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15 December 2017

साइबर अटैक में पुलिसवाले ऐसे ट्रैप होते है ??

जैसे की ऑनलाइन साइबर थ्रेट दिन पर दिन बढ़ते जा रहा है(Online cyber crime se kaise bache) और साइबर क्रिमिनल तरह तरह के हथकंडे अपनाते है अन्यभिग्न  आम आदमी को अपना शिकार बनाने के लिए ! 





आम पुलिस का जवान जो डेली क्रिमिनल के बारे में या 5.56 mm इंसास राइफल या 7.62 mm एसएलआर के हैंडलिंग(Assembling of INSAS Rifle) के बारे में तो माहिर होता है लेकिंन साइबर क्राइम में हो रहा दिन प्रति दिन के डेवलपमेंट के बारे में अपने आप को उतना अपडेट नहीं रखता है और जिसके कारन ओ साइबर क्रिमिनल्स के शिकार आसानी से बन जाता है ! अगर हम हम साइबर क्राइम के ऊपर थोडा सा जानकारी ले और होशियार  रहे तो हम साइबर क्राइम से आसानी से बच सकते है !

जरुर पढ़े : आधार कार्ड को पान कार्ड से ऐसे  लिंक करे ?

इस पोस्ट में हम साइबर क्राइम से रिलेटेड निम्न दो विषयों के बारे में जानेगे :

Cyber threat aur bachaw
Cyber threat aur bachaw
  1. मैलवेयर क्या है और उससे बचाव के तरीके !(Malware kya hai aur usse bachaw ka tarika)
  2. पिशिंग क्या है और उससे बचाव के तरीके (Pishing kya hai aur usse bachaw ka tarika)
1. मैलवेयर क्या है और उससे बचाव के तरीके !(Malware kya hai aur usse bachaw ka tarika): मैलवेयर को पुलिस के भाषा में बोले तो एक अपराधिक उदेश्य को ध्यान में रख कर बनाया गया कोड या सॉफ्टवेर है !जिसमे सामिल है वायरस(Computer virus) , वर्म्स (Worms), ट्रोजन हॉर्स(Trojan Horse) , रंसोम्वारे(Ransomware) और स्पयवारे(Spyware) 
मैलवेयर आपके कंप्यूटर ऑपरेशन में बेव्धान पैदा कर आपके फाइल को हमेशा के लिए डिलीट या ख़राब कर सकता है जिसे आप रिकवर कर दोबारा इस्तेमाल नहीं कर सकते है !
यह सॉफ्टवेर या कोड आपके बिना शक के आपके कंप्यूटर के बेक ग्राउंड में चुपचाप चलता है और आपके कंप्यूटर के हर गतिविधि को रिकॉर्ड करते रहता है  और आपके कोम्प्टर से ओ साइबर क्रिमिनल के पास भेजते रहता है जिसमे आप ने कौन कौन साईट विजिट किया या आप के यूजर आइडेंटिफिकेशन(USer ID) और पासवर्ड(Password) भी सामिल है !

अभी पिछले दिनों न्यूज़ में तहलका मचाया हुवा मैलवेयर था रंसोम्वारे (Ransomware) जो की साइबर क्रिमिनल्स द्वारा डिजाईन किया गया एक कोड था जो  लोगो के कंप्यूटर के इंटर नेट के थ्रू घुस  कर  कंप्यूटर को लॉक कर देता था और सभी महत्वपूर्ण फाइल को इनक्रिप्ट कर देता था और कंप्यूटर स्क्रीन में मेसेज छोड़ कर पैसा (Ransome) मागता था की आप इतना डॉलर का पेमेंट करे नहीं तो आपका फाइल को डिलीट कर दी जाएगी !

अपने आपको मैलवेयर से बचाव कैसे कर सकते है (How to protect yourself from malware threat):जैसे कहते है बचाव ही सुरक्षा है अगर एक बार आपका डाटा की चोरी हो गयी पता नहीं साइबर क्रिमिनल्स उसे कैसे कैसे इस्तेमाल करेंगे !निम्न कुछ स्टेप्स है जिसको उठाकर हम और आप मैलवेयर से कुछ हद तक बच सकते है !
  • किसी अनजाने लिंक पर क्लिक करने से पहले सोंचे(kisi unknown link par click nahi kare) : मैलवेयर मलिसिअस लिंक और अटैचमेंट के द्वारा फिअलता है ! इसलिए किसी लिंक पर क्लिक करने या किसी अटैचमेंट को खोने से पहले सोचे क्या ये लिंक मेरे किसी जान पहचान वाला भेजा है , या किसी ऑफिस से आया है जिसके आने की संभावना थी ! अगर ऐसी नहीं है तो किसी भी अनजान लिंक या अटैचमेंट को अपने कंप्यूटर या मोबाइल में न खोले ये मैलवेयर होसकता है !
  • अपनी एंटी वायरस सॉफ्टवेर को अपडेट रखे :न्य वायरस कोड लगातार लिखे जाते है इस लिए अपने एंटी वायरस सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट रखे ! जरुरत नहीं है की ओ ख़रीदा हुवा ही एंटी वायरस सॉफ्टवेर हो बल्कि बहुत से एंटी वायरस सॉफ्टवेर ऑनलाइन फ्री भी उपलब्ध है उन को भी इस्तेमाल कर सकते है !
  • बैकअप लेते रहे : अगर आप मैलवेयर जैसे की रंसोम्वारे  या वायरस से बचना चाहते है तो अपनी महत्वपूर्ण डाटा को समय समय पे बैकअप किसी एक्सटर्नल ड्राइव या क्लाउड पे लेते रहे !

