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03 मार्च 2017

पुलिस फाॅर्स में सिविल ड्रेस के बारे गाइड लाइन है?

 पिछले पोस्ट मैंने ड्रिल के उद्देश्य  के बारे में जानकारी हासिल किये इसपोस्ट में हम  जानने की कोशिश करेंगे की आम जवान ऑफिस यूनिफार्म में आते है लेकिंन अफसर अधिकांशतः सिविल ड्रेस में ही ऑफिस अटेंड करते है इस सिविल ड्रेस  के बारे  गाइड लाइन(Police me civil dress pahnne ke guideline)है   ?


इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप इन सवालो का जवाब हासिल कर चुकेगे
  • ऑफिसर सिविल ड्रेस क्यों पहनते है ?(Police Officer civil dress kyo pahnte hai?
  • पुलिसमैन को यूनिफार्म में कब कब  चाहिए (Policeman ko uniform me jarur rahna chahiye ? 
  • कब यूनिफार्म के साथ हेड गियर यानि कैप लगनी चाहिए(Bina cap ka uniform kab aur kaha pahna jata hai )?
  • कब यूनिफार्म का इस्तेमाल  नहीं  चाहिए ?(Police man ko uniform kaha nahi pahan kar jana chahiye)

भारत में पुलिस फाॅर्स की ड्रिल और ड्रेस की पहनावा के बारे में  पूरी गाइड लाइन BPR&D के द्वारा ही पुलिस ड्रिल मैन्युअल के तहत जारी किया जाता है और उसी को बेस बना के भारत के सभी राज्यो की पुलिस अपने कार्य और वातावरण के अनुसार थोड़ा बहुत चेंज कर के ड्रिल और ड्रेस कोड बनाते है और अमल में लाते है !

पुलिस ड्रिल मैन्युअल के पेज नम्बर 44  के ऊपर यह बताया गया है की पुलिस के जवानों को यूनिफार्म  कब कब पहनना जरुरी होता है:

जवानों को यूनिफार्म  कब कब पहनना जरुरी होता है(Police ke jawano ka uniform me kab kab rahna chahiye):
  • जब ड्यूटी पे हो 
  • जब पुलिस के सर्विस व्हीकल में जा रहे हो 
  • जब कूरियर या एस्कॉर्ट ड्यूटी कर रहे हो!
  • जब ट्रुप्स के साथ यात्रा कर रहे हो 
  • जब सेरेमोनियल फंक्शन अटेंड कर रहे है 
  • इन सभी मौको पर अपने आर्गेनाईजेशन के प्रेसक्राइब्ड ड्रेस ही पहनना चाहिए 
यह जिम्मेवारी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस और कमांडेंट की है की वह सुनिश्चित करे के उनके अंदर काम करने वाले अफसर को छोड़ सभी जवानों के पास प्रेसक्राइब्ड यूनिफार्म है !

BPR&D के ड्रिल मैन्युअल (BPR&D Drill Manual)के पेज नम्बर  45 के ऊपर , यह साफ लिखा हुवा है की एक पुलिस अफसर सिविल यूनिफार्म कब कब पहन सकता है !

जरुर पढ़े : 2 स्टेप्स में खड़े खड़े दाहिने सलूट की करवाई की तरीके

 सिविल यूनिफार्म पहनने के लिए जो गाइड लाइन दिया है वह निम्न है (Police officer ko Civil uniform pahnne ke guideleine):
  • जब किसी खेल खुद या  recreational activities को देखने या पार्टिसिपेट करने  में जाते या आते समय एक पुलिस अधिकारी सिविल ड्रेस में हो सकता है बसर्ते के ड्रेस में आने का निर्देश न दिए गए हो !
  • दोपहर या छुट्टी के दिन   ऑफिस अटेंड करते समय 
  • और उन सभी दिनों पर जिन पे पुलिस सुपरिटेंडेंट या कमांडेंट का सहमति हो !
  • जब सरकारी या प्राइवेट गाड़ी से ड्यूटी के लिए जा रहे हो !
  • या जब किसी  गाड़ी को हायर किये हो किसी amenity purposes के लिए !
यह सभी को को सुनिश्चित करना चाहिए की जब कभी  भी पुलिस यूनिफार्म पहनते है उसके साथ हेड गियर यानि कैप जरूर पहनना चाहिए  लेकिंग 
इन जगहों पे बिना  हेड गियर या कैप  के यूनिफार्म में रहा जायेगा (uniform head gear ke bina)
  • मेस (Mess)
  • कॉन्फ्रेंस अटेंड करते वक्त(While attending conference) 
  • क्लास रूम में लेक्चर अटेंड करते समय (Attending class room lecture)
  • और मीटिंग अटेंड करते वक्त  (When  attending meeting)

