Silva Compass model-54 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Silva Compass model-54 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

29 जुलाई 2018

सिल्वा कंपास को सेट करने का तरीका क्या होता है ?

पिछले पोस्ट में हमने सिल्वा कंपास क्या होता है और उसके हिस्से पुरजो के नाम के(Silva compass ke hisse purje)  बारे में जानकारी प्राप्त की और अब इस पोस्ट में हम ये जानेगे की सिल्वा कंपास का इस्तेमाल(silva Compass ka use) क्या होता है और उसे सेट कैसे किया जाता है !


जैसे की हम जानते है की काफी समय से सशस्त्र फाॅर्स के जवान जब एक स्थान से दुसरे स्थान पर जाने के लिए मैप रीडिंग के अभ्यासों के लिए सर्विस प्रिस्माटिक कंपास(Service Prismatic Compass) इस्तेमाल होता है लेकिन आज के आधुनिक युग के स्वीडन कंपनी ने सशस्त्र सेना के जवानों के जरुरत को ध्यान में रखते हुए हल्का व आधुनिक सिल्वा कंपास मॉडल -54 बनाया !
जरुर पढ़े:नाईट मार्च में नेविगेशन पार्टी का काम और सामान

इस पोस्ट को पढने के बाद आप निम्न बाते सिल्वा कंपास के बारे में जान  पाएंगे :
1.सिल्वा कंपास का इस्तेमाल क्या होता है ?(Silva compass ka use kya hota hai)
2.सिल्वा कंपास को सेट कैसे किया जाता है ?(Silva compass ke set kaise karte hai )
3. सिल्वा कंपास से मार्च कैसे करते है?(Silva compass se march kaise karte hai)
4. सिल्वा कंपास से अपनी  पोजीशन मैप के ऊपर कैसे फाइंड करते है ?(Silva compass se own position maip pe kaise find karte hai )
5. सिल्वा कंपास के फायदे क्या क्या है ?(Silva compass ke fayde kya kya hai?)
6. सिल्वा कंपास में कमिया क्या क्या है ? (Silva compass me kamiya kya kya hai?)

जरुर पढ़े:नाईट मार्च चार्ट कैसे बनाते है और उसकी तैयारिया

1.सिल्वा कंपास का इस्तेमाल क्या होता है ?(Silva compass ka use kya hota hai):सिल्वा कंपास का इस्तेमाल निम्न कामो के लिए होता है :
(a) जमीनी निशान की डिग्री पढना(Silva compass se jameeni nishan padhna) : सिल्वा कंपास से हम जमीनी निशान की डिग्री इस प्रकार से पढ़ सकते है :
  • जिसकी मास्टर आँख दाहिनी है ओ कंपास को दाहिने हाथ से इस प्रकार पकडे की बेस पलट पूरी दाहिने हो !
  • और जिसकी मास्टर आँख बाई है ओ बाए हाथ में इस प्रकार से पकडे की बेस प्लेट पूरी बाये हो 
  • उसके बाद कंपास हाउसिंग को इतना दाहिने या बाए घुमाये की कंपास हाउसिंग पर लिख (E) अपनी तरफ आ जाये !
  • अब बेस प्लेट /कंपास को जमीन के सामानांतर रखते हुए जिस जमीनी निशान की डिग्री पढनी हो उसकी तरफ मुह करके खड़े हो जाये ताकि डायल घूम कर अपनी जगह पर रुक जाये !
  • कंपास को मास्टर आँख के नजदीक लाये !और दूसरी आँख को बंद कर मास्टर आँख से लेंस के द्वारा देखे साईंटिंग लाइन (काली खाड़ी लाइन ) दिखाई देंगी !
  • साईंटिंग लाइन को निशान से मिलाये! साईंटिंग लाइन के सामने डिग्रिया आयेंगे (जो घडी के सुलटे रूख में बढ़ रहे होंगे )जो निचे खड़े अक्षरों में उस निशान का फॉरवर्ड बेअरिंग व ऊपर छोटे अक्षरों में उस निशान का बैक बेअरिंग होगा !

