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Friday, April 29, 2016

एक मिनट ड्रिल: मार्च पास्ट में गलती ढूढना!

पुलिस ट्रेनिंग(Police Training) में एक  मिनट ड्रिल(One Minute  Drill) का एक अपना मह्त्व् है ! उसी एक मिनट ड्रिल की श्रृखला को आगे बढ़ाते हुवे आज हम मार्चिंग स्क्वाड के अन्दर गलतिया ढूढ़ने के एक मिनट ड्रिल के बारे में बात करेगे !


जरुर पढ़े : हेवर सेक को जल्दिबाज के साथ भरना और दौड़ लगाना 
पुलिस ट्रेनिंग अकादमी( Police training Academy)या पुलिस ट्रेनिंग सेन्टर (Police Training Center)पे जहा की पुलिसमैन को ट्रेनिंग दी जाती है उसमे ये देख गया है की बहुत बार जवान बहुत सा गलतिय अनजाने में करता है और  बहुत बार उस्ताद के  बताने पे भी वह नहीं समझ पता है की वो क्या गलती कर रहा है !जैसे की मार्चिंग करते समय बहुत बार जवान थोडा आगे झुक कर चलता है या हाथ का स्विंग ठीक नहीं, फ्लैट फूट मार्च कर रहा है इत्यादि  !

जरुर पढ़े :सही  तरह से यूनिफार्म पहनना 

 ये गलतिया ओ अनजाने में करता है क्यों की उसे पता ही नहीं चलता है की ओ झुक कर चल रहा  है  या हाथ का स्विंग ठीक नहीं है ! इस एक्सरसाइज के करने से ट्रेनीज खुद हु देख लेता है की मार्च पास के दौरान क्या क्या गलतिया आम तौर पे होती है और उसके सुधरता है

March Past
March Past
एक मिनट ड्रिल करने का तरीका(How to conduct one minute drill)

यह एक सामूहिक एक्सरसाइज है जिसमे हम पुरे क्लास को एक जगह बैठा देते है और उन्हें उनके द्वारा किया गया मार्च पास्ट या किसी और ग्रुप के द्वारा किया गया मार्च पास्ट का विडियो या मोबाइल पे रिकॉर्ड किया हुवा विडियो दिखाते है और उनको बोलते है की इस मार्च पास्ट में उन्हें क्या क्या गलतिया दिखाई दे रही है उसे बताये !

जरुर पढ़े : क्लासिफिकेशन ऑफ़ एक मिनट ड्रिल 
इस एक  मिनट ड्रिल का फायदा(Benefit of one minute drill) :
इसे जवानों को आपनी गलतिय खुद को दिखाई देती है जिसे ओ आसानी से समझ जाता है की ओ क्या गलती कर रहा है ! और इसके साथ ही उसे दुसरे के गलतियों को भी देखने का मौका मिलता है जिसे उन गलतियों को ओ अपने आदत  में आने से रोकता है या ऐसा आचरण करता है जिसे की उसके अन्दर ये गलतिया  न आये !

Thursday, April 28, 2016

एक मिनट ड्रिल - सही तरह से यूनिफार्म पहनना

इस पोस्ट में एक मिनट ड्रिल का एक और पोस्ट देखेंगे जिसका विषय है टर्न आउट चेकिंग (turn out checking in one minute drill) ! सही तरह से  यूनिफार्म पहना उनता ही अहम जितना की सही समय पे ड्यूटी पे पहुचना या अलर्ट ड्यूटी करना  है  ऐसे तो सही तरह से ड्रेस सभी को पहनना चाहिए लेकिन विशेषकर आर्म्ड फ़ोर्स के जवानों को  ये और भी अहम हो जाता है  क्यों की सही ड्रेस से जनता के बीच आर्म्ड फ़ोर्स का एक अच्छा छवि बनता है  और आपराधि लोगो के बीच भय पैदा होता है !

यूनिफार्म की पहनावा देख कर उस फ़ोर्स की अनुशासन और उसकी काबिलियत का पता चलता है  क्यों की ये देखा गया है एक अच्छा अनुशाषित और ट्रेन जवान हमेशा अच्छा टर्न आउट में रहता है ! अच्छा टर्न आउट उस जवान के साथ साथ उस फ़ोर्स का भी अच्छा छवि जनता के बीच बनता है जिस फ़ोर्स के ओ जवान सम्बंधित रहता है !


Turn out checking
Turn out checking
टर्न आउट चेकिंग एक मिनट ड्रिल करने का तरीका (turn out checking drill karne ka tarika ) :
  1.  इसमें दो जवानों को एक दुसरे के सामने खड़ा कर देने का और जवानों को आदेश देनेका की एक मिनट के अन्दर एक दुसरे के यूनिफार्म के पहने के दौरान हुई गलतियों को ढूढो!
  2. इस ड्रिल का दुसरे तरीके से कर सकते है इसमें एक जवान को बहुत से गलतियो के साथ ड्रेस पहनाकर बुलाये और बाकि जवानों को एक एक कर बुलाये और एक मिनट के अन्दर गलती निकलने को बोले ! उस्ताद वही देखते रहे और लास्ट में अगर कोई ऐसी गलती रह जाती है उसे जवानों को बताये या कोई जवान गलती निकला है अगर वह गलत नहीं है तो उसे लास्ट में बताये. 
इस एक मिनट ड्रिल को जोड़ी जोड़ी में करे या दो  टीम में बाट कर किया जा सकता है जो टीम ज्यादा गलतिया  दुसरे टीम के टर्न आउट में ढूढ़ सकेगी ओ विजेता होगी
इन ड्रिल को करते समय, समय को पाबन्दी के साथ पालन करे जिससे ट्रेनीज के अन्दर एक प्रेशर बना रहे और ओ प्रेशर या कम समय में यूनिफार्म पाहते समय गलती न करे इसकी माजदा उसके अन्दर उत्पन्न हो जाये की ओ सही ड्रेस पहने !

इस ड्रिल का फायदा (Advantage of one minute drill of turn out checking ): ज्यादातर देखा गया है की हमे की ऑपरेशन या कही और ड्यूटी के लिए जाते समय बहुत ही कम समय मिलता है जिसके अन्दर सब रोतीं करनी है और ड्रेस भी पहना पड़ता है इसलिए इस ड्रिल को बार बार अभ्यास करने से ड्रेस पहनने में होने वाली गलतियों को दूर किया जासकता है या कम से कम किया जा सकता है और जवान के अंदर एक गुण आ जाएगी की ओ कम समय में खुद भी सही ड्रेस पहन सकता है और उसके किसी साथी के ड्रेस में कोई गलतिय है उसे दुरुस्त करने में अपने साथी का मदद भी कर सकता है !

यह रहा एक मिनुत ड्रिल का पोस्ट अगर ये पोस्ट पसंद आये तो लाइक और शेयर करे !

इंसास राइफल से स्टैंडिंग पोजीशन से फायर करने के तरीके और देखने वाली बातें !

ऐसे तो हम अपने पिछले पोस्टो में इंसास राइफल के लायिंग पोजीशन और निलिंग पोजीशन  से फायर करेने  और उसमे देखे वाली बातो के बारे में आलरेडी डिस्कस कर चुके है! इसलिए इस पोस्ट में हम केवल स्टैंडिंग पोजीशन और उसमे देखने वाली बातें के बारे में बात करेंगे .



