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10 February 2018

लाठी चार्ज के दौरान लाठी मरते समय ध्यान में रखने वाली बाते !.

पिछले पोस्ट में हमने म़ोब कण्ट्रोल के लिए जाने वाले कमांडर का सोच विचार क्या होना चाहिए उसके बारे में जानकारी प्राप्त की इस पोस्ट में हम लाठी चार्ज के दौरान लाठी मरते समय ध्यान में रखने वाली बाते कौन कौन थी है उसके बारे में जानेगे !


जैसे की हम जानते है जब हम लॉ & आर्डर ड्यूटी के लिए जाते है और मजमा आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो जाता है तो लॉ & आर्डर को मेंटेन करने के लिए लात चार्ज भी किया जाता है !  लेकिंग हमारा यह ध्यान रहना चाहिए की मज़म में सामिल लोग कोई हमारे दुश्मन नहीं है ! ओ किसी न किसी समस्या से समाधान के लिए सर्कार का ध्यान आकर्षित करने के लिए अपना संविधानिक हक को अजमा रहे है ! 

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इस लिए जब कभी भी मजमा के साथ हम डील कर रहे हो हमे यह सोच कर लाठी चार्ज करना चाहिए की जिन लोगो के ऊपर हम लाठी चार्ज कर रहे है ओ हमारे ही भाई बंधू है ! इसलिए लाठी से मरते समय हमे बहुत से जीजे है जिन्हें ध्यान रखना  चाहिए  और जो मुख्य बात है की हामारा मकसद मज़मे में सामिल किसी को शारीरिक रूप से नुकशान पहुचने का नहीं होना चाहिए बल्कि मज़मेको तितर बितर करना  होना चाहिए ! और लॉ & आर्डर को कायम रखना होता है !

इसी लिए लाठी चार्ज  के दौरान हमे कुछ बातो का ख्याल रहना चाहिए लाठी से किसी को ज्यादा नुकशान नहीं हो !

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  मानव शारीर तीन भागो में बंटा हुवा है जिसे हम लाठी के मार  के अनुसार निम्न तीन भागो में रख सकते है 
Sarir ke najuk parts
Sarir ke najuk parts
  1. प्राइमरी टारगेट एरिया  (Primary Target Area)
  2. सेकेंडरी टारगेट एरिया (Secondary Target Area)
  3. फाइनल टारगेट एरिया (Final Target Area)





1. प्राइमरी टारगेट एरिया (Primary Target Area):  यह शारीर का वह भाग होता है जहा मरने पर जख्म कम से कम होता है : जैसे 

  • पैर(Foot , पिंडली(shin), पैर के अन्दर के भाग (Instep)
  • जांघ के अन्दर और बहार के एरिया (inside and outside of thigh)
  • पेट के निचे वाला भाग(Lower abdominal region)
  • हाथ के बहरी हिस्सा (fore and upper arms) 
2. सेकेंडरी टारगेट एरिया (Secondary Target Area): यह शारीर का वह हिस्सा होता है जहा पे मरने पे जख्म ज्यादा होता है और आदमी हमेशा के लिए अपांग भी हो सकता है ! जैसे :
  • कालर बोने , शोल्डर ब्लेड्स 
  • घुटना 
  • केहुनी 
  • पेट के उपरी हिस्सा 
3.फाइनल टारगेट एरिया (Final Target Area):शारीर का वह हिस्सा जहा मरने से आदमी का जान भी जा सकता है ! जैसे 
  • सीर का अगला और पिछला हिस्सा (आँख , कान , नाक , उपरी लिम्बस , कान के पीछे का इलाका )
  •  गर्दन और थ्रोट 
  • छाती का उपरी भाग 
  • स्पाइनल कॉर्ड 
  • मर्द का ग्रोईने एरिया 

लाठी चार्ज केदौरान लाठी चलते समय ऊपर बताये गए अंगो के ऊपर विशेष ध्यान रखना चाहिए ! नही तो आज कल मीडिया और मनवा अधिकार संघटनो का पूरा ध्यान पुलिस और सरकारी महकमे के कार्य कलाप के ऊपर ज्यादा है और ओ छोटे से छोटे बाट के बतंगड़ बना देते है!और कोर्ट में किसी को खड़ा कर दे रहे है ! 

इस प्रकार से लाठी चार्ज के समय लाठी मरते समय ध्यान में रखने वाली बातो से सम्बंधित पोस्ट समाप्त हुवा !  अगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग को सब्सक्राइब और फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे !
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