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Sunday, October 23, 2016

51 mm मोर्टार छोटी छोटी बाते

पिछले पोस्ट में हमने 2" मोर्टार की खुबिया और खामिया के बारे में जानकारी हासिल की इस पोस्ट में हम 51 mm मोर्टार के छोटी छोटी बेसिक जानकारी(51 mm mortar ke chhoti choti basik jankaria) हासिल करेंगे क्यों की मुख्य जानकारिय हमने 51 mm मोर्टार के बारे में पहले ही शेयर कर चुके है !



जैसे की हमने पहले ही बता चुके है की 51 mm मोर्टार की मुख्या जानकारी पहले ही पोस्ट की जा चुकी है इस पोस्ट की जानकारी प्रश्नोत्तर के रुप में होगी जो ज्यादातर प्रमोशनल ट्रेनिंग और प्रमोशन के इंटरव्यू में पूछे जाते है !


Q.  51 mm मोर्टार का कैलिबर बताये ?
A. i. कम से कम - 51.18 mm
     ii.ज्यादा से ज्यादा - 51.28 mm
Q. 51 mm मोर्टार की लम्बाई ?

जरुर  पढ़े : ट्राईपोड़ और LMG को माउंट और डिसमाउंट करने का तरीका

A i. ब्रीच बेस के साथ -670 mm
    ii. बिना ब्रीच बेस यानि केवल बैरल की लम्बाई - 540 mm
Q51 mm मोर्टार का वज़न बताओ ?
A. i. ब्रीच बेस अस्सेम्ब्ली के साथ - 4.88 kg.
     ii.ब्रीच बेस और साईट के साथ -5.23 kg
     iii. ब्रीच बेस अस्सेम्ब्ली के बिना या केवाल बैरल का वजन - 2.14 kg
Q51 mm मोर्टार की कारगर रेंज कितना होता है 
A. i. मार्क -I अमुनिसन के साथ - अधिकतम  850 मीटर  और न्यूनतम - 180 मीटर
     ii. मार्क-II अमुनिसन के साथ - अधिकतम  1080 मीटर , न्यूनतम 200 मीटर

जरुर  पढ़े : LMG के चाल तथा फौरी इलाज से दूर होने वाले 4 LMG के रोके l

Q51 mm मोर्टार की बैरल का कंडेमनेशन लिमिट बताओ ?
A. i. 51.78 mm
Q51 mm मोर्टार का रेट ऑफ़ फायर कितना होता है ?
A. i. नार्मल - 8 राउंड /मिनट
     ii. इंटेंस - 12 राउंड्स / मिनट
Q51 mm मोर्टार की मजल वेलोसिटी कितनी होती है ?
A. i. 107 मीटर/सेकंड
Q51 mm मोर्टार साईट का पूरा नाम क्या है ?
A. i.  साईट  51 mm मोर्टार 102 A
Q. क्या साईट 51 mm मोर्टार 102 A से HE मार्क-II बम फायर कर सकते है ?
A. i. नहीं क्यों की यह साईट सिर्फ मार्क -I बम को फायर करने के लिए बनाया गया है ! मार्क -II बोम्बो की रेंज ज्यादा होने के कारन इस साईट को इस्तेमाल नहीं किआ जा सकता है !
Q. साईट 51 mm मोर्टार मार्क - 102 A का वजन कितना है ?
A. i. 350 ग्राम 
Q. साईट 51 mm मोर्टार से सही कोण कैसे हासिल करते है ?
A. i. हाउसिंग असेम्बली के रेंज स्केल पर सही रेंज लगाकर स्प्रिट बब्ल का मध्य में रखने से सही कोण हासिल होता है !
Q51 mm मोर्टार की लो एंगल किसे कहते ?
A. i. 0 डिग्री से 45 डिग्री  के एंगल को लो एंगल कहते है ! इस एंगल पर फायर करने से बम की उड़न का समय और हवा का असर कम होता है !
Q51 mm मोर्टार की हाई  एंगल किसे कहते ?
A. i. 45 डिग्री से 80 डिग्री  के एंगल को लो एंगल कहते है ! इस एंगल पर फायर करने से बम की उड़न का समय ज्यादा व  हवा का असर भी ज्यादा  होता है ! लेकिन किसी आड़ या क्रेस्ट लाइन के पीछे बम गिराया जा सकता !