स्टैंडिंग पोजीशन कब अख्तियार करते है
इंसास राइफल को हम स्टैंडिंग पोजीशन से फायर उस समय करते है जब की उस टारगेट को किसि और  पोजीशन  से  फायर डालना मुम्किन न हो  या हरकत के दौरान अचानक टारगेट सामने आ जाये ! तभी इस पोजीशन को इस्तेमाल करते है !
Firing in Standing Position
Firing in Standing Position
स्टैंडिंग पोजीशन  अख्तियार करने के तरीके :
  • टारगेट के तरफ फेस करे और  आधा दाहिने टर्न करे ! 
  • साथ ही राइफल को उछालते हुए बाएँ हाथ से ऐसे पकडे की मजल असमान की तरफ और बट छाती के सामने , 
  • पांव कद केमुताबिकखुला हुवा ,
  • बट को दाहिने कंधे के गद्दे में टीकाएँ. बाकि की पकड़ लायिंग पोजीशन की तरह ,
  • दाहिने कोहनी क ऊपर उठाएं ताकि कंधे में बट के लिए अच्छी जगह बने और 
  • राइफल को मजबूती से पकड़ा जाय  

इस प्रकार राइफल का ज्यादा से ज्यादा वज़न दाहिने हाथ पर होगा , बाएँ हाथ से राइफल को बाकि पोजीशन के तूलना आगे से पकडे ! ऐसा करने से राइफल को सहारा मिलेगा और राइफल ज्यादा नहीं हिलेगा !अपने पोजीशन को आखरी तक ठीक करने के लिए पांव को उस वक़्त तक हरकत दें जब तक की कुदरती तौर पर निशाना ना ले सके!
Firing in Standing Position from trench
Firing in Standing Position from trench
स्टैंडिंग पोजीशन मोर्चा या ट्रेंच में : मोर्चे में खड़े होकर अपनी हाइट के अनुसार मोर्चे को सेट करे !उसके बाद बदन के बाये हिस्से को मोर्चे की अगली दिवार से लगायें ! दाहिने पांव को थोडा पीछे लेते हुए बदन को आगे धकेले ! दोनों कोहनियों ट्रेंच से बहार या मोर्चे के ऊपर के दीवाल पे या बने हुवे होल अच्छे से जमाये ! और  चेस्ट के वज़न से कोहनियो को दबाकर रखे ! इस पोजीशन में हथियार की पकड़ और सपोर्ट लायिंग पोजीशन की तरह ही होगी !

इस तरह से हम इंसास राइफल के स्टैंडिंग  पोजीशन अपने है और इसके मजबूत पकड़ बनाने का तरीका उसी तरह है जैसे हम इंसास के लायिंग पोजीशन में डिस्कस किया गया है !

इन्हें भी  पढ़े: 
  1. AKM राइफल का बेसिक टेक्नीकल डाटा
  2. 7.62mm SLR के पार्ट्स का नाम और 7.62 mm SLRराइफल का चाल
  3. AKM का चाल और उसका पार्ट्स का नाम
  4. हरकती टारगेट पर पॉइंट ऑफ़ एम सेट करना !
  5. 2" मोर्टार का पार्ट्स और टेक्निकल डाटा
  6. AK-47 और INSAS Rifle में कौन बेहतर ?
  7. 5.56 mm INSAS राइफल के मग्जिन को भरना खाली करना और रेंज लगाना
  8. इंसास राइफल को भरना, खाली करना, रेडी और मेक सफे कैसे करते है
  9. INSAS राइफल के फायरिंग पोजीशन और मज़बूत पकड़ बनाने के तरीके -I
  10. इंसास राइफल में निलिंग पोजीशन के तरीके और इसमें देखनेवाली बाते !
  11. इंसास राइफल से स्टैंडिंग पोजीशन से फायर करने के तरीके और देखने वाली बातें !

इंसास राइफल में निलिंग पोजीशन के तरीके और इसमें देखनेवाली बाते !

जैसे की आप जानते है की इंसास राइफल एक जवान का जातीय हथियार है इसलिए हर एक जवान को इंसास की चाल, इंसास की अन्दर पड़नेवाली रोके और फायरिंग पोजीशन के बारे में जानकारी होनी   चाहिए ! इसी कड़ी में इंसास के लायिंग पोजीशन में फायरिंग के बारे मे  पहले हम डिस्कस कर चुके है! इस पोस्ट  में हम  इंसास राइफल से निलिंग और सिटींग पोजीशन(INSAS Rifle ki sitting aur kneeling position) से कैसे फायर करते है और इन पोजीशनस में ध्यान में रखने (INSAS Rifle ki sitting aur kneeling position me dhya me rakhnewali bate )वाली बाते !



इंसास का निलिंग  पोजीशन(INSAS Rifle ki kneeling position kaha apnate hai )
 : समतल और अपने सामने उठी हुई ज़मीं के सतह पर निकलने वाले टारगेट पर फायर करने के लिए  के लिए अपनाया जाता है ! इस पोजीशन की सबसे बड़ी खूबी ये होती है की हथियार की लाइन ऑफ़ फायर को जल्दी और असहनी से बदला जा सकता है !

5.56mm INSAS Rifle kneeling position
5.56mm INSAS Rifle kneeling position
 निलिंग अन सपोर्टेड पोजीशन अख्तियार करने के तरीका (INSAS Rifle ki kneeling position kaise apnate hai):

  • सबसे पहले टारगेट की तरफ फेस करें और बाएँ पांव को टारगेट सिधाई में करें  
  •  इंसास राइफल को उछालते हुए बाएँ हाथ में टोल वाली जगह से पकडे  , मजल आगे और ऊपर की तरफ हो !
  • दाहिने घुटने को काफी दाहिने रखते हुए दाहिने  घुटने पर बैठ जाये !
  • अगर संभव होतो बदन का बोझ एडी पर टीकाएँ !
  • बाएं कोहनी को बाएँ घुटने पर इस प्रकार रखो की कोहनी की हड्डी से अलग हो !
  • दाहिने हाथ से पिस्तौल ग्रिप को पकडे और बट को दाहिने अंधे के गद्दे इ जमाओ और दाहिने कोहनी को ऊपर और ज़मीं के सामानांतर रखें ऐसा करने से बट को कंधे में ज़माने के लिए काफी जगह मिलेगी !

निलिंग  सपोर्टेड पोजीशन अख्तियार करने के तरीका :

  • सबसे पहले ऊपर बताये हुए तरीके  से निलिंग अन  सपोर्टेड पोजीशन अख्तियार करे ! 
  • अब इतना आगे हरकत करें की बाएँ हाथ और बाएँ पांव सपोर्ट के साथ मिल जाए !
  • राइफल का कोई भी पार्ट्स सपोर्ट के साथ नहीं लगना चाहिए नहीं तो फायरर  को जल्दी जल्दी पॉइंट ऑफ़ एम बदली करने में दिक्कत होगी !
सिटींग पोजीशन( INSAS Rifle ke Sitting position kaha apnate hai)  : यह पोजीशन उस समय अख्तियार करते है जब जब आड़ निलिंग पोजीशन से छोटा हो और ढालवार ज़मींन पर पोजीशन लेना हो तो ऐसे में सिटिंग पोजीशन को अपनाते है : 

5.56mm INSAS Rifle Sitting position
5.56mm INSAS Rifle Sitting position
सिटिंग  पोजीशन अख्तियार करने के तरीका ( INSAS Rifle ke Sitting position kaise apnate hai) :
  • ढालवार ज़मींन पर पोजीशन लेना हो तो इस  में सिटींग पोजीशन लेते समय एडियो को ज़मीं पर जामा दिया जाए जिससे बदन को स्थिरता मिले !
  • पोजीशन इसप्रकार ले की टारगेट दिखाई दे !
  • बाएँ पांव को टारगेट की सिधाई में करें ! दाहिने पांव को दाहिने और आगे करें !
  • बाएँ हाथ से राइफल पकडे और दाहिने हाथ  से ज़मींन का सहारा लेते हुए बैठ जाएँ !
  • बाएँ हाथ की पकड़ को दुरुस्त करें और उसके बाद दाहिने घुटने  को दाहिने कोहनी के निचे करें 
  • और दुरुस्त शिस्त ले!
इस प्रकार से हम इंसास राइफल से निलिंग और सिटिंग पोजीशन अख्तियार करते है ! और इस पोजीशन में भी पकड़ मज़बूत बनाने का सिधान्त उसी प्रकार है जैसे हम लायिंग पोजीशन में मज़बूत पकड़ बनाते है

