायर किया जा रहा था, वह ठीक हालत में है। 

भाग 3- नम्बर 2 की ड्यूटी

 नम्बर 2 की ड्यूटी:-अनुदेशक क्लास से एक जवान को लेकर नम्बर 1 का काम करवायें और खुद नम्बर2 का नमूना बयान से दें।स्थान लो के आदेश पर नम्बर २ नम्बर 1 की तरह कार्रवाई करेगा। होलडाल और यूटीलिटी पाउच का मुलाहिजा करता है और साथ में लेट जाता है । नम्बर 1 नजदीक और हमेशा बायें रहता है । नम्बर 1 की हर तरह से मदद करता है और जरूरत पड़ने पर फायर करेक्शन भी देता है। नम्बर 1 फायर कर रहा हो तो मैगजीन की बदली करता है और जरूरत पड़ने पर बैरल की बदली करता है।

भाग 4- मैगजीन और बैरल की बदली

मैगजीन और बैरल की बदली :- (नम्बर 2 की हैसियत से नमूना दो)

  • मैगजीन की बदली करने के लिए नम्बर 1 एल.एम.जी. कोकाक करता है.
  • मैगजीन उतारता है
  • और एल.एम.जी. को नीच से नम्बर 2 के बायें हाथ पर रखता है ।
  • नम्बर 2 दाहिने हाथ से दूसरी भरी हुई मैगजीन एल.एम.जी. पर चढ़ता है।

बैरल की बदली -

  • बैरल की बदली करने के लिए नम्बर 1 एल.एम.जी. को कॉक करता है,
  • मैगजीन उतारता है
  • और ओपनिंग कवर को बंद करता है ।
  • नम्बर 2 बैरल को उतारता है ।
  • होल्डर से 'एस' बैरल को निकालता है
  • और यकीन करता है कि गैस रेगुलेटर नम्बर 2 पर सेट है ।
  • साथ ही बैरल के अंदर देखता है कि बैरल खुश्क और साफ है,
  • और एल.एम.जी. पर चढ़ाता है।

अभ्यास -फौरी इलाज और रोकों को दूर करने की कार्रवाई के साथ सबक का अभ्यास लें।

इसके साथ ही 7.62 mm एल एम् जी की एलीमेंट्री ट्रेनिंग  से  सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !

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  1. Lee Enfield .303राइफल का टेक्नीकल डाटा
  2. Lee Enfield 303राइफल की खूबिय और खामिया
  3. 9 mm कार्बाइन मचिन या सब मचिन गन का इतिहास और खुबिया
  4. 9mm कार्बाइन का टेक्नीकल डाटा -II
  5. 9 mm कार्बाइन मचिन का बेसिक टेक्नीकल डाटा -I
  6. 5.56 mm INSAS LMG का बेसिक डाटा और स्पेसिफिकेशन
  7. इंसास राइफल का पार्ट्स का नाम और खोलना जोड़ना
  8. इंसास राइफल के डेलाइट टेलीस्कोपिक और पैसिव साईट का डिटेल.
  9. AKM राइफल का बेसिक टेक्नीकल डाटा
  10. 7.62mm SLR के पार्ट्स का नाम और 7.62 mm SLRराइफल का चाल

7.62 mm एल एम् जी की चाल और रोके के IWT सरल भाषा में

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने  7.62 mm LMG से शिस्त लेना और फायर करने  और साईट लगाना आदि के बारे जानकारी प्राप्त की और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस लेसन में हम 7.62 mm एल एम् जी की चाल और रोके  के IWT सरल भाषा में जानेगे(7.62 mm LMG Chal aur roke IWT saral bhasha me ) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

7.62 mm एल एम् जी
7.62 mm एल एम् जी 

1. शुरू-शुरू का काम:-

  • (क) क्लास की गिनती और ग्रुपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्रवाई
2. दोहराई :- दोहराई पिछले पाठ से (एल.एम.जी. के खोलने-जोड़ने से लिया जाय) ।

3. पहुँच :- एल.एम.जी गैस और रिटर्न स्प्रिंग की ताकत से काम करने वाला ऑटोमेटिक हथियार है ।

इसकी बनावट मजबूत होने के कारण फायरिंग के दौरान बहुत ही कम रोकें पड़ती हैं । लगातार फायरिंग के दौरान छोटे हिस्सों की टूट-फूट हो सकती है । इसलिए प्रत्येक जवान को इस काबिल होना चाहिए कि रोक को पहचान कर रोकों को दूर कर सकें ।

4. उद्देश्य :- एल.एम.जी. की चाल, पड़ने वाली रोकें और उन्हें दूर करने का तरीका सिखाना है।