(b) मैप पर एक निशान से दुसरे निशान की डिग्री पढना(Silva compass se ek nishan se dusre nishan ki bearing padhna) :सिल्वा कंपास से एक निशान से दुसरे निशान की बेअरिंग इस प्रकार से पढ़ते है :
  • मैप पर जिन निशानों की बेअरिंग पढनी है उन्हें स्केल के द्वारा एक सीधी लाइन से मिलाये !
  • फिर कंपास को मैप के ऊपर इस प्रकार रखे की एड लाइन खिंची गई लाइन के ऊपर व बेस प्लेट आगे की तरफ हो 
  • अब बेस पलट को बिना हिलाए कंपास हाउसिंग को इतना दाये या बाए करे की कंपास हाउसिंग पर लिखा (N) मैप के शीर्ष की तरफ आ जाये !
  • यकीन करे की कंपास हाउसिंग की नार्थ - साउथ (लाल व काली  ) लाइन मैप की इस्टिंग लाइन्स के सामानांतर हो 
  • अभी इंडेक्स लाइन पर जितनी  डिग्री का निशान है वही उस निशान का फॉरवर्ड बेअरिंग है !
2.सिल्वा कंपास को सेट कैसे किया जाता है ?(Silva compass ke set kaise karte hai ):सिल्वा कंपास को सेट करना बहुत ही आसन है ! इसके कंपास हाउसिंग पर ग्रेडयुल स्केल कटी हुई है ! जिस पर N, S, E, W लैटर लिखे है ! जो नार्थ साउथ , ईस्ट और वेस्ट को दर्शाते है !बाकी डिग्रिया 20-20 डिग्री के अंतर से लिखी रहती है ! 

20 के बिच में 10 डिग्री को जाहिर करने के लिए थोड़ी बड़ी लाइन व एक कटव से दूसरी कटाव 2 डिग्री को जाहिर करता है !दी गई डिग्री का निशान इंडेक्स लाइन पर लाये ! अभी कंपास दी गई डिग्री पर पूरी तरह से सेट है !

3. सिल्वा कंपास से मार्च कैसे करते है?(Silva compass se march kaise karte hai):सिल्वा कंपास से मार्च इस प्रकार से करते है :
  • ऊपर बताये तरीके से कंपास सेट करने के बाद कंपास को हथेली पर जमीन के सम्नानातर रखे !
  • हथेली पर रखने के बाद इतना दाये व  बाए घुमे की कार्ड पर लिखा (N) कंपास हाउसिंग में बने नार्थ एरो के ठीक ऊपर आ जाये !
  • अब बेस प्लेट पर बना ट्रेवलिंग एरो जिधर इशारा करे उधर ही मार्च करे !
  • ध्यान रखे की मार्च करते समय दोनों एरो ऊपर निचे न हो !
4. सिल्वा कंपास से अपनी  पोजीशन मैप के ऊपर कैसे फाइंड करते है ?(Silva compass se own position maip pe kaise find karte hai ):सिल्वा कंपास के मदद से मैप के ऊपर अपनी जगह ऐसे मालूम करते है :
  • पहले दो या तीन ऐसे निशान चुने जो मैप व जमीन दोनों पर हो !
  • कंपास से जमीनी निशानों डिग्री पढ़े ! यह मैग्नेटिक बेअरिंग होगा !
  • उस मैग्नेटिक बेअरिंग को मैप पर दी गई सुचना के आधार  पर ग्रिड बेअरिंग में बदले !
  • उस प्राप्त ग्रिड बेअरिंग को बैक  बेअरिंग में बदली करे 
  • और सिल्वा कंपास को उस बैक  बेअरिंग पर सेट करे !
  • अब एड लाइन को मैप पर उस निशान के कन्वेंशनल साईंन  पर रखते हुए कंपास को इतना दाहिने बाए घुमाये की कंपास हाउसिंग के बाटम पर बनी नार्थ साउथ लाइन्स मैप की इस्टिंग लाइन्स के समानान्तर आ जाये !
  • कंपास को हटाये तथा कन्वेंशनल साईंन को एक सीधी रेखा से मिलाये !
  • दुसरे निशान  से भी येही करवाई करे !
  • इस प्रकार दोनों रेखाए  आपस में जिस स्थान पर कटती है !
  • मैप पर उसी स्थान पर हमारी अपनी पोजीशन होगी !