इन्हें भी  पढ़े: 
  1. AKM राइफल का बेसिक टेक्नीकल डाटा
  2. 7.62mm SLR के पार्ट्स का नाम और 7.62 mm SLRराइफल का चाल
  3. AKM का चाल और उसका पार्ट्स का नाम
  4. हरकती टारगेट पर पॉइंट ऑफ़ एम सेट करना !
  5. 2" मोर्टार का पार्ट्स और टेक्निकल डाटा
  6. AK-47 और INSAS Rifle में कौन बेहतर ?
  7. 5.56 mm INSAS राइफल के मग्जिन को भरना खाली करना और रेंज लगाना
  8. इंसास राइफल को भरना, खाली करना, रेडी और मेक सफे कैसे करते है
  9. INSAS राइफल के फायरिंग पोजीशन और मज़बूत पकड़ बनाने के तरीके -I
  10. इंसास राइफल में निलिंग पोजीशन के तरीके और इसमें देखनेवाली बाते !
  11. इंसास राइफल से स्टैंडिंग पोजीशन से फायर करने के तरीके और देखने वाली बातें !

Tuesday, April 26, 2016

INSAS राइफल के फायरिंग पोजीशन और मज़बूत पकड़ बनाने के तरीके -I

इंसास राइफल  एक जवान का जातीय हथियार है इसलिए उसके फायरिंग पोजीशन और मज़बूत पकड़ के बारे में हर एक जवान को मालूम होंना चाहिए ! इस पोस्ट में हम इंसास राइफल के फायरिंग पोजीशन  जैसे स्टैंडिंग(INSAS Rifle standing position), के  बारे में जनेगे और इन पोजीशन  में देखने वाली  कौन कौन सी बातें है  तथा इन पोजीशन में मजबूत पकड़ कैसे हासिल करे !


ऐसे तो राइफल से भिन्न भिन्न पोजीशन जैसे स्टैंडिंग (INSAS Rifle Standing position), नीलिंग( INSAS RifleKneeling position) और लाइंग पोजीशन( INSAS Rifle Lying position)  से फायर किया जा ता है लेकिंग पोजीशन ऐसी होनी चाहिए की आसानी से हासिल किया जा सके और मजबूत पकड़ बनी रहे ! ऐसे तो ऑपरेशन के दौरान कौन सी पोजीशन हासिल किया  जा ए तो जमीन की बनावट , उपलब्ध आड़ और कुदरती सिधाई पर निर्भर  करता है ! इसीलिए हर एक जवान को कुदरती सिधाई हासिल करने का तरीका पता  होना चाहिए !
INSAS Rifle Laying Position
Laying Position
जैसे की मै ऊपर बताया हु की इंसास राइफल से हम तीन फायरिंग पोजीशन में फायर कर सकते है और ओ फायरिंग पोजीशन  है :

लाइंग पोजीशन : किसी भी पोजीशन को हासिल करने की तीन बुनियादी उसूल है (i) कुदरती सिधाई(ii) बोन सपोर्ट (iii) रिलैक्स मसलस ! लाइंग पोजीशन आसानी से हासिल जनि वाली पोजीशन है ! इस पोजीशन में बॉडी का खाका छोटा से छोटा बनता है जिससे ऑपरेशन के दौरान नीची से नीची आड़ के पीछे से दुश्मन की नजर और फायर से बचते हुए दुश्मन के ऊपर कारगर फायर डाल सकते है !

लाइंग पोजीशन को लेने का तरीका(How to adopt laying position) : सबसे पहले टारगेट के सीध में खड़े हो जाए, चलती हालत में बाएँ पांव को थोडा बाएँ और आगे लें साथ ही राइफल को बाएँ हाथ पर बदन बदन के सामने इस प्रकार उछालें की barrel तक़रीबन 45 डिग्री पे हो और बाएँ हाथ की पकड़  फ्रंट हैण्ड  गार्ड  और इसके बाद दाएं हाथ से ज़मीं का सहारा लेते हुए लेट जाये !

लाइंग पोजीशन में देखने वाली बाते(points to be ensure in laying position) : 
  • फ़्लैश एलिमिनाटर ज़मीं से उपर हो !
  •   बदन लाइन ऑफ़ फायर से तिरछा हो!
  • बदन के निचे कोई  चुभने वाली चीज न हो 
  • टांग कद के मुताबिक खुली हो 
  • हो सके तो एडिया ज़मीं पर बैठी हुए हों ! 

लाइंग पोजीशन में कुदरती सिधाई कैसे हासिल करे(INSAS Rifle Natural alingmen in laying position) : राइफल को दाहिने हाथ में रखे और बाएँ हाथ की कोस्नी को तब तक हरकत दें जब तक के टारगेट, बाएँ कोहनी , दाहिना कन्धा और दाहिना पांव एक सीध में ना आ जाए. अब दाहिने कोहनी को उस जगह पर रखें जहाँ पर कोहनी दाहिने और थोडा कंधे से निचे हो ! होनो हाथों की हथेली को थुड़ी के नीचे लगाकर आँखे बंद करे और बदन के तनाव को महसूस करें ! यदि बदन में तानव  है तो कोहनी उसी  जगह रखते हुए बदन को आगे पीछे करते हुए तनाव क दूर करें औ कोहनी के जगह को मार्क कर दे !


लाइंग पोजीशन में दुरुस्त पकड़(INSAS Rifle ki durust pakad in laying position) : राइफल की पाकर हासिल करने के लिए कंधे में ले जाएँ. बाएँ हाथ की कलमे वाली अंगुली और अंगूठे के बेच जो V बनता है वहां पार राइफल को रखें! हैण्ड गार्ड निचे वाली हथेली पर आ जाए! चरों अंगुलिया बहार से और अंगूठा अन्दर से साथ ही मग्जिन को कलाई के साथ होना चाहिए ! मज़बूत पकड़ में शारीर के भिन्न भिन्न अंगो का अपना अपना काम है जैसे :
  • बाया हाथ : बयां हाथ राइफल को निचे जाने से रोकता है और हैण्ड गुरद क निचे सपोर्ट का काम करता है 
  • दाहिना हाथ : दाहिना हाथ से पिस्तौल ग्रिप से इस प्रकार से पकडे की तीनों अंगुलिया अन्दर से और  कलमे वाली अंगुली ट्रिगेर गार्ड के आर पार हो ! दाहिना हाथ राइफल को कंधे की तरफ खिंच कर रखता है और साथ ही राइफल को मजबूती से पकड़ने में मदद  देता है !
  • कन्धा : कन्धा बट को जगह देता है और राइफल को पीछे जाने से रोकता है !
  • सिर: सिर को बट पर इस प्रकार रखें की गाल का नर्म भाग बट को ना दबाएँ ! ये  पोजीशन  बट पर हमेश एक जगह और एक जैसी होनी चाहिए ! ऑय रिलीफ 2 " से 3" होनी चाहिए !
लाइंग पोजीशन  की पूरी पकड़ को मज़बूत करना : पूरी पकड़ को मज़बूत करने के लिए बाएँ कोहनी के लूज मांस को ज़मीं पर जमाते हुए थोडा आगे पुश करें!दाहिने कोहनी के लूज मांस को  को काबू रकने के लिए कोहनी को अपनी तरफ खिचे. यदि राइफल ऊपर पॉइंट कर रही हो तो दाहिने हाथ को आगे करें ! आगर निचे पॉइंट कर रहीहै तो दाहिने हाथ को पीछे करें ! आगर बाएँ पॉइंट कर रही हो तो बाएँ पांव को थोडा और बाएँ करे और अगर देने पॉइंट कर रही हो तो दाहिने पांव को थोडा और दाहिने करे !  
लाइंग पोजीशन से खड़ा होने का तरीका :लाइंग पोजीशन  से खड़ा होने के लिए राइफल को बाएँ हाथ से दाहिनी बगल में लें , साथ ही बाएँ पांव को क्लोज करें. दाहिने हाथ से ज़मीं को पुश करते हुए खड़े हो जाएँ 
 लाइंग पोजीशन भी दो तरह का होता है एक सपोर्टेड और दूसरा अन सपोर्टेड  