जरुर  पढ़े :2" मोर्टार का पार्ट्स और टेक्निकल डाटा

Q51 mm मोर्टार फायर करते समय कितने बम फायर होने के बाद रॉड से सफाई करनी चाहिए ?
A. i. 30 बम 
Q51 mm मोर्टार की बैरल को जोड़ते समय क्या  ध्यान में रखना चाहिए ?
A. i. बैरल पर लगी सफ़ेद लाइन एक चौथाई दाहिने हो 
Q51 mm मोर्टार HE बम का रंग देख कर कैसे पहचानते है ?
A. i. इसका रंग बादामी और बॉडी के ऊपर लाल रंग की धरी देखकर पहचानते है !
Q51 mm मोर्टार के HE बम का वजन कितना होता है ?
A. 980 gm +- 25 gm 
Q51 mm मोर्टार HE बम की लम्बाई कितना होता है ?
A. 270 mm
Q51 mm मोर्टार HE बम का मार डालने व खतरे का इलाका कितना होता है ?
A.i. मार डालने का इलाका - 25 मीटर चारो तरफ
    ii. खतरे का इलाका - 80 मीटर चारो तरफ 

जरुर  पढ़े : AK-47 और INSAS Rifle में कौन बेहतर ?

Q51 mm मोर्टार HE बम मार्क -II का वजन कितना होता है ?
A. 850 gm 
Q51 mm मोर्टार के स्मोक का वजन कितना होता है ?
A. 960 gm.
Q51 mm मोर्टार स्मोक बम का रेंज कितना होता है ?
A. i. अधिकतम - 850 मीटर 
     ii. न्यूनतम - 180 मीटर 
Q51 mm मोर्टार को कितने पोजीशन से फायर किया जाता है ?
A.i. निलिंग 
    ii. लायिंग 
Q51 mm मोर्टार  से कितनी तरह की फायर करते है ?
A. i डायरेक्ट 
    ii. इनडायरेक्ट 
Q51 mm मोर्टार से फायर करते समय रेंज और दिशा की कम से कम कितनी दुरुस्ती दी जनि चाहिए ?
A. i. रेंज- कम से कम 50 मीटर
     ii. दिशा -कम से कम 5 डिग्री 

इस प्रकार से यहाँ 51 mm मोर्टार की छोटी छोटी बातो की संक्षिप जानकारी समाप्त हुई !उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब  फेसबुक पर शेयर करके हमलोगों को सपोर्ट करे!

जरुर  पढ़े : 5.56 mm INSAS राइफल के मग्जिन को भरना खाली करना और रेंज लगाना

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इसे भी जरुर पढ़े :
  1. 51 mm मोर्टार तथा इसके डायल साईट के बेसिक टेक्निकल जानकारी
  2. 51mm मोर्टार को खोलना जोड़ना और उसके पार्ट्स के नाम
  3. 51mm मोर्टार की साफ सफाई का तरीका
  4. 51mm मोर्टार के हाई एक्सप्लोसिव बम की चाल और पहचान
  5. स्मोक और इल्लू बम का चाल और बेसिक डाटा
  6. 30mm AGL के बेसिक टेक्नीकल डाटा , विशेषताए और पार्ट्स का नाम
  7. राइफल का ग्रुपिंग क्या होता है और उसका सिधांत
  8. आश्रू गैस का इतिहास और इसका इस्तेमाल
  9. आश्रू गैस के प्रकार तथा उपयोग
  10. आसू गैस के फायर के ऊपर असर डालने वाले तत्व और उसका निदान

Wednesday, October 19, 2016

गार्ड मौंटिंग ड्रिल भाग -II

पिछले पोस्ट में हमने ड्रिल के एक  बहुत ही महत्व पूर्ण ड्रिल  गार्ड मौन्टिंग के पार्ट -I बारे में बात किये और इस पॉट में हम उसी टॉपिक का दूसरा भाग को पुर करूँगा यानि गार्ड मौन्टिंग भाग =II(quarter Guard mounting drill-II)  !



जैसे की हमने पहले भाग में बताया है की गार्ड मौन्टिंग कुल दो भागो में पूरा होता है ! जब सन्तरी नयी गार्ड के आते देखता है यहाँ से ड्रिल का दूसरा भाग शुरू होता है जिसकी करवाई तरतीब वर इस प्रकार से की जाती है !

(a)ओर्देर्ली ऑफिसर /सब ऑफिसर बाएं मुड करके सी एच एम् / ड्यूटी एन सी ओ को लाइन तोड़ और कमांडेंट स्टिक ओर्देर्ली को विसर्जन  करते है

जरुर पढ़े : गार्ड मौन्टिंग का ड्रिल भाग -I

(b)गार्ड 30 या 40 दूर हो तो सन्तरी लाइन बन का वर्ड ऑफ़ कमांड देता है ! गार्ड दौड़ कर आती है और मुकरर की हुई जगह पर कड़ी हो जाएगी ! नई आने वाली गार्ड आकर पुरानी गार्ड  के 15 कदम आगे थम करती है ! गार्ड  2 i/c और गार्ड कमांडर मुड करते ही अपनी जगह लेते है


(c) पुराना गार्ड कमांडर  दाहिने सज का वर्ड ऑफ़ कमांड देता है ! " गार्ड दाहिने से सज जा "

ध्यान रखे : अगर गार्ड को 15 कदम आगे खड़े होने की जगह नहीं है तो नई गार्ड पुराणी गार्ड के बाएं कड़ी हो सकती है ! दो नो गार्ड कमांडर अपनी  गार्ड की ड्रेसिंग करते अहि ! इस वक्त दो नो गौर्द सामने से भी कवर होगी ! सामने देख के वर्ड ऑफ़ कमांड के बाद तरतीब से पुराना गार्ड कमांडर  पहले वर्ड ऑफ़ कमांड देगा उसके बाद नया गार्ड कमांडर वर्ड देगा ! यानि ड्रिल की करवाई पहले पुराणी गार्ड करेगी उसके बाद नयी गार्ड ड्रिल करेगी !

