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Monday, February 29, 2016

9 mm कार्बाइन मचिन या सब मचिन गन का इतिहास और खुबिया

मै हथियारों की लिस्ट को आगे बढ़ाते हुवे आज जिस हथियार के बारे में अपना पोस्ट लिखने जा रहा हु ओ है 9mm कार्बाइन मचिन कुछ लोग इसे स्टेन  गन भी कहते है! मै इस पोस्ट में बताने का कोशिश करूँगा की


How Sten become Carbine Machin, What is the fullform of Sten! मै अपने इस पोस्ट को मै तीन भागो में लिखूंगा (i) History of  9mm CM(9mm कार्बाइन मचिन का इतिहास ) (ii) Characteristics(9mm CM की विश्षेताये (iii)Limitation(9mm CM की कमिया)

9mm Carbine Machnie 1A1
9mm Carbine Machnie 1A1



(i) History of 9mm CM:स्टेन व कार्बाइन मचिन  मोटे तौर पर सब मशीन गन के श्रेणी में आते है ! SMG में ओ हथियार आते है जिसमे स्वचालित पिस्तौल की विश्षेताये हो लेकिन विकाश करते समय रेंज और फायर पॉवर बढ़ा दी जाती है !
सब से पहले इस किस्म का हथियार इटली में सन १९१५ में बनाया गया ! १० जनवरी १९४१ में Enfield कंपनी ने SMG का एक नया मॉडल बनाया ! मॉडल तैयार करने वाले HK Turnip और प्रोजेक्ट अधिकारी मेजर RV Shepherd थे ! इसलिए इसका नाम स्टेन(STEN)(S- Shepherd, T-Turnip, En-Enfiled) रखा गया ! भारत में प्रयोग में लाये जाने वाले स्टेन मार्क -II, मार्क-III, मार्क-V है !

स्टेन से कार्बाइन कब बन गया इसके बारे में भी बहुत से विचार है लेकिंग सबसे विश्वसनीय जो है वो ये है की स्पेन देश के घुड़सवार सेना में छोटी बरेल व हलके वजन का राइफल नुमा हथियार होता था जिसको घोड़े के काठी में आसानी से छुपाया जा सकता था ! इस घोड़ सवार  के छोटे दस्ते को कार्बाइन कहते थे ! येही कारन है की स्टेन के सुधारे रूप को कार्बाइन के नाम से जाना गया ! Machine Carbine 9mm SAF 1-A को भारत के आर्डिनेंस कंपनी द्वारा भारत में ही बनाया जाता है !

Charecteristics: 

  • हल्का और छोटा हथियार होने के वजह से ले जाने में असान है!
  • छोटा होने के कारन छुपाना आसान है !
  • सीखना और प्रोयोग करना आसान है !
  • इससे सिंगल शॉट और आटोमेटिक फायर किया जा सका है !
  • कम दुरी पर आटोमेटिक फायर कर के LMG का प्रभाव डाला जा सकता है !
  • गली कुचे तंग रस्ते ,  मोर्चे और माकन में इस्तेमाल करना आसान है !
  • CQB की लडाई का खास हथियार है इसमें बनेट लगाकर भी इस्तेमाल्किया जा सकता है !
कमिया (Limitation)::

  • मजल वेलोसिटी कम है !
  • कारगर रंज कम है !
  • रोके ज्यादा पड़ते है !
  • केवल क्लोज क्वार्टर बैटल में ही इस्तेमाल किया जा सकता है !