लाइंग पोजीशन सपोर्टेड : रेंज पर पहले पोजीशन लेते समय अन सपोर्टेड पोजीशन लें उसके बाद ही उचाई के अनुसार आड़ लगायें . सपोर्ट लगते समय ध्यान रखे की फायर र  की कुदरती सिधाई ना बिगड़े!  साथ ही अगर सपोर्ट नरम मिटटी की हो तो बाएँ हाथ की कलाई को सपोर्ट के साथ लगाए! अगर सक्थ मिति की है तो सपोर्ट पर हैण्ड गुरद को रकः जाये ! ध्यान रहे की सपोर्ट के साथ मग्जिन ना लगे ! 

लाइंग पोजीशन कोहनी का सपोर्ट/ अन सपोर्टेड  : यदि राइफल को अन सपोर्ट पोजीशन से जीरो किया जाए और सपोर्ट के साथ फायर किया जाए तो गोलिया  निशान की जगह से ऊपर लगेगी ! अगर राइफल को सपोर्ट पोजीशन से जीरो किया जाए और अन सपोर्टेड पोजीशन से फायर किया जाएँ  तो गोलिया निशान की जगह से निचे लगेगी! 
इसी लिए राइफल को एल्बो सपोर्ट से जीरो करना चाहिए, ताकि किसी भी पोजीशन से फायर करने पर गोलिया पॉइंट ऑफ़ एम पर लग !  

इस प्रकार हम 5.56 mm  इंसास राइफल से लाइंग पोजीशन अख्तियार कर सकते है और मज़बूत पकड़ बना  सकते है .

Sunday, April 24, 2016

इंसास राइफल में पडनेवाले रोके और दूर करने का तरीका

जैसे की हम अपने पहले वाले पोस्ट में इंसास राइफल की चाल के बारे में जानकारी ले चुके है और ये जन चुके है की इंसास राइफल के चाल कैसे पूरा होता है और कौन कौन सा स्टेज आता है ! इस लिए इस पोस्ट में इंसास राइफल में पड़ने वाले रोके और उसको दूर करने का तरिका के बारे में जानेगे !


ऐसे तो हम जब हथियार को इस्तेमाल करते है तो उसमे रोके पड़ने का पूरा पूरा इमकान रहता है और रोके पड़ता  भी है ! इस लिए एक जवान जिसका की इंसास जातीय हथियार है उसे ये मालूम होने चाहिए की  अगर राइफल चलते चलते रुक जाये तो कौन सा रोक है  और उसे कैसे दूर किया जा सकता है !

 इंसास राइफल में  पड़ने वाले रोके और उसे दूर करे का तरीका : 
  1. फौरी इलाज 
  2. शक्त खिचाव 
  3. गैस की कमी और 
  4. बॉडी और चेंबर की रोक
  • फौरी इलाज की करवाई :अगर ट्रिगर दबाने के बाद राइफल फायर करते  करते रुक जाए तो करवाई फौरी इलाज का करे ! फौरी इलाज की करवाई करने का तरीका ! 
  1. सबसे पहले कल्मेवाली अंगुली को ट्रिगेर से बहार निकले !
  2.  राइफल को कॉक करे होल्डिंग ओपनिंग डिवाइस (HOD)  को लगायें !
  3. राइफल को कंधे से निचे लाये !
  4. मग्जिन कैच को दबाते हुवे मग्जिन को निकले और पाउच में रखे !
  5. पाउच से भरी हुई मग्जिन को ले और मग्जिन मुलाहजा करते हुए मग्जिन वे में दाखिल करे !और यकीं करे की मग्जिन अच्छी तरह से लग गई हो !
  6. राइफल को कंधे पे ले जाये और हलकी से कॉक करे और यकीं करे की राउंड चैम्बर में चली गयी हो !
  7. और आब ट्रिगेर दबाए राइफल ठीक तरह से फायर करेगा !
इस प्रकार एक बार राइफल को कॉक करने और मग्जिन की बदली करने  से तीन तरह की  रोके , मिस-फायर ,  खाली मग्जिन और बॉडी में अटका हुवा राउंड्स या केस  के रोके दूर हो जाती है !

शक्त खिचाव: फौरी इलाज की करवाई  के बाद भी राइफल फायर ना करे या फायर करते करते पुर्जे आगे रुक जाये तो तो इसके दो करण हो सकते है : शक्त खिचाव या गैस की कमी ! रोक को पहचाने और करवाई ऐसे करे  
  1. कलमे वाली अंगुली को ट्रिगेर से बहार करे !
  2. राइफल को कंधे से निचे लायें !राइफल को निचे रखे!
  3. निलिंग पोजीशन अख्तियार करे ! राइफल को उठाए
  4. बाएँ हाथ की पकड़ फोरहैंड गार्ड पर ! मग्जिन बाएँ तरफ और इजेक्शन स्लॉट नीचे की तरफ !
  5. दाहिने घुटने पूरा दाहिने. बट दाहिने घुटने के साथ लगा हुवा. दाहिना घुटना बट को पीछे जाने से रोके !
  6. कोक्किंग हैंडल को खड़ा करे  और दाहिने हाथ की चारो अगुलियो का हुक बनाते हुए राइफल को कॉक करे और यकीं करे की शक्त खिचाव की रोक दूर हो गई है !
दुबारा पोजीशन अख्तियार करे और राइफल को कंधे पे ले जाये और राइफल को फायर में सामिल करे राइफल फायर करेगा  ! 
शक्त खिचाव की रोक पड़ने के कारन 
  • चैम्बर में ज्यादा गैस जमा होना 
  • अमुनिसन और चैम्बर का गन्दा होना 
गैस की कमी का रोक : फौरी इलाज और सख्त खिचाव की रोक को दूर करने पर भी राइफल फायर ना करे या एक दो राउंड फायर करने के बाद रुक जाये तो गैस  की कमी का रोक समझ कर करवाई करे !
  1. कलमे वाली अंगुली को ट्रिगर से बहार लाये .!
  2. राइफल को कंधे से निचे लायें ! दाहिने टर्न करते हुवे राइफल को  कॉक करे  !
  3. पुरजो को आगे जाने दें ! चेंज लीवर  की पोजीशन S पर करें. राइफल को दाहिने बगल में लें. गैस रेगुलेटर की पोजीशन  लो पर हो तो  किसी साफ कपडे या चिंदी की मदद से लो से हाई पर करे ! ध्यान रखे की हाथ बरेल के साथ टच नहीं हो !
  4.  यदि गैस रेगुलेटर की पोजीशन पहले  से ही हाई पे हो  तो ग्रेनेड साईट को 60 डिग्री के एंगल पर  खड़ा  करे! पतले वाली ड्रिफ्ट के मदद से  गैस वेंट और गैस प्लग के होल की सफाई करे!
  5. ग्रेनेड साईट को पूरा बैठा दे ! गैस रेगुलेटर की पोजीशन हाई से लो  पर करे!
  6. चेंज लीवर की पोजीशन पहले वाली पोजीशन पर करे  और राइफल को कंधे पे ले जाये !
  7. दुरुस्त शिस्त ले और फायर करे राइफल दुरुस्त फिरे करेगा !
गैस की कमी का रोक पड़ने का कारन : गैस का ज्यादा फौलिंग होनेसे गैस वेंट या गैस प्लग के होल का बंद  हो जाना  

