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31 August 2016

एक मिनट ड्रिल: एक लेन में दौड़ना और रंगीन बॉल को उठाना

पिछले पोस्ट में हमने एक मिनट ड्रिल एक दुसरे के सहयता को  दीवाल क्रॉस करने के बारे में जानकारी शेयर की थी ! इस पोस्ट में हम दौड़ते हुए बेतरतीब रखे हुए बॉल को उठाने वाला एक मिनट ड्रिल(Picking a colourful ball) के बारे में जानकरी शेयर करेंगे !



ये ड्रिल को सुबह पीटी के समय कराया जा सकता है या शाम को स्पोर्ट्स के समय में कराया जा सकता है !
Picking a ball
Picking a ball
ड्रिल करने का सामान(drill ke saman) : 10-20  प्लास्टिक या टेनिस बॉल चार कलर में (5 लाल, 5 हरा , 5 नीला ,और 5 पिला ) 1 से 10 लेन मार्क(Lane mark) करले ग्राउंड के ऊपर , लेन की चौड़ाई 1.5 मीटर और लम्बाई 25-50 मीटर ग्राउंड के साइज़ के अनुसार मार्क कर ले ! जितना लेन है उतना जवान को एक साथ प्रैक्टिस कराया जा सकता है !

जरुर पढ़े : फायरमैन लिफ्ट रहत और बचाव

ड्रिल की तरतीब :ग्राउंड के साइज़ के अनुसार लेन मार्क करले और रंगीन बॉल को कही कही अलग अलग रंग के बॉल को पुरे लेन के ऊपर रख दे ! और ट्रेनिंज को उन लेन में दौड़ने के लिए बोले ! जब ट्रेनीज दौड़ रहे है उस समय उस्ताद किसी एक स्पेसिफिक कलर जैसे की लाल या नीला पुकारे गे आर ट्रेनीज को उस रंग के बॉल को उठाना है ! एक एक कर उस्ताद बॉल कलर पुकारेंगे और ट्रेनीज उस रंग के बॉल को उठाएगा ! बहुत बार ऐसा भी हो जी जिस रंग की बॉल को पुकारा गया है ओ ट्रेनीज के दौड़ते समय  पीछे  छुट गया है और  उस समय तिनी एक दुविधा में रहेगा की इस एक्सरसाइज की जल्दी से पूरा करू या पीछे मुड के जा कर उस रंग के बॉल कोउठा लायु!

ड्रिल का फायदा : ये एक मिनट  ड्रिल  सिक्यूरिटी मैन(Security man) या नार्मल पुलिस(Policeman) के जवान को कराया जय तो उसे मेंटली अलर्ट और मेंटल टफनेस और ड्रिल आसन होने के कारन उनमे एक आत्म विश्वास बढ़ता है की ओ भी जीत सकते है !
इसे भी पढ़े :
  1. एक पैर पे खड़ा होकर जूता का लेस बंधना
  2. सुई धागे से एक बटन को लगाना 
  3. सही तरह से यूनिफार्म पहनना
  4. मार्च पास्ट में गलती ढूढना!
  5.  वर्ड ऑफ़ कमांड और मार्चिंग दस्ते पे कण्ट्रोल का त्वरित अभ्यास
  6. राइफल को तेजी के साथ सफाई करना
  7. एक हाथ से राइफल के मगज़ीन को भरना
  8. बिना आवाज किये दुश्मन को सरप्राइज करना
  9. फायरिंग रेंज को फायरिंग के लिए जल्द से जल्द तैयार करना
  10. रनिंग और ओब्स्टल क्रासिंग

एक मिनट ड्रिल: एक दुसरे के सहायता से दीवाल चढ़ना

पिछले पोस्ट में हमने पार्कआवर  लेवेल-२ एक्सरसाइज के बारे में जानकारी शेयर किये है ! इस पोस्ट में मानव लैडर बनाना और उसके इस्तेमाल वाला(Human ladder banana aur uska istemal) एक मिनट ड्रिल के बारे में जानकारी शेयर करेंगे !



यह एक्सरसाइज  शारीरिक शक्ति(Physical strength), सामूहिक कार्य(Team work) तथा संसाधन का उतम इस्तेमाल(Best utilisation of available resources) का एक मिश्रण है !

Climbing wall with the help of human ladder
Climbing wall with the help of human ladder
जरुरी सामान (Human ladder drill ka Jaruri saman): 12' से 15' उच्ची दीवाल(High wall)  और 18 मीटर रस्सी(Rope)  और तीन जोड़ी जवान(three pairs Jawan) 

ड्रिल करने का तरीका(Human ladder drill ko karane ka tarika) : इस ड्रिल में तीन जोड़ी जवान 18 मीटर रस्सी(3मीटर एक जवान के हिसाब से)इस्तेमाल करते  हुए 15' उच्ची दीवाल को क्रॉस करेंगे ऊपर चढ़ कर !

जरुर पढ़े :एक हाथ से राइफल के मगज़ीन को भरना

यह ड्रिल 8' दीवाल से शुरू होकर धीरे धीरे 9' , 12' और 15' तक बधाई जानी चाहिए ! पहला जवान अपने साथी जवान के हाथ के ऊपर चढ़ कर सहायत लेते हुए दीवाल के ऊपर चढ़ेगा फिर ओ ऊपर जाके रस्सी को पकड़ेगा और उस रस्सी का सहायता लेकर बाकि जवान दीवाल के उसपार जायेंगे !