(दोहराया जाय)

5. सामान :- एल.एम.जी. मैगजीन, स्पेयर पार्ट बैलेट, ड्रील कार्टिज, टारगेट, ग्राउण्डशीट और हो

सके तो चाल का डायग्राम ।

6. भागों में बाँट :-

  • भाग 1- एल.एम.जी. की चाल ।
  • भाग 2- फौरी इलाज ।
  • भाग 3- गैस की कमी की रोक।
  • भाग 4- बॉडी चेम्बर की रोक 
 भाग 1- एल.एम.जी. की चाल

एल.एम.जी. की चाल :- एल.एम.जी. की चाल सबसे पहले खुली हुई एल.एम.जी. पर बताया जाय । एल.एम.जी. की चाल हू-बहू राइफल की तरह 8 एक्शनों में पूरी होती है ।

आगे की चाल में आने वाले हिस्से-पुर्जे के नाम :- ट्रिगर, ट्रिगर सियर, रिटर्न स्प्रिंग, फीड पीस, बुलेट गाइड, चैम्बर, एक्सट्रेक्टर, पिस्टन केम, ब्रिज ब्लॉक का सोल्डर, बॉडी लॉकिंग रेसेस, पिस्टन पोस्ट और फायरिंग पिन ।

आगे की चाल :- आगे की चाल 4 एक्शनों में पूरी होती है- फीड, लोड, लॉक और फायर ।

जब जवान चेंज लीवर को 'एस' से 'आर' पर करके ट्रिगर दबाता है, तो सियर नीचे दब जाता है और पिस्टन के कटाव से अलग हो जाता है । रिटर्न स्प्रिंग अपने तनाव को पूरा करता है, जिससे पिस्टन ग्रुप आगे की हरकत करता है । इस हरकत के दौरान ब्रिज ब्लॉक का फीड पीस मैगजीन के ऊपरवाले राउण्ड को बुलेट गाइड की मदद से चेम्बर में दाखिल करता है, एक्शन फीड का होता है। इसके साथ ही ब्रिज में लगा एक्सट्रेक्टर राउण्ड के पेंदे को पकड़ लेता है। साथ ही ब्रिज ब्लॉक की आगे की हरकत पूरी हो जाती है । एक्शन लोड का होता है। पिस्टन की आगे की हरकत जारी रहती है । इस दौरान ब्रिज ब्लॉक का पिछला हिस्सा पिस्टन केम के ऊपर सवार हो जाता है. जिससे ब्रिज लॉक का लॉकिंग सोल्डर बॉडी लॉकिंग रेसेस में फंस जाता है । एक्शन लॉक का होता है । पिस्टन के आखरी हरकत के दौरान पिस्टन पोस्ट का अगला सिरा फायरिंग पिन के पिछले सिरे पर दबाव डालता है. जिससे फायरिंग पिन अपने हॉल से निकलकर चैम्बर में दाखिल राउण्ड के पेदे पर ठोकर मारता है. जिससे राउण्ड फायर हो जाता है । एक्शन फायर का होता है।

पीछे की चाल-पीछे की चाल के दौरान आनेवाले हिस्से-पुर्जे का नाम :- पिस्टन हेड. एक्सट्रेक्टर, इजेक्टर और बफर |

फायर होने के बाद गैस बुलेट को ढकेलकर आगे बैरल में ले जाता है, तो इसका कुछ भाग गैस वेन्ट से गैस रेगुलेटर में होता हुआ गैस सिलेन्डर के अन्दर आ जाता है. जो पिस्टन हेड पर दबाव डालता है, जिससे पिस्टन पीछे को हरकत करता है और रिटर्न स्प्रिंग दब जाता है । एक्सट्रेक्टर खाली खोखा को मुँह में पकड़कर पीछे लाता है. खोखा इजेक्टर से टकराकर इजेक्शन स्लॉट के रास्ते नीचे गिर जाता है । पिस्टन बफर से टकराकर रुक जाता है। यह कार्रवाई तबतक जारी रहती है, जबतक मैगजीन में राउण्ड हो और ट्रिगर पर दबाव हो ।

भाग 2- फौरी इलाज

फौरी इलाज:- (नमूना बयान से) पोजीशन. रेडी. फायर, अगर एल.एम.जी. शुरू से फायर न करे या करते-करते रुक जाय, तो फौरी इलाज की कार्रवाई इस प्रकार करें ।

