15 अप्रैल 2016

फूट ड्रिल -धीरे चल और थम

इस पोस्ट में हम परेड ड्रिल के दो मूव के बारे में बात करेंगे वो है “स्क्वाड धीरे चल  और थम(Squad dhire chalaur tham) “


जरुरत :

बड़ी परेडो में परेड का निरिक्षण के लिए VIP के आगे पायलट इंस्पेक्शन लाइन पर धीरे चल से चलते है और ऑफिसर का पासिंग आउट परेड में भी पिपिंग आउट धीरे चल से होता है ! धीरे चाल में कदम की लम्बाई 30 इंच और कदम का रफ़्तार 70 कदम पर मिनिट होता है !

वर्ड ऑफ़ कमांड (Word of Command)

एक सिखाई पाए हुवे जवान को धीरे चल की कमांड “सामने से धीरे चल “ दी जाती है लेकिंन सिखलाई के दौरान जो कमांड दी जाती है वो कुछ इस प्रकार है !

“कदम तोल कर धीरे चलना बाएं पांव आगे आगे , आगे बढ़ , बढ़ो ,दाहिने पांव आगे आगे बढ़ , बाएँ पांव  आगे आगे “
थम करने के लिए “थम  एक – दो “

करवाई इस प्रकार की जाएगी 

  • जब सावधान पोजीशन से वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है कदम तोलल कर धीरे चलना बाये पांव आगे आगे  तो इस वर्ड ऑफ़ कमांड पर बाएँ पांव को 15 इंच आगे तेजी से निकलेनिकल कर कदम तोल कर रुक जाये और साउटिंग करे आगे !
  • फिर वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है कदम टोल कर धीरे चलना बाएँ पांव आगे-आगे! इस  पोजीशन में देखने वाली बातें , दाहिने पांव पूरा जमीन आर लगा हुवा और बदन का बोझ दाहिने पैर पर , बाएँ पांव दाहिने पांव से 15 इंच आगे जमीन से ऊपर पंजा जमीन की तरफ खींचा हुआ बाकि पोजीशन सावधान ! फिर वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है , आगे बढ़ तो इस वर्ड ऑफ़ कमांड पर बाएँ पांव की 15 इंच और आगे बढ़ा कर पंजा पहले जमीन पर लगायें और साउटिंग करे बढ़ो ! वर्ड ऑफ़ कमांड आगे बढ़ बढ़ो . इस पोजीशन में  देखने वाली बातें बाएँ पांव 30 इंच आगे पूरा जमीन पर लगा हुवा , बदन का बोझ पूरा बाएँ पांव पर , दाहिने पांव का पंजा जमीन पर लगा एडी उठी हुवी दोनों टांगे कासी हुई ,बाकि पोजीशन सावधान !
  • फिर वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है दाहिने पांव आगे तो दाहिने पांव को 15  इंच आगे बाएँ पांव से निकालें और साउटिंग करे आगे ! वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है दाहिना पांव आगे आगे ! इस पोजीशन में देखने वाली बाते जो जो ऊपर बाएँ पांव में देखने वाली बातें के ठीक उल्टा है!
  •  वर्ड ऑफ़ कमांड  मिलता है आगे बढ़ तो दाहिने पांव को और 15 इंच आगे बढ़ा कर पंजा पहले जमीन पर लगाये और साउटिंग करे बढ़ो ! वर्ड ऑफ़ कमांड बाएँ पांव आगे आगे !


जब वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है  थम तो करवाई इस प्रकार करे !

थम का वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है  जिस  समय बाएँ पांव दाहिने पांव को क्रॉस कर रहा  हो या दाहिने पांव जमीन पर लगा हो तो बाएं पांव को 15 इंच आगे लेकर उठा कर दबाएँ और तेजी से दाहिने पांव को 12 इंच उठाकर बाएँ पांव के साथ मिलाएं और साउटिंग करे एक-दो ! वर्ड ऑफ़ कमांड स्क्वाड थम  एक-दो ! इस पोजीशन में देखने वाली बातें पोजीशन सावधान जैसे थे !
Dheere Chal
Dheere Chal 
धीरे चल में देखने वाली बाते :
  • ज्यादातर देखा गया है की लोग अपना पोस्चर बिगाड़ लेते है इस लिए पोस्चर पे ध्यान दे !
  • पांव जमीन पे लगते समय हमेशा पंजा पहले जमीन पे लगेगा !
  • एक कदम 30 इंच की होती है इसे 15-15 इंच के दो भागोंमे पूरा किया जाय !
  • हाथ की हरकत न की जाय !
  • बदन का बैलेंस ठीक तरह से रखा जाय !