5. सिल्वा कंपास के फायदे क्या क्या है ?(Silva compass ke fayde kya kya hai?):सिल्वा कंपास के फायदे इस प्रकार :
  • सिल्वा सिस्टम इस्तेमाल में आसन है !
  • बीटा लाइन इलुमिनेसन के साथ उपलब्ध है !
  • छोटे छोटे पुर्जे नहीं होने के कारण गुम व रिपेयरिंग की आवश्यकता नहीं पड़ती है !
  • इस सर्विस प्रोटेक्टर के तरह इस्तेमाल कर सकते है और 10 सेमी  लम्बी लाइन खीच सकते है !
  • लिक्विड नहीं होने के कारण बबल नहीं बनता है !
  • मैग्निफाई ग्लास होने से मैप के छोटी छोटी डिटेल्स भी आसानी से देख सकते है !
  • बेस प्लेट पर चार रोमर बने होने के कारण इन स्केल के मैप पर काम करते समय रोमर बनने की जरुरत नहीं पड़ती है !
  • बेस प्लेट पर रोमर बने होने की वजह से मैप पर 6 और 8 फिगर ग्रिड रिफरेन्स मालूम करना आसन हो जाता है !
  • लिक्विड मार्क -3 की बनस्पत अकुरेसी ज्यादा है !
  • यह हल्का है !

 6. सिल्वा कंपास में कमिया क्या क्या है ? (Silva compass me kamiya kya kya hai?): सिल्वा कंपास में निम्लिखित कमिया है :
  • प्लाटिक के बना होने के कारण टूटने के संभावना ज्यादा होता है !
  • बेस प्लेट बड़ा होने के कारण कैरी करना थोडा मुस्कील  होता है !
  • टूटने पर रिपेयर नहीं होसकता है !
  • हिफाजत से रखने की ज्यादा जरुरत पड़ती है !
इस प्रकार से  सिल्वा कंपास को सेट करने का तरीका और सिल्वा कंपास से अपनी पोजीशन ज्ञात करने से समबन्धित पोस्ट समाप्त हुई !उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे  और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज  लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !

इन्हें  भी  पढ़े :
  1. मैप रीडिंग में दिशाओ के प्रकार और उत्तर दिशा का महत्व
  2. दिन के समय उत्तर दिशा मालूम करने का तरीका
  3. कन्वेंशनल सिग्न ,कन्वेंशनल सिग्न के प्रकार , कन्वेंशनल सिग्न बनाने का तरीका
  4. रात के समय उत्तर मालूम करने का तरीका
  5. सर्विस प्रोटेक्टर का परिभाषा और सर्विस प्रोटेक्टर का प्रकार
  6. सर्विस प्रोटेक्टर का उपयोग और सर्विस प्रोटेक्टर से बेक बेअरिंग पढने का तरीका
  7. 13 तरीके मैप सेट करने का !
  8. 5 तरीका मैप पे ऊपर खुद का पोजीशन को पता करने का
  9. 5 तरीको से मैप टू ग्राउंड और ग्राउंड टू माप जाने
  10. मैप रीडिंग के उद्देश्य तथा मैप रीडिंग के महत्व

28 जुलाई 2018

सिल्वा कंपास क्या होता है और उसके पार्ट्स के नाम और काम ?

पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने फील्ड स्केच के बारे  में जानकारी प्राप्त किया और इस पोस्ट में हम जानकारी सिल्वा कंपास मॉडल-54 (Silva Compass Model-54)के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे !


जैसे की हम जानते है की काफी समय से सशस्त्र फाॅर्स के जवान जब एक स्थान से दुसरे स्थान पर जाने के लिए मैप रीडिंग के अभ्यासों के लिए सर्विस प्रिस्माटिक कंपास(Service Prismatic Compass) इस्तेमाल होता है लेकिन आज के आधुनिक युग के स्वीडन कंपनी ने सशस्त्र सेना के जवानों के जरुरत को ध्यान में रखते हुए हल्का व आधुनिक सिल्वा कंपास मॉडल -54 बनाया !