  • एल.एम.जी. को कॉक करें,
  • मैगजीन कैच को दबाते हुए मैगजीन को उतारें,
  • पाउच में रखें.
  • नीचे गिरे हुए राउण्ड के पेंदे को चेक करें,
  • अगर चोट लगी हो तो भरा हुआ मैगजीन लें मुलायजा करते हुए एल.एमजी. पर चढ़ा दें ।
ध्यान रहे इस तरह एक बार एल.एम.जी. को कॉक करने और मैगजीन बदली करने से तीन प्रकार की रोक दूर कर सकते हैं

  • (क) खाली मैगजीन
  • (ख) अनफिट मैगजीन
  • (ग) मिस फायर ।
एल.एम.जी. को फायर में शामिल करें । अगर फायर होने पर चाल वाले पुर्जे पीछे न आयें तो इसे सख्त खिंचाव की रोक समझकर दूर किया जाय ।

सख्त खिचाव जो कि गंदे एम्यूनिशन या मैले चेन्चर की वजह से होता है। मैगजीन उतारते हुए कॉकिंग हैंडल को ऊपर उठायें और पीछे खींचें । अगर एलएमजी. कॉक न हो तो निलिंग पोजीशन अख्तियार करें। दाहिने घुटने को बट के पीछे रखें । एलएम.जी को सीधा करें । पुलथू की रस्सी या स्पेयर न्ट के फीते से एल.एम.जी.को कॉक करें। लाइन पोजीशन में जाएँ ।एल.एम.जी.को कंधे में ले जाएँ और फायर को जारी करें, एल.एम.जी. ठीक फायर करेगी ।

अभ्यास के दौरान आदेश दे एलएमजी. ठीक फायर करता-रुकता । कार्रवाई पूरी होने पर मुनासिब रोक दें.

अंत में हुक्म दें-एल.एम.जी ठीक फायर कारता, खाली कर ।

भाग 3- गैस की कमी की रोक

गैस की कमी की रोक:- फौरी इलाज की कार्रवाई करने के बाद भी एलएम.जी. एक-दो राउण्ड फायर करे और रुक जाय, तो यह गैस की कमी की वजह से हो सकती है । इसको दूर करने के लिए कार्रवाई इस प्रकार करें-

  • एल.एम.जी. को कॉक करें
  • मैगजीन को उतारे
  • और ट्रिगर दबाएँ
  • एल.एम.जी. को दोबारा कॉक करें
  • बट को जमीन पर नीचे लाएँ।
  • एलएमजी. के बायें पहलू के बल लेटें ।
  • बैरल नट कैच खोलें. 
  • नट कैच को कलमे वाली अंगुली और अंगूठे के बीच में रखते हुए कैरिग हैडल दोनो अँगुलियों से ग्रिप करें, 
  • अंगुठा कैरिंग हैंडल के सुराख में रखें । 
  • अंगूठे से बैरल को आगे धकेलें कि रेगुलेटर सिलेन्डर लॉकिंग बार से अलग हो जाय । 
  • गैस रेगुलेटर को कम्बीनेशन टूल की मदद से छोटे से बड़े पर सेट करें । 
  • बैरल को दोबारा लगाएँ कैरिंग हैंडल को पूरा बैठाएँ 
  • और एल.एम.जी. के पीछे आ जायें । 
  • एल. एमजी. कंधे पर ले जायें, 
  • भरा हुआ मैगजीन चढाएँ, 
  • शिस्त लें 
  • और फायर करें । 
एलएमजी. ठीक फायर करेगी। मौका मिलते ही टूल को वापस अपनी जगह रख दें।

भाग 4-बॉडी चेम्बर की रोक

बॉडी चेम्बर की रोक:- फौरी इलाज और गैस की कमी की रोक को दूर करने के बाद भी एल.एमजी. फायर न करे, तो कार्रवाई इस प्रकार करें-

  • एल.एमजी. को कॉक करें
  • मैगजीन उतारे,
  • चेंज लीवर का पोजीशन एस' पर करें,
  • एल.एम.जी को कंधे से नीचे लाएँ
  • और बॉडी के अंदर देखें,
  • दोनो हाथों से चेक करें ।
  • अगर बॉडी में रुकावट नहीं हो.
  • तो पुकारें-बॉडी क्लियर ।
  • चेम्बर का निरीक्षण करें,
  • चेम्बर में कटा केश हो तो इसे निकालने के लिए क्लियरिंग प्लग को लें.
  • बेस और सेन्टर पिन को टाइट करे,
  • दाहिने हाथ की कलमे वाली अंगुली व अंगूठा की मदद से चेम्बर में दाखिल करें ।
  • चेंज लीवर का पोजीशन 'आर या ए पर करें
  • और ट्रिगर दबाएँ।
  • एल.एम.जी. को कॉक करें,
  • यकीन करें कि कटा हुआ केश क्लियरिंग प्लग के साथ बाहर निकल गया है ।
  • बट-कंधे का मिलाप करें और मैगजीन चढाएँ,
  • एल.एमजी. को फायर में शामिल करें ।
इन रोकों के अलावा यदि राउण्ड के पेंदे पर चोट नहीं है या खाली केश पीछे नहीं आ रहा है, तो फायरिंग पीन या एक्सट्रेक्टर का टूट जाना हो सकता है । इसे सीखे हुए तरीके से बदली करें।