धीरे चाल और तेज चाल में अंतर

धीरे चाल
तेज चाल
इसकी करवाई बड़े बड़े परेड के दौरान होती है
इसकी करवाई सभी परेडो या एक जगह से दुसरे जगह जाने के लिए की जाती है
हाथ का मूवमेंट नहीं होता है !
हाथ का मूवमेंट आगेपीछे पैरो के बरखिलाफ होता है
इसमें 30 इंच की दुरी 15-15 इंच की दो भागोंमे पूरा होती है !
इसमें 30 इंच की दुरी एक बार में पूरी की जाती है !
इसमें पंजा पहले जमीन पे लगता है
इसमें एडी जमीन पे पहले लगती है !
इसमें 1 मिनट में 70 स्टेप्स लिया जता है
इसमें अलग अलग ग्रुप्स के लिए अल्लग अलग संख्या है ! 110,115 140 और 135 तक है !


 ऐसे देखा गया है की धीरे चल की करवाई केवल सिखलाई दते समय थोडा कठिन लगती है नहीं तो एक बार सिख ले और सिखाई गई सभी बातो के ध्यान में रखे तो धीरे चल की करवाई उतनी कठिन नहीं है ! अगर इसे समूहों में प्रैक्टिस किया जय तो बहुत अच्छा होता है !



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वायरलेस कम्युनिकेशन प्रेसेड़ेंस और प्रोसीजर

इस पोस्ट में वायरलेस कम्युनिकेशन से रिलेटेड इन सब विषयों पे बात करेंगे ओ है आर टी  प्रोसीजर (RT Procedure), सिग्नल प्रोसीजर (Signal Procedure), यूनिकोड (unicode), मेसेज प्रिसीडेंस (message precedence) सिक्यूरिटी क्लासिफिकेशन ( security classification) इतियादी !


एक आदमी के सफलता के लिए  कम्युनिकेशन स्किल जितनी जरुरी होती है उससे भी कही  ज्यादा एक यूनिट की ऑपरेशन में सफलता उसके इफेक्टिव रेडियो कम्युनिकेशन और सही कम्यूनिकेटर के ऊपर निर्भर करती है! इसका मतलब कतई ये नहीं है की रेडियो प्रोसीजर , सिग्नल प्रोसीजर और प्रेसड़ेंस के बारे में केवल कम्यूनिकेटर ही जानकर हो बल्कि इसको इस्तेमाल सभी जवान से लेकर  अधिकारी तक को आनी चाहिए! सभी को ऑपरेशन में मल्टी टास्किंग होना पड़ता है ! 


मेसेज क्या है (Message)
ये सुचानाओ का सग्रह है जिसे एक तरतीब दिया हुवा रहता है !
मेसेज कितने तरह की होते है ? how many type of message? 
 ऐसे तो मेसेज तीन किस्म का होता है (i) फोर्मल मेसेज (ii) उन रजिस्टर्ड मेसेज (iii) सिग्नल सर्विस मेसेज !
सिग्नल प्रोसीजर Signal Procedure
इस मेसेज को पास करने के लिए एक सेट उप प्रोसीजर है जिसके कायम रखते हुवे मेसेज पास करते है और उसी  के अनुसार अपना रिकॉर्ड रखते है ! सिंगल  प्रोसीजर को शोर्ट फॉर्म में BAS के द्वारा भी परिभाषित करते है ! B- Bravety, A- Accuracy, S- Speed, इन तीनो को कायम रखते हुवे जब मेसेज को पास करते है तो उस प्रोसीजर को सिग्नल प्रोसीजर कहते है !

आर टी प्रोसीजर (RT Procedure)
एक और होता है आर टी प्रोसीजर (RT Procedure): वायरलेस पे बात करने के तरीको को आर टी प्रोसीजर कहते  है! इसी को फॉलो करते हुवे  मौखिक मेसेज को पास करते है ! इसमें ध्यान रखने वाली बाते  ये 4 है :
  1. रिथम(Rythm): मेस्सगे छोटे लफ्जो में हो और मतलब ठीक निकले ! बोने का तरीका ऐसा हो की  हर एक शब्द साफ साफ पढ़ा जा सके !
  2. स्पीड(Speed) : मेसेज पास करने की रफ़्तार मध्य दर्जे की हो ज्यादा या कम स्पीड का मेसेज समझ में नहीं आत है !
  3. वोलुम्स(Volumes) : एस्सगे पास करते हुवे द्या दिया जा की आवाज़ न ज्यादा धीमी हो और न ज्यादा उची ! मुह माइक के नजदीक हो लेकिंग्ज्यदा नजदीक भी न हो !
  4. पिच(Pitch) : मेसेज कर्कश आवाज़ के जगह थोड़ी मधुर आवाज में पास करे !
रेडियो कम्युनिकेशन की किस्म दो होती है (i) आर टी (रेडियो टेलीफोनी ): जिसमे बोल के मेसेज पास किया जाता है और (ii)करियर वेव्स (CW): इसमें मेसेज मोर्स कोड में पास किया जाता है !

What is message precedent ?