इन सब काम के समय आमतौर पर यूनिफार्म नहीं पहनना चाहिए(In sab kam ke samay ek police karmi ko uniform nahi pahnana chahiye) :
  • रेजिमेंटल या ऑफिसियल फंक्शन को छोड़ कर कही भी अगर नाच गाने का आनंद ले रहे है  जैसे होटल , क्लब या दूसरा कोई भी पब्लिक प्लेस तो वह यूनिफार्म पहनकर नहीं जाना चाहिए !
  • ऑफिसियल परपज  को छोड़ कर अगर काफी शॉपिंग के लिए जा रहे है तो सामान्यतः यूनिफार्म में  जाना नहीं  चाहिए !

इस प्रकार से सिविल यूनिफार्म पहनने और कहा पहनने से सम्बंधित ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगी ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे  में लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और  फेसबुक पर लाइक तथा शेयर कर  हमलोगों को प्रोतोसाहित करे और अच्छा करने के लिए !

इन्हें भी  पढ़े :
  1.  2 स्टेप्स में खड़े खड़े बाएँ सलूट की करवाई का तरीका
  2. विशार्जन , लाइन तोड़, और स्वस्थान का ड्रिल करवाई
  3. धीरे चाल से सामने सलूट की जरुरत और करवाई
  4. 4 स्टेप्स में धीरे चल से दाहिने दाहिने सलूट की करवाई और जरुरत
  5. 4 स्टेप्स में धीरे चल से बाएँ सलूट के ड्रिल और कमांड
  6. "परेड पर(getting on parade) " जरुरत और करवाई
  7. परेड मार्च पास्ट का कमांड और मार्च पास्ट परेड करने का तरीका
  8. 7 स्टेप्स में पत्र के साथ सामने सलूट की पूरी करवाई करने का तरीका
  9. धीरे कदम ताल , थम और आगे बढ़ की ड्रिल की करवाई करने का तरीका !
  10. खड़े खड़े बाएँ स्क्वाड बना ड्रिल की कमांड और तरीका

20 मई 2016

पुलिस यूनिफार्म और उसका इतिहास

आम लोग पुलिस को कैसे पहचानते है ? इस सवाल का सीधा सा जबाब है की पुलिस यूनिफार्म से  यानि की पुलिस के पोसाक से ही पुलिस की पहचान होती है ! इसलिए इस पोस्ट में पुलिस यूनिफार्म (Police Uniform)  और पुलिस यूनिफार्म का इतिहास(History of Police Uniform) के बारे में जानकारी शेयर करेगें !

ज्यादातर लोग पुलिसमैन को उसके यूनिफार्म सेही पहचानते है ! अगर कही किसी बाज़ार या  मेला में कोई इंसिडेंट हो चाहे पुलिस  से सम्बंधित हो या ना हो सबसे पहले लोग चारो और नजर घुमाके देखते है की कोई पुलिस उन्फोर्म में दिखाई दे रहा है की नहीं यानि कोई पुलिसमैन नजदीक है या नहीं !


किसी चौराहे पे अगर ट्रैफिक लाइट है तो ड्राइवर्स सबसे पहले देखते है पुलिस यूनिफार्म में तो कोई है या नहीं अगर पुलिस यूनिफार्म  में कोई दिखाई दिया तो न कहते हुए भी ट्रैफिक सिग्नल को फ़ॉलो करता है ! कितने बड़े से बड़े बदमास हो ओ भी घबडा जाता है जब पुलिस यूनिफार्म में किसी को देखता है और कोई गुनाह करने से परहेज करता है !

अगर  किसी गाँव या स्कूल में कोई पुलिसमैन यूनिफार्म में चला जाता है तो वहा के बच्चे पुलिसमैन को सलूट मरने लगते है वह नहीं जानते है की वह आदमी कौन है बस पुलिस यूनिफार्म देखते ही उनके मन में एक भाव  आता और उस आदर भाव  के कारन पुलिसमैन जो की यूनिफार्म में है  उसे सलूट देते है !