इस ड्रिल के फायदे(Human ladder drill ka fayda) : इस ड्रिल से जवान के फिजिकल स्ट्रेंथ के साथ साथ आपसी कोआर्डिनेशन और कोऑपरेशन बढती है ! और किसी खाई तथा चार दिवारी में फंस जाने पे उसे बहार निकल की कला मिलती है !

ये कोई जरुरी नहीं है की इसमें बताई गई दीवाल की उचाई तथा रस्सी की लम्बाई वैसी ही हो इसके अपने जरुरत के अनुसार बदली किया जा सकता है !

जरुर पढ़े : वर्ड ऑफ़ कमांड और मार्चिंग दस्ते पे कण्ट्रोल का त्वरित अभ्यास

इस प्रकार से यहाँ एक मिनट ड्रिल मानव लैडर(Human ladder) बना के दीवाल पार करने का पोस्ट समाप्त हुई !
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एक मिनट ड्रिल: पार्कआवर लेवल-2 एक्सरसाइज

पिछले पोस्ट में  हमने एक मिनट  ड्रिल  फिजिकल कोआर्डिनेशन  साथ  बारे   में हम एक मिनट ड्रिल परकौर लेवल -2(Parkour level-2)  एक्सरसाइज  जानकारी तथा एक्सरसाइज  कंडक्ट (Parkour level-2 exercise aur conduct karane ka tarika)  कैसे कराते  उसके बारे में जानकारी  शेयर करेंगे !



 वैसे तो हमने अपने पिछले में जिस ड्रिल के बारे में जिक्र किये है ओ परकौर लेवल -I में आता है  उसी लिहाज से ये एक्सरसाइज उससे थोडा सा कठिन और थोडा  भिन्न है! परकौर(Parkour )एक्सरसाइज मिलिट्री ट्रेनिंग का एक हिस्सा है जिसके अन्दर ट्रेनीज  के ऑब्सटक्ल को कैसे क्लियर करते हुए एक जगह से दुसरे जगह जल्दी से जल्दी पहुचते है !


Parkour Level-2 Exercise
Parkour Level-2 Exercise
जरुरी के सामान (necessary items) : इस एक्सरसाइज को कॉम्बैट ड्रेस में कराया जाता है और इसके लिए जरुरी सामान है की खुला ग्राउंड हो जिसके अन्दर भिन्न  भिन्न तरह के  मानव निर्मित और प्राकृतिक ओब्सटकल उपलब्ध हो !
ड्रिल करने की तरतीब(Drill conduct karane ka tarika) : इस ड्रिल में हम केवल मानव निर्मित(Man made) ही नहीं बल्कि प्राकृतिक ओब्सतक्ल को भी निगोसियेट(Obstacle negotiate) करते है जैसे की झाडिया, जंगले पेड़ पौधे , लकड़ी के बाली(boulders), दिवाल, गढ्ढा बार्बेड वायर इत्यादि ! को एक साथ बने हुई टीम के साथ दिए हुए टाइम में क्लियर करना होता है ! इस ड्रिल से ये सिखने को मिलता है किस एक साथ बहुत साडी बढाओ को कैसे क्रॉस करते है !
 
इस ड्रिल के फायदे(Is  drill ke fayde) :यह ड्रिल जंगल और शहरी इलाके के अन्दर ऑपरेशन कंडक्ट करने में सहायक होते जैसे किसी खतरनाक अपराधी या टेररिस्ट को पीछा (pursuing dangerous target)करते वक्त जब ओ इधर से उधर भाग रहा हो !
 
इस ड्रिल के इस्तेमाल(Parkour drill is use) : इस ड्रिल को क्विक रिस्पांस टीम(QRT) के ट्रेनिंग के पार्ट बनाना चाहिए और  उन ट्रेनिंज जो एंटी टेररिस्ट ऑपरेशन(Anti terrorist training) के लिए तैयार किया जा रहे है उनको इसका फ्रीक्वेंट प्रैक्टिस करना जाना चाहिए !

जरुर पढ़े :फायरमैन लिफ्ट रहत और बचाव
 
इस प्रकार से यहाँ बाधा क्लियर करने सम्बंधित लेवल-2 की एक मिनट ड्रिल समाप्त होई उम्मीद है की ये ये पोस्ट आप को काम आएगी !अगर की कमेंट होतो निचे कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे !ब्लॉग को  सब्सक्राइब और अपने दोस्तों के बिच भी फेसबुक के ऊपर शेयर  कर हमलोगों को सपोर्ट  करे
 
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इसे भी  पढ़े :
  1. एक मिनट ड्रिल क्या है? और  इसके फायदे 
  2. एक मिनट ड्रिल कैसे कराये?
  3. एक मिनट ड्रिल का उदेश क्या है?
  4. One Minute Drill training करने का तरीका 
  5. एक मिनट ड्रिल का क्लासिफिकेशन
  6.  ड्रेस बदलना थोड़े समय में 
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  10. मार्च पास्ट में गलती ढूढना!