जरुर पढ़े : 4 स्टेप्स में तेज चल कि करवाई कैसे की जाती है

(d)पुरानी गार्ड का गार्ड कमांडर वर्ड ऑफ़ कमांड देता है "पूरानी गार्ड सलामी शास्त्र (Purani guard slami sashtr)" इस पे पुरानी गार्ड सलामी शास्त्र की करवाई करती है! उसके बाद ने नयी गार्ड का गार्ड कमांडर वर्ड फ कमांड देता है " नयी गार्ड सलामी शास्त्र " तो  नयी गार्ड सलामी शास्त्र करके  पूरानी गार्ड के सलामी शास्त्र की जवाब देती है !

(e)फिर पुरानी गार्ड का गार्ड कमांडर वर्ड ऑफ़ कमांड देता है "पुरानी गार्ड विश्राम " तो पुरानी गार्ड विश्राम हो जाती है उसके बाद नयी गार्ड का गार्ड कमांडर वर्ड  ऑफ़ कमांड देता है " नयी गार्ड विश्राम " तो नयी गार्ड विश्राम हो जाती है !

(f) जैसे ही दोनों गार्ड विश्राम होता वैसे  ही  दोनों गार्ड कमांडर सावधान एक साथ  होते है और पुरानी गार्ड का गार्ड कमांडर नयी गार्ड के गार्ड कमांडर को ज़रूरी बाते बताता है जैसे :" दिन के लिए दो और रात के लिए तीन सन्तरी ठीक है और इसके अलावा अगर कैदी है तो उसके बारे में भी बताता है तथा और कोई विशेष बाते है उसे भी शेयर करता है" !

जरुर पढ़े :5 स्टेप्स में तेज चाल से पीछे मुड की पूरी करवाई

(e)पुराना गार्ड कमांडर विश्राम करता है ! नया गार्ड कमांडर गार्ड के सामने 5 कदम जाकर  थम करता है और पीछे मुड करके गार्ड से गिनती करवाके सन्तरी बाटता है नॉ -१ सामने बहार, नॉ-2 खजाने पर इस तरह सभी ड्यूटी  बाटता है और गार्ड 2i/क वर्ड ऑफ़ कमांड देते हुए उन्हें ड्यूटी पॉइंट पे ले जाता है  " गार्ड सावधान , दाहिने से गिनती कर पहला बदली (नॉ-1 और 2) और गार्ड 2 i/c की जगह पर बदली संगीन लहयेगा लगा संगीन , बदली सावधान बदली बगल सशत्र एक फाइल में दाहिने चलेगा दहीं मुड तेज चल "

(f)बदली मार्च होते ही नया गार्ड कमांडर पीछे मुड करता है उसी वक्त पुराना गार्ड कमांडर  सावधान हो जाता है और दोनों मिलकर गार्ड रूम में जाते है और चार्ज लेते /देते है ! बदली हो जाने पर पुराना गार्ड 2 i/c बदली को सावधान करता है और रिलीफ अपनी अपनी जगह आके मिल जाते है !

(g) चार्ज लेने और देने की करवाई पूरी होने के बाद दोनों गार्ड कमांडर ओर्देर्ली ऑफिसर /सब ऑफिसर के सामने आठ कदम पर थम करते है सलूट करते है और रिपोर्ट देते है !
पुराना गार्ड कमांडर "श्रीमान गार्ड रूम का चार्ज लेकर लेजर के मुताबिक दे दिया है "
नया गार्ड कमांडर " श्रीमान गार्ड रूम का चार्ज लेजर के मुताबिक ले लिया है "

जरुर पढ़े : खड़े खड़े सलूट का तरीका और जरुरत

(h) दोनों गार्ड कमांडर सलूट वापसी अपनी गार्ड के दाहिने और ओर्देली ऑफिसर पुराना गार्ड को ले जाने के लिए वर्ड ऑफ़ कमांड देता है !