अगर आपको लगता है की इसके अलावा भी कुछ और इस पोस्ट में  लिखा जाना चाहिए तो  तो कृपया निचे कमेंट बॉक्स में लिखे  की दुसरे लोग पढ़ कर जानकारी हासिल कर सके और इस तरह से आप दुसरे को मदद कर सकते है.और अगर आप इस पोस्ट को लाइक करते है तो कृपया शेयर करेwww. twitter.com, www.facebook.com या google plus पे और email address enter कर सब्सक्राइब भी कर सकते , जिससे की आपको, मेरे हर नयी पोस्ट की जानकारी आपके ईमेल के द्वारा मिल जाएगी .
इन्हें भी पढ़े :
  1. 7.62 mm एसएलआर का बेसिक डाटा -I
  2. 7.62 Self Loading Rifle basic data-II?
  3. 7.62 Self Loading Rifle basic data-III?
  4. अच्छे राइफल फायर कैसे बने ? 
  5. फायरिंग के दौरान फायरर द्वारा की जानेवाली कुछ गलतिया ? 
  6. 7. 62 mm राइफल में पड़ने वाले रोके कौन कौन से है ?
  7. 7.62mm LMG के बारे में कुछ जानकारिय
  8. 7.62mm ki chal. एस एल आर कैसे काम करता हा(एसएलआर की चाल). 
  9. Basic data of 5.56mm INSAS and It characteristics.


Wednesday, February 24, 2016

लैटर बम को पहचानने का तरीका

जब भी हम बम या आई ई डी का नाम सुनते है ज्यादातर इससे एक खौफ और डर  पैदा होता है  लकिन उसके साथ साथ  जन मानस के मन में ये भी सवाल उठता है की  ये बम  क्या होता है और कैसे काम करता है (What is a bomb and how it works). आज का तो सिक्यूरिटी बातावरण देश के अन्दर या देश के बहार है उसको देखते हुए ये कह सकता है की बम से हम सब डरे लेकिंन इसके बारे  हम जाने भी क्योकि अगर इसके बारे में जानेगे तो अगर कभी खुदा ना खस्ता इससे सामान होगया तो अच्छी तरह से अपने आप और या दुसरो की बचाव कर सकते है ! 


इसलिय आज मै जिस बम के बारे में ब्लॉग कर रहा हु वो है लैटर/बुक बम ! ऐसे तो विकिपीडिया के अनुसार 1st पार्सल बम का घटना 19 जनवरी 1754 में हुवा था !उसके बाद भी पार्सल बम की बहुत से धटनाये  हुयी !ये पार्सल /लैटर/बुक बम क्या हिता है :-पार्सल /लैटर/बुक बम एक आर्डिनरी पार्सल/लैटर/या बुक  जो की डाक के द्वारा या स्पेशल मेस्संगेर के द्वारा किसी विशेष ब्यक्ति या ऑफिस को निशाना बनाने के लिए किया जाता है ! इसमें बम मैकेनिज्म को ऐसे डिजाईन किया हुवा रथ है की जैसे ही कोई ब्यक्ति इसको खोलता है ये एक्स्प्लोड़े हो जाता है और खोलने वाले को सीरियसली घायल करता है ! ऐसे भी देखा गया है है की बहुत बार इसमें एक्स्प्लोसिवे के जगह केमिकल या जैविक पदार्थ भी इसमें भरा रहता है जो उस पार्सल कोखोलने के संपर्क में आने के कारन बीमार कर देता है ! वर्ष  2001 में  anthrax attacks, हुवा था जो की  Amerithrax  के नाम से जाना गया था इसमें भी भेजने वाले ने एंथ्रेक्स बीमारी को फ़ैलाने वाली बैक्टीरिया को लैटर में भर केअमेरिका के बहुत से मीडिया हाउसेस को  भेजा  था !
 पार्सल/लैटर बम भी और सब बोम्बो की तरह ही सभी तरह की कॉम्पोनेन्ट होते है :
  1. बारूद : प्लास्टिक एक्स्प्लोसिवे ,LE, सिट एक्स्प्लोसिव!
  2. Detonator: फ्लैट हेड  detonator OD या ED.
  3. स्विच 
  4. पॉवर सोर्स : बटन सेल , टोर्च सेल  थिकनेस 3mm

बम का प्रभाव (Effect of Bomb):