29 August 2016

स्मोक और इल्लू बम का चाल और बेसिक डाटा

पिछले पोस्ट में हमने 51mm मोर्टार के  हाई एक्सप्लोसिव बम  के चाल के बारे में जानकारी प्राप्त किये इस पोस्ट में हम 51 mm मोर्टार  में इस्तेमाल होने वाले स्मोक तथा इल्लुमिनेसन बम के चाल(smoke bomb aur ILL bomb ki chal) तथा बेसिक डाटा का बारे में जानकारी शेयर करेंगे !

जैसे की हम जानते है की 51mm मोर्टार  में पांच तरह के बम फायर किये जाते है उन्ही पांच में से आज हम स्मोक बम और इल्लू बम के बारे में  बात करेंगे और पहले स्मोक बम !
Smoke and ILL Bomb
Smoke and ILL Bomb


स्मोक बम का इस्तेमाल(Smoke bomb ka use) : इस बम का इस्तेमाल अपनी टुकड़ी की किसी ऑपरेशन के दौरान करने वाले   हरकत को छुपाने की लिए इस्तेमाल करते है की दुश्मन हमारी  नफरी के ऊपर निशाना लगाकर फायर न कर सके ! इस को फायर करने से एक धुआ  का पर्दा बन जाता है जिससे दुश्मन की नजरो से अपनी नफरी को छुपाव मिल जाता है और ओ अपना मूवमेंट आसानी से कर लेते है !


स्मोक बम का पहचान(Smoke bomb ka pahchan) :  ऊपर से फ्यूज नहीं होता है , इसका बॉडी का रंग हरा होता है और बम के बॉडी में स्मोक लिखा रहता है !जिससे हम पहचानते है की ये स्मोक बम है !
  स्मोक बम का टेक्निकल डाटा(Smoke bomb ka technical data) :
  • वजन( smoke bomb ka weight) : 980 gm
  • लम्बाई(smoke bomb ka lambai) : 283 mm
  • मिनिमम रेंज(smoke bomb ka minimum range)(: 180 मीटर 
  • मैक्सिमम रेंज(smoke bomb ka maximum range) : 850 मीटर 
  • धुआ  देने का समय(smoke bomb ka smoke dene ka samay) : 2 मिनट 
  • रेट ऑफ़ फायर(smoke bomb ka rate of fire): नार्मल :8 बम/मिनट  इनटेन्स : 12 बम /मिनट 
  • मैक्सिमम डिया9smoke bomb ka maximum daimeter): 50.8 mm
  • फिलिंग वजन(smoke bomb ka filling weight) : 450 gm
  • मजल वेलोसिटी(smoke bomb ka muzzle velocity) : 110 मीटर/सेकंड 
स्मोक बम का हिस्से पुर्जे(smoke bomb ka parts ka name) :
  • नोज कैप (Nose cap)
  • डिले पल्लेट(Delay pallet)
  • प्रिम्मिंग कम्पोजीशन(Primming composition)
  • क्लोजिंग डिस्क(Closing disk) 
  • टेल यूनिट (Tail unit)
  • गन पाउडर (Gun Powder) 

स्मोक बम का चाल(smoke bomb ka chaal) : फायर होने से चिंगारी पैदा होता है ! चिंगारी क्लोजिंग डिस्क से गन पाउडर में आग लगा देता है ! आग फिर गन पाउडर में जाती है और  इसे जला देती है , जिससे डिले पल्लेट जल जाता है ! डिले पल्लेट के जलने से प्रिमिंग कम्पोजीशन और स्मोक कम्पोजीशन में आग पकड़ लेता है और बम धुआ देना  सुरु कर देता है !यह क्लोजिंग डिस्क  के द्वारा निकलता है ! 

नोट(note) :बम को आग लगाने वाले पुर्जे बम के बेस में होते है और कार्ट्रिज बम को धकेलने के अलावा आग लगाने का काम भी करते है ! डिले पलेट की  की वजह से धुआ 6 सेकंड तक बहार नहीं निकलता है !

इल्लुमिनेसन बम की इस्तेमाल(ILL bomb ka use) : जैसे की स्मोक बम से अपनी हरकत छुपाने के लिए करते है ताकि हमारा दुश्मन हम पे निशाना लगा के फायर न कर सके! उसी तरह से इस बम का इस्तेमाल कम रौशनी के समय छुपे हुए दुशमन को निशाना ले कर बर्बाद करने के लिए किया जाता है ! यह बम रात के समय में रौशनी देने के काम आता है ! 


इल्लुमिनेसन बम  का पहचान(ILL bomb ka pahchan) : यह बम सफ़ेद रंग का होता है और इसके बॉडी के ऊपर ILL लिखा रहता है जिससे इसकी पहचान होती है ! ILL - Illumination का शोर्ट फॉर्म है जिसका अर्थ होता है रौशनी से किसी चीज़ को चमका  देना !