(i) पुराना गार्ड कमांडर वर्ड ऑफ़ कमांड पुराने गार्ड को देता है " पुराना गार्ड सावधान ,गार्ड निकट लाइन चल, गार्ड बगल शास्त्र , फाइल में दाहिने चलेगा दाहिने मुड, बाये से तेज चल "

(j)  जब पुरानी गार्ड रही होती है उस समय नयी गार्ड के गार्ड कमांडर अपनी गार्ड को सलामी शस्त्र का वर्ड ऑफ़ कमांड देता है जिससे नयी गार्ड पुरानी गौर्द को सलामी सज करती है और पुरानी गार्ड केवल दाहिने देख यानि नयी गार्ड  की ओर  देख की करवाई करती है ! 

(k)  बाजु सस्त्र हो जाने के बाद  गार्ड कमांडर अपनी जगह से मार्च करते गार्ड को दुरुस्त जगह ले जाता है यहाँ से पुराणी गार्ड गयी है ! इसके बाद नयी गार्ड अपने आप को गार्ड  के नाम से पुकारते  है ! दुरुस्त जगह आजाने के बाद गार्ड कमांडर गार्ड को ज़रूरी हिदयेते देता है !

जरुर पढ़े : 2 स्टेप्स में खड़े खड़े दाहिने सलूट की करवाई की तरीके

(L) गार्ड को विश्राम करा दिया जाता है ! गार्ड आर्डर के मुताबिक कर करती है ! गार्ड माउंट होने के बाद गार्ड को गार्ड आर्डर पढ़ का सुनाया जाता है जो की हर जवानको मालूम होना चाहिए की उसकी ड्यूटी क्या है !

इस प्रकार से गार्ड मौंटिंग का दूसरा पार्ट ख़त्म हुवा !उम्मीद है की पोस्ट पसंद आएगा! अगर कोई कमेंट हो तो निचे के कमेंट बॉक्स में जरुर लिखे !इस ब्लॉग को सब्सक्राइब  करके हमलोगों को सपोर्ट करे!

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इन्हें भी  पढ़े :
  1.  2 स्टेप्स में खड़े खड़े बाएँ सलूट की करवाई का तरीका
  2. विशार्जन , लाइन तोड़, और स्वस्थान का ड्रिल करवाई
  3. धीरे चाल से सामने सलूट की जरुरत और करवाई
  4. 4 स्टेप्स में धीरे चल से दाहिने दाहिने सलूट की करवाई और जरुरत
  5. 4 स्टेप्स में धीरे चल से बाएँ सलूट के ड्रिल और कमांड
  6. "परेड पर(getting on parade) " जरुरत और करवाई
  7. परेड मार्च पास्ट का कमांड और मार्च पास्ट परेड करने का तरीका
  8. 7 स्टेप्स में पत्र के साथ सामने सलूट की पूरी करवाई करने का तरीका
  9. धीरे कदम ताल , थम और आगे बढ़ की ड्रिल की करवाई करने का तरीका !
  10. खड़े खड़े बाएँ स्क्वाड बना ड्रिल की कमांड और तरीका

Wednesday, October 12, 2016

गार्ड मौन्टिंग का ड्रिल भाग -I

पिछले ड्रिल के पोस्ट में हमने खड़े खड़े बाएँ स्क्वाड बना के बारे में जानकारी(khade khade baey squad bana ) हासिल की इस पोस्ट में हम गार्ड मौन्टिंग की ड्रिल(Guard Mounting drill-I) के बारे में जानकारी शेयर करेंगे !



जैसे के हम जानते है की गार्ड मौन्टिंग(Guard Mounting का ड्रिल एक बहुत ही अहम् ड्रिल किसी बटालियन के लिए होती है जिसे जब कभी भी क्वार्टर गार्ड की बदली किया जाता है तो गार्ड मौन्टिंग और डिसमौन्टिंग(Guard Dismonting) की ड्रिल की जताई है ! इस ड्रिल की जितनीं करवाई है उसकी जानकारी सभी जवानों के साथ साथ ऑफिसर को भी होना चाहिए क्यों की  ऑफिसर भी इस ड्रिल में सहभागी होते है !
गार्ड मौन्टिंग

गार्ड मौन्टिंग की ड्रिल(Guard Mounting drill) तीन भागो में पूरी होती है   और भाग-I जो की इस प्रकार से है

(a) ठीक समय पर बिगुलर(Bigular) गार्ड कॉल(Guard Call) बजता है जिससे सीएचएम् / ड्यूटी एन सी ओ  अपनी जगह पे आ जाता है !ओर्देर्ली ऑफिसर(Orderly Officer) मौन्टिंग की जगह पर दाहिने से बाएं की तरफ चक्कर लगते है और गार्ड का काम देखते है !

(b) उसके बाद सीएचएम् / ड्यूटी एन सी ओ(CHM/Orderly UO) गार्ड परेड पर का कमांड देता है ! और ड्यूटी एन सी ओ गार्ड को परेड पर करता है ! गार्ड परेड पर के वर्ड ऑफ़ कमांड पर गार्ड ठीक जगह पर थम करती है ! ड्रेसिंग और दाहिने से बाएं जोडियो में विश्राम करते है ! गार्ड के थम होते ही ओर्देर्ली ऑफिसर या सब ऑफिसर (Officer or SO)अपनी जगह थम करते है !