  1. लो एक्सप्लोसिव -  जलाएगा  और घायल करेगा 
  2. हाई एक्सप्लोसिव -   गंभीर इंजुरी या मौत भी हो सकता है !
  3. अगर एक्स्प्लोसिवे की तदाद 42 ग्राम है तो सीरियस इंजुरी या मौत हो सकता है 
  4. अगर एक्स्प्लोसिवे की तदाद 84 gram या उससे ज्यादा हुवा तो निश्चित मौत हो !
for policeman- letter bomb
लैटर बम  सोर्स अमेरिकन पोस्टल सर्विस.

पार्सल या लैटर बम की पहचान :  ऐसे तो की भी बम को बिना इक्विपमेंट पहचानना उतना असन नहीं है लेकिंन फिर भी कुछ  मनोविज्ञान तरीके और अपने अनुभव के अधर पे एक  पार्सल या लैटर बम की पहचान  हम निम्न तरीके से कर सकते है !

  1. आवश्यकता से ज्यादा पोस्टल स्टाप लगा होना !
  2. स्पेल्लिंग की गलती नाम और पते के अन्दर !
  3. भिज्नेवाले की पता नहीं लिखा हुवा होना !
  4. एन्वेलोप के अन्दर छिद्र का होना !
  5. किसी अंजन व्यक्ति के द्वारा भेजा जाना !
  6. गोपनीय और अति गोपनीय की अनावश्यक मार्की का होना !
  7. हाथ से या पुअर हैण्ड व्रित्तिंग में लिखा हुवा होना 
  8. गलत टाइटल का लीखा होना 
  9. तेल का लगा होना या बदरंग  एन्वेलोप (OIL STAIN और DISCOLOR)
  10. ज्यादा वजन या बड़ा आकार का होना !
  11. रिजिड एन्वेलोप 
  12. लैप साइडेड और UNEVEN एन्वेलोप 
  13. PROTRUDING WIRE/TIN FOIL
  14. स्मेल करना 
ये जो ऊपर बताया गया है ओ पूरी तरह से एक्यूरेट हो ऐसा नहीं कहा जा सकता है लेकिंन ये अनुभव के अनुअर लिस्ट आउट किया हुवा है ऐसे तो सही अनुमान लगाने के लिए एक्स्प्लोसिवे डिटेक्टर या एक्स्प्लोसिवे  स्कैनर की जरुरत पड़ेगी.
अगर आपको लगता है की इसके अलावा भी कुछ और इस लिस्ट में  लिखा जाना चाहिए तो  तो कृपया निचे कमेंट बॉक्स में लिखे  की दुसरे लोग पढ़ कर जानकारी हासिल कर सके और इस तरह से आप दुसरे को मदद कर सकते है.और अगर आप इस पोस्ट को लाइक करते है तो कृपया शेयर करे twitter.com या google plus पे और email address enter कर सब्सक्राइब भी कर सकते , जिससे की दुसरे भी इसे पढ़ सके.   

Tuesday, February 23, 2016

Syllabus of written test for recruitment of various posts in IRBn

I have received queries from very candidates that what will be recruitment examination questions so in this regards as per the information available, I would like to advise aspirant candidates please well to prepare themselves  for written test as the competition is likely to be very tough as it is one type of open recruitment for the native of Lakshadweep and Daman &Diu and Dadra Nagar Haveli and such recruitment is happening after very long time for the young generation of Lakshadweep/DD & DNH. As you know police job or any other kind job scope is very limited in UT of Lakshadweep/DD&DNH that is also one reason for the rush of applications for the  recruitment of IRBn Lakshadweep , Daman & Diu, and Dadra Nagar Haveli.


For Candidate of Lakshadweep

The written test will be multiple objective types of question. The total question will be 100 in numbers. The written test will be for testing the candidate on subjects like science mathematics, social science(History, Geography, political science, Economics), knowledge of the candidates about history & geography of Lakshadweep and general knowledge of the candidates on the current issue of National and International.  