ऐसे तो सभी मेसेज  का आपना प्रायोरिटी होती है जिसे हम प्रिसीडेंस  कहते है  ! ये साधारणतः 6 प्रकार के होते है उनको दियेहुवे समय में पास करना रहता है !
  • फ़्लैश :                                       15 मिनट 
  • इमरजेंसी                                    45 मिनट 
  • ऑप्स इमीडियेट                          2 घंटे 
  • प्रायोरिटी                                     4 घंटे 
  • रूटीन                                          12-24 घंटे 
  • डेफर्ड                                            24 घंटे 
 सिक्यूरिटी क्लासिफिकेशन (Security Classification)
जैसे की मेसेज पास करने की प्रायोरिटी को प्रेसेड़ेंस कहते है उसी तरह से हरेक मेसेज का अपना एक क्लासिफिकेशन होता है की उसको सिक्योर करके रखना है या कौन कौन उस मेसेज को देख सकता है उस क्लासिफिकेशन को  सिक्यूरिटी क्लासिफिकेशन कहते है ये पांच तरह के होते है 
  1. टॉप सीक्रेट 
  2. सीक्रेट
  3. कांफिदेंसीयल 
  4. रिस्ट्रिक्टेड 
  5. उन-क्लासिफाइड 

नेट डिसिप्लिन
जैसे की रस्ते पे  सेफ  चलने या हवा में सुरक्षित उड़ने के लिए रोड डीसीप्लिन और एयर डीसीप्लिन की जरुरत होती है उसी प्रकार से सही और सुचारू रूप मेसेज  पास करने के नेट के ऊपर भी एक डिसिप्लिन होने वाली डिसिप्लिन को नेट डिसिप्लिन कहते है ! ये निम्न बातो पर निर्भर करती है :
  • कण्ट्रोल स्टेशन का हुक्म मन जाय 
  • सभी स्टेशन नंबर से जवाब दे 
  • मेसेज की प्रायोरिटी को ध्यान रखा जाय 
  • बिना नंबर का न बोला जाय !
यूनिकोड(Unicode)
यूनिकोड ऐसे तो यूनिकोड कंप्यूटर की भाषा में भी होता जिसे हम किसी उनिक कैरक्टर को दर्शाने के लिए इस्तेमाल करते है लेकिन यूनिफार्म फोर्सेज में उनिक कोड यूनिट लेबल पे बनाया हुवा कोड होते है  जिसके द्वारा ग्रिड रेफरेंस या मैप  रेफेंस को छुपाया जाता है !

ये कुछ बाते रही वायरलेस कम्युनिकेशन से , ऐसे से बहुत से तरह के कोड और प्रोसीजर होते है वायरलेस कम्युनिकेशन के! वायरलेस कम्युनिकेशन को किसी यूनिट का रीढ़ की हड्डी भी कहते है अगर ऑपरेशन के समय ये फेल  होगया या मेसेज लिक हो गया तो ऑपरेशन सफल नहीं हो सका है !

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10 अप्रैल 2016

AK-47 और INSAS Rifle में कौन बेहतर ?

बहुत बार ये सवाल किया जाता है की AK-47 और INSAS राइफल में  कौन अच्छा है ! ऐसे तो मुझे तोइन दोनों  हथियारों के ऊपर फायर करने और हैंडल करने का मौका मिला है उस बेस  पे मै कह सकता है की दोनों हथियारों की आपनी अपनी खूबिया  है और खामिया है !


जैसे की आप जानते ही है की 5.56 mm INSAS राइफल 1990 के समय के बने हुवे है जबकि AK-47 काफी पहले से है अगर AK-47  अच्छा था तो फिर भारत ने इंसास क्यों अपनाया जबकि इंसास देखा जाये तो काफी महँगा  है AK-47 राइफल के बनस्पत ! इसका मतलब है की भारत ने  राजनैतिक, सामरिक  और सुरक्षा की दृष्टी से  AK-47 को सही नहीं पाया होगा  इसलिए इंसास अपनाया !

INSAS 5.56mm Vs AK-47
INSAS 5.56mm Vs AK-47
तुलनात्मक दृष्टि :(Comparison between AK-47 & INSAS Rifle)


S.No
AK-47  राइफल
S.
No
5.56 mm INSAS राइफल
1
7.62 mm राउंड  ज्यादा घातक लगने पे मरने की संभावना ज्यादा है
1
5.56 mm NATO राउंड जिसका प्राइमरी उद्देश्य रहता है घायल करने का
2.
भरी मग्जिन और बोनेट के साथ वजन 4.6 kg
2
भरी मग्जिन और बोनेट के साथ वजन 4.1 kg
3
रेट ऑफ़ फायर अधिकतम 650 राउंड्स/मिनट तक है !
3
रेट ऑफ़ फायर अधिकतम 550 राउंड्स/मिनट तक है !
4
बेनट के साथ लम्बाई  -874mm. यानि इंसास से छोट है कॉम्पैक्ट है !
5
बेनट के साथ लम्बाई 1110 mm
5
मग्जिन मजबूत है
6
मगज़ीन पारदर्शी है गिरने पे टूटने की सम्भावनाये ज्यादा रहती है !
8
इंसास के अपेक्षा मजबूत है
7
फ्रंट हैण्ड गार्ड और बट फाइबर के बने होते है और गिरने पे टूटने की सम्भावनाये ज्यादा रहती !
9
TRB मेकनिज्म नहीं है जिसका कारन भरी मात्र में फायर डाला जा सकता है और रेट ऑफ़ फायर भी ज्यादा है !
8
TRB मेकनिज्म होने के कारन कण्ट्रोल फायर किया जा सकता
10
निशाना सही लगाना मुश्किल है !
9
ऐमिंग एक्यूरेसी हाई है !