तो क्या विशेस है पुलिस यूनिफार्म में की लोग ऐसा व्यहार करने लगते , पुलिस यूनिफार्म भी तो उसी धागे के बने होते है जिसे अव्यावहारिक होते हुवे भी पुलिस वाले  पहनते है !

उस यूनिफार्म में विशेस यह है    एक  पुलिसमैन अगर  यूनिफार्म में है तो   लोग  के अन्दर एक सुरक्षा का विश्वाश महसूस होता है ,उसको उस नजर से देखते है ,की ये आदमी जो की सभी सोते है तो  जगता है, वो  चाहे बारिश हो, गर्मी हो , ठंढ  हो रात हो या दोपहर की धुप फिरभी ईमानदारी से  ये हमारी  किसी भी मुश्किल में  मदद करता या करने को मौजूद रहता है और  गुनाहगारो से हमे बचाता है और गुनहगारो को सजा दिलाता है !


  ये सब कार्य और मदद देख कर लोगो के मन में पुलिस यूनिफार्म के बारे में इतना आदर है  यानि हम दुसरे शब्दों में ये कह सकते है की जो लोगो के मन में पुलिस यूनिफार्म के बारे में इतना आदर और गुनहगारो के मन में इतना भय है उसे पुलिस के सैकड़ो बरसो का कठिन मेहनत और तपश्या का फलस्वरूप है !

अनुसंधान से ये पता चला की अच्छी पोसाक जन मानस पे एक बहुत ही पावरफुल प्रभाव  छोड़ता है!  वह पुलिस यूनिफार्म पे भी लागु होता है अगर एक पुलिस अधिकरी अगर अच्छे तरह से आपने आप को ड्रेस अप किया है तो आम पब्लिक में उसकी छवि एक पॉवर और अथॉरिटी की जाती है! लोगो उसके ऊपर ज्यादा आदर और विशवास जताते है !


मै अपनी रियल लाइफ में ड्यूटी के दौरान बहुत बार देखा है की अगर एक ऑफिसर  अच्छे तरह से ड्रेस्ड अप नहीं है और एक कांस्टेबल बहुत ही अच्छी तरह से अपने आप को ड्रेस्ड अप किया है ! उस दौरान कोई अनजान सिविलियन आ जाये तो सबसे पहले उस कांस्टेबल  की और जाता है जो की अच्छी तरह से अपने आप को ड्रेस्ड उप किया है न की उस ऑफिसर की तरफ! इससे यही जाहिर होता है की अच्छी तरह से ड्रेस पहने का प्रभाव दुसरे पे बहुत पड़ता है !

पुलिस यूनिफार्म के फायदे(Police Uniform ke fayde) :  ऐसे तो किसी  भी आर्गेनाईजेशन  ड्रेस  तय करते समय उसका नेचर ऑफ़ ड्यूटी को ध्यान में रखते है लेकिंन  पुलिस का एक यूनिफार्म का होने से सबसे बड़ा फायदा ये है की  आम लोग पुलिस को आसानी से पहचान ले और  कोई सहायता चाहिए तो आसानी से पुलिस को पहचान उसके पास जाते है  और अपराधी पुलिसमैन को यूनिफार्म में देख कर कोई अपराध करने से हिचकता है  ! यानि यूनिफार्म एक स्पेशल पहचान देती है पुलिस को !