चैम्बर का रोक : फौरी इलाज , सख्त खिचाव और गैस की कमी दूर करने पर भी अगर राइफल फायर ना करे या फायर करते पुरजो में अलग से आवाज आये तो बॉडी और चेंबर की रोक समझे और करवाई स प्रकार से करे :
  1. कलमे वाली अंगुली को ट्रिगेर से बहार करे !
  2. राइफल को कंधे से निचे लाये !
  3. मग्जिन कैच को दबाते हुए मग्जिन को उतारे !
  4. राइफल को कॉक करे  और पुरजो को आगे जाने दे !
  5. राइफल को  खोल दे  फायरिंग पिन और एक्सट्रैक्टर का मुलाहिजा करे ! यदि टूटे है तो उनकी बदली करे  अगर नहीं टूटे है  तो हो सकता है की चैम्बर में कटा हुवा केस ! 
  6. दोनों  हाथो से  पिस्तौल ग्रिप से राइफल को पकडे और राइफल को  बदन से आगे करते हुवे चैम्बर का मुलाहिजा करें ! देखे ! अगर चैम्बर में कट्टा  हुवा केस  है  तो राइफल को जोड़ दे !
  7.   राइफल को कॉक करें और होल्डिंग ओपनिंग डिवाइस(HOD) को लगाये !
  8. क्लीयरिंग प्लग को ले ! क्लीयरिंग प्लग के तीन मुख्य हिस्से पुर्जे  बेस , स्लीव और सेन्टर पिन !
  9. बेस और सेन्टर पिन को टाइट करे और चैम्बर में दाखिल करे !
  10. पुरजो को आगे जाने दे !
  11. राइफल को कॉक करे और होल्डिंग ओपनिंग डिवाइस लगाये और यकीं करे की कटा हुवा केस क्लीयरिंग प्लग के साथ बहार  आ गया है !
  12. क्लीयरिंग प्लग जो बहार आया है उसे फिर से उन स्क्रू करे !
  13. भरी हुई मग्जिन को ले और मुलाहिजा करते हुए मग्जिन वे में दाखिल करे  यकीं करे की मग्जिन पूरी तरह से फिट हो गई है !
  14. पुरजो को आगे जाने दे !
  15. राइफल को कंधे पे ले जाये और दुरुस्त शिस्त ले और फायर में सामिल करे ! राइफल ठीक फायर करेगा !
चैम्बर में केस कटने का कारन :
  • चैम्बर का ज्यादा  गरम हो जाना !
  • कार्ट्रिज केस के मेटल का कमजोर होना !
कभी कभी क्लीयरिंग प्लग के साथ कटा केस बहार नहीं आता है ! इसके कुछ कारन है :
  • बेस और सेन्टर पिन का ठीक कसा न होना !
  • सेन्टर स्लीव का उल्टा जुडा होना !
  •  सेन्टर स्लीवे और पिन के हेड का घिस जाना , या 
  • किसी पुर्जे का टूट जाना 
ये रहा इंसास राइफल में पड़ने वाले रोके और उसे दूर करने का तरीका ! अगर येपोस्त पसंद आये तो जरुर सुब्स्क्रिब करे और कोई सजेसन हो तो कमेंट बॉक्स में निचे जरुर लिखे !





Saturday, April 23, 2016

परेड ड्रिल में आगे और पीछे कदम लेना !

इस पोस्ट में  हम खाली हाथ ड्रिल " आगे और पीछे कदम कैसे लेते  है" उसके बारे में जानेगे !
जरूरत :
 आगे और पीछे कदम कब लेते है जब खड़े स्क्वाड का अगला स्क्वाड से थोडा ज्यादा या थोडा कम फासला हो जाये ! उस फासले को पूरा करने के लिए आगे /पीछे कदम ली की करवाई की जाती !आगे/पीछे कदम लेने के लिए पहले कदम की लम्बाई 30 इंच और आखरी कदम की लम्बाई 15 होती है ! वर्ड ऑफ़ कमांड से गिनती देकर आगे/पीछे केवल तीन कदम तक जा सकते है ! उससे ज्यदा कदम तय करना हो तो तेज चाल से जाते है !


वर्ड ऑफ़ कमांड 
  • चलना एक कदम आगे चल(Ek Kadam Aage chal) - काउंटिंग करेंगे "एक - दो" 
  • चलना दो कदम आगे चल(do Kadam Aage chal)- काउंटिंग करेंगे "एक - दो, एक- दो" 
  • चलना तीन कदम आगे चल(tin Kadam Aage chal)- काउंटिंग करेंगे "एक - दो, एक - एक - दो, एक- दो ,एक-दो"  
 ऐसे तो टाइमिंग मिलाने के लिए परेड ड्रिल की जितनी भी करवाई है गिनती के साथ ही  किया जाता है लेकिन अच्छी अभ्यास हो जाने के बाद गिनती वाली आवाज़ को धीमी कर या मन में ही काउंट करते है जिससे की काउंटिंग  स्क्वाड के बहार वाले न सुन सके!
Ek Kadam Aage chal
Ek Kadam Aage chal
                                                                                       source of image crpf academy       
गिनती से करवाई और उसमे देखने वाली बाते :
  1. जब सावधान पोजीशन से वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है" गिनती से चलना एक कदम आगे चल ! एक" तो इस वर्ड ऑफ़ कमांड पर बाएँ पांव को 12 इंच उठाते हुए 30 इंच आगे/पीछे लगाएं और बाएँ  पांव पर सवार हो जाएँ और साउटिंग करे एक !
  2. इस पोजीशन में देखने वाली बातें , बाएँ पांव 30 इंच पर पूरा आगे /पीछे  लगा हुवा , बदन का बोझ  बाएँ पांव पर ! दाहिने पांव का पंजा जमीन पर एडी उठी हुई , बाकि पोजीशन सावधान !
  3. वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है स्क्वाड "दो"   इस वर्ड ऑफ़ कमांड पर दाहिने पांव को 12 इंच उठा कर बाएँ पांव के साथ तेजी से सावधान पोजीशन में दबाएँ और साउटिंग करें दो !
  4. इस पोजीशन में देखने वाली बातें -  पोजीशन पहले जगह  से 30 इंच आगे /पीछे और पोजीशन  सावधान !
ध्यान में रखने वाली बाते :
अगर 3 कदम आगे/पीछे जाना हो तो पहला और दुसरा कदम 30-30 इंच का होगा और आखरी कदम 15 इंच का लिया जायेगा , साउटिंग  करेंगे "एक-दो , एक-एक-दो , एक-दो , एक दो ! अगर इससे ज्यादा दुरी तै करनी हो तो तेज चल किया जायेगा !

Friday, April 22, 2016

इंसास राइफल को भरना, खाली करना, रेडी और मेक सफे कैसे करते है

ऐसे तो हम पिछले पोस्ट में इंसास राइफल के मग्जिन को भरना, खाली करना और साफ सफी के बारे में जाने इस पोस्ट मे इंसास राइफल को भरना , खाली करना , मेक सेफ करना और रेडी करने के बारे में जानेगे !

सबसे पहले ए जान ले की ये जितने चीजे ऊपर उलेख्य किया गया है उसका मतलब क्या होता है ! राइफल चाहे इंसास हो या एसएलआर राइफल को भरना , खाली करना , मेक सेफ या रेडी करना की करवाई और ड्रिल एक तरह की ही होती है !