(क्लास को युप में अभ्यास कराएँ और लेशन के अनुसार सवाल-जवाब करे)

इसके साथ ही 7.62 mm एल एम् जी की चाल  से  सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !


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इसे भी पढ़े  :

  1. Lee Enfield .303राइफल का टेक्नीकल डाटा
  2. Lee Enfield 303राइफल की खूबिय और खामिया
  3. 9 mm कार्बाइन मचिन या सब मचिन गन का इतिहास और खुबिया
  4. 9mm कार्बाइन का टेक्नीकल डाटा -II
  5. 9 mm कार्बाइन मचिन का बेसिक टेक्नीकल डाटा -I
  6. 5.56 mm INSAS LMG का बेसिक डाटा और स्पेसिफिकेशन
  7. इंसास राइफल का पार्ट्स का नाम और खोलना जोड़ना
  8. इंसास राइफल के डेलाइट टेलीस्कोपिक और पैसिव साईट का डिटेल.
  9. AKM राइफल का बेसिक टेक्नीकल डाटा
  10. 7.62mm SLR के पार्ट्स का नाम और 7.62 mm SLRराइफल का चाल


17 अगस्त 2022

7.62 mm एल एम् जी से शिस्त लेना और फायर करना के IWT सरल भाषा

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने  7.62 mm एल एम् जी को मैगज़ीन को भरना , एल एम् जी को भरना और साईट लगाना आदि के बारे जानकारी प्राप्त की और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस लेसन में हम 7.62 mm एल एम् जी से शिस्त लेना और फायर करना   के IWT सरल भाषा में जानेगे(7.62 mm LMG se shist lena aur fire karna IWT saral bhasha me  ) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

एल एम् जी
एल एम् जी 
1. शुरू-शुरू का काम :-

  • (क) क्लास की गिनती और युपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्रवाई

2 दोहराई- दोहराई पिछले पाठ से (एल.एमजी. को भरना, खाली करना, साइट लगाना और मेकसेफ

3. पहुँच-एल.एम.जी.सेक्शन का खास हथियार है । लड़ाई में सेक्शन के किसी भी जवान को एल.एम.

जी. फायर करने का मौका मिल सकता है। इसलिए किस किस्म के टारगेट पर किस किस्म का फायर

करना है, उसे मालूम होना चाहिए. ताकि टारगेट को बर्बाद कर सके ।

4. उद्देश्य - एल.एम.जी. से फायर करने का तरीका सिखाना है।

5. सामान - एल.एमजी. मैगजीन होल्डल, स्पेयर पार्ट बैटेल, युटिलिटी पाउच ड्रील काट्रिज, टारगेट

और ग्राउण्डशीट।

6. भागों में बाँट -

  • भाग 1- पकड़ हासिल करना ।
  • भाग 2- शिस्त लेने का तरीका ।
  • भाग 3- फायर करने का तरीका ।
  • भाग 4-लिम्बर अप ।
 भाग 1- पकड़ हासिल करना 

पकड़ हासिल करना:- एल.एम.जी. से दो जवान टीम के तौर पर फायर करते हैं । एल.एमजी. में बायपॉट होने के कारण एल.एम.जी. को फायर में स्थिरता मिलती है और फायरर को बायें हाथ से आगे पकड़ने की जरूरत नहीं होती है ।

दुरुस्त पकड़ लाइन पोजीशन और रेंज का आदेश मिलने पर लाइन पोजीशन में जाएं और एल.एम. जी. को रेडी करें । कोहनियों की हरकत से पोजीशन को दुरुस्त करें छाती को कद के मुताबिक ऊपर करें ताकि टारगेट पर शिस्त लेने में आसानी हो।