इल्लुमिनेसन बम का टेक्निकल डाटा(ILL bomb ka technical data) :
  • वजन(ILL bomb ka wight) : 925 gm
  • रौशनी देने का समय(ILL bomb ka light dee ka samay) : 35 सेकंड 
  • मीन लुमिनोसिटी(रौशनी की चमक)(ILL bom ka light ka takat) : 2.5 लाख कांडला 
  • रेट ऑफ़ डिसेंट9ILL bomb ka rate of desent) : 3 मीटर /सेकंड 
  • पॉइंट ऑफ़ ब्रुस्त ज़मीं कूपर(ILL bomb ka point of brust jamin ke upar) : 150 +- 30 मीटर 
  • रेंज(ILL bomb ka range) : 900 मीटर 
  • इल्लुमिनेसन एरिया(ILL bomb ka ka light dene ka area) :400 मीटर डिया

इल्लुमिनेसन बम  का चाल(ILL bomb ka ka chal) : फायर होने से कार्ट्रिज से चिंगारी पैदा होती है जो की क्लोजिंग डिस्क से गुजरकर डिले चार्ज से होती हुई गन पाउडर के ब्रुस्टिंग चार्ज(Gun powder brusting charge) को आग लगा देती है ! इससे फ्लायेर(flare) पैदा होता है और फ्लायेर एक छोटा पैराशूट के साथ  लगा होता है ! फ्लायेर और पैराशूट जब बम से बहार निकलते है टी पैराशूट जल्दी ही खुल जाता और फ्लायेर उसके निचे हवा में लटकाने लता है ! साथ ही रौशनी देने लगता है ! रौशनी तक़रीबन 35 सेकंड तक रहती है  जो की बहुत ही चमकीली होता है उसके अन्दर सभी चीज़े साफ साफ दिखाई देने लगती है 


इस प्रकार से यहाँ स्मोक बम तथा इल्लुमिनेसन बम के बारे में बेसिक जानकारी ख़त्म हुई ! उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! अगर की कमेंट होतो निचे कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे !ब्लॉग को  सब्सक्राइब और अपने दोस्तों के बिच भी फेसबुक के ऊपर शेयर  कर हमलोगों को सपोर्ट  करे 
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28 August 2016

51mm मोर्टार के हाई एक्सप्लोसिव बम की चाल और पहचान

पिछले पोस्ट में हमे 51mm मोर्टार के साफ सफाई के बारे में जानकारी शेयर की है ! इस पोस्ट में हम 51mm मोर्टार में इस्तेमाल होने वाले हाई  एक्सप्लोसिव बम  का बेसिक डाटा तथा चाल (HE Bomb ke basic data aur HE bomb ke chal)के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे  

मोर्टार एक बहुत ही साधारण लेकिंन बहुत ही करार हथियार है विशेषकर अम्बुस को तोड़ने के लिए ये सबसे अच्छा हथियार है ! इस लिए इससे अधिक से अधिक फ़ायदा उठान के लिए ये ज़रूरी है  सभी जवान को बम के बारे में जानकारी होनि चाहिए ताकि समय आने पे सही इस्तेमाल कर सके और इससे होने वाले किसी प्रकार के हादसे से बचा जा सके !

ऐसे तो हम जानते है की 51 mm मोर्टार से 5 प्रकार के बम फायर किये जाते है और उन्ही पाच बोम्बो में से आज एक  बम  हाई एक्सप्लोसिव के पहचान , जनरल बेसिक डाटा तथा इसके चाल के बारे में जानकारी शेयर करेगे जो इस प्रकार से है !


हाई एक्सप्लोसिव बम की पहचान(HE Bomb ke pahchan) : इसके बॉडी  गहरे बादामी रंग का रहता है और इसका बेस चिपटा होता है ! ये दो प्रकार का होता है HE MK-I और HE MK-II . इस की मार्क का पहचान के लिए इसके बॉडी के ऊपर MK-I तथा MK-II लिखा रहता है जिसको पढकर इसकी पहचान किया जा सकता है !

हाई एक्सप्लोसिव बम का जनरल डाटा (HE Bomb ke basic technical data):
  • वजन : 980 +- 25 gm
  • लम्बाई : 270 mm
  • फ्यूज : DA No161 M-III(M-I)
  • बारूद :RDX/WAX
  • रेंज : मिनिमम -180 मीटर  मक्सिम्म -850 मीटर 
  • HE MK-I चार्जर:  CH-I  रेंज 180 मीटर -600 मीटर , CH-II रेंज  600 -850 मीटर 
  • HE MK-II चार्जर : CH-I  रेंज 200 मीटर -750 मीटर , CH-II रेंज  750 -1080 मीटर 
  • रेट ऑफ़ फायर: नार्मल -8 बम परमिनट , इनटेन्स:- 12 बम पर मिनट 
  • इफेक्टिव लेथल  एरिया : 11 मीटर रेडियस 
  • डेंजर एरिया : 80 मीटर   

हाई एक्सप्लोसिव बम के 11 हिस्से पुर्जो का नाम(HE bomb ke 11 parts ka name) :11 हिस्से पुर्जे  का नाम इस प्रकार से है :
(i) बॉडी(body) , (ii) सेफ्टी कैप(safety cap) , (iii)सेफ्टी पीन रिटेनिंग बॉल(Safety pin retaining ball), (iv) विंड शील्ड(Wind shield) , (v) डीटेंट(Detent) , (vi) डीटेंट स्प्रिंग(Detent Spring) (vii) स्ट्राइकर(Striker) , (viii) स्ट्राइकर स्प्रिंग(Stricker spring) , (ix) शटर  मेचानिज्म(Shutter mechanism) , (x) शटर स्प्रिंग(sutter spring) (xi)ब्रेस डिस्क (Bress disk)और मगज़ीन (magzine)