  1. राइफल को खाली करना  :  जब राइफल पर खाली मग्जिन चढ़ी हो ! चैम्बर खाली हो और चेंज  लीवर  की पोजीशन S पर हो तो राइफल खाली मानी जाती है !
  2. राइफल भरी हूँइ :  जब भरी हुई मग्जिन चढ़ी हो चैम्बर खाली हो और चेंज लीवर की पोजीशन S पर हो तो राइफल भरी हुई मानी जाती है !
  3. राइफल  रेडी : जब भरी मग्जिन चढ़ी हो चैम्बर में राउंड हो चेंज लीवर की पोजीशन R या B पर हो तो राइफल को रेडी मानी जाता है !
ड्रिल:इन ड्रिल की जरूरियात के वाल ट्रेनिंग के दौरान ही नहीं बल्कि की ARCF या और कही पे भी राइफल फायर करते समय आमल में लाया जाता है ! ये सुरक्षा के दृष्टी से एक टेस्टेड ड्रिल है ! इंसास और एसएलआर राइफल दोनो का एक सा ड्रिल है ! 
  • भर पोजीशन : भर पोजीशन के आदेश पर बाएँ पांव को चलती हालत में आगे लें, दाहिने हाथ से राइफल को बदन का आगे उछालते हुए तौल वाली जगह से पकडे! इस पोजीशन में देखने वाली बातें ! दोनों पांव कद के मुताबिक खुले हुए हों! बदन का बोझ दोनों पांव के ऊपर ! बाएं हाथ की पकड़ फोरहैंड गार्ड और दाहिने हाथ की पकड़  पिस्तौल ग्रिप पर ! राइफल  दाहिनी बगल में दबी हुई !
  • भर पोजीशन भर : इस हुकुम पर करवाई ! जब फायरर को टारगेट दिखाई दे या हुकुम मिले भर तो करवाई इस प्रकार करे ! चेंज लीवर की पोजीशन S पर करे मग्जिन कैच को दबाते हुवे मग्जिन को उतारें  और पाउच  में बंद करे और पाउच से भरा हुआ मग्जिन ले! मग्जिन का मुलाहिजा करते हुए मग्जिन वे में दाखिल करे और यकीं करे की मग्जिन अच्छी तरह से लग गयी है !बाएँ हाथ की पकड़ फोरे हैण्ड गार्ड पर वापिस ले जाएँ ! ये पूरी करवाई बाएँ हाथ से की जाएँगी ! दाहिना हाथ पिस्तौल ग्रिप को अच्छी तरफ से पकड़ा हुवा रहेगा और राइफल अपने जगह से हिलेगा नहीं !
  • रेडी पोजीशन : जब फायरर  फायर करने का इरादा रखता है या हुक्म मिले रेडी तो इस आदेश पर चेंज लीवर  की पोजीशन R या  B पर  करें, बट को कंधे के सामने की दबी हुई  मास पेशियों में अच्छी तरह से दबाते हुवे  राइफल को कॉक करे  और कलमे वाली अंगुली ट्रिगर के ऊपर रखें और अगले आदेश का इन्तेजार करें !
  • मेक सेफ की करवाई :  जब भरी हुई राइफल को एक जगह से  दुसरे जगह पर ले जाना हो तो मेक सेफ की करवाई को अमल में लाया जाता है ! मेक सेफ करने का तरीका : सबसे पहले कलमे वाली अंगुली को ट्रिगर से बहार करें !  राइफल को दाहिने टर्न करते हुवे दो बार कॉक करे ! दुरुस्त शिष्ट लेते हुए ट्रिगेर को प्रेस  करें ! राइफल को कंधे से निचे लायें , चेंज लीवर की पोजीशन को S पर करें! पाउच से भरी मग्जिन को लें ! मग्जिन का मुलहिजा करते हुए मग्जिन वे  में दाखिल करें, यकीं करें की मग्जिन बैठ गया है ! अगर कॉक करने पे राउंड निचे गिरा हो तो निलिंग पोजीशन अख्तियार करते हुवे इजेक्ट हुए राउंड को लें साफ करके दुसरे मग्जिन में भरे !
  • खाली कर : खाली कर के आदेश पर मेक सेफ की तरह ही करवाई करते है और आखरी में खाली मग्जिन चढ़ा देते है !
राइफल के सेफ हैंडलिंग और लाने लेजाने के समय ये करवाई करना बहुत जरुरी होता है जहा तक देखा गया है की जितनी नही घटना नए एक्सीडेंटल फायर का हुवा है उसमे ज्यादातर समय ऊपर बताये गए तरतीब को या तो नहीं अपनाया गया है या लापरवाही के साथ अपनाया गया है !जिसके कारण एक्सीडेंटल फायर की घटनाये हुई है !

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Tuesday, April 19, 2016

5.56 mm INSAS राइफल के साथ आने वाले सामान और राइफल की सफाई करने में इस्तेमाल होने वाले सामान

ऐसे तो हम इंसास राइफल के टेक्निकल डाटा और खोलन जोड़ने की तरतीब के बारे में  जान  चुके है इस पोस्ट में हम इंसास राइफल के साथ आने वाले सामग्री और सफाई में इस्तेमाल होने वाले तेल और चिंदी के बारे में जानकारी हासिल करेंगे !


जैसे की हम जानते है की इंसास राइफल को इंडियन आर्मी ने सं 1998 में अपनाया और उसे कारगिल युद्ध के दौरान बखूबी इस्तेमाल किया !इस राइफल को  आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टाब्लिश्मेंट (ARDE) ने डिजाईन किया और इंडियन स्टेट आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड और इशापोरे ने बनाया !

इस राइफल में कुछ खूबिया AK-47 से लीगयी है और कुछ कमिया जो की AK-47 में महसूस किया गया है उसको यहाँ पे दूर करने की कोशिश की गयी ! इस राइफल के साथ में एक अस्सेस्सारी बैग भी आता है जिसमे कुछ अतरिक्त समग्रिः आते है ओ इस प्रकार से है  !
इंसास के सामान :
  • मजल कवर
  • मल्टीपरपज बेनट 
  • स्लिंग
  • BFA
  • TDLS
  • PNS
इंसास के असेंबली बैग का सामान :
  • मजल कवर 
  • बोर ब्रश
  • BFA
  • पुल थ्रू 
  • क्लीनिंग प्लग 
  • एक्स्त्रक्टेर 
  • थीं ड्रिफ्ट 
  • हेलिकल स्प्रिंग इनर 
  • मोटा ड्रिफ्ट 
  • हेलिकल स्प्रिंग आउटर 
  • चैम्बर ब्रश
  • अस्सेम्ब्ली बैग 
  • फायरिंग पिन  
सफाई का सामान 
  • चिंदी 
  • क्लीनिंग रड 
  • ब्रश क्लीनिंग बोर 
  • ब्रश क्लीनिंग चैम्बर 
  • ड्रिफ्ट-2 
  • टूल्स रेमोविंग रैप्चार्ड केस 
  • टूल्  अड़जस्टिंग फोरे साईट एंड रियर साईट 
  • आयल बोतल 
  • पुल थ्रू 
सफाई करने का तरीका . सफाई के तीन स्ताफे होते है
  • आम सफाई : जो की हम आम तौर पे जब कभी समय मिलता है है तो और सभी हथियारों की तरह इसकी भी सफाई करते है !ये तीन तरह की होती है 
  1. रोजाना की सफाई 
  2. वीकली सफाई 
  3. मंथली सफाई 
  • फायरिंग की लिहाज से सफाई : फायरिंग की तयारी या राइफल को स्टोर करते समy की सफाई ! ये सफाई भी तीन तरह की होती है !
  1. फायरिंग के पहले की सफाई 
  2. फायरिंग के दौरान की सफाई 
  3. फायरिंग के बाद की सफाई  
  • मौसम की लिहाज की सफाई : ये दो तरह की होती है 
  1. हाई altitude की सफाई 
  2. deserts की सफाई 
सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल :
  • 4 डिग्री से ऊपर गर्मी वाले एरिया में - OX52
  • 4 से -18 तापमान वाले एरिया में - OX-13 
  • -18 से -40 तापमान वाले एरिया में - 1 :1 के रेश्यो में ox-13 और केरोसिन तेल 
  • -40 से -50 तापमान वाले एरिया में : 2:3 के रेश्यो में ox-13 और केरोसिन तेल 
चिंदी की साइज़
  • सफाई के चिंदी की साइज़ :4 " x 1.5 " 
  • तेल लगाने वाली चिंदी 
ये रहा  इंसास राइफल के सामान और सफाई के सामान कासामान और चिंदी का नाप आशा है पसंद   आया होगा! अगर पसंद आया हो तो इस ब्लोग्को सब्सक्राइब जरुर करे !