ऐसेतो बहुत ही तुलनात्म भिन्ताये है दोनों वेअपोनो में !  लेकिन इंसास राइफल  AK-47  राइफल के काफी बाद में बना है इसलिए इसमें कुछ अच्छाईया AK-47 में थी उसे अपनाया गया और जो कुछ खामिया AK-47 में थी उसको दूर कर कुछ और खूबिया  डाली गयी ! 

जैसे की TRB मेकनिज्म, इंसास में इसलिए डाला गया की AK-47 में कण्ट्रोल फायर नहीं होने के कारन  से अमुनिसन की बर्बादी बहुत ज्यादा होती थी ! TRB मेकनिज्म के कारन इंसास से कण्ट्रोल फायर कर के अमुनिसन को बचाया जाता है ! AK – 47 में  एक्यूरेसी की समस्या थी यानि लॉन्ग distance टारगेट को उतनी एक्यूरेसी के साथ हिट नहीं करता था! इंसास राइफल के   barrel की लम्बाई और साईट में बदली करके एक एक्यूरेट फायर वेपन बनाया गया !

 जो अमुनिसन की बदली की गयी जैसे की AK-47 में 7.62 mm का अमुनिसन लगता और इंसास में 5.56 mm इसके पीछे भी एक तर्क रखा गया था की इंसास के अमुनिसन से दुश्मन मरता नहीं है बल्कि घालय होजाता है और घायल को सँभालने में  दुश्मन के बहुत से मैनपावर लग जाताहै और दुश्मन कमजोर होजाता है और दुसरे तरफ से ह्यूमन राईट वालो का भी  डिमांड था की किसी को मारा नहीं जाय ! इसको सबको  ध्यान में रख कर 5.56 mm अमुनिसन अपनाया गया !

मेरे दृष्टि की AK-47 की जो खूबिया  है वो है(Good thing about AK-47)
  • उसका कॉम्पैक्ट साइज़ ,
  • कम वजन ,
  • हाई रेट ऑफ़ फायर पॉवर
  • और 7.62 mm अमुनिसन जिसके लगने के बाद बचना बहुत ही मुश्किल है !

 आर्म्ड फ़ोर्स के  लोग इंसास को क्यों ना पसंद करते है(Why poor review of INSAS rifle by armed forces)

इतनी सारी  खूबियों के बाद भी आर्म्ड फ़ोर्स के  लोgo ने  इंसास को क्यों ना पसंद करते है! इसका जवाब बहुत सारे  है एक तो इंसास को अपनाने का निर्णय किया गया था उस  समय और आज के समय के आतंकवाद और सामान्य लॉ & आर्डर का डायमेंशन टोटली  बदल गया है ! आज के हालत को देखते हुवे जहा आतंकवादी हैवीली फायर पॉवर लोडेड है वह इंसास का कण्ट्रोल फायर काम नहीं आएगा इसलिए इंसास सभी तरह के ऑपरेशन के लिए  उपयुक्त नहीं है ! लेकिंन  जनरल लॉ & आर्डर जैसे स्ट्राइक,  दंगा- फसाद, इलेक्शन ड्यूटी इत्यादि  जैसे ड्यूटियों के लिए इंसास राइफल , AK-47 के अपेक्षा बहुत अच्छा वेपन है वही आतंकवाद और नक्सलवाद से निपटने के लिए जहा हैवी फायर पॉवर चाहिए उसके लिए AK-47 अच्छा !

टैक्तिकाली और मेकनिज्म के अनुसार इंसास राइफल , AK-47 से काफी अच्छा है लेकिंन नकरात्मक रिव्यु आर्म्ड फोर्सेज से क्यों मिला :

नकरात्मक रिव्यु: (Poor Review of INSAS)
  • कमजोर मग्जिन गिरने से टूट फुट ज्यादा
  • कमजोर फ्रंट हैण्ड गार्ड और बट जो की गिरने पे टूट जाता है और यूजर उसके लिए नकरात्मक सोच  रखता है !
  • लो फायर पॉवर   होने  के कारन आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन में इस्तेमाल  करने वाले जवानों ने  इसको उतना अच्छा  नहीं मानते है बनस्पत AK-47 जिसका फायर पॉवर अच्छा है !
  • Ak-47 के अपेक्षा थोडा बड़ा है इस लिए उतना कॉम्पैक्ट नहीं है यानि लाना ,ले जाना और हैंडल करना  AK-47 के जैसा स्मूथ नहीं है !