अगर इस प्रकार से कुछ कदम हम उठाते है तो काफी हद तक हम मैलवेयर अटैक से अपने कंप्यूटर/मोबाइल के डाटा को बचा सकते है !

2.पिशिंग क्या है और उससे बचाव के तरीके (Pishing kya hai aur usse bachaw ka tarika):पिशिंग में कोई व्यक्ति या ग्रुप  उन साधारण या अन्भिग्न  लोगो का पर्सनल और बैंक डिटेल से सम्बन्धी पर्सनल डिटेल हासिल करता है ! इन डिटेल्स को हासिल करने के लिए ये ग्रुप ट्रिक अजमाता है जिससे लगे की ये ग्रुप एक बैध्य ग्रुप हैऔर बैध्य  करवाई कर रहा है !

जरुर पढ़े : अपने आधार कार्ड के डिटेल्स में हुई गलती का सुधार ऑनलाइन इसप्रकार से करे ?

यह ग्रुप ऐसा ईमेल ड्राफ्ट करेगा की जिसको देखने से लगेगा की वह किसी बैध्य संस्था  से आया है और जो जानकारी मांगी गई है उसे देना जरुरी है ! ऐसे ईमेल में हमेंश लिंक दिया हुवा होता है और उसी के ऊपर क्लिक करने की बात की जाती है और जैसे ही उस लिंक के ऊपर क्लिक किया जाय तो ओ क्लिक करने वाले को किसी दूसरी साईट पे ले जाती जय जो देखने में तो बहुत सिमिलर लगता है एक बैध्य साईट के लेकिंन ओ होता नहीं है और वह पेज पे  जो भी पर्सनल डाटा जैसे नाम , ईमेल , बैंक अकाउंट, यूजर आई डी पासवर्ड यदि मांगे  जाते है सब गलत इस्तेमाल कर के  आप के अकाउंट से पैसे नीकला  जा सकता है या आपके डाटाबेस का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है !
पिशिंग से बचने का तरीका (Pishing se bachaw ka tarika): इससे बचने के लिए यह जरुरी तरीके है :
  • जब तक आप ईमेल भेजने वाला या फ़ोन करने वाले को नहीं जानते है तब तक ओपन पर्सनल डिटेल उसे न दे और ऐसे ईमेल में दिए हुए लिंक पर क्लिक न करे !
  • यह आप नोट कर ले की कोई सी बैध्य संस्था(Ligitimate Government department) या सरकारी डिपार्टमेंट आप से आपका यूजर आई डी(USer ID) और पासवर्ड(Password) कभी नहीं मांगता है अगर कोई मागता है तो ये डिटेल कभी न दे और उस डिपार्टमेंट के इन्फॉर्म करे जिसका यूजर id पासवर्ड माँगा गया हो !
  • यह भी नोट कर ले की बैंक कभी भी आप से डेबिट कार्ड नंबर और पिन नहीं मांगते है ! अगर कोई ईमेल आप से ऐसी डेटल मागती है तो उसका रिपोर्ट करे और ये डिटेल कभी भी फ़ोन और ईमेल के जवाब में न दे !
  • अगर कोई संस्था जिसे आप नहीं जानते है और आपसे ऑनलाइन डोनेशन मागती है किसी प्रकृति आपदा या किसी बेस पर तो उसे डोनेशन न दे क्यों की अगर उनके साईट से जाके आप डोनेशन दे वह पे ओ आपका यूजर आई डी और पासवर्ड को सेव कर के रख आपके साथ फोर्जरी भी कर सकते है !
  • अपना एंटी वायरस सॉफ्टवेर अपडेट रखे 
  • कोई भी ऐसी मेल या कॉल वाता है जिसमे किसी डिपार्टमेंट के नाम लेकर आपका पर्सनल डिटेल माँगा जाता है ऐसी मेल और कॉल का रिपोर्ट उस संस्था में जरुर करे !

इस प्रकार से यहाँ  साइबर अटैक के खतरे के बारे में हम जाने !उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगाअगर कोई सुझाव हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! इस ब्लॉग सब्सक्राइब और फेसबुक पेज लाइक करके हमलोगों को और प्रोतोसाहित करे 

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