पकड़ हासिल करने के लिए शरीर के अलग-अलग अंगों काम इस प्रकार है-

  • (क) कंधा- एलएमजी. के बट को जगह देता है तथा एलएम.जी को पीछे जाने से रोकता है । बट को कंधे में अच्छी प्रकार बैठाया जाय । बट का लगाव कंधे से सही नहीं हो तो एलएम.जी को पीछे नहीं खींचा जाय । बदन को हरकत देना चाहिए ।
  • (ख) बायाँ हाथ-बायाँ हाथ एलएम.जी को पीछे और नीचे जाने से रोकता है। बायें हाथ से बट को इस प्रकार पकड़ें कि चारो अंगुलियों ऊपर से, अंगूठा नीचे से तथा बायें हाथ की छोटी अँगुली का मिलाप बफर के साथ होना चाहिए। ऐसा करने से आई रिलीज ज्यादा नहीं होगा ।
  • (ग) सिर-सिर को वट के ऊपर इस प्रकार रखें कि दाहिना गाल बायें हाथ की कलमे वाली अंगुली से मिलाप करे । हड्डी का लगाव बट के साथ न हो. आँख बैकसाइट से 3 से 4 इंच पीछे हो।
  • (घ) सही पकड़ हासिल करना सही पकड़ हासिल करने के लिए गाल से बायें हाथ को वट के साथ दबाते हुए दोनों कलाइयों को अंदर की तरफ मोड़ें तथा बट को मजबूती के साथ कंधे पर जमाएँ।
भाग 2- शिस्त लेने का तरीका

शिस्त लेने का तरीका - दो जवान राइफल और एलएमजी. पर पोजीशन लें तथा अनुदेशक अंतर समझाएँ। राइफल की साइट बैरल के ऊपर होने के कारण फायरर कोई भी आँख बंद कर सकता है। राइफल में पोजीशन और पकड़ के कारण आई रिलीज कम है। राइफल का बैकसाइट अपरचर एल.एम.जी. के बनिस्बत छोटा है परंतु इसका फील्ड ऑफ यू बढ़ा है।

एल.एम.जी. का साइट बायें है तथा मैगजीन ऊपर से लगा है. इसके कारण फायर को बायीं आँख बंद करनी पड़ती है । एल.एम.जी. का आई रिलीज ज्यादा है लेकिन फील्ड ऑफ व्यू कम है । एल.एम.जी. के बट फायर के दौरान थरथराहट ज्यादा होती है, जिससे फायरर को साइट अलाइनमेन्ट की कार्रवाई पर ज्यादा ध्यान देना पड़ता है।

शिस्त का कायदा - एल.एम.जी. के शिस्त का कायदा राइफल की तरह ही है परंतु एल.एम.जी. में बायीं आँख ही बंद करनी पड़ती है. क्योंकि साइटिंग सिस्टम बायें है। आई रिलीज ज्यादा होने के कारण एल.एम.जी. का अपरचर बड़ा होते हुए भी फील्ड ऑफ ब्यू कम होता है, जिससे शिस्त लेने में आसानी होती है। बाकी शिस्त लेने का कायदा राइफल की तरह ही है ।

हटकर शिस्त लेना-हरकती टारगेट पर शिस्त लेने का तरीका राइफल की तरह ही है परंतु राइफल में ट्रिपिंग का तरीका इस्तेमाल नहीं किया जाता और एल.एम.जी. में ट्रिपिंग का तरीका इस्तेमाल किया जाता है।

  • (क) टारगेट का रेंज मालूम करें, साइट लगायें. टारगेट की चलनेवाली दिशा में कोई निशान चुनें और एल.एम.जी. को उस निशान पर करें।
  • (ख) टारगेट की रफ्तार को मध्य में रखकर POAचुनें ।
  • (ग) टारगेट और निशान के बीच में कोई निशान चुनें, निकल गये POA की दूरी पर एक मदद का निशान चुनें । जब टारगेट चुने हुए निशान के पास से निकलता है तो 6 से 8 राउण्ड का बट फायर करें । 
  • (घ) एल.एम.जी. के बायपॉट को फोल्ड करके सैंड बैग के ऊपर रखकर ट्रिपिंग का तरीका भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
भाग 3- फायर करने का तरीका
फायर करने का तरीका - एल.एम.जी से सिंगल शॉट और बट फायर करते हैं। सिंगल शॉट-लाइन पोजीशन ले. साइट पर रेंज लगायें। सिंगल शॉट फायर करने के लिए चेंज लीवर को आर पर करें और ट्रिगर का पहला दबाव लें. अब दुरुस्त साइट एलाइनमेन्ट व साइट पिक्चर हासिल होती है तो ट्रिगर को पूरा दबा दें और भार’ पुकारें यदि जरूरत हो तो शिस्त बदली करके दोबारा फायर करे। इस प्रकार एक फायर एक मिनट में एक मैगजीन फायर करता है।