इस प्रकार से मेरा अनुसार ये दोनों वेपन अलग आलग हालत में एक दुसरे से अच्छे है !

ये रहा इंसास राइफल और AK-47 के बारे में मेरा विचार अगर आपको लगता है की सबमे  कुछ और जोड़ा जाय तो सजेसन बॉक्स में लिखे और ये पोस्ट पसंद आया हो तोमेरे blog को सब्सक्राइब करे  

इन्हें भी पढ़े :

  1. 7.62 mm एसएलआर का बेसिक डाटा -I
  2. 7.62 Self Loading Rifle basic data-II?
  3. 7.62 Self Loading Rifle basic data-III?
  4. अच्छे राइफल फायर कैसे बने ? 
  5. फायरिंग के दौरान फायरर द्वारा की जानेवाली कुछ गलतिया ? 
  6. 7. 62 mm राइफल में पड़ने वाले रोके कौन कौन से है ?
  7. 7.62mm LMG के बारे में कुछ जानकारिय
  8. 7.62mm ki chal. एस एल आर कैसे काम करता हा(एसएलआर की चाल). 
  9. Basic data of 5.56mm INSAS and It characteristics.

4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई

जैसे की पिछले पोस्ट में बाते किये थे  आधे दाहिने और पीछे  मुड की ड्रिल की जानकारी ki   और उसमे देखने वाली बातो का , वैसे ही इस पोस्ट में बाते करेंगे तेज चल और थम  (Quick march and stop)और  इसके लिए कमांड देने का तरतीब (power of command) और इसमें देखने वाली बाते


 परेड ड्रिल जो भी हम करते है उन सब का अपनी अपनी जरूरते है इसी प्रकार तेज चल और थम की भी अपनी जरुरत है और इसके बिना कोई परेड ड्रिल हो ही नहीं सकता है !

1. जरुरत और तेज चाल में कदम की लम्बाई और रफ़्तार  (Tej chal me kadam ki lambayi  aur raftar kitni hoti hai )

परेड अनुशान कोकयम रखते हुए एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए तेज चाल किया जाता है ! तेज चाल में कदम की लम्बाई 30 इंच की होती है! रेजिमेंट /यूनिट की कदम की रफ़्तार एक मिनट में 120 कदम , राइफल यूनिट 140  कदम , NCC कैडेट 116 कदम , NCC गर्ल्स कैडेट 110 कदम प्रति मिनट , लेकिन शुरु में रेक्रुइट्स 135 कदम की रफ़्तार से मार्च करते है !

2.गिनती से  वर्ड ऑफ़ कमांड (Ginti se word of command)

वर्ड ऑफ़ कमांड "गिनती से चलना तेज चल एक"-एक(जवान बोलेंगे ) . "स्क्वाड दो" -दो(जवान बोलेंगे ) , "स्क्वाड एक" -एक(जवान बोलेंगे एक ) लगातार जरी रहेगी, थम करने के लिए  वर्ड ऑफ़ कमांड "थम" खाली  एक- दो(जवान बोलेंगे ) .


Tej chal aur Tham
Tej chal aur Tham  image source:smartican.com
3. कार्यवाही
  • जब सावधान पोजीशन से वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है गीति से चलना तेज चल एक तो इस कमांड पर पायें पांव के एडी 30 इंच पर आगे लगाये , दाहिना बाजु आगे कंधे की लाइन में , बाये बाजु पूरा पीछे मुट्टी कुदरती  तौर पे बंद! यहाँ तक के मूवमेंट को कहेंगे एक ! 
  •  वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है स्क्वाड दो तो इस वर्ड ऑफ़ कमांड पर पांव और बाजु की आपस में बदली करेंगे और और शौतिंग करेंगे शोउटिंग करेंगे दो! वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है एक तो फिर से पर और बाजुओ को बदली करे और चाल को जरी रखे ! 
  • वर्ड ऑफ़ कमांड "थम' यह वर्ड ऑफ़ कमांड उस समय मिलता है जब बाये पांव जमन पर हो या दाहिने पांव बाएँ पांव को क्रॉस कर रा हो तो तो दाहिने पांव को 30 इंच  पूरा आगे रखेगे और शोउटिंग करेंगे खाली , फिर बाएँ पांव को 12 इंच उपर उठा कर दाहिने पांव के साथ दबाये और और दाहिने पांव को तेजी से 12 इंच उठाते हुवे बाये पांव के साथ सावधान पोजीशन में लागए और शोउटिंग करे एक-दो 
4. और देखने वाली बाते 