The written test will consist 100 multiple choices objective question carries one mark each which will have to be answered by candidates in 120 minutes(2 hours) duration. The level of the question will be graduation for SI(Exe), Plus two for Constables and 10th for MSE Technical post.

For the Candidates of Daman & Diu and Dadra Nagar Haveli
The written test will be multiple objective types of question. The total question will be 100 in numbers. The written test will be for testing the candidate on subjects like science mathematics, social science(History, Geography, political science, Economics), knowledge of the candidates about history & geography of Daman & Diu and Dadra Nagar Haveli and general knowledge of the candidates on the current issue of National and International.  


The written test will consist 100 multiple choices objective question carries one mark each which will have to be answered by candidates in 120 minutes(2 hours) duration. The level of the question will be graduation for SI(Exe), Plus two for Constables and 10th for MSE Technical post and for Lower Division Clerk(Ministerial), there will be a written test plus computer-based typing test English typing speed 35 @wpm. Apart from written test there will be a trade test for MSE(cook, barber, washer man etc)

The question paper will be in English and minimum qualification marks for written test is 45% for general and 40 for SC&ST 


As I mentioned earlier that the competition level will be very high for written as well as the Physical test so candidates should start preparing with the aim that nothing impossible. 



"Koshish Karene wale ki Kakhi Har nahi Hoti"

Lee Enfield 303राइफल की खूबिय और खामिया

मै अपने इस पोस्ट  में  शोर्ट मगज़ीन ली एन्फ़िएल्ड (SMEL) राइफल के खासियत एवं खासुसिअत के बारे में चर्चा करूँगा ! 

भले ही हम मॉडर्नाइजेशन की बात करे और पुराने हथियारों को बदलने की बात करे और नई तकनीक वाली हलकी  हथियारों के बारे में बात करे लेकिंग एक आम फ़ोर्स के जवान से जब हम पूछते है की आप को अब तक जो भी राइफल दिया गया था उसमे अच्छा कौन लगा तो ओ हमेश पुराने हथियारों के बारे में ही बताता है ! 


ऐसा क्यों तो ओ जबाब देता है की हम रफ़ एंड टफ कंडीशन में कम करते है नए राइफल  जल्दी टूट जाते है जबकि पुराने राइफल थे ओ इतने मजबूत होते थे की अगर गोली ख़त्म भी हो जाये तो हम उसको एक लाठी की तरह इस्तेमाल कर सकते जबकि आज के वेपन वैसे नहीं ! 

चलिए ये तो उनकी सोच है ओ केवल एक डायमेंशन पे बात करते है जब की मिलिट्री ट्रेनिंग(Militry Training) या कॉम्बैट ट्रेनिंग (Combat training)और weapon  upgradation को निर्धारित करते हुवे बहुत से आयाम को ध्यान में रखा जाता है  ! इस शोर्ट मगज़ीन ली एन्फ़िएल्ड (SMEL) राइफल के बहुत पुलिस और आर्म्ड फ़ोर्स के जवान बहुत चाहने वाले थे तो उसका कारन क्या था ओ देखते है !
 शोर्ट मगज़ीन ली एन्फ़िएल्ड (SMEL) राइफल के खासियत(Characteristics of  Lee Enfield 303 rifle):
  • इसके जरिये स्माल आर्म्स के दुसरे हथियारों को सिखने में आसानी होंती थी इस लिए इसे बेसिक वेपन कहा गया है.
  • यह एक बहुत मजबूत हथियार है !
  • इसके कल 130 पुर्जे होते है जो की अच्छे किस्म के होते है इसलिए इसमें तुत्फुत उतनी नहीं पड़ती है !
  • एक राइफल के पुर्जे दुसरे राइफल में लग जते थे इसलिए ऑपरेशन के दौरान अगर एक राइफल ख़राब हुवा तो उसके पुरजो को दुसरे राइफल में उसे किया जा ता है !
  • यह राइफल सिंगल शॉट फायर करता है   Lee Enfield 303 rifle की मागज़ीने में 10 राउंड  आती है और एक अच्छा फायरर एक मिनुत में 15 से 20 राउंड फायर कर सकता है 
  •  Lee Enfield 303 rifleएक छोटा राइफल है इसलिए इसे आसानी से एक जगह से दुसरे जगह दे जाया जा सकता है और छोटे आड़ के पीछे से फायर किया जा सकता है .
  • इसमें रोके बहुत कम पड़ती है और रोक पड़ने पर एक जवान आसानी से दूर कर सकता है !
  •  Lee Enfield 303 rifle का कारगर रेंज 300 गज  है .
  • फ्लैट trejectory वेपन है इस लिए इससे ग्राज़िंग फायर किया जा सकता है !
 Lee Enfield 303 rifle की कमिया (Limitation of  Lee Enfield 303 rifle):