(c) सीएचएम् / ड्यूटी एन सी ओ  गार्ड को सावधान करके पीछे मुड करके ओर्देर्ली ऑफिसर सलूट देता है और  परमिशन लेता है "श्रीमान शुरू करने की अनुमति चाहता हु !" ओर्देर्ली ऑफिसर आदेश देते है " करवाई शुरू की जाय "

(d) सीएचएम् / ड्यूटी एन सी ओ   सलूट कर पीछे मुड और गार्ड को कमांड देता है "गार्ड सावधान , गार्ड सज दाहिने सज "

(e) ड्रेसिंग हो जाने के बाद  सीएचएम् / ड्यूटी एन सी ओ  पीछे मुड करके सलूट और ओर्देर्ली ऑफिसर /सब ऑफिसर को  रिपोर्ट देता है "श्रीमान  गार्ड निरिक्षण के लिए हाज़िर है "

(f) सलूट पीछे मुड और ओर्देर्ली ऑफिसर /सब ऑफिसर को अपने साथ इंस्पेक्शन के लिए ले जाता है और इंस्पेक्शन के बाद गार्ड के पिछली लाइन से सात कदम पीछे खड़ा हो जाता है ! ओर्देर्ली ऑफिसर गार्ड में से कमांडेंट स्टिक ओर्देर्ली निकलने के लिए गार्ड का शाश्त्र कावाद देखते है जिसमे निम्नलिखित  ड्रिल गार्ड का करते है और जिसका टर्न आउट अच्छा होगा उसको कमांडेंट स्टिक ओर्देर्ली लगते है !" गार्ड बगल सशत्र ! बाजु सशत्र ! गार्ड सलामी सशत्र ,! बाजु शाश्त्र " इस ड्रिल  के बाद जिस जवान का टर्न आउट और ड्रिल अच्छा होगा उस इंडीकेट करते हुए  कमांड देते है "अगली लाइन/पिछली लाइन कमांडेंट स्टिक ओर्देर्ली (CO Stick orderly)लाइन तोड़ ! ये वह जवान होगा जिसका टर्न आउट और ड्रिल अच्छा है !

(g)स्टिक ओर्देर्ली एक कदम आगे या पीछे बगल सशत्र तेज चल बाएं घूम और गार्ड के पीछे सात कदम जाकर  ड्यूटी एन सी ओ के बाएँ और सेण्टर जवान को कवर करता हुए खड़ा हो जाता है ! उसके बाद ओर्देर्ली ऑफिसर गार्ड को निकट लाइन करवा कर ड्रेसिंग करवाता है ! "निकट लाइन चल ! दाहिने सज "


(h) ओर्देर्ली ऑफिसर /सब ऑफिसर  गार्ड को जगह पर जाने के लिए गार्ड को दाहिने मुड करवाते है ! गार्ड कमांडर दाहिने मुड करता है ! गार्ड कमांडर बाएं पों को आगे लेते ही दाहिने घोम करते हुए 6 एक -दो  कदम ऐसा लेता है की वो गार्ड की पिछली लाइन में सबसे बाएं जवान की लाइन पर जा कर थम करता है ! इस दौरान गार्ड 2 i/c 6 एक -दो कदम लेकर गार्ड कमांडर की जगह थम करता है ! दोनों एक साथ टर्न करते है गार्ड 2 i/c पीछे मुड करके मुकरर की हुई जगह पर  खड़ा हो जाता है ! ओर्दीर्ली ऑफिसर/सब ऑफिसर  बाएं टर्न करके अपनी जगह पर चले जाता है ताकि गार्ड को  मार्च करने का आर्डर देते है! " गार्ड कमांडर दाहिने मुड! गार्ड फाइल में दाहिने चलेगा दाहिने मुड! गार्ड कमांडर गार्ड को मार्च करो! गार्ड कमांडर- गार्ड बाएं से तेज चल" ! 

(i)गार्ड कमांडर गार्ड को सही डायरेक्शन देते हुए गार्ड को दुरुस्त जगह ले जाते है ! ओर्देर्ली ऑफिसर/सब ऑफिसर दाहिने देख का जवाब सलूट से देते है और सामने देख कराते है ! गार्ड कमांडर का आदेश " गार्ड बाएं घूम ! गार्ड दाहिने देख ! उसके बाद ओर्देर्ली ऑफिसर का आदेश -" सामने देख "! गार्ड कमांडर का आदेश - " सामने देख "
(j) ओर्देर्ली ऑफिसर /सब ऑफिसर बाएं मुड करके सीएचएम् / ड्यूटी एन सी ओ को लाइन तोड़ और स्टिक ओर्देर्ली को विशार्जन का आदेस देते है !कमांड -" सी एच एम्  लाइन तोड़ ! स्टिक ओर्देर्ली विसर्जन "


इस प्रकार से गार्ड मौन्टिंग का पहला भाग समाप्त  हुवा और दुसरे भाग की जानकारी अगले पोस्ट में शेयर करेंगे  !