  • "तेज चल एक " पोजीशन  में देखने वाली बाते  बाये पांव की एडी 30 इंच आगे जमीन पे लगीं हवी पंजा 45 डिग्री पे  खड़ा,  दाहिना पांव पूरा जमीन पर लगा हुवा , बदन का बोख दाहिने पांव पर दोनों टंगे टाइट , दाहिना बाजु आगे कंधे की लाइन तक और बाये बाजु पूरा पीछे मुट्ठी कुदरती बंद, बाकि पोजीशन सावधान 
  • तेज चल " दो " पोजीशन में देखने वाली बाते , दाहिना पांव की एडी 30 इंच आगे लगी हुवी और पंजा 45 डिग्री पर खड़ा  और  बाया पांव पूरा जमीन पर लगे हुवे  और बदन का पूरा वजन बाएं पांव पर , बाए बाजु आगे दाहिना बाजु पीछे . 
  • थम पोजीशन में देखने वाली बाते जैसे पोजीशन सावधान 
इस प्रकार से तेज चल और थम की करवाई होती है , सिखलाई की सुरुवात में हाथो और पैरो की  तालमेल की परेशानिया रहती है लेकिन  अभ्यास से ओ भी दूर हो जाती है !

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09 अप्रैल 2016

8 मुख्य बाते आर्म्स प्रिजर्वेशन के

इस पोस्ट में आर्म्स & अमुनिसन के रख रखाव के  बारे बाते करेंगे और टॉपिक में जो पॉइंट कवर  होगा ओ है , प्रिजर्वेशन ऑफ़ आर्म्स एंड अमुनिसन , टाइप ऑफ़ प्रिजर्वेशन , वैलिडिटी ऑफ़ प्रिजर्वेशन , मीनिंग ऑफ़ आर्मरर रिमार्क्स  इतियदि

जरुर पढ़े : 9 mm पिस्तौल का बेसिक टेक्निकल  डाटा 

ये चाहे आर्म्ड फ़ोर्स हो या सिविल पुलिस  सभी के लिए आर्म्स और अमुनिसन एक  बहुत अहमियत का  स्टोर होता है इसलिए इसकी रख रखाव भी उसी अहमियत  से की जनि चाहिए ! अगर आर्म्स और अमुनिसन को सही तरह से देखभाल नहीं किया गया तो ओ ख़राब हो जायेंगे और समय पे काम नहीं करंगा  !


1. प्रिजर्वेशन ऑफ़ आर्म्स (Preservation of Arms)

जरुर पढ़े : 9 mm पिस्तौल के चाल

प्रिजर्वेशन ऑफ़ आर्म्स का मतलब होता है जब उन हथियारों को जो की या तो इस्तेमाल में नहीं लाये जा रहे है या काफी समय तक इस्तेमाल में न आने वाले है  तो उनको ग्रीस,तेल और केमिकल लगाकर बक्सों में इस प्रकार पैक किया जाता है की उसमे हवा और नमी न जा सके उसको हम प्रिजर्वेशन ऑफ़ आर्म्स  कहते है

 2.  इसकी प्रिजर्वेशन दो तरह की होती है(Types of Preservation)
  •  लाइट प्रिजर्वेशन: इससे आर्म्स को 1 साल तक सुरक्षित रख सकने के लिए किया जाता है ! 
  •  हैवी प्रिजर्वेशन : इससे आर्म्स को 3 सालो तक सुरक्षित रख सकने के लिए किया जाता है !
 3. प्रिजर्वेशन करते है : (when Preservation done)
  • जब हथियार यूनिट की जरुरत से ज्यादा हो 
  • जब यूनिट की नफरी दिए हथियारों की मैंटेनैन्स करने के लिए काफी नहीं हो ,
  • जब हथियार को एक यूनिट  से दूसरी यूनिट को ट्रान्सफर करते है तब ,
  • लम्बे समय तक स्टोर में रखना हो ,
  • और जब प्रिजर्वेशन करने का सीनियर से आदेश मिला हो 
 4.  आर्म्स इंस्पेक्शन के दौरान आर्मरर के द्वारा 5 प्रकार के ऑब्जरवेशन दिए जाते है उनका मतलब(Armourer observation code and meaning)
  • सी एन एन (CNN):-Corrosion Newly Noted 
  • सी पि एन (CPN):- Corrosion Previous Noted
  • सी डब्लू एम् (CWM): Cord Wear Muzzle
  • सी डब्लू बी ई (CWBE): Cord wear breech End
  • बी आर सी (BRC): Barrel Required Cleaning
  • एस (S): Serviceable
  • ऍफ़ आर (FR):Factory Repair
  • यु आर (UR): Unit Repair
  • बी ई आर (BER): Beyond Economic Repair
  • आर -1 (R1): First Echelon  Repair
  • आर-2 (R-2 ):- 2nd Echelon Repair
  • आर -4 (R-4 ): IV Echelon Repair
 5.  आर्म्स प्रिजर्वेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल (Preservation oil)
  • 4 डिग्री से ऊपर -OX52
  • 4 डिग्री  से  -18 डिग्री  की टेम्परेचर -  लो कोल्ड टेस्ट आयल नॉ-2 (Low Cold Test Oil No-2 या OX13)
  • -18 डिग्री से - 40 डिग्री तक  : मिक्सचर ऑफ़ केरोसिन आयल विथ आयल नॉ -2(1 : 1 रेश्यो में )  
  • -40 डिग्री से -50 डिग्री : मिक्सचर ऑफ़ केरोसिन आयल विथ आयल नॉ -2 (3:2 रेश्यो में )
  • आयल हाइड्रो लिक  मिनरल  बफर  25 डिग्री तक इस्तेमाल किया जा सकता है !
 6. अमुनिसन के  भाग(Parts of Ammunition) :
  • कार्ट्रिज या शैल 
  • प्राइमर 
  • प्रोपेल्लेंट चार्ज या पाउडर 
  • प्रोजेक्टिले या बुलेट 
  7 . ए टी आई द्वारा अमुनिसन के जांच करते  समय  ऑब्जरवेशन का मतलब(ATI Observation code) 
  • एस (S) :- सेर्विसाब्ल
  • आर पि(RP) : सेर्विसाब्ल फॉर रेंज प्रैक्टिस 
  • ई ई(EE) : अर्ली एक्स्प्लोसिवे 
  • यु एन एस वी(UNSV): उन सेर्विसाब्ल 
 8. प्रिजर्वेशन के समय ध्यान में रखने वाली बातें 
  • प्रिजर्वेशन से पहले अमुनितिओं की अच्छी सफाई की जाय,
  • सफाई के बाद क्लाइमेट और टेम्पेरेचर के अनुसार ही ग्रीस और तेल का इस्तेमाल करे !
  • पैकिंग ऐसे की जाय जी अमुनिसन हवा और नमी से बचाव हो सके 