हाई एक्सप्लोसिव बम की चाल(HE Bomb ke chal) :
(a)  फायर से पहले के  हालात(HE ki  fire se pahle ki halat)  : आम हालात में बम पर देखने वाली बातें यह होती है की सेफ्टी कैप लगा होता है !जिसके ऊपर चिपकाने वाले फीता लगा होता है ! सेफ्टी पीन रिटेनिंग बॉल को अपनी जगह रोक कर रखता है !डीटेंट स्प्रिंग को विंड शील्ड से लागा कर रखता है ! रिटेनिंग बॉल स्ट्राइकर को रोक कर रोक कर रखता है और स्ट्राइकर स्प्रिंग दबा रहता है !स्ट्राइकर पॉइंट शटर को दूर रखता है और डीटोनेटर स्ट्राइकर की सिद्ध में नहीं आता है ! फायर से पहले  सेफ्टी पीन को निकल दिया जाता है !

(b) फायर होने पर(HE Bomb Fire hone pe chal) : फायर होने पर बम काफी प्रेशर के साथ बैरल से निकलता है और बम  के हरकत करने वाले पुर्जे  सेट बेक के धके से पीछे हरकत करते है !डीटेंट निचे की तरफ हरकत करता है और तिर्च  चैनल खुल जाता है ! डीटेंट स्प्रिंग दब जाता है ! स्ट्राइकर भी धके से थोडा निचे दब जाता है जिस से रिटेनिंग बॉल आजाद होकर तिर्च चैनल में गिर जाता है !


(c) आर्म्ड होने पर(HE Bomb ki chal Armed hone par ): जब सेट बैक के धक्का समाप्त हो जाता है तो डीटेंट , डीटेंट स्प्रिंग की ताकत से ऊपर की तरफ हरकत करता है और विंड शील्ड के साथ लग जाता है जिस से तिर्च चैनल बंद हो जाता है ! अब रिटेनिंग बॉल दोबारा अपनी जगह पर वापिस नहीं जा सकता ! इसी दौरान स्ट्राइकर स्प्रिंग की मदद से स्ट्राइकर ऊपर की तरफ हरकत करता है और शूटर आजाद हो जाता है ! शूटर स्प्रिंग अपना तनाव पूरा करता है और शूटर हिन्ज  पिन पर   घूमकर ठीक स्ट्राइकर पॉइंट की सिद्ध में आ जाता है ! अब बम आर्म्ड की हालत में होता है !

(d) टकराने पर(HE Bomb takare pe chal) : जब बम उडान में अपनी सबसे ज्यादा हाइट पर पहुच जाता है तो बम निचे की तरफ आता है ! ज़मीं पर टकराने से विंड शील्ड दब जाता है , स्ट्राइकर अपने स्प्रिंग के बरखिलाफ हरकत करता है !स्ट्राइकर पॉइंट पर चोट मरता है जिस से धमाके की तरंग पैदा होती है ये तरंग सेप्टम से होकर CE स्टेमपड में आग लग जाती है !जिस से CE पल्लेट धमाके के साथ  फट जाता है और बम के टुकरे टुकरे हो जाते है !


इस प्रकार से HE बम की पहचान , चाल और हिस्से पुर्जे से सम्बंधित पोस्ट ख़त्म हुवा ! उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा ! कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे !ब्लॉग को  सब्सक्राइब और अपने दोस्तों के बिच भी फेसबुक के ऊपर शेयर  कर हमलोगों को सपोर्ट  करे 

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27 August 2016

51mm मोर्टार की साफ सफाई का तरीका

पिछले पोस्ट में हमने 51mm मोर्टार के खोलने जोड़ने और पार्ट्स के नाम के बारे में जानकारी प्राप्त की इस पोस्ट में हम 51mm मोर्टार के साफ सफाई  कैसे की जाती है(51mm Mortar ki safai kaise ki jati hai) इसके बारे में जानेगे !

51 mm मोर्टार की भी साफ सफाई उतनी ही प्रकार की होती है जितनी की और सब हथियारों कि की जाती है जैसे :
51mm Mortar ko kholna aur jodna,
51mm Mortar ko kholna aur jodna, source:CRPF 

(a) आम सफाई(51mm Mortar ki aa safai) : 51 mm मोर्टार को ऑपरेशन के दौरान रोजाना साफ करते रहना चाहिए चाहे फायर किया हो या नहीं ! अगर मोर्टार कोत में है तो हफ्ते में एक बार ज़रूर साफ किआ जाना चाहिए !आम सफाई करने का तरीका :

  • बैरल को रोड पर ब्रश लगाकर , रोड का इस्तेमाल करना चाहिए !
  • उसके बाद रोड और चिंदी जिस पर हल्का तेल लगा हुआ हो उससे साफ करे 
  • फिर खुश्क करे (बैरल की सफाई के लिए मोर्टर को उचित जगह पे रखना चाहिए और रॉड को ऊपर से डालना चाहिए )
  • अच्छी तरह साफ हो जाने के बाद बैरल का मुलाहिजा करे !
  • यकीन हो जाने के बाद बैरल में तेल लगा दे !
  • बैरल की चूडियो को भी अच्छी तरह से साफ करे !
  • स्टील पैड, फायरिंग पीन और स्प्रिंग को तेल लगाये , साफ करे खुश्क करे और फिर तेल लगाये !
  • अगर बॉडी पे रंग किया हुआ है तेल तेल न लगाये केवल गर्दा और  मिटटी को साफ करदे !
(b) फायर से पहले की सफाई(51mm Mortar ki fire se pahle ki safai) : फायर से पहले बैरल , फायरिंग पीन को खुश्क करे ! बैरल के अलावा जोड़ दे !