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इसे भी  पढ़े :

  1. ड्रिल में अच्छी पॉवर ऑफ़ कमांड कैसे दे सकते है
  2. ड्रिल का इतिहास और सावधान पोजीशन में देखनेवाली बाते
  3. VIP गार्ड ऑफ़ ऑनर के नफरी और बनावट
  4. विश्राम और आराम से इसमें देखने वाली बाते !
  5. सावधान पोजीशन से दाहिने, बाएं और पीछे मुड की करवाई
  6. आधा दाहिने मुड , आधा बाएं मुड की करवाई और उसमे देखने वाली बाते !
  7. 4 स्टेप्स में तेज चल और थम की करवाई
  8. फूट ड्रिल -धीरे चल और थम
  9. खुली लाइन और निकट लाइन चल
  10. परेड ड्रिल में आगे और पीछे कदम लेना !

Monday, October 10, 2016

2" मोर्टार का परिचय,और खुबिया तथा इसकी खामिया

पिछले पोस्ट में हमने हथियार /राइफल काट्यूनिंग अप और स्टॉकिंग के बारे में जानकारी शेयर किये ! इस पोस्ट  में हम 2” मोर्टार का परिचय और उसकी विशेषताए क्या क्या है(2" Mortar ka parichay aur visheshtaye ttha iska khamia) उसके बारे में संक्षिप जानकारी शेयर करेंगे !



जैसे की हम जानते है की 2” मोर्टार पैदल सेना का के महत्वपूर्ण हथियार है और पलटन में तोपखाने का कम करता है ! यह मजल द्वारा लोड किया जाता है और इसमें कोई भी ग्रूवेस नहीं होता है ! इससे पांच प्रकार के बम को फायर किआ जाता है !

2” मोर्टार का उत्पति(Origin of 2" Mortar)

2" Mortar 

मोर्टार का प्रयोग मोहम्मद-2 के समय में 1551 में किआ गया था ! ब्रिटिश आर्मी में 1936 में द्वितीय विश्व युद्ध के समय से इस्तेमाल होने लगा तथा भारत बर्ष में सन 1939 में सर्व प्रथम प्रयोग किया गया !



2” मोर्टार दो प्रकार के होता है (Type of 2"Mortar)

विवरण
मार्क-2
मार्क-8
वजन ब्रीच पिस सहित
9 पौंड
9 पौंड 2 औंस
वजन बिना ब्रीच पिस
5 पौंड
5 पौंड
लम्बाई ब्रीच सहित
25.97 इंच
26.44 इंच
लम्बाई बिना ब्रीच पिस
21 इंच
21.37 इंच
बैरल का व्यास कम से कम
2.015 इंच
2.015 इंच
बैरल का व्यास ज्यादा से ज्यादा
2.025 इंच
2.025 इंच
मजल वेलोसिटी
240 इंच/सेकंड
240 इंच/सेकंड
फायर का रफ़्तार (धीमी)
3 से 5 बम/ मिनट
3 से 5 बम/ मिनट
रेंज कम से कम
200 यार्ड
200 यार्ड
रेंज ज्यादा से ज्यादा
525 यार्ड
525 यार्ड
म़ार डालने का इलाका
8 यार्ड चारो तरफ
8 यार्ड चारो तरफ
खतरनाक इलाका
250 यार्ड चारो तरफ
250 यार्ड चारो तरफ
लड़ाई में सुरक्षा की हद
150 यार्ड चारो तरफ
150 यार्ड चारो तरफ

2” मोर्टार की विशेषताए(Characteristics of 2" mortar) :


(a) सरलता (Simplicity)
  • यह बहुत ही छोटा हथियार है जिसे खोलना जोड़ना, लेजाना और फायर करना आसान है !
  • इसकी चाल आसान है और सिखलाई एवं फायर करना आसान है !
  • कामौफ्लाज और कांसिल्मेंट आसान है !
(b) उच्ची उड़न का फायर(High trajectory fire)
  • यह पहाड़ो के पीछे उच्ची आड़ व दर्ख यदि के पीछे से बहुत ही कारगर फायर कार सकता है
  • टूटी फूटी जामिन में भी बहुत ही कारगर है !