 ऐसे तो पुरे अम्मुनिसन को कुल 12 कॉम्पीटेबल ग्रुप्स में बंटा गया है जो है A,B,C,D,E,F,G,H,J,K,Lऔर  S और ऑप्टिकल इन्त्रुमेंट को सिलिका जैल के साथ रखते है !

  आर्म्स एंड अमुनिसन को प्रिजर्वेशन एंड स्टोरेज को हमेश बहुत सीरियसनेस के साथ करना चाहिए क्यों ! अगर ये समय  पे काम  नहीं किया  तो इस से जान  और माल का  बहुत नुकशान हो सकता है!

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    08 अप्रैल 2016

    आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !

    जैसे की पिछले पोस्ट में बाते किये थे दाहिने, बाये और पीछे मुड की ड्रिल और उसमे देखने वाली बातो का , वैसे ही इस पोस्ट में बाते करेंगे आधा दाहिने (Right incline)और आधा बाएं मुड(left incline) की ड्रिल और  इसके लिए कमांड देने का तरतीब (power of command) और इसमें देखने वाली बाते !


    जरुरत (Need):
    जब खड़े खड़े स्क्वाड से सैलूट  का अभ्यास करवाना हो या इसके अलावा दाहिने/बाएं स्क्वाड बनान हो या दिशा बदल की करवाई करनी हो तो आधा दाहिने /बाएं मुड की करवाई की जाती है !

    वर्ड ऑफ़ कमांड (Word of Command)
    हिंदी 

    • गिनती से : में करवाई गिनती से होगी  " स्क्वाड  मुड़ना  आधा दाहिने मुड , एक, स्क्वाड -दो "
    • नार्मल : इसमें गिनती नहीं होती है क्विक करवाई होती है  " स्क्वाड  मुड़ना  आधा दाहिने/बाएं  मुड"
    English
    • Left incline/Right incline " Squad Left/right incline"
    करवाई (action on word of Command) :
    जब कमांड मिलता है मुड़ना आधा  दाहिने/बाएं मुड (आधा दाहिने/बाएं का  मतलब 45 डिग्री दाहिने/बाएं  )  तो करवाई इस प्रकार से कर "  दाहिने/बाये पैर की एडी को पिवोट बनाते हुए चटकी के  साथ  आधे दाहिने/बाएं मुड की कारवाही करेंगे , शारीर का पूरा वजन दाहिने/बाएं पैर पे और बाएं/दाहिना  पैर का टो जमीन से लगा हुवा और एडी उठी हुई ! दोनों हाथ बदन से चिपके हुवे जैसे की पोजीशन सावधान! उसके बाद बाये/दाहिने पैर को 12 इंच ऊपर उठा के जोर से दाहिने/बाएं  पैर के बगल में रखेगे ! 