स्टॉप - स्टॉप की कार्रवाई उस वक्त करते हैं. जब फायर के दौरान टारगेटवाले इलाके में अचानक जानदार वस्तु निकल आये या ट्रेनिंग के दौरान आदेश मिले। स्टॉप कार्रवाई इस प्रकार करें (नमूना से)- कलमे वाली अंगुली ट्रिगर से बाहर निकालें. एलएम.जी को कंधे से नीचे लाएँ और चेज लीवर का पोजीशन एस पर करें । यदि मैगजीन बदली करनी हो तो बदली करें । एलएमजी. को कंधे में ले जायें,

जारी कर:-इस आदेश पर एलएमजी. को कंधे पर ले जायें चेन्ज लीवर को पहले के पोजीशन में ले जाये और फायर जारी करें।

ब्रस्ट फायर:-चेन्ज लीवर का पोजीशन ए' पर करके ट्रिगर को इतना दबाओ कि दो या इससे ज्यादा राउण्ड फायर हो. इसे ब्रस्ट फायर कहते हैं । ब्रस्ट फायर कितना लम्बा करना है. यह टारगेट के रेंज तथा किस्म और फायर के काबिलियत पर निर्भर करता है 12 या 3 राउण्ड का बट फायर करने से टारगेट पर अच्छा युप बनता है, जबकि 4 या 5 राउण्ड का ब्रस्ट फायर फैलकर लगता है । हरकती टारगेट पर 6 से 8 राउण्ड ब्रस्ट सबसे अच्छा होता है। इस प्रकार ब्रस्ट फायर के दौरान फायरर एक मिनट में एक मैगजीन फायर करता है।

रैपिड फायर :- तबतक फायरर लगातार ब्रस्ट फायर करता है. जबतक टारगेट बर्बाद न हो जाय । इसे रैपिड फायर कहते हैं. परंतु तेजी में दुरुस्ती को नहीं खोया जाय । इसमें एक मिनट में चार मैगजीन फायर कर सकते हैं।

भाग 4-लिम्बर अप

लिम्बर अप :- फायरिंग से पहले जरूरी है कि लिम्बर अप की कार्रवाई कर ली जाय, फायर से पहले फायरर अपने हथियार तथा बदन को टारगेट के लिहाज से अलाइन करता है तथा पोजीशन को आरामदेह बनाता है. इस कार्रवाई को लिम्बर अप कहते हैं । लिम्बर अप करते समय फायर को टारगेट पर शिस्त लेना चाहिए । फोरसाइट पर निगाह जमाकर एल.एम.जी. को आगे-पीछे की हरकत इस प्रकार देनी चाहिए जैसा फायरिंग के दौरान होता है । पोजीशन को ठीक करने के लिए बदन को दायें-बाये की हरकत देकर दुरुस्त करें । इस कार्रवाई के बाद फायर को अपनी कोहनी के पोजीशन को नहीं बदलना चाहिए। ऐसा करने से पोजीशन खराब हो सकता है । फायर के दौरान लिम्बर अप की कार्रवाई अवश्य कर लेना चाहिए।

बयान से नमूना देने के बाद क्लास से अभ्यास और सवाल-जवाब किया जाय ।

इसके साथ ही 7.62 mm एल एम् जी की शिस्त लेना तथा फायर करने  से  सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !

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31 जुलाई 2022

7.62 mm लाइट मशीन गन को खोलना जोड़ना और सफाई के IWT सरल भाषा में

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने 7.62 mm लाइट मशीन गन के बेसिक डाटा  आदि के बारे जानकारी प्राप्त की  और अब इस इंटीग्रेटेड वेपन ट्रेनिंग के इस  लेसन में हम 7.62 mm एल एम् जी  को खोलना जोड़ना और सफाई करना  के  IWT सरल भाषा    में जानेगे(7.62 mm Light Machine Gun ka kholna jodna aur Safai ka IWT ek saral bhasha me ) ! इस पोस्ट को आसान बनानके लिए हमने इसे कांस्टेबल के बेसिक ट्रेनिंग में जिस क्रमबद्ध तरीके से सिखाया जाता है उसी क्रम में लिखेगे !