  • फायरिंग पीन टेस्ट(51 mm Mortar ki firing pin test karne ka tarika) : स्टील पैड को काबू रखते हुए स्टील पैड पर कोई कागज या पत्ता या अंगूठा लगाकर लान्यार्ड खिचे और यकीन करे की कागज और पत्ते में सुराख़ हो गया है !अगर अंगूठा पर करवाई की जाये तो महसूस होना चाहिए की अनूठा पर चोट लगी है !
  • अगर फायरिंग पीन जैम हो गया हो तो बम बैरल में डालते ही फायर हो जायेगा ! याद  रखे की अगर बैरल खुली है तो लीवर को दबाने से पहले स्टील पैड पर दबाव रखे ! अगर ऐसा नहीं किया तो हो सकता है की फायरिंग पीन इधर उधर ठिकर लगे और टूट जाये या टेढ़ा हो जाये !
(c) फायरिंग के दौरान की सफाई(51mm Mortar ki firing ke dauran ki safai) : फायरिंग के दौरान जब भी मुमकिन हो तो बैरल को खोल कर स्टील पैड की सफाई की जाए ! कार्ट्रिज के बचे खुचे छोटे छोटे काले रंग के गर्दे स्टील पैड पर गिरते है और उनकी एक तह बन जाती है ! अगर उनको साफ नहीं किआ गया तो हो सकता है की फायरिंग पीन कार्ट्रिज पर चोट न लगा सके और बम मिस हो जाये !

(d) फायर के बाद की सफाई(51mm Mortar ke firing ke bad ki safai karne ka tarika) :फायर के बाद " आम सफाई " की तरह ही मोटर की सफाई करनी चाहिए !
  • बैरल , स्टील पैड, फायरिंग पीन और स्प्रिंग पर खास ध्यान देना चाहिए !
  • बैरल को गरम पानी में डालकर साफ करे !
  • अगर बैरल पे रंग नहीं किया गया हो तो बैरल को कीसी  बर्तन में खौलते हुए पानी डालकर साफ कर सकते है
  •  सफाई के बाद  बैरल का मुलाहिजा करनी चाहिए और बैरल सुख जाये तो उसमे तेल लगा  के रखनी चाहिए !

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इन्हें भी जरुर पढ़े :

  1. 7.62mm एलेमजी का बेसिक डाटा और एलेमजी कि निरिक्षण करने का तरीका
  2. 7.62mm LMG के मगज़ीन के भरना , एलेमजी को भरना , खाली करना और साईट को लगाने का तरीका
  3. 7.62 mm एलेमजी को खोलना जोड़ना और सके होलडोल के साथ आने वाले सामान
  4. 7.62mm LMG का दुरुस्त शिस्त , दुरुस्त पकड़ और दुरुस्त फायर का तरीका
  5. 7.62mm LMG का दुरुस्त शिस्त , दुरुस्त पकड़ और दुरुस्त फायर का तरीका
  6. LMG के चाल तथा फौरी इलाज से दूर होने वाले 4 LMG के रोके l
  7. ट्राईपोड़ और LMG को माउंट और डिसमाउंट करने का तरीका
  8. 7.62 LMG को फिक्स्ड लाइन पर लगाने और फायर करने का तरीका
  9. 51 mm मोर्टार तथा इसके डायल साईट के बेसिक टेक्निकल जानकारी
  10. 51mm मोर्टार को खोलना जोड़ना और उसके पार्ट्स के नाम

51mm मोर्टार को खोलना जोड़ना और उसके पार्ट्स के नाम

पिछले पोस्ट में हमने 51mm मोर्टार के बेसिक डाटा के बारे में जानकारी प्राप्त किये ! इस पोस्ट में हम 51 mm मोर्टार को खोलना और जोड़ने (51mm Mortar ko kholna aur jodna)का तरीका के बारेमे जानकारी प्राप्त करेंगे !

जैसे की जानते है की मोर्टार को प्लाटून कमांडर के तोपखाना भी बोलते है ! यह एक सीधा साधा हथियार है  मगर इसका फायर बहुत कारगर होता है ! इसका ज्यादा से ज्यादा रेंज(maximum range of 51mm mortar) 480मीटर  होता है ! ऐसे तो इसे 51mm मोर्टार बोला जाता है लेकिंन  इसकी  बैरल की वास्तविक डायमीटर(actual daimeter) 50.8 mm होता है !और इससे 5 किस्म के बम फायर किये जाते है !