इस ब्लॉग को सब्सक्राइब ऐसे कर सकते है 

इस ब्लॉग पोस्ट को आगे पढने से पहले मै अपने पाठको से यह अनुरोध करूँगा की अगर आप ने मेरा ब्लॉग सब्सक्राइब और फॉलो नहीं किये हो तो उसे सब्सक्राइब और फॉलो करले वह बहुत ही आसान है और मेरे इस पोस्ट को लाइक और शेयर करे !

जरुर पढ़े:दिन के समय उत्तर दिशा मालूम करने का तरीका


इस ब्लॉग पोस्ट को पढने के बाद इन विषयों के बारे में जान पायेगे :
Silva Compass model-54 ke parts ka name
Silva Compass model-54
1. सिल्वा कंपास मॉडल -54 क्या है ?(Silva Compass model-54 kya hai)
2. सिल्वा कंपास के हिस्से के नाम व काम क्या है ?(Silva compass ke hisse ke name aur uska kam)

1. सिल्वा कंपास मॉडल -54 क्या है ?(Silva Compass model-54 kya hai): यह आयातकर बेस प्लेट  पर सेट किया हुवा गोल डिबिया के आकर का प्लास्टिक से बना ऐसा यंत्र है जिसके सहायता से मैप और जमीन पर बेअरिंग पढ़ सकते है व बेअरिंग की लाइन खीच सकते है ! यह स्वीडन का बना हुवा है !

2. सिल्वा कंपास के हिस्से के नाम व काम क्या है ?(Silva compass ke hisse ke name aur uska kam): सिल्वा कंपास के हिस्सों  को हम  दो भाग में बाँट सकते है जो निम्न है ;

जरुर पढ़े:कन्वेंशनल सिग्न ,कन्वेंशनल सिग्न के प्रकार , कन्वेंशनल सिग्न बनाने का तरीका


(a) बेस प्लेट(Base Plate) : कंपास इसके ऊपर सेट किया गया है ! डिग्रिय पढ़ते समय व मैप पर काम करते समय बेस प्लेट को जमीन के सामानांतर रखा जाता है ! बेस प्लेट प्लेट पर निम्न जानकारी होती है :

  • रोमर(Romar) : 1/25000, 1/50000, व 1/63360 की स्केल के रोमर बने होते है ! जिसकी सहायता से इन स्केल के मैपो पर 4,6,व 8 फिगर जी आर(G.R.) मालूम कर सकते है !
  • मैगनिफाई गिलास(Magnify Glass) : ये ट्रेवलिंग एरो के पीछे होता है , इसकी सहायता से मैप की छोटी डिटेल्स को आसानी से देख सकते है !
  • स्केल(Scale) : इसके एक साइड में 100 mm व दूसरी तरफ 2 इंच दुरी की स्केल बनी होती है !
  • ट्रेवलिंग एरो(Taveling arrow) : कंपास सेट करने के बाद ट्रेवलिंग एरो जिधर इशारा करेगा उसी दिशा में मार्च करते है ! यह मैगनिफाई गिलास के ऊपर होता है !
  • सिल्कोन ग्रिप फिट(Silicon grip fit) : ये बेस प्लेट के निचे लगे हुए होते है ! ये कंपास को निचे के सतह पर स्लिप होने से बचाता है !
  • लुमिनस स्ट्रिप(Luminus strip) : ये ट्रेवलिंग एरो के आगे लगी होती है रात को मार्च करते समय चमकती है !
(b) कंपास हाउसिंग(Compass Housing) : कंपास हाउसिंग बेस प्लेट के ऊपर सेट किया हुवा है जो चारो तरफ घुमाया जा सकता है ! इसके ऊपर व निचे निम्नलिखित जानकारी दिया होता है :