(c) मोबिलिटी (Mobility)
  • हलका वजन होने की वजह से कही भी आसानी से ले जाया जा सकता है और अल्टरनेटिव पोजीशन में बदलना आसान है


(d) लचीलापन (Flexibility)
  • सरल बनावट होने की वजह से टारगेट की बदली करना सरल है और किसी भी दिशा में बहुत कम समय में फायर डाला जा सकता है !
(e) फायर क्षमता (Fire Power)
  • सरल बनावट और मजल लोडिंग के कारन रेट ऑफ़ फायर बहुत ही अधिक है !
कमिया (Limitation):
  • दुरुस्ती कम , जिससे ज्यादा बम का प्रयोग करना पड़ता है
  • रेंज  कम है
  • दल दल वाले इलाके में फायर नहीं कर सकते है
  • एरियल वेपन होने के कारन नुकता फायर नहीं किया जा सकता है !

टैक्टिकल एम्प्लॉयमेंट (Tactical Employment)

2” मोर्टार  को पलटन का तोपखाना मन जाता है अतः लड़ाई के दौरान (एडवांस, डिफेन्स  और अटैक) में इसका फायर बहुत ही कारगर साबित होता है ! एडवांस के दौरान छोटी मोटी रूकावटो को दूर करने के लिए 2” मोर्टार का फिरे लिया जाता है ! डिफेन्स में डीऍफ़ टास्क बाँट कर फायर डलवाया जा सकता है ! हमले में हमलावर ट्रूप्स के कवरिंग फिरे दिया जा सकता है ! 

इस प्रकार से 2" मोर्टार से सम्बंधित संक्षिप्त विवरण समाप्त हुई उम्मीद है पोस्ट पसंद आएगी अगर इस पोस्ट तथा इस ब्लॉग के बारे में कोई कमेंट या सुझाव हो तो निचे लिखे कमेन्ट बॉक्स में जरूर  दे !ब्लॉग को  सब्सक्राइब और अपने दोस्तों के बिच भी फेसबुक के ऊपर शेयर  कर हमलोगों को सपोर्ट  करे 


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Sunday, October 9, 2016

10 पॉइंट राइफल को ट्यूनिंग उप और स्टॉकिंग के करवाई के बारे में

पिछले पोस्ट में हमने AGL के अमुनिसन औरड्रिल के बारे में बाते किया था इस पोस्ट में हम राइफल के ट्यूनिंग  अप और  स्टॉकिंग अप(Rifle ko tuning up and stocking up ke tarika) के बारे में जानकारी शेयर करेंगे !



जैसे की हम जानते है की हथियार के कई हिस्से पुर्जे होते है ! हथियार के लगातार इस्तेमाल से इन के अन्दर के हिस्से पुर्जे ढिल्ले पद जाते है इसलिए जरुरी है की फायर से पहले या किसी ऑपरेशन में जाने से पहले हथियार के सभी हिस्से पुरजो कस दिए जाये !और हथियार के हिस्से पुरजो के कसने की करवाई को तालमेल या ट्यूनिग अप कहते है !



राइफल का ट्यूनिंग अप की जरुरत(Rifle ke tuning up aur  stocking up ki jarurat)  :

राइफल की की तालमेल की जरुरत राइफल  की कारगरता को बरक़रार रखने के लिए जरुरी है ! अगर राइफल को समय समय पर तालमेल नहीं किआ गया तो निम्न नुक्स आ जाता है !
इंसास राइफल 

  • स्क्रू के ढीला होने से स्टैकिंग में फरक आ जाता है जिससे ट्रिगर पुलाव  और जम्प में फर्क पद जाता है !
  • राइफल में कोई अन्दुरुनी नुक्स पद सकता है
  • ढीला होते होते हिस्से पुर्जे गम भी हो सकते है
  • गेजिंग में फर्क आ जाता  है 

 राइफल का ट्यूनिंग अप की करवाई(Rifle ka tunig up aur stocking ki karwai ka tartib) : राइफल को ट्यूनिंग अप करते समय सबसे पहले राइफल का सरसरी तौर पर निरिक्षण किया जाता है ! और उसके हर एक पुर्जे को बिस्तर से बारी बारी से निरिक्षण करके उसके दोषों को दूर किया जाता है ! राइफल के लकड़ी या फाइबर के हिस्से के साथ जो ट्यूनिंग अप किआ जाता है उसे स्टॉकिंग अप और जो तालमेल लोहे के पुरजो के साथ किआ जाता है ट्यूनिंग अप कहलाता है !

राइफल की ट्यूनिंग अप की करवाई के दौरान निम्नलिखित कार्य तरतीब बार किआ जाता है !

(a) निरिक्षण(Nirikshan) : तालमेल करते समय सबसे पहले राइफल का निरिक्षण किया जाता है और यकीन  किया जाता है की सभी हिस्से पुर्जे का नम्बर एक है !