51mm Mortar ke parts
51mm Mortar ke parts 
 51mm मोर्टार को फायर करने वाली टीम की नफरी (51mm Mortar se fire karne wali team ki nafri)

इसको एक जवान आसानी से ले जासकता है  और फायर कर सकता है लेकिंन इसमें काम करने वाली टीम में आमतौर पर दो जवान और एक फायर का रुख बदलने और उस पर काबू रखने वाला डीटचमेंट कमांडर(Detachment commander) होता है   


51mm मोर्टार का निरिक्षण करने का तरीका(51mm Mortar ka nirikshan karne ka tarika) : किसी भी हथियार को इस्तेमाल करने से पहले उसकी निरिक्षण की करवाई की जाती है ! उसी प्रकार से 51mm मोर्टार का भी इस्तेमाल करने से पहले निरिक्षण की करवाई की जाती है जो इस प्रकार से है !
  • मुज्ज्ले कवर को उतारे 
  • बैरल को थोडा ऊपर करते हुए देखे की बैरल में कोई चीज़ तो नहीं है और यकीन होनेपे की कोई चीज़ नहीं है तो मुज्ज्ल कवर लगा दे ! इस प्रकार से निरिक्षण की करवाई ख़त हुई !
  • इस प्रकार से मोर्टार को इस्तेमाल करने से पहले निरिक्षण की करवाई जरुर की जाय !
51 mm मोर्टार के हिस्से पुरजो का नाम(51mm Mortar ke parts ka name) : हिस्से पुरे इस प्रकार से है  :
मजल कवर , बैरल , कार्रिंग हैंडल , बैरल लॉकिंग थ्रेड , ब्रीच पीएस, लीवर , लान्यार्ड , स्पेड बसे प्लेट , शू , फायरिंग पिन , फायरिंग थ्रेड , पिन पुश होल , स्टील पद और फिक्सिंग स्क्रू !


51 mm मोर्टार को खोलने का तरीका(51 mm Mortar ko kholne ka tarika) :
  1. मजल कवर को उतारे और बाएँ हाथ के अंगूठे से बैरल कैच को निचे और पीछे दबाये !
  2. अब बाएँ हाथ से घडी के सुइओं के उलटे रुख में घुमाये 
  3. (अगर दुसरे किस्म की बैरल है तो उस को 1/4 चक्कर बाएँ से दाहिने को दे और बैरल को अलग कर दे !
  4. कॉम्बिनेशन टूल ले स्टील पैड फिक्सिंग स्क्रू को बाएँ हाथ से स्टील पैड पर काबू रखते हुए दो या तीन चक्कर दाहिने करे !
  5. स्टील पैड फायर पीन और फायरिंग पीन को निकले ! याद रखे मोर्टार को इससे ज्यादा नहीं खोलना चाहिए  !
51 mm मोर्टार को जोड़ने  का तरीका(51mm Mortar ko jodne ka tarika) :जोड़ने के लिए खोलने की तमाम करवाई  उल्टा करे !
  1. फायरिंग पीन का मोटा हिस्सा निचे डालते हुए लगे और फिरे फायरिंग स्प्रिंग डाले !
  2. स्टील पैड को लगा दे !
  3. स्टील पैड को बाएँ हाथ से काबू रखते हुए कॉम्बिनेशन टूल से स्टील पैड फिक्सिंग स्क्रू को टाइट करे दे !
  4. बैरल को जोड़ने के लिए सफ़ेद लाइन का ख्याल रखते हुए बैरल को 1/4 दाहिने रखे !
  5. अब घडी के सुइओं के रुख में घुमा के कास दे ! 
  6. अगर दूसरी किस्म की बैरल है तो उसकी सफ़ेद लाइन 1/4चक्कर  घुमादो !
  7. यकीन करो की बैरल ठीक तरह से जुड़ गया है !मजल कवर लगा दे !

इस प्रकार से यहाँ 51 mm मोर्टार को खोलना  जोड़ने तथा निरिक्षण करने का तरीका के जानकारी ख़त्म हुई ! उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगी ! अगर कोई कमेंट हो तो निचे कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे !ब्लॉग को  सब्सक्राइब और अपने दोस्तों के बिच भी फेसबुक के ऊपर शेयर  कर हमलोगों को सपोर्ट  करे 
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51 mm मोर्टार तथा इसके डायल साईट के बेसिक टेक्निकल जानकारी

पिछले पोस्ट में हमने 7.62 mm LMG को फिक्स्ड लाइन पे कैसे लगाया जाता है इसके बारे में जानकारी शेयर की पोस्ट में हम 51mm मोर्टार के बेसिक सामान्य टेक्निकल डाटा तथा इसके डायल साईट(51mm Mortar ke basic technical data aur dail site ki jankari) के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करेंगे !

जैसे की हम जानते है की 2" मोर्टार में कुछ कमिया थी  जिसके कारन ही 2" मोर्टार के को आर्म्ड फोर्सेज ने अपने यहाँ से हटाया और 51mm मोर्टार के रूप में एक दूसरी मोर्टार को अपनाया जो की 2" मोर्टार में मौजूद कमियों को दूर कर के बनाया गया है !51mm मोर्टार के बेसिक डाटा इस प्रकार से है :
51mm Mortar with sling and muzzle cover
51mm Mortar with sling and muzzle cover
  • वजन(weight of 51mm Mortar) : 4.88 kg  सीलिंग और मजल कवर के बिना 
  • बैरल(51mm mortar barrel wight)  :2.14 kg
  • बेस(weight of 51mm mortar base) : 2.74 kg
  • लम्बाई(51mm mortar ki lambai) : 670 mm
  • बैरल की लम्बाई(51mm mortar barrel lambai) :540mm
  • कैलिबर (कुत्तर-लो)(51mm mortar barrel dia-low): 51.18mm
  • कैलिबर (कुत्तर-हाई)(51mm mortar barrel dia-high):51.28mm
  • मजल वेलोसिटी(51mm mortar ki muzzle velocity) :107 m/second
  • रेट ऑफ़ फायर(51mm Mortar ke rate of fire): नार्मल -8 बम (3मिनट)
  • रेट ऑफ़ फायर तेज -12बम (3 मिनट)
  • मजल कवर तथा स्लिंग का वजन(51mm mortar ki muzzle cover aur sling ka wajan) : 280gm
  • ब्रीच केस की लम्बाई(51mm mortar ki breach kes ki lambai) : 190mm
  • ब्रीच केस की चौड़ाई(breach kes ki chaudai) :110mm
51mm मोर्टार के कुछ विशेषताए  जो की 2" मोर्टार में नहीं थी(51mm Mortar vs 2" mortar) :