7.62 x 51 mm Light Machine Gun
7.62 x 51 mm Light Machine Gun

1. शुरू-शुरू का काम :-

  • (क) क्लास की गिनती और ग्रुपों में बाँट
  • (ख) हथियार और सामान का निरीक्षण
  • (ग) बंदोबस्ती की कार्रवाई 
2. दोहराई- दोहराई पिछले पाठ से (एलएम.जी की विशेषताओं से किया जाय) 
3. पहुँच - एल.एम.जी. एक बहुत सादा और आसान हथियार है। यह गैस और रिटर्निग स्प्रिंग की ताकत से काम करता है । इससे सिंगल राउण्ड एवं बस्ट फायर करते हैं. इसका कारगर रेंज बायपॉट पर 500 गज तथा ट्रायपॉट पर 1000 गज है । हवाई जहाज के खिलाफ इसका रेंज 2000 फीट तक है। इसकी अच्छी देखभाल के लिए समय-समय पर इसकी साफ-सफाई की जाय ।
4. उदेश्य-एलएम.जी. से वाकिफियत, खोलना, सफाई और जोड़ना सिखाना है।
5. सामान - एल.एम.जी. मैगजीन, होल्डल, स्पेयर पार्ट बैटेल, युटिलिटी पाउच, ड्रील काट्रिज।
6. भागों में बाँट -
  • भाग 1- एल.एम.जी. को खोलना और जोड़ना ।
  • भाग 2- सफाई करने का तरीका ।
भाग 1-
एल.एम.जी. को खोलना और जोड़ना

एल.एम.जी. को खोलना और जोड़ना:- एल.एमजी. की सफाई करने के लिए इसे खोलने की जरूरत पड़ती है। खोलते समय यह ध्यान रखा जाय कि छोटे पूर्जे गिर न पायें और पुजों को खोलकर तरतीबबार साफ करके साफ जगह पर रखा जाय, ताकि जोड़ते समय आसानी हो ।
एल.एम.जी. पाँच बड़े भागों में खुलती है :
  1. पिस्टन ग्रुप का खोलना (अनुदेशक बयान के साथ नमूना द)- यकीन कर लेना चाहिए कि पुर्जे आगेहैं और मैगजीन ओपनिंग कवर को खोलें । बॉडी लॉकिंग पिन को किसी नुकीली चीज या अंगूठे की मदद से बायें से दाहिने पूरा बाहर निकालें । बट को इतना पीछे करें कि रिटर्न स्प्रिंग रॉड पूरा बॉडी से बाहर निकल जाय । रिटर्न विंग रॉड को बायें या दायें करते हुए कॉकिंग हेण्डल को झटके से पीछे खीचें और वापस आगे कर दें। यदि इस तरह से पिस्टन पीछे नहीं आता है. तो इजेक्शन स्लॉट से बायें हाथ की अँगुली से पीछे करें । दाहिने हाथ से पिस्टन और बीज ब्लॉक को बाहर निकालें और बीज ब्लॉक को पिस्टन से अलग करें।            पिस्टन ग्रुप का जोड़ना:-  यकीन करें कि बीज ब्लॉक के छोटे पुर्जे ठीक जुड़े हैं और बीज ब्लॉक तथा पिस्टन के आर्सनल नम्बर मिलायें । यकीन करें की बॉडी लॉकिंग पिन पूरा बाहर है। स्टिन खिंग रॉड को एक तरफ करते हुए पिस्टन ग्रुप को बॉडी में दाखिल करें तथा यकीन करें कि बीज ब्लॉक पिस्टन पर पूरी तरह बैठ गया है । पिस्टन ग्रुप को बॉडी के अंदर करके आगे ढकेलें. बॉडी लॉकिंग पिन को लगाएँ.एल.एम.जी. को कॉक करें चेन्ज लीवर का पोजीशन 'ए या 'आर' पर करें ट्रिगर दबाएँ. यकीन करे कि । पिस्टन ग्रुप अच्छी तरह जुड़ गया है। ट्रिगर को दबाकर रखते हुए चेन्ज लीवर को एस से 'ए या 'आर' पर नहीं किया जाय । ऐसा करने से एल.एम.जी. फायर नहीं करेगी।
  2. वैरल ग्रुप को खोलना - एलएमजी. को दाहिनी तरफ टर्न करें कैरिंग हैंडल को ऊपर उठाएँ औरबैरल नट कैच को जितना हो सके उतना उठाएँ। हैंडल कैरिंग की मदद से बैरल को बॉडी से आगे तरफ करते हुए अलग करें। इस कार्रवाई में ध्यान रहे कि बीज लॉक और बैरल का पिछला सिरा डैमेजन हो पाय । गैस रेगुलेटर के चार पोजीशन हैं. प्रत्येक के लिए बायीं तरफ निशान बना है, जिसमें सबसे छोटा1 नबर तथा सबसे बड़ा 4 नम्बर है। इसी प्रकार का निशान गैस ब्लॉक के ऊपर बना है। हमे जिस नम्बर पर एल.एम.जी. को रखना है उसके निशान को गैस ब्लॉक के निशान की सीध में रखते है। आम तौर पर नम्बर दो पर रखा जाता है । गैस रेगुलेटर को खोलने के लिए रिटर्निग पिन को हाउसिंग के सीध में रखते हुए रेगुलेटर को बाहर की ओर निकालें. जिसके लिए कम्बीनेशन टूल का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे कि निकालते समय रेगुलेटर नीचे न गिरे! जोड़ना- जोड़ने के लिए खोलने के विपरीत कर्रवाई करें । रेगुलेटर को गैस ब्लॉक में दाखिल करें, रिटर्निग पिन को हाउसिंग की सीध में करें और कम्बीनेशन टूल की मदद से रेगुलेटर को नम्बर 2 पर रखें। यकीन करें कि मैगजीन का ओपनिंग कवर बंद है। बैरल नट कैच को पूरा ऊपर रखते हुए बैरल को बॉडी में दाखिल करें । बैरल नट कैच को लगाएँ, यकीन करें कि ठीक तरह से बंद हो गया है । कैरिंग हैंडल नीचे कर दे !
  3. बट ग्रुप को खोलना :- एल.एमजी. को सीधा करें, यकीन करें कि बॉडी लॉकिंग पिन खुला है। बायें हाथ से बॉडी को पकड़े और दाहिने हाथ से पिस्टन ग्रिप को पकड़हुए गाइडरब के अगलसिर स इतना पीछे करें कि बॉडी से अलग हो जाय । बट ग्रुप को जोड़ना-बायें हाथ से बॉडी को पकड़ें और दाहिने हाथ से पिस्टन शिप को पकड़ते हुएगाइड रिख के अगले सिरे को बॉडी के रेसेस में रखते हुए आगे जाने दें।
  4. बॉडी और बायपॉट गुप को खोलना:-बायें हाथ से बायपॉट और दाहिने हाथ से बॉडी को पकड़ें।बॉडी को बायीं तरफ घुमाएँ और बायपॉट स्लीब से बाहर निकालें ।                                                              जोड़ना:- जोड़ने के लिए खोलने के विपरीत कार्रवाई करें। इस प्रकार एलएमजी. पाँच बड़े भागों में खुलती है -
    • (क) पिस्टन गुप 
    • (ख) बैरल ग्रुप 
    • (ग) बट गुप 
    • (घ) बॉडी ग्रुप और 
    • (ड) बायपॉट युप । 
खोलने-जोड़ने के क्रम में हिस्सा-पूजा का नाम और काम बताया जाय।
भाग 2-
सफाई करना