Monday, February 22, 2016

Lee Enfield .303राइफल का टेक्नीकल डाटा

मै अपने पिछले Lee Enfield 303 rifle वाले पोस्ट को आगे बढ़ाते हुवे  आज मै Lee Enfield 303 rifle's technical data जैसे की Lee Enfield 303 rifle's weight, length यदि को डिटेल में बताऊगा !

ऐसे तो ये Lee Enfield 303 rifle धीरे धीरे पुलिस फ़ोर्स से बहार हो गया लेकिंग अभी भी  ये कुछ राज्यों के पुलिस बलो के हाथ में दिखलाई देता है ! आप को शायद याद् होगा जब मुबई की 26/11 वाली घटना हुवी थी उस समय मुंबई पुलिस के ज्यादतर जवान उसी Lee Enfield 303 rifle लेके आतंकवादियों  सामना कर रहे थे!


  यानि मेरा कहने का मतलब ये है की Lee Enfield 303 rifle's अपने समय की एक बहुत सफल वेपन थी जो हाल के दिनों तक मुंबई पुलिस जैसी संस्था इसको इस्तेमाल कर रही है ! मै अपने इस पोस्ट में  न-1मर्क-III , न-4 मार्क-I और .22 कज के  बारे में विस्तार से लिखूंगा.

S.N
Lee Enfield 303 rifle's detail
No-1 Mark-III
No-4 Mark-I
.22” CZ
1.
राइफल का पूरा नाम
Lee Enfield 303 rifle's full name
राइफल .३०३” नो-I मार्क-III
राइफल .३०३” नो-4 औंसमार्क-I
 राइफल .22 सि जेड बोनो मॉडल-2
2.
कैलिबर
Caliber of Lee Enfield 303 rifle
.303”
.303”
.22”
3.
खाली राइफल का वजन
Weight of empty Lee Enfield 303 rifle
8 pounds 10.5 ounce
9 pounds 1 ounce
6.5 pounds
4.
राइफल बन्नेट के साथ वजन
Weight of Lee Enfield 303 rifle with boynet
9 pounds 11 ounce
9 pounds 8 ounce
-
5
बैनेट का वजन
Lee Enfield 303 rifle's bayonet weight
1 pounds.5 ounce
7 ounce
-
6
राइफल की लम्बाई शोर्ट बट के साथ
Length of Lee Enfield 303 rifle's with small but
44”
44”
-
7
राइफल की लम्बाई नार्मल बट के साथ
Length of Lee Enfield 303 rifle with normal but
44.5”
44.5”
42.64”
8.
राइफल की लम्बाई बड़े बट के साथ
Lee Enfield 303 rifle's length with long but
45”
45”
-
9
नार्मल बट राइफल की लम्बाई बनेट के साथ
Normal but Lee Enfield 303 rifle's length with boynet
56.75”
53”
-
10
नार्मल बट राइफल की लम्बाई बड़े बनेट के साथ
Normal but Lee Enfield 303 rifle's length with big boynet
61.33”
-
=
11
छोटे बैनेट की लम्बाई
Length of small boynet Lee Enfield 303 rifle's
12.25”
8.5”
-
12
बड़े बैनेट की लम्बाई
Length of long boynet Lee Enfield 303 rifle's
16.83”
-