  • 51 mm मोर्टार का ऊपर वाला भाग बेल टाइप का है !
  • 51 mm मोर्टार में कोलर ब्रैकेट लगा है जिसमे डायल साईट फिट किया जाता है 
  • इसमें डायल साईट की सुविधा है !
  • बैरल और नटकैच  2"मोर्टार से अलग है !
  • 51 mm मोर्टार की लमाबाई ज्यादा है 2" मोर्टार से !
  • फायरिंग लीवर मुड़ा हुवा है जिससे की उससे प्रेस करने में ज्यादा तकलीफ नहीं होती ! 
  • फायरिंग मेचानिज्म अलग है 
  • बेस प्लेट चौड़ा है 
  • बैरल की थ्रेड बहार है !
  • 2" मोर्टार में रेंज लाने के लिए एंगल और डिग्री का इस्तेमाल किया जाता है जब की 51mm में डायल साईट का इस्तेमाल किया जाता है !
51mm मोर्टार के साथ आने वाले एक्सेसरीज (51mm mortar ke sath aane wale accessories)
  1. स्क्रू ड्राईवर -       6 x 100mm
  2. स्क्रू ड्राईवर -       4mm
  3. स्पिनर डबल -     100 x 100mm
  4. LN key        -     5mm
  5. बॉक्स स्पानेर-      24mm
  6. स्पिनर डबल - 17 x 19 mm
  7. कैन आयल 
  8. बोर क्लीनिंग ब्रश 

स्पेयर पार्ट बॉक्स के सामान(51mm mortar ke spare boxke saman)
  •  फायरिंग पीन(Firing pin) 
  • फायरिंग स्प्रिंग(firing spring) 
  • LN की(LN Key)
  • स्ट्राइकर गेज (stricker gause)
  • विंग नट(wing nut)
  • एक बम एक्सटेंसन की आता है ! जब बैरल ज्यादा गरम या गन्दा हो जाता है मिस फायर बम बैरल में फंस जाता है उसको बहार निकलने के लिए !

51 mm मोर्टार के डायल साईट का बेसिक जानकारी (51mm Mortar ke dailsite ki basic jankari):

जैसे की हम जानते है की   2" मोर्टार में रेंज लाने के लिए एंगल और डिग्री का इस्तेमाल किया जाता है जब की 51mm में डायल साईट का इस्तेमाल किया जाता है !डायल साईट की बेसिक टेक्निकल डाटा इस प्रकार से है :
  • वजन(weight of 51 mmMortar dail site)  : 350 gm
  • डायमीटर(Daimeter of 51 mmMortar dail site): 125 x 110 mm
डायल साईट के हिस्से पुर्जे (parts of 51mm dail site):
  1. हाउसिंग (housing)
  2. हाउसिंग ब्रैकेट (Housing bracket)
  3. ब्रैकेट स्क्रू (Bracket screw)
  4. रेंज स्केल (Range scale)
  5. पोलोथेर्म प्लेट  (Poletherm plate)
  6. विंग नट(wing nut)
  7. स्प्रिट बब्ल(sprit bubble)
  8.  क्रुस्सर लाइन (crusser line)

51 mm के बदलाव के फायदे (Merit of 51mm Mortar):
  1. 51 mm मोर्टार में बेस प्लेट होने के कारन ये रेट और मिटी में आसानी से नहीं घुस पता है इसलिए इसका इस्तेमाल रेत और मिटी में भी आसानी से किया जा सकता है !
  2. डायल साईट लग जाने के कारन अब सही रेंज लगाकर टारगेट के ऊपर बम गिराया जा सकता है ! 
सावधानिया(Precauation in handling 51mm Mortar): इस पर दो रेडियो एक्टिव सिग्न(radio active sign) होते हैअगर साईट टूट जाती है तो इसके नजदीक वे जवान का मेडिकल चेक उप करना चाहिए ! और टूटी हुई साईट को पॉलिथीन में पैक करके वर्कशॉप में भेज देना चाहिए ! 


इस प्रकार से यहाँ 51mm मोर्टार की सामान्य जानकारी ख़त्म हुई, उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा !अगर कोई कमेंट हो तो निचे कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे ! ब्लॉग को सब्सक्राइब और अपने दोस्तों के बिच भी फेसबुक के ऊपर शेयर  कर हमलोगों को सपोर्ट  करे 


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