  • ग्रेडयुसन स्केल(Gradution scale) : टरनेबल कंपास हाउसिंग के ऊपर  चार बड़ी दिशाए जो N, S, E, W लिखी हुई है ! जो 360, 180, 90 व 270 डिग्री  जाहिर करती है !बाकि 20-20 डिग्रियों के निशान व अंक लिखे होते है !10 की डिग्री जाहिर करने के लिए दोनों अंको के बिच एक लम्बी लाइन दर्शया गया होता है !एक बड़े अंक से लेकर एक बड़ी लाइन के बिच पांच भाग किये गए होते है !जो एक भाग दो डिग्री को दर्शाता है !इन्ही के सहायता से मैप पर डिग्रिया  पढ़ते है तथा एक स्थान से दुसरे स्थान तक मार्च करने के लिए डिग्री सेट करते है !
  • लेंस(Lense) : यह रोटेटिंग हाउसिंग के ऊपर कैप्सूल के साइड में होता है इसकी सहायता से ऑप्टिकल साईट सिस्टम से किसी भी जमीनी निशान की फॉरवर्ड और बेक बेअरिंग एक साथ पढ़ सकते है !
  • साईटिंग लाइन(Sighting line) : यह हाउसिंग के क्पसुल के साइड में तथा लेंस के सामने होती है ! इसकी सहायता से जमीनी निशानों की डिग्रिया  पढ़ी जाती है !
  • नार्थ -साउथ लाइन और नार्थ एरो (North South line and North arrow): यह कंपास हाउसिंग के निचे लाल और काले रंग की होती है इनके बिच में एक एरो होता है ! जिसका लाल रंग उतर और कला रंग दक्षिण को दर्शाता है ! मैप पर डिग्रिया  पढ़ते समय लाल भाग मैप के शीर्षक की तरफ रखते हुए मैप की ईस्टिंग लाइन के समानांतर रखते है उसके बाद डिग्रि मालूम की जाती है !
  • कंपास डायल/कार्ड(Compass dail/card) : यह कंपास हाउसिंग के बिच में एक धुरी पर सेट है इसके ऊपर एक लाल रंग का तीर का निशान है जिस पर N लिखा हुवा है जो उत्तार दिशा को दर्शाता है बाकि उसके निचे S दाहिने E तथा बाए W जो क्रमशः दक्षिण , पूर्व तथा पश्चिम दिशाओ को दर्शाता है !इसके एरो के बहार की तरफ एक सर्किल में मोटे व छोटे अंको में उलटी डिग्रिया लिखी होती है जो घडी के सुलटे रुख में बढती है !
  • इंडेक्स लाइन(Index line) : यह कोमप्स हाउसिंग के निचे एवं त्रवेलिन एरो के पीछे एक वृत्त पर खिची गई होती है जिसके दोनों तरफ लुमिन्स लगाया गया रहता है जो रात को चमकता है इसकी मदद से कंपास के दी हुई डिग्री पर सेट किया जाता है व मैप पर (सिल्वा सिस्टम ) डिग्री पढ़ी जाती है !
  • प्रिज्म(Prizm) : यह कंपास हाउसिंग के अन्दर की तरफ व लेंस के सामने होता है ! साईटिंग सिस्टम से बेअरिंग पढ़ते समय डायल पर लिखी उलटी डिग्रियों को सीधी करके दिखता है !
  • पिवोट/धुरी(Pivot) : यह कंपास हाउसिंग के बिच में होती है ! कंपास डायल इसी धुरी के चारो तरफ घूमता है !
इस प्रकार से यहाँ सिल्वा कंपास और उसके हिस्से पुरजो का नाम और काम से सम्बन्धित यह ब्लॉग पोस्ट समाप्त हुई !उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे  और इस ब्लॉग को सब्सक्राइब तथा फेसबुक पेज  लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे बेहतर लिखने के लिए !

इन्हें  भी  पढ़े :
  1. मैप रीडिंग में दिशाओ के प्रकार और उत्तर दिशा का महत्व
  2. दिन के समय उत्तर दिशा मालूम करने का तरीका
  3. कन्वेंशनल सिग्न ,कन्वेंशनल सिग्न के प्रकार , कन्वेंशनल सिग्न बनाने का तरीका
  4. रात के समय उत्तर मालूम करने का तरीका
  5. सर्विस प्रोटेक्टर का परिभाषा और सर्विस प्रोटेक्टर का प्रकार
  6. सर्विस प्रोटेक्टर का उपयोग और सर्विस प्रोटेक्टर से बेक बेअरिंग पढने का तरीका
  7. 13 तरीके मैप सेट करने का !
  8. 5 तरीका मैप पे ऊपर खुद का पोजीशन को पता करने का
  9. 5 तरीको से मैप टू ग्राउंड और ग्राउंड टू माप जाने
  10. मैप रीडिंग के उद्देश्य तथा मैप रीडिंग के महत्व


Add