पुलिस यूनिफार्म का इतिहास(Police Uniform ke itihas) : BPR&D ड्रिल मैन्युअल के अनुसार,  1829 में पहली आधुनिक पुलिस जो की लन्दन मेट्रोपोलिटन पुलिस थी उसने अपना एक यूनिफार्म बनाया  जो की डार्क ब्लू रंग का था और  जो की पैरामिलिटरी स्टाइल यूनिफार्म था ! लन्दन मेट्रोपोलिटन पुलिस ब्लू रंग इसलिए चुने क्यों की ब्रिटिश आर्मी लाल और सफ़ेद यूनिफार्म पाहती थी इसलिए पुलिस को आर्मी से अलग दिखना चाहिए !
ब्लू ड्रेस ऑफ़ न्यू यॉर्क पुलिस
सोर्स ऑफ़ इमेज- विकिपीडिया
उसके बाद पहला  अधिकारिक पुलिस फ़ोर्स जो अमेरिका में स्थापित हुवा ओ सन 1845 न्यू यॉर्क में हुआ उससे पहले वहा वालंटियर  पोलिसिंग करते थे ! और लन्दन  पुलिस के ड्रेस को ध्यान में रखते हुए न्यू यॉर्क पुलिस ने भी 1953 में एक अपना  ड्रेस बनाया  जो डार्क ब्लू कलर का था और इस को देखा देखि अमेरिका का और राज्य थे उन्होंने ने भी एक एक कर पुलिस ड्रेस अपनाते गए !
भारतीय पुलिस का ड्रेस खाकी कैसे हुई(Bhartiy Police ka dress khaki kaise hua?): खाकी एक रंग है जो हलकी पिला और भूरा रंग का मिश्रण है ! खाकी एक हिंदी शाद है जिसका अर्थ होता है मिटटी  का रंग ! खाकी रंग विश्व के बहुत से देशो के आर्मी  इस्तेमाल करती है!
खाकी यूनिफार्म
खाकी यूनिफार्म  सोर्स ऑफ़ इमेज - विकिपीडिया 
 विकिपीडिया के अनुसार खाकी सबसे पहले sir Henry Lawrence जो लाहौर के रहने वाले थे और नार्थ वेस्ट फ्रंटियर के गवर्नर का एजेंट थे उनके द्वारा खड़ा किया गया फ़ोर्स " Corps of Guides" ने दिसम्बर 1946 में की ! sir Harry Lumsden को कमांडेंट और William Stephen Raikes Hodson को सेकंड ऑफ़ कमांड बना गया "Corps of Guides" और खड़ा करने का जिम्मेवारी दी गयी ! शुरुवात में  Corps of Guides के जवान थे ओ अपने लोकल  ड्रेस में ही ड्यूटी करते थे लेकिंग 1847 में एक कोशिश की गयी की सबका यूनिफार्म एक तरह का हो ! त्तोप्रांत  sir Harry Lumsden  और  William Stephen Raikes Hodson ने खाकी यूनिफार्म को Corps of Guides में अपनाया जो की उस समय ब्रिटेन से मगाया जाता था  !  उसके बाद  खाकी ड्रेस की सप्लाई ब्रिटेन से कम हो गयी तो भारतीय जवान थे ओ इम्प्रोवाइज्ड करके ड्रेस को मिटटी , चाय या  फाब्रिक कलर से डाईंग करके खाकी रंग देने लगे ! उसके बाद सभी आर्मी के रेजिमेंट और पुलिस खाकी यूनिफार्म को को अपन लिया अंग्रेज चले गए लेकिंग हम उनके द्वारा दिए गेर खाकी ड्रेस को अभी भी इस्तेमाल करते है 

जब की कुछ लोगो का और ही मत है खाकी यूनिफार्म के बारे में :

 इसके बारे में ऐसा विश्वास है की जब ब्रिटिश हुकूमत का राज्य था उस समय ब्रिटिश सैनिक अपना ब्रिटिश यूनिफार्म  पहनते थे और ब्रिटेन से यूनिफार्म आपूर्ति बंद तो   अठारहवी शताब्दी के मध्य  जो ब्रिटिश सैनिक थे ओ अपने यूनिफार्म को  डाईंग  करने लगे मिटटी वालीपानी से , चाय पत्ती के पानी या कॉटन फैब्रिक कलर से ! डाईंग करने के बाद ड्रेस खाक कलर के हो गए , खाक का हिंदी में अर्थ होता है गद्दी मिटटी रंग  ! इसी खाक रंग से ही खाकी रंग  हुवा और  सन 1847 में sir Harry Lumsden, ने अधिकारी तौर पे खाकी यूनिफार्म को अपनाया और उसी समय  से भारतीय पुलिस  में खाकी ड्रेस चला आ रहा है  !


ऐसे अभी भी बहुत से भारतीय प्रदेशो में पुलिस का ड्यूटी का ड्रेस अलग अलग है लेकिन फिर भी मुख्य ड्रेस अभी भी भारतीय पुलिस और आर्म्ड फोर्सेज का खाकी है जो की अंग्रेजो के ज़माने से है !

इस प्रकार से खाक से खाकी बना पुलिस का ड्रेस और उसका इतिहास जो की अंग्रेज के ज़माने से है !

download pdf version of  Police Uniform and its History

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