13
बैरेल की लम्बाई
Lee Enfield 303 rifle's barrel
25.2”
25.2”
24.8”
14
मगज़ीन की क्षमता
Lee Enfield 303 rifle's magazine capacity
10 rounds
10 rounds
10 rounds
15
रेट ऑफ़ फायर (धीरे)
Rate of fire of Lee Enfield 303 rifle's
5 rounds /mnts
5 rounds /mnts
-
16
रेट ऑफ़ फायर (तेज)
Lee Enfield 303 rifle's rate of fire(Rapid)
10 to 15 rounds /mnts
5 rounds /mnts
-
17
साईट रेंज
Sighting Radius of Lee Enfield 303 rifle's
200 to 2000 yard
200 to 1300 yard
25 to 200 miters
18
कारगर रेंज
Effective range of Lee Enfield 303 rifle's
300 yard
300 yard
-
19
मजल वेलोसिटी
Muzzle velocity of Lee Enfield 303 rifle's
2440 rounds /secod
2440 rounds /secod
-
20
ग्रूज
No of groove in Lee Enfield 303 rifle
5 किसीकिसी में 4
5
-
21
सिटिंग रेडियस
Lee Enfield 303 rifle's sighting radius
19.4 “
28.74 “
20 “
22
पिच
Lee Enfield 303 rifle's pitch
1 turn 10” में
1 turn 10” में
-
23
घुमाव
Lee Enfield 303 rifle's turn
बाये की तरफ
Towards left
बाये की तरफ
Towards left
-
24
बैक साईट
Lee Enfield 303 rifle's back side type
लीफ टाइप
Lea e type
tangent टाइप
-
25
फॉर साईट
Lee Enfield 303 rifle's fore sight type
ब्लेड टाइप
Blade type
ब्लेड टाइप
Blade type
-
26
मगज़ीन
Lee Enfield 303 rifle's magazine type
बॉक्स टाइप
Box type
बॉक्स टाइप
Box type
-
27
रिफलिंग सिस्टम
Lee Enfield 303 rifle's rifling system
कांसन्त्रिक
Concentrates
कांसन्त्रिक
Concentrates

मै अपने अगले पोस्ट में  Lee Enfield 303 rifle के खूबिय और खामिया के बारे में लिखूंगा.

अगर आपको लगता है की इसके अलावा भी कुछ details Lee Enfield 303 rifle का  है जो लिखा जाना चाहिए तो  तो कृपया निचे कमेंट बॉक्स में लिखे  की दुसरे लोग पढ़ कर जानकारी हासिल कर सके और इस तरह से आप दुसरे को मदद कर सकते है.और अगर आप इस पोस्ट को लाइक करते है तो कृपया शेयर करे twitter.com या google plus पे जिससे की दुसरे भी इसे पढ़ सके.
इन्हें भी पढ़े :
  1. 7.62 mm एसएलआर का बेसिक डाटा -I
  2. 7.62 Self Loading Rifle basic data-II?
  3. 7.62 Self Loading Rifle basic data-III?
  4. अच्छे राइफल फायर कैसे बने ? 
  5. फायरिंग के दौरान फायरर द्वारा की जानेवाली कुछ गलतिया ? 
  6. 7. 62 mm राइफल में पड़ने वाले रोके कौन कौन से है ?
  7. 7.62mm LMG के बारे में कुछ जानकारिय
  8. 7.62mm ki chal. एस एल आर कैसे काम करता हा(एसएलआर की चाल). 
  9. Basic data of 5.56mm INSAS and It characteristics.

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