हर एक एलएमजी. के साथ एक हॉलडाल होता है. जिसमें निम्नलिखित सामान होते है
  • (a) अंदर - सेयर बैरल और सिलेण्डर क्लीनिंग रॉड ।
  • (b) बाहर - स्पेयर बीच ब्लॉक, मोप दुश, वायर बुश. डबल पुलधू और टूल रिभूबिंग की।
  • (c) ऊपर :- वायल बोतल और ग्रेफाइड ग्रिस ट्यूब ।
  • (d) बीच में:- पूरा स्पेयर पार्ट्स बायेलेट ।
  • (e) नीचे - लो कोल्ड टेस्ट ऑयल की बोतल ।
सफाई (नमूना बयान के साथ):- हथियार को हमेशा ठीक हालत में रखने के लिए समय-समय पर इसकी सफाई की जाय । सफाई करने का तरीका इस प्रकार है :-
  • (क) सिंगल पुलभूमे 10x5 से0मी0 की चिन्दी लगाकर दोनो बैरलों को साफ करें ।
  • (ख) सिलेण्डर की सफाई करने के लिए क्लीनिंग रॉड और मोप ब्रश की मदद से सिलेण्डर को साफ करें।
  • (ग) सफाई हो जाने के बाद बैरल 10x3.75 से0मी0 और सिलेण्डर में 10x10 से०मी० चिन्दी पर तेल लगाकर पुलथू की मदद से तेल लगाएँ।
  • (घ) एल.एमजी. को जोड़ दें। कॉक करके यकीन करें कि सभी पूर्जे ठीक काम कर रहे हैं । ट्रिगर को प्रेस करें और मैगजीन ओपनिंग कवर और इजेक्शन ओपनिंग कवर को बंद करें।
अभ्यास - क्लास से एल.एम.जी. को खोलना-जोड़ना और सफाई करने का अभ्यास कराया जाय ।
इसके साथ ही 7.62 mm एल एम् जी को खोलना, जोड़ना तथा सफाई करने से सम्बंधित IWT का पाठ समाप्त हुवा !उम्मीद है की आपलोगों के ए पोस्ट पसंद आएगी !
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  2. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है!
  3. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते  
  4. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट 
  5. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते ! 
  6. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  7. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  8. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवा


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