Sunday, April 17, 2016

5.56 mm INSAS राइफल के मग्जिन को भरना खाली करना और रेंज लगाना

ऐसे तो इंसास राइफल की चालके बारे में हम अपने दुसरे पोस्ट में डिटेल से देखें है !इस पोस्ट में बाते करेंगे 5.56 mm इंसास राइफल के मग्जिन को भरना , खाली करना  और रेंज लगाना इत्यादि !


ऊपर बताये सभी बातो का सही सिखाई लेना और  प्रैक्टिस करना अहम जरुरी होती है ताकि जब फायर करने की जरुरत पड़े तो बिना हिचक और दुर्घटना किये राइफल को फायर किया जा  सके और टारगेट को बर्बाद किया जाय !पहले बात करेंगे मग्जिन को भरना और खाली करना


INSAS Rifle ke Magzine ko Bharna
INSAS Rifle ke Magzine ko Bharna
मग्जिन को भरना और खाली करना
अमुनिसन की सफाई :मग्जिन भरने से पहले अम्मुनिसन को साफ कपडे से एककपडे से साफ करे  एक कर के साफ करे ! अगर समय कम हो तो राउंड्स को एक साथ ही सफाई की जा सकती है लेकिग ऐसे करते समय ध्यान रखे की राउंड्स आपस में रगड़े नहीं ! राउंड्स साफ करने के बाद साफ जगह पे रखे !

मग्जिन को भरना: मग्जिन को भरने से पहले मग्जिन का मुलायिजा यानि अच्छी तरह से चेक करले ! अगर मग्जिन की बॉडी टूटी हो या लिप्स टूटे हों तो ऐसे मग्जिन को ना ले और दूसरी मागीं ले  इसी तरह  मुलायेजा करें! अगर ठीक हो तो भरने के लिए इस्तेमाल करें !

  •  इंसास राइफल का मग्जिन को भरना भी एसएलआर राइफल की तरह ही है ! इसका मग्जिन फाइबर गिलास का का बना होने के वजह से इसमें राउंड्स बहर से ही दिखयी देते है ! इसमें हम फिलर का इस्तेमाल नहीं करते है क्यों की इसके राउंड्स कार्टून्स में बंद होकर आते है !
  •  मग्जिन को इस प्रकार ले की मग्जिन का छोटा मेहराब अन्दर की तरफ हो ! मग्जिन को ग्राउंड शीट, बूट की टो या जांघ पर रखते हुए साफ किये हुए राउंड्स को ले और दोनों हाथों  की अंगुलियो और अंगूठे की मदद से एक एक राउंड भरें.

  •  भरते समय कोई राउंड्स गिर जाता है तो उसे आखरी में साफ करके भरें.  इस प्रकार एक मगज़ीन में 20 राउंड्स आते है और 20 ही भरे जाते है !


मग्जिन को खाली करना
  • मग्जिन को ले और बाएँ हाथ से इस प्रकार पकडे की हाथ की चार अंगुलिया ऊपर  से और  अंगूठा  अन्दर से पकरते हुए छोटा मेंहराब ज़मीन की तरफ हो! किसी नुकीली चीज की मदद से राउंड के बैर्खिलाफ़ दबाते हुए मग्जिन को खाली करें.

  • ध्यान रखे की राउंड इस्तेमाल करने वाली है तो एक दो प्रैक्टिस के बाद राउंड्स को बदल ले एक ही सेट ऑफ़ राउंड्स पे बार बार प्रैक्टिस करने से राउंड घिस सकते है और रियल फायर के दौरान भरने में परेशानी करेंगे ! जमीन पे ग्रे हुवे राउंड्स का सफाई कर के ही रखे !


साईट लगाना और रेंज हासिल करना
इंसास राइफल में तीन प्रकार की साईट लगाने की सुविधा है
ओपन साईट
पैसिव नाईट साईट

ओपन साईट के हिस्से पिर्जे
फोर साईट
फोर साईट प्रोटेक्टर , फोर साईट टिप्स , फोर लॉकिंग नट्स
रियर साईट
हाउसिंग रियर साईट , लिप्स ,रियर साईट अपर्चर , लीफ स्प्रिंग , स्क्रू एक्सिस प्लंजर

डेलाइटटेलीस्कोपिक साईट  और पैसिव नाईट साईट  के बारे में दुसरे पोस्ट में डिटेल से बाते किये है

 इंसास  में रेंज हासिल करना या इंसास में  रेंज लगाना
रियर ओपन साईट पर दो लिप्स बने हुए है . पहले पर 2 का अंक लिखा है जो 200 मीटर के रेंज को ज़ाहिर करता है उसके आगे 4 का अंक है जो 400 मीटर के रेंज को जाहिर करता है ! 100 मीटर और 300 मीटर के रेंज हासिल करने का कोई सुविधा नहीं है !

Saturday, April 16, 2016

खुली लाइन और निकट लाइन चल

इस पोस्ट में बाते करेंगे खुली लाइन निकट लाइन चालकी करवाई(Khuli line aur nikat line) , जरुरत और देखने वाली बाते !


जरुरते :
खुली लाइन की जरुरत

जब स्क्वाड को शास्र कयाद करना हो या बड़ी परेडो में परेड को VIP के द्वारा निरिक्षण करना हो तो खुली लाइन कि की करवाई की जाती है !

निकट लाइन की जरुरत(Nikal line chal ki jarurat)
निरिक्षण हो जाने के  बाद मार्च करने से पहले या शास्त्र कावाद के बाद खाली हाथ दिल करना हो तो निकट लाइन चल की करवाई करते है !

वर्ड ऑफ़ कमांड
खुली लाइन चल इस पे गिनती से काउंटिंग होती है एक ठहरो एक-दो !
निकट लाइन चल इस पे गिनती से काउंटिंग होती है एक ठहरो एक-दो !

Eglish- OPEN ORDER-MARCH

खुली लाइन की करवाई :Khuli line ki karwayi)

  • जब सावधान पोजीशन से वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है मिलता है चलना खुली लाइन चल तो इस वर्ड ऑफ़ कमांड पर बाएँ पांव को 12 इंच उठाते हुए 30 इंच आगे दबाएँ ! इस पोजीशन में देखनेवाली बातें , बाएँ पांव 30 इंच आगे पूरा लगा हुवा , दाहिने पांव का पंजा जमीन पर , एडी उठी हुई, दोनों टंगे कसी  हुई पकी पोजीशन सावधान !
  • यहाँ से वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है स्क्वाड ओ, तो दाहिने पांव को 12 इंच उठाते हुए 15 आगे लें और बाएँ पांव को तेजी से उठाते हेदहिने पांव के साथ सवधान पोजीशन में  मिलाएं और साउटिंग करे एक-दो ! इस पोजीशन में देखनेवाली बाते पाहे वाली जगह से 45 इंच का फासला tay  किया हुआ और पोजीशन सावधान.