(b) स्टॉकिंग अप(Stocking up ka paribhasha) – यकीन किया जाता है की फोरे हैण्ड गार्ड , बट और पिस्टन ग्रिप के पेच ठीक से कसे हुए है और कोई भाग ढीला नहीं हो ! अगर राइफल का स्टॉकिंग अप दुरुस्त नहीं होगा तो राइफल के जम्प में फर्क पड़ेगा जिससे फायर का नतीजा खराब आएगा! अगर फोरहैंड गार्ड और पिस्टन ग्रिप ढीला है तो ट्रिगर के पुलाव में फर्क पड़ेगा जिससे गोली सही निशाने पर नहीं लगेगी !

(c) ट्रिगर प्रेशर(Trigger pressure) : वैसे तो फायरर को ट्रिगर दबाने  से पता चल जाता है की ट्रिगर का प्रेशर ठीक हैकि नहीं लेकिंग फिर भी ट्रिगर को दबा कर यकीं कर लेना चाहिए की ट्रिगर प्रेशर ठीक है या नहीं ! राइफल का ट्रिगर प्रेशर निम्न है :
  • 7.62mm का ट्रिगर प्रेशर – 6-9 पौंड होना चाहिए
  • .303 राइफल का ट्रिगर प्रेशर  (i) पहला दबाव-  3 से 4 पौंड (ii) दूसरा दबाव -5 से 6 ½  पौंड होना चाहिए 
(d) सेफ्टी कैच(Safety catch) : यकीं करे किसफेटी कैच दोनों पोजीशन में ठीक कम करता है और कही राइफल “S” पर फिरे तो नहीं कर रहा है !

(e) एक्सट्रैक्शन और इजेक्शन(Extraction aur Ejection) : एक्सट्रैकटर  का मुलाहिजा किया जाता है और यकींन किया जाता है की एक्सट्रैकटर स्टे ठीक हालत में है और एक्सट्रैकटर   की दन्त धीसा हुआ नहीं है ! ईजेक्टेर का भी मुलाहिजा  किया जाता है और एक्सट्रैकटर  और ईजेक्टेर की करवाई को ड्रिल कार्ट्रिज  डाल कर चेक किआ जाता है की ठीक से कम कर रहे है या की नहीं !


(f) फायरिंग पिन(Rifle ke firing pin) : फायरिंग पिन का मुलाहिजा करे अगर फायरिंग पिन छोटी हो तो मिस फायर हो जाता है और अगर बड़ी हो तो .22 कैप फट जाता है ! चेक करे फायरिंग पिन स्प्रिंग ठीक है फायरिंग पिन रिटेनर ढीला न हो !

(g) सिटिंग(Sighting) : बेक साईट का निरिक्षण करे और देखे की बेक साईट बीएड और बेक साईट कैच ढीला न हो  और बेक साईट स्लाइड दुरुस्त हरकत  करता है !

.303 नॉ4 में बेक साईट को ऊपर उठाये और देखे की ओ मामूली दबाव से हिलता न हो और कैच को दबाने पर स्लाइड ऊपर निचे हरकत नहीं करना चाहिए ! यकीं करे फोरे साईट टिप बैड और फोरे साईट लॉकिंग स्क्रू अच्छी तरह से कसा हुवा हो !

(h) बैरल(Barrel)( : यकींन करे बैरल खुश्क और साफ़ हो उसमे कोई नुक्स न हो !

(i) आम हालत स्क्रू और पेच(Screws and latches)  : यकीं करे हथियार के !सभी स्क्रू कसे हुए हो

(j) मगज़ीन(Magzin) : मगज़ीन की दिवार ठीक हो और कही से दबा हुवा न हो ! मगज़ीन लिप्स , मगज़ीन प्लेटफार्म  ठीक हो मगजी स्प्रिंग का दबाव ठीक हो बॉटम प्लेट और बॉटम स्टड अपनी जगह पे हो


राइफल से अच्छे फायर का नतीजा हासिल करने के लिए जितनी जरुरत अच्छी ट्रेनिंग की है उतना ही जरुरत राइफल की देखभाल देख्भाल्कारने की भी है ! अगर राइफल का ट्यूनिंग अप ठीक न हो तो चाहे फायरर  कितना भी अच्छा क्यों न हो उसका नतीजा अच्छा नही होगा ! इसलिए फायरर को अपने हथियार बनाये रखने के लिए समय समय र हथियार का सही देखभाल और तालमेल करवाते रहना चाहिए !

इस प्राकर से हथियारों के ट्यूनिंग अप और स्टॉकिंग से सम्बंधित सक्षिप विवरण समाप्त हुई ! उम्मीद है पोस्ट पसंद आएगी अगर इस पोस्ट तथा इस ब्लॉग के बारे में कोई कमेंट या सुझाव हो तो निचे लिखे कमेन्ट बॉक्स में जरूर  दे !ब्लॉग को  सब्सक्राइब और अपने दोस्तों के बिच भी फेसबुक के ऊपर शेयर  कर हमलोगों को सपोर्ट  करे 


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