    देखने वाली बाते :(Point to be ensured)
    • आधा दाहिने/बाएं मुडा  हुवा  बॉडी हो , यानि 45 डिग्री पे मुड़ा हुवा हो !
    • दोनों पैर की एड़िया एक दुसरे से चिपकी हुयी हो जैसे की सावधान में होता है !
    • दोनों हाथ बदन से चिपका हुवा हो !
    • चेस्ट बहार निगाह सामने !
    • दोनों घुटना टाइट हो !
    आधा दाहिने मुड या आधा बाएं मुड की करवाई ऐसे  ही की जाती है, ऐसे तो  पैर जो जोर से ऊपर उठा कर स्टम्पिंग करना अलग आलग फोर्सेज में अलग अलग है जैसे सिविल पुलिस में पैर पीछे से लाकर दुसरे पैर में चिपका देते है जब की वही आर्म्ड फोर्सेज में  पैर को 12 इंच से भी ज्यादा ऊपर उठा कर जोर से स्टम्पिंग करते है ! और ये स्टम्पिंग दिखता है की उस स्क्वाड में कितना जोश है !

    इस प्रकार ये रही आधा दाहिने या बाये मुड की करवाई अगर इस पोस्ट इ बारे मे कोई  सजेसन हो तो  निचे कमेंट बॉक्स में लिख कर जरुर दीजियेगा  और ब्लॉग पसंद आये तो जरुस सब्सक्राइब करे !

    सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई

    इस पोस्ट में   जिस परेड कमांड की जिन विषयों को कवर करेंगे ओ है खड़े खड़े दाहिने (Right Turn)और बाएं मुड़ना(Left Turn) , पीछे मुड (About turn) और इसमें देखने वाली बाते और इसकी जरुरत इतियादी !


    ड्रिल प्रैक्टिस , परेड प्रैक्टिस में या कभी हम खड़े है और हमे अपने जगह को छोड़े बिना दिशा की बदली करनी है तो हम हम दाहिने , बाये या पीछे मुड की करवाई करते है ! ये करवाई दो भागो में पूरा होती है !दाहिने , बाये और  पीछ मुड ! दाहिने और बयेमुद की करवाई या प्लाटून के साथ कर रहे है तो हम दिशा के साथ साथ फार्मेशन की भी बदली कर देतेहै जबी की पीछे मुड में केवल दिश बदल जाती है 

     मुड की करवाई में देखने वाली बाते !

    ये सभी करवाईय दो भागो में पूरा होती है 
    दाहिने मुड (Dahine Mud, Right Turn)

    1. जैसे ही कमांड मिला परेड दाहिने मुड , इस कमांड के ऊपर चटकी के  दाहिने पैर के एडी को पिवोट बनाते हुवे  90 डिग्री दाहिने  मुड की करवाई करेंगे बॉडी का पूरा भर दाहिने पैर पे और बाया पैर का एडी उठा हुवा और टो जमीं से लगा हुवे ! दोनों हाथ बगल में चिपके हुवे और नजर सामने सावधान पोजीशन के रूप में ! 
    2.  दुसरे भाग में हम चटकी केसाथ बाये पैर को जमीन से 12 इंच ऊपर उठाते हुवे जोर से दाहिने पाँव  के बगल में रख देते है और शेष सभी बाते सावधान पोजीशन की तरह ही रहेगी !
    बाये मुड :(Bayen Mud, Left Turn)

      
    1. जैसे ही कमांड मिला परेड बाएं  मुड , इस कमांड के ऊपर चटकी के  बाएं  पैर के एडी को पिवोट बनाते हुवे  90 डिग्री बाएं   मुड की करवाई करेंगे बॉडी का पूरा भार बाएं  पैर पे और दाहिना पैर  का एडी उठा हुवा और टो जमीं से लगा हुवे ! दोनों हाथ बगल में चिपके हुवे और नजर सामने सावधान पोजीशन के रूप में ! 
    2.  दुसरे भाग में हम चटकी केसाथ दाहिने  पैर को जमीन से 12 इंच ऊपर उठाते हुवे जोर से बाएं  पाँव  के बगल में रख देते है और शेष सभी बाते सावधान पोजीशन की तरह ही रहेगी !
    पीछे मुड (Pichhe Mud, About Turn)
    1. जैसे ही कमांड मिला परेड दाहिने मुड , इस कमांड के ऊपर चटकी के  दाहिने पैर के एडी को पिवोट बनाते हुवे  180 डिग्री पीछे   मुड की करवाई करेंगे बॉडी का पूरा भर दाहिने पैर पे और बाया पैर का एडी उठा हुवा और टो जमीं से लगा हुवे ! दोनों हाथ बगल में चिपके हुवे और नजर सामने सावधान पोजीशन के रूप में ! 
    2.  दुसरे भाग में हम चटकी केसाथ बाये पैर को जमीन से 12 इंच ऊपर उठाते हुवे जोर से दाहिने पाँव  के बगल में रख देते है और शेष सभी बाते सावधान पोजीशन की तरह ही रहेगी !

    ये आपकी   रही  तीनो मुख्य मुड की करवाई और उसके करने और देखने वाली बाते ! आगे के पोस्टो में आधा दाहिने और आधा बाये मुड के बारेमे बाते करे !

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