निकट लाइन चल(Nikat line chal)

  • जब सावधान पोजीशन से वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है  चलना निकट लाइन चल तो इस वर्ड ऑफ़ कमांड पर बाएँ पांव को 12 इंच उपर और आगे से उठाते हुए 30 इंच पीछे दबाये और बदन का बोझ बाएँ पांव पर ले जाये और बोलेन एक !
  • वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है चलना निकट लाइन चल एक ! इस पोजीशन में देखनेवाली बातें , बाएँ पांव 30 इंच पीछे पूरा जमीन पर लगा हुवा बदन का बोझ बाएँ पांव पर , दाहिने पांव की एडी लगी हुई और पंजा खड़ा हुआ !टंगे कासी हुई बाकि पोजीशन सावधान. 
  • वर्ड ऑफ़ कमांड दो तो दाहिने पांव को 12 इंच ऊपर उठाते हुए बाएँ पांव से 15 इंच पीछे रखे और बाएँ पांव को तेजी से उठाते हुए दाहिने पांव के साथ लगाये बाकि पोजीशन सावधान और साउटिंग करे एक-दो ! इस पोजीशन में देखने वाली बाते पहली वाली जगह से 45 इंच का फासला पीछे तै किया हुआ और पोजीशन सावधान.


ये जितनी भी साउटिंग  की जाती है वो प्रैक्टिस के दौरान जोर से चीलाते है टाइमिंग मिलाने के लिए लेकिंग रियल परेड में मन में गिनती करते है जिससे की बहार वो को सुनयी  ना दे !

Friday, April 15, 2016

फूट ड्रिल -धीरे चल और थम

इस पोस्ट में हम परेड ड्रिल के दो मूव के बारे में बात करेंगे वो है “स्क्वाड धीरे चल  और थम(Squad dhire chalaur tham) “


जरुरत :

बड़ी परेडो में परेड का निरिक्षण के लिए VIP के आगे पायलट इंस्पेक्शन लाइन पर धीरे चल से चलते है और ऑफिसर का पासिंग आउट परेड में भी पिपिंग आउट धीरे चल से होता है ! धीरे चाल में कदम की लम्बाई 30 इंच और कदम का रफ़्तार 70 कदम पर मिनिट होता है !

वर्ड ऑफ़ कमांड (Word of Command)

एक सिखाई पाए हुवे जवान को धीरे चल की कमांड “सामने से धीरे चल “ दी जाती है लेकिंन सिखलाई के दौरान जो कमांड दी जाती है वो कुछ इस प्रकार है !

“कदम तोल कर धीरे चलना बाएं पांव आगे आगे , आगे बढ़ , बढ़ो ,दाहिने पांव आगे आगे बढ़ , बाएँ पांव  आगे आगे “
थम करने के लिए “थम  एक – दो “

करवाई इस प्रकार की जाएगी 

  • जब सावधान पोजीशन से वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है कदम तोलल कर धीरे चलना बाये पांव आगे आगे  तो इस वर्ड ऑफ़ कमांड पर बाएँ पांव को 15 इंच आगे तेजी से निकलेनिकल कर कदम तोल कर रुक जाये और साउटिंग करे आगे !
  • फिर वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है कदम टोल कर धीरे चलना बाएँ पांव आगे-आगे! इस  पोजीशन में देखने वाली बातें , दाहिने पांव पूरा जमीन आर लगा हुवा और बदन का बोझ दाहिने पैर पर , बाएँ पांव दाहिने पांव से 15 इंच आगे जमीन से ऊपर पंजा जमीन की तरफ खींचा हुआ बाकि पोजीशन सावधान ! फिर वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है , आगे बढ़ तो इस वर्ड ऑफ़ कमांड पर बाएँ पांव की 15 इंच और आगे बढ़ा कर पंजा पहले जमीन पर लगायें और साउटिंग करे बढ़ो ! वर्ड ऑफ़ कमांड आगे बढ़ बढ़ो . इस पोजीशन में  देखने वाली बातें बाएँ पांव 30 इंच आगे पूरा जमीन पर लगा हुवा , बदन का बोझ पूरा बाएँ पांव पर , दाहिने पांव का पंजा जमीन पर लगा एडी उठी हुवी दोनों टांगे कासी हुई ,बाकि पोजीशन सावधान !
  • फिर वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है दाहिने पांव आगे तो दाहिने पांव को 15  इंच आगे बाएँ पांव से निकालें और साउटिंग करे आगे ! वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है दाहिना पांव आगे आगे ! इस पोजीशन में देखने वाली बाते जो जो ऊपर बाएँ पांव में देखने वाली बातें के ठीक उल्टा है!
  •  वर्ड ऑफ़ कमांड  मिलता है आगे बढ़ तो दाहिने पांव को और 15 इंच आगे बढ़ा कर पंजा पहले जमीन पर लगाये और साउटिंग करे बढ़ो ! वर्ड ऑफ़ कमांड बाएँ पांव आगे आगे !


जब वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है  थम तो करवाई इस प्रकार करे !

थम का वर्ड ऑफ़ कमांड मिलता है  जिस  समय बाएँ पांव दाहिने पांव को क्रॉस कर रहा  हो या दाहिने पांव जमीन पर लगा हो तो बाएं पांव को 15 इंच आगे लेकर उठा कर दबाएँ और तेजी से दाहिने पांव को 12 इंच उठाकर बाएँ पांव के साथ मिलाएं और साउटिंग करे एक-दो ! वर्ड ऑफ़ कमांड स्क्वाड थम  एक-दो ! इस पोजीशन में देखने वाली बातें पोजीशन सावधान जैसे थे !
Dheere Chal
Dheere Chal 
धीरे चल में देखने वाली बाते :
  • ज्यादातर देखा गया है की लोग अपना पोस्चर बिगाड़ लेते है इस लिए पोस्चर पे ध्यान दे !
  • पांव जमीन पे लगते समय हमेशा पंजा पहले जमीन पे लगेगा !
  • एक कदम 30 इंच की होती है इसे 15-15 इंच के दो भागोंमे पूरा किया जाय !
  • हाथ की हरकत न की जाय !
  • बदन का बैलेंस ठीक तरह से रखा जाय !


धीरे चाल और तेज चाल में अंतर

धीरे चाल
तेज चाल
इसकी करवाई बड़े बड़े परेड के दौरान होती है
इसकी करवाई सभी परेडो या एक जगह से दुसरे जगह जाने के लिए की जाती है
हाथ का मूवमेंट नहीं होता है !
हाथ का मूवमेंट आगेपीछे पैरो के बरखिलाफ होता है
इसमें 30 इंच की दुरी 15-15 इंच की दो भागोंमे पूरा होती है !
इसमें 30 इंच की दुरी एक बार में पूरी की जाती है !
इसमें पंजा पहले जमीन पे लगता है
इसमें एडी जमीन पे पहले लगती है !
इसमें 1 मिनट में 70 स्टेप्स लिया जता है
इसमें अलग अलग ग्रुप्स के लिए अल्लग अलग संख्या है ! 110,115 140 और 135 तक है !


 ऐसे देखा गया है की धीरे चल की करवाई केवल सिखलाई दते समय थोडा कठिन लगती है नहीं तो एक बार सिख ले और सिखाई गई सभी बातो के ध्यान में रखे तो धीरे चल की करवाई उतनी कठिन नहीं है ! अगर इसे समूहों में प्रैक्टिस किया जय तो बहुत अच्छा होता है !



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