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Monday, December 26, 2016

मार्क्स मैन के गुण और मार्क्स मैंन बनाने का तरीका

पिछले पोस्ट में हमने इंसास राइफल से स्टैंडिंग पोजीशन में फायर करने के तरीका के बारे में जानकारी हासिल की इस पोस्ट में हम संक्षिप्त जानकारी अच्छे निशानेबाज बनाने (Small Arms training me Marksman ke banne liye liye jaruri baate) के बारे में जानेगे !




आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स के जवानों को एक अच्छे निशानेबाज होने बहुत जरुरी है और उसका बहुत सारे फायदे है तो अच्छे निशानेबाज बनाने के लिए एक निशानेबाज के अन्दर क्या गुण होने चाहिए ये हमें जानना बहुत ही जरुरी है !

जरुर पढ़े :9 mm पिस्तौल का खुबिया और खामिया

अच्छे निशानेबाज के गुण(Marksman ke quality ) : अच्छे निशानेबाज होने के लिए कुछ विशेष गुण की जरुरत होती है जो इस प्रकार से है !
  • वेपन हैंडलिंग में माहिर हो !
  • अच्छी सूटिंग की बेसिक जानकारी होनी चाहिए !
  • भिन्न भिन्न पोजीशन से  ग्रुप फायर करने में माहिर हो !
  • फायरिंग की गलती को सुधारना आता हो 
  • हवा के रफ़्तार के अनुसार फायरिंग आता हो 
  • दिए हुए टाइम के अन्दर स्नेप और मूविंग टारगेट को मार सकने की क्षमता हो !
  • सिखने की क्षमता रखता हो !
अच्छे निशानेबाज के लिए ट्रेनिंग कोर्स(Training stage of markshaman) 
प्रारंभिक ट्रेनिंग(Preliminary training)
  1. स्क्वाड पोस्ट ट्रेनिंग(Squad post training)
  2. शोर्ट रेंज फायरिंग (Short Range firing)

बेसिक मार्क्स मैन शिप ट्रेनिंग (Basic Marksmanship training)
  • तैयारी स्टेज (Prepratory stage)
  1. ग्रुपिंग & ज़ेरोइंग 100 गज से (Grouping & Zeroing)
  2. एप्लीकेशन फायर (Application fire)
  • बेसिक एनुअल रेंज क्लासिफिकेशन फायर(Basic ARCF)
  •  कॉम्बैट मार्क्स मैंनशीप(Cambat Markshmanship)
  1. IWT क्लास 
  2. कॉम्बैट रेंज कोर्स
  3. फील्ड फायरिंग  

मास्टर आँख पता करने का तरीका (How to detect master eye): अच्छे फायर बनाने  के लिए ये बहुत ही जरुरी है की फायरर को अपने मास्टर आँख के बारे में पता हो की उसका कौन सा आँख मास्टर आँख है ! वैसे तो ज्यादातर लोगो का मास्टर आँख दाहिना आँख ही होता है !

मास्टर आँख जानना इस लिए जरुरी है क्यों की इससे दुरुस्त अलिंग्मेंट करना आसन होता है फायरिंग के दौरान ! साधारण तह दो मेथड है जिसके साथ हम अपने मास्टर आँख को जन सकते है !
  1. मिलर कोन मेथड(Miller cone method) : अपने दोनों हाथो को फैलये  और फायर उसको अपने दोनों आँखों के सिद्ध में लाये और दोनों हाथो के बीच थोडा गैप रखते हुए  किसी ऑब्जेक्ट को देखे और फिर अपने हाथ  को धीरे धीरे आँखों को करी लाये और उस ऑब्जेक्ट को भी देखते रहे इस दौरान जिस आँख की और दोनों हाथे एप्रोच करेगी वही आपका मास्टर आँख है ! 
  2. सिंगल ऑब्जेक्ट फ़ोकसिंग मेथड(Single Object focusing method) : इस मेथड में फायरर अपने दोनों आँखों को खोले रख कर एक बस्तु विशेष पर अपनी आँखों को फोकस और अलिंग्मेंट करता है ! जैसे की उदाहरण के लिए ओ किसी एक पेंसिल को  दोनों आँखों से देखता है , उसके बाद उसी पेंसिल को एक-एक कर  आँख बंद कर के देखता इस दौरान जिस आँख से पेंसिल की पोजीशन एक ही पोजीशन में दीखता है वही फायरर का मास्टर ाआँख है ! 

दुरुस्त  फायरिंग स्किल के लिए अहम् जरूरियात(Fundamentals of accurate firing) :
  1. खड़ा होने का तरीका(Stance): खड़ा इस प्रकार से हुवा जाय की बॉडी, हाथ  और गन का अलिंग्मेंट टारगेट के साथ एकदम सही हो 
  2. हथियार के ऊपर पकड़(Grip) : हथियार के ऊपर पकड़ ऐसा की गन V फॉर्म बना हुवा हो और पिस्तौल अंगूठा और इंडेक्स फिंगर के बीचा अच्छा से ग्रिप बनाया हुवा हो  
    पिस्तौल का ग्रिप बनाना
    पिस्तौल का ग्रिप बनाना 
     
  3. साँस के ऊपर कण्ट्रोल(Breath Control) :साँस के ऊपर कण्ट्रोल रखना इस लिए जरुर होता है क्यों की इसके द्वारा हम बॉडी के मूवमेंट को कम किया जा सकता है ! इस लिए यह सलाह दिया जाता है की फायरर को साँस गोली को फायर हो जाने और दुबारा फायर करने के दौरान लेना चाहिए नकी फायरिंग और ट्रिगर ऑपरेशन के दौरान . 
  4. साईट अलिंग्मेंट(Sight Alingment) :  फोरे साईट और रियर साईट एक सिद्ध में होने चाहिए न की उप और डाउन यानि दुरुस्त साईट अलिंग्मेंट होनी चाहिए !
  5. ट्रिगर ऑपरेशन(Trigger Operation) : ट्रिगर ऑपरेशन स्मूथ होना चाहिए और ट्रिगर को झटके से नहीं दबाना चाहिए बल्कि धीरे धीरे प्रेशर को रिलीज़ कर के दबाना चाहिए !

ऊपर बताये गए पांचो पॉइंट्स एक अच्छे फायरर बनाने के लिए कभी अहमियत रखता है और ये अलग अलग हथियारों  पोजीशन  लिए अलग अलग होता है जैसे की हमने इंसास के स्टैंडिंग पोजीशन के लिए अपने पिछले पोस्ट में पटाया है वैसी और सभी हथियारों  लिए अलग होता है लेकिंग सभी प्रकार के हथियारों को फायर करने के लिए ऊपर वाले बाते लागू होती है !

इसी के साथ अच्छे फायरर में होने वाले गुण और अच्छी फायरिंग के लिए जरुरी बातो के बारे में संक्षिप्त जानकारी समाप्त हुई उम्मीद है की ये पोस्ट पसंद आएगा !अगर इस पोस्ट तथा इस ब्लॉग के बारे में कोई कमेंट या सुझाव हो तो निचे लिखे कमेन्ट बॉक्स में जरूर  दे !ब्लॉग को  सब्सक्राइब और अपने दोस्तों के बिच भी फेसबुक के ऊपर शेयर  कर हमलोगों को सपोर्ट  करे !

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